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गंगा किनारे गूंजा जीत का संदेश: PM मोदी बोले—देशभर में खिला कमल, नितिन नबीन की तारीफ

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गंगा किनारे गूंजा जीत का संदेश: PM मोदी बोले—देशभर में खिला कमल, नितिन नबीन की तारीफ
दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय पर आज उत्साह का माहौल देखते ही बन रहा था, जब पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में मिली बंपर जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने पहुंचे। पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी थी। प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने पर पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और पुष्पवर्षा के साथ उनका भव्य अभिनंदन हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी एक अलग परिधान में नजर आए, जो इस ऐतिहासिक अवसर की गरिमा को और बढ़ा रहा था।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है जब वर्षों की साधना सिद्धि में बदलती है तो चेहरे पर जो खुशी होती है, वो खुशी मैं देशभर के भाजपा कार्यकर्ता के चेहरे पर देख रहा हूं। उन्होंने इस दिन को कई मायनों में खास बताया, इसे देश के उज्जवल भविष्य की उद्घोषणा का दिन, भरोसे का दिन कहा। प्रधानमंत्री ने भारत के महान लोकतंत्र पर, परफॉर्मेंस की कसौटी पर और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना पर जनता के भरोसे को रेखांकित किया। उन्होंने बंगाल, असम, केरल, पुड्डुचेरी और तमिलनाडु की जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने नितिन नबीन की जमकर की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता के लिए भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को भी बधाई दी और उनकी जमकर तारीफ की। मोदी ने कहा कि भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता ने कमाल कर दिया है, आपने एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने बताया कि नितिन नबीन द्वारा अध्यक्ष पद संभालने के बाद यह पहला चुनाव था और इस चुनाव में हर कार्यकर्ता को उनका जो मार्गदर्शन मिला, वह इस विजय में बहुमूल्य रहा है।

पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह केवल लोकतंत्र की ही नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की भी जीत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बंगाल में 93 प्रतिशत मतदान होना बहुत बड़ी बात है और इसके लिए चुनाव आयोग को बहुत-बहुत बधाई दी।

गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक खिला ‘कमल’: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार चुनाव परिणाम के बाद अपने संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि तब उन्होंने कहा था कि गंगा जी बिहार से होते हुए गंगा सागर तक जाती हैं। आज बंगाल की इस शानदार जीत के साथ गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक कमल ही कमल खिला हुआ है, यह एक अद्भुत उपलब्धि है।

उन्होंने आगे कहा कि आज देश के 20 से अधिक राज्यों में भाजपा सरकार है, जिसका एक ही मंत्र है- नागरिक देवो भव:। यही कारण है कि जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है। जनता साफ देख रही है कि जहां भाजपा है, वहां गुड गवर्नेंस है, जहां भाजपा है, वहां विकास है।

प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी याद किया और कहा कि उनकी आत्मा को कितनी शांति मिली होगी। उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना करके हर कार्यकर्ता को यह संदेश दिया था कि देश के लिए जीना है और देश के लिए मरना है। मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपने जीवन से यह साबित किया कि राष्ट्र सर्वोपरि का मंत्र लेकर चलने वाले अपना जीवनदान देने में एक पल की भी देर नहीं करते। उन्होंने जिस समृद्ध बंगाल का सपना देखा था, वह सपना कई दशकों से इंतजार कर रहा था, और आज बंगाल की जनता ने भाजपा कार्यकर्ताओं को वह अवसर दिया है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि बंगाल के भाग्य में आज से एक नया अध्याय जुड़ गया है। आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है और विकास के भरोसे से युक्त हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के बलिदान को भी याद किया और कहा कि हमारे कितने कार्यकर्ताओं ने अपना बलिदान दिया है। केरल और बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर कितने जुल्म हुए हैं, कितने अत्याचार हुए हैं। आज बंगाल में भाजपा की सफलता का श्रेय ऐसे सभी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को जाता है। यह जीत बंगाल की जनता को समर्पित है। उन्होंने कहा कि अभी 4 मई की शाम चल रही है, लेकिन बंगाल की पावन धरा पर एक नया सूर्योदय हुआ है, एक ऐसा सवेरा जिसका इंतजार पीढ़ियों ने किया है।

बंगाल के विकास के लिए नई यात्रा का वादा
बंगाल के भविष्य के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक नई यात्रा का वादा किया, जहां विकास और विश्वास कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। उन्होंने हर बंगालवासी को भरोसा दिलाया कि बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा दिन-रात एक कर देगी। मोदी ने कहा कि बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पहली कैबिनेट में आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी और घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से पहले, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जनता द्वारा दिए गए समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया। नवीन ने कहा कि जनता ने 4 जून 2024 के नतीजे की कसक को पूरा किया है। उन्होंने जोर दिया कि जनता अब भय के वातावरण से भरोसे के वातावरण में आ गई है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम, पुड्डुचेरी की जनता द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दिखाए गए अपार स्नेह की सराहना की और विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में दक्षिण के राज्यों में भी कमल खिलेगा। नितिन नवीन ने इंडी गठबंधन के नेता राहुल गांधी की नाकामी को भी चुनाव परिणाम का एक कारण बताया। उन्होंने कहा कि जनता के साथ इन लोगों ने अन्याय किया है, इसलिए इंडी गठबंधन ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा।

स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने राज्य सरकार सदैव तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने राज्य सरकार सदैव तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में 10 हजार स्टार्टअप धारकों ने अपना पंजीयन कराया है। स्टार्टअप शुरू करने वालों को राज्य सरकार प्रतिमाह स्टाइफंड भी दे रही है। प्रदेश में चारों ओर उद्योगों का फैलाव हो, इसके लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। बाहर की कम्पनियों को निवेश के लिए औद्योगिक समिट के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार मिले और प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर जिले के महू में एक निजी कॉलेज में आयोजित प्लेसमेंट प्रोग्राम में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉलेज के उन युवाओं को प्लेसमेंट के प्रमाण-पत्र वितरित किए, जिनका प्लेसमेंट विभिन्न कम्पनियों में हुआ। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक उषा ठाकुर, कॉलेज के सेक्रेटरी सुनील बंसल और शरद त्रिवेदी विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को आह्वान किया कि यदि हम किसी विषय को मन लगाकर गहराई से पढ़ते हैं, तो उसकी याददाश्त लम्बे समय तक बनी रहती है। अत: एकाग्रचित होकर अध्ययन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक बनकर विद्यार्थियों से प्रश्न किए, तो वहीं विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रश्न किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से विज्ञान और राजनीति से जुड़े प्रश्न किए, तो वहीं विद्यार्थियों ने उद्योग और नवाचार को लेकर प्रश्न किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केवल पाठ्यक्रम तक ही विद्यार्थी स्वयं को सीमित न रखें, वह आगे भी अपना मनन और चिंतन जारी रखे। नये-नये नवाचार करें और स्वयं को भी परखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप, गुरूत्वाकर्षण, ब्रह्माण्ड, नवाचार, निवेश आदि को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने सुशीला देवी बंसल कॉलेज परिसर में आयोजित विज्ञान परियोजना प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों और प्रोजेक्ट के बारे में विद्यार्थियों से जानकारी प्राप्त की। साथ ही सामूहिक चित्र भी खिंचवाये।

कार्यक्रम में कॉलेज के सचिव सुनील बंसल ने बताया कि संस्था के इंदौर के अलावा भोपाल और मंडीदीप में भी कॉलेज है। अधिकांश विद्यार्थियों का प्लेसमेंट मध्यप्रदेश की कम्पनियों में ही हुआ है। इसका श्रेय राज्य सरकार को जाता है कि यहाँ लगातार नये उद्योग खुल रहे है और प्रदेश दिनों-दिन विकसित हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल प्रक्षेपण के लिए दी बधाई

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफल प्रक्षेपण के लिए दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व के पहले और भारत में निर्मित सबसे बड़े निजी ऑप्टोसार उपग्रह ‘मिशन दृष्टि’ के सफल प्रक्षेपण पर गैलेक्सआई के संस्थापकों और पूरी युवा टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन दृष्टि अंतरिक्ष यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को विज्ञान सहित हर क्षेत्र में प्रोत्साहन दिया है। देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देने का ही परिणाम है कि अंतरिक्ष सहित हर क्षेत्र में युवाओं के निरंतर नवाचार जारी हैं।

उल्लेखनीय है कि बैंगलुरु के अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सआई ने रविवार, 3 मई 2026 को दुनिया का पहला ऑप्टोसार सैटेलाइट ‘मिशन दृष्टि’ का सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह भारत में किसी निजी कंपनी द्वारा निर्मित सबसे बड़ा 190 किलोग्राम उपग्रह है। यह उपग्रह स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए कैलिफोर्निया से प्रक्षेपित किया गया।

मुख्यमंत्री ने RSETI का दौरा किया, सराहा ग्रामीण विकास का मॉडल

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मुख्यमंत्री ने RSETI का दौरा किया, सराहा ग्रामीण विकास का मॉडल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ‘ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान’ (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पशु सखियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण कक्ष का अवलोकन करते हुए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और प्रशिक्षणार्थियों से ‘जय बिहान’ कहकर आत्मीय अभिवादन किया। उन्होंने विशेष रूप से पशुपालन का प्रशिक्षण ले रही पशु सखियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना और उनके प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के बगरा क्लस्टर अंतर्गत ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे गांव में पशुओं का सर्वे कर पशु चिकित्सकों को सहयोग प्रदान करती हैं तथा ग्रामीणों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं बीमारियों के प्रति जागरूक करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्य को और अधिक दक्षता के साथ करने में सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि RSETI जैसे संस्थान न केवल प्रशिक्षण के केंद्र हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।

उल्लेखनीय है कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अब तक 16 बैचों में कुल 510 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमिता के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

राशि के अनुसार दान का महत्व, मिलेगा भाग्य का पूरा साथ

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राशि के अनुसार दान का महत्व, मिलेगा भाग्य का पूरा साथ
हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का पर्व बहुत पावन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस साल गंगा दशहरा का पर्व मई के महीने में मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है। अगर दान राशि के अनुसार किया जाए, तो इसका फल कई गुना बढ़ जाता है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है, तो आइए यहां जानते हैं कि राशि के अनुसार, क्या दान करना शुभ होता है?

गंगा दशहरा पर 12 राशियों के लिए खास दान सामग्री
मेष – इस राशि के जातकों को गुड़ और तिल का दान करना चाहिए। इससे मानसिक शांति और अच्छी सेहत का वरदान मिलता है।
वृषभ – इस राशि के लोगों को सफेद वस्त्र या दूध का दान करना चाहिए। इससे भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होती है।
मिथुन – इस राशि के लोगों के लिए मूंग की दाल और हरे वस्त्र का दान शुभ रहेगा। इससे करियर में आ रही बाधाएं दूर होंगी।
कर्क – इस राशि के जातकों के लिए चांदी या चावल का दान करना फलदायी है। ऐसा करने से पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी।
सिंह – इस राशि के लोगों को तांबे के बर्तन या गेहूं का दान करना चाहिए। इससे मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
कन्या – इस राशि के जातक पक्षियों को दाना खिलाएं और मूंग का दान करें। यह उपाय व्यापार में उन्नति के द्वार खोलेगा।
तुला – इस राशि के लोगों के लिए मिश्री या फल का दान करना शुभ रहेगा। इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
वृश्चिक – इस राशि के लोग लाल चंदन या गुड़ का दान करें। इससे शत्रुओं पर विजय मिलेगी।
धनु – इस राशि के लोग पीले वस्त्र या चने की दाल का दान करें। इससे भाग्य का साथ मिलता है और ज्ञान बढ़ेगा।
मकर – इस राशि के लोग काला तिल या छाता दान करें। इससे शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
कुंभ – इस राशि के जातकों के लिए तेल या लोहे के बर्तन का दान करना अच्छा रहेगा।
मीन – इस राशि के लोगों को हल्दी और शहद का दान करना चाहिए। इससे स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व
गंगा दशहरा के दिन ‘दशविधि’ स्नान और दान का विधान है, जिसका मतलब है कि दस प्रकार के पापों का नाश करने वाला। इस दिन गंगाजल को छूने मात्र से ही व्यक्ति के सभी पापों का नाश हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

चुनावी रण में अहम 37 सीटें, कोलकाता समेत यहां से तय होती है सरकार

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चुनावी रण में अहम 37 सीटें, कोलकाता समेत यहां से तय होती है सरकार
पश्चिम बंगाल में 4 मई को आने वाले चुनाव नतीजों पर पूरे देश की नजर है। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने की कोशिश में है।

राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं और कई जगह कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। ऐसे में नतीजों का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है, लेकिन चुनाव विशेषज्ञ 37 खास सीटों को बेहद अहम मानते हैं। इन सीटों को ‘बेलवेदर सीट्स’ कहा जाता है, क्योंकि 1977 से अब तक जिस पार्टी ने इन सीटों में ज्यादा जीत हासिल की है, वही राज्य में सरकार बनाती रही है।

क्या हैं बेलवेदर सीट्स और क्यों हैं अहम?
ये 37 सीटें कुल 294 सीटों का करीब 13 प्रतिशत हिस्सा हैं। ये पूरे राज्य में फैली हुई हैं और इनमें सामान्य, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) सभी तरह की सीटें शामिल हैं।

इनमें से 15 से 20 प्रतिशत सीटें कोलकाता, दक्षिण बंगाल और दक्षिण-पश्चिम बंगाल के इलाकों में स्थित हैं। भवानीपुर, डायमंड हार्बर, आउसग्राम, उदयनारायणपुर और माघराट पूर्व जैसी सीटें अक्सर विजेता पार्टी के साथ जाती रही हैं। चुनाव विश्लेषक दोराब सोपारीवाला के मुताबिक, पूरे देश की ‘सुपर बेलवेदर’ सीटों को जोड़ दिया जाए, तब भी वे बंगाल की इन 37 सीटों के बराबर नहीं ठहरतीं।

दूसरे राज्यों से क्यों अलग है बंगाल?
दोराब सोपारीवाला ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सिर्फ एक ऐसी सीट है जिसका रिकॉर्ड पूरी तरह सही रहा है, जबकि बिहार और महाराष्ट्र में एक भी नहीं है। मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में 3-3, ओडिशा और गुजरात में 5-5 ऐसी सीटें हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में इनकी संख्या 37 है। यह अंतर बंगाल की राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण है, जहां लंबे समय तक एक ही दल का दबदबा रहा।

पिछले करीब 50 वर्षों में बंगाल में मुख्य रूप से दो ही राजनीतिक ताकतें रही हैं 34 साल तक वाम मोर्चा और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस। चूंकि सरकारें बार-बार नहीं बदलीं, इसलिए इन सीटों के मतदाता अक्सर राज्य के कुल रुझान के हिसाब से ही वोट करते रहे। जब पूरे राज्य में कोई पार्टी लोकप्रिय होती थी, तो इन सीटों पर भी वही पैटर्न देखने को मिलता था।

सरकार बनाने के लिए कितनी सीटों की जरूरत
यही वजह है कि समय के साथ ये सीटें चुनाव नतीजों का मजबूत संकेतक बन गईं। बता दें कि 294 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 148 सीटों की जरूरत होती है

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें 4 और 5 मई को कैसा रहेगा मौसम

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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें 4 और 5 मई को कैसा रहेगा मौसम
देशभर में शनिवार को मौसम ने करवट ली और कई राज्यों में आंधी-बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी देखने को मिली।

राजस्थान के जयपुर, बीकानेर और जोधपुर में आंधी के बाद तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। वहीं, उत्तराखंड के देहरादून और उत्तरकाशी में ओले गिरे। खराब मौसम के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हेलीकॉप्टर भी ओलावृष्टि के दौरान सुरक्षित उतारा गया।

इंदौर में होगा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, 11 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल

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इंदौर में होगा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, 11 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल
इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिलने जा रही है। इस वर्ष भारत में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तहत कृषि मंत्रियों की अहम बैठक 12 और 13 जून को इंदौर में होगी। इससे पहले 9 से 11 जून तक अधिकारियों की तकनीकी बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें विभिन्न देशों के विशेषज्ञ कृषि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

भारत की अध्यक्षता में होने वाले इस सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया सहित कुल 11 देशों के कृषि मंत्री भाग लेंगे। बैठक में खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि, तकनीकी आदान-प्रदान और डिजिटल कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

नई दिशा देने में महत्वपूर्ण
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर को इस आयोजन के लिए प्रस्तावित किया था, इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को दी। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर दोनों नेता रविवार को इंदौर में बैठक करेंगे।

इस बार सम्मेलन की थीम रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सतत विकास रखी गई है, जो वैश्विक कृषि सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होगी। गौरतलब हे कि पहले भी इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन और कृषि समूह की बैठक सहित कई बड़े आयोजन हो चुके हैं।

भोरमदेव में शुरू हो गई जंगल सफारी, 34 किलोमीटर लंबे ट्रैक में दुरदुरी झरना, बावापारा सकरी नदी का व्यू मोह लेगा मन

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भोरमदेव में शुरू हो गई जंगल सफारी, 34 किलोमीटर लंबे ट्रैक में दुरदुरी झरना, बावापारा सकरी नदी का व्यू मोह लेगा मन
कबीरधाम ज़िले के भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य में इको-टूरिज़्म को बढ़ावा देने, स्थानीय रोज़गार पैदा करने और अभयारण्य की समृद्ध जैव विविधता को दिखाने के लिए जंगल सफारी शुरू की गई है। वर्ष 2001 में स्थापित अभयारण्य 352 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। नया शुरू किया गया सफारी मार्ग लगभग 34 किलोमीटर लंबा है और इसमें दुरदुरी झरना, बावापारा 360-डिग्री पहाड़ी व्यू- प्वाइंट और सकरी नदी के कई रास्ते शामिल हैं। शुरुआती चरण में तीन छह-सीटर सफारी वाहन तैनात किए गए हैं, साथ ही ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण है गलियारा
वन अधिकारियों ने बताया कि यह अभयारण्य महत्वपूर्ण वन्यजीव गलियारे के रूप में काम करता है, जो छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिज़र्व को मध्य प्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान से जोड़ता है। यह वन्यजीवों की आवाजाही, आनुवंशिक विविधता और पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इको टूरिज्म की पहल के रूप में होगा काम
इको-टूरिज़्म पहल के हिस्से के रूप में, इको-कॉटेज, नेचर ट्रेल्स और गाइडेड सफारी जैसी सुविधाओं की भी योजना बनाई गई है। स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूह वनांचल रसोई नाम का फ़ूड आउटलेट चलाएंगे, जहां क्षेत्रीय व्यंजन परोसे जाएंगे, साथ ही हस्तशिल्प गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

30 लोगों को सीधा रोजगार
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से करीब 30 स्थानीय लोगों को सीधे तौर पर रोज़गार मिलने की उम्मीद है, और आस-पास के इलाके में मौजूद होटलों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और छोटे व्यवसायियों के लिए आजीविका के अप्रत्यक्ष अवसर भी पैदा होंगे।

भोरमदेव और चिल्फी वन रेंज में फैला है अभयारण्य
वर्ष 2001 में स्थापित यह अभयारण्य 352 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसमें भोरमदेव तथा चिल्फी वन रेंज शामिल हैं। यह अपनी विविध वन्यजीव आबादी के लिए जाना जाता है, जिसमें बाइसन (वन भैंसा), बाघ, तेंदुआ, भालू, सांभर, हिरण और नीलगाय जैसे जानवर शामिल हैं। अभयारण्य 134 तितली प्रजातियों और 126 पक्षी प्रजातियों का भी घर है।

सीएम ने किया इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर का शिलान्यास, किसानों को बड़ा फायदा

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सीएम ने किया इंदौर-पीथमपुर कॉरिडोर का शिलान्यास, किसानों को बड़ा फायदा
इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत सरकार ने किसानों को उनकी जमीन का 60 प्रतिशत विकसित भूखंड लौटाने का फैसला लिया है, जिससे उन्हें सीधे विकास का भागीदार बनाया गया है। योजना के चलते कई किसान करोड़पति बने हैं। हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार किसानों को विकास में पार्टनर बना रही है।

किसानों को विकास में बनाया भागीदार
इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से 60 प्रतिशत भूमि किसानों को दे रहे हैं। उनको विकास में भागीदार बना रहे हैं। किसानों को 650 करोड़ के प्लाट मिले हैं। किसानों को समृद्ध होना ही चाहिए। अगर हम किसी किसान से उसकी जमीन लेते हैं, तो हमारा पहला फर्ज बनता है कि हम किसान के गुजर-बसर की स्थाई व्यवस्था करें। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को 2360 करोड़ रुपये लागत वाले इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमिपूजन नैनोद गांव में किया।

औद्योगिक विकास और भाग्योदय का शंखनाद
उन्होंने कहा पूरे देश में किसी ने किसानों को 60 प्रतिशत का भागीदार नहीं बनाया। इसे “भाग्योदय का शंखनाद” बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवा व किसान अधिक समृद्ध होंगे। चार गुना मुआवजे के निर्णय से खुश किसानों ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया और प्रतीक स्वरूप हल व मुकुट भेंट किए। आज 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित हो चुके हैं। हमने 9 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर उतारा है।

मध्यप्रदेश: उद्योगों में देश का दूसरा अग्रणी राज्य
पूरे देश में मध्यप्रदेश दूसरे नंबर का राज्य है, जहां तेज गति से उद्योग स्थापित हो रहे हैं। आज से जिस विकास मॉडल की शुरुआत हुई है, वह पूरे प्रदेश में छाएगा। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर न केवल आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि यह भाग्योदय का शंखनाद है। इससे इंदौर निवेश में भी आगे होगा और किसानों की समृद्धि का भागीदार होगा।

मेट्रोपॉलिटन रीजन की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-उज्जैन-धार-देवास-शाजापुर-रतलाम को जोड़कर बड़ा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित हो रहा है। यह कॉरिडोर पीथमपुर से आगे उज्जैन तक कनेक्टिविटी देगा और दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से जुड़कर परिवहन को नई गति देगा। एग्री प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और वेयरहाउसिंग सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा।

कनेक्टिविटी का विस्तार और कांग्रेस पर तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़कों और कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे प्रदेश को भी फायदा मिल रहा है। अगला कदम कॉरिडोर के बाद इंदौर-उज्जैन 4 लेन सड़क का भूमि पूजन होगा, जिससे पारंपरिक मार्ग भी आधुनिक रूप में विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार किसानों को चार गुना मुआवजा दे रही है और उन्हें विकास में भागीदार बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में बिजली और सिंचाई व्यवस्था कमजोर थी, जबकि वर्तमान सरकार ने सिंचाई रकबा बढ़ाकर किसानों की स्थिति मजबूत की है।