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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर उज्जैन के बाद अब बाबा विश्वनाथ के धाम में गूंजेगी भारतीय कालगणना

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर उज्जैन के बाद अब बाबा विश्वनाथ के धाम में गूंजेगी भारतीय कालगणना
कालगणना की पावन नगरी और ‘महाकाल’ के केंद्र उज्जैन से निकली भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी जीवंत हो उठी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर, भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाबा काशी विश्वनाथ को अर्पित यह घड़ी भेंट की थी। इसके बाद विक्रम संवत् 2083, वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वितीया (4 अप्रैल, 2026) को इसे मंदिर परिसर में पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। यह मध्यप्रदेश सरकार के उस संकल्प की ओर एक बड़ा कदम है, जिसके तहत देश के सभी ज्योतिर्लिंग और अयोध्या के राम मंदिर में भी वैदिक घड़ी की स्थापना की जानी है।

परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम
उज्जैन के ‘महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ’ द्वारा विकसित यह घड़ी केवल समय बताने वाला यंत्र नहीं, बल्कि भारत के प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान का डिजिटल पुनर्जागरण है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित होती है और एक पूर्ण दिवस को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है। इसकी विशेषता यह है कि यह स्थान-विशिष्ट सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर सटीक समय की गणना करती है। इस घड़ी के माध्यम से श्रद्धालु और युवा पीढ़ी न केवल भारतीय मानक समय (IST) जान सकेंगे, बल्कि पंचांग, तिथि, योग, नक्षत्र, भद्रा स्थिति और ग्रहों के गोचर जैसी सूक्ष्म जानकारियों से भी रूबरू हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अपनी सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के साथ सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह वैदिक घड़ी हमारे गौरवशाली अतीत को वर्तमान से जोड़ते हुए युवाओं को अपनी जड़ों की ओर लौटने की प्रेरणा देगी।

मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन द्वारा भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम विक्रमादित्य वैदिक घड़ी उज्जैन में स्थापित की गई है। यह घड़ी भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पुनर्स्थापित करने का एक अभिनव प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण 29 फरवरी 2024 को फाल्गुन 2080, कृष्ण पक्ष, पंचमी, वरुण मुहूर्त (13वाँ मुहूर्त) में किया गया था।

मिशन रेस्क्यू: CIA की वो एक चाल, जिससे फेल हो गया ईरान का पूरा डिफेंस

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मिशन रेस्क्यू: CIA की वो एक चाल, जिससे फेल हो गया ईरान का पूरा डिफेंस
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के भीतर एक बेहद जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम दिया, जिसमें F-15 लड़ाकू विमान के क्रैश होने के बाद फंसे अमेरिकी अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस मिशन की सबसे बड़ी खासियत रही दुश्मन के इलाके में छिपे अधिकारी का सटीक लोकेशन पता लगाना, जिसमें खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) की अहम भूमिका बताई जा रही है।

कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के क्रैश होने के बाद उसका एक क्रू सदस्य कुछ घंटों में सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन दूसरा सदस्य, जो वेपन्स सिस्टम ऑफिसर (WSO) था, ईरान के इलाके में फंस गया। घायल होने के बावजूद वह लगातार अपनी लोकेशन बदलते हुए गिरफ्तारी से बचता रहा।

CIA को कैसे मिला लोकेशन?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CIA ने इस मिशन में डिसेप्शन कैंपेन यानी भ्रम फैलाने की रणनीति अपनाई। एजेंसी ने ईरान के भीतर यह संदेश फैलाया कि अमेरिकी सेना पहले ही उस अधिकारी को खोज चुकी है और उसे जमीनी रास्ते से बाहर निकाल रही है।

इस रणनीति का असर यह हुआ कि ईरानी बलों का ध्यान दूसरी दिशा में चला गया। इसी बीच CIA ने अपने तकनीकी संसाधनों और निगरानी के जरिए अधिकारी की सटीक लोकेशन ट्रैक कर ली और यह जानकारी सीधे अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) तक पहुंचाई गई।

कमांडो एक्शन और हाई-रिस्क रेस्क्यू
लोकेशन मिलने के बाद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज की टीम को तुरंत एक्टिव किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में एक विशेष कमांडो यूनिट शामिल थी, जिसने भारी फायरिंग के बीच इलाके में प्रवेश किया। बताया जाता है कि रेस्क्यू के दौरान दुश्मन की गतिविधियों को रोकने के लिए सीमित हवाई हमले भी किए गए, ताकि टीम सुरक्षित तरीके से अधिकारी तक पहुंच सके। पूरा ऑपरेशन बेहद खतरनाक हालात में अंजाम दिया गया।

व्हाइट हाउस से नजर रखे थे ट्रंप
इस पूरे मिशन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम की नजर बनी हुई थी। व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम से इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की गई। ट्रंप ने बाद में इस मिशन को ‘सबसे साहसी अभियानों में से एक’ बताते हुए कहा कि अमेरिका अपने किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ता।

BJP स्टार प्रचारक लिस्ट: मोदी, मिथुन और हेमा समेत 40 दिग्गजों के नाम तय

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BJP स्टार प्रचारक लिस्ट: मोदी, मिथुन और हेमा समेत 40 दिग्गजों के नाम तय
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव प्रचार को धार देने के लिए अपने दिग्गज नेताओं और प्रमुख चेहरों की एक लिस्ट जारी की है. भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है. इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों और फिल्म जगत की हस्तियों तक के नाम शामिल हैं.

स्टार प्रचारक की लिस्ट में अमित शाह समेत ये नाम शामिल
भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में नितिन नवीन, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान और अश्विनी वैष्णव शामिल हैं. साथ ही मिथुन चक्रवर्ती, स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी, कंगना रनौत और मनोज तिवारी भी पश्चिम बंगाल में प्रचार करेंगे. इसके अलावा, लियेंडर पेस भी बीजेपी के पक्ष में प्रचार प्रसार करते नजर आएंगे.

योगी अदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस करेंगे चुनाव प्रचार
पार्टी ने हिमंता बिस्वा सरमा, योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, देवेंद्र फडणवीस, मोहन चरण माझी, भूपेंद्र यादव, माणिक साहा, अनुराग ठाकुर, अन्नपूर्णा देवी, अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी को भी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया. सम्राट चौधरी, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, मंगल पांडेय, अमित मालवीय, सामिक भट्टाचार्य, सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, डॉ. सुकांत मजूमदार, शांतनु ठाकुर, राजू बिस्ता, डॉ. जयंता कुमार रॉय, मनोज टिग्गा, और बिजन गोस्वामी जैसे प्रमुख नेता भी इस सूची में शामिल हैं.

राज्य की 292 सीटों पर बीजेपी ने उतारे उम्मीदवार
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 292 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने पहली लिस्ट में 144, दूसरी लिस्ट में 111, तीसरी लिस्ट में 19, चौथी लिस्ट में 13 और पांचवीं लिस्ट में पांच उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. बता दें कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे. पहले चरण में 23 अप्रैल और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी किए जाएंगे. इसे लेकर राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

दुनिया देखेगी वायु सेना की ताकत, युवाओं के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर

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दुनिया देखेगी वायु सेना की ताकत, युवाओं के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर
भारत अब तेजी से आसमान में अपनी ताकत और क्षमता दिखा रहा है, जिससे देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगातार नए मुकाम हासिल कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ते क्षेत्र में युवाओं के लिए कौशल विकास अब सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के शानदार काम के साथ-साथ अब कई नई कंपनियां भी आगे आ रही हैं। इस तेजी से बढ़ते बाजार में का ज्ञान रखने वाले कुशल युवाओं की काफी मांग है। इसलिए, को भी पढ़ाई और व्यावहारिक ट्रेनिंग के नए तरीके विकसित करने होंगे ताकि भारत दुनिया में सबसे आगे रहे।

नए जमाने की तकनीक पर जोर
आज के समय में भारत सिर्फ रॉकेट लॉन्च करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संचार, मौसम और रक्षा के लिए उन्नत उपग्रह बना रहा है। उद्योग जगत के दिग्गजों का स्पष्ट कहना है कि अब सिर्फ किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा। अंतरिक्ष और सैटेलाइट के क्षेत्र में काम करने के लिए व्यावहारिक अनुभव और नई तकनीकों की समझ होना बहुत जरूरी है। कंपनियों को ऐसे युवाओं की तलाश है जो सीधे प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकें।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
स्पेस और सैटेलाइट के क्षेत्र में दुनिया भर में रोजगार की कोई कमी नहीं है, लेकिन कंपनियों के सामने सही टैलेंट का मिलना एक बड़ी चुनौती है। अगर हमारे शिक्षण संस्थान और प्राइवेट कंपनियां मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करें, तो छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही असली काम करने का अनुभव मिल जाएगा। इससे भारत का युवा सीधे नौकरी के लिए तैयार होगा और बेरोजगारी दर में भी कमी आएगी।

स्टार्टअप्स और निजी निवेश की अहम भूमिका
सरकार ने जब से अंतरिक्ष क्षेत्र को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोला है, देश में कई नए और इनोवेटिव स्टार्टअप्स सामने आए हैं। ये कंपनियां न सिर्फ देश में, बल्कि विदेशों से भी भारी निवेश ला रही हैं। इन कंपनियों को तेजी से आगे बढ़ने के लिए ऐसे होनहार लोगों की जरूरत है जो नई सोच रखते हों और अंतरिक्ष विज्ञान में कुछ नया करने का जज्बा रखते हों।

प्रदोष व्रत में एक छोटी-सी चूक कर सकती है पूजा को निष्फल

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प्रदोष व्रत में एक छोटी-सी चूक कर सकती है पूजा को निष्फल
वैशाख माह का पहला प्रदोष व्रत 15 मार्च को किया जाएगा। जब प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ता है, तो इसे बुध प्रदोष कहा जाता है। बुधवार का दिन बुध ग्रह द्वारा शासित है। ऐसे में बुधवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत बुद्धि, वाणी तथा व्यवसाय के क्षेत्र में सफलता प्राप्ति के लिए लाभकारी माना गया है। चलिए जानते हैं कि इस दिन पर आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बुध प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 अप्रैल को देर रात 12 बजकर 12 मिनट पर शुरू हो रही है। यह तिथि 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट तक रहने वाला है। ऐसे में इस दिन पर पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है –

प्रदोष पूजा मुहूर्त – शाम 6 बजकर 47 मिनट से रात 9 बजे तक

इन बातों का रखें खास ख्याल
प्रदोष व्रत के दिन शाम के समय यानी प्रदोष काल में दुबारा पूजा करना अनिवार्य है, इसे न छोड़ें।
भगवान शिव की पूजा के दौरान मन और तन दोनों की पवित्रता का ध्यान रखें।
प्रदोष व्रत में नमक का सेवन न करें।
पूजा में जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें।

इन गलतियों से करें अपना बचाव
अगर प्रदोष व्रत के दिन आप ये गलतियां करते हैं, तो इससे आपको व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
प्रदोष व्रत के दिन व्यक्ति को झूठ बोलने, क्रोध करने, वाद-विवाद करने या किसी का अपमान करने से बचें।
इस दिन पर तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का सेवन नहीं करना चाहिए।
पूजा के दौरान मन में नकारात्मक विचार न लाएं।
प्रदोष व्रत की पूजा में काले रंग के कपड़े पहनने से बचें।
इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।

शिवलिंग पर न चढ़ाएं ये चीजें
प्रदोष व्रत की पूजा में शिवलिंग पर सिंदूर, हल्दी, तुलसी दल और केतकी के फूल अर्पित करने की गलती न करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव जी को सिंदूर, हल्दी, नारियल पानी व टूटे हुए चावल भी अर्पित नहीं करने चाहिए। ऐसा करना बिल्कुल भी शुभ नहीं माना गया, इससे आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

हैट्रिक हार से सहमी चेन्नई,आरसीबी की जीत की ‘दूसरी पारी’

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हैट्रिक हार से सहमी चेन्नई,आरसीबी की जीत की ‘दूसरी पारी’
IPL 2026 के 11वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने चेन्नई सुपर किंग्स को 43 रनों से हराया. CSK ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. हालांकि RCB के बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया, उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए 250 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. ये बेंगलुरु का आईपीएल इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा टोटल है. फिल साल्ट ने 46 रन बनाकर बेंगलुरु को अच्छी शुरुआत दिलाई थी, फिर देवदत्त पडिक्कल ने अर्धशतक जड़ा. रजत पाटीदार (48) और टिम डेविड (70) ने विस्फोटक पारी खेली. लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई के टॉप-आर्डर बल्लेबाजों ने निराश किया, टीम ने कप्तान समेत 3 विकेट 30 रन पर गंवा दिए थे. यही हार की एक बड़ी वजह भी बना. चेन्नई की पूरी टीम 207 पर सिमट गई.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस जीत के साथ अंक तालिका में टॉप पर आ गई है. टीम ने 2 में से 2 मैच जीते हैं. 4 अंकों के साथ टीम का नेट रन रेट +2.501 है. चेन्नई सुपर किंग्स की ये लगातार तीसरी हार है. -2.517 की नेट रन रेट के साथ सीएसके अंक तालिका में सबसे नीचे 10वें स्थान पर है.

CSK का टॉप आर्डर धराशाई, संजू फिर फ्लॉप
251 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स को ओपनर्स से तेज तर्रार शुरुआत चाहिए थी, लेकिन संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ दोनों ने निराश किया. संजू (9) एक बार फिर सस्ते में आउट हो गए, उन्हें जैकब डफी ने आउट किया. डफी ने ही ऋतुराज (7) को भी सस्ते में पवेलियन भेजा. तीसरे नंबर पर आए आयुष म्हात्रे सिर्फ 1 रन बनाकर भुवनेश्वर कुमार का शिकार हुए.

सरफराज खान ने कुछ हद तक लड़ाई लड़ी, उन्होंने 25 गेंदों में 2 छक्के और 8 चौकों की मदद से 50 रन बनाए. लेकिन अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद आउट हो गए, उन्हें क्रुणाल पांड्या ने अपना शिकार बनाया. क्रुणाल की लहराती गेंद पर सरफराज आगे बढ़कर बड़ा शॉट मारना चाहते थे, लेकिन पूरी तरह बीट हुए और जितेश शर्मा ने स्टंप किया. इम्पैक्ट प्लेयर बनकर आए कार्तिक शर्मा को भी क्रुणाल ने सस्ते में आउट किया. कार्तिक ने 3 गेंदें खेलकर 6 रन बनाए.

धुरंधर 2 का महा-धमाका: मात्र 18 दिनों में 1000 करोड़ के क्लब में शामिल

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धुरंधर 2 का महा-धमाका: मात्र 18 दिनों में 1000 करोड़ के क्लब में शामिल
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर 2’ जब से रिलीज हुई है, तभी से लगातार बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर रही है. इस फिल्म ने रिलीज के पहले दिन से रिकॉर्डतोड़ कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है. अब रिलीज के 18 दिन बाद एक बार फिर से इस फिल्म ने इतिहास रच दिया है. ये फिल्म इतने कम ही दिनों में हजार करोड़ फिल्म बन गई है. फिल्म को मिल रहे प्यार को देख लगता है कि ये फिल्म आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस पर और भी ज्यादा तहलका मचाने वाली है.

हजार करोड़ी हुई ‘धुरंधर 2’
फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज के अठारहवें दिन भी रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर डाली है. ट्रेड डाटा बताने वाली वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के अठारहवें दिन रात 10 बजे तक 27.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है. इस कलेक्शन को मिलाने के बाद फिल्म की कुल इंडिया में कमाई 1012 करोड़ रुपये हो गई है. महज 18 दिनों में इंडिया में नेट कलेक्शन 1000 करोड़ के पार करने के बाद इस फिल्म ने ये इतिहास रच दिया है. ये ऐसा करन वाली पहली हिंदी फिल्म बन चुकी है.

शाहरुख-सलमान भी नहीं पहुंच पाए यहां तक
पहले एक समय था जब फिल्मों के लिए इंडिया में 100 करोड़ कमान भी बहुत मुश्किल था. लेकिन अब वो दौर है जब हर दूसरी फिल्म 100 करोड़ का कारोबार तो कर ही रही है. लेकिन इंडिया का नेट कलेक्शन 1000 करोड़ कमाने वाली ‘धुरंधर 2’ पहली फिल्म बन गई है. इससे पहले शाहरुख और सलमान की फिल्में भी इंडिया में नेट कलेक्शन 1000 करोड़ का नहीं कर पाई हैं.

‘बाहुबली 2’ और ‘पुष्पा 2’ को पछाड़ पाएगी?
इससे पहले नेट 1000 करोड़ का कलेक्शन करने वाली फिल्में ‘बाहुबली 2’ और ‘पुष्पा 2’ रही हैं. अब इन दोनों फिल्मों के बाद तीसरे नंबर पर ‘धुरंधर 2’ का नाम शामिल हो गया है. लेकि जिस तरह स ये फिल्म कलेक्शन कर रही है, इसे देख लगता है कि ये इस दोनों फिल्मों को भी पछाड़कर आगे निकल जाएगी. क्योंकि अभी तो फिल्म की रिलीज को एक महीना भी नहीं हुआ है, ऐसे में ये फिल्म अभी तो और भी कलेक्शन करने के लिए तैयार है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के पूर्व विधायक जगेश्वर राम भगत के निधन पर जताया शोक

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के पूर्व विधायक जगेश्वर राम भगत के निधन पर जताया शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ समाजसेवी जगेश्वर राम भगत के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि स्वर्गीय भगत का जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान, सेवा और जनकल्याण के कार्यों के लिए पूर्णतः समर्पित रहा। वे वनवासी कल्याण आश्रम के समर्पित कार्यकर्ता थे। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव जनहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में संबल और धैर्य प्रदान करने की कामना की है।

छत्तीसगढ़ में निषाद समाज का बड़ा फैसला, सगाई के बाद युवक-युवतियों के बात करने पर पाबंदी

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छत्तीसगढ़ में निषाद समाज का बड़ा फैसला, सगाई के बाद युवक-युवतियों के बात करने पर पाबंदी
बदलते दौर के साथ युवक-युवतियों की इंटरनेट मीडिया में सक्रियता समाज में वैवाहिक व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर रही है। संपर्क का सुगम और सहज माध्यम रिश्तों के लिए घातक साबित होने लगा है। इसे रोकने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में निषाद समाज ने वैवाहिक रिश्ते बंधने वाले युगलों पर इंटरनेट मीडिया में आपसी बातचीत पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। समाज के मुखिया और वरिष्ठों ने आज इसका फैसला सुनाया।

निषाद समाज की बैठक हुई
रविवार को राजनांदगांव के कौरिनभांठा वार्ड स्थित भवन में निषाद समाज की बैठक हुई। मुद्दा था इंटरनेट मीडिया के चलते लगातार टूटते वैवाहिक रिश्तों के कारणों पर मंथन और समाधान। पिछले तीन महीनों में ऐसे चार मामले सामने आए, जिनमें रिश्ता तय होने के बाद लड़का-लड़की के बीच इंटरनेट मीडिया में बातचीत शुरू हुई। इसी दौरान दोनों में कई तरह के विवाद हुए और अंततः रिश्ते टूट गए।

ये मामले समाज के सामने लाए गए। लगातार सामने आते मामलों को देखकर अब समाज ने एक राय होकर तय किया कि ऐसे युगल, जिनकी शादी तय हो चुकी है, वे इंटरनेट मीडिया या फोन पर एक-दूसरे से विवाह तक कोई संपर्क नहीं रखेंगे। युगलों की बातचीत सिर्फ स्वजनों की उपस्थिति में ही होगी। इस फैसले के तहत अब ऐसी शिकायत सामने आने पर संबंधितों को दो बार समझाइश दी जाएगी। अगर इसके बाद भी यह जारी रहता है, तो सामाजिक स्तर पर ही कार्रवाई तय की जाएगी।

RTE के तहत प्रवेश की प्रक्रिया में देरी पर HC का कड़ा रुख

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RTE के तहत प्रवेश की प्रक्रिया में देरी पर HC का कड़ा रुख
छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत पहली कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया में हो रही भारी देरी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. प्रदेश में 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक हजारों गरीब बच्चों के आवेदनों का सत्यापन तक नहीं हो पाया है.

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने संवेदनशीलता दिखाते हुए गैर-कार्य दिवस पर विशेष सुनवाई की और मामले में स्वतः संज्ञान लिया. अदालत ने राज्य शासन को इस अव्यवस्था पर फटकार लगाते हुए विस्तृत जवाब तलब किया है.