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शनि-राहु का खतरनाक संयोग, इन राशियों पर टूटेगा मानसिक तनाव का पहाड़

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शनि-राहु का खतरनाक संयोग, इन राशियों पर टूटेगा मानसिक तनाव का पहाड़
10 अप्रैल 2026 को आने वाली कालाष्टमी इस बार बेहद खास और ज्योतिषीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होने वाली है। इस दिन मीन राशि में शनि देव ‘अस्त’ अवस्था में होंगे, जबकि कुंभ राशि में राहु अपना पूर्ण प्रभाव दिखाएंगे।

ग्रहों का यह दुर्लभ मेल न केवल मानसिक दबाव और कामों में देरी ला सकता है, बल्कि मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकता है। एस्ट्रोपत्री के आनंद सागर पाठक के अनुसार, इस कठिन समय में भगवान काल भैरव की शरण ही एकमात्र सुरक्षा कवच है।

शनि और राहु का संयुक्त प्रभाव:
धैर्य की परीक्षा: कोशिशों के बाद भी उलझनें बढ़ सकती हैं और कामों में देरी आपके सब्र का इम्तिहान लेगी।
मानसिक दबाव: भावनात्मक और मानसिक तनाव बढ़ सकता है, इसलिए खुद को शांत रखने का प्रयास करें।
अचानक आने वाली चुनौतियां: कार्मिक स्थितियों के कारण अचानक कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जिन्हें केवल विवेक से ही सुलझाया जा सकता है।

आध्यात्मिक लाभ: यह समय आध्यात्मिक उपायों और पूजा-पाठ के लिए बहुत ही प्रभावशाली है।
जल्दबाजी से बचें: यह समय रुकने, सोचने और बिना सोचे-समझे कोई भी बड़ा कदम न उठाने का है।

राशि अनुसार प्रभाव और सावधानी
मेष राशि (Aries):
मेष राशि वालों के लिए यह कालाष्टमी मानसिक अस्थिरता ला सकती है। लक्ष्य को लेकर भ्रम और अचानक बढ़ते खर्च आपको परेशान कर सकते हैं। रिश्तों में भी भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है। आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का जोखिम न लें।
उपाय: भगवान काल भैरव की पूजा करें और सरसों के तेल का दान करें।

वृषभ राशि (Taurus):
आपके करियर से जुड़े फैसलों में अनिश्चितता रह सकती है और लाभ मिलने में देरी हो सकती है। प्रेम जीवन में उम्मीदें तुरंत पूरी न होने से मन खिन्न रहेगा। आर्थिक विकास होगा, लेकिन उसकी गति धीमी रहेगी।
उपाय: सफेद मिठाई का दान करें और “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करें।

मिथुन राशि (Gemini):
करियर के मोर्चे पर आप दबाव महसूस कर सकते हैं। काम में भ्रम की स्थिति बन सकती है, इसलिए किसी भी बड़ी सलाह पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। रिश्तों में गलतफहमी से बचने के लिए बातचीत साफ रखें।
उपाय: विद्यार्थियों की मदद करें और बुध मंत्रों का जाप करें।

कर्क राशि (Cancer):
कर्क राशि के जातकों को इस समय बहुत संभलकर रहना होगा। अचानक भावनात्मक या आर्थिक समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। प्रेम संबंधों में संवेदनशीलता बढ़ेगी। निवेश के मामलों में किसी भी तरह का जोखिम भारी पड़ सकता है।

उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें और भगवान शिव को दूध अर्पित करें।

सिंह राशि (Leo):
अपनों से बातचीत में संयम रखें, क्योंकि छोटी बात भी अहंकार की लड़ाई बन सकती है। साझा संपत्ति के मामलों में सावधानी बरतें। मीठा बोलकर और दूसरों को समझकर रिश्तों में मधुरता बनाए रखें।

उपाय: भगवान काल भैरव को गेहूं अर्पित करें और सुरक्षा की प्रार्थना करें।

कन्या राशि (Virgo):
व्यापारिक साझेदारी या जीवनसाथी के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है। छोटी-छोटी बातों पर विवाद होने के योग हैं। ज्यादा सोच-विचार करने से बचें और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।

उपाय: मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें और व्यर्थ के विवादों से दूर रहें।

तुला राशि (Libra):
रोजमर्रा के कामों और लव-लाइफ में दबाव महसूस हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें और आर्थिक रूप से शॉर्टकट से पैसा कमाने की कोशिश न करें।

उपाय: सफेद फूल अर्पित करें और मां लक्ष्मी की आराधना करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio):
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। घर की शांति भंग हो सकती है और प्रेम संबंधों में भावनात्मक टकराव संभव है। आर्थिक रूप से अनुशासन बनाए रखें और किसी से बहस न करें।

उपाय: मां दुर्गा को लाल फूल चढ़ाएं और मन को शांत रखने का प्रयास करें।

धनु राशि (Sagittarius):
पारिवारिक मामलों में मानसिक दबाव रह सकता है। रिश्तों में संवाद की कमी के कारण दूरियां बढ़ सकती हैं। पैसों के मामले में फिजूलखर्ची से बचें और धैर्य बनाए रखें।

उपाय: गुरु मंत्र का जाप करें और पीली वस्तुओं का दान करें।

मकर राशि (Capricorn):
बातचीत के दौरान कठोर शब्दों का प्रयोग रिश्तों और धन दोनों का नुकसान करा सकता है। निवेश के मामलों में कोई भी बड़ा जोखिम न उठाएं। इस समय आपकी वाणी ही आपकी जीत या हार तय करेगी।

उपाय: तिल के तेल का दीपक जलाएं और गरीबों की मदद करें।

कुंभ राशि (Aquarius):
राहु आपकी ही राशि में है, जो भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। पैसों को लेकर दबाव महसूस होगा और रिश्तों में बातचीत की कमी से दूरियां आ सकती हैं। कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच लें।

उपाय: काले तिल का दान करें और भगवान काल भैरव की उपासना करें।

मीन राशि (Pisces):
शनि आपकी ही राशि में अस्त हैं, जिससे आप पर मानसिक और भावनात्मक बोझ बढ़ सकता है। प्यार के मामले में धैर्य की परीक्षा होगी। पैसों के लेनदेन में जल्दबाजी बिल्कुल न दिखाएं।

उपाय: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप करें और नियमित ध्यान करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सुगम संपर्कता परियोजना की समीक्षा

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सुगम संपर्कता परियोजना की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए ड्रोन का उपयोग हो। सिपरी साफ्टवेयर न सिर्फ डीपीआर तैयार करने की दृष्टि से उपयोगी है बल्कि सड़क के साथ पुल-पुलियों की आवश्यकता दर्शाने में भी इसका उपयोग हो रहा है। सड़क निर्माण कार्यों को पूर्ण करने में वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग शुरू करना सराहनीय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समत्व भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सुगम संपर्कता परियोजना संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि गत माह शुरू किए गए राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की विभागीय स्तर पर प्रति सप्ताह समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “एक बगिया मां के नाम” अंतर्गत की गई गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में आमजन की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि परियोजना में प्रदेश में एक हजार करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का निर्माण कराया जाएगा तथा 100 से अधिक आबादी वाले मजरों-टोलों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग दीपाली रस्तोगी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परियोजना की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि परियोजना में सड़कों का निर्माण मनरेगा अर्थात वीबी-जी-राम-जी योजना में से करवाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक जनपद पंचायत तीन करोड़ तक की स्वीकृति प्रदान कर सकेगी। “सुगम संपर्कता परियोजना” के माध्यम से गांवों, ग्राम पंचायतों को दोहरी संपर्कता प्रदान की जाएगी।

पूर्व से निर्मित सड़कों की जियो इंवेंट्री
सुगम संपर्कता परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें पूर्व में बनी सड़कों की रिम्स पोर्टल के माध्यम से जियो-इंवेंट्री की जा रही है। इससे नई सड़कों के चयन में दोहराव की स्थिति नहीं बनेगी। जियो इंवेंट्री में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, पीएमजीएसवाय, मुख्य जिला सड़क और संपर्कता ऐप से चयनित सड़कें शामिल हैं।

जियो- इंवेंट्री का आधा कार्य पूर्ण
निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 33 हजार 655 सड़कों में से 17 हजार 437 सड़कों की जियो इंवेंट्री का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही 9 जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। रतलाम, जबलपुर, आगर-मालवा, मंदसौर और पन्ना जिले इस कार्य में अग्रणी हैं।

सिपरी सॉफ्टवेयर का उपयोग स्थल चयन में
सुगम संपर्कता परियोजना के तहत 2 गांवों, ग्राम पंचायतों, मजरों-टोलों और विद्यार्थियों के हित में सांदीपनि विद्यालयों तक बनने वाली सड़कों के लिए स्थान का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर से किया जा रहा है। सड़कों की डीपीआर तैयार करने के लिए भी इस सॉफ्टवेयर और रिम्स पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। नई प्रस्तावित सड़कों का सर्वे में भी तकनीक उपयोग में लाई जा रही है। सर्वे की गई सड़कों में कार्य स्थल के हिसाब से सड़क निर्माण का प्राक्कलन सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा सड़क निर्माण में किस जगह पर पुल-पुलिया एवं कल्वर्ट की आवश्यकता है, ये भी सॉफ्टवेयर द्वारा बताया जा रहा है। इस प्रकार परियोजना में सड़क निर्माण के कार्य स्थल के चयन से लेकर डीपीआर तैयार करने तक का कार्य वैज्ञानिक पद्धति से हो रहा है।

जिला स्तर पर बनेंगे प्रस्ताव, स्वीकृत भी होंगे
परियोजना अंतर्गत प्रदेश में 7 हजार 135 नवीन सड़कों का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। प्रदेश के 29 जिलों में 1771 नवीन सड़कों का प्रस्ताव जिला स्तर पर स्वीकृत किया जा चुका है। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी अमले को तकनीकी बारीकियों का प्रशिक्षण भी दिया गया है। इसमें राज्य स्तर से 2100 से अधिक तकनीकी स्टॉफ और विभिन्न श्रेणी के अभियंताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक को भी निर्माण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। परियोजना अंतर्गत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता की जानकारी ड्रोन तकनीक से प्राप्त करने के अलावा सड़कों के निर्माण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की निगरानी जनपद, जिला और राज्य स्तर पर डैशबोर्ड से करने की पहल की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यद्यपि हमारी संस्कृति हमें सबके सुख की कामना करना सिखाती है, पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में दुनिया यह भी जान गई है कि यदि कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे। जो जिस भाषा में समझें, उसे उसी भाषा में समझाना जरूरी है।अतिवादी ताकतें देश के विकास में बड़ी बाधक हैं। हमें ऐसी ताकतों से पूरी मजबूती से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (नेशनल सिक्युरिटी गार्ड) भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच है। एनएसजी के कारण ही हमारी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुदृढ़ है। देश में बीते काल में हुई किसी भी प्रकार की अतिवादी, अप्रिय घटनाओं एवं असामान्य परिस्थितियों में एनएसजी गार्ड की पूरी मुस्तैदी से मौजूदगी ने हमें यह एहसास कराया है कि एनएसजी है तो हम हर हाल में सुरक्षित हैं। एनएसजी देश की सीमा के भीतर नागरिक सुरक्षा की पक्की गारंटी की तरह है। उन्होंने कहा कि एनएसजी के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की रक्षा में तत्पर रहते हैं। यह बल अपनी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी-शो में सहभागिता कर एनएसजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के लिए आयोजित समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के साझा कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो देखा और कमांडो के प्रदर्शन की सराहना की। शो के दौरान एनएसजी जवानों ने मॉक टेररिस्ट अटैक का रीयलस्टिक सीन क्रिएट कर इस तरह के अटैक्स को काउंटर कर पूरी क्षमता से निपटने के लिए एनएसजी द्वारा अपनाई जाने वाली पूरी प्रकिया एवं कार्यवाही का सजीव प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शो पुरुषार्थ और साहस से पराक्रम की पराकाष्ठा के प्रदर्शन का परिचायक है। इस प्रशिक्षण प्रदर्शन में जवानों ने हवा में उड़ते हुए जो करतब दिखाए हैं, वे सच में अद्भुत है। एनएसजी जवान हमारी सुरक्षा व्यवस्था की धुरी हैं। जल, थल, नभ हर तरह से देश पर किसी भी तरह की चुनौतियां और कठिनाइयां आ सकती हैं, इनसे निपटने की तैयारियों के लिए यह प्रशिक्षण और पूर्वाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण कार्यक्रम सह एनएसजी शो के शुभारंभ अवसर पर पुलिस बैंड द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी प्रकार के टेररिस्ट अटैक से निपटने के लिए हम अपने सुरक्षा बलों, एटीएस और सीटीजी को और अधिक मजबूत करेंगे। सीटीजी के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की है। जल्द ही हम इस दिशा में आगे बढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि टेररिस्ट अटैक को पूरी दक्षता से काउंटर करने सभी जरूरी प्रशिक्षण के लिए हमारी सरकार भोपाल जिले की हुजुर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र खोलेगी। इस सेंटर के जरिए हम अपने सुरक्षा बलों को किसी भी प्रकार की आकस्मिक आपदा एवं अतिवादी ताकतों से निपटने के लिए पूरी क्षमता से तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, इसलिए यह सेंटर देश की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारे जवान अपने हथियार और बुद्धिमत्ता से सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए हमारी सरकार हर समय तत्पर है। हमारी एटीएस आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी है। इनकी मदद के लिए तैयार की गई काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (सीटीजी) हमारी असॉल्ट यूनिट, आधुनिक हथियारों और मॉडर्न टेक्निक से लैस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अपने सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग पहचान बन रही है। वर्ष 1984 में एनएसजी की स्थापना हुई। एक समय था जब हमारे देश के प्रधानमंत्री भी अपने घर में सुरक्षित नहीं हुआ करते थे। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की माला पहनाते हुए हत्या कर दी गई। एनएसजी का स्लोगन ‘सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा’ है, जो विजय भाव की अनुभूति कराता है। एनएसजी जवानों का शौर्य और निष्ठा बेजोड़ है। जब भी देश में कोई संकट आता है। हमारे एनएसजी जवान (ब्लैक कैट कमांडोज़) देशवासियों को पूरी सुरक्षा देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब हमारी सेना देश के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने का माद्दा रखती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से आज हमें यह भरोसा दिलाया है। यहां मध्यप्रदेश पुलिस के साथ एटीएस, सीटीजी के प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है। आज के विकासशील दौर में आतंकवाद, नक्सलवाद बहुत घातक है। इनसे लड़ने के लिए बलों को हर तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। देश ने 35 साल पुरानी एक बड़ी समस्या (नक्सलवाद) को खत्म कर दिया है। हमारा मध्यप्रदेश आज पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों का बड़ा योगदान है। सुरक्षा बलों के कारण ही भारत दुनिया के सबसे सशक्त तीन देशों की कतार में शामिल हुआ है।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि एनएसजी और म.प्र. पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 4 मई 2026 तक करीब एक माह चलेगा। इस दौरान काउंटर अटैक सहित करीब 8 प्रमुख विषयों पर जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस जवान काउंटर/टेररिस्ट अटैक से निपटने की ट्रेनिंग लेंगे और अपने कला, कौशल और टेक्निक को बेहतर से बेहतर बनाएंगे। हम नई चुनौतियों को लेकर तैयार हो रहे हैं। हमारी एटीएस और एसटीएफ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। हमारी सुरक्षा वाहिनियां वीवीआईपी और वीआईपी को पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा मुहैया करा रही है।

एनएसजी के महानिदेशक बी. निवासन ने कहा कि पुलिस जवान अपनी योग्यता और क्षमता के दम पर एनएसजी से जुड़ते हैं। मध्यप्रदेश की एटीएस और सीटीजी बहुत अच्छी तरह अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि हमने मध्यप्रदेश पुलिस के एक हजार 164 जवानों और देश के करीब 26 हजार जवानों को प्रशिक्षण दिया है। हम खुद अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार और सुधार लाकर जवानों का कौशल संवर्धन कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान मुख्यत: पुलिस जवानों को आतंकवादी घटनाओं से निपटने के गुर सिखाकर उनका कौशल संवर्धन किया जाएगा।

पुलिस महानिदेशक मकवाणा एवं एनएसजी के महानिदेशक निवासन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पौधा भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किया गया। एडीजी सशस्त्र सुरक्षा बल चंचल शेखर ने आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने एनएसजी से प्रशिक्षण ले रहे म.प्र. पुलिस के सभी जवानों के साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया “गीता भारती” का विमोचन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया “गीता भारती” का विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन में पंडित मुस्तफा आरिफ उज्जैन की पुस्तक ‘गीता भारती’ का विमोचन किया। इस पुस्तक में भगवद गीता के श्लोक ‘हिन्दी मुक्तक’ के रूप में लिखकर संकलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेखक को इस काव्य सृजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंडित मुस्तफा आरिफ ने इस पुस्तक की रचना के बारे में बताया कि जहां धर्म है, वहां कर्म सर्वोपरि है। इसी कारण सभी धर्म- प्रधान हैं। कुरान शरीफ की 6666 आयतों पर 10 हजार हिंदी पद रचने के बाद परमात्मा-प्रदत्त सदबुद्धि ने उन्हें कर्म- आधारित धर्म ग्रंथों की ओर मोड़ा है। मद भगवद्गीता के कर्म-दर्शन ने उन्हें गहराई से प्रेरित किया। उनकी लेखनी परमात्मा की कृपा से गीतामय होकर शोध-यात्रा पर निकली, जिसकी परिणति मद भगवद्गीता के 700 संस्कृत श्लोकों पर 786 हिंदी मुक्तकों में हुई। पं. आरिफ ने बताया कि यह ग्रंथ सनातन हिंदू दर्शन को आत्मसात करने का अभिनव अनुभव रहा है, जो भारत की संस्कृति और अनेकता में एकता की परम्परा को जन-जन तक पहुंचाने की प्रेरणा देता है।

पुस्तक में गीता के गहन संदेश- कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और मोक्ष को 786 भावपूर्ण हिंदी मुक्तकों में बांधा गया है। यह हिंदी मुक्तक जीवन की जटिलताओं में स्पष्ट करते हैं। मुक्तकों के प्रत्येक छंद सरल भाषा में रचे गए हैं, जिससे साधारण व्यक्ति गीता का सार समझ सके। पं. आरिफ का विश्वास है कि हिंदू और इस्लामी ग्रंथों में कई समानताएं हैं, जैसे दोनों ईश्वरीय प्रेरणा पर जोर देते हैं। इन ग्रंथों का अध्ययन शोध की भी अनंत संभावनाएं खोलने में सहायक है। भारत के विश्व गुरू होने के जो आधार हैं, वे भी अध्ययन के फलस्वरूप स्पष्ट होते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर अनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

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एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सु अमिता वास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।

उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।

मुख्यमंत्री ने अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बारामती में उपचुनाव को लेकर हलचल, सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार

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बारामती में उपचुनाव को लेकर हलचल, सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार
बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल बढ़ी हुई है. इस बीच सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने पर एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पार्टियों को उम्मीदवार उतारने का अधिकार है. उन्होंने अपने भतीजे दिवंगत नेता अजित पवार के कार्यों की भी सराहना की और उनके निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया. कांग्रेस ने इस उपचुनाव के लिए अपने प्रदेश सचिव आकाश मोरे को सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार बनाया है.

इसके साथ ही उन्होंने एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर भी अपनी बात कही. उन्होंने कहा, ”विलय को लेकर बातचीत पहले जयंत पाटिल के जरिए की जा रही थी, लेकिन ये अभी भी अनिश्चित है.”

शरद पवार ने राज्यसभा सदस्य के तौर पर ली शपथ
शरद पवार ने आज (06 अप्रैल) राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली है. बीमारी के कारण उन्होंने व्हील चेयर पर बैठकर शपथ ली. महाविकास अघाड़ी ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया था. शरद पवार ने कहा, ”हमने अलग-अलग सदन में 14 कार्यकाल पूरे कर लिए हैं, जो सार्वजनिक जीवन में 65 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है.” उन्होंने इसे एक ‘सुनहरा अवसर’ बताया.

सुनेत्रा पवार ने नामांकन पत्र किया दाखिल
महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम और एनसीपी की नेता सुनेत्रा पवार ने बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार (06 अप्रैल) को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. उन्होंने अपने पार्टी सहयोगियों सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और हसन मुशरिफ के साथ-साथ शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई अन्य नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किए. नामांकन से पहले उन्होंने बारामती की जनता से समर्थन देने की भावुक अपील की.

विकास की विरासत को आगे बढ़ाएंगे- सुनेत्रा पवार
सुनेत्रा पवार ने कहा, ”वह विकास की उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा उपचुनाव होगा. बारामती का हर हिस्सा अजित दादा की छाप लिए हुए है. अपने दुख के बावजूद मैंने जनता के बीच आने का फैसला किया है.”

23 अप्रैल को बारामती में उपचुनाव
बता दें कि 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में तत्कालीन डिप्टी सीएम एनसीपी प्रमुख अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी. अजित पवार के निधन के बाद बारामती की सीट खाली हुई है और ये उपचुनाव कराया जा रहा है. 23 अप्रैल को उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी जबकि मतगणना 4 मई को होगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर उज्जैन के बाद अब बाबा विश्वनाथ के धाम में गूंजेगी भारतीय कालगणना

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर उज्जैन के बाद अब बाबा विश्वनाथ के धाम में गूंजेगी भारतीय कालगणना
कालगणना की पावन नगरी और ‘महाकाल’ के केंद्र उज्जैन से निकली भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी जीवंत हो उठी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर, भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाबा काशी विश्वनाथ को अर्पित यह घड़ी भेंट की थी। इसके बाद विक्रम संवत् 2083, वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वितीया (4 अप्रैल, 2026) को इसे मंदिर परिसर में पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। यह मध्यप्रदेश सरकार के उस संकल्प की ओर एक बड़ा कदम है, जिसके तहत देश के सभी ज्योतिर्लिंग और अयोध्या के राम मंदिर में भी वैदिक घड़ी की स्थापना की जानी है।

परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम
उज्जैन के ‘महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ’ द्वारा विकसित यह घड़ी केवल समय बताने वाला यंत्र नहीं, बल्कि भारत के प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान का डिजिटल पुनर्जागरण है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित होती है और एक पूर्ण दिवस को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है। इसकी विशेषता यह है कि यह स्थान-विशिष्ट सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर सटीक समय की गणना करती है। इस घड़ी के माध्यम से श्रद्धालु और युवा पीढ़ी न केवल भारतीय मानक समय (IST) जान सकेंगे, बल्कि पंचांग, तिथि, योग, नक्षत्र, भद्रा स्थिति और ग्रहों के गोचर जैसी सूक्ष्म जानकारियों से भी रूबरू हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अपनी सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के साथ सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह वैदिक घड़ी हमारे गौरवशाली अतीत को वर्तमान से जोड़ते हुए युवाओं को अपनी जड़ों की ओर लौटने की प्रेरणा देगी।

मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन द्वारा भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम विक्रमादित्य वैदिक घड़ी उज्जैन में स्थापित की गई है। यह घड़ी भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पुनर्स्थापित करने का एक अभिनव प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण 29 फरवरी 2024 को फाल्गुन 2080, कृष्ण पक्ष, पंचमी, वरुण मुहूर्त (13वाँ मुहूर्त) में किया गया था।

मिशन रेस्क्यू: CIA की वो एक चाल, जिससे फेल हो गया ईरान का पूरा डिफेंस

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मिशन रेस्क्यू: CIA की वो एक चाल, जिससे फेल हो गया ईरान का पूरा डिफेंस
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के भीतर एक बेहद जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम दिया, जिसमें F-15 लड़ाकू विमान के क्रैश होने के बाद फंसे अमेरिकी अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस मिशन की सबसे बड़ी खासियत रही दुश्मन के इलाके में छिपे अधिकारी का सटीक लोकेशन पता लगाना, जिसमें खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) की अहम भूमिका बताई जा रही है।

कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के क्रैश होने के बाद उसका एक क्रू सदस्य कुछ घंटों में सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन दूसरा सदस्य, जो वेपन्स सिस्टम ऑफिसर (WSO) था, ईरान के इलाके में फंस गया। घायल होने के बावजूद वह लगातार अपनी लोकेशन बदलते हुए गिरफ्तारी से बचता रहा।

CIA को कैसे मिला लोकेशन?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CIA ने इस मिशन में डिसेप्शन कैंपेन यानी भ्रम फैलाने की रणनीति अपनाई। एजेंसी ने ईरान के भीतर यह संदेश फैलाया कि अमेरिकी सेना पहले ही उस अधिकारी को खोज चुकी है और उसे जमीनी रास्ते से बाहर निकाल रही है।

इस रणनीति का असर यह हुआ कि ईरानी बलों का ध्यान दूसरी दिशा में चला गया। इसी बीच CIA ने अपने तकनीकी संसाधनों और निगरानी के जरिए अधिकारी की सटीक लोकेशन ट्रैक कर ली और यह जानकारी सीधे अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) तक पहुंचाई गई।

कमांडो एक्शन और हाई-रिस्क रेस्क्यू
लोकेशन मिलने के बाद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज की टीम को तुरंत एक्टिव किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में एक विशेष कमांडो यूनिट शामिल थी, जिसने भारी फायरिंग के बीच इलाके में प्रवेश किया। बताया जाता है कि रेस्क्यू के दौरान दुश्मन की गतिविधियों को रोकने के लिए सीमित हवाई हमले भी किए गए, ताकि टीम सुरक्षित तरीके से अधिकारी तक पहुंच सके। पूरा ऑपरेशन बेहद खतरनाक हालात में अंजाम दिया गया।

व्हाइट हाउस से नजर रखे थे ट्रंप
इस पूरे मिशन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम की नजर बनी हुई थी। व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम से इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की गई। ट्रंप ने बाद में इस मिशन को ‘सबसे साहसी अभियानों में से एक’ बताते हुए कहा कि अमेरिका अपने किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ता।

BJP स्टार प्रचारक लिस्ट: मोदी, मिथुन और हेमा समेत 40 दिग्गजों के नाम तय

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BJP स्टार प्रचारक लिस्ट: मोदी, मिथुन और हेमा समेत 40 दिग्गजों के नाम तय
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव प्रचार को धार देने के लिए अपने दिग्गज नेताओं और प्रमुख चेहरों की एक लिस्ट जारी की है. भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है. इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों और फिल्म जगत की हस्तियों तक के नाम शामिल हैं.

स्टार प्रचारक की लिस्ट में अमित शाह समेत ये नाम शामिल
भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में नितिन नवीन, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान और अश्विनी वैष्णव शामिल हैं. साथ ही मिथुन चक्रवर्ती, स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी, कंगना रनौत और मनोज तिवारी भी पश्चिम बंगाल में प्रचार करेंगे. इसके अलावा, लियेंडर पेस भी बीजेपी के पक्ष में प्रचार प्रसार करते नजर आएंगे.

योगी अदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस करेंगे चुनाव प्रचार
पार्टी ने हिमंता बिस्वा सरमा, योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, देवेंद्र फडणवीस, मोहन चरण माझी, भूपेंद्र यादव, माणिक साहा, अनुराग ठाकुर, अन्नपूर्णा देवी, अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी को भी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया. सम्राट चौधरी, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, मंगल पांडेय, अमित मालवीय, सामिक भट्टाचार्य, सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, डॉ. सुकांत मजूमदार, शांतनु ठाकुर, राजू बिस्ता, डॉ. जयंता कुमार रॉय, मनोज टिग्गा, और बिजन गोस्वामी जैसे प्रमुख नेता भी इस सूची में शामिल हैं.

राज्य की 292 सीटों पर बीजेपी ने उतारे उम्मीदवार
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 292 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने पहली लिस्ट में 144, दूसरी लिस्ट में 111, तीसरी लिस्ट में 19, चौथी लिस्ट में 13 और पांचवीं लिस्ट में पांच उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. बता दें कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे. पहले चरण में 23 अप्रैल और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी किए जाएंगे. इसे लेकर राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.