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मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से किया राष्ट्रीय जनगणना कार्य को सफल बनाने का आह्वान

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मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से किया राष्ट्रीय जनगणना कार्य को सफल बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश की जनसंख्या के आंकड़े ही केंद्र सरकार द्वारा नीति निर्माण एवं मानव संसाधन के नियोजन का पहला आधार होते हैं। देश की आबादी की गणना के लिए राष्ट्रीय जनगणना-2027 का कार्य आगामी एक मई से आरंभ होने जा रहा है। यह एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसमें सभी का सक्रिय सहयोग बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनता के नाम एक अपील संदेश भी जारी कर आहवान किया है कि प्रदेश के सभी नागरिक अपनी सहभागिता से इस पुनीत राष्ट्रीय कार्य को सम्पन्न कराने में सहयोग दें। संदेश में उन्होंने कहा है कि प्रदेश में एक मई 2026 से प्रारंभ हो रहे जनगणना-2027 के पहले चरण, ‘मकान सूचीकरण एवं गणना’ कार्य एक राष्ट्रीय दायित्व है। राज्य का प्रत्येक नागरिक पूर्ण निष्ठा और सक्रिय सहयोग के साथ इस कार्य को सफल बनाये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जनसामान्य की सुविधा के लिए “स्व-गणना” का विकल्प भी ऑनलाईन उपलब्ध कराया गया है। इसमें कोई भी नागरिक 16 से 30 अप्रैल 2026 के बीच http://se.census.gov.in पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी प्रदेशवासियों की सहभागिता प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। उन्होंने राज्य के प्रत्येक नागरिक से स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करने की अपेक्षा भी की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ के इस अभियान में सभी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक अपने-अपने स्तर पर पूरी निष्ठा, समर्पण, उत्तरदायित्व एवं सहयोग की भावना से इस देशव्यापी राष्ट्रीय अभियान में सहभागिता सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सम्बन्ध में राष्ट्र के नाम प्रसारित संबोधन का श्रवण किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महापौर मीनल चौबे और महिला बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा सहित अन्य महिला जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

महिला सशक्तीकरण के लिए नारी शक्ति वंदन सम्मेलन और रोड-शो होंगे आयोजित

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महिला सशक्तीकरण के लिए नारी शक्ति वंदन सम्मेलन और रोड-शो होंगे आयोजित
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने महिला सशक्तीकरण के लिए टाउन-हॉल बैठकों, नारी शक्ति वंदन सम्मेलनों और रोड-शोज के आयोजन एवं आवश्यक समन्वय के लिए राज्य के सभी नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने मंत्रालय से सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तीकरण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य शासन द्वारा एक विशेष अल्पकालिक एवं गहन जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। जिला कलेक्टरों के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में ये अभियान संचालित किए जाएंगे।

नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र के माध्यम से इन जन-जागरूकता अभियानों के आयोजन एवं समन्वय के संबंध में सभी निकायों को जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार आवश्यक बुनियादी ढांचा (छाया, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था) और स्थल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है। महिला सशक्तीकरण से संबंधित जन-जागरूकता अभियान के प्रथम चरण में संबंधित निकायों को विशेष सामान्य सभा आहूत कर कार्यक्रम की महत्ता पर विशेष चर्चा एवं संकल्प पारित करने को कहा गया है। राज्य शासन की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं को आमजनों तक पहुंचाने एवं इसके लिए जागरूक करने महिला हितग्राहियों, स्वसहायता समूहों (SHGs) और स्थानीय जमीनी नेटवर्क को सक्रिय कर हितग्राहियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने विभागीय अभिसरण के जरिए जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में विभिन्न योजनाओं के लाभ की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने सभी विभागों से आवश्यक समन्वय स्थापित कर स्टॉल व अन्य उपाय करने के निर्देश निकायों को दिए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने राज्य शासन की इस सर्वोच्च प्राथमिकता के अंतर्गत संचालित कार्यो का संपादन कर किए गए कार्यों एवं कार्यवाहियों की जानकारी संचालनालय को भेजना सुनिश्चित करने को कहा है।

MP में एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, 2937 स्थानों पर हुई जांच में 4547 सिलिंडर जब्त

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MP में एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई, 2937 स्थानों पर हुई जांच में 4547 सिलिंडर जब्त
एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए की गई कार्रवाई के दौरान अब तक 2937 स्थानों पर जांच की गई, इनमें 4547 एलपीजी सिलिंडर जब्त किए गए तथा 12 मामलों में एफआइआर दर्ज कराई गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के 764 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें दो प्रकरण में एफआइआर दर्ज कराई गई है।

पेट्रोल पंपों की सतत जांच के निर्देश
प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक, अधिकारी एवं आयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध है। मंत्री राजपूत ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पीएनजी पाइपलाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, उस क्षेत्र के उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। इससे उन्हें गैस सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गैस की सतत आपूर्ति होगी। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि किसी तरह का भ्रम नहीं पालें।

दशकों का अंधेरा छंटा -छत्तीसगढ़ के इस गांव में पहली बार पहुँचा राशन, खुशी से झूम उठे आदिवासी

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दशकों का अंधेरा छंटा -छत्तीसगढ़ के इस गांव में पहली बार पहुँचा राशन, खुशी से झूम उठे आदिवासी
बस्तर के अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसे गांव हितुल में विकास की एक ऐसी नई इबारत लिखी गई है, जिसने ग्रामीणों के दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘सुशासन’ और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता के फलस्वरूप, अब हितुल के ग्रामीणों को चावल के एक-एक दाने के लिए 30 किलोमीटर का जोखिमभरा पैदल सफर नहीं करना होगा।

ट्रैक्टर की घरघराहट के साथ पहुंची खुशहाली
ओरछा विकासखंड के थुलथुली पंचायत का आश्रित ग्राम हितुल लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा था। सबसे बड़ी चुनौती थी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का लाभ लेना। ग्रामीणों को राशन के लिए ओरछा तक दुर्गम रास्तों से होकर जाना पड़ता था, जो बुजुर्गों और महिलाओं के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था।

कलेक्टर की विशेष पहल से बदली तस्वीर
कलेक्टर नम्रता जैन की विशेष पहल पर प्रशासन ने इस बाधा को पार कर दिखाया। पहली बार दुर्गम रास्तों को चीरते हुए ट्रैक्टरों के माध्यम से राशन सीधे गांव तक पहुँचाया गया। गांव में ही आयोजित ‘चावल उत्सव’ के दौरान जब राशन का वितरण शुरू हुआ, तो ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष और खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के 271 राशन कार्डधारी परिवारों को अब घर बैठे खाद्यान्न मिलेगा। इससे 30 किमी पैदल चलने की मजबूरी और समय की बर्बादी पूरी तरह खत्म हो गई है।

मुख्यधारा से जुड़ता अबूझमाड़
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होने से क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुँच हुई है। जिला खाद्य अधिकारी अलाउद्दीन खान ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल राशन पहुँचाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि भौगोलिक चुनौतियाँ विकास के रास्ते में बाधा न बनें। हितुल में राशन की यह ‘दस्तक’ इस बात का प्रमाण है कि अबूझमाड़ अब मुख्यधारा से जुड़ने के लिए तैयार है।

छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट हादसे पर सरकार सख्त, बिलासपुर आयुक्त को मिली जांच की जिम्मेदारी, 30 दिन में मांगी रिपोर्ट

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छत्तीसगढ़ के पावर प्लांट हादसे पर सरकार सख्त, बिलासपुर आयुक्त को मिली जांच की जिम्मेदारी, 30 दिन में मांगी रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वॉटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटना घटित हुई। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की मृत्यु एवं बहुत से श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

बिलासपुर संभाग आयुक्त को सौंपी गई जिम्मेदारी
घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा आयुक्त, बिलासपुर संभाग को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच के लिए निर्धारित बिंदुओं में घटना कब और कैसे घटित हुई, घटना के कारण एवं परिस्थितियां तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय शामिल हैं।

30 दिनों के भीतर शासन को सौंपनी होगी रिपोर्ट
जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

हादसे को दावत देता MP का इंफ्रास्ट्रक्चर, 45 पुलों की हालत खस्ता

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हादसे को दावत देता MP का इंफ्रास्ट्रक्चर, 45 पुलों की हालत खस्ता
मध्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास के काम तेजी के साथ चल रहे हैं। सरकार पूंजीगत निवेश लगातार बढ़ा रही है, जिसकी सराहना भारत सरकार ने भी की है लेकिन गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कम से कम पुलों के मामले में तो स्थिति ऐसी ही नजर आती है। ग्वालियर में निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर में गर्डर गिर गया तो जबलपुर में दूसरी बार रेलवे ओवर ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ। शिवपुरी के पोहरी में फ्लाईओवर का स्लैब गिरने की घटना पहले सामने आ चुकी है, जिसमें मजदूर घायल हो गए थे लेकिन इंजीनियरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्रदेश के 45 पुल जर्जर श्रेणी में, सर्वे के बाद टेंडर जारी
उधर, प्रदेश में 45 पुल जर्जर की श्रेणी में हैं। प्रदेश में एक के बाद एक पुलों के क्षतिग्रस्त होने के मामले सामने आने पर लोक निर्माण विभाग ने पूरे प्रदेश में सर्वे कराया और उन पुलों को चिह्नित कराया, जहां काम कराना अनिवार्य है। ऐसे 45 पुल चिह्नित हुए। इनके लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए लेकिन पुलों के क्षतिग्रस्त होने की घटना लगातार सामने आ रही हैं। ग्वालियर अंचल में शिवपुरी पोहरी रोड स्थित रेलवे क्रासिंग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर ब्रिज का स्लैब गिर गया था। मजदूर घायल हुए।

लापरवाही के बावजूद इंजीनियरों पर कार्रवाई का अभाव
जांच में यह बात सामने आई कि लापरवाही बरती गई लेकिन इंजीनियर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्वालियर में अलाइनमेंट ठीक करने के दौरान 35 फीट लंबा 110 टन वजनी गर्डर गिर गया। ग्वालियर संभाग में पुलों का काम प्रभारी कार्यपालन यंत्री जोगिंदर यादव देख रहे हैं। इसके पहले दतिया क्षेत्र में अतिवर्षा के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिसकी जांच विभाग ने कराई थी मगर किसी की जिम्मेदारी निर्धारित नहीं हुई। जबकि, भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक (CAG) ने 2023 में प्रस्तुत रिपोर्ट में डिजाइन को लेकर सवाल उठाए थे।

मरम्मत के दौरान ढह गया पुल का हिस्सा
उधर, दिसंबर 2025 में रायसेन स्टेट हाईवे पर बरेली से पिपरिया को जोड़ने वाली सड़क पर ग्राम नयागांव में 50 साल पहले बने पुल का एक हिस्सा ढह गया था। यहां मरम्मत का काम चल रहा था। मलबे में कुछ लोग दब गए थे। यह कोई अकेली घटना नहीं है। भोपाल-जबलपुर मार्ग पर शहपुरा के पास रेलवे क्रासिंग के ऊपर बना ओवर ब्रिज दोबारा क्षतिग्रस्त हो गया। सितंबर में पहली और दूसरी बार फरवरी में इसका दूसरा हिस्सा गिर गया। यह पुल 40 करोड़ की लागत से चार साल पहले बना था। निर्माण कर्ता कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जा चुका है।

11 जिलों में 45 पुल जर्जर
विभागीय अधिकारियों ने कहना है कि सड़क विकास प्राधिकरण ने प्रदेश के सभी पुलों का सर्वे कराया था। इसमें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, धार, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, उज्जैन और रीवा में मरम्मत के लिए पुल चिह्नित किए गए। 19 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी मरम्मत के लिए मंजूर कर दी गई लेकिन अभी टेंडर की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हुई है। जबकि, मानसून के आने में तीन माह रह गए हैं।

सात माह में जांच ही पूरी नहीं
उधर, इंजीनियरों पर कार्रवाई को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में 90 डिग्री कोण वाले पुल की चर्चा देशभर में हुई। जांच के बाद सात इंजीनियरों को निलंबित किया गया। आरोप पत्र जारी किए गए। उन्होंने जवाब भी दे दिए लेकिन निष्कर्ष अभी तक कुछ नहीं निकला है। सातों इंजीनियरों को सात माह बिना काम के राजकोष से वेतन दिया जा रहा है।

मरम्मत के लिए टेंडर किए जारी
उधर, विभाग के प्रमुख अभियंता केपीएस राणा का कहना है कि पुलों का निर्माण अलग-अलग एजेंसियां करती हैं। प्रदेश में जर्जर पुल चिह्नित किए जा चुके हैं। मरम्मत के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं।

नारी शक्ति बिल पर सरकार को लगा बड़ा झटका, बहुमत के अभाव में बिल पास कराने में नाकाम

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नारी शक्ति बिल पर सरकार को लगा बड़ा झटका, बहुमत के अभाव में बिल पास कराने में नाकाम
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर माने जाने वाले महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लोकसभा में चर्चा और मतदान के बाद यह महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो सका। सदन में हुई वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया, जिसके चलते इसे असफलता का सामना करना पड़ा।

नहीं मिला दो तिहाई बहुमत
ओम बिरला ने कहा कि इस बिल पर विचार करने पर वोट विभाजन में हां के पक्ष में 298 और ना के पक्ष में 230 वोट पड़े। यह बिल दो तिहाई बहुमत से पास नहीं हो पाया। इसलिए इस बिल पर आगे की कार्यवाही पर निर्णय संभव नहीं है। यह बिल विचार करने के लिए पेश किए जाने के स्तर पर ही गिर गया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अन्य दो बिल आगे नहीं बढ़ाने का एलान किया।

पहले राउंड में बिल के पक्ष में पड़े 278 वोट
बिल के लिए पहले राउंड का मतदान पूरा हुआ। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग में कुल 489 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा लिया। बिल के पक्ष में 278 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 211 वोट हुए।

विपक्ष के कड़े रुख से थमी बिल की राह
सदन में चर्चा के दौरान बिल के विभिन्न प्रावधानों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। वोटिंग के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सदन का एक बड़ा हिस्सा वर्तमान स्वरूप में इस बिल को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं था। 230 सदस्यों द्वारा विरोध में मतदान किए जाने के बाद अब इस बिल का भविष्य अधर में लटक गया है।

मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों की जीत, TET विवाद सुलझाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची मोहन सरकार

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मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों की जीत, TET विवाद सुलझाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची मोहन सरकार
मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय में रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर कर दी है। इस निर्णय से प्रदेश के शिक्षकों में समाधान की उम्मीद और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।

मुख्यमंत्री निवास पर बैठक के बाद त्वरित कार्रवाई, याचिका दायर
इस संबंध में मुख्यमंत्री निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में हुई चर्चा एवं सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण क्रमांक 19599/2026 के तहत रिव्यू पिटीशन दायर कर दी।

शिक्षक संघ ने जताया मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार
मध्य प्रदेश शासन द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर किए जाने पर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के संभागीय अध्यक्ष अनिल कोठारी, जिलाध्यक्ष राजेंद्र पांचाल, मानसिंह बामनिया, प्रकाश माली, दशमसिंह चौहान, खुशालसिंह चौहान, संजय धानक, सुभाष डामोर, कोमलसिंह परमार, मंगलसिंह पनड़ा, हीरालाल चौहान, दीपसिंह सिंघाड़, सवसिंह ढाकिया, गुलसिंह भूरिया, रमेश खपेड़, दीपक टेलर, यतींद्र डोसी, हरिप्रिया निगम, गायत्री इमलियार, कलावती टाक, अनिता जाखड़, किरण बारिया, शशि त्रिवेदी सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

‘ईरान एनरिच्ड यूरेनियम देने को तैयार’, डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा दावा

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‘ईरान एनरिच्ड यूरेनियम देने को तैयार’, डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) का जखीरा सौंपने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने इस घटनाक्रम को वर्तमान में चल रही बातचीत में बड़ी सफलता बताया और दावा किया कि दोनों पक्षों में चल रहा टकराव खत्म हो सकता है।

वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, वे हमें न्यूक्लियर डस्ट वापस देने पर राजी हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि ‘इस बात की बहुत अच्छी संभावना है कि हम कोई समझौता कर लेंगे।’ ट्रंप ने दावा किया कि अगर यह डील हो जाती है तो तेल मुफ्त मिलेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा और ‘सब कुछ बहुत अच्छा होगा।’

ईरान के साथ बातचीत पर बोले ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का अगला दौर इसी वीकेंड हो सकता है, जो दिखाता है कि कूटनीतिक प्रयास आगे की दिशा में बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेहरान अब पहले से ज्यादा लचीला है लेकिन साथ ही सीजफायर को आगे बढ़ाने पर शक जाहिर किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर इस्लामाबाद में समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो वह पाकिस्तान जा सकते हैं।

ईरान के यूरेनियम पर नजर
वॉशिंगटन ने बातचीत में इस बात पर जोर दिया है कि ईरान से किसी भी तरह का संवर्धित यूरेनियम हटा दिया जाए।
ईरान के दो सूत्रों ने बताया कि संवर्धित यूरेनियम के भंडार पर एक समझौता हो सकता है।
तेहरान इस भंडार का कुछ हिस्सा (पूरा नहीं) देश से बाहर भेजने पर विचार कर कर रहा है।

दोबारा युद्ध की धमकी
शांति की उम्मीद के साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत टूटती है तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा, अगर कोई समझौता नहीं होता तो लड़ाई फिर से शुरू हो जाएगी। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ईरान अब ऐसी कई रियायतें देने को तैयार है, जो दो महीने पहले वह चर्चा भी करना नहीं चाहता था।