Home Blog Page 21

सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान: इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनेंगे, अगली इन्वेस्टर समिट निमाड़ में

0

सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान: इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनेंगे, अगली इन्वेस्टर समिट निमाड़ में
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज बुधवार 6 मई को बुरहानपुर में उद्यमी संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए, परमानंद गोविंदजीवाला सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उद्यमियों से सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों की जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि हमारी सरकार हर परिस्थिति में उद्योगपतियों के साथ खड़ी है, उन्हें चिंता करने की जरुरत नहीं है, इस मौके पर मुख्यमंत्री ने इंडस्ट्रियल कलस्टर बनाने और अगली इन्वेस्टर समिट निमाड़ में आयोजित करने की घोषणा भी की।

डॉ मोहन यादव ने कहा प्रदेश सरकार ने पिछला वर्ष सन 2025 उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया और इस वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है, हमारी सरकार व्यापारी हो, उद्यमी हो, किसान हो सबकी चिंता कर रही है, उन्होंने कहा हमने व्यापारियों के कल्याण के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का भी निर्णय लिया है जिसके माध्यम से व्यापारियों की समस्याओं पर फोकस कर उन्हें दूर करने की चिंता सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के साथ उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा दे रही है। बुरहानपुर में कपास और केला उत्पादन को बढ़ावा मिले और किसानों को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए क्लस्टर बनाया जायेगा। आज निंबोला स्थित टेक्सटाइल क्लस्टर – फेयरडील एक्सपोर्ट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड की सब्सिडी जारी की गई है।

निमाड़ में इन्वेस्टर्स समिट की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार इन्वेस्टर समिट आयोजित कर रही है जल्दी ही निमाड़ में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, जिसके आधार पर उद्योगों को और अधिक प्रोत्साहन देने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।

कपास को ड्यूटी फ्री करने पर हो रहा विचार
सीएम ने कहा हमारी सरकार ने व्यापारियों के हित में फैसला लेते हुए कई तरह के औचित्यहीन कानूनों को खत्म किया है। बिजली को लेकर भी दो-तीन विभागों के बीच तालमेल चल रहा है, हम व्यापारियों को कैसे लाभ मिले इसपर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार कपास पर लगने वाली ड्यूटी को समाप्त करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों के लिए नया पहुंच मार्ग बनाने की भी घोषणा की।

175 यात्रियों की बढ़ी परेशानी: एयर इंडिया फ्लाइट टेकऑफ से पहले हुई निरस्त

0

175 यात्रियों की बढ़ी परेशानी: एयर इंडिया फ्लाइट टेकऑफ से पहले हुई निरस्त
एयर इंडिया की भोपाल से मुंबई जा रही दोपहर की उड़ान में मंगलवार को अचानक तकनीकी खराबी आ गई। टेकऑफ से पहले खराबी का पता चलने के कारण उड़ान को निरस्त कर दिया गया। विमान में सवार हो चुके यात्रियों को वापस उतारना पड़ा।

विमान के इंजन से आ रही थी असामान्य आवाज
उड़ान संख्या एआई 634 मंगलवार दोपहर करीब दो बजे मुंबई के लिए टेकऑफ होने को तैयार थी। सिक्योरिटी होल्ड एरिया में बैठे यात्रियों को विमान में सवार होने का संदेश दिया। कुछ यात्री विमान में सवार भी हो गए। इसी बीच चालक दल को विमान में तकनीकी खराबी महसूस हुई। केबिन क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को होल्ड एरिया में ही रुकने को कहा। जो यात्री विमान में बैठ चुके थे उन्हें उतरने का आग्रह किया गया।

यात्रियों को उतारने के बाद विमान को स्टार्ट करते समय विमान के इंजन से असामान्य आवाज आ रही थी। विमान में खराबी क्या थी इस बारे में अधिकृत रूप से केवल यही बताया गया कि तकनीकी खराबी के कारण विमान उड़ान नहीं भर सकेगा।

यात्री परेशान, दूसरे विमान से गए
अचानक उड़ान निरस्त होने से यात्रियों को परेशान होना पड़ा। इस विमान से 175 यात्री मुंबई जाने वाले थे। एयर इंडिया प्रबंधन ने फुल रिफंड की पेशकश की। कुछ यात्री इंडिगो की उड़ान से गए, तो कुछ ने दूसरे दिनों की बुकिंग करने की सहमति दी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार विमान में तकनीकी खराबी थी। यात्री हित में सुरक्षा की दृष्टि से उड़ान निरस्त करना जरूरी था।

MP में मजदूरी नियमों में बड़ा बदलाव: अब जीवन-यापन के आधार पर तय होगा वेतन

0

MP में मजदूरी नियमों में बड़ा बदलाव: अब जीवन-यापन के आधार पर तय होगा वेतन
कहा जाता है रोटी, कपड़ा और मकान किसी भी व्यक्ति की न्यूनतम आवश्यकता होती है। सरकार अब इन्हीं मापदंडों पर न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने जा रही है। इसे तय करने के लिए मापदंड तय किए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर भरपेट भोजन दिए जाने की बात आती है, पर अब न्यूनतम मजदूरी का आधार यह होगा कि उसके भोजन से 2700 कैलोरी ऊर्जा प्रतिदिन मिल सके।

न्यूनतम मजदूरी निर्धारण के नए मापदंड
प्रति परिवार वर्ष में 66 मीटर कपड़ा की आवश्यकता, भोजन और कपड़े पर आने वाले खर्च का 20 प्रतिशत आवासीय किराया और 10 प्रतिशत ईंधन और बिजली का खर्च, भोजन और वस्त्र व्यय का 20 प्रतिशत और इतना ही बच्चों की शिक्षा, उपचार और मनोरंजन पर खर्च मानकर न्यूनतम मजदूरी तय की जाएगी।

मप्र मजदूरी संहिता नियम और पुराने नियमों की समाप्ति
न्यूनतम मजदूरी और न्यूनतम वेतन निर्धारित करने के लिए सरकार मप्र मजदूरी संहिता नियम तैयार करने जा रही है, जबकि पूर्व में प्रचलित न्यूनतम वेतन मप्र अधिनियम 1958 और मप्र मजदूरी भुगतान नियम 1962 को समाप्त किया जा रहा है। न्यूनतम वेतन निर्धारण के लिए कुछ मामलों में परिवार को इकाई माना गया है। परिवार में श्रमिक, उसकी पत्नी या पति और दो बच्चों को शामिल किया गया है।

कार्य के घंटे और विश्राम के प्रावधान
श्रम विभाग ने संहिता का प्रारूप प्रकाशित कर दावे-आपत्तियां मांगी हैं। 45 दिन बाद इसके नियम तैयार किए जाएंगे। इसमें यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि कोई भी श्रमिक से सप्ताह में आठ घंटे और एक दिन में अधिकतम 12 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जाएगा। लगातार पांच घंटे से अधिक समय तक काम नहीं करेगा।

जांजगीर-चांपा में 50 लोगों की ‘घर वापसी’, तेंदुआ धाम में भावुक माहौल

0

जांजगीर-चांपा में 50 लोगों की ‘घर वापसी’, तेंदुआ धाम में भावुक माहौल
शिवरीनारायण के समीप स्थित श्री राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के दौरान सोमवार को जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के सान्निध्य में एक विशेष कार्यक्रम में लगभग 50 लोगों ने सनातन संस्कृति के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए पुनः घर वापसी का संकल्प लिया। इस आयोजन में अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रहा, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण और अपनी जड़ों से पुनः जुड़ने का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण और श्रद्धा का अद्भुत संगम
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा, विश्वास और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने भावुक माहौल में अपने पूर्वजों की संस्कृति को अपनाने और उसे आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और अन्य वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समृद्ध और व्यापक परंपरा है, जो समाज को एकता, नैतिकता और सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।

‘शबरी की निष्ठा’ रामकथा में जुटे दिग्गज
ज्ञात हो कि श्री राम मिलेंगे आश्रम तेंदुआ धाम में जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के सान्निध्य में 27 अप्रैल से 5 मई तक ‘शबरी की निष्ठा’ विषय पर नौ दिवसीय रामकथा का आयोजन किया गया है। इसी क्रम में सोमवार को सनातन संस्कृति से भटके हुए लोगों के लिए घर वापसी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डबरा मठ कोटमी सोनार के महंत सर्वेश्वर दास जी महाराज, समाजसेवी अंजू गबेल, आश्रम के संचालक डॉ. अशोक हरिवंश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

क्षेत्र में नई चेतना और सामाजिक समरसता का संचार
शिवरीनारायण क्षेत्र के ग्राम गोधना, कुरियारी, तुस्मा, कटौद सहित आसपास गांव के लोग बड़ी संख्या में मतांतरित हो चुके हैं। क्षेत्र के भोले-भाले लोगों को लालच देकर ईसाई बनाया गया है। रामकथा के दौरान हुए इस घर वापसी के आयोजन ने क्षेत्र में नई चेतना का संचार करते हुए सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकजुटता का संदेश दिया, जो उपस्थित जनसमूह के लिए प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

सीट बेल्ट चालान ने बचाई जान: पद्मश्री फुलबासन यादव का अपहरण प्रयास विफल

0

सीट बेल्ट चालान ने बचाई जान: पद्मश्री फुलबासन यादव का अपहरण प्रयास विफल
मंगलवार को पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध समाजसेवी फुलबासन यादव के अपहरण की कोशिश की गई। हालांकि पुलिस की सतर्कता ने इस बड़ी साजिश को विफल कर दिया। शहर की चिखली पुलिस चौकी के पास यातायात पुलिस द्वारा सीट बेल्ट न पहनने पर काटे गए एक मामूली चालान ने आरोपितों के चंगुल से फुलबासन यादव को बचा लिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित खुशबू साहू सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

सीट बेल्ट के चालान ने खोला राज
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के अनुसार मंगलवार सुबह 10:30 बजे खुशबू साहू अपने तीन साथियों के साथ राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुकुलदैहान स्थित फुलबासन यादव के घर पहुंची। उसने उन्हें दिव्यांग महिला के साथ फोटो खिंचवाने का झांसा देकर अपनी स्कॉर्पियो वाहन में बिठाया और फुलबासन के हाथ-पैर बांध दिए। जब फुलबासन ने विरोध किया तो उन्हें धमकाया और उनका मुंह बंद कर गाड़ी से आगे बढ़ गए। जब वे खैरागढ़ के रास्ते से भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी चिखली पुलिस चौकी के पास यातायात निरीक्षक नवरतन कश्यप अपने जवानों के साथ वाहनों की जांच कर रहे थे। उन्होंने स्कॉर्पियो चालक को रुकवाया और सीट बेल्ट न पहनने पर चालान बनाया। चालक ने पैसे देने के लिए जब स्कॉर्पियो का पिछला दरवाजा खोला, तब फुलबासन ने खुशबू के पैर में लात मारकर मदद के लिए चीखना शुरू कर दिया। पुलिस को भ्रमित करने के लिए खुशबू ने उन्हें मिर्गी का मरीज बताया, लेकिन पुलिस को संदेह हो गया। उन्हें नीचे उतारने पर पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। इसके बाद आरोपितों को चिखली पुलिस चौकी के सुपुर्द किया गया।

अपनी पहचान बनाने के लिए अपहरण की साजिश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपितों से लगातार पूछताछ जारी है। फुलबासन यादव ने यातायात पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाजसेवा से मिले पुण्य के कारण ही वह आज सुरक्षित हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि खुशबू साहू, स्व-सहायता समूह की महिलाओं के बीच अपनी पहचान बनाने के लिए फुलबासन के माध्यम से स्वयं की ब्रांडिंग करना चाहती थी। फुलबासन के नाम पर रायपुर में कई महिलाओं से उगाही की गई थी, जिसकी भनक लगने पर फुलबासन ने उसे महत्व नहीं दिया था। मंगलवार को खुशबू ने बेमेतरा क्षेत्र में महिलाओं का एक कार्यक्रम रखा था, जिसमें वह फुलबासन को शामिल कराना चाह रही थी। हालांकि पुलिस अभी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

कोर्ट सख्त, सिंहस्थ पर असर: शिप्रा किनारे नहीं होंगे व्यावसायिक आयोजन

0

कोर्ट सख्त, सिंहस्थ पर असर: शिप्रा किनारे नहीं होंगे व्यावसायिक आयोजन
वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए शिप्रा नदी के आसपास किए जा रहे निर्माण को लेकर हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। शिप्रा नदी के 200 मीटर क्षेत्र में अवैध निर्माण को लेकर प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि शिप्रा नदी के आसपास किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने नदी के 100 से 200 मीटर दायरे में प्रस्तावित रिसार्ट निर्माण पर रोक लगा दी है।

हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका उज्जैन निवासी सत्यनारायण ने दायर की है। याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूर्व में नगर निगम और राज्य शासन को आदेश दिए थे कि शिप्रा नदी के 200 मीटर क्षेत्र में हो रहे अवैध और अनाधिकृत निर्माण पर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

बॉक्स ऑफिस पर टकराव तय! ‘आवारापन 2’ बनाम ‘लाहौर 1947’ की चर्चा तेज

0

बॉक्स ऑफिस पर टकराव तय! ‘आवारापन 2’ बनाम ‘लाहौर 1947’ की चर्चा तेज
इस साल बॉलीवुड में बड़ी फिल्मों का मेला लगा हुआ है। एक के बाद एक फिल्में रिलीज हो रही हैं और दर्शकों को एंटरटेनमेंट का पूरा डोज मिल रहा है। लेकिन अब जो होने वाला है, वो सिर्फ रिलीज नहीं बल्कि सीधी टक्कर है।

एक तरफ सनी देओल की बड़ी फिल्म लाहौर 1947 है, जिसका लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अचानक से चर्चा में आई इमरान हाश्मी की आवारापन 2 ने पूरा गेम बदल दिया है। रिलीज से पहले ही ऐसा माहौल बन गया है कि अब दोनों फिल्मों के बीच मुकाबला पक्का लग रहा है।

आवारापन 2 को लेकर क्यों बना इतना बड़ा माहौल
आवारापन 2 का नाम सामने आते ही लोगों के बीच पुरानी फिल्म की यादें ताजा हो गईं। पहली फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था और उसका म्यूजिक आज भी लोगों के दिल में बसा हुआ है।

अब जब इसके दूसरे पार्ट की खबर आई, तो शुरू में लगा कि रिलीज डेट थोड़ा रिस्की है। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। फिल्म को लेकर इतना जबरदस्त माहौल बन गया है कि बड़े-बड़े डिस्ट्रीब्यूटर इसके राइट्स लेने के लिए आगे आ रहे हैं।

ये वही सिचुएशन है जो पहले के जमाने में देखने को मिलती थी, जब अच्छी फिल्म के लिए डिस्ट्रीब्यूटर लाइन लगाते थे। इससे साफ है कि आवारापन 2 को लेकर इंडस्ट्री में काफी पॉजिटिव वाइब्स हैं।

लाहौर 1947 के लिए क्यों बढ़ा खतरा
लाहौर 1947 पहले से ही इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जा रही है। इसमें सनी देओल जैसे बड़े स्टार हैं और इसकी कहानी भी काफी दमदार मानी जा रही है। लेकिन अब आवारापन 2 की एंट्री ने इस फिल्म के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। वजह साफ है दोनों फिल्मों की रिलीज डेट लगभग साथ है। लाहौर 1947 जहां 13 अगस्त को रिलीज होगी, वहीं आवारापन 2, 14 अगस्त को सिनेमाघरों में आ रही है। मतलब दोनों फिल्मों के बीच सिर्फ 1 दिन का फर्क है। ऐसे में दर्शकों का ध्यान बंट सकता है। अगर आवारापन 2 को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो यह लाहौर 1947 के कलेक्शन पर असर डाल सकती है।

डिस्ट्रीब्यूटर की लाइन ने बदला पूरा गेम
सबसे दिलचस्प बात यह है कि आवारापन 2 के लिए कई बड़ी कंपनियां आगे आई हैं। जी स्टूडियोज, एए फिल्म्स, पेन मरुधर, जियो स्टूडियोज और कई अन्य बड़े नाम इस फिल्म से जुड़ना चाहते हैं।

ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर इस मुहूर्त में करें पूजा, जानें विधि और जरूरी नियम

0

ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर इस मुहूर्त में करें पूजा, जानें विधि और जरूरी नियम
सनातन धर्म में पूर्णिमा की तिथि का काफी महत्व माना गया है। ये दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष अहमियत रखता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक अगर इस दिन कुछ शुभ काम किए जाते हैं तो व्यक्ति कुछ परिणाम की प्राप्ति होती है।

अगर आप अपने पापों से मुक्ति पाना चाहते हैं और जीवन से सारे संकटों को दूर करना चाहते हैं तो ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर कुछ खास बातों का ख्याल रख सकते हैं।

कब है ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा
वैदिक पंचांग के मुताबिक पूर्णिमा तिथि 30 तारीख को सुबह 11:57 पर शुरू हो जाएगी। इसका समापन 31 तारीख को दोपहर 2:14 पर होगा। ऐसे में इसे 31 मई को मनाया जाएगा। इस दिन चंद्रोदय का समय रात 7:36 पर रहने वाला है।

पूजा का मुहूर्त
अगर मुहूर्त के मुताबिक पूजा करना चाहते हैं तो सुबह 4:02 से 4:43 तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा।
दोपहर 2:27 से 3:37 तक विजय मुहूर्त रहने वाला है।
शाम 6:38 से 7:01 तक गोधूली मुहूर्त रहेगा।
शाम 7:13 7:33 निशिता मुहूर्त रहने वाला है।

कैसे करें पूजा
सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
मंदिर की सफाई कर गंगाजल से पूरा घर शुद्ध करें।
अब आपको एक चौकी पर लाल कपड़ा बेचकर उसे पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति है चित्र स्थापित करना है।
अब धूप, दीप, नैवेद्य और फूल माला अर्पित करें।
अब आपको घी का दीपक जलाकर आरती करनी होगी।
विष्णु चालीसा और कथा का पाठ कर मंत्रों का जाप करें।
भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं।
जरूरतमंद को अन्न और धन का दान करें।

इन बातों का रखें ख्याल
पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी और सरोवर में स्नान करना शुभ माना गया है।
इस दिन व्यक्ति को किसी भी तरह का वाद विवाद नहीं करना चाहिए।
तामसिक भोजन से दूर रहें और जितना हो सके सात्विक भोजन करें।
घर और मंदिर की साफ सफाई का आपको खास ख्याल रखना है।

बंगाल CM चयन की कमान अमित शाह को, असम में जेपी नड्डा पर्यवेक्षक

0

बंगाल CM चयन की कमान अमित शाह को, असम में जेपी नड्डा पर्यवेक्षक
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में विधायक दल का नेता यानि मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है, केंद्रीय नेतृत्व ने इसके लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक और सह पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है, पार्टी ने इनके आदेश की जानकारी X पर शेयर की है।

भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव परिणाम के दूसरे दिन आज मंगलवार 5 मई को तीनों जीते हुए राज्यों में विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है, जो विधायक दल का नेता होगा वही राज्य का मुख्यमंत्री होगा यानि अब बहुत जल्दी पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में कौन मुख्यमंत्री होगा स्पष्ट हो जायेगा, हालाँकि असम और पुडुचेरी की स्थिति स्पष्ट है ऐसे में निगाहें पश्चिम बंगाल पर है कौन भाजपा का मुख्यमंत्री बंगाल की कुर्सी संभालेगा।

अमित शाह की मौजूदगी में चुना जायेगा पश्चिम बंगाल का CM
बंगाल में 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होना है इसकी घोषणा भी आज ही पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने की, अब भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक बनाकर मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी दी है उनके सहयोगी की भूमिका में उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी होंगे उन्हें सह पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जेपी नड्डा असम, पुडुचेरी की जिम्मेदारी इस केंद्रीय मंत्री को
भाजपा ने इसी तरह असम में विधायक दल का नेता यानि मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को दी है यहाँ सह पर्यवेक्षक हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को बनाया गया है , संगठन के पुडुचेरी के लिए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है उनके साथ पुडुचेरी के भाजपा प्रभारी निर्मल कुमार सुराना को सह पर्यवेक्षक बनाया है।

आपको बता दें अभी पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण समारोह की तारीख घोषित की गई है जल्दी ही असम और पुडुचेरी की तारीख भी घोषित होगी, जल्दी ही केंद्रीय पर्यवेक्षक अपने अपने राज्यों में पहुंचेंगे और विधायकों से मिलकर उनकी राय जानकर बैठक के दौरान विधायक दल का नेता चुनेंगे और फिर तीनों राज्यों को मुख्यमंत्री मिल जायेंगे।

मोदी कैबिनेट बैठक में अहम फैसले, किसानों को राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा

0

मोदी कैबिनेट बैठक में अहम फैसले, किसानों को राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और प्रमुख औद्योगिक व कृषि क्षेत्रों को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक आर्थिक फैसलों पर मुहर लगाई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद इन महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। इन फैसलों का मुख्य केंद्र विमानन क्षेत्र, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), कृषि नीतियां और समुद्री बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) हैं, जो देश के समग्र विकास और व्यापक रोजगार सृजन को नई रफ्तार देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

हालिया कैबिनेट बैठक में कुल लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी मिली है। यह विशाल राशि विभिन्न विकास परियोजनाओं और योजनाओं पर खर्च की जाएगी, जिससे अर्थव्यवस्था के हर कोने को संबल मिलेगा। किसानों के हित में ‘कपास क्रांति मिशन’ के तहत कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए 5,659 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2026-27 सीजन के लिए गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला भी लिया गया है, जो गन्ना किसानों के लिए राहत लेकर आएगा। आर्थिक गतिविधियों को गति देने और उद्योगों को सहारा देने के लिए ECLGS-5 योजना के तहत 18,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम वैश्विक उथल-पुथल के बीच घरेलू उद्योगों को स्थिरता प्रदान करेगा।

कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी
बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर भी बड़े कदम उठाए गए हैं। गुजरात के वडीनार में शिप रिपेयर सुविधा के लिए 1,570 करोड़ रुपये और कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें नागदा-मथुरा, गुंटकल-वाडी और बुरहवाल-सीतापुर रेल लाइनों का विस्तार शामिल है, जिन पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये परियोजनाएं परिवहन क्षमता में वृद्धि कर आर्थिक विकास को तेज करेंगी। तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड और सुची सेमिकॉन प्राइवेट लिमिटेड की इकाइयों में निवेश की स्वीकृति भी मिली है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट को मजबूत करने से जुड़ा एक नीतिगत निर्णय भी लिया गया है। इन फैसलों से कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।

सरकार ने दिखाई ‘कपास क्रांति’ पहली को दिखाई हरी झंडी
देश के 32 लाख कपास किसानों के भाग्य को बदलने के लिए कैबिनेट ने ‘कपास क्रांति’ नामक एक ऐतिहासिक पहल को हरी झंडी दिखाई है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत वर्तमान में 297 लाख गांठ उत्पादन के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है। हालांकि, वर्ष 2030-31 तक कपास की घरेलू मांग बढ़कर 450 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है, जिसे पूरा करना अब सरकार की प्राथमिकता में है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने और कपास क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए, सरकार ने 5,669 करोड़ रुपये की एक विस्तृत परियोजना को मंजूरी दी है। यह विशाल फंड मुख्य रूप से अनुसंधान, उत्पादन तकनीकों को उन्नत करने और किसानों को नए जमाने के फाइबर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर खर्च किया जाएगा, जिससे गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में वृद्धि होगी।

सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा बढ़ावा, 3,936 करोड़ की परियोजना मंजूर
तकनीकी और समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े रणनीतिक कदम उठाए हैं। कैबिनेट ने 3,936 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत के साथ ‘क्रिस्टल’ और ‘सूचि’ नामक दो नई सेमीकंडक्टर इकाइयों की स्थापना को मंजूरी दी है। ये इकाइयां भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। इसके साथ ही, समुद्री बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए गुजरात के वडीनार में एक अत्याधुनिक जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित करने का भी फैसला लिया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए 1,570 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है, जो भारत की समुद्री मरम्मत क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करेगा और विदेशी डॉकयार्ड पर हमारी निर्भरता को कम करेगा।

भू-राजनीतिक उथल-पुथल के मौजूदा परिदृश्य का संज्ञान लेते हुए, सरकार ने घरेलू उद्योगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्णय लिया है। अश्विनी वैष्णव ने विशेष रूप से बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा संघर्ष के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण ‘आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना’ (ECLGS) को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। यह योजना वैश्विक संकट के समय में उद्योगों को नकदी की कमी का सामना करने से रोकेगी और उनके संचालन को सुचारू रूप से जारी रखने में मदद करेगी, जिससे अर्थव्यवस्था की लचीलापन बढ़ेगी।

इन रणनीतिक फैसलों का विभिन्न क्षेत्रों पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कृषि क्षेत्र में, ‘कपास क्रांति’ के तहत 5,669 करोड़ रुपये के निवेश से उत्पादन तकनीक और अनुसंधान में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, जिससे भारत 2030-31 तक 450 लाख गांठ कपास की अनुमानित मांग को सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम होगा। तकनीकी क्षेत्र में, 3,936 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘क्रिस्टल’ और ‘सूचि’ प्रोजेक्ट्स से भारत सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेगा, जिससे उच्च-तकनीकी विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर के संदर्भ में, वडीनार में जहाज मरम्मत सुविधा से भारत के बंदरगाहों की क्षमता बढ़ेगी और विदेशी डॉकयार्ड पर हमारी निर्भरता उल्लेखनीय रूप से कम होगी, जिससे देश की समुद्री अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। सरकार के ये दूरदर्शी और रणनीतिक फैसले कृषि, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करने की एक स्पष्ट दिशा तय करते हैं। ‘कपास क्रांति’ के जरिए किसानों की आय बढ़ाने से लेकर सेमीकंडक्टर मिशन और वडीनार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तक, ये कदम न केवल भविष्य की घरेलू मांग को पूरा करेंगे, बल्कि वैश्विक पटल पर भारत को एक मजबूत, स्थिर और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के रूप में भी स्थापित करेंगे, जिससे देश की प्रगति सुनिश्चित होगी।