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आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है – मुख्यमंत्री

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आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, तब उनके पास प्रतिभा थी, और आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका है, जो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है। जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होती, लेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के ‘निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी, जिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच है, जिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस डिजिटल, तकनीकी और उन्नत साधनों से लैस होगी, लेकिन जनता का विश्वास केवल व्यवहार, आचरण और निष्ठा से ही अर्जित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय न्याय, ईमानदारी और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अंत में उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आशाओं और विश्वास के संरक्षक भी हैं।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी उप निरीक्षकों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई है, जो शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों के मन में कानून का भय और आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे।

समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, सुंदर मनीष, जितेन्द्र कुमार वैष्णव, जितेंद्र सिंह राजपूत एवं राकेश वैष्णव—को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, एडीजी दीपांशु काबरा, अकादमी के संचालक अजय यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।

‘हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके’ प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : मुख्यमंत्री साय

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‘हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके’ प्रधानमंत्री का यह सपना छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है साकार : मुख्यमंत्री साय
प्रदेश में हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी से अंबिकापुर–दिल्ली – कोलकाता हवाई सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख शहरों को विमान सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे आमजन को भी सुलभ हवाई यात्रा का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह परिकल्पना रही है कि “हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सके” और छत्तीसगढ़ में यह सपना अब साकार होता दिख रहा है। उन्होंने सरगुजा अंचल के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय सांसद के प्रयासों से यह महत्वपूर्ण सुविधा संभव हो पाई है। राजधानी दिल्ली और कोलकाता से सीधा जुड़ाव होने से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है और हाल ही में बिलासपुर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा भी प्रारंभ हुई है। इसके साथ ही बजट में ‘सीजी वायु’ योजना के माध्यम से घरेलू विमान सेवाओं के सुचारू संचालन का प्रावधान भी किया गया है। रायपुर एयरपोर्ट पर कार्गो सेवा प्रारंभ होने से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि अंबिकापुर (दरिमा) में 72-सीटर विमान के संचालन से दिल्ली–अंबिकापुर–कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश को बड़ी सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर में नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने के साथ-साथ दक्षिण छत्तीसगढ़ में जगदलपुर में भी एयर कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से मंत्री राजेश अग्रवाल एवं सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने भी मुख्यमंत्री को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं।

उल्लेखनीय है कि निर्धारित शेड्यूल के तहत यात्रियों को आने-जाने दोनों दिशाओं में सुविधा उपलब्ध होगी तथा बिलासपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी सुदृढ़ होगी। अम्बिकापुर सरगुजा संभाग का मुख्यालय होने के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ का प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं वाणिज्यिक केंद्र है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा एवं खनिज भंडार से समृद्ध है। साथ ही मैनपाट, तातापानी एवं विविध जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों के कारण यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।
हवाई सेवा के प्रारंभ होने से सरगुजा संभाग सीधे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जुड़ जाएगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध होगा।

एलायंस एयर का फ्लाइट शेड्यूल (सप्ताह में 4 दिन)
विमानन कंपनी एलायंस एयर द्वारा इन उड़ानों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट पर प्रारंभ हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा का विकास केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के अंतर्गत किया गया है। वर्ष 1950 में निर्मित इस हवाई पट्टी का विस्तार कर रनवे को 1500 मीटर से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया, जिससे अब एटीआर जैसे बड़े विमान यहां संचालित हो सकते हैं। माँ महामाया एयरपोर्ट दरिमा, अम्बिकापुर लगभग 365 एकड़ में फैला हुआ है, एयरपोर्ट के सिविल एवं विद्युतीकरण कार्य हेतु राशि रू. 48.25 करोड़ की स्वीकृति दी गई थी, जिससे इस एयरपोर्ट में सभी कार्य डीजीसीए मानक अनुरूप कराया गया है। मां महामाया एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उन्नयन 72 यात्रियों के अनुरूप कराया गया। हवाई अड्डे में लगभग 100 वाहन की पार्किंग की व्यवस्था के साथ टर्मिनल भवन तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराया गया है।

दिल्ली रूट (सोमवार और बुधवार)
सोमवार (फ्लाइट नं. 91613): दिल्ली से बिलासपुर होते हुए सुबह 11:35 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। वापसी में दोपहर 12:00 बजे अम्बिकापुर से सीधे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। बुधवार (फ्लाइट नं. 91614): दिल्ली से सुबह 10:25 बजे अम्बिकापुर आगमन और दोपहर 12:00 बजे बिलासपुर होते हुए दिल्ली प्रस्थान करेगी।

कोलकाता रूट (गुरुवार और शनिवार)
शनिवार (फ्लाइट नं. 91763): कोलकाता से बिलासपुर होते हुए सुबह 10:00 बजे अम्बिकापुर आगमन और 10:25 बजे सीधे कोलकाता प्रस्थान करेगी। गुरुवार (फ्लाइट नं. 91765): कोलकाता से सुबह 08:50 बजे अम्बिकापुर आगमन और 09:15 बजे बिलासपुर होते हुए कोलकाता प्रस्थान करेगी।

जंग और महंगाई के बीच नई आफत: दुनिया के 23 देशों में पहुंचा ‘सिकाडा’ कोरोना

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जंग और महंगाई के बीच नई आफत: दुनिया के 23 देशों में पहुंचा ‘सिकाडा’ कोरोना
भर में कोरोना वायरस का एक नया चेहरा सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। ओमिक्रॉन के इस नए सब-वेरिएंट BA.3.2 को वैज्ञानिकों ने ‘सिकाडा’ (Cicada) नाम दिया है। यह वेरिएंट अब तक दुनिया के 23 देशों में अपनी दस्तक दे चुका है और इसकी सबसे बड़ी चुनौती इसका “अदृश्य” व्यवहार और भारी म्यूटेशन है।

क्यों खास है ‘सिकाडा’ वेरिएंट?
इस नए स्ट्रेन को ‘सिकाडा’ नाम एक खास वजह से दिया गया है। सिकाडा एक ऐसा कीड़ा है जो सालों तक जमीन के नीचे चुपचाप रहता है और अचानक भारी संख्या में बाहर निकलकर शोर मचाता है। ठीक इसी तरह, BA.3.2 वेरिएंट भी लंबे समय तक वैज्ञानिकों की नजरों से बचकर अब अचानक तेजी से फैल रहा है।

बिहार में बनेगा भाजपा का मुख्यमंत्री, JDU से बनेंगे दो डिप्टी CM, 15 अप्रैल तक नई सरकार के गठन की संभावना

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बिहार में बनेगा भाजपा का मुख्यमंत्री, JDU से बनेंगे दो डिप्टी CM, 15 अप्रैल तक नई सरकार के गठन की संभावना
बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफे के बाद राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर NDA में मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, खरमास समाप्त होने के बाद 15 अप्रैल तक नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार आगामी 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। तब तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।

ईरान-US जंग के बीच स्पेन का विद्रोह: अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लिए अपने दरवाजे किए बंद

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ईरान-US जंग के बीच स्पेन का विद्रोह: अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लिए अपने दरवाजे किए बंद
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच स्पेन ने एक फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर से आईना दिखा दिया है। स्पेन ने सोमवार को ईरान पर हमलों में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।

स्पेन का यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह पहले से ही संयुक्त रूप से संचालित अमेरिकी सैन्य अड्डों के इस्तेमाल किए जाने से इनकार कर चुका है। हालिया फैसले को इसी के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।

स्पेन की रक्षा मंत्री ने किया एलान
स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गारीटा रोबल्स ने सोमवार को कहा कि हम ईरान के साथ युद्ध से संबंधित किसी भी कार्रवाई के लिए न तो सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं और न ही हवाई क्षेत्र के उपयोग की। यह कदम पहली बार स्पेनिश अखबार एल पेस में प्रकाशित हुआ था, जिसमें सैन्य सूत्रों का हवाला दिया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिबंध के कारण पश्चिम एशिया में लक्ष्यों की ओर यात्रा करने वाले सैन्य विमानों को नाटो सदस्य स्पेन से होकर गुजरने के बजाय वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ेगा। हालांकि, आपातकालीन स्थितियों में हवाई क्षेत्र बंद करने का यह नियम लागू नहीं होगा।

ईरान संघर्ष पर क्या है स्पेन की सरकार का रुख?
स्पेन के वित्त मंत्री कार्लोस कुएर्पो ने कहा कि यह निर्णय संघर्ष के प्रति स्पेनिश सरकार के व्यापक रुख को दर्शाता है। उन्होंने रेडियो कैडेना सेर को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “यह फैसला स्पेन की सरकार द्वारा पहले से लिए गए उस निर्णय का हिस्सा है कि वह ऐसे युद्ध में भाग नहीं लेगी या योगदान नहीं देगी जो एकतरफा और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ शुरू किया गया था।”

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ईरान पर अमेरिकी और इस्राइली हमलों के सबसे मुखर आलोचकों में से रहे हैं, जिन्होंने इसे लापरवाह और अवैध बताया है। इसके चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संभावित आर्थिक परिणामों की चेतावनी दी थी।

स्पेन से क्यों नाराज हुए ट्रंप?
वॉशिंगटन और मैड्रिड के बीच तनाव तब बढ़ गया, जब स्पेन के पीएम ने ईरान पर हमलों की आलोचना की। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के नेतृत्व वाली स्पेन की वामपंथी सरकार ने दक्षिणी स्पेन में ईरान के खिलाफ अभियान से संबंधित संचालन के लिए संयुक्त रूप से संचालित हवाई और नौसैनिक अड्डों का उपयोग करने से अमेरिकी विमानों को भी रोक दिया था।

बुल पर भारी पड़ी जंग: 1636 अंकों की गिरावट के साथ सेंसेक्स लहूलुहान, निफ्टी ने तोड़ा 22400 का स्तर

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बुल पर भारी पड़ी जंग: 1636 अंकों की गिरावट के साथ सेंसेक्स लहूलुहान, निफ्टी ने तोड़ा 22400 का स्तर
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशकों का मनोबल कमजोर बना रहा। इसके चलते सोमवार को शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 2025-26 वित्तीय वर्ष के अंतिम कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के साथ बंद हुए। एशियाई बाजारों में कमजोर रुझान और विदेशी निधियों की निरंतर निकासी ने भी घरेलू शेयरों में मंदी के रुझान को और बढ़ा दिया। निवेशकों के पोर्टफोलियो में नौ लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज करते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत गिरकर 71,947.55 पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह 1,809.09 अंक या 2.45 प्रतिशत गिरकर 71,774.13 पर पहुंच गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत गिरकर 22,331.40 पर बंद हुआ।

रुपया डॉलर के मुकाबले 94.78 रुपये पर स्थिर हुआ
ईरान से जुड़े बढ़ते युद्ध तनाव के चलते वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल देखने को मिली, जिसका असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा। निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के बीच सोमवार को अंतर-दिवसीय कारोबार के दौरान रुपया पहली बार 95 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया। हालांकि बाद में इसमें हल्की रिकवरी आई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.78 (अस्थायी) पर स्थिर होता दिखा।

सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे बड़े पिछड़ने वालों में शामिल थे। दूसरी ओर, टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड को लाभ हुआ। 2025-26 वित्तीय वर्ष में, बीएसई बेंचमार्क 5,467.37 अंक या 7 प्रतिशत गिर गया, और निफ्टी 1,187.95 अंक या 5 प्रतिशत गिर गया।

यूरोपीय बाजारों में दिखी मामूली तेजी
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक लगभग 3 प्रतिशत गिर गया। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी नीचे बंद हुआ, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक सकारात्मक दायरे में समाप्त हुआ। यूरोप के बाजारों में मामूली तेजी देखी गई।

शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स में 2.15 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.73 प्रतिशत और एसएंडपी 500 में 1.67 प्रतिशत की गिरावट आई।

क्या है विशेषज्ञों की राय?
अनुसंधान विश्लेषक और लिवेलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही, बेंचमार्क सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक गिर गए, जो लगातार वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से प्रेरित गहरी बिकवाली की भावना को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव, कमजोर होते रुपये और भारत की विकास दर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के प्रभाव को लेकर चिंताओं के कारण विदेशी निवेशकों ने मार्च में घरेलू शेयरों से 1.14 लाख करोड़ रुपये (लगभग 12.3 अरब अमेरिकी डॉलर) निकाल लिए हैं, जो अब तक का सबसे खराब मासिक बहिर्वाह है।

ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 115.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 2.18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 115.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,367.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,566.15 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,690.23 अंक या 2.25 प्रतिशत गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 486.85 अंक या 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819.60 पर समाप्त हुआ।

बिना शांति के विकास मुमकिन नहीं, उग्रवाद छोड़ मुख्यधारा में लौटे युवा प्रगति के आधार – पीएम मोदी

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बिना शांति के विकास मुमकिन नहीं, उग्रवाद छोड़ मुख्यधारा में लौटे युवा प्रगति के आधार – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद’ नामक जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत नमो ऐप के माध्यम से असम के पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत की। इस बातचीत में पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के विचार जाने और उन्हें चुनाव में जीत के लिए कड़ी मेहनत का गुरुमंत्र दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने बीते एक दशक में असम में तेज विकास होने की बात भी कही।

‘सिर्फ कागजों पर समझौते करती थी कांग्रेस’
असम में भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए सबसे पहली शर्त शांति है। उन्होंने कहा कि राज्य लंबे समय तक अस्थिता से जूझा है, लेकिन पिछले दशक में चीजें बदल गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूर्वोत्तर में विभिन्न संगठनों के साथ 12 शांति समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों को यह याद दिलाना चाहिए कि कांग्रेस सरकार सिर्फ सुर्खियां बटोरने और लोगों को गुमराह करने के लिए कागजों पर ही समझौते करती थी।

असम ने अस्थिरता का लंबा दौर देखा है’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमने वह दौर देखा है जब असम हिंसा की आग में जल रहा था। असम में लंबे समय तक अस्थिरता रही, लेकिन पिछले दशक में स्थितियां बदली हैं। आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राज्य में नया आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान शांति समझौतों को नजरअंदाज किया गया और युवाओं को भटकने के लिए छोड़ दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस शासन में उग्रवादी और छात्र संगठनों के साथ कोई भी समझौता सफल नहीं हुआ। कांग्रेस ने बोडो समुदाय के साथ विश्वासघात किया।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने शांति स्थापित करने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए काम किया है तथा शांति समझौतों को जमीनी स्तर पर ईमानदारी से लागू किया जा रहा है।

‘लोगों को कांग्रेस का कार्यकाल याद दिलाने की जरूरत’
प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्होंने पहली बार वोट करने जा रहे मतदाताओं को पूर्व की कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल को याद दिलाने की जरूरत है और एक छोटी सी गलती राज्य को पीछे धकेल सकती है। पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा-एनडीए की सरकार की जीत की हैट्रिक के लिए कड़ी मेहनत करने की अपील की।

पार्टी कार्यकर्ताओं से जीत के लिए मेहनत करने की अपील की
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सभी लोग असम में भाजपा-एनडीए सरकार की ‘हैट्रिक’ सुनिश्चित करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, ‘मैं असम भाजपा के कार्यकर्ताओं का स्वागत करता हूं। मैं भी आप की तरह एक कार्यकर्ता हूं। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाती है, मैं उसे निभाता हूं। आज बूथ स्तर पर आपसे संवाद का अवसर मिला है। मुझे पता है कि आप सभी ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ के संकल्प के साथ काम कर रहे हैं।’ उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से राज्य में प्रसारित हो रहे एआई-जनित वीडियो से लोगों को सतर्क करने को भी कहा। 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 2016 से राज्य में सत्ता में है।

‘स्थिर रिश्ता’ है तो आप हैं शादीशुदा! सरकार ने नियमों में किया ऐतिहासिक बदलाव

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‘स्थिर रिश्ता’ है तो आप हैं शादीशुदा! सरकार ने नियमों में किया ऐतिहासिक बदलाव
केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण के लिए 33 महत्वपूर्ण सवाल जारी किए हैं, जिससे लोगों को प्रक्रिया समझने में आसानी हो सके। इसके साथ ही एक FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां नागरिक खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस बार जनगणना में एक अहम बदलाव देखने को मिला है।

व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय, आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब
महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए कहा कि जनगणना अधिनियम में एक महत्वपूर्ण प्रावधान, धारा पंद्रह, शामिल है। यह प्रावधान बताता है कि व्यक्तिगत जानकारी को पूरी तरह गोपनीय माना जाता है। इसे आरटीआई अधिनियम के तहत साझा नहीं किया जा सकता है। इसे अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे किसी अन्य संगठन के साथ साझा भी नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका इस पूरे कार्य में केंद्रीय है। उनकी पूरी प्रशासनिक प्रणाली जमीनी स्तर पर क्षेत्र कार्य करने में लगी हुई है।

लिव-इन कपल्स को शादीशुदा माना जाएगा
सरकार की तरफ से जारी हुए FAQ के अनुसार, अगर कोई लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा जोड़ा अपने संबंध को स्थिर मानता है, तो उसे शादीशुदा जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा। यह स्पष्टीकरण जनगणना के सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर दिए गए एक सवाल के जवाब में सामने आया है।

क्या-क्या पूछे जाएंगे सवाल
पहले चरण में घर और परिवार से जुड़ी कई अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी। इसमें शामिल हैं:-
मकान का नंबर और संरचना
फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल सामग्री
घर की स्थिति और उपयोग
परिवार में रहने वाले लोगों की संख्या
शादीशुदा जोड़ों की संख्या
परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग
खाने की आदतें और इस्तेमाल होने वाले अनाज
वाहन और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता

दो चरणों में होगी जनगणना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनगणना 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें पहली बार जाति गणना भी शामिल होगी। आजादी के बाद यह देश की 16वीं जनगणना होगी और नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया जाएगा।

जनगणना पहले 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। अब इसे दो चरणों में कराया जाएगा…
पहला चरण: अप्रैल से सितंबर 2026 तक मकान सूचीकरण, आवास गणना
दूसरा चरण: फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना
पहली बार पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया
कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब हाथ से चलने वाले उपकरण, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब बेस्ड प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। करीब 32 लाख फील्ड कार्यकर्ताओं (गणनाकार और पर्यवेक्षक) मोबाइल डिवाइस के माध्यम से करोड़ों घरों से जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक आंकड़े एकत्र करेंगे। यह डाटा सीएमएमए प्रणाली के जरिए तुरंत ट्रांसमिट, संकलित और सत्यापित किया जा सकेगा, जिससे त्रुटियों में कमी आएगी और समय की बचत होगी।

रियल-टाइम निगरानी संभव
सर्कुलर के अनुसार, सीएमएमएस के जरिए उपयोगकर्ता निर्माण, प्रशिक्षण मॉड्यूल, हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) का गठन, सुपरवाइजरी सर्किल का निर्धारण, गणनाकर्मियों की नियुक्ति, पहचान पत्र जारी करने और फील्ड ऑपरेशन की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। इसमें कहा गया है कि सीएमएमएस जनगणना क्षेत्र के संचालन की नियुक्तियों, प्रशिक्षण और लगभग वास्तविक समय की निगरानी को सुविधाजनक बनाने के लिए भूमिका-आधारित पहुंच नियंत्रण को भी सक्षम बनाता है।

30 लाख कर्मियों की होगी तैनाती
जनगणना 2027 में करीब 30 लाख फील्ड कर्मचारी लगाए जाएंगे। इनमें एन्यूमरेटर, सुपरवाइजर, मास्टर ट्रेनर और कई तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे। यह जनगणना अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल ऑपरेशन होगा। इस दौरान लगभग 1.02 करोड़ मानव-दिन का रोजगार भी पैदा होगा। फील्ड में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को उनके नियमित काम के अलावा यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और इसके लिए मानदेय भी तय किया गया है।

घर-घर जाकर होगा डिजिटल सर्वे
जनगणना करने वाले गणनाकार (एन्यूमरेटर), जो आमतौर पर सरकारी शिक्षक होते हैं, अपने टैबलेट या मोबाइल ऐप में घर-घर जाकर सभी जानकारी दर्ज करेंगे। हर घर का लोकेशन, सुविधाएं, परिवार के सदस्यों की शिक्षा, भाषा, धर्म, रोजगार, विकलांगता, प्रवासन और अन्य जरूरी विवरण रिकॉर्ड किए जाएंगे। ऐप में डाले जाने वाले डेटा की सुरक्षा के लिए विशेष तकनीकी फीचर जोड़े गए हैं, ताकि कोई डेटा लीक या गड़बड़ी न हो।

लोग खुद भी भर सकेंगे फॉर्म
सरकार इस बार लोगों को स्वयं-गणना यानी सेल्फ इन्यूमरेशन का विकल्प भी देगी। लोग मोबाइल एप या वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद भी भर सकेंगे। इससे प्रक्रिया तेज होगी और सिस्टम का भार कम होगा। जिन लोगों के पास मोबाइल या इंटरनेट नहीं है, उनके लिए फील्ड कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा दर्ज करेंगे।

तीसरी आंख का कमाल: जानिए कैसे UltraEdge और Ball Tracking की मदद से अंपायर पलक झपकते लेते हैं सही फैसला

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तीसरी आंख का कमाल: जानिए कैसे UltraEdge और Ball Tracking की मदद से अंपायर पलक झपकते लेते हैं सही फैसला
आईपीएल 2026 का आगाज हो चुका है और फैंस एक बार फिर चौकों-छक्कों की बरसात देखने को तैयार हैं. लेकिन अब क्रिकेट सिर्फ खिलाड़ियों का खेल नहीं रह गया है मैदान पर हर बड़े फैसले के पीछे एडवांस टेक्नोलॉजी की अहम भूमिका होती है. खासकर LBW, एज और बोल्ड जैसे फैसलों में तकनीक सटीकता और निष्पक्षता सुनिश्चित करती है.

Hawk-Eye
मैच के दौरान सबसे अहम तकनीक Hawk-Eye मानी जाती है. स्टेडियम में लगे कई हाई-स्पीड कैमरे गेंद की हर हरकत को कैप्चर करते हैं. इसके जरिए गेंद की 3D ट्रैजेक्टरी तैयार की जाती है जिससे यह अनुमान लगाया जाता है कि गेंद स्टंप्स पर लगती या नहीं. LBW के मामलों में यह तकनीक थर्ड अंपायर को बेहद स्पष्ट विजुअल्स देती है जिससे सही फैसला लेना आसान हो जाता है.

UltraEdge और Snickometer
जब मामला बेहद करीबी होता है यानी गेंद बल्ले या पैड को हल्के से छूती है तब UltraEdge और Snickometer काम आते हैं. इनमें ऑडियो सेंसर और हाई-स्पीड कैमरे का इस्तेमाल होता है जो सबसे हल्की आवाज या टच को भी पकड़ लेते हैं. स्क्रीन पर ग्राफ के रूप में स्पाइक दिखाई देता है जिससे अंपायर को साफ संकेत मिल जाता है कि एज लगा है या नहीं. यह तकनीक खासतौर पर LBW रिव्यू और कैच आउट के फैसलों में बहुत मददगार होती है.

Smart Stumps
अब स्टंप्स भी स्मार्ट हो चुके हैं. इनमें LED लाइट्स और माइक्रोचिप सेंसर लगे होते हैं जो गेंद लगते ही तुरंत सिग्नल भेज देते हैं. इससे बोल्ड या रनआउट जैसे फैसले तुरंत और बिना किसी गलती के लिए जा सकते हैं. साथ ही यह सिग्नल ब्रॉडकास्ट टीम और थर्ड अंपायर तक रियल टाइम में पहुंचता है.

Hot Spot
Hot Spot एक खास तकनीक है जो इंफ्रारेड कैमरों की मदद से यह दिखाती है कि गेंद बल्ले या पैड से टकराई है या नहीं. जब गेंद टकराती है तो हल्की गर्मी पैदा होती है जिसे यह तकनीक कैप्चर कर लेती है. इससे एज या संपर्क की पुष्टि करना आसान हो जाता है खासकर जब मामला बेहद नजदीकी हो.

टेक्नोलॉजी से बढ़ी भरोसेमंद क्रिकेट
Hawk-Eye, UltraEdge, स्मार्ट स्टंप्स और Hot Spot जैसी तकनीकों ने क्रिकेट को पहले से ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बना दिया है. अब फैंस निश्चिंत होकर मैच का आनंद ले सकते हैं क्योंकि हर बड़ा फैसला डेटा और टेक्नोलॉजी के आधार पर लिया जाता है.

ईरान ने कबूली IRGC नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी की मौत, इजरायल ने किया था मारने का दावा

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ईरान ने कबूली IRGC नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी की मौत, इजरायल ने किया था मारने का दावा
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां इजरायली हमले में IRGC के नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसिरी की मौत की पुष्टी हुई है. हाल ही में इजरायल ने इस बात का दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के लिए जिम्मेदार तंगसिरी की मौत हो गई है. इजरायली हमले के बाद गंभीर चोटों से वह उबर नहीं पाए. IRIB ने उनकी मौत की पुष्टी की है. इससे पहले इजरायल के रक्षामंत्री काट्ज ने पिछले हफ्ते जानकारी दी थी कि कमांडर को इजरायली सेना के लक्षित ऑपरेशन में मार गिराया गया था.

अलीरेजा तंगसिरी आरजीसी के नौसेना प्रमुख थे. वह इस पद पर साल 2018 से थे. उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का सुरक्षा रणनीति का मास्टरमाइंड माना जाता रहा है. खाड़ी युद्ध में अमेरिका और इजरायल के जहाजों को चुनौती देने में उनकी भूमिका अहम रही थी. लीरेजा तंगसिरी 26 मार्च को हुए बंदर अब्बास में इजरायली हमले के दौरान गंभीर चोट के चलते घायल हो गए थे.

ईरान के कई सैन्य और राजनीतिक हमले में मारे जा चुके हैं

इससे पहले इस युद्ध में कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य हस्तियों की जान जा चुकी है. सबसे पहले इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में उनके परिसर पर हवाई हमला किया गया था. वह 86 साल के थे. 1989 से ईरान शीर्ष नेतृ्त्व संभाल रहे थे.

इनके अलावा अली लारीजानी जो सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव थे. उनकी मौत 17 मार्च को हमले के दौरान हो गई थी. वह 67 साल के थे. ईरानी मीडिया के अनुसार उनके साथ उनके बेटे और उनके एक डिप्टी भी मारे गए थे.

इस्माइल खतीब ईरान के खुफिया मंत्री थे. 18 मार्च को इजरायल के हमले में उनकी मौत हो गई थी. अगस्त 2021 में उन्होंने नागरिक खुफिया तंत्र का नेतृत्व संभाला था. इनके अलावा आईआरजीसी के कमांडर इन चीफ मोहम्मद पाकपुर की 28 फरवरी को तेहरान में हुए हमले में मौत हो गई थी. इसके अलावा वायुसेना अधिकारी अजीज नासिरजादेह 28 फरवरी को तेहरान के हमले में मारे गए.

ईरान सशस्त्र बल के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मौसवी 28 फरवरी के हमले में मारे गए. बासिज अर्धसैनिक बल के कमांडर घोलमरेजा सुलेमानी 17 मार्च को हुए हमले में मारे गए. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नौसेना खुफिया प्रमुख बेहनम रजाई 26 मार्च को बंदर अब्बास के बंदरगाह शहर में हमले के दौरान मारे गए.