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किराएदारों और छात्रों के लिए खुशखबरी! बस ID दिखाओ, 5kg गैस पाओ

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किराएदारों और छात्रों के लिए खुशखबरी! बस ID दिखाओ, 5kg गैस पाओ
अमेरिका-इजरायल और ईरान में बीच जारी जंग से दुनिया भर में एलपीजी गैस और तेल की कमी का संकट छाया हुआ है। भारत में भी LPG सिलेंडर सप्लाई चरमरा गई है। कई राज्यों से एलपीजी संकट की खबर सामने आ रही है। हालंकि केंद्र सरकार ने इन खबरों को अफवाह करार देते हुए कहा है कि देश में एलपीजी गैस और तेल की कोई कमी नहीं है। बीच सरकार ने शनिवार को 5 किलो एलपीजी सिलेंडर को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने कहा है कि 5 किलो LPG सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूटरों के पास उपलब्ध हैं और इन्हें पते के सबूत की जरूरत के बिना, बस एक वैध ID दिखाकर खरीदा जा सकता है।
बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा गैस सिलेंडर

सरकार ने कहा कि वह ईंधन और ऊर्जा की सप्लाई की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। भले ही पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा प्रवाह को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि 5 Kg FTL सिलेंडर आस-पास के LPG डिस्ट्रीब्यूटरों के पास उपलब्ध हैं और इन्हें कोई भी वैध ID सबूत दिखाकर खरीदा जा सकता है। पते के सबूत की कोई ज़रूरत नहीं है।

प्रवासी मजदूरों की मौज
अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद खाना पकाने के ईंधन तक पहुंच को बेहतर बनाना है, खासकर प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए जिनके पास स्थानीय पते के दस्तावेज नहीं हो सकते हैं। 23 मार्च से अब तक, ऐसे लगभग 5.7 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिनमें से हाल ही में एक ही दिन में 71,000 से ज़्यादा यूनिट बेची गईं।

पेट्रोल-डीजल या LPG की कोई कमी नहीं
मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है और नागरिकों से घबराकर खरीदारी न करने का आग्रह किया। मंत्रालय ने कहा कि सभी खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और पूरे देश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, भले ही अफवाहों के कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ की खबरें आई हों।
घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाया

सप्लाई में स्थिरता बनाए रखने के लिए, सरकार ने घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाया है, यह सुनिश्चित किया है कि रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चलें, और घरों, अस्पतालों और जरूरी सेवाओं के लिए ईंधन की सप्लाई को प्राथमिकता दी है। साथ ही, मांग से जुड़े कई उपाय भी शुरू किए गए हैं, जिनमें LPG बुकिंग चक्र को बढ़ाना और PNG, केरोसिन और बिजली से खाना पकाने जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना शामिल है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर कार्रवाई
मंत्रालय ने बताया कि राज्यों को सलाह दी गई है कि वे घरेलू और कमर्शियल, दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए नए PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद करें। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए निगरानी भी बढ़ा दी है। हाल ही में 3,700 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे गए और दोषी LPG डिस्ट्रीब्यूटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, जिसमें उनके लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है।

दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ रोहित शर्मा के रचा इतिहास, तोड़ा एमएस धोनी का यह बड़ा रिकॉर्ड

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दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ रोहित शर्मा के रचा इतिहास, तोड़ा एमएस धोनी का यह बड़ा रिकॉर्ड
आईपीएल 2026 के 8वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस की भिड़ंत शनिवार को अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स से हो रही है। मुंबई के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 26 गेंदों में 35 रन बनाए। रोहित ने अपनी इस पारी के दौरान एमएस धोनी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट
रोहित शर्मा आईपीएल में एक टीम के खिलाफ सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में अब तीसरे नंबर पर आ गए हैं। इसके साथ ही वह आईपीएल में एक टीम के खिलाफ सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बन गए हैं। दिल्ली के खिलाफ 35 रनों की अपनी पारी में रोहित ने एक छक्का लगाया। रोहित दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 51 छक्के लगा चुके हैं। उन्होंने इस मामले में एमएस धोनी को पीछे छोड़ दिया है। धोनी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ 50 छक्के लगाए हैं। वहीं, इस लिस्ट में पहले नंबर पर क्रिस गेल का नाम है। गेल ने पंजाब किंग्स के खिलाफ 61 छक्के लगाए हैं।

मैच का हाल
टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रयान रिकेल्टन बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और 11 गेंदों का सामना करने के बाद महज 9 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने उतरे तिलक वर्मा को मुकेश कुमार ने बिना खाता खोले पवेलियन भेजा। हालांकि, इसके बाद हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में कप्तानी की जिम्मेदारी संभाल रहे सूर्यकुमार यादव ने तीसरे विकेट के लिए रोहित शर्मा के साथ मिलकर 53 रन जोड़े। रोहित 26 गेंदों में 5 चौके और एक छक्के की मदद से 35 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, सूर्यकुमार ने 36 गेंदों में 141 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 51 रन बनाए।

जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने 18.1 ओवर में चार विकेट खोकर इसे हासिल कर लिया। रिजवी ने एक बार फिर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 51 गेंद पर सात चौके और सार छक्के की मदद से 90 रन बनाए। वे अपने आईपीएल करियर के पहले शतक से चूक गए।

राज कपूर की विरासत पर मंडराया खतरा, पाकिस्तान के पेशावर में हवेली को बारिश और भूकंप से पहुंचा नुकसान

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राज कपूर की विरासत पर मंडराया खतरा, पाकिस्तान के पेशावर में हवेली को बारिश और भूकंप से पहुंचा नुकसान
भारतीय सिनेमा के महान कलाकारों में गिने जाने वाले राज कपूर से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर एक बार फिर चर्चा में है। पेशावर स्थित उनकी पुश्तैनी हवेली का एक हिस्सा हाल ही में भारी बारिश और भूकंप के झटकों के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन बल्कि इतिहास और सिनेमा प्रेमियों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।

राज कपूर की हवेली को पहुंचा नुकसान
करीब एक सदी पुरानी यह हवेली कभी कपूर परिवार की पारिवारिक पहचान का केंद्र रही है। बताया जाता है कि लगातार हुई बारिश से पहले ही इसकी संरचना कमजोर हो चुकी थी और उसके बाद आए भूकंप ने इसकी स्थिति को और नाजुक बना दिया। हवेली की दीवार का एक हिस्सा गिरने से यह आशंका और गहरी हो गई है कि यदि जल्द संरक्षण कार्य शुरू नहीं हुआ तो यह ऐतिहासिक इमारत गंभीर खतरे में पड़ सकती है।

हवेली को मिला विरासत का दर्जा
इस हवेली को पाकिस्तान सरकार ने वर्ष 2016 में राष्ट्रीय विरासत का दर्जा दिया था। इसके बावजूद लंबे समय से इसकी मरम्मत और संरक्षण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जा सके। अब स्थानीय विरासत विशेषज्ञों और सांस्कृतिक संगठनों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है ताकि इस धरोहर को पूरी तरह नष्ट होने से बचाया जा सके।

पृथ्वीराज कपूर के परिवार से जुड़ी यह हवेली न सिर्फ कपूर खानदान के इतिहास का हिस्सा रही है बल्कि भारतीय सिनेमा की शुरुआती पीढ़ी की यादों से भी गहराई से जुड़ी हुई है। यही वह स्थान है जहां राज कपूर और उनके चाचा त्रिलोक कपूर का जन्म हुआ था। इस कारण यह भवन भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।

एमपी की अदालतों में 20.96 लाख मामले लंबित

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एमपी की अदालतों में 20.96 लाख मामले लंबित
राजधानी भोपाल सहित पूरे मध्य प्रदेश में न्याय व्यवस्था पर लंबित मामलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे अदालतों की कार्यप्रणाली पर गंभीर असर पड़ रहा है। प्रदेश की विभिन्न न्यायालयों में 20 लाख 96 हजार से अधिक मामले लंबित हैं, जिनमें से एक मामला ऐसा है जिसका निपटारा 72 साल बाद भी नहीं हो पाया है।

न्याय प्रक्रिया को धीमा कर रहा
पुराने मामलों का अंबार न्याय प्रक्रिया को धीमा कर रहा है, जिससे आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलना चुनौती बनता जा रहा है। सिविल प्रकृति का यह मुकदमा 1954 में दायर हुआ था। 1982 का एक आपराधिक मामला अब तक निर्णय की प्रतीक्षा में है। इसके अलावा 26 वर्ष से अधिक पुराने 250 मामले भी अब तक निपटारे का इंतजार कर रहे हैं।

सुनवाई की गति प्रभावित

बड़ी संख्या में पुराने मामलों के कारण अदालतों में सुनवाई की गति प्रभावित हो रही है और लोगों को न्याय पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश की विभिन्न अदालतों में कुल 20,96,824 मामलों में से 14,44,306 यानी लगभग 68.88 प्रतिशत मामले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं।

कुल लंबित मामलों में 4,22,905 सिविल और 16,73,919 आपराधिक केस शामिल हैं। प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में सबसे ज्यादा लंबित मामले सामने आए हैं। यहां कुल 2,38,279 मामले लंबित हैं, जिनमें से 1,82,201 (76.74%) एक वर्ष से अधिक पुराने हैं, जो अन्य शहरों की तुलना में अधिक है। वहीं भोपाल, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं।

सबसे दबाव में आपराधिक न्यायालय
आंकड़े बताते हैं कि आपराधिक मामलों का बोझ सबसे ज्यादा है, जिनमें से 12,08,062 मामले यानी लगभग 72.17 प्रतिशत एक वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं। वहीं सिविल मामलों में भी 2,36,244 केस एक साल से अधिक समय से लंबित हैं।

महिलाओं के मामलों में भी वृद्धि
इन न्यायालयों में महिलाओं द्वारा दायर 1,96,450 मामले लंबित हैं। इनमें 93,814 सिविल और 1,02,636 आपराधिक प्रकृति के हैं। बुजुर्गों द्वारा दायर 1,12,371 मामले भी अभी तक लंबित हैं, जिनमें 91,794 सिविल और 20,577 आपराधिक मामले शामिल हैं।

प्रदेश में कुल लंबित मामलों की स्थिति
लंबित मामले – संख्या – एक वर्ष से पुराने

कुल लंबित मामले – 20,96,824 – 14,44,306 (68.88%)

सिविल मामले – 4,22,905 – 2,36,244 (55.86%)

आपराधिक मामले – 16,73,919 – 12,08,062 (72.17%)

प्री-लिटिगेशन/प्री-ट्रायल मामले – 1,24,010 – 58,563 (47.22%)

पांच शहर जहां सबसे ज्यादा मामले

शहर – संख्या – एक वर्ष से पुराने

इंदौर – 2,38,279 – 1,82,201 (76.74%)

भोपाल – 1,46,200 – 1,04,593 (71.54%)

जबलपुर – 1,44,809 – 1,03,465 (71.45%)

रीवा – 98,083 – 77,428 (78.94%)

ग्वालियर – 91,521 – 64,914 (70.93%)

लंबित मामलों की स्थिति

कितने वर्ष से – सिविल – आपराधिक

एक वर्ष पुराने – 1,86,661 – 4,65,857

एक से तीन वर्ष पुराने – 1,39,920 – 5,37,142

तीन से पांच वर्ष – 49,588 – 3,67,074

पांच से दस वर्ष – 38,117 – 2,84,209

दस वर्ष से ज्यादा – 8,619 – 19,637

2000 से पहले – 194 – 56

सबसे पुराना मामला – 1954 – 1982

ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र के पास हवाई हमला

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ईरान के बुशहर परमाणु केंद्र के पास हवाई हमला
ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बताया कि देश के बुशहर परमाणु केंद्र के पास एक हवाई हमले में एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले में परमाणु केंद्र के पास की एक इमारत भी क्षतिग्रस्त हो गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है।

ईरान की परमाणु एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह हमला किसने किया या इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं? बुशहर परमाणु केंद्र ईरान की ऊर्जा उत्पादन क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह फैसिलिटी ईरान के परमाणु कार्यक्रम का एक प्रमुख केंद्र है और इसके आसपास किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन सकती है।

परमाणु केंद्र पर चौथी बार हुआ हमला
जारी किए गए बयान के अनुसार यह चौथी बार है, जब बुशहर परमाणु केंद्र पर युद्ध के दौरान हमला हुआ है। यह तथ्य इस सुविधा की संवेदनशीलता और क्षेत्र में चल रहे संघर्षों के संभावित प्रभाव को रेखांकित करता है। इस हमले से पश्चिम एशिया क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं।

फारस की खाड़ी के पास स्थित है बुशहर परमाणु संयंत्र
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, इस हमले से संयंत्र के मुख्य हिस्सों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और उत्पादन अप्रभावित बताया जा रहा है। हालांकि, संयंत्र के मुख्य परिचालन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। दक्षिणी ईरान में फारस की खाड़ी पर बुशहर परमाणु संयंत्र स्थित है और यह देश का पहला वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा स्टेशन है।

अमेरिका-ईरान तनाव और ट्रंप की धमकियां
युद्ध छिड़ने के बाद से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बुनियादी ढांचे, जिसमें पुल और बिजली संयंत्र शामिल हैं, पर संभावित हमलों की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि अमेरिकी सेना ने अभी तक ईरान में जो कुछ बचा है, उसे नष्ट करना शुरू भी नहीं किया है। उन्होंने ईरान को पाषाण युग में वापस भेजने की धमकी भी दी थी।

राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के सभी आरोपों का दिया जवाब

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राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी के सभी आरोपों का दिया जवाब
पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने खुद पर लगाए आरोपों पर सफाई दी है। फेसबुक पर लाइव होकर चड्ढा ने कहा कि मेरे खिलाफ एक अभियान चलाया जा रहा है। एक जैसी भाषा और एक जैसे आरोप। पहले मुझे लगा कि इसका जवाब नहीं देना चाहिए लेकिन फिर लगा कि एक झूठ को साै बार बोला जाए तो वो सच लगने लगता है।

तीन बड़े आरोपों पर दी सफाई
पहला आरोप: आम आदमी पार्टी की तरफ से मुझ पर तीन बड़े आरोप लगाए गए हैं। पहला आरोप है कि जब विपक्ष सदन से वाॅकआउट करता है तो राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं। ये सरासर झूठ है। एक दिन ऐसा बताया जाए जब विपक्ष ने वाॅकआउट किया हो और मैंने उनका साथ न दिया हो। संसद में हर जगह सीसीटीवी कैमरा है, आप उसकी फुटेज निकालकर दिखा दीजिए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

दूसरा आरोप: राघव ने कहा कि दूसरा आरोप मुझ पर लगाया गया कि मैंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर को हटाने वाली याचिका पर साइन नहीं किए। ये भी सफेद झूठ है। मुझे आप के किसी नेता ने इस याचिका पर साइन करने के लिए नहीं कहा। साथ ही राज्यसभा में पार्टी के दस सांसद हैं, जिनमें से छह या सात सांसदों ने खुद ही इस याचिका पर साइन नहीं किया। अब इसमें मेरी क्या गलती है। सारा दोष मुझ पर ही क्यों। इस याचिका के लिए रास में केवल 50 साइन चाहिए थे यानी 105 विपक्षी सांसदों में से 50 से ये याचिका पूरी हो जाती।

तीसरा आरोप: चड्ढा ने कहा कि तीसरा आरोप जो मुझ पर लगाया गया वो ये था कि राघव चड्ढा डर गए हैं और इसलिए वो बेकार मुद्दे उठाते हैं। मैं बता दूं कि मैं संसद में चीखने चिल्लाने, गाली देने या माइक तोड़ने नहीं गया। मैं वहां जनता के मुद्दे उठाने गया हूं। मैंने काैन से मुद्दा नहीं उठाया। जीएसटी से लेकर पानी तक, पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा की बात की। बेरोजगारी से लेकर महंगाई तक के मुद्दे उठाए। मेरा ट्रैक रिकाॅर्ड उठाकर देख लीजिए। मैं संसद में इंपेक्ट क्रिएट करने गया हूं। जो लोग मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा। हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं।

पीएम मोदी ने केरल में भरी सियासी हुंकार

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पीएम मोदी ने केरल में भरी सियासी हुंकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज केरल में भाजपा की चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे केरलम को ईश्वर ने अपार संसाधन और संभावनाएंं दी हैं। यहां समंदर में ब्लू इकोनॉमी के असीम अवसर हैं। यहां उद्योगों के लिए संभावनाएं हैं। पर्यटन के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं, लेकिन केरल बाकी राज्यों से लगातार पीछे होता जा रहा है।’

पीएम मोदी ने आगे कहा कि राज्य में इस बार माहौल बदल चुका है और जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि 9 अप्रैल को मतदान के बाद 4 मई को एनडीए सरकार बनने जा रही है। उन्होंने महिलाओं के समर्थन को अपनी ताकत बताते हुए कहा कि राज्यभर में एनडीए के पक्ष में माहौल दिख रहा है। उन्होंने उम्मीदवार अनुप को समर्पित और मेहनती बताते हुए जनता से समर्थन की अपील की। रैली के दौरान उन्होंने सबरीमाला और भगवान अयप्पा का भी उल्लेख किया गया और इसे सांस्कृतिक जुड़ाव से जोड़ा। इसके साथ ही पीएम मोदी ने यह भी बोले कि केरल के लोगों को कांग्रेस और लेफ्ट से सावधान रहने की जरूरत है।

चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार के लिए वोट की अपील
केरल में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनाव में केरल को फायदा होगा, भले ही उन्हें खुद व्यक्तिगत रूप से कुछ नुकसान उठाना पड़े। उन्होंने कहा कि एनडीए उम्मीदवार अनूप पिछले पांच वर्षों से उनके साथ पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम कर रहे हैं। वह शांत, ईमानदार और दिन-रात काम करने वाले कार्यकर्ता हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि केरल को ऐसे युवा नेता की जरूरत है और आज वह अनूप को जनता के हवाले कर रहे हैं ताकि वह लोगों की सेवा कर सकें।

मेरा बूथ सबसे मजबूत- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मेरा बूथ सबसे मजबूत अभियान के तहत केरल के भाजपा कार्यकर्ताओं से बातचीत की थी। इस दौरान 5000 शक्ति केंद्रों से 1.25 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता जुड़े। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं का एक ही संदेश था कि केरल की जनता अब एलडीएफ सरकार को हटाने का मन बना चुकी है।

बुनियादी सुविधाओं पर क्या बोले पीएम मोदी?
कहा कि रैली में आने के दौरान पूरे रास्ते लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। वाम दल जहां मानव श्रृंखला की बात करते हैं, वहीं केरल की जनता ने एनडीए के समर्थन में मानव दीवार खड़ी कर दी है। प्रधानमंत्री ने एलडीएफ और यूडीएफ सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन सरकारों ने इस क्षेत्र की लंबे समय तक अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि यहां की सड़कें खराब हालत में हैं, वर्षों से नए पुल नहीं बने हैं और मेडिकल कॉलेज की स्थिति भी चिंताजनक है। बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण लोगों की जीवन गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ा है।

केरल के फंड पर क्या बोले प्रधानमंत्री?
उन्होंने कहा कि जब एलडीएफ और यूडीएफ केंद्र में सत्ता में थे, तब केरल को कम फंड मिलता था। लेकिन मोदी सरकार में राज्य को पांच गुना ज्यादा फंड दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों में, जहां बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय रहता है, वहां एनडीए की सरकारें बनी हैं और विकास कार्य हुए हैं। गोवा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी सरकार लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि केरल में एनडीए सरकार बनेगी, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा और मछुआरों समेत स्थानीय समुदायों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

US के ‘सैन्य गुरूर’ पर ईरान की चोट, धूल में मिले F-15 और A-10 फाइटर जेट्स

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US के ‘सैन्य गुरूर’ पर ईरान की चोट, धूल में मिले F-15 और A-10 फाइटर जेट्स
ईरान के साथ करीब पांच सप्ताह से चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। एक ही दिन में ईरान द्वारा दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों के गिराए जाने की घटना ने पश्चिम एशिया में संकट को और गहरा दिया है।

इन घटनाओं के बाद एक लापता अमेरिकी पायलट की खोज तेज कर दी गई है, जो दुश्मन क्षेत्र में छिपा हुआ बताया जा रहा है। यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों के उलट है कि यूएस का ईरान के आसमान पर कब्जा हो गया है।

ईरान की धरती पर F-15E विमान गिराया गया
ईरानी सेना ने एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू जेट को गोलाबारी में मार गिराया। दो पायलट वाले इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि दोनों देशों के अधिकारियों ने की है। घटना के बाद एक पायलट को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता है। दूसरे पायलट की तलाश की जा रही है।

कुवैत के ऊपर A-10 विमान दुर्घटनाग्रस्त
इसी दिन एक अलग घटना में एक अमेरिकी A-10 वारथोग अटैक एयरक्राफ्ट कुवैत के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, विमान के पायलट ने सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया और उसे बाद में बचा लिया गया। एक के बाद एक हुई इन दो घटनाओं ने संघर्ष की शुरुआत के बाद अमेरिकी वायु सेना को लगे सबसे बड़े झटकों में से एक को बना दिया है।

बचाव मिशन पर भी हमला
F-15E लड़ाकू विमान के लापता पायलट का पता लगाने के प्रयास बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खोज और बचाव मिशन के लिए ईरानी क्षेत्र में घुसे दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों पर भी गोलाबारी हुई। हालांकि वे ईरानी हवाई क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस मिशन में एक पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया था। आशंका जताई गई है कि ये दो हेलीकॉप्टर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

लापता पायलट पर ईरान ने रखा इनाम
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने देश के दक्षिण-पश्चिम इलाके में लापता अमेरिकी पायलट की तलाश के लिए एक अभियान शुरू किया है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि पायलट की सूचना देने या उसे पकड़ने वाले शख्स को इनाम दिया जाएगा। वहीं, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि युद्ध अब शासन परिवर्तन से हटकर अमेरिकी पायलटों की तलाश में बदल गया है।

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सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन काल से हम सब परिचित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कर्मस्थली काशी में इस महानाट्य के मंचन के अवसर पर यह कहना प्रासंगिक होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन से राष्ट्र को दिए जा रहे योगदान के लिए अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी (काशी) में शुक्रवार को तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन पर संबोधित कर रहे थे। समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बदलते दौर में 2 राज्यों के मध्य सांस्कृतिक संबंध को प्रगाढ़ करने के लिए यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। दोनों राज्य विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से दोनों राज्यों को अंतर्राज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। यह दोनों राज्यों में सिंचाई, कृषि उत्पादन और पेयजल प्रदाय में सहयोग करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। यह प्रधानमंत्री मोदी का सुशासन भी है, जिसके अंतर्गत राज्यों के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सुशासन के इस काल में सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में स्थापित सुशासन का स्मरण आना स्वभाविक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान के सम्राट विक्रमादित्य के राष्ट्र प्रेम, पराक्रम, न्यायप्रियता, प्रजा वात्सल्य और ज्ञान विज्ञान परम्परा की पुनर्स्थापना के गुणों की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महानाट्य माध्यम बन रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के युग का पुनर्स्मरण करने के लिए महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का पहले नई दिल्ली में भी मंचन हुआ है। इस नाटक में अनेक इंजीनियर, डॉक्टर, वकील और अन्य व्यवसायों से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्ति विभिन्न पात्रों के रूप में मंच पर भूमिका निभाते हैं। इससे प्रतिभाओं को तो मंच मिल ही रहा है, एक कुशल शासक के योगदान से देश के नागरिक भी परिचित हो रहे हैं। इस तरह यह महानाट्य लोकरंजन के साथ भारत के गौरवशाली इतिहास को भी आज जीवंत करने में माध्यम बना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में भाइयों की तीन जोड़ियां प्रसिद्ध हुई हैं। इनमें भगवान राम और लक्ष्मण, भगवान कृष्ण और बलराम के साथ सम्राट विक्रमादित्य और राजा भतृहरि की जोडी शामिल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्रारंभ किया है। एक राष्ट्रीय सम्मान 21 लाख रुपए राशि का और तीन राज्य स्तरीय सम्मान 5-5 लाख रुपए राशि के स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2024 में हुए विक्रमोत्सव को सर्वाधिक अवधि वाली धार्मिक- आध्यात्मिक फैस्टिवल का महाद्वीप स्तरीय वॉव अवार्ड भी मिला है। यही नहीं प्रतिष्ठित ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड भी विक्रमोत्सव को प्राप्त हुआ है।

विक्रमादित्य महानाट्य मंचन यादगार क्षण : उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रमादित्य महानाट्य मंचन को यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के भाव को साकार करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा विश्वनाथ की इस धरा को बाबा महाकाल की धरा से नाट्य मंचन के माध्यम से जोड़ने का विशिष्ट कार्य किया है। योगी ने भाइयों की जोड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भरथरी की जोड़ी का उल्लेख है। महाराजा ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर काशी की भूमि और चुनार के किले में साधना की थी। सम्राट विक्रमादित्य ने ही आज से दो हजार साल पहले अयोध्या नगरी की खोज की थी और महाराज लव के बाद सबसे पहले भगवान राम के मंदिर का निर्माण करवाया था। सम्राट विक्रमादित्य नीति शास्त्र और न्याय के पर्याय थे।

उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है और काशी पंचांग की नगरी है दोनों मिलकर नया इतिहास बनाते हुए प्रेम और सहयोग किया परंपरा मजबूती से आगे बढ़ायेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ज्ञान परंपरा को उचित स्थान देकर पूरे विश्व में प्रतिष्ठित किया है। आज योग और आयुर्वेद की पूरी दुनिया में स्वीकार्यता बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया। इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया।

भेंट की गई वैदिक घड़ी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वैदिक काल को वर्तमान में जनता के बीच पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी। इस घड़ी में प्राचीन वैदिक परंपरा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान का मिश्रण करके कल की अचूक गणना का समावेश किया गया है।

समारोह में उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल, एमएसएमई मंत्री राजेश सचान, पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ,महापौर अशोक तिवारी जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ जी, विधायक, स्थानीय जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।

वाराणसी की पावन धरा पर महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का हुआ ऐतिहासिक मंचन

महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ के भव्य मंचन और ओजस्वी प्रस्तुति से दर्शकों को हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युग की यात्रा कराई। महानाट्य का आरंभ सम्राट विक्रमादित्य के उस संकल्प से हुआ, जब वे विदेशी आक्रांताओं के चंगुल से मातृ भूमि को मुक्त कराने का प्रण लेते हैं। रंगमंच पर कलाकारों के सजीव अभिनय ने उस कालखंड को जीवंत कर दिया, जब शकों के आतंक से त्रस्त प्रजा की रक्षा के लिए एक महानायक का उदय हुआ था। विशाल और भव्य सेट, ऊंचे दुर्ग और उस दौर के राजसी वैभव को दर्शाते दृश्यों ने दर्शकों को से बांधे रखा। प्रकाश संयोजन और संगीत की स्वर लहरियों ने हर दृश्य को इतना प्रभावशाली बना दिया कि युद्ध के दृश्यों में जहाँ वीरता का सजीव आभास हुआ, वहीं सम्राट की न्यायप्रियता के प्रसंगों ने दर्शकों को गौरव की भावना से भर दिया।

महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता इसका यथार्थवादी चित्रण था, जिसमें मदमस्त हाथियों, सरपट दौड़ते घोड़ों और ऊंटों के काफिलों के प्रयोग ने युद्ध के दृश्यों और राजसी वैभव को अभूतपूर्व भव्यता प्रदान की। हाथियों की चिंघाड़ और घोड़ो की टापों ने मंच पर रणभूमि का साक्षात दृश्य उपस्थित कर दिया, जिससे दर्शक रोमांचित हो उठे। लगभग 400 से अधिक कलाकारों ने आधुनिक लाइट-एंड-साउंड तकनीक के साथ सम्राट की न्यायप्रियता, अदम्य शौर्य और विक्रम संवत की स्थापना के प्रसंगों को बड़े प्रभावशाली रूप प्रस्तुत किया। मंच पर निर्मित ऊंचे दुर्ग और राजप्रासाद के सेट ने इतिहास को जीवंत कर दिया।

महानाट्य में सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व के उन अनछुए पहलुओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया, जो उन्हें एक साधारण राजा से ‘चक्रवर्ती सम्राट’ बनाते हैं। वह दृश्य अत्यंत ह्रदय स्पर्शी था जब सम्राट अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए रात्रि के अंधकार में वेश बदलकर निकलते हैं। उनके द्वारा स्थापित ‘विक्रम संवत’ की प्रासंगिकता और भारतीय काल-गणना के महत्व को जिस सरल और साहित्यिक भाषा में संवादों के माध्यम से पिरोया गया, वह सराहनीय था। कलाकारों के संवादों में वह ओज और स्पष्टता थी, जिसने इतिहास को मंच पर साक्षात कर दिया। सम्राट का न्याय और ‘सिंहासन बत्तीसी’ के प्रसंगों ने यह संदेश दिया कि नेतृत्व केवल सत्ता का भोग नहीं, बल्कि त्याग और न्याय की वेदी पर खुद को समर्पित करना है।

तीन दिवसीय महानाट्य की पहली गरिमामयी शाम में जनता और पर्यटक इस कदर उमड़े कि कार्यक्रम स्थल छोटा प्रतीत होने लगा नाटक के चरमोत्कर्ष पर पहुंचतें ही “जय महाकाल” और “सम्राट विक्रमादित्य” के जयकारों से आकाश गुंजायमान हो गया। यह महानाट्य केवल मंचन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों की ओर लौटने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। अंतिम दृश्य में जब सम्राट का राज्याभिषेक हुआ और पुष्प वर्षा हुई, तो हर नागरिक का मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया।

कार्यक्रम की समाप्ति के बाद भी देर तक दर्शक उस जादुई वातावरण के प्रभाव में रहे। महानाट्य के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में भव्यता के साथ प्रस्तुत किया जाए, तो वह आज भी जनमानस को गौरवान्वित करता है। यह महानाट्य आने वाले समय में एक सांस्कृतिक मील का पत्थर साबित होगा।

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सोशल मीडिया बनी है युवाओं की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में शुक्रवार को सोशल मीडिया की मध्यप्रदेश टूरिज्म़ इनफ्लुएंसर मीट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया वर्तमान समय में युवाओं की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति से सनातन परंपरा के वैचारिक आधार को शिक्षा नीति में समाहित किया है। ऐसा करके युवाओं को सच्चे संस्कार के साथ विकास का अवसर दिया गया है। हमें विकास के साथ-साथ प्राचीन काल के गौरव और परंपराओं पर भी गर्व होना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से हम बाबा विश्वनाथ के धाम में उज्जैन और मध्यप्रदेश के प्राचीन गौरव की झलक दिखा रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, वीरता और धर्म परायणता हम सबको प्रेरित और गौरवान्वित करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्राचीन गौरव के साथ विकास को नया आयाम दिया है। वाराणसी में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां दी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बीच में सद्भाव और विकास के साथ सहयोग बढ़ा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश दो भाइयों की जोड़ी है। दोनों मिलकर विकास के नए प्रतिमान बनाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बीच सद्भाव और विकास के लिए सहयोग बढ़ा है।

सिंहस्थ: 2028 में बनेंगे कीर्तिमान
उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ अद्भुत होगा। इसमें श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले सभी नागरिकों,पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित रहेगी। इस दृष्टि से नए कीर्तिमान भी बनेंगे।