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’20 साल वहां रहे, अब यहीं रहेंगे’ – नीतीश कुमार

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’20 साल वहां रहे, अब यहीं रहेंगे’ – नीतीश कुमार
बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के लिए शपथ लेने के लिए दिल्ली गुरुवार को आ गए हैं. शपथ लेने से पहले नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमने तय कर लिया है. यहां रहेंगे, वहां वाला छोड़ेंगे फिर उसके बाद यही रहेगा. हम उसी (शपथ) के लिए आए हैं, कल सबेरे जा रहे हैं. वहां सब छोड़ देंगे. 20 साल वहां रहे हैं, अब हम यहीं रहेंगे.

RCB के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने 15 गेंद में ठोकी फिफ्टी

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RCB के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने 15 गेंद में ठोकी फिफ्टी
वैभव सूर्यवंशी क्या गजब खिलाड़ी है, जिसने विश्व भर के गेंदबाजों में अपने नाम का खौफ बना दिया है. अब उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में अपनी सबसे तेज फिफ्टी लगा दी है. शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ मैच में उन्होंने 15 गेंदों में पचासा ठोका. अर्धशतक पूरा करने तक उन्होंने अपनी तूफानी पारी में 7 चौके और 4 छक्के लगाए.

वैभव ने लगाई सबसे तेज फिफ्टी
वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपनी व्यक्तिगत सबसे तेज फिफ्टी लगाई है. वैसे आईपीएल का सबसे तेज अर्धशतक यशस्वी जायसवाल के नाम है, जिन्होंने 2023 सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 13 गेंद में फिफ्टी पूरी की थी. वैभव ने अब 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया है, जो व्यक्तिगत रूप से उनकी सबसे तेज फिफ्टी है और आईपीएल इतिहास की तीसरी सबसे तेज फिफ्टी है. वैभव ने इसी सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ भी 15 गेंद में अर्धशतक पूरा कर लिया था.

IPL में सबसे तेज फिफ्टी (भारतीय बल्लेबाज)
13 गेंद – यशस्वी जायसवाल
14 गेंद – केएल राहुल
15 गेंद – यूसुफ पठान
15 गेंद – वैभव सूर्यवंशी
राजस्थान का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर
वैभव सूर्यवंशी की तूफानी अर्धशतकीय पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने अपना सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर बनाया. राजस्थान ने पहले 6 ओवरों में एक विकेट खोकार 97 रन बनाए, जो पावरप्ले में राजस्थान टीम का सबसे बड़ा स्कोर है. पावरप्ले में सबसे बड़ा स्कोर सनराइजर्स हैदराबाद के नाम है, जिसने 6 ओवरों में ही 125 रन बनाए हुए हैं. दूसरा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर भी हैदराबाद के ही नाम है, जिसने 107 रन बनाए थे. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स भी पावरप्ले में 100 से बड़ा स्कोर बना चुके हैं.

125 रन – सनराइजर्स हैदराबाद
107 रन – सनराइजर्स हैदराबाद
105 रन – कोलकाता नाइट राइडर्स
100 रन – चेन्नई सुपर किंग्स
97 रन – राजस्थान रॉयल्स

कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है श्रीमद्भागवत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है मद्भागवत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर परिसर में आयोजित मद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही मद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने राम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने मद्भागवत कथा में भगवान कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि मद्भागवत कथा का आयोजन राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।

मानव जीवन दुर्लभ, सेवा से ही सार्थकता : मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

रामलला दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालुओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

धार्मिक संरक्षण और गौसेवा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक पुरंदर मिश्रा, हिमांशु द्विवेदी, सुनील रामदास अग्रवाल सहित मद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्म जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पद्म जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के संगम से सशक्त होगा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य मॉडल: मुख्यमंत्री साय

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आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक औषधीय ज्ञान के संगम से सशक्त होगा छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य मॉडल: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहली बार आयोजित इस एकदिवसीय सम्मेलन के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों का व्यापक आदान-प्रदान होगा, जो आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मंच से निकले विचार न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज तथा एक होम्योपैथी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं और इसी दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलना उनके लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ग्रामीणों को कर्ज लेने या जमीन बेचने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां, जो पहले सीमित वर्ग तक मानी जाती थीं, अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा “आरोग्य मंदिर” जैसी पहल की जा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो औषधीय पौधों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इसी संदर्भ में उन्होंने हेमचंद मांझी को आयुर्वेद के क्षेत्र में पद्म सम्मान मिलने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पास कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में रायपुर में एक दर्जन से अधिक निजी अस्पतालों का शुभारंभ किया गया है।

भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला जैसे महान शिक्षा केंद्रों का धनी रहा है और चिकित्सा व अध्यात्म दोनों क्षेत्रों में विश्व गुरु के रूप में स्थापित रहा है। आयुर्वेद को ऋग्वेद का उपवेद बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” का भाव सदैव विद्यमान रहा है।

कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तीन प्रकार के टीकों का विकास कर न केवल अपने 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि अन्य देशों की भी सहायता कर वैश्विक स्तर पर मानवता का परिचय दिया।

मुख्यमंत्री साय ने चिकित्सकों को समाज में भगवान के बाद सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताते हुए उनसे सेवा भाव के साथ संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त करेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आम जनता तक पहुंचेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र की अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नवाचार के तहत हिंदी माध्यम की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। उन्होंने चिकित्सकों से सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5 नए मेडिकल कॉलेज, 14 नर्सिंग कॉलेज और 2 मानसिक अस्पताल सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है तथा 275 अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 13 अप्रैल से सुकमा में मुख्यमंत्री बस्तर स्वास्थ्य योजना के तहत 36 लाख लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग और आयुष्मान कार्ड निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की दिशा में अग्रसर होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव आयुष मंत्रालय को भेजे जाएंगे और यह आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में प्रेरक भूमिका निभाएगा। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर विधायक इंद्र कुमार साहू, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, भारतीय स्वास्थ्य विद्यापीठ के अध्यक्ष डॉ. राजीव सूद तथा आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

‘धुरंधर 2’ के आंधी में ‘डकैत’ ने मारी बाजी

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‘धुरंधर 2’ के आंधी में ‘डकैत’ ने मारी बाजी
आदित्य धर की स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर 2 द रिवेंज’ का जलवा अभी बॉक्स ऑफिस पर कम हो पाता, उससे पहले रोमांटिक एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘डकैत एक प्रेम कथा’ को रिलीज किया गया है. मूवी को सिनेमाघरों में आते ही बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है. इसने रणवीर सिंह की फिल्म को कड़ी टक्कर देते हुए जबरदस्त ओपनिंग कर ली है. ऐसे में चलिए बताते हैं किसने कितनी कमाई और ऑक्यूपेंसी रही.

शैनेल देव के निर्देशन में बनी अदिवी सेष और मृणाल ठाकुर की फिल्म ‘डकैत’ को 10 अप्रैल को रिलीज किया गया. फिल्म में अनुराग कश्यप, प्रकाश राज, अतुल कुलकर्णी और सुनील जैसे कलाकार अहम रोल में हैं. ‘डकैत’ ने ‘धुरंधर 2’ की आंधी के बीच पहले दिन कमाल की कमाई की है. जहां इसके आगे कोई भी फिल्म टिक नहीं पा रही थी वहीं, अदिवी सेष की फिल्म ने शानदार शुरुआत की है.

‘डकैत’ की पहले दिन की कमाई
सैकनिल्क की रिपोर्ट की मानें तो ‘डकैत’ ने पहले दिन 5.10 करोड़ का बिजनेस कर लिया है. फिल्म ने ‘धुरंधर 2’ को कड़ी टक्कर दी है. रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ने 23वें दिन 5.70 करोड़ की कमाई अभी तक कर ली है. आदित्य की फिल्म के क्रेज के लिहाज से ‘डकैत’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की है.

‘धुरंधर 2’ से ज्यादा रही ‘डकैत’ की ऑक्यूपेंसी

– फिल्म ‘धुरंधर 2’ से ‘डकैत’ की ऑक्यूपेंसी ज्यादा रही है. सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, आदित्य धर की फिल्म की ऑक्योपेंसी 13.2 प्रतिशत रही.

– जबकि अदिवी सेष और मृणाल ठाकुर की फिल्म ‘डकैत’ की ऑक्यूपेंसी दोगुनी 25.9 प्रतिशत रही. ये आंकड़े 10 अप्रैल रात 10.30 बजे तक के हैं.

फिल्म बॉक्स ऑफिस ऑक्यूपेंसी
डकैत (ओपनिंग डे कलेक्शन) 5.10 करोड़ 25.9%
धुरंधर 2 (23वें दिन का कलेक्शन) 5.70 करोड़ 13.2%
तेलुगु में दिखा ‘डकैत’ का दबदबा

सैकनिल्क के अनुसार, ‘डकैत’ का बोलबाला तेलुगु में ज्यादा देखने के लिए मिला है. फिल्म ने हिंदी में 70 लाख का कलेक्शन किया तो वहीं, तेलुगु में 4.40 करोड़ (41 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी) का बिजनेस करने में सफल रही. वहीं, इसके मुकाबले ‘धुरंधर 2’ हिंदी में 23 दिन बाद भी अच्छी कमाई कर रही है. इसने हिंदी में 5.50 करोड़ (13 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी), तमिल 0.07 करोड़, कन्नड़ 0.03 करोड़, मलयालम में 0.01 करोड़ और तेलुगु में 0.09 करोड़ का बिजनेस किया.

कैसी है ‘डकैत’ की कहानी?

बहरहाल, अगर अदिवी सेष की फिल्म ‘डकैत’ की कहानी के बारे में बात करें तो ये एक रोमांटिक एक्शन थ्रिलर फिल्म है, जिसमें हरी और जूलियट की मॉर्डन लव स्टोरी देखने के लिए मिलती है. इसकी कहानी रेग्यूलर लव स्टोरी के जैसे नहीं है. इसमें कई ट्विस्ट और टर्निंग पॉइंट्स देखने के लिए मिलते हैं, जो कमाल के होते हैं. फिल्म की कहानी दर्शकों को बांधे रखती है.

ममता के गढ़ में BJP का मास्टरस्ट्रोक: ₹3000 बेरोजगारी भत्ता और UCC की डेडलाइन तय, संकल्प पत्र जारी

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ममता के गढ़ में BJP का मास्टरस्ट्रोक: ₹3000 बेरोजगारी भत्ता और UCC की डेडलाइन तय, संकल्प पत्र जारी
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को बंगाल के लिए संकल्प जारी किया है, जिसे पार्टी ने भरोसे का शपथ पत्र नाम दिया गया है. संकल्प पत्र जारी करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए विश्वास का दस्तावेज है और इसमें जनता से जुड़े अहम वादे शामिल किए गए हैं. अमित शाह ने कहा कि संकल्प पत्र लोगों को नया मार्ग दिखाएगा. बेरोजगार युवा और भय से त्रस्त महिलाओं को हिम्मत देगा. ये लोगों को नई आशा और भरोसा देगा. ये पत्र पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत का रोड मैप भी दिखाएगा और लोगों को निराशा से निकलने का रास्ता दिखाएगा.

BJP ने संकल्प पत्र जारी करने के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार डर के माहौल में काम कर रही है.

BJP के संकल्प पत्र की बड़ी बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि बंगाल में सरकार बनने पर BJP घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाएगी और जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी. इसके तहत घुसपैठियों की पहचान करना, उनका नाम हटाना और उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी. यानी डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट.

अमित शाह ने कहा कि राज्य के सभी सरकारी पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता यानी डीए सुनिश्चित किया जाएगा.
सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा.
अमित शाह ने कहा कि हमारी सरकार बनने पर महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने 3 हजार रुपये दिए जाएंगे, ताकि उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके.
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान योजना लागू की जाएगी, जिससे लोगों को इलाज में राहत मिलेगी.
सरकार बनने के छह महीने के अंदर राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा.
बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3 हजार रुपये का भत्ता दिया जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार मिलने तक आर्थिक मदद मिल सके.
गौ तस्करी को रोकने के लिए बंगाल की सीमाओं को सील किया जाएगा.
75 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया.
गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.
राज्य की बसों में महिलाओं का सफर मुफ्त किया जाएगा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पार्टी की ओर से बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब मन से बदलाव चाहती है और राज्य में परिवर्तन की भावना साफ दिखाई दे रही है. अमित शाह ने कहा कि पिछले 10 सालों में बीजेपी ने एक मजबूत और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाई है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन का उदाहरण पेश किया गया है, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा है. उन्होंने आगे कहा कि भारत, जो पहले कई मामलों में पीछे माना जाता था, आज मोदी सरकार के नेतृत्व में दुनिया के सामने एक मजबूत और आगे बढ़ने वाला देश बनकर उभरा है.

बंगाल की जनता के सामने चार्जशीट- अमित शाह
अमित शाह ने यह भी बताया कि बीजेपी ने पहले ही बंगाल की जनता के सामने एक चार्जशीट रखी थी, जिसमें पिछले 15 सालों की सरकार को लेकर निराशा की बात कही गई थी. अब पार्टी का संकल्प पत्र लोगों के भरोसे का प्रतीक बनेगा और इसमें राज्य को निराशा से बाहर निकालने का पूरा रोडमैप दिया गया है.

कोलकाता के विकास के लिए बीजेपी का काम
बीजेपी ने कोलकाता के विकास को लेकर भी बड़ी योजना पेश की है. पार्टी का लक्ष्य है कि कोलकाता को विश्व स्तर का शहर बनाया जाए. इसके लिए मेट्रो नेटवर्क का पूरा विस्तार किया जाएगा, पुलों को मजबूत करने का समयबद्ध कार्यक्रम चलेगा और बंदरगाहों, खासकर हल्दिया पोर्ट का बड़े स्तर पर विकास किया जाएगा. व्यापार को आसान बनाने के लिए नई नीतियां लाई जाएंगी और सिंडिकेट सिस्टम को खत्म करने का वादा किया गया है.

किसानों के लिए योजनाएं
किसानों के लिए भी योजनाएं बनाई गई हैं, ताकि आलू, धान और आम की खेती करने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. चाय उद्योग को मजबूत करने और चाय बागानों को फिर से बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे. उत्तर बंगाल के विकास पर खास जोर देते हुए वहां IIT, AIIMS, IIM और फैशन डिजाइन जैसे बड़े संस्थान खोलने की बात कही गई है. इसके अलावा वंदे मातरम म्यूजियम और वंदे मातरम मिशन के जरिए बंगाल की संस्कृति को सुरक्षित रखने और बढ़ावा देने की योजना है.

कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी का लक्ष्य
कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी ने कहा है कि टीएमसी सरकार के पूरे कार्यकाल पर श्वेत पत्र लाया जाएगा. इसमें भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और कानून व्यवस्था की स्थिति को सामने रखा जाएगा. राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए एक रिटायर्ड जज की अगुवाई में आयोग बनाया जाएगा. बीजेपी ने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि उनके शासन में भय, भेदभाव और भ्रष्टाचार बढ़ा है. पार्टी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को मजबूत बनाया गया है और उसी मॉडल पर बंगाल को भी आगे बढ़ाया जाएगा. कुल मिलाकर, बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र के जरिए विकास, सुरक्षा, रोजगार और बेहतर शासन का वादा करते हुए चुनावी मुकाबले को और तेज कर दिया है.

बंगाल चुनाव से पहले TMC में हड़कंप, चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को दिया कड़ा अल्टीमेटम

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बंगाल चुनाव से पहले TMC में हड़कंप, चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को दिया कड़ा अल्टीमेटम
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शुक्रवार को बंगाल के नादिया जिले में कृष्णानगर (उत्तर) विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अविनाभ भट्टाचार्य का नामांकन रद्द कर दिया। यह फैसला इस महीने के आखिर में राज्य में होने वाले दो चरणों वाले विधानसभा चुनावों के लिए लिया गया है।

दूसरे उम्मीदवार ने दाखिल किया नामांकन
अविनाभ भट्टाचार्य का नामांकन रद्द होने के बाद, जिले के तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोमनाथ दत्ता, जिन्होंने गुरुवार दोपहर को ही पार्टी के दूसरे उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया था, अब इस विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के मुख्य उम्मीदवार बन गए हैं। कृष्णानगर (उत्तर) विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर ने ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951’ की धारा 9A के तहत भट्टाचार्य का नामांकन रद्द कर दिया। इसका कारण पश्चिम बंगाल सरकार के साथ उनके व्यावसायिक समझौते से जुड़ी कुछ कानूनी पेचीदगियां थीं।

चुनाव आयोग ने क्यों रद्द किया नामांकन
नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति तब तक चुनाव नहीं लड़ सकता, जब तक वह सीधे तौर पर किसी सरकारी नौकरी में शामिल हो या उसके किसी सरकार के साथ व्यावसायिक हित जुड़े हों। भट्टाचार्य के मामले में, ECI ने यह पाया कि राज्य सरकार के ठेकेदार के तौर पर उनकी संलिप्तता और व्यावसायिक हितों के चलते, वे किसी भी चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सकते थे।

नामांकन रद्द होने के बाद भट्टाचार्य ने तोड़ी चुप्पी
भट्टाचार्य ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि वे अपनी पार्टी के नेतृत्व द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर ही आगे कदम उठाएंगे। कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस घटनाक्रम की पुष्टि की और कहा कि कृष्णानगर (उत्तर) विधानसभा सीट से अब सोमनाथ दत्ता ही पार्टी के नए उम्मीदवार होंगे।

तृणमूल कांग्रेस को भी इस बात का अंदेशा था कि भट्टाचार्य के साथ कुछ ऐसा हो सकता है; इसीलिए गुरुवार को नामांकन दाखिल करने के आखिरी घंटों में सोमनाथ दत्ता ने पार्टी के दूसरे उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया था।

अब, भट्टाचार्य का नामांकन रद्द होने के बाद, कृष्णानगर (उत्तर) विधानसभा सीट से सोमनाथ दत्ता ही तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार होंगे।

हरदीप पुरी का कतर दौरा सफल: सीक्रेट मीटिंग में तय हुआ भारत का ‘एनर्जी बैकअप’, संकट में भी सुरक्षित रहेगी रसोई

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हरदीप पुरी का कतर दौरा सफल: सीक्रेट मीटिंग में तय हुआ भारत का ‘एनर्जी बैकअप’, संकट में भी सुरक्षित रहेगी रसोई
मिडिल ईस्ट के तनाव की वजह से तेल और गैस को लेकर दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है। हालांकि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान हो गया है। ईरान दावा कर रहा है कि इजरायल लगातार शांति समझौता तोड़ रहा है। इसी बीच भारत के तेल और गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी दो दिन के लिए दोहा पहुंचे है। हरदीप सिंह ने कतर के ऊर्जा राज्य मंत्री और QatarEnergy के CEO साद शेरिदा अल-काबी से मुलाकात की। इस दौरान हरदीप सिंह पुरी ने द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत की है। माना जा रहा है दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है। हालांकि अभी तक इनकी डील के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

हरदीप सिंह ने सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट
केंद्रीय मंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर एक पोस्ट कर इसके बारे में बताया है। उन्होंने लिखा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें उच्च-स्तरीय बातचीत, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संस्कृति और लोगों से लोगों के बीच संबंध शामिल हैं। इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई गई। हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने के लिए तत्पर हैं।

कतर ने दिया ‘भरोसेमंद दोस्त’ का साथ
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि कतर के मंत्री ने यह भरोसा दिलाया कि दोहा एक भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बना रहेगा और भारत के साथ ऊर्जा संबंधों और सहयोग को जारी रखने तथा उन्हें और मज़बूत करने के लिए तत्पर है।

एकजुटता और समर्थन का दिया संदेश
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह ने लिखा, ‘कतर की अपनी दो-दिवसीय यात्रा के दौरान दोहा में कतर के ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और QatarEnergy के प्रेसिडेंट और CEO साद शेरिदा अल-काबी से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल थानी और साथ ही कतर के PM और विदेश मंत्री, महामहिम शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी को शुभकामनाएं और एकजुटता व समर्थन का संदेश दिया।’

हवाई यात्रियों को बड़ा झटका: युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में फ्लाइट टिकटों के दाम में भारी उछाल

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हवाई यात्रियों को बड़ा झटका: युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में फ्लाइट टिकटों के दाम में भारी उछाल
हवाई सफर करने वालों के लिए गर्मी की छुट्टियों से पहले बड़ा झटका लगा है। अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध (US-Israel-Iran War) के कारण एमपी में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स के दामों ने बड़ी उछाल ली है। ऐसा इसलिए क्योंकि युद्ध की वजह से फ्यूल का प्राइस बढ़ रहा है जिससे ऐरोप्लेन में डालने वाला ईंधन भी महंगा हो गया है। ऐसे में इंदौर एयरपोर्ट से डोमेस्टिक फ्लाइट के किराए में जहां 300 से लेकर करीब 1000 रुपए तक की वृद्धि हुई है, वहीं इंटरनेशनल उड़ानों के टिकट 2500 से लेकर 26 हजार तक महंगे हो गए हैं। ऐसे में छुट्टियों में घूमने का प्लान बना रहे यात्रियों का बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है।

फ्यूल प्राइस बढ़ने के कारण बढ़े दाम, यात्री परेशान
ट्रैवल एजेंट के मुताबिक एयरलाइंस कंपनियों ने अलग-अलग रूट्स और दूरी के हिसाब से किराए में बदलाव किया है। 400 रुपए तो बेसिक फेयर में जुड़े हैं, इसके साथ ही किलोमीटर के हिसाब से भी किराया बड़ा है। डोमेस्टिक उड़ानों में बढ़ोतरी सीमित है, लेकिन इंटरनेशनल सेक्टर में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। खासतौर पर लंबी दूरी की फ्लाइट में किराए में भारी उछाल आया है।

फ्यूल प्राइज बढ़ने के चलते एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर यात्रियों पर डाला गया है। यही वजह है कि अब पहले की तुलना में टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही है। ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर फ्यूल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं तो आने वाले समय में किराए और बढ़ सकते हैं।

लोकल डेस्टिनेशन पर जोर
ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए बुकिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन इंटरनेशनल ट्रैवल को लेकर लोग अभी सतर्क नजर आ रहे हैं। पूछताछ तो हो रही है, लेकिन बुकिंग अपेक्षाकृत कम है। वहीं डोमेस्टिक टूरिज्म में अच्छी खासी रफ्तार देखने को मिल रही है। उत्तराखंड, कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट जैसे ठंडे इलाकों के लिए सबसे ज्यादा बुकिंग हो रही है। इसके अलावा साउथ इंडिया के हिल स्टेशन भी यात्रियों की पसंद बने हुए हैं। इंटरनेशनल ट्रैवल की बात करें तो फिलहाल एशियाई देशों की डिमांड ज्यादा है, जहां अपेक्षाकृत कम खर्च में यात्रा संभव है। कुल मिलाकर महंगे होते किराए के बीच लोग अब बजट के हिसाब से डेस्टिनेशन चुनते नजर आ रहे हैं।

इन देशों के लिए फिलहाल ये है हवाई किराया
सार्क देश- 2,405 रुपए
सिंगापुर- 5,550 रुपए
अफ्रीका- 12,026 रुपए
यूरोप- 18,964 रुपए
ऑस्ट्रेलिया- 25,902 रुपए
(किराया ट्रैवल एजेंट के अनुसार)