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भिंड-लहार नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, बस और बाइक की टक्कर में तीन की मौत

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भिंड-लहार नेशनल हाईवे पर भीषण हादसा, बस और बाइक की टक्कर में तीन की मौत
भिंड-लहार नेशनल हाइवे 552 पर ऊमरी थाना अंतर्गत किशोरसिंह के पुरा के पास शनिवार दोपहर एक सड़क हादसे में तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार चार युवकों को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसे ग्वालियर रेफर किया गया है। घटना दोपहर करीब 1:30 बजे हुई।

150 मीटर तक घिसटते चले गए युवक
बताया जा रहा है कि बाइक सवार चार युवक सड़क पर जा रहे थे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक करीब 150 मीटर तक घिसटते चले गए। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और 112 एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को रौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया। बाद में जिला अस्पताल भिंड में उपचार के दौरान एक और युवक की मौत हो गई। चौथे युवक की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया है।

बस छोड़कर चालक फरार
खबर लिखे जाने तक मृतक और घायल युवकों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी पहचान करने में जुटी हुई है। हादसे के बाद बस चालक वाहन लेकर ढोंचरा गांव की ओर भाग निकला। ग्रामीणों ने पीछा कर करीब एक किलोमीटर दूर बस को पकड़ लिया, लेकिन चालक और स्टाफ मौके से फरार हो गए।

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री साय के निर्देशानुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इस अवधि में बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित की गई है, ताकि उन्हें अत्यधिक तापमान एवं लू के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख, शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा (ECCE) गतिविधियाँ निर्धारित समय-सारिणी एवं कलेण्डर के अनुसार संचालित होंगी तथा पूरक पोषण आहार का वितरण नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बच्चों के पोषण एवं शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए।

निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्र प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ होंगे, जिसमें बच्चों की उपस्थिति 7:00 से 9:00 बजे तक रहेगी, जबकि अन्य सेवाओं के लिए केंद्र 11:00 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि गर्म हवाओं, अधिक तापमान एवं लू की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करें तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 01 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित किए जाएंगे।

हटेंगे सभी टोल प्लाजा, NHAI लागू करेगा मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग

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हटेंगे सभी टोल प्लाजा, NHAI लागू करेगा मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग
टोल शुल्क के लिए फास्टैग की व्यवस्था कर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार को पहले ही काफी हद तक सीमित कर चुका है, लेकिन अभी भी टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने और शुल्क कटने की प्रक्रिया में जो कुछ मिनट का समय लगता है, अब उसे भी पूरी तरह खत्म करने की तैयारी है।

केंद्र सरकार टोल बैरियर मुक्त जिन हाईवे की परिकल्पना पर काफी समय से काम कर रही थी, अब उसे अगले माह से लागू किया जा रहा है। यानी मई में गुजरात के सूरत में स्थित चौर्यासी से इसकी शुरुआत हो जाएगी, जहां कि टोल प्लाजा हटाया जा चुका है। एनएचएआई का लक्ष्य अगले तीन वर्ष के भीतर देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग लागू करने का है।

अब यदि तकनीकी कारणों से फास्टैग से टोल राशि नहीं कटती है तो भी किसी वाहन चालक से नकदी स्वीकार नहीं की जा रही। डिजिटल लेनदेन का यह प्रयास भी टोल प्लाजा पर रुकने का समय घटाने के लिए ही है।

बावजूद अभी भी कुछ समय वाहनों के रुकने और फास्टैग से राशि कटने में लगता है। वहीं, यदि किसी वाहन का शुल्क फास्टैग से कटने में कोई तकनीकी खामी आए तो पीछे लगे वाहनों को प्रतीक्षा करनी पड़ती है।

नेशनल हाईवे से हट जाएंगे टोल प्लाजा
एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था को खत्म करते हुए अब वह व्यवस्था लागू की जा रही है कि सारे राष्ट्रीय राजमार्गों से टोल प्लाजा हट जाएंगे। टोल बैरियर के स्थान पर गेंट्री होगी, जिस पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और आरएफआईडी रीडर लगे होंगे। उनके माध्यम से फास्टैग और व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (वीआरएन) की स्कैनिंग बिना वाहन को रोके या गति कम किए ही हो जाएगी।

इससे कहीं भी वाहनों की कतार नहीं लगेगी, मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यदि किसी फास्टैग में तकनीकी कमी होगी या उसमें पर्याप्त धनराशि नहीं होगी तो जिस तरह ई-चालान कटता है, उसी प्रक्रिया से ऐसे वाहनों से दोगुणा टोल शुल्क ई-चालान के माध्यम से वसूले जाने का प्रस्ताव है।

उन्होंने बताया कि सबसे पहले मई में गुजरात के चौर्यासी से मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग शुरू हो रही है। उसके बाद हरियाणा में एनएच-44 स्थित घरौंदा टोल प्लाजा पर यह व्यवस्था लागू होगी और अगले तीन वर्ष के अंदर देशभर में इस आधुनिक व्यवस्था को लागू करने का लक्ष्य है।

पुंछ में LoC के पास धमाका, छह साल का मासूम घायल

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पुंछ में LoC के पास धमाका, छह साल का मासूम घायल
भारत-पाक नियंत्रण रेखा से सटे पुंछ जिले के देगवार सेक्टर में शुक्रवार शाम एक रहस्यमय विस्फोट की घटना सामने आई, जिसमें एक छह वर्षीय मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है, जबकि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब पांच बजे देगवार सेक्टर के तारबंदी के आगे स्थित नकरकोट गांव के पास कुछ बच्चे घर के नजदीक खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक एक तेज विस्फोट हुआ, जिसकी चपेट में आने से राजवान अहमद (6) पुत्र मकबूल हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गया।

शिवलिंग पूजा के दौरान न करें ये बड़ी गलतियां

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शिवलिंग पूजा के दौरान न करें ये बड़ी गलतियां
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे शुभ दिन माना गया है। खासकर वैशाख माह का अंतिम प्रदोष व्रत आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन भक्त बड़ी श्रद्धा से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। शास्त्रों में महादेव की पूजा के कुछ कड़े नियम बताए गए हैं।

वर्जित सामग्री
शिवलिंग पर कुछ चीजें चढ़ाना पूरी तरह वर्जित है। भगवान शिव को सिंदूर, कुमकुम नहीं चढ़ाया जाता। पूजा में इसकी जगह चंदन या भस्म का प्रयोग करें। इसके अलावा तुलसी दल, केतकी के फूल और नारियल पानी भी शिवलिंग पर अर्पित न करें। शंख से शिवलिंग का अभिषेक भी वर्जित माना गया है, क्योंकि शिवजी ने शंखचूड़ नामक दैत्य का वध किया था।

तांबे के पात्र से दूध चढ़ाना
अक्सर लोग तांबे के लोटे में दूध डालकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। तांबे के साथ दूध का संपर्क उसे विष के समान बना देता है। ऐसे में महादेव को दूध चढ़ाने के लिए हमेशा पीतल, चांदी या स्टील के पात्र का ही प्रयोग करें। तांबे के पात्र का उपयोग केवल जल चढ़ाने के लिए ही शुभ होता है।

जलाभिषेक की दिशा
शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय कभी भी धारा बहुत तेज न रखें। जल हमेशा एक पतली धार में चढ़ाना चाहिए। साथ ही, जल चढ़ाते समय आपका मुख दक्षिण दिशा की ओर नहीं होना चाहिए। उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके जल चढ़ाना सबसे शुभ माना जाता है।

शिवलिंग की आधी परिक्रमा
शिवलिंग की पूजा में सबसे बड़ी गलती परिक्रमा के दौरान होती है। याद रखें, शिवलिंग की कभी भी पूरी परिक्रमा नहीं की जाती। जहां से अभिषेक का जल बाहर निकलता है। उसे लांघना घोर पाप माना जाता है। ऐसे में हमेशा आधी परिक्रमा करें और वहीं से वापस लौट आएं।

प्रदोष काल का ध्यान न रखना
प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा सूर्यास्त के समय यानी ‘प्रदोष काल’ में ही की जानी चाहिए। दिन के समय की गई सामान्य पूजा और शाम की विशेष पूजा में बड़ा अंतर है। वैशाख के इस अंतिम प्रदोष पर सूर्यास्त के 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद तक का समय शिव साधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

अरुणाचल प्रदेश में नदी के किनारे बना नया टूरिस्ट हब

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अरुणाचल प्रदेश में नदी के किनारे बना नया टूरिस्ट हब
अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी अब जमीन पर उतरती दिख रही है. राज्य सरकार ने सुबनसिरी नदी के किनारे बने लोअर पोंडेज इलाके को एक ऐसे पर्यटन केंद्र में बदलने की योजना बनाई है, जहां प्रकृति, रोमांच और स्थानीय कल्चर का अनोखा संगम देखने को मिल सके. यह पहल सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पर्यटकों को एक पूरा अनुभव देने पर फोकस किया जा रहा है.

पर्यटन के लिए मौका
इस योजना की सबसे बड़ी ताकत वह जलविद्युत परियोजना है, जिसके आसपास यह पूरा मॉडल तैयार हो रहा है. 2000 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना देश की सबसे बड़ी परियोजनाओं में गिनी जाती है और दिसंबर 2026 तक इसके पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है. इसके चार यूनिट पहले ही काम कर रहे हैं. इसी से बने जलाशय को अब पर्यटन के लिहाज से नए मौके के रूप में देखा जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि यह इलाका बायोडायवर्सिटी के मामले में बेहद समृद्ध है. मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने इस योजना को लेकर केंद्र सरकार से सहयोग मांगा है. इसके लिए पर्यटन, ऊर्जा, जल शक्ति, पोत परिवहन और पूर्वोत्तर विकास जैसे मंत्रालयों से तकनीकी मदद लेने की बात कही गई है, ताकि प्रोजेक्ट को एक समग्र तरीके से आगे बढ़ाया जा सके.

क्यों है यह खास?
दरअसल, इस परियोजना को खास बनाता है इसका मल्टीडाइमेंशनल फॉर्मेट. यहां प्रकृति के बीच ठहरने का अनुभव, एडवेंचर गतिविधियां, जल क्रीड़ा, कल्चर और विरासत से जुड़े टूर, मत्स्य पालन के जरिए रोजगार और नदी पर लग्जरी सफर जैसी कई संभावनाएं एक साथ विकसित की जाएंगी. मकसद यह है कि यहां आने वाला हर पर्यटक कुछ अलग महसूस करे.

स्थानीय और जनजातीय समुदायों का रखा गया है ध्यान
इस पूरी योजना में स्थानीय और जनजातीय समुदायों को केंद्र में रखा गया है. उन्हें इस विकास का सिर्फ हिस्सा ही नहीं, बल्कि इसका संरक्षक भी बनाया जाएगा. यही वजह है कि इसे सिर्फ पर्यटन प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि आजीविका बढ़ाने की पहल के तौर पर भी देखा जा रहा है. सरकार को उम्मीद है कि इससे करीब ढाई हजार लोगों को रोजगार मिलेगा और आने वाले समय में हर साल करीब डेढ़ लाख पर्यटक यहां पहुंच सकते हैं. इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार मिलने की संभावना है.

करुणाधाम में भव्य शिवार्चना केन्द्र का हुआ भूमि-पूजन

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करुणाधाम में भव्य शिवार्चना केन्द्र का हुआ भूमि-पूजन

शिवलाय का शिखर होगा 150 फीट ऊँचा
भोपाल : 24 अप्रैल, 2026! करुणाधाम आाश्रम में पीठाधीश्वर गुरुदेव सुदेश शाण्डिल्य महाराज के निर्देशन में भव्य शिवालय शिवार्चना केन्द्र का भूमि-पूजन पूजन-अर्चन एवं विधि-विधान से किया गया। भव्य शिवालय का शिखर 150 फीट ऊँचा होगा। गुरुदेव शांडिल्य महाराज ने बताया कि लगभग 55 हजार वर्गफुट क्षेत्र में बनने वाला शिवालय प्रमुख धार्मिक केन्द्र आस्था, वास्तुकला और साज-सज्जा सहित आधुनिक सुविधाओं के अद्भुत संगम का केन्द्र बनने जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 22 करोड़ होगी, जिसे पूरा करने में करीब 4 वर्ष लगेंगे।

शिवालय का निर्माण राजस्थान के प्रसिद्ध धौलपुर पत्थर से किया जायेगा। इसकी मजबूती और भारतीय स्थापत्य शैली प्राचीनता को दर्शायेगी। शिवालय परिसर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, एक समग्र आध्यात्मिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। परिसर में हरियाली, फाउण्टेन और पार्क का निर्माण भी होगा, जिससे श्रद्धालुओं को शांत और सकारात्मक वातावरण की अनुभूति होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये बेसमेंट पार्किंग की व्यवस्था भीड़ नियंत्रण में सहायक होगी। इसके अलावा परिसर में पुस्तकालय का निर्माण होगा, जिसमें धार्मिक ग्रंथों के साथ अन्य ज्ञानवर्द्धक पुस्तकों का संग्रहण किया जायेगा। मेडिटेशन के लिये विशेष ध्यान कक्ष भी बनाया जा रहा है।

यह पूरी परिकल्पना धार्मिक आस्था को सशक्त बनाने के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास का नया आयाम भी स्थापित करेगी।

PF खाताधारकों के लिए राहत,अब UPI से मिलेगा पैसा

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PF खाताधारकों के लिए राहत,अब UPI से मिलेगा पैसा
अगर आप भी पीएफ (PF) खाताधारक हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। अब पीएफ निकालने के लिए हफ्तों का इंतजार और क्लेम रिजेक्शन का डर खत्म होने वाला है। मई 2026 के अंत तक EPFO UPI के जरिए इंस्टेंट विड्रॉल (Instant Withdrawal) की सुविधा शुरू कर सकता है।

CITES 2.0 सिस्टम से बदलेगी तस्वीर
EPFO अपने नए आधुनिक डिजिटल सिस्टम CITES 2.0 को लागू करने के अंतिम चरण में है। इस तकनीक के आने के बाद पीएफ निकासी की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और तेज हो जाएगी।

लॉगिन: सदस्य अपने UAN के जरिए पोर्टल या ऐप पर लॉगिन करेंगे।
वेरिफिकेशन: केवल एक OTP वेरिफिकेशन के जरिए पहचान पुख्ता होगी।
UPI ट्रांसफर: अपनी UPI ID दर्ज करते ही पैसा सीधे बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा।

अब नहीं निकाल पाएंगे पूरा पैसा
सुविधा के साथ-साथ सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया है। अब कोई भी कर्मचारी अपने पीएफ खाते की पूरी रकम (100%) एक साथ नहीं निकाल पाएगा।

विवरण नया नियम
अधिकतम निकासी (Max Withdrawal) कुल बैलेंस का 75%
न्यूनतम बैलेंस (Min Balance) कुल बैलेंस का 25% खाते में रखना अनिवार्य
सरकार का उद्देश्य
केंद्र सरकार चाहती है कि आपात स्थिति में कर्मचारियों को तुरंत पैसा तो मिले, लेकिन उनकी पूरी जमा पूंजी खत्म न हो। खाते में अनिवार्य रूप से बचने वाला 25% हिस्सा उनके रिटायरमेंट के लिए एक सुरक्षित कवच का काम करेगा।

पीएम मोदी MP को देंगे 2 नई अमृत भारत की सौगात

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पीएम मोदी MP को देंगे 2 नई अमृत भारत की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 28 अप्रैल को मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आ रहे हैं। पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश की अत्याधुनिक और किफायती ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ की दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से एक ट्रेन बनारस से और दूसरी अयोध्या कैंट से संचालित होगी, जो मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण औद्योगिक और धार्मिक शहरों को सीधे उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से जोड़ेंगी।

अयोध्या-लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच पहला रूट
पहला रूट अयोध्या कैंट से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच है, जो जबलपुर और इटारसी होकर गुजरेगा। यात्रा के दौरान प्रयागराज से चलकर यह ट्रेन मानिकपुर, सतना, जबलपुर और इटारसी जंक्शन पहुंचेगी। इसके बाद भुसावल, जलगांव और नासिक होते हुए मुंबई (LTT) तक जाएगी। इस ट्रेन के शुरू होने से जबलपुर और सतना के यात्रियों को अयोध्या और मुंबई के लिए एक तेज विकल्प मिलेगा।

भोपाल-इटारसी को मिलेगी सीधा कनेक्टिविटी
दूसरा रूट बनारस से हडपसर (पुणे) के बीच है। बनारस से शुरू होने वाली यह अमृत भारत एक्सप्रेस मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और इटारसी को सीधा कनेक्टिविटी देगी। बनारस और प्रयागराज के रास्ते यह ट्रेन बीना, रानी कमलापति (भोपाल), नर्मदापुरम और इटारसी पहुंचेगी। इसके बाद यह हरदा, खंडवा और भुसावल होते हुए पुणे के हडपसर स्टेशन तक जाएगी। यह ट्रेन खासतौर पर भोपाल और नर्मदापुरम के उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी जो पुणे या बनारस की यात्रा करते हैं।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
अमृत भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से गैर-वातानुकूलित (Non-AC) ट्रेन है, लेकिन इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए फोल्डेबल स्नैक टेबल, मोबाइल होल्डर, चार्जिंग पॉइंट और आधुनिक शौचालयों के साथ बेहतर कुशन वाली सीटें दी गई हैं।

आजाद भारत में पहली बार बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग

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आजाद भारत में पहली बार बंगाल-तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए मतदान पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आजादी के बाद वोटिंग का ये सबसे ऊंचा ग्राफ है. उन्होंने कहा, ‘आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे ज्यादा पोलिंग परसेंटेज. चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के हर वोटर को सलाम करता है.’

आजादी के बाद सबसे ज्यादा वोटिंग
तमिलनाडु में 84.69% और पश्चिम बंगाल (फेज-I) में 91.78% वोटिंग के साथ, आजादी के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा वोटिंग पार्टिसिपेशन रिकॉर्ड किया गया. इससे पहले, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा वोटिंग पार्टिसिपेशन 78.29% (2011) और पश्चिम बंगाल में 84.72% (2011) था. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों में, वोटिंग में महिलाओं की हिस्सेदारी पुरुषों से ज्यादा है.

‘लोगों ने बिना डर के वोट डाला’
पश्चिम बंगाल के CEO मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा, ‘वोटिंग का पहला चरण आज पूरा हो गया. इसमें 152 विधानसभा सीटें और 45,000 बूथ थे… कुछ जगहों पर अभी भी वोटिंग चल रही है तो कुछ जगहों पर कागजी कार्रवाई हो रही है और EVM को सील किया जा रहा है. इन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में भेजा जाएगा.’ उन्होंने कहा, ‘लोगों ने बिना किसी डर के वोट डाला. मुझे रिपोर्ट मिली है कि वे व्यवस्थाओं से काफी खुश थे और घटनाएं भी कम हुईं. मैं निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों के लिए सभी राजनीतिक दलों और सभी संबंधित पक्षों को धन्यवाद देना चाहता हूं.’

चुनाव आयोग से जारी आंकड़ों के अनुसार, शाम 6 बजे तक तमिलनाडु में करीब 84.64 फीसदी और पश्चिम बंगाल में लगभग 91.74 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. इन आंकड़ों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इस बार मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया. पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान कई जिलों में 90 फीसदी से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.