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प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

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प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान राम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु राम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, महापौर मती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Akshay Kumar की फिल्म Bhooth Bangla ने मचाया धमाल

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Akshay Kumar की फिल्म Bhooth Bangla ने मचाया धमाल
आखिरकार अक्षय कुमार (Akshay Kumar) को तीन साल बाद सुपरहिट फिल्म मिल ही गई। OMG 2 के बाद अभिनेता ने 8 फिल्में कीं जिसमें कुछ एवरेज रहीं तो कुछ महाफ्लॉप। अब फ्लॉप का रिकॉर्ड टूट गया है और 2026 की शुरुआत ब्लॉकबस्टर फिल्म भूत बंगला (Bhooth Bangla) से हुई है।

एक बार फिर साबित हो गया कि प्रियदर्शन के साथ अक्षय कुमार की जोड़ी हिट है। सालों तक एक से बढ़कर एक कल्ट फिल्मों में काम कर चुके अक्षय ने 14 साल बाद फिर से भूत बंगला में प्रियदर्शन के साथ काम किया। यह फिल्म 16 अप्रैल को पेड प्रिव्यू के साथ सिनेमाघरों में रिलीज हुई और 20 दिन बाद भी धमाकेदार कमाई कर रही है।

बॉक्स ऑफिस पर छा गई भूत बंगला
अक्षय की हॉरर-कॉमेडी भूत बंगला ने पहले ही बजट वसूल लिया था और अब फिल्म खर्च से दोगुना कमाकर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा चुकी है। इस फिल्म ने दुनियाभर में जबरदस्त कलेक्शन किया है। मेकर्स ने भूत बंगला के वर्ल्डवाइड कलेक्शन का डाटा शेयर किया है।

भूत बंगला का वर्ल्डवाइड कलेक्शन
अक्षय कुमार की सबसे बड़ी नॉन-हॉलिडे ओपनर बनकर उभरी भूत बंगला अब भी दर्शकों की टॉप चॉइस बनी हुई है। सिर्फ भारत ही नहीं, फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में भी मजबूत रिकॉर्ड बनाया है। मेकर्स के मुताबिक, फिल्म ने दुनियाभर में चार हफ्तों में 253.04 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है।

साउथ अफ्रीका की खिलाड़ी ने महिला टी20 वर्ल्ड कप से संन्यास से यू-टर्न (वापसी) ले लिया

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साउथ अफ्रीका की खिलाड़ी ने महिला टी20 वर्ल्ड कप से पहले लिया संन्यास
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम को बड़ी खुशखबरी मिली है। अनुभवी तेज गेंदबाज शबनीम इस्माइल ने संन्यास से वापसी का मन बना लिया है। वे साउथ अफ्रीका के लिए महिला विश्व कप में खेलती हुई दिखाई दे सकती हैं। प्रोटियाज के लिए उनकी संन्यास से वापसी करना बहुत ही राहत की खबर है।

अफ्रीकी टीम तेज गेंदबाजी विभाग में लगातार संघर्ष कर रही थी। ऐसे में उनकी वापसी से टीम को और भी मजबूती मिलेगी। इंग्लैंड की मेजबानी में ये विश्व कप खेला जाना है और इस वजह से अफ्रीका को उनके अनुभव का फायदा मिल सकता है। इसके अलावा विश्व कप के लिए टीमें अपने स्क्वाड का एलान कर रही हैं। इसी कड़ी में स्कॉटलैंड भी शामिल हो गया है। स्कॉटलैंड ने वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम का एलान कर दिया है, जिसमें इंग्लैंड की खिलाड़ी को शामिल किया गया है।

शबनीम इस्माइल ने वापस लिया संन्यास
रिपोर्ट्स के अनुसार, 37 वर्षीय शबनीम इस्माइल ने क्रिकेट साउथ अफ्रीका के क्रिकेट डायरेक्टर एनोक नक्वे और मुख्य कोच मांडला माशिम्बयी के साथ चर्चा के बाद यह फैसला लिया। सोमवार को टीम की घोषणा में देरी हुई, जिसकी वजह आंतरिक समीक्षा बताई गई। उम्मीद है कि शबनीम का नाम टीम में शामिल होगा। कोच माशिम्बयी ने पहले ही कहा था कि शबनिम जैसी अनुभवी और तेज गेंदबाज को टीम में शामिल करना बहुत अच्छा रहेगा। उन्होंने न्यूजीलैंड दौरे के बाद भी स्वीकार किया कि टीम में सच्ची तेज गेंदबाजी की कमी महसूस हो रही है।

ज्येष्ठ महीने के दूसरे बड़े मंगल पर करें ये खास उपाय, तरक्की में आ रही बाधाओं को दूर करेंगे

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ज्येष्ठ महीने के दूसरे बड़े मंगल पर करें ये खास उपाय, तरक्की में आ रही बाधाओं को दूर करेंगे
ज्येष्ठ महीने के मंगलवार, जिन्हें हम बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहते हैं। ये आस्था और शक्ति के मिलन का प्रतीक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान पूजा-पाठ करने वालों पर हनुमान जी की खास कृपा रहती है। अगर आपके काम बनते-बनते बिगड़ रहे हैं या करियर में स्थिरता नहीं आ रही है, तो दूसरा बड़े मंगल के दिन आप यहां दिए के खास उपाय आजमा सकते हैं, जो इस प्रकार हैं –

पीपल के पत्तों का गुप्त उपाय
अगर करियर में रुकावट आ रही है, तो दूसरे बड़े मंगल पर 11 पीपल के पत्ते लें। उन्हें गंगाजल से धोकर उन पर अष्टगंध या चंदन से ‘श्री राम’ लिखें। इन पत्तों की माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें। ध्यान रखें कि कोई भी पत्ता कटा-फटा न हो। यह उपाय आपके मार्ग की हर बाधा को हटाने की शक्ति रखता है।

मीठा पान
नौकरी में प्रमोशन या नए अवसर के लिए हनुमान जी को एक मीठा पान अर्पित करें। इसमें कत्था, गुलकंद, सौंफ और इलायची डलवाएं, लेकिन चूना और सुपारी न रखें। इसे चढ़ाने से साधक को मनचाही सफलता मिलती है।

सिंदूर का लेपन और चमेली का तेल
दूसरे बड़े मंगल पर हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर चढ़ाएं। इसके बाद उनके दाहिने पैर के सिंदूर से अपने माथे पर तिलक लगाएं। यह आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करता है, जो करियर में सफलता के लिए जरूरी है।

नारियल वारें
अगर नजर दोष की वजह से आपके काम रुक रहे हैं, तो एक पानी वाला नारियल लेकर उसे अपने सिर से 7 बार वारकर हनुमान जी के चरणों में फोड़ दें और अपने अच्छे करियर की प्रार्थना करें।

मंत्र जाप
पूजन के समय ‘ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्ट’ मंत्र का जाप करें। यह मंत्र न केवल शत्रुओं का नाश करता है, बल्कि आपके कार्यक्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।

भंडारा और सेवा का फल
बड़े मंगल पर प्याऊ लगवाना और चने-हलवे का प्रसाद बांटना चाहिए। जब आप दूसरों की सेवा करते हैं, तो संकटमोचन खुद आपके संकटों को हर लेते हैं।

देश में मौसम का डबल अटैक, एमपी से लेकर यूपी तक बारिश के आसार

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देश में मौसम का डबल अटैक, एमपी से लेकर यूपी तक बारिश के आसार
देशभर के मौसम मिजाज में इस वक्त बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश और आंधी की आहट है, वहीं राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में सूरज की तपिश और लू (Heatwave) का कहर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले तीन से चार दिनों के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में ‘मिक्स’ वेदर अलर्ट जारी किया है।

उत्तर में आंधी-बारिश तो पश्चिम में लू का अलर्ट
आज यानी 11 मई से देश के बड़े हिस्से में मौसम की दोहरी मार देखने को मिलेगी। एक तरफ सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) राहत की फुहारें लाएगा, तो दूसरी तरफ गर्म पछुआ हवाएं रेगिस्तानी इलाकों को तपाएंगी।

आंधी के साथ राहत की फुहारें
दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों (नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद) में आज शाम से मौसम पलटी मार सकता है। विभाग ने 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ से लेकर वाराणसी तक 14 मई तक बादल सक्रिय रहेंगे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

पंजाब-हरियाणा और पहाड़ों पर बर्फबारी
पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में 13 मई तक धूल भरी आंधी और बारिश का दौर जारी रहने वाला है। उधर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। चारधाम यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।

मध्य प्रदेश के 18 जिलों में बारिश
पश्चिम भारत में स्थिति इसके ठीक उलट है। राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर जैसे जिलों में पारा 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।

पीएम मोदी की 24 घंटे में दूसरी बार अपील

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पीएम मोदी की 24 घंटे में दूसरी बार अपील
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है, और इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है. इसी संदर्भ में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में सरदार धाम हॉस्टल के उद्घाटन के दौरान देशवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी.

वडोदरा रैली के दौरान सोमवार की शाम को प्रधानमंत्री मोदी ने संकेत दिया कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, लोगों को छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाने चाहिए. उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, कार पूलिंग अपनाने, वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने की बात कही. इसके साथ ही स्कूलों से भी ऑनलाइन क्लास चलाने का आग्रह करने की बात कही.

आर्थिक चुनौतियों का इशारा
आर्थिक दबाव को देखते हुए पीएम मोदी ने लोगों से सोने की खरीद टालने की अपील की और विदेशी उत्पादों के बजाय स्वदेशी चीजों के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने किसानों से भी रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया पिछले कुछ वर्षों से लगातार संकटों से गुजर रही है. पहले कोविड-19 महामारी, फिर आर्थिक अस्थिरता, और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध. उनके अनुसार, अगर कोरोना इस सदी का सबसे बड़ा संकट था, तो पश्चिम एशिया का मौजूदा संघर्ष इस दशक के बड़े संकटों में शामिल हो सकता है.

ईरान वॉर इस दशक का बड़ा संकट
उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे देश ने कोरोना महामारी का मुकाबला किया, वैसे ही इस चुनौती से भी पार पाया जा सकता है. साथ ही सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि इन वैश्विक परिस्थितियों का असर आम लोगों पर कम से कम पड़े. प्रधानमंत्री का संदेश साफ है- वैश्विक संकट के इस दौर में सतर्कता, बचत और आत्मनिर्भरता ही सबसे बड़ा सहारा हो सकते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में हमें अपनी जीवनशैली में छोटे लेकिन असरदार बदलाव लाने चाहिए. उन्होंने खासतौर पर कहा कि लोग विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग करने के बजाय भारत में ही शादी समारोह आयोजित करें, क्योंकि उनके अनुसार भारत से बेहतर कोई जगह नहीं है.

क्या-क्या बोले पीएम मोदी
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने खाने के तेल के उपयोग को कम करने की भी सलाह दी, ताकि स्वास्थ्य और आर्थिक दोनों स्तरों पर संतुलन बना रहे. ईंधन की बचत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम किया जाए. उन्होंने मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिक उपयोग की अपील की. साथ ही कार पूलिंग को बढ़ावा देने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि जिनके पास कार है, वे एक ही वाहन में ज्यादा लोगों के साथ यात्रा करें.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज डिजिटल टेक्नोलॉजी ने जीवन को काफी आसान बना दिया है, इसलिए वर्चुअल मीटिंग्स और ऑनलाइन माध्यमों का ज्यादा इस्तेमाल कर यात्रा की जरूरत को कम किया जा सकता है. उनका संदेश यही था कि बदलते वैश्विक हालात में जिम्मेदार उपभोग, बचत और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से ही देश मजबूत रह सकता है.

मोहन सरकार का बड़ा ऐलान: वृद्धावस्था पेंशन जारी, जरूरतमंदों को मंत्री देंगे ₹25 हजार तक सहायता

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मोहन सरकार का बड़ा ऐलान: वृद्धावस्था पेंशन जारी, जरूरतमंदों को मंत्री देंगे ₹25 हजार तक सहायता
प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन, शहरी एवं ग्रामीण मार्गों के निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सिंचाई सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दी गई। इसके साथ ही सिंचाई सुविधा में विस्तार के लिए नीमच जिले की खुमान सिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को मंजूरी देने के साथ ही बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना लागत में वृद्धि के प्रस्ताव को अनुमति दी गई।

सड़कों और वृद्धावस्था पेंशन के लिए भारी-भरकम बजट
शहरों और गांवों की सड़कों पर 6,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में शहरी एवं नगरीय सड़कों के नव निर्माण, उन्नयन सहित सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया गया। इसमें नए निर्माण और उन्नयन पर 2,100 करोड़ और सुदृढ़ीकरण के काम पर 4,800 करोड़ रुपये व्यय होंगे। वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को आगामी पांच वर्षों तक निरंतर रखने में 6116 करोड़ रुपये व्यय होंगे। योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को पात्रतानुसार 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। कोषालयों की स्थापना, लंबित देनदारियों के भुगतान से संबंधित योजनाओं के साथ लेखा प्रशिक्षण शालाओं की स्थापना, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण सहित अन्य कार्यों के लिए 115,598 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

बुदनी मेडिकल कॉलेज और नीमच सिंचाई परियोजना को मिली गति
बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 714.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। यह लागत 48.49 करोड़ रुपये बढ़ गई है। कैबिनेट ने 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दे दी। इससे 100 एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता का नया मेडिकल कॉलेज और 500 बिस्तर का संबद्ध अस्पताल स्थापित किया जाएगा। साथ ही नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता का नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता का पैरामेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसी तरह नीमच जिले की खुमान सिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 164 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई। परियोजना की ऊंचाई एक मीटर बढ़ाने से नीमच तहसील के 22 ग्रामों की 5,200 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उच्च न्यायालय जबलपुर के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के निर्माण और बार ऑफिस निर्माण की लागत राशि को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।

राज्यमंत्रियों के स्वेच्छानुदान में वृद्धि और ठेकेदारों को राहत
कृष्णा गौर के सुझाव पर राज्यमंत्रियों का स्वेच्छानुदान बढ़ा दिया गया है। कैबिनेट मंत्री एक बार में एक व्यक्ति को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे सकते हैं। 25 से बढ़ाकर इसे 40 हजार किया गया था लेकिन राज्यमंत्रियों का स्वेच्छानुदान नहीं बढ़ा था। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में यह बात लाई। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को इसके निर्देश दिए और अब तय किया गया है कि राज्यमंत्री एक वर्ष में एक व्यक्ति को 25 हजार रुपये का स्वेच्छानुदान दे सकेंगे। यह सीमा अभी तक 16 हजार थी।

इसके साथ ही, बिटुमिन की बढ़ी कीमत की भरपाई सरकार करेगी। वैश्विक परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आवक प्रभावित हुई है। इसके कारण सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले बिटुमिन (डामर) की कीमतें बढ़ने के साथ उपलब्धता पर भी असर पड़ा है। डामर की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। निर्माण कार्यों पर पड़ रहे असर को देखते हुए सरकार ने दस करोड़ रुपये से कम लागत वाले कामों में अंतर की राशि की भरपाई करने का निर्णय किया है। मासिक दर के आधार पर मूल्य समायोजन का लाभ दिया जाएगा। इसमें डामर की बढ़ी हुई दरों का बोझ ठेकेदारों के ऊपर नहीं आएगा। एक मई से 30 जून 2026 तक की अवधि में खरीदे गए बिटुमिन के लिए यह प्रावधान लागू होंगे।

ईरान के जवाब से अमेरिका नाराज़, ट्रंप ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

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ईरान के जवाब से अमेरिका नाराज़, ट्रंप ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष को रोकने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (10 मई) को कहा, जंग को खत्म करने के मकसद के लिए वाशिंगटन के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया की समीक्षा की है. ट्रंप ने साफ किया कि उन्हें ईरान की प्रतिक्रिया बिल्कुल पसंद नहीं आई. उन्होंने इसे अमेरिका के लिए ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ करार दिया.

ट्रंप का सख्त रुख
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक बयान में ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया.उन्होंने कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों की ओर से दिया गया जवाब उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. ट्रंप ने ईरान पर दशकों से अमेरिका को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए लिखा, ‘ईरान पिछले 47 वर्षों से अमेरिका और पूरी दुनिया के साथ केवल ‘देरी’ करने का खेल खेल रहा है. उन्होंने हमारे महान देश का मजाक उड़ाया है, लेकिन अब वे और नहीं हंस पाएंगे.’

ट्रंप ने इस दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि ओबामा की नरम नीतियों की वजह से ही तेहरान को दोबारा उभरने और शक्तिशाली बनने का मौका मिला.

पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचे इस प्रस्ताव में ईरान ने कई बड़ी शर्तें रखी थीं. ईरानी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने लेबनान सहित उन सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की मांग की है, जहां इजरायल और ईरान-समर्थित हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष जारी है. इसके अलावा तेहरान प्रतिबंधों से राहत चाहता है. ईरान चाहता था कि अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को कम से कम 30 दिनों के लिए हटा दे.

देश की अर्थव्यवस्था बचाने के लिए PM मोदी की खास अपील

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देश की अर्थव्यवस्था बचाने के लिए PM मोदी की खास अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए देश से अपील की है. उन्होंने देश से कोरोना के समय जो रूटीन अपनाया गया था, उसी पर जोर देने को कहा है. इस दौरान उन्होंने कई अहम बातें कही हैं. यह सारी बातें मिडिल ईस्ट में जारी जंग के असर को लेकर की गई है. साथ ही यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि भारत पर इन युद्धों का कितना असर पड़ा है. इसके अलावा पीएम मोदी ने अगले एक साल तक शादियों के लिए सोना ना खरीदने की अपील भी जनता से की है.

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे एक साल तक सोना न खरीदें. कोरोनाकाल के दौरान हमने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया था. हमने इसकी आदत डाल ली थी. आज भी समय की मांग है कि हम उन व्यवस्थाओं को फिर से प्राथमिकता दें.

मिडिल ईस्ट की जंग से काफी असर हुआ है
इसके अलावा पीएम ने कहा कि पिछले दो महीने से चल रही मिडिल ईस्ट जंग का असर काफी ज्यादा हुआ है. इसका असर दुनिया सहित भारत पर पड़ा है. मौजूदा समय में विदेश मुद्रा बचाने पर भी विशेष जोर पीएम मोदी की तरफ सेदिया गया है. उन्होंने कहा है कि दुनियाभर में पेट्रोल और डीजल महंगे हो चुके हैं. ईंधन की बचत करना बेहद ही जरूरी है.

दुनिया इस वक्त सप्लाई चेन संकट से जूझ रही है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि दुनिया इस समय एक बड़े सप्लाई चेन संकट से जूझ रही है. यूक्रेन और मिडिल ईस्ट जंग ने वैश्विक स्तर पर कठिनाइयों को बढ़ा दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 5 से 6 सालों से हमारी सरकार इस संकट से निपटने की कोशिश कर रही है. आज फर्टिलाइजर की बोरी तीन हजार रुपए की बिक रही है. वहीं भारत में वही बोरी किसानों को 300 रुपए में मुहैया कराई जा रही है.

प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर, युवाओं के लिए रोजगार प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर, युवाओं के लिए रोजगार प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की स्थापना के फलस्वरूप 4 मिलीयन टन सीमेंट उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुना जिले में अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन विकास कार्यों से गुना जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रदेश का ग्वालियर और चंबल अंचल कभी डकैतों की गोलियों से गूंजता था, अब यहां विकास का परचम लहरा रहा है। अब यहां दस्युओं के स्थान पर प्रगति पहचान का माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। सरकार जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुना अंचल के लिए आज होली और दीपावली के त्यौहारों की तरह उल्लास का वातावरण है। इस क्षेत्र में सिंचाई, पानी, बिजली के साथ सभी नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंधिया परिवार द्वारा पहल की गई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया द्वारा दिए गए सुझावों को मानते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए 80 करोड़ 22 लाख राशि का प्रस्ताव भारत सरकार की जल शक्ति योजना में भेजने, लक्ष्मण कोपरा से राम नगर टकोदिया तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पार्वती नदी पर 42 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज निर्माण और गुना शहर के भुजारिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा शामिल है।

उद्योग खुलने से युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना होगा : केंद्रीय मंत्री सिंधिया
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डा. यादव परिश्रम और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। गुना के विकास के लिए नई दीप माला प्रज्ज्वलित हो रही है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि गुना क्षेत्र में सीमेंट इकाई की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह कार्य बहुप्रतिक्षित था। उन्होंने लगभग सौ वर्ष पूर्व सिंधिया परिवार द्वारा इस क्षेत्र में किए गए औद्योगीकरण के प्रयासों का उल्लेख भी किया। सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे गुना के युवाओं को अन्य प्रांतों में रोजगार तलाशने नहीं जाना पड़ेगा। बहनों को भी लखपति दीदी बनाकर समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि कोटा-बीना लाइन के दोहरीकरण, तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की पहल, जल प्रदाय योजना और सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, गुना से देवास राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा बनाने के लिए 5 हजार करोड़ के व्यय, गुना के लिए 15 किलोमीटर लंबाई के बायपास जैसे कार्य आमजन को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में गुना -चाचौड़ा- राघोगढ़ क्षेत्र के किसान पंजाब की तरह पहचान बना रहे हैं।

मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र हो रहा सशक्त : प्रणव अदाणी
उद्योगपति प्रणव अदाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से विकास को नई रफ्तार मिली है। अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। पीएम गति शक्ति मिशन से औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण सशक्त हो रहा है। गत वर्ष भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी समूह के चेयरमेन गौतम अदाणी ने एक लाख हजार करोड़ से अधिक निवेश का संकल्प व्यक्त किया था, जिसे साकार करने के लिए सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी जा रही है। प्रथम चरण में एक हजार 60 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो आगामी चरणों में तीन गुना से अधिक होगा। अदाणी ने मध्यप्रदेश में कटनी, कैमोर सहित अन्य क्षेत्रों में सीमेंट और अन्य इकाइयों की स्थापना की पहल की गई। समूह द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट अमल में लाए जाएंगे।

खाद्य,नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में विकास का पहिया तीव्र गति से घूम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग वर्ष के बाद कृषि वर्ष में प्रदेश में समृद्धि के प्रयास तेज किए हैं। परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की भूमि ली जाएगी उन्हें चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद 78 लाख मीट्रिक टन के स्थान पर 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। किसानों को उनकी मेहनत की पूरी कीमत दी जा रही है। कार्यक्रम में जिले के विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

रोड शो में हुआ भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया के गुना आगमन पर रोड-शो में नागरिकों ने पुष्पहारों से भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिक जिनमें युवा, व्यापारी वर्ग, महिला समाज, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों का अभिवादन किया।