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न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, फिन एलन का धमाकेदार शतक

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न्यूजीलैंड ने रचा इतिहास, फिन एलन का धमाकेदार शतक
न्यूजीलैंड ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल जीत लिया है. फिन एलन ने ऐतिहासिक शतक लगाकर न्यूजीलैंड को रिकॉर्ड जीत दिलाई है. इस हार के साथ ही दक्षिण अफ्रीका का टी20 वर्ल्ड कप जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया. 2026 टी20 वर्ल्ड कप के पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने पहले खेलने के बाद 169 रन बनाए थे. जवाब में न्यूजीलैंड ने 12.5 ओवर में ही 173 रन बनाकर मैच जीत लिया. न्यूजीलैंड के लिए फिल एलन ने 33 गेंद में नाबाद 100 रनों की मैच विनिंग पारी खेली. उनके बल्ले से 10 चौके और 8 छक्के निकले. न्यूजीलैंड दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है.

कीवी टीम के लिए एलन के अलावा उनके साथ ओपनिंग पर उतरे टीम सीफर्ट ने भी शानदार पारी खेली. सीफर्ट ने 33 गेंदों में 7 चौके और 2 छक्कों की मदद से 58 रन स्कोर किए. दोनों ने पहले विकेट के लिए 55 गेंदों में 117 रनों की साझेदारी की. इसके बाद रचिन रवींद्र और फिन एलन ने दूसरे विकेट के लिए 22 गेंदों में 56* रनों की पार्टनरशिप करके टीम को 43 गेंद पहले ही जीत दिला दी.
टी20 वर्ल्ड कप का सबसे तेज शतक

बता दें कि फिन एलन ने टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे तेज शतक पूरा किया. इससे पहले टी20 विश्व कप में सबसे तेज शतक बनाने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के नाम पर दर्ज था. गेल ने 2016 के टी20 टूर्नामेंट में 47 गेंदों में शतक पूरा किया था.
बॉलिंग डिपार्टमेंट में दक्षिण अफ्रीका पूरी तरह से फ्लॉप

मुकाबले में पहले बैटिंग के लिए उतरी अफ्रीका ने 20 ओवर में 169/8 रन बनाए. टीम ने यह टोटल 77 रन पर 5 विकेट गिर जाने के बाद बनाया था. इस टोटल के बाद लगने लगा था कि प्रोटियाज टीम मुकाबले में टक्कर देगी, लेकिन न्यूजीलैंड ने ऐसा नहीं होने दिया.

रन चेज के लिए उतरी न्यूजीलैंड के सामने अफ्रीका के सभी गेंदबाज फ्लॉप नजर आए. कीवी टीम ने सिर्फ एक ही विकेट गंवाया. अफ्रीका के लिए मार्को यानसन सबसे महंगे साबित हुए, जिन्होंने 2.5 ओवर में 18.70 की इकॉनमी से 53 रन खर्चे. इसके अलावा कॉर्बिन बॉश ने 2 ओवर में 35 रन खर्चे. इसके अलावा केशव महाराज ने 3 ओवर में 33, लुंगी एंडिगी ने 2 ओवर में 22 और कगिसो रबाडा ने 3 ओवर में 28 रन खर्चे.

फिल्म ‘देवदास’ के अभिनेता विजय कृष्णा ने दुनिया को कहा अलविदा

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‘देवदास’ में शाहरुख खान के पिता बने एक्टर विजय कृष्णा का हुआ निधन
बॉलीवुड के गलियारों से एक दुखद खबर सामने आ रही है. सीनियर एक्टर विजय कृष्णा जिन्हें कई फिल्मों में हमने देखा है, उनका निधन हो गया है. विजय कृष्णा फिल्म ‘देवदास’ में शाहरुख खान के पिता ‘नारायण मुखर्जी’ के किरदार में नजर आए थे. विजय की उम्र 81 साल थी, उनके निधन की खबर एक्ट्रेस लिलिएट दुबे ने सोशल मीडिया पर दी है.

लिलिएट दुबे ने किया इमोशनल पोस्ट
एक्ट्रेस लिलिएट दुबे ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए विजय कृष्णा की फोटोज शेयर की हैं. इनके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘दिल टूट गया है. हमारे प्यारे विजय कृष्णा, जो 25 सालों से ज्यादा समय तक हमारे थिएटर परिवार और ‘डांस लाइक अ मैन’ का हिस्सा रहे अब हमारे बीच नहीं रहे. बहुमुखी प्रतिभा के धनी. एक प्रतिभाशाली एक्टर, सुंदर, आकर्षक, अपने खास ह्यूमर के लिए मशहूर, वो हम सभी के प्रिय थे और हमें बहुत प्यार करते थे. अनगिनत यादें मेरे दिल और दिमाग में उमड़ रही हैं और मुझे भावुक कर रही हैं. RIP मेरे जयराज, आपको कभी भुलाया नहीं जाएगा. ईश्वर करे कि आप स्वर्ग में भी वैसे ही खुश रहें जैसे आप हम सभी को यहां रखते थे. उनकी प्यारी पत्नी स्मिता, बेटियों नायरिका और फ्रेयान और पूरे परिवार के लिए प्यार और प्रार्थनाएं.’

विजय कृष्णा के बारे में
बता दें कि विजय कृष्णा एक बेहतरीन एक्टर थे. उन्हें संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘देवदास’ के कड़क पिता के रूप में पहचानते हैं. विजय ने इस फिल्म में शाहरुख खान के पिता नारायण मुखर्जी का किरदार निभाया था. जिसमें उन्होंने अपने अभिनय से वाकई में कड़क पिता की छवि बना ली थी. लेकिन असल जिंदगी में विजय ऐसे नहीं थे. एक एक्टर होने के अलावा विजय एक एनवायरमेंटलिस्ट और गोदरेज समूह के बिजनेस में पूर्व कार्यकारी निदेशक भी थे. वो इंडियन थिएटर का जाना-माना नाम थे और 25 सालों से ज्यादा समय तक उन्होंने अभिनय किया. साल 2004 में आई फिल्म ‘डांस लाइक ए मैन’ के लिए भी उन्हें खूब तारीफें मिली थीं.

शरद पवार की वजह से राज्यसभा की सातों सीटें होंगी निर्विरोध

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शरद पवार की वजह से राज्यसभा की सातों सीटें होंगी निर्विरोध
16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होने जा रहा है. महाराष्ट्र की सात सीटों सहित देश के 10 राज्यों की कुल 30 सीटों पर मतदान होगा. महाराष्ट्र में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए महायुति के छह और महाविकास आघाड़ी (MVA) के एक उम्मीदवार के जीतने की संभावना है.पिछले कुछ दिनों से इस चुनाव के लिए राजनीतिक गणित साधने की कोशिशें तेज थीं.

इस बीच बीजेपी ने अपने चार उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं. वहीं शरद पवार के भी चुनाव मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है. इसी वजह से अब राज्य की सातों सीटें निर्विरोध होने की चर्चा शुरू हो गई है. आइए समझते हैं जीत और वोटों का पूरा गणित.

बीजेपी ने घोषित किए उम्मीदवारों के नाम
बीजेपी ने चार उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं. इनमें पूर्व मंत्री विनोद तावड़े, आरपीआई (आठवले गुट) के प्रमुख और केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले, हिंगोली के बीजेपी नेता रामराव वडकुते और नागपुर की बीजेपी नेता माया इवनाते शामिल हैं.एक-एक सीट अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को दी गई है.

शरद पवार का नाम लगभग तय
दूसरी ओर, महाविकास आघाड़ी का एक उम्मीदवार राज्यसभा जा सकता है. इस सीट के लिए शरद पवार का नाम लगभग तय माना जा रहा है. इससे पहले कांग्रेस ने यह सीट अपने लिए मांगी थी. कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री बालासाहेब थोरात और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के नाम चर्चा में थे.

निर्विरोध चुनाव कैसे संभव?
अगर सातवीं सीट के लिए महाविकास आघाड़ी की ओर से शरद पवार का नाम घोषित होता है, तो बीजेपी इस चुनाव को निर्विरोध कराने के पक्ष में हो सकती है. लेकिन यदि ठाकरे गुट या कांग्रेस के किसी अन्य नेता को उम्मीदवार बनाया गया, तो बीजेपी भी सातवीं सीट पर अपना उम्मीदवार उतार सकती है.

किसी उम्मीदवार को जीत के लिए पहली वरीयता के 37 वोटों की जरूरत होती है. महायुति के पास कुल 232 विधायकों का समर्थन है. शिंदे गुट के पास 20 अतिरिक्त वोट हैं, जबकि अजित पवार के गुट के पास 3 अतिरिक्त वोट हैं. ऐसे में जरूरत पड़ने पर बीजेपी सातवीं सीट के लिए भी पूरा जोर लगा सकती है. हालांकि, अब अगर सातवीं सीट के लिए शरद पवार का नाम तय हो जाता है, तो सभी सातों सीटों का निर्विरोध चुना जाना संभव माना जा रहा है.

80 छात्रों समेत दुबई से लौटे 111 भारतीय

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80 छात्रों समेत दुबई से लौटे 111 भारतीय
पश्चिम एशिया की धरती पर जंग की आहट अब और तेज हो गई है। इस्राइल और अमेरिका के ईरान पर लगातार हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई पांचवें दिन भी जारी है। बमबारी तेज है और ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान कई हफ्तों तक चल सकता है। ऐसे में हालात बिगड़ते देख अमेरिकी गृह विभाग ने पश्चिम एशिया छोड़ना चाहने वाले अमेरिकियों के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति के बाद अब नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद की चर्चा

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राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति के बाद अब नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद की चर्चा
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में जीत के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के सीएम बनाने की चर्चा थी। भाजपा नहीं बना सकी। उसने कहा कि नीतीश कुमार के नाम पर चुनाव लड़ा, वही बनेंगे। नीतीश की चाहत नहीं थी, फिर भी बने। अनबन अंदर-अदर चली। नतीजा कि नीतीश कुमार निकल कर महागठबंधन के सीएम बन गए। वहां गए तो चर्चा निकली कि नीतीश तेजस्वी यादव को कुछ दिन में अपनी कुर्सी दे देंगे। यहां भी असहज हुए तो वापस भाजपा के साथ आ गए। उन्हें दिन-रात धोने वाले भाजपाई फिर नीतीश के पीछे हो गए। फिर राष्ट्रपति चुनाव आया तो नीतीश का नाम उछाला गया। उप राष्ट्रपति चुनाव आया तो नाम उछाला गया। लोकसभा चुनाव में शांति रही, क्योंकि इससे नीतीश भड़क सकते थे। विधानसभा चुनाव में भी उसी तरह का माहौल रहा। अब जैसे ही सबकुछ ठीक हुआ और राज्यसभा चुनाव आया तो उनके राज्यसभा सांसद बनने की बात उछाली गई।

ऐसी ही बातों से भड़कते हैं नीतीश; नुकसान में रहती है भाजपा
होलिका दहन की शाम से नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राज्यसभा भेजने की चर्चा उठाई गई। यह शुरुआत थी। जबकि, हकीकत यह है कि अब तक नीतीश की छवि परिवारवादी नहीं रही है। कहा गया कि नीतीश पार्टी की कमान निशांत को देंगे, इसलिए राज्यसभा भेजेंगे। और, अगर बिहार की राजनीति करानी होगी तो विधान परिषद् में उतारेंगे। वह चर्चा होली के दिन थम गई। नई बात निकली कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाएंगे। एक सांसद बनकर रिटायर होंगे, क्योंकि वह अपने बेटे को बिहार का उप मुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार हो गए हैं और मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा के खाते में छोड़ देंगे। लेकिन, सच यह है कि जब-जब इस तरह की बात अंदरूनी राजनीति में उठी है तो नीतीश कुमार की जगह भाजपा को ही नुकसान हुआ है। दबाव की राजनीति से तंग आकर दो बार नीतीश भाजपा का साथ छोड़ महागठबंधन में जा चुके हैं और उसी तरह दोनों ही बार दबाव से ही परेशान होकर भाजपा के साथ आ चुके हैं।

क्या हो अगर नीतीश कुमार संन्यास लेना चाहें तो
जब राष्ट्रपति या उप राष्ट्रपति के लिए उनका नाम उड़ाया गया था तो भी ‘अमर उजाला’ ने इसका खंडन किया था। वजह यह थी कि नीतीश केंद्र की राजनीति छोड़ बिहार के विकास के नाम पर यहां आए थे। बीमारी की चर्चाओं और अलग-अलग तरह की गतिविधियों में दिखने के बावजूद बिहार के विकास कार्यों को लेकर सक्रिय दिखते हैं। ऐसे में संन्यास के लिए वह राज्यसभा सांसद बनकर उसी सदन में बैठें, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों- ऐसा संभव नहीं दिखता है। फिर भी चूंकि बार-बार नीतीश कुमार से एग्जिट प्लान मांगने की चर्चा बार-बार उठती रही है, इसलिए ऐसी खबरें निकलती हैं और वही वायरल भी होती हैं।

चाणक्य इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिकल राइट्स एंड रिसर्च के अध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा कहते हैं कि “बिहार में कभी होली पर मजाकिया खबरों के साथ अखबार पेज प्रकाशित करते थे। सोशल मीडिया और आधुनिक मीडिया के दौर में यह जिम्मेदारी अखबारों ने अपने कंधे से हटा दी है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी छीनकर उन्हें राज्यसभा भेजा जा रहा है। इसकी संभावना दिख नहीं रही है। नीतीश अचरज में डालने वाला काम करते रहे हैं, लेकिन जिस व्यक्ति ने दो बार नरेंद्र मोदी के खिलाफ बिगुल फूंका और फिर पीएम के सामने झुक कर दिखते हुए भी बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत स्थिति लेकर रहे हैं- उनके राज्यसभा सांसद बनकर संन्यास लेने की बात स्वीकार करना संभव नहीं दिखता है। आज से कल तक सब साफ हो जाएगा। अगर यह खबर सही निकली तो नीतीश को नजदीक से जानने वाले लोग हार जाएंगे और अगर ऐसा नहीं हुआ तो ऐसी खबर चलाने वाले हैप्पी होली कर खुद को माफ कर लेंगे।”

मुख्यमंत्री आवास पर होलियाना माहौल, फॉर्म भरा गया?
चर्चा को हवा देने में नीतीश कुमार के कुछ करीबियों का भी नाम आ रहा है। उसके बाद से सभी प्रमुख नेताओं का मोबाइल संपर्क से बाहर है। कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए भी फॉर्म भी भरा है। चर्चा है कि नीतीश के एक करीबी मंत्री ने किसी को कह दिया कि निशांत और नीतीश ने राज्यसभा फॉर्म भरा है, इसमें से ही किसी पर फैसला होगा। वहीं, दूसरी तरफ होली के दिन मुख्यमंत्री आवास में होलियाना माहौल रहा। बैठकें उस तरह से नहीं हुईं, जैसी इतने बड़े फैसले को लेकर होती है। विधायकों को पटना नहीं बुलाया गया है।

चमोली के जंगलों में आग लगने का सिलसिला नहीं थम रहा

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चमोली के जंगलों में आग लगने का सिलसिला नहीं थम रहा
सोमवार से शुरू हुआ जंगलों में आग लगने का सिलसिला यहां थम नहीं रहा है। एक के बाद एक जंगलों में लग रही आग के कारण समूचा क्षेत्र धुएं के बादलों से पटा हुआ है। इससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन होने से परेशानी हो रही हैं।

बुधवार होली के दिन नारायणबगड़, जाख-कडा़कोट, बेड़गांव, मानूर,तलासेरा, टेंटुड़ा का जंगल दिनभर जलता रहा। वहीं उत्तरी कडा़कोट पट्टी के सुनभी,भटियाणा के जंगलों में भी आग लगने की खबरें आ रही हैं। और अब कई जगहों पर जंगल की आग आबादी की ओर बढ़ती चली जा रही है। जिसको लेकर लोग चिंतित हैं।

ब्लाॅक के कपीरी पट्टी के ग्राम पंचायत कंडारा और आसपास के जंगल में लगी आग से वन संपदा को अत्यधिक क्षति पहुंची है। पूर्व प्रधान कुसुम कंडारी और पदमेंद्र कंडारी ने बताया कि दो दिन से जंगल जल रहे हैं। अब क्षेत्र के जंगलों में लगी आग विकराल होती जा रही है। वहीं आदिबदरी के समीप के जंगल दूसरे दिन भी जलते रहे। वहीं बरतोली गांव के जंगल में भी आग लगी जिसे महिलाएं बुझाने में जुट गईं।

दूसरे दिन भी धधकते रहे
एक ओर वन विभाग वनाग्नि सुरक्षा के लिए अभियान संचालित कर रहा है लेकिन वनों की सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम नहीं होने से इन अभियानों और बैठकों के दावों पर ही सवाल उठने लगे हैं। वनों में लगी आग से ग्रामीणों को मवेशियों के लिए चारापत्ती आदि लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से वनाग्नि को नियंत्रित करने और ग्राम प्रहरियों तथा वन सरपंचों को सजग करने की मांग की। वहीं आदिबदरी में बदरीनाथ वन प्रभाग के रंडोली और भलसों के जंगल मंगलवार को दूसरे दिन भी धधकते रहे।

सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि विगत दो दिनों से जंगलों में लगी आग और धुएं से सांस के रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मगर वन विभाग की ओर से वनाग्नि को नियंत्रित करने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर वनाग्नि को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग को निर्देशित करने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि विभागीय कर्मियों को त्वरित रूप से कंडारा के जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए भेजा जा रहा है।

श्रीलंका के पास ईरानी जहाज पर सबमरीन अटैक, 80 लोगों की मौत

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श्रीलंका के पास ईरानी जहाज पर सबमरीन अटैक, 80 लोगों की मौत
श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास बुधवार को ईरान की नौसेना का जहाज पनडुब्बी हमले के बाद डूब गया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, हमले में 80 लोगों की मौत हो गई है, कई लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 32 की हालत गंभीर है।

180 लोग थे सवार, बचाव अभियान जारी
श्रीलंका के विदेश मंत्रालय बताया कि जहाज पर कुल 180 लोग सवार थे और संकट की सूचना मिलते ही श्रीलंका ने नौसेना के जहाज और वायुसेना के विमान बचाव मिशन पर भेजे।
श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. अनिल जयसिंघे के अनुसार, 79 लोगों को अस्पताल लाया गया। एक की हालत बेहद गंभीर है। सात को आपात उपचार दिया जा रहा है। अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
IRIS Dena एक मौज-क्लास फ्रिगेट था, जो विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास MILAN 2026 में भाग लेकर ईरान लौट रहा था। उसी समय जहज पर हमला हुआ।

अमेरिका ने स्वीकारा हमला
US डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुश्मन पर इस तरह का पहला हमला है। इससे पहले दिन में श्रीलंकाई नौसेना ने हिंद महासागर में जहाज के डूबने की पुष्टि की थी।

होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री साय

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होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में विधायक अनुज शर्मा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए और क्षेत्रवासियों के साथ होली की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर विधायक अनुज शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थितजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का पर्व है। यह हमें मन-मुटाव भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि होलिका बुराई का प्रतीक है, जिसका दहन कर हमें जीवन में अच्छाई, सकारात्मकता और खुशहाली को अपनाना है तथा सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 4 मार्च को होली का पर्व है और इसका उत्साह अभी से दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिससे किसानों में विशेष उत्साह है और इस बार प्रदेश में होली का पर्व और अधिक उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि होली सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का अवसर भी है, जो समाज में आत्मीयता और विश्वास को मजबूत करता है।

विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के खातों में सहायता राशि अंतरित किए जाने से किसानों में खुशी का माहौल है और वे इस वर्ष होली का त्योहार अधिक आनंद और उत्साह के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक फाग गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया, जिससे पूरा परिसर होली के रंग में सराबोर हो गया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी क्षेत्रवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

तेहरान-बेरुत पर इजरायल ने की एयरस्ट्राइक

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तेहरान-बेरुत पर इजरायल ने की एयरस्ट्राइक
इजरायल की वायुसेना लगातार ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला कर रही है. इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाय अदरई के मुताबिक, इजरायली विमानों ने ईरान के रडार सिस्टम और मिसाइल लॉन्चर को निशाना बनाया है. उन लोगों को भी टारगेट किया गया जो इन डिफेंस सिस्टम को चला रहे थे. इजरायल ने यह भी दावा किया कि उसने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया है. ईरान में अब तक 742 लोगों की मौत हो गई है और 750 से ज्यादा घायल हैं.

हाथरस में भीषण सड़क हादसा, डबल डेकर स्लीपर बस और वैन की टक्कर

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हाथरस में भीषण सड़क हादसा, डबल डेकर स्लीपर बस और वैन की टक्कर
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार (3 मार्च) की सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर स्लीपर बस ने एक वैन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार तीन महिलाओं सहित छह लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि हादसा तड़के चार बजकर 20 मिनट पर सादाबाद थाना क्षेत्र के हरिया गढ़ी गांव के पास हुआ.

अपर पुलिस अधीक्षक राम आनंद कुशवाह ने बताया कि वैन में सवार 16 लोग दिल्ली के प्रेम नगर से राजस्थान के धौलपुर जा रहे थे. इस बीच नोएडा से गोरखपुर जा रही स्लीपर बस ने वैन को पीछे से टक्कर मार दी.
पुलिस अधीक्षक ने दी घटना की जानकारी

पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि दुर्घटना उस समय हुई जब बस चालक वैन से आगे निकलने का प्रयास कर रहा था. उन्होंने बताया कि बस चालक, परिचालक और ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया है और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है.

सिन्हा ने बताया कि बस मालिक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान दिनेश (50), उनकी पत्नी सुनीता (48), विजय बघेल (27), उनकी पत्नी पिंकी बघेल (26), लोकेश (35) और नाथू देवी (65) के रूप में की गई है.

दिल्ली के रहने वाले थे वैन में सवार लोग
पुलिस ने बताया कि वैन में सवार सभी लोग दिल्ली के निवासी थे और अलग-अलग परिवार से थे. उसने बताया कि वैन का चालक सुरक्षित है. सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक राम आनंद कुशवाह, सादाबाद के क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

अधिकारियों ने बताया कि घायल बच्चों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां उनमें से दो की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है.