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छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी, समिति का होगा गठन

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छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी, समिति का होगा गठन
विष्णु देव साय सरकार अब छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी में है। 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर यूसीसी का प्रारूप तैयार करेगी।

इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत कैबिनेट से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है।

विष्णु देव साय सरकार अब छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी में है। 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य के नागरिकों, संगठनों एवं विशेषज्ञों से व्यापक सुझाव लेकर यूसीसी का प्रारूप तैयार करेगी।

इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति के सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया। समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार प्रारूप को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत कैबिनेट से अनुमोदन के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे राज्य में एक समान और पारदर्शी नागरिक कानून व्यवस्था स्थापित हो सके। यह समिति वेब पोर्टल के माध्यम से फीडबैक भी आमंत्रित कर सकती है।

तुलसी पर अर्पित करें कच्चा दूध, गृह क्लेश से मिलेगी मुक्ति,आर्थिक तंगी होगी दूर

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तुलसी पर अर्पित करें कच्चा दूध, गृह क्लेश से मिलेगी मुक्ति,आर्थिक तंगी होगी दूर
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। ऐसा कहते हैं कि जो इसकी पूजा करता है उसके जीवन में कभी भी धन धान्य की कमी नहीं रहती। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक तुलसी की सही तरीके से की गई सेवा घर में सुख समृद्धि लेकर आती है।

तुलसी की पूजा करते समय हम जल अर्पित करते हैं और दीपक जलाते हैं। इसके अलावा दूध अर्पित करना भी शुभ माना गया है। अगर आप अपने ग्रहों को मजबूत कर धन लाभ पाना चाहते हैं तो तुलसी पर दूध जरूर अर्पित करें। चलिए आपको इस उपाय के बारे में बता देते हैं

गुरुवार है श्रेष्ठ दिन
वैसे तो तुलसी की पूजा भक्ति भाव से कभी भी की जा सकते हैं लेकिन दूध चढ़ाने के लिए गुरुवार का दिन श्रेष्ठ माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है इसलिए यह उपाय व्यक्ति के जीवन में धन लाभ के नए रास्ते लेकर आता है और आर्थिक तंगी को दूर करता है।

क्या है सही विधि
तुलसी में दूध चढ़ाते समय कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। ध्यान रखें कि आप जो दूध चढ़ा रहे हैं वह कच्चा होना चाहिए उबला दूध इस्तेमाल न करें।
कभी भी सीधा दूध तुलसी की जड़ में ना डालें। आपको एक पत्र में शुद्ध जल लेना होगा और उसमें कुछ मात्रा में दूध मिलाना होगा। सीधा दूध डालने से पौधे को नुकसान हो सकता है।
सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े धारण कर ये उपाय करें।
इन बातों का रखें ध्यान
तुलसी पर जल और दूध चढ़ाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इतना याद रखें कि रविवार, एकादशी और ग्रहण के दिन ना तो जल चढ़ाया जाता है और ना ही तुलसी को स्पर्श किया जाता है। इन दोनों को छोड़कर आप अन्य दिनों में यह उपाय कर सकते हैं।

होंगे ये लाभ
जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति की स्थिति कमजोर है उन्हें यह उपाय जरूर करना चाहिए। इससे उनके मान सम्मान और ज्ञान में वृद्धि होती है।
जिन लोगों के घर में लड़ाई झगड़ा और अशांति रहती है उन्हें गुरुवार के दिन यह उपाय करना चाहिए। ऐसा करने से घर में हमेशा सकारात्मक और शांत वातावरण बना रहता है।
अगर कर्ज या फिर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो यह उपाय बहुत कारगर है। इससे धन प्राप्ति के सरल रास्ते मिलना शुरू हो जाएंगे।

भोपाल में निकली ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’,मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना

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भोपाल में निकली ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’,मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना
राजधानी भोपाल की सड़कें सोमवार को महिला आक्रोश से गूंज उठीं। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के पास न होने पर हजारों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। इस ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ में सीएम मोहन यादव भी सम्मिलित हुए।

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “बहनों की इच्छा कुचलने वालों को कब्र से निकालकर सजा दी जाएगी।” उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने बहनों के साथ अन्याय किया है और उनके अधिकारों का गला घोंट दिया। सीएम ने प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “वे बड़ी-बड़ी बातें करती थीं कि मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं। लेकिन जब बहनों के अधिकारों पर जब डाका पड़ा तो उनकी ये बातें कहां गायब हो गईं।”

भोपाल में निकली ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’
भोपाल में ‘जन-आक्रोश महिला पदयात्रा’ के दौरान हजारों महिलाओं ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के खिलाफ एकत्रित महिलाओं ने विपक्ष पर उनके अधिकारों के हनन का आरोप लगाया। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि उसने आजादी के समय से ही महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालने की परंपरा निभाई है। राहुल और प्रियंका के पिता राजीव गांधी के समय तीन तलाक जैसे मुद्दों पर भी बहनों के हितों की अनदेखी की गई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि “देश की आधी आबादी की इच्छा का गला घोंटने वाले कभी सफल नहीं होंगे।”

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना
सीएम मोहन यादव ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि राजा राम मोहन राय ने सती प्रथा के खिलाफ, ज्योतिबा फुले ने नारी समानता के लिए, डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अधिकार दिलाने के लिए और महात्मा गांधी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार महिलाओं की आवाज बुलंद की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की बात का हवाला देते हुए कहा, “नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती।” सीएम ने महिलाओं से अपील की कि इस आक्रोश को बुझने न दें और पूरे देश के सामने लाएं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बहनों के हर फैसले के साथ खड़ी है। हम हर जगह निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस अन्याय की निंदा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच द्विपक्षीय बैठक, कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच द्विपक्षीय बैठक, कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग पहली बार भारत दौर पर आए हुए हैं। राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली ने भारत-कोरिया बिजनेस लीडर्स संवाद में हिस्सा लिया और द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। इस बैठक में दोनों नेताओं ने इस बात को लेकर लंबे समय तक मंथन किया कि ईरान और अमेरिका-इजरायल जंग के इस दौर में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को किस तरह से मजबूत किया जाए। साथ ही दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) का आदान-प्रदान हुआ।

दोनों नेताओं ने बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे राष्ट्रपति ली का उनके पहले भारत दौरे पर स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। राष्ट्रपति ली का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का एक प्रेरणा देने वाला उदाहरण है। हर चुनौती ने लोगों की सेवा करने के उनके इरादे को और मजबूत किया है। हालांकि यह उनका पहला भारत दौरा है, लेकिन भारत के लिए उनका लगाव हमारी पहली मुलाकात से ही साफ दिख रहा है।

पीएम मोदी ने बताया भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों का महत्व
पीएम मोदी ने कहा, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति का यह भारत दौरा बहुत जरूरी है। लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और कानून के राज का सम्मान हम दोनों देशों के डीएनए में है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी हमारा नजरिया एक जैसा है। इन सबके आधार पर, पिछले दस सालों में हमारे रिश्ते और भी मजबूत और बड़े हुए हैं और आज राष्ट्रपति ली के दौरे से हम इस भरोसेमंद साझेदारी को भविष्य की साझेदारी में बदलने जा रहे हैं। हम चिप्स से लेकर जहाजों तक, प्रतिभा से लेकर प्रौद्योगिकी तक, पर्यावरण से लेकर ऊर्जा तक, हर क्षेत्र में सहयोग के नए मौके हासिल करेंगे, और मिलकर दोनों देशों की तरक्की और खुशहाली पक्की करेंगे।

पीएम मोदी ने कहा- भारत-दक्षिण कोरिया व्यापार में बड़ी प्रगति
आज भारत और दक्षिण कोरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। आज, हमने इसे 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने के लिए कई जरूरी फ़ैसले लिए हैं। दोनों देशों के बीच वित्तीय प्रवाह को आसान बनाने के लिए, हमने भारत-कोरिया वित्तीय मंच लॉन्च किया है। व्यावसायिक सहयोग को मजबूत करने के लिए, हमने एक औद्योगिक सहयोग समिति बनाई है। जरूरी प्रौद्योगिकी और सप्लाई चेन में कोऑपरेशन बढ़ाने के लिए, हम वित्तीय विशेषज्ञता संवाद शुरू कर रहे हैं। कोरियाई कंपनियों, खासकर SMEs की भारत में एंट्री को आसान बनाने के लिए, हम कोरियाई औद्योगिक टाउनशिप भी बनाएंगे और अगले एक साल में, हम भारत-कोरिया व्यापार समझौता को भी उन्नत करेंगे।

हम अगले दशक की सफलता की कहानियों की नींव रख रहे हैं। हम AI, सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी में साझेदारी को गहरा करने के लिए भारत-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉन्च कर रहे हैं। हम जहाज निर्माण, स्थिरता, स्टील और पोर्ट जैसे एरिया में MoU साइन कर रहे हैं। कल्चरल और क्रिएटिव इंडस्ट्री में सहयोग के जरिए, हम फिल्म, एनिमेशन और गेमिंग में भी नई जमीन तैयार करेंगे। आज का व्यापार मंच इन मौकों को ठोस नतीजों में बदलने के लिए एक मंच का काम करेगा।

पचपदरा रिफाइनरी में लोकार्पण से 24 घंटे पहले यूनिट में लगी भीषण आग

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पचपदरा रिफाइनरी में लोकार्पण से 24 घंटे पहले यूनिट में लगी भीषण आग
राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कल (21 अप्रैल) किए जाने वाले रिफाइनरी के ऐतिहासिक लोकार्पण समारोह से ठीक पहले, आज दोपहर रिफाइनरी परिसर की एक यूनिट में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आसमान काले धुएं के गुबार से भर गया।

लोकार्पण की तैयारियों के बीच ‘अग्निपरीक्षा’
जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को रिफाइनरी की एक विशेष यूनिट में अचानक स्पार्किंग या अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। कल होने वाले प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पूरी रिफाइनरी को छावनी में तब्दील किया गया है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने तकनीकी टीम और प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं।

फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय, बुझाने के प्रयास तेज
आग लगते ही रिफाइनरी का इन-हाउस फायर सेफ्टी सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गया। मौके पर मौजूद दर्जनों दमकल गाड़ियां और हाइड्रेंट सिस्टम के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। धुएं की तीव्रता इतनी अधिक है कि इसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। रिफाइनरी के उच्चाधिकारी और जिला प्रशासन के आला अफसर मौके पर पहुँच चुके हैं और स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी प्रोटोकॉल पर सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल यहां भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके लिए एसपीजी (SPG) और राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा घेरा बना रखा है। लोकार्पण से ठीक पहले हुई इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

क्या यह कोई तकनीकी खामी है या सुरक्षा में चूक?
क्या कल के कार्यक्रम के समय में कोई बदलाव होगा? (हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है)।
रिफाइनरी के संवेदनशील जोन में आग लगने का वास्तविक कारण क्या है?
अधिकारियों में मचा हड़कंप, कारणों का खुलासा नहीं
फिलहाल प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और उसे अन्य यूनिट्स तक फैलने से रोकने की है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। एचपीसीएल (HPCL) और राजस्थान रिफाइनरी के तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। गनीमत यह है कि अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन करोड़ों की मशीनरी को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

रिलीज हुआ ‘पति पत्नी और वो दो’ का मजेदार टीजर

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रिलीज हुआ ‘पति पत्नी और वो दो’ का मजेदार टीजर
आयुष्मान खुराना की अपकमिंग फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस फिल्म में आयुष्मान इस बार पर्दे पर एक नहीं तीन एक्ट्रेसेस सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और वामिका गब्बी संग इश्क लड़ाते हुए नजर आएंगे. फिल्म को लेकर फैंस में काफी एक्साइटमेंट है. वहीं मेकर्स ने भी आज ‘पति पत्नी और वो दो’ का धांसू टीजर रिलीज कर दिया है. टीजर में शादीशुदा होते हुए भी आयुष्मान घर के बाहर रोमांस ढूंढते नजर आ रहे हैं.

कैसा है ‘पति पत्नी और वो दो’ का टीजर?
‘पति पत्नी और वो दो’ का टीजर काफी एंटरटेनिंग है. टीजर की पहली झलक ही संजीव कुमार की फिल्म ‘पति पत्नी और वो’ की याद दिला देती है और उसके बाद कार्तिक आर्यन की झलक देखने को मिलती है और फिर प्रजापति पांडे (आयुष्मान खुराना) की एंट्री होती है, जो पत्नी के होते हुए भी बाहर दो-दो लड़कियों के साथ इश्क लड़ा रहे हैं. टीजर में आयुष्मान खुराना को ऐसे पति के रूप में दिखाया है, जो अपनी पत्नी को छोड़कर बाहर प्यार ढूंढने निकले हैं लेकिन बाहर सिर्फ प्यार ही नहीं, मुसीबतें भी उनका इंतजार कर रही हैं.

टीजर काफी मजेदार है. इसे देखने के बाद अब फैंस ‘पति पत्नी और वो दो’ के ट्रेलर को लेकर एक्साइटेड हो गए हैं. बता दें कि इससे पहले फिल्म मेकर्स ने इसका मजेदार पोस्टर भी जारी किया था, जिसमें अभिनेता किसी महिला कलाकार के साथ नहीं, बल्कि तेंदुए के साथ नजर आते हैं वो भी जाल में फंसे. इसके कैप्शन में लिखा था, “शिकारी खुद हो गया शिकार! अब जाल में फंस गए हमारे प्रजापति पांडे.”

कब रिलीज होगी ‘पति पत्नी और वो दो’ ?
‘पति पत्नी और वो दो’ रिलीज डेट भी सामने आ चुकी है. बता दें कि ये फिल्म 15 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. कॉमेडी फिल्म को मुदस्सर अजीज द्वारा निर्देशित किया गया है. गौरतलब है कि 2019 की हिट फिल्म पति पत्नी और वो को भी मुदस्सर अजीज ने ही निर्देशित किया था, वहीं फिल्म को भूषण कुमार और रेनू रवि चोपड़ा प्रोड्यूस कर रहे हैं.

‘पति पत्नी और वो दो’ स्टार कास्ट
‘पति पत्नी और वो दो’ में आयुष्मान खुराना के अलावा सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और वामिका गब्बी ने लीड रोल प्ले किया है. फिल्म के अन्य कलाकारों में विजय राज, तिग्मांशु धूलिया और आयशा रजा भी दिखने वाले हैं. मल्टीस्टार होने की वजह से फिल्म से काफी उम्मीदें की जा रही हैं. सारा अली खान और आयुष्मान खुराना दोनों ‘उड़ता तीर’ के बाद एक साथ दोबारा स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे.

भूकंप से जापान में कांपी धरती, 7.4 तीव्रता के झटके किए गए महसूस

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भूकंप से जापान में कांपी धरती, 7.4 तीव्रता के झटके किए गए महसूस
जापान के उत्तरी हिस्से में सोमवार (20 अप्रैल 2026) को 7.4 मैग्नीट्यूड के भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल ब्रॉडकास्टर NHK के अनुसार, भूकंप के बाद तटीय इलाकों के लिए तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई. अधिकारियों ने बताया कि इवाते प्रीफेक्चर और होक्काइडो के कुछ हिस्सों में समुद्र की लहरें करीब 3 मीटर तक ऊंची उठ सकती हैं. लोगों से कहा गया है कि वे तुरंत सुरक्षित और ऊंची जगहों पर चले जाएं.

सरकार और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रशासन यह भी समझने की कोशिश कर रहा है कि भूकंप और सुनामी से कितना नुकसान हो सकता है. जारी चेतावनी में यह भी कहा गया है कि सुनामी की लहरें तट के पास पहुंचनी शुरू हो चुकी हैं और ये एक बार नहीं, बल्कि कई बार आ सकती हैं. एडवाइजरी में कहा गया है कि लोगों को बिना समय गंवाए, वहां से हट जाना चाहिए.

लहरों को लेकर खास चेतावनी
अधिकारियों ने यह भी बताया कि लहरें तय समय से पहले या बाद में आ सकती हैं और उनकी ऊंचाई अनुमान से ज्यादा भी हो सकती है. खास तौर पर समुद्री तटों और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को वहां से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि पानी का लेवल अचानक बढ़ सकता है. इस वजह से इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.

जापान में क्यों आता है भूकंप?
जापान में भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह उसकी भौगोलिक स्थिति है. जापान ऐसी जगह पर बसा हुआ है, जहां धरती की कई बड़ी परतें हैं, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है. इन प्लेट्स में पैसिफिक प्लेट, फिलीपीन सी प्लेट, यूरेशियन प्लेट और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट शामिल हैं. ये सभी प्लेट्स हमेशा धीरे-धीरे हिलती रहती हैं. इनके बीच जब दबाव बढ़ता है और अचानक यह दबाव निकलता है, तब कंपन पैदा होता है, जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं. जापान एक ऐसे इलाके में भी आता है, जिसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है. यह दुनिया का सबसे ज्यादा सक्रिय भूकंप और ज्वालामुखी वाला क्षेत्र है. दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप इसी इलाके में आते हैं, इसलिए यहां भूकंप आना आम बात मानी जाती है.

नीतीश कुमार ने पार्टी के हित में लिया बड़ा फैसला

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नीतीश कुमार ने पार्टी के हित में लिया बड़ा फैसला
राजधानी पटना स्थित एक अणे मार्ग में सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को जेडीयू विधानमंडल की बैठक हुई. इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. इस संबंध में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने मीडिया को जानकारी दी.

नीरज कुमार बताया कि नीतीश कुमार ने कहा है कि, “मैंने पद जरूर छोड़ दिया है… लेकिन दिल्ली में संसदीय कार्य के अलावा अपनी पार्टी के साथी, गठबंधन के साथी, एवं जो विकास कार्यक्रम है उसकी स्थिति क्या है, इसके लिए बिहार के विभिन्न इलाकों में पार्टी के साथियों के साथ घूमूंगा.”

बैठक सात सर्कुलर रोड में होनी थी, लेकिन अभी नीतीश कुमार एक अणे मार्ग में ही रह रहे हैं, इसलिए यह बैठक यहीं हुई है. इस बैठक में पार्टी के सभी 85 विधायक और जेडीयू कोटा के विधान पार्षदों के अलावा लोकसभा सांसद, राज्यसभा सांसद और अन्य बड़े नेता मौजूद रहे.

नीरज कुमार ने बताया कि इस मौके पर अधिसंख्य विधायकों ने कहा कि अब हमारी पार्टी के शीर्ष नेता निशांत कुमार हैं. निशांत के नेतृत्व में पार्टी काम करेगी.

इस्लामाबाद में ईरान-US की पीस टॉक

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इस्लामाबाद में ईरान-US की पीस टॉक
ईरान-अमेरिका पीस टॉक के बीच भारत और अमेरिका सोमवार (20 अप्रैल) को वॉशिंगटन में ट्रेड टॉक के नए दौर की शुरुआत करने जा रहे हैं. 20 से 22 अप्रैल तक 3 दिवसीय वार्ता का मकसद प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण को अंतिम रूप देना है. मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में 12 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल अक्टूबर 2025 के बाद पहली बार अमेरिका में आमने-सामने की वार्ता में भाग लेगा.

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के 10 प्वाइंट

1. भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में 20 से 22 अप्रैल तक वॉशिंगटन में बातचीत होनी है. वाणिज्य, सीमा शुल्क और विदेश मंत्रालयों के अधिकारी इसमें शामिल हैं.

2. ये बातचीत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद हो रही हैं, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ को रद्द कर दिया गया था. इसके बाद अमेरिकी टैरिफ व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है.

3. इसकी जगह पर वॉशिंगटन ने 24 फरवरी से 23 जुलाई तक सभी देशों पर 150 दिनों के लिए 10% का अस्थायी टैरिफ लागू किया है.

4. इसका सबसे बड़ा कारण सभी व्यापारिक साझेदारों पर लागू 10% का अमेरिकी टैरिफ है. इससे पहले भारतीय प्रोडक्ट्स पर अमेरिकी टैरिफ 50% से घटकर 18% तक होने वाला था. इसमें रूस से तेल की खरीद पर लगने वाले 25% जुर्माने को हटाना भी शामिल था. अब ये लगभग समाप्त हो गया है.

5. समझौते पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं, इसलिए भारत के पास पुनर्विचार करने की गुंजाइश है. अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि नए वैश्विक टैरिफ ढांचे के तहत भारत को नुकसान न हो, इसके लिए समझौते को फिर से जांचा-परखा जाएगा.

6. नई दिल्ली का एक मकसद अमेरिकी बाजार में पहले से प्राप्त कॉस्ट एडवांटेज को फिर से हासिल करना है. पिछली शर्तों के तहत कम टैरिफ ने भारतीय निर्यातकों को कंपीटीटर्स पर बढ़त दी थी.

7. फरवरी में हुए समझौते के तहत भारत ने अमेरिका को कई रियायतें दीं हैं. इनमें अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर टैरिफ को समाप्त करना या कम करना, कृषि उत्पादों (मेवे, फल, सोयाबीन तेल, डीजी, शराब और स्पिरिट) की एक पूरी सीरीज पर टैरिफ में कटौती करना और कई गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना शामिल था. इनमें से कई पर अब पुनर्विचार किया जा सकता है.

8. भारत ने पहले 5 सालों में 500 अरब डॉलर तक के अमेरिकी सामान खरीदने की योजना का संकेत दिया था. इसमें ऊर्जा, विमान, सेमीकंडक्टर इनपुट, कीमती धातुएं और कोकिंग कोयला शामिल थे. समझौते के दौरान इस योजना का भी फिर से मूल्यांकन होने की संभावना है.

9. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) द्वारा धारा 301 के तहत भारत सहित अन्य देशों में कथित अधिक मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को टारगेट करते हुए चल रही दो जांचें एक प्रमुख मुद्दा बनने की उम्मीद है. भारत ने इन जांचों का कड़ा विरोध किया है और इन्हें वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है. नई दिल्ली का कहना है कि ये जांचें अनुचित हैं.

10. टैरिफ विवाद के कारण फरवरी में मुख्य वार्ताकारों की बैठक स्थगित कर दी गई थी. वॉशिंगटन में चल रहा वर्तमान दौर मूल रूप से एक नई शुरुआत है. यह पूरी तरह से बदले हुए वैश्विक व्यापार माहौल में हो रहा है.

चीन-भारत व्यापार बढ़ा
ये बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब चीन 2025-26 में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनने के मामले में अमेरिका से आगे निकल गया है. भारत का अमेरिका को निर्यात मामूली रूप से 0.92% बढ़कर 87.3 अरब डॉलर हो गया है. अमेरिका से आयात 15.95% बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया है. ट्रेड सरप्लस 40.89 अरब डॉलर से घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया है.

इंदौर के जनापाव कुटी में बनेगा ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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इंदौर के जनापाव कुटी में बनेगा ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित जनापाव कुटी में रविवार, 19 अप्रैल 2026 को भगवान श्री परशुराम का प्रकटोत्सव बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जनापाव कुटी में ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’ विकसित करने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 17 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र को एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देगी बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनापाव क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह स्थान सिर्फ एक तीर्थ स्थल ही नहीं, बल्कि कई पवित्र नदियों का उद्गम स्थल भी है, जो इसे और भी विशेष बनाता है। इस क्षेत्र की महत्ता को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने इसके संरक्षण और विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने प्रशासन को गंभीर और अजनार नदियों के पुनर्जीवन के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के तत्काल निर्देश भी दिए, ताकि इन नदियों को उनका पुराना गौरव वापस दिलाया जा सके और जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकें। यह कार्य योजना पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होगी।

नदी जोड़ो योजनाओं से किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा- मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मंच से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही नदी जोड़ो योजनाओं की उपयोगिता पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये योजनाएं आने वाले समय में प्रदेश के किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी बड़ी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या का भी स्थायी समाधान होगा। इन योजनाओं से ग्रामीण विकास को भी गति मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, जिससे कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकार देने और उन्हें सशक्त बनाने के प्रयासों में बाधा डालना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि महिलाओं को समाज में उचित स्थान और अवसर मिलना चाहिए, और सरकार इसके लिए हर संभव प्रयास करेगी। यह सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है, जिस पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

कैसा होगा ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’?
बता दें कि कार्यक्रम में प्रस्तावित ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’ की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। इस परियोजना के तहत भगवान परशुराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को दर्शाने वाला एक भव्य संग्रहालय बनाया जाएगा। यह संग्रहालय इन दोनों देवों के जीवन दर्शन और उनके आदर्शों को जनमानस तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम होगा। परिसर में पांच अलग-अलग दीर्घाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें उनके जीवन, दर्शन, शस्त्र-विद्या, और लीलाओं से जुड़े विषयों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस लोक में प्रवेश द्वार, कथा मंच, व्यू पॉइंट और अन्य सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक सुखद और ज्ञानवर्धक अनुभव मिल सके। इस लोक के माध्यम से धार्मिक शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार होगा और यह क्षेत्र एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभरेगा।