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यूपी को गडकरी-योगी ने मिलकर दिया तोहफा

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यूपी को गडकरी-योगी ने मिलकर दिया तोहफा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं सड़क अवसंरचना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सड़क अवसंरचना विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है और इसके माध्यम से निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार तथा रोजगार को नई गति मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनकर उभरा है। इसलिए राज्य में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, उपयोगिताओं के स्थानांतरण तथा अन्य विभागीय औपचारिकताओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए सभी परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।

राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति
बैठक में चेयरमैन, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। इस अवधि में लगभग 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन किया गया, जबकि लगभग 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। अप्रैल 2025 से मई 2026 के बीच 606 किलोमीटर नई परियोजनाएं स्वीकृत हुईं तथा 1,010 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण पूरा किया गया।

प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर लगभग 1.94 लाख करोड़ रुपये व्यय किए गए, जिनमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 23,445 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। यह भी बताया गया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स, ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए रॉयल्टी मुक्त मिट्टी की व्यवस्था, रिंग रोड एवं बाईपास परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण लागत में राज्य सरकार की भागीदारी तथा सरकारी भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराने जैसे निर्णयों से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय तेजी आई है। केंद्रीय मंत्री ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रभावी समन्वय का सकारात्मक परिणाम परियोजनाओं की प्रगति में स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

बैठक में प्रदेश की प्रमुख निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बताया गया कि लगभग 13,980 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही मथुरा-बरेली-सितारगंज चार लेन परियोजना, लगभग 5,904 करोड़ रुपये की आगरा-अलीगढ़ चार लेन परियोजना, आगरा-ग्वालियर-झांसी-नागपुर आर्थिक गलियारा, कानपुर रिंग रोड, नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, जेवर को जोड़ने वाली छह लेन संपर्क परियोजना तथा मुरादाबाद-काशीपुर चार एवं छह लेन परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं। इनके पूरा होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर’ के विशेष सत्र में देश एवं विदेश की 10 प्रतिष्ठित संस्थाओं के उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान राज्य में निवेश को बढ़ावा देने, नई परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य के रणनीतिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से संवाद किया। इस महत्वाकांक्षी कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य उच्च-विकास वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश की गति को तीव्र करना है, जिससे प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में देश के अग्रणी और सबसे भरोसेमंद निवेश गंतव्यों में स्थापित किया जा सके। बैठक में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रमुखों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी अवसंरचना और अनुसंधान एवं विकास से जुड़े अपने भावी प्रस्ताव एवं परियोजनाओं का खाका प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आर्सेनल इन्फो सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद पटानी और डायरेक्टर अमित खरे, फुजियामा पावर के संयुक्त प्रबंध निदेशक पवन कुमार गर्ग व प्लांट हेड नवीन सिन्हा, तथा ओसेल डिवाइसेज लिमिटेड के संचालन प्रमुख रितेश कुमार ने मुख्यमंत्री के साथ निवेश पर चर्चा की। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और डेटा सेंटर के विकास के लिए न्योबोल्ट लिमिटेट-एबीएआईडीसी के निदेशक राजेश वेत्चा और अंकित खुराना व सिद्धार्थ बाहुजा ने अपने प्रस्ताव रखे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एनवीडिया के रणनीतिक एवं व्यवसाय निदेशक गणेश महाबाला के साथ मध्यप्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, डिजिटल नवाचार तथा भविष्य की तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

तकनीकी अवसंरचना और कैपेबिलिटी सेंटर्स को बढ़ावा देने के लिए सबमर इंडिया प्रायवेट लिमिटेड के अनुपम श्रीवास्तव और जेएसएम डाटाक्रॉप प्रायवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विकास गुप्ता और उत्कर्ष दुबे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष अपनी भावी परियोजनाओं का खाका प्रस्तुत किया।

सेमी कंडक्टर निर्माण और अनुसंधान एवं विकास के उच्च-तकनीकी क्षेत्र में पारस सेमी कंडक्टर्स के सीईओ संतोष कुमार, थॉमसन सेमी कंडक्टर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीनिवास अनंत व आनंद, तथा एमरॉल्ड इन्फ्रॉस्पेट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. असीम राजिक और डायरेक्टर अनिल जी. भंसाली ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ अपनी विकासात्मक परियोजनाओं और दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग पर संवाद किया।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस महत्वाकांक्षी टेकग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का मुख्य उद्देश्य उच्च-विकास वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश की गति को तीव्र करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा यह प्रयास प्रदेश के तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं के कौशल विकास को सुदृढ़ करने तथा ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के संकल्प को धरातल पर साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में 51 प्रमुख गतिविधियाँ संपन्न हुई इन गतिविधियों से लगभग 40 हजार करोड़ रूपये का निवेश और 34 हजार से अधिक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त्र हुआ है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 की यात्रा में राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों को पूरा किया है। पिछले 2 टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश को 46 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के बाद से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। इस अवधि में 22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और 4 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया है, जो राज्य सरकार की कार्य गति और आत्मविश्वास का परिचायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत का गौरवशाली अतीत पूरी दुनिया के सामने है और पिछले 12 वर्षों में भारत ने विश्व के सबसे तेज गति से विकसित होने वाले देशों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में दुनिया को नई दिशा दे रहा है और इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कृषि, खनिज और वनों की पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ते हुए प्रदेश आज डिफेंस, ड्रोन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से लेकर फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर तक तेजी से प्रगति कर रहा है। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश की इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सहित सभी छोटे एवं बड़े उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी उद्योग समूहों को समान रूप से हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश साइंस सिटी, एआई, डीप टेक पार्क और डेटा सेंटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार एआई सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल है।यहाँ व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर सकता है। मध्यप्रदेश की पहचान भारत रत्न से सम्मानित स्व॰ अटल बिहारी वाजपेयी से भी जुड़ी है, जिन्होंने देश के गौरवशाली अतीत से विश्व को परिचित कराया और संयुक्त राष्ट्र महासभा में राष्ट्रभाषा हिंदी में अपने विचार व्यक्त किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हिंदी में विश्व को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए मध्यप्रदेश में सभी क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक और सबसे युवा देश है। देश में प्रगति की असीम संभावनाएं हैं और राज्य सरकार युवाओं की योग्यता एवं क्षमता का पूरा उपयोग सुनिश्चित करते हुए उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

एस्टेरा लैब्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (आईटी) एवं प्रबंध निदेशक शिवानंद आर. कोटेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का तकनीकी विज़न राज्य को तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला रहा है। प्रदेश की उद्योग-अनुकूल और दूरदर्शी नीतियों ने वैश्विक निवेशकों के लिए अनुकूल एवं भरोसेमंद वातावरण तैयार किया है। साथ ही, प्रदेश के कुशल एवं नवाचारोन्मुख युवा इस विज़न को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति हैं। कोटेश्वर ने कहा कि भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर का है और मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अपनी नीतिगत दूरदृष्टि, तकनीकी क्षमता और मजबूत संकल्प के बल पर मध्यप्रदेश भविष्य में अंतरिक्ष (स्पेस) में डेटा सेंटर स्थापित करने वाला देश का पहला राज्य बनने की क्षमता रखता है।

कॉन्क्लेव में सेमीकंडक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, एआई, कौशल विकास तथा डिजिटल अवसंरचना जैसे विषयों पर उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग्स, उद्योग विशेषज्ञों के की-नोट सत्र, निवेशक सम्मेलन और नीति संवाद आयोजित किए गए। इन चर्चाओं में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों, उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स, भूमि उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और तेज निर्णय प्रक्रिया की सराहना करते हुए राज्य में दीर्घकालिक निवेश की प्रतिबद्धता जताई।

डबल इंजन सरकार में चिकित्सा शिक्षा का ऐतिहासिक विस्तार, छत्तीसगढ़ को मिले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज

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डबल इंजन सरकार में चिकित्सा शिक्षा का ऐतिहासिक विस्तार, छत्तीसगढ़ को मिले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से गीदम (दंतेवाड़ा), कुनकुरी (जशपुर), मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा एवं कबीरधाम में 50-50 एमबीबीएस सीटों वाले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में एक साथ कुल 250 नई एमबीबीएस सीटों का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास का ऐतिहासिक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में स्वास्थ्य और शिक्षा सबसे बड़ी पूंजी हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा सुदृढ़, समावेशी और आधुनिक स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है, जहाँ प्रदेश का कोई भी युवा डॉक्टर बनने के अपने सपने से वंचित न रहे और किसी भी नागरिक को बेहतर उपचार के लिए दूर-दराज़ के शहरों का रुख न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे गीदम (दंतेवाड़ा) से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ के आदिवासी वनांचल कुनकुरी (जशपुर) तक नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार विकास के अवसरों को प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुँचा रही है। यह केवल नए संस्थानों की स्थापना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने और दूरस्थ अंचलों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत नींव रखने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन ला रही है। प्रदेश के दूरस्थ, आदिवासी और आकांक्षी क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के प्रति समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नए मेडिकल कॉलेज केवल शैक्षणिक संस्थान नहीं होंगे, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय मानव संसाधन विकास के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित होंगे। इससे न केवल डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार होगी, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर उपचार की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी, प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई दिशा देगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को विधानसभा में दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को विधानसभा में दी भावभीनी श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

निधन उल्लेख के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई के निधन से छत्तीसगढ़ ने अपनी लोकसंस्कृति का एक अनमोल रत्न खो दिया है। उनके जाने से कला एवं सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने पंडवानी गायन की कापालिक शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा से लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनकी प्रस्तुतियों में गायन और अभिनय का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता था। पात्रों का सजीव चित्रण, ओजपूर्ण वाणी और प्रभावशाली प्रस्तुति श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देती थी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष, साधना और समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। जिस दौर में महिलाओं की पंडवानी गायन में भागीदारी अत्यंत सीमित थी, उस समय उन्होंने सामाजिक रूढि़यों को चुनौती देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और आने वाली पीढि़यों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं। उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने एशिया, यूरोप सहित विश्व के अनेक देशों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। वर्ष 2019 में भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सर्वाेच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत किया। यह गौरव प्राप्त करने वाली वे छत्तीसगढ़ की एकमात्र विभूति हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय मंत्रियों ने भी डॉ. तीजन बाई के कला क्षेत्र में अतुलनीय योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्योत्सव के अवसर पर रायपुर प्रवास पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. तीजन बाई के परिजनों से दूरभाष पर बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना था।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अनेक विश्वविद्यालयों द्वारा डॉ. तीजन बाई को डी.लिट्. की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। भारतीय लोकसंगीत और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में उनका योगदान सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। उनकी कला, साधना और समर्पण आने वाली पीढि़यों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और उसे आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन की ओर से दिवंगत पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि परमात्मा इस कठिन समय में शोकाकुल परिजनों, उनके असंख्य प्रशंसकों और कला जगत को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

फांसी के फंदे पर लटके युवक की समय रहते बचाई जान

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फांसी के फंदे पर लटके युवक की समय रहते बचाई जान
भोपाल, मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर अपनी तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानव जीवन की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए फांसी के फंदे पर लटके एक युवक की समय रहते जान बचाई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई एवं समय पर उपलब्ध कराई गई चिकित्सकीय सहायता से युवक का जीवन सुरक्षित हो सका।

11 जुलाई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि अमरपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत निवासी सोनू श्रीवास्तव ने अपने घर के अंदर फांसी लगा ली है तथा दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संबंधित क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक अनूप सिंह गुर्जर एवं उनकी टीम ने स्थिति का तत्काल आकलन किया। युवक के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। समय की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने बिना विलंब दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, जहाँ युवक फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला।

डायल-112 टीम ने अदम्य साहस, सूझबूझ एवं त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए तत्काल युवक को फंदे से नीचे उतारा, प्राथमिक सहायता प्रदान की तथा एफआरव्ही वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बरही पहुँचाया, जहाँ तत्काल उपचार प्रारंभ किया गया। समय पर पुलिस की कार्रवाई एवं चिकित्सकीय सहायता मिलने से युवक की जान बच गई। डायल-112 जवानों की त्वरित, साहसिक एवं संवेदनशील कार्यवाही से एक व्यक्ति का जीवन सुरक्षित बचाया जा सका।
डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में न केवल त्वरित सहायता प्रदान करती है, बल्कि संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण के साथ जीवन की रक्षा हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

आषाढ़ अमावस्या के दिन करें उपाय, पितृ दोष होंगे दूर और पूर्वज होंगे प्रसन्न

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आषाढ़ अमावस्या के दिन करें उपाय, पितृ दोष होंगे दूर और पूर्वज होंगे प्रसन्न
हिंदू धर्म में किसी भी अमावस्या को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और पूरे साल में 12 अमावस्या तिथियां पड़ती हैं। सभी तिथियों में से आषाढ़ अमावस्या को विशेष माना जाता है।

इस अमावस्या तिथि को पूर्वजों के निमित्त तर्पण करने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है और यदि किसी व्यक्ति के घर में पितृ दोष है तो यह दिन ऐसे दोष दूर करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

इंग्लैंड को रौंदकर भारतीय महिला टीम ने बदला 142 साल का इतिहास

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इंग्लैंड को रौंदकर भारतीय महिला टीम ने बदला 142 साल का इतिहास
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को लॉर्ड्स में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में बुरी तरह से हराया। इसी के साथ टीम इंडिया ने ऐसा कारनामा किया, जो 142 सालों में कभी नहीं हुआ था। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने इंग्लिश टीम को उन्हीं के घर में धूल चटाया। मेजबान टीम अपने घर में ही भारतीय गेंदबाजों के सामने बेबस नजर आई।

भारतीय महिला टीम ने इसी जीत के साथ दौरे को कुछ अच्छी यादों के साथ समाप्त किया। इससे पहले टीम इंडिया को इसी मैदान पर महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। उस हार के साथ भारत का टी20 विश्व कप का अभियान समाप्त हो गया था। अब कौर की कप्तानी वाली टीम ने मुकाबला जीतकर इतिहास रच दिया है।

भारतीय टीम ने जीत के साथ रचा इतिहास
लॉर्ड्स में पहला पुरुष टेस्ट मैच होने और 150 मैचों के बाद भारतीय महिला टीम ने पहले मैच में 142 सालों में खेल के सभी पहलुओं पर अपना दददबा बनाया है। यही नहीं महिला क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड की टीम अपने घर पर अब तक कोई भी टेस्ट मैच नहीं जीत सकी है। टेस्ट क्रिकेट में भारतीय महिला टीम का दबदबा साफ दिखता है। भारत के खिलाफ इंग्लैंड की टीम ने 1995 में आखिरी बार कोई टेस्ट मैच जीता था। यानी इंग्लिश टीम 31 साल से भारत के खिलाफ कोई टेस्ट मैच नहीं जीत सकी है।

भारत और इंग्लैंड महिला के बीच अब तक कुल 16 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिसमें भारत ने 4 मैच जीते हैं, जबकि इंग्लैंड की टीम मात्र एक मुकाबला जीत सकी है। इस दौरान 11 मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला है।
भारत की एकतरफा जीत

क्रांति गौड़ के 7 विकेट और यास्तिका भाटिया के शतक के दम पर टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रनों से पटखनी दी। इसी के साथ भारत ने अपने महिला टेस्ट इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ डीवाई पाटिल स्टेडियम में दर्ज की थी। उस मुकाबले में भारत ने 347 रनों से जीत हासिल की थी, जो महिला टेस्ट इतिहास की भी सबसे बड़ी जीत है।

बुद्धिमत्ता के बलबूते विश्व में पहचान बना सकते हैं युवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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बुद्धिमत्ता के बलबूते विश्व में पहचान बना सकते हैं युवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे युवा अपनी योग्यता और बुद्धिमत्ता के बलबूते प्रदेश और देश ही नहीं पूरे विश्व में पहचान बना सकते हैं। जिस तरह एक सामान्य परिवार से आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सम्पूर्ण संसार में राष्ट्र का सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है, यह एक अनोखा उदाहरण है जो विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कोरोना काल में वैक्सीन के माध्यम से भारतवासियों ही नहीं अन्य राष्ट्रों के नागरिकों का जीवन बचाने का कार्य भी किया गया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व्यवस्था का लाभ करोड़ों नागरिकों को दिलवाया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवींद्र भवन, भोपाल के हंसध्वनि सभागार में नवप्रयाग सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास समिति, भोपाल द्वारा दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की प्रतिभाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के निर्देशक डॉ. आशुतोष कुमार सिंह, डॉ. मिनी मेहरा, कार्यक्रम के संयोजक श्रीमती आरती अनेजा उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मनित हो रहे विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि भिन्न-भिन्न क्षेत्र की प्रतिभाएं परिश्रम की पराकाष्ठा, अपने संस्कार अपनी युक्ति और बुद्धि से, समय का सदुपयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण के महासंकल्प को पूरा करने का प्रयास करती हैं। ये प्रतिभाएं सम्मानित होकर स्वयं का नया परिचय भी प्राप्त करती हैं। भोपाल की सु चांदनी विश्वकर्मा ने कक्षा 12वीं में प्रावीण सूची में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेता जी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा देश को स्वतंत्रता मिलने के पूर्व भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी राष्ट्र के स्वाभिमान के लिए नौकरी करने के स्थान पर स्वतंत्रता प्राप्ति के उद्देश्य से प्राणोत्सर्ग करना बेहतर समझा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवप्रयास समिति का यह कार्यक्रम सराहनीय है।

विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और प्रेरणा से शिक्षा के साथ-साथ हर क्षेत्र में इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थी निकल रहे हैं। लगातार तीन वर्ष से यह सम्मान प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। पहले वर्ष 350 दूसरे वर्ष 480 और इस वर्ष 591 प्रतिभाओं का सम्मान किया जा रहा है। 10वीं और 12 वीं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक और ग्रेजुएट और पोस्टग्रजुएट में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की प्रतिभाओं का सम्मान किया जा रहा है। यह सम्मान खेल, कला, साहित्य और शिक्षा क्षेत्र में भागीदारी कर विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली प्रतिभा दिया जाता है। इस वर्ष डॉ. वीणा सिन्हा, प्रीति खरे, ब्रजेश राजपूत और संजय मेहता को साहित्य सृजन, पत्रकारिता और अभिनय के क्षेत्र में सम्मानित किया गया है। खेल क्षेत्र से वाटर स्पोर्ट्स में आस्था मीणा सहित अन्य प्रतिभाओं सृष्टि गुप्ता, श्रेया मिश्रा, शिवान सिंह सिसौदिया को भी सम्मानित किया गया। शैलेंद्र निगम ने कार्यक्रम का संचालन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में अंतरित किये 1835 करोड़ रुपए

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में अंतरित किये 1835 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाएं परिवार की रीढ़ और इज्जत होती हैं। सनातन संस्कृति में महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है। महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण के लिये प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जो निरंतर जारी रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहनों को सशक्त बनाना अपनी पहली प्राथमिकता मानते हैं। वे चाहते हैं कि ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक महिलाएं प्रमुख भूमिका में रहें। महिला कल्याण और सशक्तिकरण की यही नीति मध्यप्रदेश सरकार की भी है। प्रदेश की लाड़ली बहना योजना महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भिंड जिले के लहार में लाड़ली बहना योजना के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त के रूप में 1835 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भिंड जिले को 322 करोड़ लागत के 56 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 4 सांदीपनि विद्यालयों के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लहार में विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय स्तर पर पीजी कक्षाओं की सुविधा में वृद्धि करने की घोषणा भी की।

बहनों, बेटियों के विकास के साथ सभी नागरिकों के कल्याण के हो रहे कार्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कामकाजी महिलाओं की समृद्धि, सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सभी आवश्यक प्रयास कर रही है। बहनों और बेटियों के साथ युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण के प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को इतना सक्षम बनाया जाएगा कि वे नौकरी पाने में नहीं, बल्कि नौकरी प्रदान करने में सक्षम बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कतिपय लोग महिला कल्याण कार्यक्रमों का विरोध करते हैं। ऐसे लोगों ने स्वयं तो कभी भी लाड़ली बहना जैसी कारगर योजना प्रारंभ नहीं की, अब वे निंदा के अलावा कुछ नहीं करते। यह सर्वविदित है कि लाड़ली बहना योजना में बहनों को दी जा रही राशि परिवार में खुशियां लाने का माध्यम बनी हैं। हमारी बहनें लक्ष्मी, सरस्वती और जगदम्बा का स्वरूप हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ रहा है। देश का इतिहास बदल रहा है। अब महिला आरक्षण की पहल से इतिहास का नया अध्याय प्रारंभ होगा। कतिपय लोगों ने महिला आरक्षण के प्रावधान में बाधा बनने का कार्य किया है, लेकिन अंतत: बहनों को सशक्त बनाने के प्रयास सफलता प्राप्त करेंगे।

राज्य में सुगम परिवहन सेवा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शीघ्र ही राज्य में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा भी प्रारंभ की जा रही है। कई वर्ष से हमारी बहनों और बेटियों के साथ सभी नागरिकों को ऐसी सेवा की आवश्यकता थी। राज्य शासन द्वारा इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

ग्वालियर और चंबल अंचल के विकास में नए आयाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिंड जिले में विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। भिण्ड का जवान सीमा की रक्षा करता है और किसान खेती से अपनी पहचान बनाता है। इस अंचल का संबंध महाभारत से जोड़ा जाता है। लहार नामकरण यहां लाक्षागृह के होने से हुआ, ऐसी मान्यता है। इस अंचल पर हनुमान जी की भी विशेष कृपा है। भिंड जिले के साहसी जवान भारतीय सेना में बड़ी संख्या में शामिल हैं। भिंड के बीहड़ कभी दस्यु समस्या के कारण जाने जाते थे, अब यह क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर है। शिवपुरी जिले में हाल ही में सैन्य क्षेत्र में उपयोगी लंबी दूरी तक तेज मार करने वाली अत्याधुनिक मिसाइल की इकाई प्रारंभ करने की पहल हुई है। चंबल, ग्वालियर क्षेत्र में समग्र प्रगति के प्रयास हो रहे हैं। यहां विकास को नए आयाम मिलेंगे।

सांदीपनि विद्यालयों से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ मिल रहे हैं संस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिंड जिले के जिन विकास कार्यों की शुरूआत हो रही है, उनमें 4 सांदीपनि विद्यालों की सौगात भी शामिल है। इतिहास गवाह है कि भगवान कृष्ण और सुदामा की मैत्री का उदाहरण सांदीपनि आश्रम था, अत: राज्य शासन ने सांदीपनि विद्यालय का नाम देकर विद्यार्थियों को समानता के महत्व से भी अवगत करवाया है। सर्वसुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दंदरौआ सरकार धाम में की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भिण्ड जिले के प्रवास के दौरान मेहगांव तहसील स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल दंदरौआ सरकार धाम पहुंचकर दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दंदरौआ सरकार धाम की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आस्था के केंद्र समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने मंदिर के महंत 1008 रामदास जी महाराज से भेंट भी की एवं मंदिर परिसर का भ्रमण किया।