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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इचकेला की बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों को किया सम्मानित

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इचकेला की बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर स्थित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में ग्राम इचकेला की छत्तीसगढ़ बालिका क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान करते हुए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन प्रतिभाशाली बालिकाओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के बल पर वे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगी तथा देश का नाम रोशन करेंगी।

उल्लेखनीय है कि जशपुर के इचकेला स्थित शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की बालिकाएँ क्रिकेट के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। वर्तमान में इस समूह की 17 बालिकाएँ अंडर-17 एवं अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जबकि लगभग 40 खिलाड़ी नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास कर रही हैं। वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों के अंतराल के बाद अंडर-17 राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा, जिसमें विजेता टीम के 11 में से 9 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। इसी प्रकार अंडर-19 वर्ग में सरगुजा संभाग ने रजत पदक अर्जित किया, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से शामिल थीं।

इसके अतिरिक्त रायगढ़ में आयोजित इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 में भी इचकेला एमसीसी की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने इन उपलब्धियों के लिए खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों संतोष शंकर सोनी और मती पंडरी बाई के समर्पण और मार्गदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रही ऐसी प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके।

मन की बात में छत्तीसगढ़ के जल संवर्धन प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मन की बात में छत्तीसगढ़ के जल संवर्धन प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी सुनी और इसे राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक नवाचारों और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरिया जिले के किसानों के जल संरक्षण प्रयासों की सराहना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘आवा पानी झोंकी’ जैसे अभिनव मॉडल के माध्यम से किसानों ने अपने खेतों में रिचार्ज तालाब और सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर वर्षा जल को सहेजने का सराहनीय कार्य किया है। यह जनभागीदारी आधारित पहल आज भूजल स्तर में सुधार की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है और अन्य क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक बन रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और छत्तीसगढ़ में भी इसे जनभागीदारी से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता, फिटनेस को बढ़ावा, शुगर इंटेक में कमी और खेलों के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर दिए गए संदेश अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने पश्चिमी एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि देश हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्र तथा राज्य सरकारें समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु और सामान्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनभागीदारी की शक्ति के साथ जल संरक्षण को और मजबूत कर छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, समृद्ध और जल-संपन्न भविष्य की ओर ले जाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश निरंतर नवाचार, सहभागिता और सुशासन के माध्यम से विकास की नई दिशा तय कर रहा है।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय वास्तव, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार कृष्णा दास सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

केंद्र सरकार ने दी ₹2.38 लाख करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी; 5 नए S-400 सिस्टम की होगी खरीद

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केंद्र सरकार ने दी ₹2.38 लाख करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी; 5 नए S-400 सिस्टम की होगी खरीद
रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने शुक्रवार को विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसके तहत लगभग 2.38 लाख करोड़ रुपये की लागत के सैन्य हार्डवेयर खरीदे जाएंगे।

भारतीय सेना के लिए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन, उच्च क्षमता के रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम की खरीद की मंजूरी दी गई है। एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम रियल-टाइम में वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग क्षमता प्रदान करेगा। जबकि, उच्च क्षमता वाला रेडियो रिले भरोसेमंद और त्रुटि-रहित संचार सुनिश्चित करेगा।

‘धनुष गन सिस्टम’ से तोपखाने की क्षमता बढ़ेगी और सभी क्षेत्रों में लंबी दूरी के लक्ष्यों को अधिक प्रभावी और सटीक ढंग से निशाना बनाया जा सकेगा। ‘रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम’ सैन्य इकाइयों को निगरानी की क्षमता देगा और ‘आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन’ टैंक रोधी हथियारों की क्षमता को बढ़ाएगा।

भारतीय वायु सेना के लिए मध्यम परिवहन विमान, लंबी दूरी की सतह-से-वायु मिसाइल प्रणाली एस-400, दूर से नियंत्रित हमलावर विमान और सुखोई-30 एयरो इंजन के कलपुर्जों की मरम्मत और ओवरहाल (इंजन के सभी हिस्सों की पूरी तरह जांच करना, खराब या घिसे हुए हिस्सों को बदलना और उसे फिर से पूरी क्षमता के साथ चलाने के योग्य बनाना) के प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं।

मध्यम परिवहन विमान के शामिल होने से एएन-32 और आईएल-76 के पुराने परिवहन बेड़े को बदलने से वायु सेना की रणनीतिक, सामरिक हवाई परिवहन की सभी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। एस-400 प्रणाली दुश्मन के लंबी दूरी के हवाई हमलों को रोकने में मदद करेगी, जबकि दूर से नियंत्रित हमलावर विमान हमले और समन्वित हवाई संचालन करने के साथ-साथ गुप्त खुफिया, निगरानी और पहचान कार्यों में सक्षम होगा। सुखोई-30 के एयरो इंजन और उसके कलपुर्जों की पूरी मरम्मत और जांच (ओवरहाल) से विमान की सेवा अवधि बढ़ेगी और वायु सेना की संचालन की आवश्यकताएं पूरी होंगी।

इसके अलावा, भारतीय तटरक्षक बल के लिए भारी क्षमता वाले एयर कुशन वाहन खरीदने को मंजूरी दी गई है। इन वाहनों का उपयोग उच्च गति तटीय गश्त, टोही, खोज और बचाव अभियान, जहाजों को सहायता प्रदान करने तथा कर्मियों और लॉजिस्टिक सामान ले जाने सहित बहुउद्देश्यीय समुद्री तटीय संचालन के लिए किया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 55 प्रस्तावों के लिए आवश्यक स्वीकृति दी है, जिनकी कुल लागत 6.73 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा, चालू वित्तीय वर्ष में 503 प्रस्तावों के लिए पूंजी खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनकी कुल लागत 2.28 लाख करोड़ रुपये है। आधिकारिक बयान के अनुसार, अब तक दी गई आवश्यक स्वीकृति और किए गए पूंजी अनुबंध की मात्रा किसी भी वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक रही है।

मुर्शिदाबाद में रामनवमी जुलूस के दौरान पथराव और आगजनी, हिंसा के बाद केंद्रीय बल तैनात

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मुर्शिदाबाद में रामनवमी जुलूस के दौरान पथराव और आगजनी, हिंसा के बाद केंद्रीय बल तैनात
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी जूलुस के दौरान झड़प हो गई. सड़कों पर आगजनी, तोड़फोड़, पत्थरबाजी और भारी अफरा-तफरी की खबरें सामने आई है. बीजेपी के आरोपों के मुताबिक, शोभायात्रा मैकेंजी पार्क से शुरू हुई थी और जैसे ही यह फुलतला मोड़ के पास पहुंची, इस पर हमला कर दिया गया. आरोप है कि रामनवमी शोभायात्रा पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं, जिससे कई लोग घायल हो गए.

पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया
बीजेपी का दावा है कि शोभायात्रा के आगे बढ़ने के बाद, उस पर फिर से हमला किया गया. इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. रैपिड एक्शन फोर्स और कॉम्बैट फोर्स की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया. घटना के बाद, मुर्शिदाबाद रेंज के DIG अजीत सिंह यादव पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी के साथ इलाके में पहुंचे. उन्होंने बताया कि अब हालात काबू में हैं. कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. इलाके में पुलिस गश्त जारी है.

बीजेपी ने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया
बीजेपी के सीनियर लीडर और बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें दो शख्स भगवा झंडे के गिराते नजर आ रहा है. उन्होंने पूछा कि क्या पश्चिम बंगाल में रामनवमी के पवित्र अवसर पर सनातनियों द्वारा पवित्र भगवा ध्वज फहराना कोई अपराध है? उन्होंने सीएम ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया.

अपने ही राज्य में अपमान का सामना करना पड़ रहा: BJP
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘मुर्शिदाबाद के जंगीपुर स्थित फुलातला मोड़ पर सनातनियों द्वारा फहराए गए भगवा ध्वज को जिस अपमानजनक तरीके से नीचे खींचकर फेंक दिया गया. यह पवित्र भगवा ध्वज का अपमान करने, सनातन धर्म का अपमान करने और सनातनियों की भावनाओं पर सीधा आघात करने का एक सुनियोजित प्रयास था. यह पूरी तरह से ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की नीतियों का नतीजा है कि अपने ही राज्य में सनातनियों को बार-बार अपमान का सामना करना पड़ रहा है.’

पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक, ईंधन और खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

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पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक, ईंधन और खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। यह बैठक डिजिटल माध्यम से हुई। बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की गई। आदर्श आचार संहिता के कारण चुनावी राज्य इस बैठक में शामिल नहीं हुए। चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक होगी, जो कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से की जाएगी।

डिजिटल माध्यम से यह बैठक ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल के ईरान पर हमले से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ इस तरह की बैठक की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इजराइल पर हमले किए।

बैठक में कौन-कौन मुख्यमंत्री शामिल हुए?
बैठक में आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी, पंजाब के भगवंत मान, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू और अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू सहित कई मुख्यमंत्री शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी इस बैठक में मौजूद थे।

एक सूत्र ने बताया, प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और राज्यों की तैयारियों व योजनाओं की समीक्षा की। बैठक का फोकस ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत तालमेल सुनिश्चित करना था। आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठक करेगा।

संकट पर पहले हुई थी सर्वदलीय बैठक
सरकार ने 25 मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर राजनीतिक दलों के नेताओं को जानकारी देने के लिए सर्वदलीय बैठक भी की थी, जिसमें स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई। 23 मार्च को लोकसभा में बयान देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुई वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रह सकती हैं और उन्होंने देश से एकजुट और तैयार रहने का आह्वान किया था, जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान रहा था।

भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार
इससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

डीजल-पेट्रोल सस्ता होने पर सीएम साय ने जताया आभार, कहा- “विकास को मिलेगी नई गति

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डीजल-पेट्रोल सस्ता होने पर सीएम साय ने जताया आभार, कहा- “विकास को मिलेगी नई गति
केंद्र सरकार द्वारा डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी को मात्र ₹3 प्रति लीटर करने के निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाने वाला ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से देश के प्रत्येक परिवार, किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार द्वारा आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढ़ने देना एक बड़ी संवेदनशील पहल है, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संवेदनशीलता और देशवासियों के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।

PM मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक

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PM मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत करेंगे। इस बैठक में पश्चिम एशिया में बदलते हालात की समीक्षा की जाएगी और इसके भारत पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जाएगा, खासकर तरल प्राकृतिक गैस (एलपीजी) और तेल आपूर्ति से मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

बैठक में तैयारियों पर फोकस किया जाएगा, जिसमें आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रधानमंत्री बैठक में ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत सामूहिक प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाल सकते हैं, ताकि केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बना रहे।

बैठक में वैश्विक अनिश्चितता के बीच देश में स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है। जिन राज्यों में फिलहाल चुनाव चल रहे हैं, वे आचार संहिता के कारण इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह कैबिनेट सचिवालय के जरिये उनके मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक की जाएगी, ताकि योजनाओं और प्रतिक्रिया की प्रक्रिया जारी रहे।

यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि भारत इस समय एलपीजी की कमी का सामना कर रहा है। इससे घरों में इस्तेमाल होने वाले इस जरूरी ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ईरान की ओर से अधिकांश देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया गया है। हालांकि, भारत को इससे अलग रखा गया है। इसके बावजूद यह चिंता बनी हुई है कि आने वाले समय में हालात और कठिन हो सकते हैं।

भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार
इससे पहले सरकार ने आज नागरिकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

अधिकारियों ने बताया कि देश की रिफाइनरी अपनी पूरी क्षमता से भी अधिक पर काम कर रही हैं, जिससे पूरे देश में ईंधन की लगातार आपूर्ति बनी हुई है। भारत की कुल भंडारण क्षमता करीब 74 दिनों की खपत को पूरा कर सकती है। जबकि, वर्तमान भंडार करीब 60 दिनों के लिए पर्याप्त है, जिसमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार भी शामिल हैं। अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि संकट के कई हफ्तों बाद भी कोई कमी नहीं है और भविष्य में आपूर्ति स्थिर बनाए रखने के लिए आगे की खरीद की योजनाएं भी पहले से तैयार हैं।

बीसीसीआई ने जारी किया आईपीएल के दूसरे चरण का कार्यक्रम

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बीसीसीआई ने जारी किया आईपीएल के दूसरे चरण का कार्यक्रम
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल 2026 के दूसरे चरण का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। हालांकि, बोर्ड ने फिलहाल प्लेऑफ और फाइनल मैच की तारीख और स्थल का एलान नहीं किया है। लेकिन समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, खिताबी मुकाबला 31 मई को बंगलूरू में खेला जाएगा। बीसीसीआई ने 70 लीग मैचों का कार्यक्रम घोषित किया है जो 24 मई तक चलेगा। आईपीएल के 19वें सीजन की शुरुआत 28 मार्च से होगी। बोर्ड ने पहले 20 मैचों का कार्यक्रम घोषित किया था और अब दूसरे चरण में बीसीसीआई ने लीग चरण के शेष 50 मैचों का शेड्यूल जारी कर दिया है।

क्यों दो भाग में आया कार्यक्रम?
आईपीएल 2026 का कार्यक्रम दो भागों में जारी किया गया है। पहले 20 मैचों का शेड्यूल जारी हुआ था और अब लीग चरण के शेष 50 मैचों का कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसका कारण पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं। असम, पुडुचेरी, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव के नतीजे चार मई को जारी होंगे। बीसीसीआई ने इन राज्यों में चुनाव घोषित होने के बाद लीग चरण का पूरा कार्यक्रम घोषित किया है।

खिताब बचाने उतरेगी आरसीबी
आरसीबी की टीम इस बार अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी। आरसीबी ने 2025 में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल का खिताब जीता था। आरसीबी के लिए राहत की बात यह है कि उसके होम ग्राउंड चिन्नास्वामी स्टेडियम को मुकाबले की मेजबानी करने की मंजूरी मिल गई है। आईपीएल 2026 का उद्घाटन मैच बंगलूरू में ही खेला जाएगा।

13 शहरों में होंगे मैच
बीसीसीआई ने पहले 12 अप्रैल तक के मैचों का कार्यक्रम जारी किया था और अब 13 अप्रैल से 24 मई तक का शेड्यूल बता दिया है। दूसरे चरण में 12 वेन्यू पर आईपीएल के मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि आईपीएल 2026 में कुल 13 स्थानों पर मैच होंगे। दूसरे चरण में बंगलूरू, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, जयपुर, धर्मशाला, रायपुर और न्यू चंडीगढ़ में मुकाबले होंगे। पहले चरण में गुवाहाटी भी आईपीएल मैचों की मेजबानी कर रहा है, लेकिन दूसरे चरण में वहां मैच नहीं होंगे। दूसरे चरण की शुरुआत 13 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हैदराबाद में होने वाले मैच से होगी। वहीं, लीग चरण का अंतिम मैच 24 मई को केकेआर और दिल्ली कैपिटल्स के बीच कोलकाता में खेला जाएगा।

धर्मशाला में होंगे तीन मुकाबले
दूसरे चरण में आठ डबल हेडर मुकाबले होंगे जिसमें दोपहर के मैच भारतीय समयानुसार 3:30 बजे से होंगे, जबकि शाम के मैच 7:30 बजे से खेले जाएंगे। पहले चरण में चार डबल हेडर होने हैं। यानी इस बार कुल 12 डबल हेडर मुकाबले खेले जाएंगे। पंजाब किंग्स की टीम अपने होम मुकाबले न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला में खेलेगी। इस दौरान धर्मशाला में तीन मैच खेले जाएंगे। दूसरी तरफ, राजस्थान की टीम चार मैच जयपुर में खेलेगी, जबकि गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) अपने तीन होम मैच बंगलूरू और दो रायपुर में खेलेगी। बीसीसीआई ने बताया कि प्लेऑफ के वेन्यू की घोषणा बाद में की जाएगी।

छिंदवाड़ा में पिकअप से टक्कर के बाद बस पलटी, 10 लोगों की दर्दनाक मौत

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छिंदवाड़ा में पिकअप से टक्कर के बाद बस पलटी, 10 लोगों की दर्दनाक मौत
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां पिकअप से टक्कर के बाद एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में दस लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे में कुछ यात्रियों के हाथ कटने और कई के सिर फूटने जैसी गंभीर चोटें सामने आई हैं।कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने मौतों की पुष्टि की है। हादसे पर सीएम मोहन यादव ने भी दुख जताया है। उन्होंने सहायता राशि की घोषणा भी की है।

पुलिस के अनुसार, घटना शाम करीब साढ़े 6 बजे उमरानाला क्षेत्र में हुई। बस में 40 से अधिक यात्री सवार थे और यह छिंदवाड़ा से उमरानाला की ओर जा रही थी। जानकारी मिली है कि बस में सवार अधिकांश लोग चौरई तहसील में आयोजित हितग्राही सम्मेलन से लौट रहे थे, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे।

फिलहाल हादसे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। घटना के तुरंत बाद पुलिस और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

क्या बोले कलेक्टर?
कलेक्टर ने कहा कि बस में 47 यात्री सवार थे। ये बस छिंदवाड़ा की तरफ से आ रही थी। सिमरिया के पास बस एक वाहन को ओवरटेक कर रही थी, तभी लहसुन से लदी एक पिकअप वाहन की आमने-सामने से भीषण भिंड़त हो गई। इस हादसे में पांच की हालत गंभीर बनी हुई है और 10 मौतों की जानकारी है।

सीएम ने सहायता राशि की घोषणा की
आज शाम को छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुई सड़क दुर्घटना हृदय विदारक है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि सभी दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए कामना करता हूँ। मैंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए हैं। छिंदवाड़ा के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह जी को भी अपने कार्यक्रम परिवर्तित कर छिंदवाड़ा पहुँचने के लिए निर्देशित किया है। मृतकों के निकटम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहाँ से सभी घायलों के उपचार की सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी, ‘जल्द सीरियस हो जाएं वरना देर हो जाएगी’

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डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी, ‘जल्द सीरियस हो जाएं वरना देर हो जाएगी’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीते कुछ दिनों से लगातार दावा कर रहे हैं कि उनकी ईरान से बातचीत हो रही है. लेकिन दूसरी ओर ईरान अमेरिका के प्रस्ताव को कभी ख़ारिज करता है तो कभी कहता है कि हमसे अमेरिका की कोई बातचीत नहीं है.

साथ ही ईरान यह भी कह रहा है कि उसकी वजह से ट्रंप को ‘बातचीत’ के रास्ते पर आना पड़ा है.

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उन्हें (ईरान) जल्दी गंभीर होना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी, फिर वापसी का रास्ता नहीं बचेगा.

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हाल ही में एक 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव दिया था.

लेकिन ईरान ने इसे स्वीकार नहीं किया. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री ने यह ज़रूर कहा था कि ईरान के टॉप लीडर ‘अलग-अलग प्रस्तावों’ पर विचार कर रहे हैं. जबकि बाद में ईरान की ओर से पांच शर्तें सामने आईं.

डोनाल्ड ट्रंप ने अब क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “जो लोग ईरान की ओर से बातचीत कर रहे हैं, वो बहुत अजीब हैं. वे हमसे समझौता करने की ‘मिन्नतें’ कर रहे हैं, जो उन्हें करना भी चाहिए क्योंकि उनकी सैन्य ताक़त पूरी तरह ख़त्म हो चुकी है और वापसी का कोई मौक़ा नहीं है.”

उन्होंने लिखा, “फिर भी वे सार्वजनिक तौर पर कहते हैं कि वे (ईरान) सिर्फ़ हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं. यह ग़लत है, उन्हें जल्दी गंभीर होना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी. जब ऐसा होगा तो वापसी का कोई रास्ता नहीं होगा और हालात अच्छे नहीं होंगे.”

डोनाल्ड ट्ट्रंप ने बुधवार को दावा किया, “ईरान बातचीत के लिए मानने से डरता है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके अपने लोग उन्हें मार देंगे.”