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राजनांदगांव पुलिस ने हैदराबाद से शेट्टी गैंग के 3 शातिर चोर को किया गिरफ्तार

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राजनांदगांव पुलिस ने हैदराबाद से शेट्टी गैंग के 3 शातिर चोर को किया गिरफ्तार
शहर में एक ही रात में तीन जगह चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले शेट्टी गैंग के तीन आदतन आरोपितों को पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अब भी फरार हैं। आरोपितों के कब्जे से लगभग पांच लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। वारदात में प्रयुक्त चाकू भी पुलिस ने जब्त किया है।

थाना बसंतपुर में बीते 14 मार्च को जीवन-ए कालोनी निवासी प्रार्थिया की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। प्रार्थिया ने बताया था कि देर रात तीन बजे अज्ञात बदमाश घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और डराकर आलमारी में रखे जेवरात पार कर दिए। इसी रात लक्ष्मी नगर से बाइक और बी कालोनी में भी चोरी की घटनाएं सामने आई थीं।

इनको किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों में शशी कुमार (23), शेट्टी विजय (45) और शेट्टी सूर्या (31) शामिल हैं। सभी हैदराबाद के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से चांदी के दिए, कटोरे, बिछिया, कान के टाप्स, कड़ा, बाजूबंद, सोने के टाप्स और लॉकेट समेत अन्य जेवरात बरामद किए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत करीब पांच लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी जब्त किया गया है। पुलिस अन्य फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है।

आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। तीनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

कंगाली दूर करेंगे अक्षय तृतीया के ये गुप्त दान, तिजोरी में नहीं होगी धन की कमी

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कंगाली दूर करेंगे अक्षय तृतीया के ये गुप्त दान, तिजोरी में नहीं होगी धन की कमी
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया की तिथि को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसका मतलब है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ काम या दान का फल कभी समाप्त नहीं होता है। यह पर्व धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष वस्तुओं का गुप्त दान करने से न केवल कंगाली दूर होती है, बल्कि पुराने कर्ज और आर्थिक बाधाओं से भी मुक्ति मिलती है।

करें ये गुप्त दान
जल से भरा कलश – अक्षय तृतीया पर जल का दान सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। किसी प्यासे को पानी पिलाना या किसी मंदिर में मिट्टी का घड़ा दान करने से कुंडली के अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है और घर में बरकत आती है।
सत्तू और गुड़ का दान – गर्मी के मौसम में सत्तू का दान अच्छी सेहत और सौभाग्य दोनों के लिए फलदायी माना गया है। गुप्त रूप से सत्तू और गुड़ का दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और धन के मार्ग में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
मिट्टी के पात्र और पंखा – हाथ से चलने वाले पंखे या मिट्टी के बर्तनों का दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इसके साथ ही कारोबार और करियर में उन्नति के योग बनते हैं।
स्वर्ण या चने की दाल – अगर आप सोना नहीं खरीद सकते, तो सोने के समान फल देने वाली चने की दाल का दान करें। यह बृहस्पति ग्रह को मजबूत करता है, जिससे सुख-समृद्धि बढ़ती है।
जूते-चप्पल और छाता – इस दिन जरूरतमंदों को छाता या चप्पल दान करने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं और अचानक आने वाली विपत्तियों से रक्षा होती है।

दान करते समय रखें इन बातों का ध्यान
दान हमेशा गुप्त होना चाहिए, यानी इसका दिखावा न करें। कहा जाता है कि दाएं हाथ से किए दान का पता बाएं हाथ को भी न चले, तभी वह फलदायी होता है।
दान हमेशा प्रसन्न मन और निस्वार्थ भाव से करें।
तामसिक चीजों का दान न करें।

रणबीर कपूर का डबल शेड्यूल: ‘रामायण’ और ‘लव एंड वॉर’ के बीच फंसा भंसाली का बड़ा प्रोजेक्ट

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रणबीर कपूर का डबल शेड्यूल: ‘रामायण’ और ‘लव एंड वॉर’ के बीच फंसा भंसाली का बड़ा प्रोजेक्ट
बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक संजय लीला भंसाली की मच अवेटेड फिल्म ‘लव एंड वॉर’ इन दिनों अपनी रिलीज डेट को लेकर चर्चा में है। लंबे समय से तैयार हो रही इस भव्य रोमांटिक ड्रामा फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म की शूटिंग शेड्यूल में आई देरी इसकी रिलीज को फिर आगे बढ़ा सकती है।

फिल्म के क्लाइमैक्स सीन की शूटिंग नहीं हुई
बताया जा रहा है कि फिल्म के क्लाइमैक्स की शूटिंग अभी बाकी है और इसमें मुख्य रूप से रणबीर कपूर और विक्की कौशल की मौजूदगी जरूरी है। दोनों कलाकार इन दिनों अपनी-अपनी बड़ी फिल्मों में व्यस्त हैं, जिसकी वजह से ‘लव एंड वॉर’ की शूटिंग तय समय पर पूरी नहीं हो पा रही है।

क्लाइमैक्स शूट बना सबसे बड़ी चुनौती
सूत्रों के अनुसार फिल्म का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। अभिनेत्री आलिया भट्ट अपने हिस्से की शूटिंग पहले ही समाप्त कर चुकी हैं। अब सिर्फ फिल्म का अहम क्लाइमैक्स सीक्वेंस शूट होना बाकी है, जो कहानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लेकिन रणबीर कपूर और विक्की कौशल की व्यस्तता के कारण ये शेड्यूल बार-बार आगे खिसक रहा है। बताया जा रहा है कि अब इस क्लाइमैक्स की शूटिंग 2026 के दूसरे हिस्से में होने की संभावना है।

‘रामायण’ और ‘महावतार’ ने बढ़ाई मुश्किलें
दरअसल, रणबीर कपूर इस समय निर्देशक नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ और इसके अगले भाग की तैयारियों में व्यस्त हैं। इस फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 के मौके पर रिलीज होने वाला है, जिसके बाद इसका प्रमोशनल शेड्यूल भी काफी व्यस्त रहने वाला है।

वहीं दूसरी तरफ विक्की कौशल अपनी आगामी फिल्म ‘महावतार’ के लिए खास तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म में अपने किरदार के लिए उन्हें शारीरिक रूप से विशेष बदलाव करने हैं, जिसके चलते उनका पूरा ध्यान फिलहाल उसी प्रोजेक्ट पर केंद्रित है।

2027 में रिलीज करने का टारगेट
पहले ये फिल्म वैलेंटाइन डे के आसपास रिलीज होने वाली थी, लेकिन प्रोडक्शन में देरी के कारण इसकी रिलीज आगे बढ़ा दी गई। अब खबरें हैं कि फिल्म को 2027 की शुरुआत में रिलीज करने की योजना है। हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं की गई है।

दिलचस्प बात यह भी है कि यह फिल्म रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की संजय लीला भंसाली के साथ दूसरी फिल्म होगी। इससे पहले रणबीर ने उनके साथ ‘सावरिया’ में काम किया था, जबकि आलिया भट्ट ‘गंगुबाई काठियावाड़ी’ में नजर आ चुकी हैं। वहीं विक्की कौशल पहली बार भंसाली के निर्देशन में काम कर रहे हैं, जिससे इस फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

सनराइजर्स हैदराबाद मोहम्मद शमी के खिलाफ 4 ओवर में 10 रन भी नहीं बना पाई

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सनराइजर्स हैदराबाद मोहम्मद शमी के खिलाफ 4 ओवर में 10 रन भी नहीं बना पाई
पिछले एक साल से भारतीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी ने रविवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ गेंदबाजी करने उतरे लखनऊ सुपर जायंट्स के इस तेज गेंदबाज ने ओपनर्स को सस्ते में पवेलियन भेज दिया। शमी ने पहले ही ओवर में अभिषेक शर्मा को बिना खाता खोले आउट किया, तो अगले ओवर में ट्रैविस हेड को भी पवेलियन भेज दिया।

सिराज-दीपक चाहर को छोड़ा पीछे
शमी ने अपने शुरुआती दो ओवर में ही 2 विकेट झटके और इसी के साथ वह पावरप्ले में 2023 से आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज बन गए। इस लिस्ट में टॉप पर ट्रेंट बोल्ट हैं, जिनके नाम 32 विकेट हैं। वहीं, शमी ने भुवनेश्वर कुमार के 25 विकेट के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इस दौरान उन्होंने मोहम्मद सिराज और दीपक चाहर (दोनों 24 विकेट) को पीछे छोड़ दिया।

मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उन्होंने टॉस के समय ही संकेत दे दिया था कि पिच से शुरुआत में मदद मिल सकती है, और शमी के साथ लखनऊ सुपरजायंट्स के गेंदबाजों ने शुरुआती ओवर में इसे सही साबित कर दिया।

4 ओवर में सिर्फ 9 रन दिए
आलम यह रहा कि 10 ओवर तक सनराइजर्स हैदराबाद, जिसे आईपीएल की सबसे खतरनाक बल्लेबाजी लाइनअप में गिना जाता है, 4 विकेट गंवाकर सिर्फ 35 रन ही बना सकी। दोनों ओपनर्स के सस्ते में आउट होने के बाद कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन सिर्फ 1 रन बनाकर प्रिंस यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद लियम लिविंगस्टन भी 14 रन बनाकर आउट हो गए। मोहम्मद शमी ने इस मुकाबले में 4 ओवर में सिर्फ 9 रन खर्च किए और 2 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनका गेंदबाजी इकोनॉमी रेट 2.20 रहा।

खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच भारतीय एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया

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खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच भारतीय एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा सफलतापूर्वक दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुका है। ऐसे समय में जब इस इलाके में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं, यह उपलब्धि भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दरअसल, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़े टकराव के बाद इस समुद्री रास्ते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि ईरान ने इस मार्ग पर सख्ती बढ़ा दी है, जिससे वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर असर पड़ा है। आपको बता दें कि दुनिया के कुल पेट्रोलियम व्यापार का करीब 20 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां कोई भी बाधा सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित करती है।

नौवां जहाज बन गया ग्रीन आशा
इन मुश्किल हालात के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को बनाए रखने के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल जारी रखा है। ग्रीन आशा इस तनाव के बीच होर्मुज पार करने वाला भारत का नौवां जहाज बन गया है। ग्रीन आशा से पहले भी कई भारतीय जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं। इनमें एलपीजी टैंकर “बीडब्ल्यू टीवाईआर” और “बीडब्ल्यू ईएलएम” जैसे जहाज शामिल हैं, जिन्होंने करीब 94,000 टन माल का परिवहन किया। वहीं मार्च के आखिर में पाइन गैस और जग वसंत समेत चार जहाजों ने महज तीन दिनों में 92,600 टन से ज्यादा एलपीजी की सप्लाई की थी।

पहले भी आ चुके हैं कई जहाज
इसी तरह, “एमटी शिवालिक” और एमटी नंदा देवी” ने भी मार्च के मध्य में गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों तक बड़ी मात्रा में एलपीजी पहुंचाई। तेल के मोर्चे पर भी गतिविधियां जारी रहीं। “जग लाडकी” नाम के टैंकर ने यूएई से 80,000 टन से ज्यादा कच्चा तेल भारत लाया, जबकि “जग प्रकाश” ओमान से पेट्रोल लेकर अफ्रीकी बाजारों की ओर रवाना हुआ।हाल ही में एक और जहाज “ग्रीन सानवी” ने भी करीब 46,650 मीट्रिक टन कार्गो के साथ अपनी यात्रा पूरी की है। समुद्री आंकड़ों पर नजर डालें तो इस मार्ग से गुजरने वाले करीब 60 फीसदी जहाजों का सीधा संबंध ईरान से होता है, या तो वे वहां से आ रहे होते हैं या वहीं जा रहे होते हैं। यही वजह है कि यहां बढ़ा तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर असर डाल रहा है।

इमारत ढहने से मातम: सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला, मृतकों के परिवारों को ₹9 लाख और घायलों को ₹2.5 लाख की मदद

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इमारत ढहने से मातम: सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला, मृतकों के परिवारों को ₹9 लाख और घायलों को ₹2.5 लाख की मदद
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा कस्बे में शनिवार शाम एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया. यहां बस स्टैंड के पास स्थित चार मंजिला ‘अग्रवाल लॉज’ की इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई. इस खौफनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 3 हो गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है, साथ ही मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें पिछले 18 घंटे से अधिक समय से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. क्रेन और भारी मशीनों की मदद से रविवार (5 अप्रैल) सुबह करीब 11 बजे मलबे से एक महिला का शव निकाला गया, जिसकी फिलहाल शिनाख्त नहीं हो पाई है. इससे पहले दो रिश्तेदारों के शव बरामद किए गए थे. मलबे से अब तक 5 लोगों को निकाला जा चुका है, जिनमें 3 की मौत हो चुकी है और अन्य घायलों का इलाज जारी है. अभी भी कुछ और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.

CM मोहन यादव ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की. प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये (मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान), 4 लाख रुपये (संबल योजना) और 1 लाख रुपये (रेडक्रॉस) की सहायता राशि दी जाएगी. घायलों को 2 लाख रुपये (मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान) और 50 हजार रुपये (रेडक्रॉस) की राशि दी जाएगी.

क्या रही इमारत गिरने की वजह?
लगभग 10 साल पुरानी अग्रवाल लॉज की इमारत शनिवार शाम 5:30 से 5:50 के बीच एक जोरदार धमाके की आवाज के साथ जमींदोज हो गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, लॉज के ठीक बगल में 20×50 फीट के एक प्लॉट पर निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था. इस गड्ढे में पानी भर जाने के कारण लॉज की नींव कमजोर हो गई, जो हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है. अधिकारियों ने भी माना है कि पास में चल रहे अंडरग्राउंड निर्माण कार्य की वजह से यह हादसा हो सकता है.

मंत्री और प्रशासन मौके पर मुस्तैद, जांच के आदेश
मध्य प्रदेश के मंत्री दिलीप अहीरवार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरा प्रशासन मौके पर तैनात है. जिला कलेक्टर हर्षल पंचोली और पुलिस अधीक्षक (SP) मोती उर रहमान लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन ने घटना के सटीक कारणों और निर्माण या सुरक्षा मानकों में बरती गई किसी भी लापरवाही का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं.

HBSE ने लागू की ‘दो प्रयास’ नीति, छात्रों को मिलेगा सुधार का दूसरा मौका

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HBSE ने लागू की ‘दो प्रयास’ नीति, छात्रों को मिलेगा सुधार का दूसरा मौका
हरियाणा बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (HBSE) ने इस साल छात्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर दी है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब हरियाणा बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करेगा. इसका उद्देश्य छात्रों को अपने नंबर में सुधार करने का दूसरा अवसर देना है. यह नियम सभी सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी और गुरुकुल विद्यापीठ स्ट्रीम के छात्रों पर लागू होगा. बोर्ड के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा के अनुसार, यह कदम छात्रों के शैक्षणिक तनाव को कम करने और उन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार करने का अवसर देने के लिए उठाया गया है.

हरियाणा में दो बार बोर्ड परीक्षाएं देने की आवेदन तारीख
जो छात्र फरवरी-मार्च 2026 सत्र में परीक्षा दे चुके हैं और अपने नंबर से खुश नहीं हैं, वे दूसरी बार परीक्षा देने के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए बोर्ड ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए आवेदन 4 अप्रैल 2026 शुरू कर दिए गए हैं और आवेदन की लास्ट डेट 10 अप्रैल 2026 है. छात्र आवेदन करने के लिए अधकारिकि वेबसाइट bseh.org.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं . छात्र अपनी सुविधा के अनुसार, अधिकतम तीन विषयों में परीक्षा दे सकते हैं. हर विषय का आवेदन शुल्क 1000 है. यह अवसर उन छात्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जो किसी एक या दो विषयों में पीछे रह गए हैं या अपने ग्रेड सुधारना चाहते हैं.

बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल
हरियाणा बोर्ड ने 25 फरवरी से 1 अप्रैल 2026 तक 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आयोजित की थीं. इसके बाद अब कॉपी मूल्यांकन का कार्य तेजी से चल रहा है. 12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन 3 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 और 10वीं की कॉपियों का मूल्यांकन 2 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक का है. मूल्यांकन के लिए अलग-अलग जिलों में केंद्र बनाए गए हैं. 10वीं के लिए 22 जिलों में 75 केंद्र, 6,969 शिक्षक और 12वीं के लिए 52 केंद्र, 5,009 शिक्षक शामिल हैं. बोर्ड ने मूल्यांकन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया है.

HBSE 10वीं और 12वीं रिजल्ट कब आएगा
हरियाणा बोर्ड के अनुसार, 10वीं और 12वीं का रिजल्ट मई के दूसरे हफ्ते तक जारी किया जा सकता है. कॉपी मूल्यांकन पूरा होने के बाद छात्रों के नंबर सीधे बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे. छात्र अपना रिजल्ट देख सकते हैं और डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं.

रिजल्ट कैसे चेक करें
1. छात्र आसानी से अपने रिजल्ट को चेक कर सकते हैं. इसके लिए bseh.org.in पर जाएं.

2. इसके बाद होम पेज पर Haryana Board 10th/12th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें.

3. अब अपना Roll Number और Date of Birth दर्ज करें.

4. वहीं अब आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई देगी.

5.इसे डाउनलोड करके अपने कंप्यूटर या मोबाइल पर सेव कर लें.

ईरान के हमले से अमेरिका को भारी नुकसान, 23 साल बाद दुश्मन ने गिराया फाइटर जेट

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ईरान के हमले से अमेरिका को भारी नुकसान, 23 साल बाद दुश्मन ने गिराया फाइटर जेट
ईरान की तरफ से जंग के दौरान 2 अमेरिकी फाइटर जेट गिराए जाने के बाद एक बार फिर 2003 के इराक युद्ध की याद आने लगी है. उस समय भी अमेरिका ने इराक में सैन्य कार्रवाई की थी, जिसे बाद में एक बड़ी गलती माना गया था. इस बार भी हालात कुछ उसी तरह के दिख रहे हैं, इसलिए दोनों की तुलना की जा रही है. ईरान ने शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को अमेरिका के दो लड़ाकू विमान गिराए. यह पिछले 23 साल में पहली बार है जब किसी युद्ध के दौरान अमेरिकी फाइटर जेट को गिराया गया है. इससे पहले 2003 में इराक युद्ध के दौरान A-10 थंडरबोल्ट II विमान गिराया गया था. यह जानकारी अमेरिका के रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल ह्यूस्टन कैंटवेल ने दी.

इतने साल बाद हुआ यह हमला दिखाता है कि ईरान अब भी मजबूत है और जवाब देने की क्षमता रखता है. यह उस दावे के उलट है जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह रहे थे कि ईरान की ताकत पूरी तरह खत्म कर दी गई है. ट्रंप ने कई बार कहा था कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है, लेकिन ताजा घटनाओं से अलग तस्वीर सामने आ रही है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने एक F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को गिराया. उसमें मौजूद एक क्रू मेंबर को बचा लिया गया, लेकिन दूसरे की तलाश अभी भी जारी है.

ईरानी मीडिया ने क्या किया दावा
ईरानी मीडिया ने यह भी कहा कि एक अमेरिकी A-10 हमला करने वाला विमान भी गिरा, लेकिन उसका पायलट पैराशूट से कूदकर कुवैत में सुरक्षित उतर गया. पिछले 23 सालों में अमेरिका ज्यादातर ऐसे दुश्मनों से लड़ता रहा है जिनके पास मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम नहीं थी, इसलिए उसके विमान गिरने की घटनाएं बहुत कम हुईं. हालांकि, ईरान के पास एक संगठित और मजबूत सेना है, जो ऐसे हमले कर सकती है. हालांकि, रिटायर्ड जनरल कैंटवेल ने यह भी कहा कि अमेरिका की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इतने बड़े युद्ध के बावजूद ज्यादा विमान नहीं गिरे. उन्होंने इसे हैरान करने वाला बताया और कहा कि अमेरिकी विमान रोज खतरे में उड़ान भरते हैं.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड की रिपोर्ट
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस जंग में अब तक 13,000 से ज्यादा मिशन उड़ाए जा चुके हैं और 12,300 से ज्यादा टारगेट पर हमला किया गया है. फिर भी ईरान लगातार जवाब दे रहा है और इजरायल व खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों के आसपास हमले कर रहा है. इससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के पास ज्यादा ताकत है, लेकिन सिर्फ हवाई बढ़त होना और पूरी तरह नियंत्रण होना अलग बात है. उनका कहना है कि अगर किसी देश की एयर डिफेंस सिस्टम कमजोर भी हो जाए तो इसका मतलब यह नहीं कि वह पूरी तरह खत्म हो गया है. यही कारण है कि ईरान अब भी लड़ रहा है और जवाब दे रहा है, जिससे यह जंग और लंबी और खतरनाक हो सकती है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव डोंगला में खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान पर आयोजित सत्र में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव डोंगला में खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान पर आयोजित सत्र में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “महाकाल : द मास्टर ऑफ टाइम” के दूसरे दिन उज्जैन जिले की वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला, डोंगला में ‘’भारत में खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान का वर्तमान और भविष्य” विषय पर आयोजित सत्र में सहभागिता की। सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव, देश की अंतरिक्ष उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत जानकारियों को अत्यंत रोचक बताते हुए भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 जैसी सफलताओं पर देश के वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ युवाओं को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

सत्र में प्रो. अनिल भारद्वाज, निदेशक, फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL), अंतरिक्ष विभाग, अहमदाबाद ने चंद्रयान-3 मिशन की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि “विक्रम लैंडर” की सफल सॉफ्ट लैंडिंग भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि रही। इसके साथ भारत चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में पहुँचने वाला विश्व का पहला देश बना। इस मिशन की सफलता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि “प्रज्ञान रोवर” ने चंद्रमा की सतह पर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अध्ययन किए और इस लैंडिंग स्थल को “शिव शक्ति पॉइंट” नाम दिया गया। साथ ही उन्होंने चंद्रयान-4 (लूनर सैंपल रिटर्न मिशन), चंद्रयान-5 (LUPEX – भारत-जापान संयुक्त मिशन), वीनस ऑर्बिटर मिशन और मंगल लैंडर मिशन और वर्ष 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने की भारत की महत्वाकांक्षी योजनाओं की भी जानकारी दी।

सत्र में डॉ. तरुण पंत, निदेशक, स्पेस फिजिक्स लेबोरेटरी, विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर, तिरुवनंतपुरम ने आयनोस्फियर एवं ऊपरी वायुमंडल की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अंतरिक्ष की गतिविधियाँ पृथ्वी के वातावरण और जलवायु को प्रभावित करती हैं और इनका अध्ययन अंतरिक्ष विज्ञान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान पर हुआ मंथन
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “महाकाल : द मास्टर ऑफ टाइम” के दूसरे दिन आयोजित ‘’खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी में प्रगति’’ एवं ‘’विकसित भारत के लिए स्पेस इकोनॉमी : राष्ट्र की सेवा में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी’’ सत्रों में खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान, राष्ट्रीय सुरक्षा, स्पेस इकोनॉमी और भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक आयाम, विज्ञान-अध्यात्म के समन्वय पर विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए।

अंतरिक्ष तकनीक राष्ट्रीय सुरक्षा का मजबूत आधार
नीति आयोग के सदस्य (विज्ञान) डॉ. वी.के. सारस्वत ने “भारत की रक्षा के लिए अंतरिक्ष आधारित रणनीतियाँ” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरिक्ष तकनीक आज विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। उन्होंने अपने जीवन के प्रारंभिक प्रेरणा स्रोत का उल्लेख करते हुए बताया कि बाल्यकाल में एक सैटेलाइट प्रक्षेपण की खबर ने उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा दी। वैज्ञानिक डॉ. सारस्वत ने कहा कि आधुनिक समय में रक्षा तकनीक तेजी से बदल रही है और पारंपरिक हथियारों से आगे बढ़कर ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणालियाँ विकसित हो रही हैं। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र और स्टार्ट-अप्स की बढ़ती भूमिका को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

विकसित भारत के लिए स्पेस इकोनॉमी की बढ़ती भूमिका
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने स्पेस इकोनॉमी, निजी क्षेत्र की भागीदारी और युवाओं के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ते अवसरों पर चर्चा की। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक न केवल वैज्ञानिक प्रगति बल्कि आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय समय की आवश्यकता
राजा रामन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (आरआरकैट) के पूर्व निदेशक डॉ. शंकर नाखे ने कहा कि विज्ञान और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं और इनके समन्वय से मानव समाज का संतुलित विकास संभव है। उन्होंने कहा कि उज्जैन नगरी महाकालेश्वर मंदिर और कर्क रेखा पर स्थित होने के कारण प्राचीन काल से ही काल गणना और खगोलीय अध्ययन का केंद्र रही है, जो इस सम्मेलन की प्रासंगिकता को और अधिक सार्थक बनाता है। डॉ. नाखे ने रेडियोएक्टिव वेस्ट मैनेजमेंट और लेजर तकनीक जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक विज्ञान का उपयोग चिकित्सा, ऊर्जा और अंतरिक्ष अनुसंधान सहित अनेक क्षेत्रों में हो रहा है। उन्होंने LIGO जैसी वैज्ञानिक परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए आधुनिक विज्ञान की सटीकता और संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने विज्ञान और अध्यात्म के समन्वित दृष्टिकोण से ही एक जागरूक, संतुलित और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव डोंगला में खगोल विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान पर आयोजित सत्र में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सादगी ने जीता वाराणसी के लोगों का दिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार सुबह वाराणसी के राम भंडार में स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया। उनकी सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया। उन्हें अपने बीच पाकर स्थानीय लोगों को यकीन ही नहीं हुआ। लोग उनसे मिलकर उत्साहित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सादगी देख प्रभावित हुए और मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव का काफिला जब एयरपोर्ट की ओर जा रहा था, तभी वे मिंट हाउस स्थित राम भंडार पर अचानक रुक गए। यहां उन्होंने बनारस की मशहूर कचौड़ी, पूरी-राम भाजी ,जलेबी और लस्सी का स्वाद चखा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत के हर प्रांत और शहर की अपनी विशिष्ट खान-पान की शैली होती है , जो वहां की पहचान होती है। स्थानीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

आम जनता के बीच सहज मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहज और सरल व्यवहार ने आम लोगों का दिल जीत लिया। स्थानीय लोगों ने भी उनसे मुलाकात कर खुशी जाहिर की और उनके इस अंदाज की सराहना की। कई लोगों ने उनसे बातचीत भी की। लोगों का कहना था कि डॉ. मोहन यादव से मिलकर ये लगा ही नहीं कि वे किसी मुख्यमंत्री से बात कर रहे हैं।