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WFI ने विनेश फोगाट को भेजा कारण बताओ नोटिस, 26 जून तक अयोग्य घोषित किया

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WFI ने विनेश फोगाट को भेजा कारण बताओ नोटिस, 26 जून तक अयोग्य घोषित किया
ए हैं। साथ ही उन्हें 26 जून 2026 तक किसी भी घरेलू इवेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि विनेश ने रिटायरमेंट से वापसी के लिए यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अनिवार्य छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं किया। WFI का कहना है कि पेरिस ओलंपिक में विनेश के बर्ताव से भारतीय कुश्ती की बदनामी हुई है। महासंघ ने आरोप लगाया है कि उन्होंने WFI संविधान, UWW के अंतरराष्ट्रीय नियमों और एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन किया।

इस नोटिस के बाद विनेश की कॉम्पिटिटिव रिंग में वापसी की राह और मुश्किल हो गई है। रविवार से गोंडा में शुरू हो रहे नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में अब वे हिस्सा नहीं ले पाएंगी, जबकि यही उनका वापसी का पहला मौका था। WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने PTI को बताया, “हमें देखना होगा कि WADA के नियमों का सही तरीके से पालन हुआ है या नहीं। अभी यह साबित नहीं हुआ है कि उन्होंने रिटायरमेंट से वापसी की सभी शर्तें पूरी की हैं। छह महीने का अनिवार्य नोटिस पीरियड पूरा करना जरूरी है।”

क्या-क्या आरोप लगाए गए?
WFI ने विनेश से कई मुद्दों पर जवाब मांगा है। इनमें शामिल हैं:

मार्च 2024 के सिलेक्शन ट्रायल में दो अलग-अलग वेट कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करना
2024 पेरिस ओलंपिक में वेट कट न कर पाने के कारण डिसक्वालीफाई होना
एंटी-डोपिंग नियमों के तहत ठिकाने की जानकारी न देना
डोपिंग टेस्ट और नोटिस पीरियड का मुद्दा
WFI ने इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के 4 मई 2026 के कम्युनिकेशन का हवाला दिया है, जिसमें 18 दिसंबर 2025 को विनेश पर “मिस्ड टेस्ट” दर्ज किया गया था। UWW एंटी-डोपिंग नियमों के आर्टिकल 5.7 के अनुसार, रिटायरमेंट से वापसी करने वाले एथलीट को कम से कम छह महीने पहले सूचना देनी होती है और इस दौरान टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना पड़ता है। WFI का दावा है कि विनेश ने यह शर्त पूरी नहीं की।

महासंघ ने कहा कि विनेश ने 14 दिसंबर 2024 को UWW को ईमेल भेजकर अगस्त 2025 तक सबैटिकल की जानकारी दी थी। लेकिन बाद में 12 दिसंबर 2025 को SAI, WFI और TOPS को लिखे पत्र में उन्होंने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक का लक्ष्य रखते हुए ट्रेनिंग शुरू करने की बात कही। WFI इसे रिटर्न फ्रॉम रिटायरमेंट मानता है, लेकिन छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं हुआ है।

इसी के छह दिन बाद 18 दिसंबर को डोपिंग अधिकारी उन्हें नहीं ढूंढ पाए, जिसे मिस्ड टेस्ट माना गया। इसके अलावा, WFI ने सितंबर 2024 का NADA whereabouts failure भी याद दिलाया, जब सोनीपत स्थित उनके घर पर टेस्टिंग अधिकारी नहीं पहुंच पाए थे। अब देखना होगा कि विनेश इस शो-कॉज नोटिस का क्या जवाब देती हैं। फिलहाल इस विवाद ने उनकी 2028 ओलंपिक की तैयारी को और बड़ा झटका दिया है।

पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा गिरफ्तार, फर्जी GST बिल मामले में ED की बड़ी कार्रवाई

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पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा गिरफ्तार, फर्जी GST बिल मामले में ED की बड़ी कार्रवाई
पंजाब के विद्युत, उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और स्थानीय सरकार मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित उनके आधिकारिक आवास पर लंबे समय तक चले तलाशी अभियान के बाद गिरफ्तार कर लिया। ईडी ने कहा कि अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया है। अरोड़ा को भगवंत मान मंत्रिमंडल के सबसे शक्तिशाली मंत्रियों में से एक माना जाता है और उन्हें व्यापक रूप से आम आदमी पार्टी सरकार और राज्य के उद्योगपतियों के बीच की प्रमुख कड़ी के रूप में देखा जाता है।

शनिवार सुबह से चल रही थी पूछताछ
ईडी के अधिकारी शनिवार तड़के अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचे। लगभग 20 ईडी अधिकारी आठ वाहनों में आए थे। आम आदमी पार्टी के नेता के घर पर यह तीसरी तलाशी थी, इससे पहले एक महीने से भी कम समय पहले भी तलाशी अभियान चलाया गया था।

ईडी के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में पांच परिसरों पर तलाशी ली गई, जिनमें अरोरा के परिवार द्वारा प्रवर्तित हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड का कार्यालय परिसर और संजीव अरोरा का आवास शामिल है।

100 करोड़ के फर्जी GST बिल केस
ईडी ने संजीव अरोड़ा द्वारा अपनी कंपनी के माध्यम से कथित तौर पर किए गए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले का पता लगाया था। इसमें 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन की फर्जी जीएसटी खरीद और उसके बाद दुबई से भारत तक अवैध धन की आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए गए निर्यात शामिल थे।

ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में अस्तित्वहीन फर्मों से फर्जी जीएसटी खरीद बिल प्राप्त किए गए ताकि फर्जी आईटीसी, निर्यात ऋण पर जीएसटी की वापसी और ड्यूटी ड्रॉबैक का दावा किया जा सके, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ और व्यक्तिगत लाभ हुआ।

अप्रैल में भी ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के नागरिक प्रावधानों के तहत गुड़गांव (हरियाणा), चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर (पंजाब) में अरोरा और उनके सहयोगियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों पर तलाशी ली थी।

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ईडी और सीबीआई को मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों पर काम करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मोदी शासन में ये एजेंसियां ​​विपक्षी नेताओं को धमकाने, डराने और उनसे फूट डालने तथा उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर करने का काम कर रही हैं। अरोरा के खिलाफ छापा इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

MIRV तकनीक से लैस अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण, एक साथ कई दुश्मनों का होगा खात्मा

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MIRV तकनीक से लैस अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण, एक साथ कई दुश्मनों का होगा खात्मा
भारत ने अपनी रक्षा क्षमता में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल) प्रणाली से लैस उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। परीक्षण 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से किया गया। इस मिसाइल ने सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा किया और हिंद महासागर क्षेत्र में विस्तृत भौगोलिक दायरे में अलग-अलग लक्ष्यों को सटीक रूप से निशाना बनाने की अपनी क्षमता साबित की।

एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की क्षमता
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित इस उन्नत अग्नि मिसाइल का परीक्षण स्ट्रैटजिक फोर्सेज कमांड (SFC) के सहयोग से किया गया। मिसाइल कई पेलोड्स (वारहेड्स) से लैस थी, जिन्हें स्वतंत्र रूप से विभिन्न दिशाओं और दूरी पर स्थित लक्ष्यों की ओर निर्देशित किया गया। एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की यह क्षमता भारत को विश्व के चुनिंदा देशों (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन) की पंक्ति में खड़ा करती है।

राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और सेना को दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, भारतीय सेना और संबंधित उद्योग जगत को बधाई देते हुए कहा कि इस सफल परीक्षण से बढ़ते खतरों के प्रति देश की रक्षा तैयारियों में अभूतपूर्व क्षमता जुड़ गई है। यह ‘क्रेडिबल मिनिमम डिटरेंस’ को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने वैज्ञानिकों की मेहनत की सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करती है।

MIRV तकनीक का महत्व
MIRV प्रणाली एक मिसाइल को एक साथ कई स्वतंत्र वारहेड्स ले जाने और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर मार्गदर्शन करने की क्षमता देती है। इससे दुश्मन के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देना आसान हो जाता है। अग्नि सीरीज की यह उन्नत संस्करण 5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सटीक हमला कर सकती है, जो चीन के अधिकांश हिस्सों और पाकिस्तान के पूरे क्षेत्र को कवर करती है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे अग्नि-5 Mk2 या उन्नत वेरिएंट बताया जा रहा है, जिसमें हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) जैसी अतिरिक्त क्षमताएं भी शामिल हो सकती हैं।

चीन-पाक की उड़ी नींद!
यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब भारत की रणनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। चीन की आक्रामक नीतियां और पाकिस्तान की सैन्य आधुनिकीकरण की कोशिशें देखते हुए यह सफलता सामरिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी। विश्लेषकों का मानना है कि MIRV-सक्षम अग्नि मिसाइल से भारत की न्यूक्लियर ट्रायड और मजबूत होगी तथा क्षेत्रीय स्थिरता में नया संदेश जाएगा।

DRDO के वैज्ञानिकों ने टेलीमेट्री, रडार और शिप-बेस्ड स्टेशनों से प्राप्त डेटा के आधार पर पुष्टि की कि मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्रालय ने भी इस उपलब्धि पर DRDO की तारीफ की।

यह सफल परीक्षण ‘मिशन दिव्यास्त्र’ (2024) के बाद MIRV तकनीक को और परिपक्व बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भारतीय सेना की मारक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और देश की सुरक्षा ढाल और मजबूत बनेगी।

बदल गए IPL 2026 के नियम, अब इन चीजों पर लगी रोक

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बदल गए IPL 2026 के नियम, अब इन चीजों पर लगी रोक
आईपीएल 2026 के नए नियम चर्चा का विषय बने हुए हैं. हर कोई यह जानना चाह रहा है कि आखिर क्यों BCCI को अचानक सख्त नियम लाने पड़े. इस रिपोर्ट में आपके हर सवाल का जवाब मिल जाएगा. यहां डिटेल में जानिए अब आईपीएल 2026 में किन चीजों पर रोक लगाई गई है, और क्यों यह फैसला लेना पड़ा.

प्रतिबंधित जगहों पर रील्स बनाना, सुरक्षा मंजूरी के बिना मजाक करना और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से खिलाड़ियों की नजदीकी. ये ऐसी वजहें रहीं, जिनके कारण बीसीसीआई को कड़े परामर्श जारी करने पड़े और अब आईपीएल टीमें निजता से समझौता किए बिना इनका पालन करने की कोशिश में जुटी हैं. बोर्ड की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई ने खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ और टीम अधिकारियों के होटल के कमरों में अनधिकृत मेहमानों को लेकर चेताया और यह भी आगाह किया कि यह ‘हनी ट्रैप’ हो सकता है.

नतीजतन बीसीसीआई ने परामर्श जारी किया, जिसमें मेहमानों पर प्रतिबंध के साथ खिलाड़ियों को अपनी गतिविधियों के बारे में सुरक्षा, अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके उल्लंघन के प्रमुख मामलों में खिलाड़ियों की इंफ्लुएंसर्स से निकटता है, जिनकी सेवायें प्रतिभागी टीमों के लिये सोशल मीडिया कंटेट तैयार करने के मकसद से अल्प अवधि के लिये ली जाती हैं.

एक घटना में टीम के युवा खिलाड़ियों में से एक ने कंटेट टीम के नये सदस्य से रील्स बनाने, वीडियो और तस्वीरें लेने में उनकी मदद करने के लिए कहा जो उनके निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करने के लिये था.

किसी खिलाड़ी के लिए नियो-मीडिया कंटेंट बनाने के लिए बाहर से मदद लेना कोई नयी बात नहीं है लेकिन इस खास मामले में ब्लॉगर ने ‘ट्रैक्शन’ पाने के लिए अपने प्राइवेट अकाउंट पर कुछ वीडियो और तस्वीरों का इस्तेमाल किया.

यह शूट सीमारेखा के भीतर किया गया, जिसमें टीम के अभ्यास और अन्य मैदानी गतिविधियों के दृश्य हैं. बाद में खिलाड़ी के होटल के कमरे के भी दृश्य इसमें हैं.

एक फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने पीटीआई से कहा, हमें बीसीसीआई से नये नियमों के निर्देश मिले हैं और उनका पालन कराने के उपाय किये जा रहे हैं. नये खिलाड़ी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और यह आधुनिक ट्रेंड है जिसे स्वीकार करना होगा, लेकिन बीसीसीआई द्वारा तय सीमा के भीतर ही किया जाना चाहिये. लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखना संभव नहीं है. यह एक मसला है. हम खिलाड़ियों और कंटेंट टीमों को बीसीसीआई के नियमों और उन्हें तोड़ने के परिणामों से अवगत करा रहे हैं.

उन्होंने आगे कहा, हम कंटेट टीम के सदस्यों की संख्या भी कम कर रहे हैं. खासकर उनकी जिन्हें आईपीएल सीजन के दौरान दो तीन महीने के लिये नियुक्त किया जाता है. सीनियर खिलाड़ियों को नियमों के बारे में पता है और यह भी पता है कि उनका पालन कैसे करना है. पहली बार आईपीएल खेल रहे क्रिकेटरों को हालात की गंभीरता के बारे में पता नहीं है. वे सितारों का फॉलो करके सोशल मीडिया पर लाइक्स और कमेंट्स चाहते हैं. लिहाजा उन्हें जागरूक करना होगा.

खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के कमरों में अनधिकृत मेहमानों को लेकर बोर्ड की चिंता गहरा गई, जब हाल ही में एक और खिलाड़ी अक्सर देर रात तक अपने कमरे में कुछ लोगों की मेजबानी करता पाया गया. बीसीसीआई के एसीयू अधिकारी ने टीम मैनेजर को समन किया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं था. मैनेजर ने टीम में खिलाड़ी की वरिष्ठता का हवाला देकर उसका बचाव करने की कोशिश की.

आईपीएल में बतौर टीम मैनेजर लंबे समय तक काम कर चुके एक पूर्व अधिकारी ने कहा, मैं हैरान नहीं हूं. कई बार खिलाड़ी अपने कद का फायदा उठाकर नियमों को ताक पर रख देते हैं. एक बार मैंने एक खिलाड़ी से कहा था कि दोस्तों से लॉबी रेस्त्रां में मिले, अपने कमरे में नहीं. इस पर उसने कहा कि आप चिंता मत करो, मैं बोर्ड अधिकारियों से कह दूंगा, अगर वे पूछेंगे तो.

एक अन्य घटना में एक खिलाड़ी ने टीम अधिकारी के कॉल का जवाब नहीं दिया, जिसने सूचना देने के लिये उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया था. वह खिलाड़ी देर रात अपने दोस्तों के साथ होटल में आया, लेकिन इस बात को दबा दिया गया, क्योंकि खिलाड़ी टीम मालिकों के करीब माना जाता है.

तमिलनाडु में 120 विधायकों के साथ विजय बनाएंगे सरकार

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तमिलनाडु में 120 विधायकों के साथ विजय बनाएंगे सरकार
तमिलनाडु की विजय सरकार का सत्ता संभालने का रास्ता साफ हो गया है. वीसीके ने शनिवार को टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है. विजय के पास 116 विधायकों का समर्थन था. इधर, टीवीके को इंडियन मु्स्लिम लीग (IUMLS) ने भी समर्थन दे दिया है. अब आंकड़ा बढ़कर 120 हो गया है.

शनिवार की शाम को वीसीके की अहम मीटिंग थी. इसमें टीवीके को समर्थन देने पर फैसला लेना था. मीटिंग में विजय को समर्थन देने पर सहमति बनी. अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री विजय बन सकते हैं. वीसीके ने बिना किसी शर्त के टीवीके को समर्थन दिया है.

4 मई को आए नतीजे ने तमिलनाडु में सभी को चौंका दिया था. यहां टीवीके ने डीएमके और एआईडीएमके को पछाड़ते हुए, राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी. हालांकि, 108 के आंकड़े तक ही पहुंच सकी, और बहुमत से 10 सीट पीछे रह गईं. इसके बाद कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन टीवीके को मिला, वहीं, सीपीआई और सीपीआईएम के दो दो विधायकों ने भी सपोर्टि किया. इससे आंकड़ा बढ़कर 116 पर पहुंच गया. अब वीसीके ने टीवीके को समर्थन दिया है. टीवीके ने सभी समर्थन करने वाली पार्टियों का आभार जताया है, साथ ही पार्टी के नेता अर्जुन ने कहा है कि अब विजय सरकार बनाने के लिए तैयार हैं.

AIADMK चीफ के बयान ने पहले ही बढ़ा दी थी हलचल
इधर, कुछ देर पहले AIADMK के चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी के एक पोस्ट ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी थी. उन्होंने एक पोस्ट में सरकार बनाने वाली पार्टी को बधाई दी थी. ऐसे में टीवीके के समर्थन को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं. पलानीस्वामी ने एक पोस्ट करते हुए कहा था कि हाल ही में संपन्न 17वें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा. जीत दर्ज की. मैं तमिलनाडु में सरकार बनाने वाली पार्टी को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं.

दिल्ली के प्रसार भारती सचिवालय के ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग, काबू पाने की कोशिश जारी

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दिल्ली के प्रसार भारती सचिवालय के ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग, काबू पाने की कोशिश जारी
दिल्ली के कोपरनिकस मार्ग स्थित प्रसार भारती सचिवालय भवन के ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है।

खबर अपडेट की जा रही है…

बंगाल की शुभेंदु सरकार में दिखी BJP की सोशल इंजीनियरिंग, ब्राह्मण से लेकर मतुआ-राजवंशी के तक

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बंगाल की शुभेंदु सरकार में दिखी BJP की सोशल इंजीनियरिंग, ब्राह्मण से लेकर मतुआ-राजवंशी के तक
पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहली बार बीजेपी ने सत्ता हासिल कर इतिहास रच दिया है. ममता बनर्जी के लंबे समय से मजबूत माने जाने वाले गढ़ को ध्वस्त करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी के कई बड़े नेता मौजूद रहे. शुभेंदु अधिकारी के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रामाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने मंत्री पद की शपथ ली. बीजेपी ने इस नई टीम के जरिए साफ संकेत दिया है कि अब बंगाल में पार्टी सिर्फ ध्रुवीकरण नहीं, बल्कि सोशल इंजीनियरिंग और क्षेत्रीय संतुलन के दम पर लंबी राजनीतिक पारी खेलने की तैयारी में है.

भद्रलोक और माहिश्य समीकरण पर बीजेपी का दांव
बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाकर बंगाल के भद्रलोक वर्ग और माहिश्य समुदाय दोनों को साधने की कोशिश की है. शुभेंदु एक प्रभावशाली ब्राह्मण परिवार से आते हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक ताकत पूर्वी मेदिनीपुर के माहिश्य समाज में मानी जाती है. बीजेपी ने उनके जरिए सवर्ण, बौद्धिक और पारंपरिक नेतृत्व वर्ग को संदेश दिया है कि सत्ता अनुभवी और जमीनी नेता के हाथों में है.

मतुआ वोट बैंक को साधने की रणनीति
दक्षिण बंगाल में निर्णायक भूमिका निभाने वाले मतुआ समुदाय को साधने के लिए बीजेपी ने अशोक कीर्तनिया को मंत्री बनाया है. उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा नदिया जिलों में मतुआ समाज का बड़ा प्रभाव है. बीजेपी ने CAA के बाद अब सत्ता में हिस्सेदारी देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि मतुआ समुदाय सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि सत्ता का भागीदार भी है.

राजवंशी चेहरों से उत्तर बंगाल को साधने की कोशिश
उत्तर बंगाल लंबे समय से उपेक्षा का आरोप लगाता रहा है. बीजेपी ने निशीथ प्रामाणिक को मंत्री बनाकर राजवंशी समुदाय को बड़ा प्रतिनिधित्व दिया है. इसके जरिए पार्टी ने कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और दिनाजपुर जैसे इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बनाई है.

जंगलमहल और आदिवासी वोटरों को साधने का प्रयास
पुरुलिया, बांकुरा और झाड़ग्राम जैसे क्षेत्रों में बीजेपी को आदिवासी समाज का मजबूत समर्थन मिला था. खुदीराम टुडू को मंत्रिमंडल में शामिल कर बीजेपी ने जंगलमहल के आदिवासी वोटरों को बड़ा संदेश दिया है. पार्टी इसे आदिवासी सम्मान और विकास से जोड़कर पेश कर रही है.

महिला वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी
ममता बनर्जी का सबसे मजबूत आधार महिला वोट बैंक माना जाता रहा है. बीजेपी ने अग्निमित्रा पॉल को मंत्री बनाकर शहरी, शिक्षित और कामकाजी महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है. अग्निमित्रा पॉल को आधुनिक और सशक्त बंगाली महिला चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है.

दिलीप घोष के जरिए ओबीसी कार्ड
बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष को मंत्रिमंडल में शामिल करना पार्टी की सोशल इंजीनियरिंग का अहम हिस्सा माना जा रहा है. सद्गोप समुदाय से आने वाले दिलीप घोष के जरिए बीजेपी ने पिछड़े वर्गों को बड़ा संदेश दिया है. उनकी मजबूत संगठनात्मक पकड़ और आरएसएस पृष्ठभूमि को बीजेपी बंगाल में अपनी स्थायी ताकत बनाने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है.

क्षेत्रीय संतुलन पर खास फोकस
नई कैबिनेट में उत्तर बंगाल, जंगलमहल, औद्योगिक बेल्ट और तटीय इलाकों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. बीजेपी ने यह दिखाने की कोशिश की है कि नई सरकार सिर्फ कोलकाता केंद्रित नहीं होगी, बल्कि पूरे बंगाल के क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर चलेगी.

‘कास्ट प्लस हिंदुत्व’ मॉडल पर आगे बढ़ रही बीजेपी
विशेषज्ञ मानते हैं कि बीजेपी ने बंगाल में वही सोशल इंजीनियरिंग मॉडल अपनाया है, जिसने उसे उत्तर प्रदेश और बिहार में सफलता दिलाई थी. ब्राह्मण नेतृत्व, मतुआ समुदाय को सुरक्षा, राजवंशियों को सम्मान और आदिवासियों को प्रतिनिधित्व देकर बीजेपी ने बंगाल की राजनीति में नया सामाजिक समीकरण तैयार करने की कोशिश की है.

तमिलनाडु की सत्ता पर TVK का कब्जा, विजय कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

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तमिलनाडु की सत्ता पर TVK का कब्जा, विजय कल लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
तमिलनाडु में सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल, TVK चीफ विजय ने शुक्रवार शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। ऐसे में TVK चीफ विजय कल सुबह (8 मई) 11 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल हो सकते हैं।

किन दलों ने दिया TVK को समर्थन?
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में TVK ने अन्य दलों से सहयोग मांगा और इस आंकड़े तक पहुंच गई।

कांग्रेस के 5 विधायकों ने TVK को समर्थन दिया है। इसके अलावा CPI के 2 और CPI(M) के 2 विधायकों ने भी समर्थन दिया है। वहीं, VCK ने भी अपने 2 विधायकों का समर्थन TVK को दे दिया है।

एक आधिकारिक पत्र में, CPI (M) ने राज्य में सरकार बनाने के उद्देश्य से टीवीके को अपना समर्थन दिया, जबकि सीपीआई ने तमिलनाडु के लोगों के लिए स्थिर, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शासन के पक्ष में विजय के नेतृत्व वाली पार्टी को सशर्त समर्थन प्रदान किया।

त्रिची से इस्तीफा दे सकते हैं विजय
आपको बता दें अभिनेता ने नेता बने TVK प्रमुख विजय ने दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ा और दोनों में जीत हासिल की। ऐसे में ​​उम्मीद जताई जा रही है कि वे त्रिची से इस्तीफा देकर चेन्नई के पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने रहेंगे। विधानसभा चुनाव में विजय द्वारा जीती गई दो सीटों में से एक से इस्तीफा देने के बाद विधानसभा में टीवीके की प्रभावी संख्या 117 हो जाएगी।

विजय ने 6 और 7 मई को भी किया था दावा पेश
विजय ने 8 मई से पहले 6 और 7 मई को भी राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उस वक्त राज्यपाल ने कहा कि 118 विधायकों का समर्थन पत्र दिखाए बिना वे सरकार बनाने का न्योता नहीं दे सकते हैं। उधर, विजय द्वारा सरकार बनाने का दावा पेश किए जाने के बाद चेन्नई स्थिति ऑफिस में जश्न का माहौल है। यहां ऑफिस के बाहर TVK कार्यकर्ताओं ने पटाखे जलाकर खुशी जाहिर की।

बंगाल में BJP का बड़ा दांव, अमित शाह ने किया शुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान

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बंगाल में BJP का बड़ा दांव, अमित शाह ने किया शुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी शुक्रवार को राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगा दी। बीजेपी विधायक दल की बैठक और केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंथन के बाद शुवेंदु अधिकारी पर भरोसा जताया। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे, जहां वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ एक अहम बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में शुवेंदु को विधायक दल का नेता चुना गया। अमित शाह के साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी इस बैठक में शामिल हुए।

शनिवार सुबह 11 बजे लेंगे सीएम पद की शपथ
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं पश्चिम बंगाल BJP विधायक दल के नेता के रूप में चुने गए सुवेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा करता हूं। अमित शाह ने कहा कि जिन्हें पश्चिम बंगाल में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। शुवेंदु अधिकारी शनिवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह के लिए कोलकाता पहुंचीं दीया कुमारी
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि हम पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण समारोह के लिए आए हैं, और मैं सभी को अपनी हार्दिक बधाई देती हूं। हमारे कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों और हमारे शीर्ष पार्टी पदाधिकारियों के दूरदर्शी नेतृत्व की बदौलत, हमारी सरकार भारी बहुमत के साथ बन रही है। यह अत्यंत गर्व का विषय है। मेरा मानना ​​है कि गुंडागर्दी, दमन और तुष्टीकरण की राजनीति का वह दौर, जिसने इतने वर्षों तक बंगाल को जकड़ रखा था, अब आखिरकार समाप्त हो गया है। जहां कहीं भी भाजपा सत्ता में होती है, हम रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। बंगाल वर्षों से पिछड़ा हुआ था; अब यहाँ एक सच्चा बदलाव आ गया है।

भारतीय टीम ने रचा इतिहास, पहली बार AFC U17 वूमेंस एशियन कप के नॉकआउट के लिए किया क्वालीफाई

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भारतीय टीम ने रचा इतिहास, पहली बार AFC U17 वूमेंस एशियन कप के नॉकआउट के लिए किया क्वालीफाई
भारत ने शुक्रवार को सूजौ ताइहू फुटबॉल स्पोर्ट्स सेंटर में एएफसी अंडर 17 महिला एशियन कप चीन 2026 के ग्रुप बी में लेबनान को 4-0 से हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम जापान और ऑस्ट्रेलिया के बाद ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही। भारत और लेबनान दोनों टीमों को अपनी उम्मीदें जिंदा रखने के लिए जीत की दरकार थी।

दूसरे मिनट में हासिल की बढ़त
मैच के पांचवें मिनट में ही लेबनान ने लगभग पहला गोल कर ही दिया था, जब कप्तान जिया फ्रांगीह ने यारा गीतानी के लिए बॉक्स में एक अच्छा लॉब भेजा, लेकिन भारत की गोलकीपर मुन्नी ने तेजी से अपनी लाइन से हटकर बॉल छीन ली। एएफसी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने दो मिनट बाद मैच में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। टीम की तरफ से प्रीतिका बर्मन ने शानदार गोल दागा। उन्होंने जोया बू असफ को पीछे छोड़ा, फिर बॉक्स के अंदर यास्मिना नासर को चकमा देकर लेबनान की गोलकीपर मैरी जो चेबली के ऊपर से बॉल को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया।

भारत 9वें मिनट में अपनी बढ़त दोगुनी करने के करीब पहुंच गया था, लेकिन अनुष्का कुमारी के प्रयास को नासर ने नाकाम कर दिया। 14वें मिनट में गीतानी के पास स्कोर बराबर करने का मौका था, लेकिन उनकी कर्लिंग कोशिश को भारत के कप्तान एलिजाबेद लाकड़ा ने नाकाम कर दिया, जबकि दूसरी तरफ चेबली ने प्रीतिका को करीब से दो बार गोल करने से रोका। हालांकि, भारत ने बॉल पर दबदबा बनाए रखा और 36वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। अल्वा सेनजाम ने जबरदस्त दौड़ लगाते हुए फ्रांगीह को पीछे छोड़ा, फिर थंबालखोंग मणिपुर की खिलाड़ी ने शांति से चेबली को पीछे छोड़कर भारत को ब्रेक तक आरामदायक बढ़त दिला दी।