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ट्रंप ने ईरान को दी धमकी, इस्लामाबाद में आखिरी दांव

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ट्रंप ने ईरान को दी धमकी, इस्लामाबाद में आखिरी दांव
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कूटनीतिक गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में ईरान को सख्त चेतावनी दी है. रविवार को एक ही बयान में ट्रंप के दो अलग-अलग तेवर देखने को मिले. एक तरफ उन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने की धमकी दी, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत के लिए ‘उचित और तर्कसंगत’ समझौते का प्रस्ताव भी रखा.

सीजफायर के उल्लंघन पर भड़के ट्रंप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपनी बात रखते हुए ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने लिखा, “ईरान ने कल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में गोलियां चलाने का फैसला किया, यह हमारे संघर्षविराम समझौते का पूर्ण उल्लंघन है! उनमें से कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और ब्रिटेन के एक मालवाहक जहाज पर दागी गईं. यह अच्छा नहीं था, है ना?”

इस्लामाबाद में होगी अहम वार्ता
धमकियों के बीच ट्रंप ने कूटनीति का रास्ता खुला रखने का संकेत भी दिया. उन्होंने बताया कि उनके प्रतिनिधि सोमवार (20 अप्रैल) शाम बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं. ट्रंप ने लिखा कि वे वहां एक समझौते के लिए बातचीत करेंगे, जिसे उन्होंने “बहुत ही उचित और तर्कसंगत डील” करार दिया.

ब्लॉकेड और आर्थिक नुकसान का जिक्र
ट्रंप ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका की नाकेबंदी (Blockade) ने इसे पहले ही बंद कर दिया है. ट्रंप के अनुसार, ईरान कह रहा है कि वे रास्ता बंद कर रहे हैं, जो अजीब है क्योंकि हमारे ‘ब्लॉकेड’ ने इसे पहले ही बंद कर रखा है. वे अनजाने में हमारी मदद ही कर रहे हैं. इस रास्ते के बंद होने से ईरान को रोजाना $50 करोड़ का नुकसान हो रहा है, जबकि अमेरिका को कोई नुकसान नहीं है. बल्कि कई जहाज अब तेल भरने के लिए अमेरिका के टेक्सस, लुइसियाना और अलास्का जा रहे हैं.

‘नो मोर मिस्टर नाइस गाय’
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान इस समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो अंजाम बहुत बुरा होगा. उन्होंने लिखा, “मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को उड़ा देगा. अब कोई शराफत नहीं !” ट्रंप ने आगे बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि पिछले 47 वर्षों में अन्य राष्ट्रपतियों ने जो नहीं किया, वह उसे पूरा करना अपना सम्मान समझेंगे. उन्होंने साफ कहा, “ईरान की किलिंग मशीन को खत्म करने का समय आ गया है!”

तनाव और अस्थिर संघर्षविराम
अमेरिका-ईरान के बीच यह सीधा संघर्ष 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के साथ शुरू हुआ था. पिछले से पिछले हफ्ते एक अस्थिर सीजफायर हुआ था, जिससे पहले ट्रंप ने पूरी ईरानी सभ्यता को खत्म करने की धमकी दी थी. पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए दो सप्ताह के संघर्षविराम के तहत ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों को गुजरने देने पर सहमत हुआ था. हालांकि, पिछले सप्ताहांत इस्लामाबाद में हुई पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रही. वर्तमान में स्थिति यह है कि अमेरिका ने अपनी नाकेबंदी जारी रखी है, जबकि ईरान ने अमेरिका पर “विश्वासघात” का आरोप लगाते हुए शनिवार को फिर से प्रतिबंध लागू कर दिए हैं. अब सबकी नजरें सोमवार को इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत पर टिकी हैं.

‘एमपी ई-सेवा’ से डिजिटल गवर्नेंस को मिला सशक्त आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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‘एमपी ई-सेवा’ से डिजिटल गवर्नेंस को मिला सशक्त आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप’ के माध्यम से प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को सशक्त आधार मिला है। इससे नागरिक सेवाएँ अब अधिक सरल, सुगम और सुलभ हुई हैं। डिजिटल तकनीक आज सुशासन की आधारशिला बन चुकी है और प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ते हुए देश में नई पहचान स्थापित कर रहा है। अब प्रदेशवासियों को विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ सहज, त्वरित और पारदर्शी रूप में उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल से सेवा वितरण प्रणाली अधिक जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनी है। साथ ही नागरिकों के समय एवं संसाधनों की बचत सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एकीकृत नागरिक सेवा मंच 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाओं और योजनाओं को एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2026 तक 100 प्रतिशत ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सेंटर फॉर एक्सीलेंस द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म नागरिकों, विभागों एवं सेवाओं को एकीकृत डिजिटल इको-सिस्टम में जोड़ते हुए सुशासन को और अधिक प्रभावी तथा परिणामोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

एकीकृत पोर्टल पर सभी सेवाएँ: प्रक्रिया हुई सरल
एमपी ई-सेवा पोर्टल पर विभिन्न विभागों की 1700 सेवाओं को एकीकृत कर नागरिकों को बार-बार अलग-अलग पोर्टल पर जाने और दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता समाप्त की गई है। नागरिक अब eseva.mp.gov.in और मोबाइल ऐप के माध्यम से पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस ट्रैकिंग और अनुमोदन जैसी सभी सुविधाएँ एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल पर आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र की व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और फेसलेस बनाई गई है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है।

समग्र पोर्टल से एकीकरण: ऑटो-वेरिफिकेशन की सुविधा
‘एमपी ई-सेवा’ को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के समग्र पोर्टल से जोड़ा गया है। प्रत्येक परिवार को 8 अंकीय परिवार आईडी और हर सदस्य को 9 अंकीय सदस्य आईडी दी गई है। इससे ऑटो-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को सक्षम बनाया गया है। इससे पात्रता निर्धारण स्वतः हो जाता है और अनावश्यक देरी व दोहराव समाप्त होता है। पोर्टल की प्रमुख विशेषता ‘ऑटो-फेचिंग डॉक्युमेंट्स’ है, जिससे नागरिकों को बार-बार दस्तावेज़ अपलोड करने की आवश्यकता नहीं रहती।एक बार अपलोड किए गए दस्तावेज आगे की सेवाओं में स्वतः उपलब्ध हो जाते हैं।

सुगम, सुरक्षित एवं नागरिक केंद्रित ‘ऐप-डिज़ाइन’
एमपी ई-सेवा पोर्टल को मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण के साथ विकसित किया गया है। इसमें बहुभाषीय सुविधा के साथ दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष डिज़ाइन किया गया है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के नागरिक आसानी से इसका उपयोग कर सकें। प्लेटफ़ॉर्म पर अब तक 2 लाख 14 हजार से अधिक ट्रांसेक्शन दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 3 हजार 446 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 1 लाख 64 हजार 600 से अधिक ट्रैक/डाउनलोड गतिविधियाँ और 45 हजार 954 समग्र पात्रता जांचें की गई हैं।
डिजिटल गवर्नेंस में प्रदेश की सशक्त उपस्थिति राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण आकलन (एनईएसडीए) 2025 रिपोर्ट में मध्यप्रदेश ने 1752 ई-सेवाओं को मैप कर सभी 56 अनिवार्य विभागीय सेवाओं को 100 प्रतिशत एकीकृत करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। प्रदेश को ‘सायबर तहसील’ के लिए प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार तथा ‘संपदा 2.0’ के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं, जो डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को ओरछा-चंदेरी के लिये “पीएम हेली पर्यटन सेवा” का करेंगे शुभारंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को ओरछा-चंदेरी के लिये “पीएम हेली पर्यटन सेवा” का करेंगे शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रविवार, 19 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे, राजधानी के स्टेट हैंगर से “पीएम हेली पर्यटन सेवा” के अंतर्गत नए सेक्टर (भोपाल-चंदेरी-ओरछा) का विधिवत शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर हेलीकॉप्टर को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे और यात्रियों को बोर्डिंग पास भी प्रदान करेंगे।

धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह नया सेक्टर भोपाल को भगवान राम की राजनगरी ओरछा और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध चंदेरी से जोड़ेगी। इससे श्रद्धालु रामराजा मंदिर में सुगमता से दर्शन के लिये पहुँच सकेंगे और चंदेरी की सांस्कृतिक विरासत व प्रसिद्ध हस्तशिल्प (चंदेरी साड़ी) का अनुभव ले सकेंगे।

एंड टू एंड सेवा का सप्ताह में 5 दिन होगा संचालन
सेक्टर-2 अंतर्गत यह सेवा सप्ताह में 5 दिन (बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार) संचालित होगी। यात्रियों के लिए भोपाल से चंदेरी का किराया ₹5,500 और भोपाल से ओरछा का किराया ₹6,500 निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, ₹14,500 के विशेष पैकेज में टैक्सी, वीआईपी दर्शन और प्रसाद जैसी ‘एंड-टू-एंड’ सुविधाएं भी शामिल हैं। चंदेरी और ओरछा में पर्यटकों के लिए ₹3,500 में ‘जॉय राइड’ की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि
पीपीपी मॉडल पर संचालित इस सेवा में पर्यटकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। गंतव्य पर होटल, भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए गाइड की व्यवस्था भी पूर्व निर्धारित रहेगी। बुकिंग के लिए पर्यटक www.flyola.in और IRCTC पोर्टल पर बुकिंग कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर 2025 के अवसर पर पीएम हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ किया गया था। यह सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्डलाइफ सेक्टर जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर के बीच सफलतापूर्वक संचालित है। इस सेवा का अब तक 2 हजार 648 पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने लाभ लिया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से किया राष्ट्रीय जनगणना कार्य को सफल बनाने का आह्वान

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मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से किया राष्ट्रीय जनगणना कार्य को सफल बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की जनसंख्या के आंकड़े ही केंद्र सरकार द्वारा नीति निर्माण एवं मानव संसाधन के नियोजन का पहला आधार होते हैं। देश की आबादी की गणना के लिए राष्ट्रीय जनगणना-2027 का कार्य आगामी एक मई से आरंभ होने जा रहा है। यह एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसमें सभी का सक्रिय सहयोग बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनता के नाम एक अपील संदेश भी जारी कर आहवान किया है कि प्रदेश के सभी नागरिक अपनी सहभागिता से इस पुनीत राष्ट्रीय कार्य को सम्पन्न कराने में सहयोग दें। संदेश में उन्होंने कहा है कि प्रदेश में एक मई 2026 से प्रारंभ हो रहे जनगणना-2027 के पहले चरण, ‘मकान सूचीकरण एवं गणना’ कार्य एक राष्ट्रीय दायित्व है। राज्य का प्रत्येक नागरिक पूर्ण निष्ठा और सक्रिय सहयोग के साथ इस कार्य को सफल बनाये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जनसामान्य की सुविधा के लिए “स्व-गणना” का विकल्प भी ऑनलाईन उपलब्ध कराया गया है। इसमें कोई भी नागरिक 16 से 30 अप्रैल 2026 के बीच http://se.census.gov.in पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी प्रदेशवासियों की सहभागिता प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। उन्होंने राज्य के प्रत्येक नागरिक से स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करने की अपेक्षा भी की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ के इस अभियान में सभी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक अपने-अपने स्तर पर पूरी निष्ठा, समर्पण, उत्तरदायित्व एवं सहयोग की भावना से इस देशव्यापी राष्ट्रीय अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महापौर मीनल चौबे और महिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा सहित अन्य महिला जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महिला सशक्तीकरण के लिए नारी शक्ति वंदन सम्मेलन और रोड-शो होंगे आयोजित

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महिला सशक्तीकरण के लिए नारी शक्ति वंदन सम्मेलन और रोड-शो होंगे आयोजित
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने महिला सशक्तीकरण के लिए टाउन-हॉल बैठकों, नारी शक्ति वंदन सम्मेलनों और रोड-शोज के आयोजन एवं आवश्यक समन्वय के लिए राज्य के सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने मंत्रालय से सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तीकरण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य शासन द्वारा एक विशेष अल्पकालिक एवं गहन जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। जिला कलेक्टरों के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में ये अभियान संचालित किए जाएंगे।

नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र के माध्यम से इन जन-जागरूकता अभियानों के आयोजन एवं समन्वय के संबंध में सभी निकायों को जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार आवश्यक बुनियादी ढांचा (छाया, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था) और स्थल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है। महिला सशक्तीकरण से संबंधित जन-जागरूकता अभियान के प्रथम चरण में संबंधित निकायों को विशेष सामान्य सभा आहूत कर कार्यक्रम की महत्ता पर विशेष चर्चा एवं संकल्प पारित करने को कहा गया है। राज्य शासन की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं को आमजनों तक पहुंचाने एवं इसके लिए जागरूक करने महिला हितग्राहियों, स्वसहायता समूहों (SHGs) और स्थानीय जमीनी नेटवर्क को सक्रिय कर हितग्राहियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने विभागीय अभिसरण के जरिए जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में विभिन्न योजनाओं के लाभ की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने सभी विभागों से आवश्यक समन्वय स्थापित कर स्टॉल व अन्य उपाय करने के निर्देश निकायों को दिए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य शासन की इस सर्वोच्च प्राथमिकता के अंतर्गत संचालित कार्यो का संपादन कर किए गए कार्यों एवं कार्यवाहियों की जानकारी संचालनालय को भेजना सुनिश्चित करने को कहा है।

MP में एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, 2937 स्थानों पर हुई जांच में 4547 सिलिंडर जब्त

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MP में एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, 2937 स्थानों पर हुई जांच में 4547 सिलिंडर जब्त
एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए की गई कार्रवाई के दौरान अब तक 2937 स्थानों पर जांच की गई, इनमें 4547 एलपीजी सिलिंडर जब्त किए गए तथा 12 मामलों में एफआइआर दर्ज कराई गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के 764 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें दो प्रकरण में एफआइआर दर्ज कराई गई है।

पेट्रोल पंपों की सतत जांच के निर्देश
प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक, अधिकारी एवं आयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध है। मंत्री राजपूत ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पीएनजी पाइपलाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, उस क्षेत्र के उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। इससे उन्हें गैस सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गैस की सतत आपूर्ति होगी। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि किसी तरह का भ्रम नहीं पालें।

दशकों का अंधेरा छंटा -छत्तीसगढ़ के इस गांव में पहली बार पहुँचा राशन, खुशी से झूम उठे आदिवासी

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दशकों का अंधेरा छंटा -छत्तीसगढ़ के इस गांव में पहली बार पहुँचा राशन, खुशी से झूम उठे आदिवासी
बस्तर के अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसे गांव हितुल में विकास की एक ऐसी नई इबारत लिखी गई है, जिसने ग्रामीणों के दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता के फलस्वरूप, अब हितुल के ग्रामीणों को चावल के एक-एक दाने के लिए 30 किलोमीटर का जोखिमभरा पैदल सफर नहीं करना होगा।

ट्रैक्टर की घरघराहट के साथ पहुंची खुशहाली
ओरछा विकासखंड के थुलथुली पंचायत का आश्रित ग्राम हितुल लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा था। सबसे बड़ी चुनौती थी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का लाभ लेना। ग्रामीणों को राशन के लिए ओरछा तक दुर्गम रास्तों से होकर जाना पड़ता था, जो बुजुर्गों और महिलाओं के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था।

कलेक्टर की विशेष पहल से बदली तस्वीर
कलेक्टर नम्रता जैन की विशेष पहल पर प्रशासन ने इस बाधा को पार कर दिखाया। पहली बार दुर्गम रास्तों को चीरते हुए ट्रैक्टरों के माध्यम से राशन सीधे गांव तक पहुँचाया गया। गांव में ही आयोजित ‘चावल उत्सव’ के दौरान जब राशन का वितरण शुरू हुआ, तो ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष और खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के 271 राशन कार्डधारी परिवारों को अब घर बैठे खाद्यान्न मिलेगा। इससे 30 किमी पैदल चलने की मजबूरी और समय की बर्बादी पूरी तरह खत्म हो गई है।

मुख्यधारा से जुड़ता अबूझमाड़
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होने से क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुँच हुई है। जिला खाद्य अधिकारी अलाउद्दीन खान ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल राशन पहुँचाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भौगोलिक चुनौतियाँ विकास के रास्ते में बाधा न बनें। हितुल में राशन की यह ‘दस्तक’ इस बात का प्रमाण है कि अबूझमाड़ अब मुख्यधारा से जुड़ने के लिए तैयार है।

छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट हादसे पर सरकार सख्त, बिलासपुर आयुक्त को मिली जांच की जिम्मेदारी, 30 दिन में मांगी रिपोर्ट

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छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट हादसे पर सरकार सख्त, बिलासपुर आयुक्त को मिली जांच की जिम्मेदारी, 30 दिन में मांगी रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वॉटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

बिलासपुर संभाग आयुक्त को सौंपी गई जिम्मेदारी
घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं।

30 दिनों के भीतर शासन को सौंपनी होगी रिपोर्ट
जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

हादसे को दावत देता MP का इंफ्रास्ट्रक्चर, 45 पुलों की हालत खस्ता

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हादसे को दावत देता MP का इंफ्रास्ट्रक्चर, 45 पुलों की हालत खस्ता
मध्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास के काम तेजी के साथ चल रहे हैं। सरकार पूंजीगत निवेश लगातार बढ़ा रही है, जिसकी सराहना भारत सरकार ने भी की है लेकिन गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कम से कम पुलों के मामले में तो स्थिति ऐसी ही नजर आती है। ग्वालियर में निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर में गर्डर गिर गया तो जबलपुर में दूसरी बार रेलवे ओवर ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ। शिवपुरी के पोहरी में फ्लाईओवर का स्लैब गिरने की घटना पहले सामने आ चुकी है, जिसमें मजदूर घायल हो गए थे लेकिन इंजीनियरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्रदेश के 45 पुल जर्जर श्रेणी में, सर्वे के बाद टेंडर जारी
उधर, प्रदेश में 45 पुल जर्जर की श्रेणी में हैं। प्रदेश में एक के बाद एक पुलों के क्षतिग्रस्त होने के मामले सामने आने पर लोक निर्माण विभाग ने पूरे प्रदेश में सर्वे कराया और उन पुलों को चिह्नित कराया, जहां काम कराना अनिवार्य है। ऐसे 45 पुल चिह्नित हुए। इनके लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए लेकिन पुलों के क्षतिग्रस्त होने की घटना लगातार सामने आ रही हैं। ग्वालियर अंचल में शिवपुरी पोहरी रोड स्थित रेलवे क्रासिंग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर ब्रिज का स्लैब गिर गया था। मजदूर घायल हुए।

लापरवाही के बावजूद इंजीनियरों पर कार्रवाई का अभाव
जांच में यह बात सामने आई कि लापरवाही बरती गई लेकिन इंजीनियर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्वालियर में अलाइनमेंट ठीक करने के दौरान 35 फीट लंबा 110 टन वजनी गर्डर गिर गया। ग्वालियर संभाग में पुलों का काम प्रभारी कार्यपालन यंत्री जोगिंदर यादव देख रहे हैं। इसके पहले दतिया क्षेत्र में अतिवर्षा के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिसकी जांच विभाग ने कराई थी मगर किसी की जिम्मेदारी निर्धारित नहीं हुई। जबकि, भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक (CAG) ने 2023 में प्रस्तुत रिपोर्ट में डिजाइन को लेकर सवाल उठाए थे।

मरम्मत के दौरान ढह गया पुल का हिस्सा
उधर, दिसंबर 2025 में रायसेन स्टेट हाईवे पर बरेली से पिपरिया को जोड़ने वाली सड़क पर ग्राम नयागांव में 50 साल पहले बने पुल का एक हिस्सा ढह गया था। यहां मरम्मत का काम चल रहा था। मलबे में कुछ लोग दब गए थे। यह कोई अकेली घटना नहीं है। भोपाल-जबलपुर मार्ग पर शहपुरा के पास रेलवे क्रासिंग के ऊपर बना ओवर ब्रिज दोबारा क्षतिग्रस्त हो गया। सितंबर में पहली और दूसरी बार फरवरी में इसका दूसरा हिस्सा गिर गया। यह पुल 40 करोड़ की लागत से चार साल पहले बना था। निर्माण कर्ता कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है।

11 जिलों में 45 पुल जर्जर
विभागीय अधिकारियों ने कहना है कि सड़क विकास प्राधिकरण ने प्रदेश के सभी पुलों का सर्वे कराया था। इसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, धार, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, उज्जैन और रीवा में मरम्मत के लिए पुल चिह्नित किए गए। 19 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी मरम्मत के लिए मंजूर कर दी गई लेकिन अभी टेंडर की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हुई है। जबकि, मानसून के आने में तीन माह रह गए हैं।

सात माह में जांच ही पूरी नहीं
उधर, इंजीनियरों पर कार्रवाई को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में 90 डिग्री कोण वाले पुल की चर्चा देशभर में हुई। जांच के बाद सात इंजीनियरों को निलंबित किया गया। आरोप पत्र जारी किए गए। उन्होंने जवाब भी दे दिए लेकिन निष्कर्ष अभी तक कुछ नहीं निकला है। सातों इंजीनियरों को सात माह बिना काम के राजकोष से वेतन दिया जा रहा है।

मरम्मत के लिए टेंडर किए जारी
उधर, विभाग के प्रमुख अभियंता केपीएस राणा का कहना है कि पुलों का निर्माण अलग-अलग एजेंसियां करती हैं। प्रदेश में जर्जर पुल चिह्नित किए जा चुके हैं। मरम्मत के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं।