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युद्ध रोकने की आखिरी कोशिश- ‘शांति दूत’ बनकर ईरान पहुंचे मुनीर, क्या टल जाएगा महाविनाश

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युद्ध रोकने की आखिरी कोशिश- ‘शांति दूत’ बनकर ईरान पहुंचे मुनीर, क्या टल जाएगा महाविनाश
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरान पहुंच गए हैं। मुनीर अमेरिका का संदेश लेकर तेहरान गए हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सरकारी मीडिया ने बुधवार को बताया कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल US का संदेश तेहरान तक पहुंचाने और दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी के लिए ईरान आया है।

ट्रंप का संदेश लेकर ईरान पहुंचे मुनीर
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत हुई थी। हालांकि इस शांति-वार्ता से कोई हल नहीं निकला। लेकिन दोनों देशों के बीच अभी भी बातचीत जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 14 अप्रैल को न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में कंफर्म किया कि अमेरिका और ईरान फिर एक बार बातचीत के लिए इस्लामाबाद में ही मिलेंगे।

ट्रंप ने पाकिस्तान में होने वाली दूसरी वार्ता को लेकर कहा, ‘इस बात की ज्यादा संभावना है कि हम वहीं वापस जाएंगे। हम किसी ऐसे देश में क्यों जाएं जिसका इस मामले से कोई लेना-देना ही न हो।’

पहली बार ईरान गए आर्मी चीफ
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस युद्ध के बीच पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर पहली बार ईरान गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का जरिया पाकिस्तान ही बना हुआ है।

सम्राट कैबिनेट में विभागों का बंटवारा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास रखे 29 मंत्रालय, गृह और स्वास्थ्य की भी कमान

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सम्राट कैबिनेट में विभागों का बंटवारा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास रखे 29 मंत्रालय, गृह और स्वास्थ्य की भी कमान
बिहार में सत्ता परिवर्तन और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद विभागों का जो बंटवारा हुआ है, वह महज एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है। इस आवंटन के पीछे 2025 के विधानसभा चुनावों के नतीजों का प्रभाव और भविष्य की दूरगामी राजनीतिक रणनीति साफ नजर आती है। इस बंटवारे को मुख्य रूप से चार बड़े पैमानों पर कसकर तैयार किया गया है। पिछले दो दशकों में भाजपा बिहार में हमेशा JDU की जूनियर पार्टनर रही थी। लेकिन अब स्थिति उलट गई है। विभागों के बंटवारे में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात का रखा गया है कि राज्य की ‘हार्ड पावर’ भाजपा के पास रहे। गृह मंत्रालय और सामान्य प्रशासन सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास रखा है। इसका मतलब है कि पुलिस, कानून-व्यवस्था, और नौकरशाही की पूरी कमान अब भाजपा मुख्यालय के विजन से चलेगी ज्यादातर अहम विभाग CM के पास हैं। 29 विभागों का सीधा नियंत्रण मुख्यमंत्री के पास रखना यह संदेश देता है कि सरकार का चेहरा और स्टीयरिंग दोनों भाजपा के ही हाथ में हैं।

सोशल इंजीनियरिंग और जातीय समीकरण
बिहार की राजनीति बिना जातीय गणित के पूरी नहीं होती। कैबिनेट बंटवारे में इसका विशेष ध्यान रखा गया है।

‘लव-कुश’ और ‘यादव’ कार्ड: सम्राट चौधरी (कुशवाहा) के रूप में मुख्यमंत्री देकर भाजपा ने ‘लव-कुश’ समीकरण को साधा है। वहीं, बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाकर सीधे तौर पर RJD के ‘यादव’ वोट बैंक में यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि NDA में भी उनके समुदाय को सत्ता के शीर्ष पर हिस्सेदारी मिल रही है।

सवर्ण संतुलन: विजय कुमार चौधरी (भूमिहार) को अहम पद और मंत्रालय देकर सवर्ण मतदाताओं, जो भाजपा का कोर वोटर बेस रहे हैं, को यह भरोसा दिलाया गया है कि नई व्यवस्था में उनका वर्चस्व कायम रहेगा।

JDU का सम्मान और गठबंधन धर्म
नीतीश कुमार के राष्ट्रीय राजनीति (राज्यसभा) में शिफ्ट होने के बाद, JDU विधायकों और कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी तरह के असंतोष को रोकना जरूरी था। विभागों का बंटवारा करते समय भाजपा ने ‘विनर टेक्स ऑल’ की नीति नहीं अपनाई। JDU के दोनों वरिष्ठ नेताओं (विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव) को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। वित्त, ऊर्जा, शिक्षा और जल संसाधन जैसे भारी-भरकम और जनता से सीधे जुड़े विभाग JDU के कोटे में रखकर उन्हें यह महसूस कराया गया है कि सरकार के विकास कार्यों में उनकी भूमिका अभी भी बराबर की है।

अनुभव और सुशासन पर जोर
प्रशासनिक अनुभव को भी तरजीह दी गई है ताकि विपक्ष (RJD) को सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल उठाने का मौका न मिले।

वित्तीय प्रबंधन: बिजेंद्र प्रसाद यादव दशकों से ऊर्जा और वित्त विभाग संभाल रहे हैं। राज्य का राजकोषीय घाटा न बढ़े और आर्थिक नीतियां स्थिर रहें, इसलिए इन विभागों के साथ कोई नया प्रयोग नहीं किया गया।

शिक्षा और ग्रामीण विकास: ये विभाग सीधे राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य से जुड़े हैं। इन्हें विजय कुमार चौधरी जैसे संयमित और विवादरहित छवि वाले अनुभवी नेता को सौंपा गया है।

जातीय समीकरणों का पूरा रणनीतिक इस्तेमाल किया
बहरहाल सम्राट चौधरी की कैबिनेट का यह पहला स्वरूप बताता है कि विभागों का बंटवारा ‘नियंत्रण, अनुभव और संतुलन’ की शानदार पटकथा पर आधारित है। भाजपा ने कमान अपने हाथ में रखी है, लेकिन JDU के अनुभव और जातीय समीकरणों का पूरा रणनीतिक इस्तेमाल किया है।

ये है विभागों के बंटवारे के पीछे की कहानी
बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव और नीतीश कुमार के 21 साल के लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल के बाद सत्ता का केंद्र पूरी तरह से बदल गया है। 15 अप्रेल 2026 को बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले सम्राट चौधरी ने अपनी नई कैबिनेट के विभागों का बंटवारा कर दिया है। सत्ता के इस नए दौर में विभागों का संकेंद्रण मुख्यमंत्री और JDU कोटे के दो उप मुख्यमंत्रियों के बीच ही रखा गया है, जो एक सोची-समझी सियासी रणनीति का हिस्सा हैं। आइए समझते हैं कि नई सरकार में किस नेता को कौन सा विभाग मिला है और इसके पीछे एनडीए का रणनीतिक गणित क्या है:

सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री) – 29 विभाग
प्रमुख विभाग: गृह, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नगर विकास, पर्यटन, और कला एवं संस्कृति।

ये विभाग अपने पास क्यों रखे ?
कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण: मुख्यमंत्री ने सबसे महत्वपूर्ण ‘गृह मंत्रालय’ अपने पास ही रखा है। इसका सीधा संदेश है कि राज्य की पुलिस, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर अब भाजपा का पूर्ण और सीधा नियंत्रण रहेगा।

प्रशासनिक सत्ता का केंद्रीयकरण: 29 प्रमुख विभागों की कमान अपने हाथों में रखकर सम्राट चौधरी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के कोर गवर्नेंस और प्रशासनिक फैसलों में भाजपा का विजन ही सर्वोपरि होगा।

विकास का एजेंडा: स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग सीधे तौर पर जनता और राज्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े विभाग हैं। ‘डबल इंजन’ सरकार के विकास मॉडल को अपनी लीडरशिप में तेज गति देने के लिए सीएम ने इन्हें खुद संभाला है।

विजय कुमार चौधरी (उप मुख्यमंत्री) – 10 विभाग
प्रमुख विभाग: जल संसाधन, शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन, अल्पसंख्यक कल्याण और संसदीय कार्य।

इन्हें ये विभाग क्यों दिए गए?
गठबंधन का संतुलन : नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद JDU के भीतर सत्ता का संतुलन साधना जरूरी था। विजय चौधरी, नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद चेहरों में से एक हैं, इसलिए उन्हें बड़े और अहम मंत्रालय देकर JDU कोटे को संतुष्ट किया गया है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और ह्यूमन कैपिटल पर फोकस: शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसे बड़े बजट और व्यापक जन-संपर्क वाले विभागों की जिम्मेदारी एक ऐसे अनुभवी नेता को दी गई है, जिनके पास लंबा और विवादरहित प्रशासनिक अनुभव है।

बिजेंद्र प्रसाद यादव (उप मुख्यमंत्री) – 8 विभाग
प्रमुख विभाग: वित्त, ऊर्जा, योजना एवं विकास, और उत्पाद व निबंधन।

इन्हें ये विभाग क्यों दिए गए ?
मजबूत जातीय समीकरण (यादव कार्ड): बिजेंद्र प्रसाद यादव की उपमुख्यमंत्री के रूप में पदोन्नति एक बहुत बड़ा सियासी दांव है। बिहार में NDA सरकार के दौरान सत्ता के शीर्ष केंद्र में यादव समुदाय की यह पहली इतनी बड़ी और निर्णायक एंट्री है। यह सीधे तौर पर विपक्ष (RJD) के कोर ‘M-Y’ (मुस्लिम-यादव) वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति है।

राजकोषीय प्रबंधन का अनुभव
ऊर्जा और वित्त राज्य के खजाने और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। बिजेंद्र यादव पिछले कई दशकों से इन विभागों को सफलतापूर्वक संभालते रहे हैं, इसलिए राज्य की माली हालत दुरुस्त रखने के मोर्चे पर उन्हीं पर भरोसा जताया गया है।

भाजपा अब बिहार में ‘जूनियर पार्टनर’ की भूमिका से पूरी तरह बाहर आ चुकी
बहरहाल सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हुआ यह पोर्टफोलियो आवंटन स्पष्ट करता है कि भाजपा अब बिहार में ‘जूनियर पार्टनर’ की अपनी पुरानी भूमिका से पूरी तरह बाहर आ चुकी है। 2025 के विधानसभा चुनावों में मिली भारी जीत के बाद, सरकार ने JDU कोटे को अहम जिम्मेदारियां देकर सम्मान तो दिया है, लेकिन भाजपा ने सत्ता का असली स्टीयरिंग पूरी तरह से अपने हाथों में ले ले लिया है।

जलपाईगुड़ी में गरजे शाह- “ममता के गुंडों का समय खत्म, पाताल में छिपे हत्यारों को भी मिलेगी सजा

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जलपाईगुड़ी में गरजे शाह- “ममता के गुंडों का समय खत्म, पाताल में छिपे हत्यारों को भी मिलेगी सजा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासी गलियारों में हलचल मची हुई है। भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित सभी राजनीति दल अपने-अपने प्रत्याशी के प्रचार प्रसार में जुटे हुए है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को जलपाईगुड़ी में एक रैली को संबोधित किया। पोइला बैसाख की शुभकामनाएं देते हुए अमित शाह ने कहा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि यह नया साल हमारे बंगाल को सोनार बांग्ला बनाने वाला हो। इसके बाद उन्होंने प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के खिलाफ जमकर हमला बोला।

चुनाव के बाद TMC के गुंडों को ढूंढेंगे
अमित शाह ने कहा कि जलपाईगुड़ी बहुत बड़ा राजनीतिक केंद्र है। ममता बनर्जी को निकालने की शुरुआत यहीं से करनी है। इस बार जलपाईगुड़ी की सभी 7 सीटें नरेंद्र मोदी की झोली में डालनी हैं। माताओं-बहनों-भाइयों, आप EVM पर कमल का निशान ढूंढिए। चुनाव के बाद TMC के गुंडों को ढूंढने का काम हम करेंगे।

‘गुंडागर्दी और सिंडिकेट का राज’
अमित शाह ने टीएमसी पर कटमनी और सिंडिकेट माफिया का आरोप लगाते हुए कहा कि राजगंज और जलपाईगुड़ी में टीएमसी नेताओं द्वारा ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों से कटमनी ली जाती है। इसे बंद करने का काम केवल भाजपा कर सकती है। बाढ़ राहत के 100 करोड़ रुपये ममता के गुंडों ने खा गए। हम उनसे रुपये वापस लेंगे और स्टोन माफिया को सीधा करेंगे। सारे गुंडों को उल्टा लटकाने का काम हम करेंगे।

उन्होंने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि जलपाईगुड़ी टिंबर और टूरिज्म के लिए जाना जाता था। ममता दीदी ने चौथा टी जोड़ा- टियर्स का टी, आंसुओं का टी। 23 अप्रैल को ममता बनर्जी का हिसाब आप कर दो, गुंडों का हिसाब हम बराबर कर देंगे।

चाय बागान श्रमिको से किया बड़ा वादा
चाय बागान श्रमिकों को लेकर शाह ने बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि चाय बागान की इंडस्ट्री खत्म हो रही है। भाजपा सरकार बनने के बाद 2.5 साल में हर चाय बागान श्रमिक को 500 रुपये से ज्यादा वेतन देंगे और उन्हें भूमि का पट्टा देकर मालिक बनाएंगे।

गोरखा समस्या पर उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव के बाद संवैधानिक समाधान करेगी और सभी झूठे मुकदमे वापस लेगी। साथ ही घुसपैठियों को चुन-चुनकर बंगाल से बाहर करने का वादा किया। शाह ने कहा कि किसी को भी चार शादियां करने की इजाजत नहीं देंगे। बंगाल में किसी को बाबरी मस्जिद नहीं बनाने देंगे।

सिलेंडर धमाकों से दहला लखनऊ: रिंग रोड के पास भीषण अग्निकांड, 50 आशियाने जलकर खाक

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सिलेंडर धमाकों से दहला लखनऊ: रिंग रोड के पास भीषण अग्निकांड, 50 आशियाने जलकर खाक
विकास नगर इलाके में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैल रही है कि 50 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां अभी तक जलकर राख हो चुकी हैं। सिलेंडरों में लगातार ब्लास्ट हो रहे हैं और ऊंची-ऊंची लपटें आसमान को छू रही हैं। आग की ये लपटें करीब 10 किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रही हैं।

आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग दौड़कर मौके पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उनका सारा सामान आग की चपेट में आकर जल रहा है। चारों तरफ रोने-चिल्लाने और हाहाकार का माहौल है।

वाहन चालक अपनी गाड़ियां बचाने के लिए तेजी से भाग रहे हैं। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और आग बुझाने की कड़ी मशक्कत कर रही हैं। बार-बार हो रहे सिलेंडर ब्लास्ट के कारण दमकलकर्मियों का काम और भी मुश्किल हो गया है।

यह आग विकास नगर की घनी झुग्गी बस्ती में लगी है, जहां ज्यादातर गरीब परिवार रहते हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन आर्थिक नुकसान बहुत बड़ा हो रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं और राहत कार्य में लगी हुई हैं।

सच बोलना कई लोगों को नहीं आ रहा रास”, BCCI के अंदर ही विरोध झेल रहे हैं गंभीर

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सच बोलना कई लोगों को नहीं आ रहा रास”, BCCI के अंदर ही विरोध झेल रहे हैं गंभीर
गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप के रूप में 2 आईसीसी ट्रॉफी जीत चुकी है. लेकिन इसके बावजूद गंभीर की आलोचना है कि कम होने का नाम नहीं ले रही है. अब टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज और गौतम गंभीर के साथी खिलाड़ी मुनाफ पटेल ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI के अंदर ही गंभीर दुश्मनों से लड़ रहे हैं.

बता दें कि गंभीर पर तमाम तरह के आरोप लगाए जाते हैं, जिसमें विराट कोहली और रोहित शर्मा की टेस्ट रिटायरमेंट भी शामिल है. कहा जाता है कि गंभीर के चलते दोनों दिग्गजों को मजबूरन टेस्ट से रिटायरमेंट लेनी पड़ी थी. तो आइए जानते हैं कि मुनाफ पटेल ने गंभीर को लेकर क्या कहा.

टीम इंडिया को गौतम गंभीर की जरूरत
टाइम्स ऑफ इंडिया के बॉम्बे स्पोर्ट्स एक्सचेंज पोडकास्ट पर बात करते हुए मुनाफ पटेल ने कहा, “याद रखिए, अगर गौतम गंभीर जैसे हेड कोच को हटाया जाता है, तो खिलाड़ियों को हैंडल करना और मुश्किल हो जाएगा. वह सच्चे इंसान हैं. वह सच को बिल्कुल वैसा ही बताते हैं और कई लोगों को यही पसंद नहीं हैं. गंभीर इकलौते इंसान हैं जो खिलाड़ियों को हैंडल कर रहे हैं. उनके अलावा किसी दूसरे कोच से खिलाड़ी हैंडल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें क्रिकेट पसंद है, पैसा नहीं.”

अंदर ही ‘दुश्मनों’ से लड़ रहे हैं गौतम गंभीर
मुनाफ पटेल ने आगे बात करते हुए कहा, “अगर गंभीर 3 साल बाद भी हटते हैं, तो आप देखेंगे कि चीजें और उलझ जाएंगी, क्योंकि वह कंट्रोल कर सकते हैं. हर कोई जानता है कि अगर कुछ गलत होता है, तो उनके पास खिलाड़ियों को ड्रॉप करने की हिम्मत है. कोच के पास कंट्रोल होना चाहिए. वो दोस्त नहीं हो सकते हैं. अगर वह दोस्त हैं, तो आप सिस्टम खराब कर रहे हैं.”

मुनाफ ने आगे कहा, “डर होना चाहिए. इस बारे में सोचिए- गंभीर अपना काम करते वक्त कितने दुश्मन बना रहे हैं. कॉमेंट्री पैनल में 10 में से 8 लोग उनके खिलाफ हैं. 5 में से 4 सिलेक्टर्स उनके खिलाफ होंगे. लेकिन फिर भी वह अपना काम करते हैं.”

कार्तिक आर्यन की ‘नागजिला’ को मिली नई रिलीज डेट, 2027 के वैलेंटाइन डे पर होगा बड़ा धमाका

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कार्तिक आर्यन की ‘नागजिला’ को मिली नई रिलीज डेट, 2027 के वैलेंटाइन डे पर होगा बड़ा धमाका
कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘नागज़िला’ को लेकर इंटरनेट पर काफी बज बना हुआ है. दर्शक को बीच फिल्म को लेकर काफी एक्साइटमेंट भी देखने को मिल रहा है. वहीं अब हाल ही में मेकर्स ने फैंस की खुशी डबल कर दिया है. फिल्म की रिलीज डेट रिवील हो गई है. आइए जानते हैं कि कार्तिक आर्यन किस दिन थिएटर्स में धमाल करने वाले हैं.

नागजिला की रिलीज डेट हुई कंफर्म
फिल्म एनालिस्ट तरण आदर्श ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘नागजिला’ का पोस्ट शेयर करते हुए फिल्म की रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘धर्मा प्रोडक्शंस और महावीर जैन फिल्म्स की अपकमिंग फिल्म ‘नागजिला’ की रिलीज डेट लॉक हो गई है.

कार्तिक आर्यन स्टारर यह क्रेचर कॉमेडी फिल्म 12 फरवरी 2027 को वैलेंटाइन्स डे वीक में थिएटर्स में रिलीज होगी.’ वहीं पहले ये फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी. फिल्म की नई रिलीज डेट ने फैंस का एक्साइटमेंट बढ़ा दिया है.

इच्छाधारी नाग का किरदार निभाएंगें कार्तिक
बता दें फिल्म में कार्तिक आर्यन इच्छाधारी नाग का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म का फर्स्ट लुक भी जारी हो चुका है. करण जौहर ने फर्स्ट लुक शेयर करते हुए लिखा था, ‘इंसानों वाली पिक्चर बहुत देख ली, अब नागों वाली देखो. नागजिला नाग लोक का पहला कांड… मजा फैलाने आ रहा है प्रियंवदेश्वर प्यारे चंद.’

फिल्म ‘नागज़िला’ को करण जौहर, महावीर जैन, अदार पूनावाला, अपूर्वा मेहता, मृगदीप सिंह लांबा और नीतू एम. जैन मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं. वहीं इसकी कहानी गौतम मेहरा ने लिखी है और इसके को-प्रोड्यूसर मैरिजे डिसूजा और दिव्यांश जैन हैं. धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बन रही ये फिल्म लोककथाओं और इच्छाधारी सांपों की रहस्यमयी दुनिया को ट्विस्ट के साथ दर्शकों के सामने लाएगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को घोषित करेंगे एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को घोषित करेंगे एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम
सुबह 11 बजे जारी होगा रिजल्ट, माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और डिजिलॉकर पर विद्यार्थी देख सकेंगे परिणाम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को समत्व भवन, भोपाल से एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं एवं विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डी.पी.एस.ई.) मुख्य परीक्षा 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित करेंगे। यह परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विभिन्न वेबसाइटों पर परिणाम देखने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा छात्र-छात्राएं अपना रिजल्ट मोबाइल ऐप, डिजिलॉकर के माध्यम से भी अपना परीक्षा परिणाम आसानी से देख सकेंगे।

विद्यार्थी इन वेबसाइटों पर देख सकेंगे परीक्षा परिणाम

-https://mpbse.mponline.gov.in

-https://www.digilocker.gov.in/web/dashboard/issuers

-https://www.jagranjosh.com

-https://education.indianexpress.com

-https://www.fastresult.in

-https://www.hindustantimes.com/education www.livehindustan.com

-https://toi.in/mpbseresult_class12 https://toi.in/mpbseresult class10

-https://www.tv9hindi.com/education https://www.news9live.com

-https://www.ndtv.in

-https://arivihan.com/search-mp-board-result

मोबाइल ऐप पर भी देख सकेंगे परिणाम
कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम विद्यार्थी और अभिभावक मोबाइल पर भी देख सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को Google Play Store पर जाकर MPBSE MOBILE App अथवा MP Mobile App Download करना होगा। फिर Know Your Result आप्शन का चयन कर विद्यार्थी को अपना अनुक्रमांक (Roll Number) और आवेदन क्रमांक (Application Number) डालकर (submit) करना होगा। इसके अलावा विद्यार्थी Digilocker के माध्यम से अपना परीक्षा परिणाम देख सकेंगे।

संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है और समरसता उसकी सबसे बड़ी शक्ति – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उच्चतम स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा प्रारंभ किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित कर उन्हें सच्चा और स्थायी सम्मान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। आज मुख्यमंत्री साय और के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय , छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सक्ती हादसे में मृतकों के परिजन को 5 – 5 लाख और घायलों को 50 – 50 हजार रुपए सहायता राशि की घोषणा की

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सक्ती हादसे में मृतकों के परिजन को 5 – 5 लाख और घायलों को 50 – 50 हजार रुपए सहायता राशि की घोषणा की
सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 – 5 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 – 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

सम्राट चौधरी कल लेंगे सीएम पद की शपथ, राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा

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सम्राट चौधरी कल लेंगे सीएम पद की शपथ, राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा
सम्राट चौधरी ही बिहार के नए और अगले मुख्यमंत्री होंगे. उनका नाम फाइनल हो गया है. बीजेपी और एनडीए विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया. इसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया. इस दौरान एनडीए घटक दल के सभी नेता मौजूद थे. कल यानी 15 अप्रैल को 10.50 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें सीएम और दो उपमुख्यमंत्री शपथ लेंगे.

जेडीयू कोटे से दो डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव और विजय चौधरी होंगे. इससे पहले सोमवार को राज्यपाल के सचिव ने सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में CM पद खाली हुआ है. पिछले हफ्ते नीतीश ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी. सीएम को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी. कई नाम सामने आए, लेकिन आखिर में मुहर सम्राट चौधरी के नाम पर लगी.

राज्य के 24वें CM
सम्राट बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. सम्राट चौधरी ने मंत्री बनने से लेकर के मुख्यमंत्री बनने तक के सफर में कई मिथक को भी तोड़ दिया है. वह बिहार के दूसरे ऐसे नेता हैं जो पहले डिप्टी सीएम रहे और उसके बाद अब सीएम बने हैं.

बिहार में कर्पूरी ठाकुर अब तक एकमात्र ऐसे नेता रहे हैं जो पहले डिप्टी सीएम रहे और बाद में मुख्यमंत्री बने थे. राज्य में सुशील कुमार मोदी, तार किशोर प्रसाद, विजय कुमार सिन्हा और तेजस्वी यादव के अलावा पहले उपमुख्यमंत्री बनने वाले अनुग्रह नारायण सिंह भी इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए थे. वहीं पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने वाल रेणु देवी भी सीएम नहीं बन सकी थी. सम्राट चौधरी ने अब उस सूची में अपना नाम लिखवा लिया है, जिस सूची में एक अब तक एकमात्र नाम कर्पूरी ठाकुर का था.