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संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उच्चतम स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा प्रारंभ किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित कर उन्हें सच्चा और स्थायी सम्मान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। आज मुख्यमंत्री साय और के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय , छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सक्ती हादसे में मृतकों के परिजन को 5 – 5 लाख और घायलों को 50 – 50 हजार रुपए सहायता राशि की घोषणा की

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सक्ती हादसे में मृतकों के परिजन को 5 – 5 लाख और घायलों को 50 – 50 हजार रुपए सहायता राशि की घोषणा की
सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 – 5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 – 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

सम्राट चौधरी कल लेंगे सीएम पद की शपथ, राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा

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सम्राट चौधरी कल लेंगे सीएम पद की शपथ, राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा
सम्राट चौधरी ही बिहार के नए और अगले मुख्यमंत्री होंगे. उनका नाम फाइनल हो गया है. बीजेपी और एनडीए विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया. इसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया. इस दौरान एनडीए घटक दल के सभी नेता मौजूद थे. कल यानी 15 अप्रैल को 10.50 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें सीएम और दो उपमुख्यमंत्री शपथ लेंगे.

जेडीयू कोटे से दो डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव और विजय चौधरी होंगे. इससे पहले सोमवार को राज्यपाल के सचिव ने सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में CM पद खाली हुआ है. पिछले हफ्ते नीतीश ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी. सीएम को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी. कई नाम सामने आए, लेकिन आखिर में मुहर सम्राट चौधरी के नाम पर लगी.

राज्य के 24वें CM
सम्राट बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. सम्राट चौधरी ने मंत्री बनने से लेकर के मुख्यमंत्री बनने तक के सफर में कई मिथक को भी तोड़ दिया है. वह बिहार के दूसरे ऐसे नेता हैं जो पहले डिप्टी सीएम रहे और उसके बाद अब सीएम बने हैं.

बिहार में कर्पूरी ठाकुर अब तक एकमात्र ऐसे नेता रहे हैं जो पहले डिप्टी सीएम रहे और बाद में मुख्यमंत्री बने थे. राज्य में सुशील कुमार मोदी, तार किशोर प्रसाद, विजय कुमार सिन्हा और तेजस्वी यादव के अलावा पहले उपमुख्यमंत्री बनने वाले अनुग्रह नारायण सिंह भी इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए थे. वहीं पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने वाल रेणु देवी भी सीएम नहीं बन सकी थी. सम्राट चौधरी ने अब उस सूची में अपना नाम लिखवा लिया है, जिस सूची में एक अब तक एकमात्र नाम कर्पूरी ठाकुर का था.

पाकिस्तान में वार्ता विफल के बाद ट्रंप ने PM मोदी से फोन पर की बात

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पाकिस्तान में वार्ता विफल के बाद ट्रंप ने PM मोदी से फोन पर की बात
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। इस साल दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी फोन कॉल थी। इससे पहले मार्च के अंत में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने होर्मुज के बंद होने पर चिंता जताई थी। इस वार्ता के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा था कि मुझे राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई। भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। होर्मुज का खुला, सुरक्षित और सुलभ रहना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों के संबंध में संपर्क में रहने पर सहमति जताई।

पीएम मोदी ने बताया किन मुद्दों पर हुई चर्चा
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे मेरे मित्र अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करते समय क्यों PM मोदी हुए भावुक

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करते समय क्यों PM मोदी हुए भावुक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उदघाटन किया. छह लेन वाले 213 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों के बीच का सफर ढाई घंटे का रह जाएगा. पीएम मोदी ने इससे पहले देहरादून में रोड शो किया जिसमें उन्हें देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी.

पीएम मोदी ने लोगों से क्यों मांगी माफी?
पीएम मोदी ने कहा, ‘सबसे पहले तो मैं आप सबसे मांफी मांगता हूं. उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कार्यकम में जुड़े हुए लोगों से भी क्षमा मांगता हूं. मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई. आप लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. मैं निकला तो समय पर ही था, लेकिन करीब-करीब 12 किलोमीटर के रोड शो दौरान इतना उत्साह था कि तेज गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया. धीरे-धीरे बढ़ते हुए लोगों का आशीर्वाद लेते हुए यहां पहुंचने में मुझे 1 घंटे से भी ज्यादा देर हो गई.’

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बड़ी उपलब्धि: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, ‘उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है. आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है. बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा. मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से यह युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है. यह प्रोजेक्ट भी प्रदेश की प्रगति को नई गति देगा.’

पूरे क्षेत्र का हो जाएगा कायाकल्प: पीएम मोदी
उन्होंने कहा, ‘यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं. इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है. यह इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के अलावा नए-नए व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं, गोदामों और फैक्ट्रियों के लिए आधार तैयार करते हैं. दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है.’

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में पावर प्लांट में भीषण हादसा, बॉयलर फटने से 10 लोगों की मौत

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छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में पावर प्लांट में भीषण हादसा, बॉयलर फटने से 10 लोगों की मौत
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में भीषण हादसा हो गया. इसमें 10 लोगों की मौत हो गई. जिला कलेक्टर अमृत और एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि हादसे में 33 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 23 की हालत गंभीर है और उनका इलाज चल रहा है. 10 लोगों की जान गई है, जिनमें से 4 मौके पर ही मृत पाए गए और 6 की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि प्लांट में बॉयलर फटने से बड़ा विस्फोट हुआ जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंची.

यह हादसा दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ, जब कर्मचारी लंच ब्रेक पर थे. शुरुआती जांच के अनुसार, हादसा गर्म पानी ले जाने वाली एक पाइपलाइन के फटने से हुआ, जिससे मौके पर मौजूद मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए. अधिकारियों ने घटना के सही कारण का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं. बचाव अभियान अब समाप्त कर दिया गया है.

प्रभावित मजदूरों को साइट से बाहर निकाला गया
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी प्रभावित मजदूरों को साइट से बाहर निकाल लिया गया है. सूचना मिलते ही कलेक्टर और एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव और राहत कार्यों की निगरानी की. इस बीच, कांग्रेस विधायक राम कुमार यादव ने प्लांट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे और प्रशासन से जवाबदेही की मांग की.

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “यह एक दुखद घटना है, मृतक परिवारों के साथ हमारी संवेदनाएं हैं. जिला प्रशासन घटनास्थल पर मौजूद है और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी हैं. घायलों के बेहतर उपचार के लिए जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इस घटना की जांच की जाएगी, और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पीड़ितों के प्रति जताई संवेदना
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने घटना पर शोक जताते हुए लिखा, ”सक्ती जिले सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट में कई श्रमिकों की असमय मृत्यु और अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की खबर अत्यंत दुखद है. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को उनके चरणों में स्थान मिले और वे इस मुश्किल वक्त में शोक संतप्त परिवारों को शक्ति प्रदान करें. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए, मैं इस दुख की घड़ी में सभी पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.”

संकट की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ- अग्रवाल
छत्तीसगढ़ के मंत्री राजेश अग्रवाल ने लिखा, ”सक्ती के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में श्रमिकों के निधन और घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें. संकट की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं.”

वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता क्या बोले?
वेदांता पावर प्लांट के प्रवक्ता की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने कहा, ”14 अप्रैल 2026 की दोपहर को हमारे सिंघीतराई प्लांट की एक बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें हमारी उप-कॉन्ट्रैक्टर कंपनी एनजीएसएल (NGSL) के कर्मचारी शामिल थे, जो इस यूनिट का संचालन और रखरखाव करती है. हमारी तत्काल प्राथमिकता प्रभावित सभी लोगों को बेहतर मेडिकल सहायता और इलाज सुनिश्चित करना है.”

उन्होंने आगे कहा, ”हम इस हादसे में जख्मी लोगों को पूरा सहयोग दे रहे हैं. मेडिकल टीम और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. हम घटनाक्रम की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में हैं और अपने साझेदार और संबंधित अधिकारियों के समन्वय से गहन जांच शुरू कर दी गई है. इस मुश्किल समय में हमारी गहरी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं. हम आपसे आग्रह करते हैं कि सत्यापित जानकारी जुटाने तक कृपया सहयोग करें और हमारा साथ दें.”

भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोटि-कोटि नमन

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भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन
भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में श्रद्धेय डॉ. अम्बेडकर जी का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने भारतीय संविधान का निर्माण कर समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की।

नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय भोपाल से की वर्चुअल सहभागिता

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नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय भोपाल से की वर्चुअल सहभागिता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत 21वीं सदी का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रहा है, जो देश की नारी शक्ति को समर्पित है। लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, इसके लिए 16 अप्रैल, 2026 से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है। वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सभी दलों ने सर्वसम्मति से पास कराया था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण देने की बात दशकों से हो रही है। सभी दलों ने इस विचार को अपने-अपने ढंग से आगे बढ़ाया है। अधिनियम को लागू करने के लिए सरकार के प्रयास जारी हैं। इसे लागू करने का कार्य संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो। इस बार भी सभी का सहयोग मिलेगा और संसद की गरिमा नई ऊंचाइयों को छुएगी। महिलाओं के लिये विधानसभा और लोकसभा में अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त होने जा रहा हैं। देश में एक सकारात्मक माहौल बना है। देश की सभी महिलाओं को एक नए युग की बधाई। प्रधानमंत्री मोदी 13 अप्रैल को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियों और उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं ने भाग लिया। इसमें सरकार, शिक्षा जगत, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिनिधि शामिल थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रि-परिषद के सदस्यों के साथ कार्यक्रम में मंत्रालय से वर्चुअली शामिल हुए।

संसद ने सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया जो विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। अब देश भर में महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को ध्यान में रखते हुए 16 अप्रैल को संसद का तीन दिवसीय सत्र आहूत किया गया है।

महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा नारी शक्ति वंदन अधिनियम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रपति से लेकर केन्द्रीय वित्त मंत्री तक महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पंचायती राज संस्थाएं भी देश में महिला नेतृत्व का प्रभावी उदाहरण हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान करेगा। केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। सशक्त भारत के निर्माण में देश की बेटियों की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाना आवश्यक है। भारत विमेन लेड डेवलपमेंट के पथ पर निरंतर अग्रसर है। सरकार महिला सुरक्षा के प्रति भी विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क है। देश की नारी शक्ति ने अपने परिश्रम, साहस और आत्मविश्वास ने नई ऊँचाइयों को छुआ है। अब हमें मिलकर इस शक्ति को नई ऊर्जा देनी है और उनके लिए अवसरों का विस्तार करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने सभागार में उपस्थित महिलाओं से नारी शक्ति वंदन अधिनियम में होने वाली चर्चाओं का गांव-गांव तक विस्तार करने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले के व्यापक प्रचार से देश की हर महिला तक अधिनियम की जानकारियां पहुंचाना है, जिससे वे यह समझ सकें कि गांव की पंचायत से लेकर संसद तक होने वाले निर्णयों में महिलाएं अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकती हैं।

महाविद्यालयों में नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नई दिल्ली से प्रसारित संबोधन के बाद मंत्रालय भोपाल में उपस्थित मंत्रीगण को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुरूप नारी शक्ति वंदन अधिनियम की जानकारी और भावना का विस्तार जन-जन तक करने के लिए प्रदेश में व्यापक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। राज्य सरकार 10 से 25 अप्रैल तक नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा मना रही है। पूरे प्रदेश में वृहद् स्तर पर नारी शक्ति वंदन सम्मेलन होंगे, इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर नारी शक्ति पदयात्रा भी निकल जाएगी। प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में इस दौरान नारी शक्ति वंदन से संबंधित कार्यक्रम विभिन्न स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।

अधिनियम की जानकारी का प्रसार आवश्यक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिला सशक्तिकरण के लिये जन-जन तक जानकारी के विस्तार के लिए सभी दलों, संगठनों और समाज के सभी वर्गों से सहयोग का आहवान किया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री स्तर से सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखा गया है। यह पत्र सांसदगण, विधायकगण, नगरीय निकाय और पंचायत राज संस्थाओं के सभी प्रतिनिधियों को भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य संगठनों को भी पत्र प्रेषित कर महिला नेतृत्व और महिलाओं के प्रतिनिधित्व को विस्तार देने वाले इस अधिनियम की जानकारी का प्रसार करने का आग्रह किया है।

आधी आबादी को भी महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने और देश का नेतृत्व करने के समान अवसर मिलें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों को प्रेषित पत्र में लिखा है कि “16 अप्रैल 2026 से देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अवसर है जब हमारे लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाने का एक महायज्ञ किया जा रहा है।”

उन्होंने लिखा है, “मेरा स्पष्ट मानना है कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब देश और समाज की आधी आबादी को भी महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने और देश का नेतृत्व करने के समान अवसर मिलें। देश के प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में देश की नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है। आज भारत की बेटियां सेना से लेकर स्टार्ट-अप्स और खेल मैदान से अंतरिक्ष तक सफलता का परचम लहरा रही हैं।”

मध्यप्रदेश हमेशा से महिला सशक्तिकरण के मामले में देश के लिए रहा है मॉडल राज्य
“मध्यप्रदेश हमेशा से महिला सशक्तिकरण के मामले में देश के लिए एक मॉडल राज्य साबित होता रहा है। हमारी सरकार ने महिलाओं को प्रदेश के विकास का ‘भागीदार’ माना है। लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों बहनों और बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में है , जिसने पुलिस भर्ती से लेकर शिक्षक भर्ती तक अपनी बेटियों को विशेष अवसर प्रदान किए हैं जिससे वे प्रदेश की शासन व्यवस्था का हिस्सा बन सकें। हमने स्व- सहायता समूहों से जोड़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कमान भी हमारी बहनों के हाथों में दी है।”

शासन में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी होने से जन-विश्वास और अधिक बढ़ेगा
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार का यह प्रयास है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पूरी तरह से देश में लागू हो और यह उचित होगा कि वर्ष 2029 का लोकसभा चुनाव और सभी विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण को पूरी तरह से लागू करने के बाद हों। इससे मध्यप्रदेश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं में भी नई ऊर्जा का संचार होगा। शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित होने से जन-विश्वास और अधिक गहरा होगा।”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दलगत राजनीति से ऊपर उठ, ऐतिहासिक बदलाव का समर्थन करने का किया आहवान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिखा है कि “मैं जनप्रतिनिधियों को यह पत्र इसलिए भी लिख रहा हूँ जिससे हम दलगत राजनीति से ऊपर उठकर, हम सब एक स्वर में इस ऐतिहासिक बदलाव का समर्थन करें। यह अवसर किसी व्यक्ति या दल का नहीं, बल्कि हमारी माताओं-बहनों और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य का है”। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दिशा में सभी के सकारात्मक भूमिका निभाने का विश्वास व्यक्त करते हुए प्रदेशवासियों से नारी शक्ति के गौरव को और बढ़ाने तथा लोकतंत्र की महान परम्परा को जीवंत बनाए रखने में सहयोग देने का आहवान किया है।

मंत्रालय भोपाल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, महिला एवं बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सामाजिक न्याय मंत्री नारायणसिंह कुशवाहा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मती कृष्णा गौर, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार उपस्थित थे।

बाबा साहेब के विचारों से प्रेरित होकर हम समतामूलक और सशक्त समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री साय

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बाबा साहेब के विचारों से प्रेरित होकर हम समतामूलक और सशक्त समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उन्हें नमन किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर सामाजिक न्याय, समानता और मानव अधिकारों के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया और एक ऐसे भारत की नींव रखी, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा साहेब के आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के अंतिम छोर तक विकास और अवसरों की समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश का हर नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सशक्त बने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़े।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों और मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा एक न्यायपूर्ण, समरस और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

सीएम साय का बड़ा बयान: ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक क्षण, महिलाओं का बढ़ेगा मान

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सीएम साय का बड़ा बयान: ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक क्षण, महिलाओं का बढ़ेगा मान
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि महिला आरक्षण से आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार मिलेगा और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री साय ने सोमवार को यह बात रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन सुनने के बाद कही।

सीएम ने कहा यह एक ऐतिहासिक क्षण है
सीएम साय ने कहा कि यह देश की मातृशक्ति के लिए ऐतिहासिक क्षण है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक समावेशी तथा सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का यह प्रयास नए भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी विकसित भारत की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

महिलाओं की समाज में भूमिका महत्वपूर्ण
सीएम साय ने कहा, “भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर आज तक महिलाओं की भूमिका समाज के निर्माण और विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हमारी ‘डबल इंजन’ सरकार की योजनाओं ने इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ में और मजबूत किया है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।”

महिलाओं की सशक्तिकरण को प्राथमिकता
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई कदम उठाए गए हैं। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है और इसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। वहीं ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बना रही है।