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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 लाख बहनों के खातों में अंतरित की 115 करोड़ की गैस रिफलिंग राशि

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 24 लाख बहनों के खातों में अंतरित की 115 करोड़ की गैस रिफलिंग राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब, युवा, नारी और किसान हमारी प्राथमिकता है। गरीबों का कल्याण, बहनों का सम्मान, युवाओं को अवसर और किसानों के हित में जो भी मदद संभव होगी, हम वो सब करेंगे। मध्यप्रदेश में 89 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में जुलाई 2023 से मात्र 450 रुपये में बहनों को निरंतर घरेलू गैस सिलेण्डर दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मई के महीने में प्रदेश की बहनों को डबल सौगात मिली है। इसी माह 13 तारीख को प्रदेश की सवा करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना के 1500-1500 रुपये पहुंचे है और आज (23 मई को) गैस सिलेंडर भरवाने की सब्सिडी राशि भी उन्हें मिल रही है। वृद्धजनों के सम्मान में भी सरकार ने कभी कोई कमी नहीं की। इसी कार्यक्रम के जरिये प्रदेश के 33 लाख 71 हजार से अधिक पात्र हितग्राहियों को अप्रैल माह की 202 करोड़ 26 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि भेजी जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सिंगरौली नगर के एनसीएल ग्राउण्ड में महिलाओं को गैस रिफिलिंग सब्सिडी एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि वितरण तथा विकास कार्यों के लोकार्पण-भूमिपूजन के राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से पात्रतानुसार राशि का अंतरण संबंधित हितग्राहियों के खातों में किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार अंत्योदय और विकास के पथ पर अभूतपूर्व कार्य कर रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण और गांवों की गली-गली का विकास ही हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा किआज यदि हमारा विंध्य क्षेत्र प्रगति, उन्नति, पर्यटन और आधुनिक अधोसंरचनाओं के विकास की नई कहानी लिख रहा है, तो इसका केंद्र बिन्दु सिंगरौली ही है। उन्होंने कहा कि विंघ्य अब रिन्यूएबल एनर्जी का भी हब बन रहा है। रीवा जिले में एशिया के सबसे बड़े सोलर पार्क का प्लांट बना है। जल्द ही यह क्षेत्र एनर्जी-इंडस्ट्री-स्पिरिचुअल कॉरिडोर के रूप में उभरेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जाधानी सिंगरौली पूरे देश की ऊर्जा शक्ति का मजबूत आधार बन चुका है। सिंगरौली मध्यप्रदेश का पॉवर हाउस है। यह प्रदेश का ग्रोथ सेन्टर भी है। इसके विकास के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला किंग सिंगरौली अब गोल्ड सिटी बनने जा रही है। सिंगरौली में प्रदेश के पहले चकरिया गोल्ड ब्लॉक के लिए अनुबंध हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली गौरव दिवस की पूर्व संध्या अवसर पर पूरे जिले को 552 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत वाले 71 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी। सिंगरौली जिले का गठन 24 मई 2008 को किया गया था। यह राज्य का 50वां जिला है। इसका जिला मुख्यालय वैढ़न (बैढ़न) में स्थित है। मुख्यमंत्री ने यहां 486 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से 50 विकास कार्यों का भूमि पूजन तथा 65 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से 21 नवनिर्मित विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें सीएसआर के तहत 19 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत वाले 4 विकास कार्यों (सिंगरौली में 13.30 करोड़ से स्पोर्टस काम्प्लेक्स के निर्माण सहित) का भूमि पूजन भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने मंच से शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ दिव्यांग भाई-बहनों को ट्राय सायकिल देकर उनके जीवन में खुशियों का नया रंग भर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई विभिन्न मांगों के संबंध में कहा कि आपकी भावना ही हमारी भावना है। क्षेत्र के विकास के लिए जो भी मांग की गई है, वे सभी पूरी की जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी अलग ही पहचान बना रहा है। मध्यप्रदेश भी इस विकास यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के कल्याण के लिए प्रदेश के खजाने में कोई कमी नहीं है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की बहनें समृद्ध हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल बचाना हमारी जरूरत है। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण का महाभियान चल रहा है। सोमवार, 25 मई को प्रदेशव्यापी गंगा दशहरा महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस दिन प्रदेश के हर गांव-शहर में शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधि, आमजन सब एक साथ मिल-जुलकर पुराने जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए कार्य करेंगे। कार्यक्रम में सरकार के तीन माह तक लगातार चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ पर केन्द्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सिंगरौली जिले के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सिंगरौली को रेल, सड़क और हवाई मार्ग की सौगातें मिली हैं। एक दौर में यहां की जनता आवागमन के लिए परेशान होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष की एमपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में सिंगरौली जिले के 5 विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संभावनाओं की धरती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली जिले के 4 सांदीपनि विद्यालयों में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 90.14 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं का 89.14 प्रतिशत आया है। यह भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के नाम पर प्रदेश में विद्यालय खोलने का सरकार को मिला इनाम है। भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत में कर्मवाद के सिद्धांत पर पवित्र गीता का संदेश दिया। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का प्रसंग हम सभी को मित्रता की महत्ता बताता है। राज्य सरकार प्रदेशभर में गीता भवनों का निर्माण कर रही है। गांवों की समृद्धि के लिए बिजली और पानी के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में सबसे पहले नदी जोड़ो अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। देश की आजादी के बाद के 55 साल तक प्रदेश में बिजली का उत्पादन सिर्फ 5000 मेगावाट हुआ करता था। लेकिन बीते 20 सालों में ही हमारी सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश का बिजली उत्पादन बढ़कर 25 हजार मेगावाट से अधिक हो गया है। अब दिल्ली की मेट्रो ट्रेन भी मध्यप्रदेश में पैदा हुई बिजली से चल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पशुपालन और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। वैश्विक संकट के दौर में किसानों का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। राज्य सरकार किसानों से किए सभी वादे पूरे कर रही है। सच्चा वादा-पक्का काम हमारा संकल्प है। इसी संकल्प के चलते प्रदेश में किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रदेश में गेहूं के बढ़ते उत्पादन को देखते हुए केन्द्र सरकार प्रदेश की गेहूं खरीदी का कोटा 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। प्रत्येक किसान का गेहूं खरीदने के लिए स्लॉट बुकिंग की तारीख 28 मई तक बढ़ाई गई है। हमारी सरकार किसानों द्वारा उत्पादित गेहूं का दाना-दाना खरीदेगी।

इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री सम्पतियाउइके, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री राधा सिंह, विधायक देवसर राजेन्द्र मेश्राम, विधायक धौहनी कुंवर सिंह टेकाम, विधायक सिंहावल विश्वामित्र पाठक सहित अन्य जिला एवं ब्लॉक स्तरीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी सौगात: करहीबाजार सहित कई ग्राम पंचायतों के लिए लाखों के विकास कार्यों की घोषणा

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी सौगात: करहीबाजार सहित कई ग्राम पंचायतों के लिए लाखों के विकास कार्यों की घोषणा
क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में अधोसंरचना और विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ी घोषणाएं की हैं। भाटापारा विकासखंड के ग्राम करहीबाजार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को सांस्कृतिक भवन, सड़कों के जाल और स्कूली भवनों के निर्माण की महत्वपूर्ण सौगातें दीं। मुख्यमंत्री द्वारा की गई इन घोषणाओं से न सिर्फ करहीबाजार बल्कि आसपास की कई ग्राम पंचायतों में भी विकास के नए मार्ग खुलेंगे।

ग्राम करहीबाजार के विकास के लिए विशेष रूप से अधोसंरचना और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यहाँ सर्व समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों हेतु 25 लाख रुपये की लागत से एक भव्य सांस्कृतिक भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों की सुविधा के लिए सुकालू के घर से लेकर सिद्ध बाबा मार्ग तक 25 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड बनाई जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने हायर सेकेंडरी स्कूल करहीबाजार के साथ-साथ कोदवा में भी नए स्कूल भवनों के निर्माण की घोषणा की है, जिससे स्थानीय छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।

करहीबाजार के अलावा मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी लाखों रुपये के विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है। इसके तहत ग्राम विटकुली में 20 लाख रुपये की लागत से मांगलिक भवन का निर्माण किया जाएगा। वहीं ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ग्राम पंचायत कोठमी, ग्राम पंचायत मोपका, ग्राम पंचायत कोनी, ग्राम पंचायत बोरसी, ग्राम पंचायत कोदवा, ग्राम पंचायत पाटन और ग्राम पंचायत रामपुर में 10-10 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इन घोषणाओं के बाद भाटापारा विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, भवन और शिक्षा के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने से गांवों की तस्वीर बदलेगी और ग्रामीणों की राह आसान होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धात्री महिलाओं को वितरित की बेबी किट

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धात्री महिलाओं को वितरित की बेबी किट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदबाजार-भाटापारा जिले के करही बाजार स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धात्री (लैक्टेटरी) महिलाओं को बेबी किट प्रदान कर उनके स्वास्थ्य एवं बच्चों की देखभाल संबंधी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने चित्ररेखा पटेल, आशा पाल, ज्योति पटेल, प्रीति पटेल एवं मोहिनी पटेल को बेबी किट वितरित की। किट में प्रोटीन पाउडर, बेबी सूट, बेबी सोप एवं पाउडर, आयरन फोलिक एसिड, कैल्शियम टैबलेट तथा सेनेटरी पैड सहित अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थी।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए उनका कुशलक्षेम जाना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार माताओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों को कराया अन्नप्राशन

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों को कराया अन्नप्राशन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण कर बच्चों एवं महिलाओं से आत्मीय मुलाकात की।

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में आयोजित अन्नप्राशन कार्यक्रम में नन्हे बच्चों को अपने हाथों से अन्नप्राशन कराया। इस अवसर पर शेवांशी चक्रधारी, राध्या यादव, हिमांशी निषाद, कान्हा सेन एवं अहान बंजारे शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्नेह एवं आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने स्वस्थ बच्चों से भी मुलाकात की। इनमें रुपेश पटेल, चंचल पटेल, प्रींसू चक्रधारी, हार्दिक बंजारे एवं लोककाव्या खांडे शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी लेते हुए अभिभावकों को बच्चों के बेहतर पोषण एवं देखभाल के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान आयोजित गोदभराई कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गर्भवती महिलाओं को उपहार भेंट कर शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में संतोषी निषाद, पूर्णिमा परेल, ममता पटेल, जयंती बंजारे एवं रूखमणी पाल शामिल रहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है, ताकि बच्चों और माताओं को बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

लेह में हेलीकॉप्टर क्रैश, बाल-बाल बचे सेना के 3 अधिकारी

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लेह में हेलीकॉप्टर क्रैश, बाल-बाल बचे सेना के 3 अधिकारी
लद्दाख में लेह के पास पहाड़ी तांगस्ते क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में भारतीय सेना के 3 अधिकारी बाल-बाल बच गए. पुराने चीता बेड़े का हिस्सा रहे इस हेलीकॉप्टर में एक लेफ्टिनेंट कर्नल, एक मेजर और एक मेजर जनरल सवार थे. यह दुर्घटना 20 मई को हुई, जिसकी पुष्टि अधिकारियों ने आज (23 मई) की सुबह की है.

एक इंजन वाले इस हेलीकॉप्टर को लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर जनरल चला रहे थे, जबकि तीसरी इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सचिन मेहता यात्री के रूप में सवार थे. तीनों अधिकारी घायल हो गए. दुर्घटना के बाद मेजर जनरल मेहता और अन्य दो अधिकारियों की सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

चीता हेलीकॉप्टर को लेकर उठे सवाल
तस्वीर में वे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हेलीकॉप्टर के पास चट्टानों पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं. ऐसे पहाड़ी वातावरण और पुराने चीता हेलीकॉप्टरों की हालत को देखते हुए उनका बच जाना एक चमत्कार माना जा रहा है. घटना के कारणों की आधिकारिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

लेह दुर्घटना ने चीता हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दीं हैं. इस ताजा दुर्घटना ने चीता हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है. इन्हें पहली बार 1970 के दशक में सेना को सौंपा गया था. ये हेलीकॉप्टर 1984 में सियाचिन ग्लेशियर में पाकिस्तानी सैनिकों से लड़ने के लिए चलाए गए ऑपरेशन मेघदूत का भी हिस्सा थे, पिछले कुछ वर्षों में कई दुर्घटनाओं में शामिल रहे हैं.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर आया उछाल

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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर आया उछाल
पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को जेब पर बोझ बढ़ा दिया है। इसी बीच एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बात पर से वृद्धि दर्ज की गई है।

जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक पेट्रोल की कीमत में 0.87 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 0.91 रुपए प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। कीमतों के बढ़ने का असर सीधा आम लोगों पर पड़ने वाला है क्योंकि अपने आवागमन में वो पेट्रोल डीजल वाले वाहनों का ही सबसे ज्यादा उपयोग करते हैं।

कहां कितनी है कीमत
पेट्रोल डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल 108.49 रुपए और डीजल 95.02 रुपए प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 110.64 रुपए और डीजल 97.02 रुपए प्रति लीटर है। चेन्नई में पेट्रोल 105.31 और डीजल 96.98 रुपए प्रति लीटर बना हुआ है।

एक महीने में तीसरी बढ़ोत्तरी
पेट्रोल डीजल की कीमतों में हो रही यह वृद्धि हैरान करने वाली भी इसलिए है क्योंकि एक महीने में लगातार तीसरी बार ईंधन की कीमत बढ़ गई है। इस सप्ताह की शुरुआत में 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई थी और कुछ दिनों पहले ही 3 रुपए प्रति लीटर भाव बड़ा है। अब एक बार फिर में वृद्धि की वजह से माल ढुलाई महंगी हो जाएगी। इससे रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम में वृद्धि देखने को मिल सकती है।

15 मई से महंगाई की मार
ईंधन की कीमतों में पहली वृद्धि 15 मई की सुबह 6 बजे सरकारी तेल कंपनियों की ओर से की गई थी। इस दिन पेट्रोल 3 रूपए और डीजल भी 3 रूपए प्रति लीटर महंगा कर दिया गया था। इसके बाद 19 में को एक बात पर कीमतों में वृद्धि हुई और अब एक बात फिर भाव बढ़ गए हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। तेल कंपनियों की लागत बढ़ रही है जिसकी वजह से कीमत बढ़ने का फैसला लिया गया है। यह नई दर आज सुबह 6 बजे लागू कर दी गई है। अलग-अलग राज्यों में लगने वाले स्थानीय वैट और माल ढुलाई शुल्क के कारण ये कीमतें भिन्न हो सकती है।

पीएम मोदी ने 51 हजार युवाओं को वितरित किए नियुक्ति पत्र

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पीएम मोदी ने 51 हजार युवाओं को वितरित किए नियुक्ति पत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए चुने गए 51000 युवाओं को वर्चुअल नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए देखा गया। इसके पहले भी वो कई बार ऑनलाइन माध्यम से युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज कई युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा युवा देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण और जिम्मेदार भागीदार बन रहे हैं। रेलवे से लेकर रक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। आने वाले सालों में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में आप सभी की एक महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

स्टार्टअप्स के लिए बेहतरीन अवसर
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती वैश्विक भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर नई साझेदारी के साथ हम शोधकर्ताओं, भारतीय स्टार्टअप और युवा पेशेवरों को दुनिया से जुड़ने के नए-नए मौके प्रदान कर रहे हैं। इससे भारत के युवाओं को वैश्विक बाजारों, एडवांस्ड एक्सपर्टीज और विकास के नए अवसरों तक पहुंच मिल पा रही है। पीएम ने कहा कि दुनिया उन देशों का सम्मान करती है जो बड़े पैमाने पर इनोवेशन करते हैं और निर्माण करते हैं। भारत इस दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है और इस बदलाव के पीछे की सबसे बड़ी ताकत भारत के युवा हैं। वहां पर भारत की युवा शक्ति पर चर्चा करने में काफी समय बिताता हूं।

क्लीन एनर्जी पर की बात
इस दौरान पीएम मोदी ने भविष्य की तकनीक और रोजगार के अवसरों पर बात करते हुए कहा कि क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, क्रिटिकल मिनरल और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इनसे जुड़ी साझेदारी अर्थव्यवस्था के विकास के दरवाजे खोल रही है। इटली, नॉर्वे और स्वीडन जैसे देश के साथ सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और ग्रीन ट्रांजिशन में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आगे होने वाली साझेदारी भारत के शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने का काम करेगी।

721 साल बाद फिर वापस लौटा भोजशाला का वैभव

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721 साल बाद फिर वापस लौटा भोजशाला का वैभव
भोजशाला में शुक्रवार को इतिहास रचता नजर आया। करीब 721 वर्षों बाद पहली बार ऐसा हुआ, जब शुक्रवार के दिन हिंदू समाज ने विधि-विधान से मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। पूरे दिन भोजशाला परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला और परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। अपना पुराना सांस्कृतिक वैभव और गौरव वापस मिलने की भावना के साथ श्रद्धालुओं में अलग ही उल्लास देखने को मिला।

पहले एएसआई के आदेश के अनुसार शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज अदा की जाती थी। यह पहला अवसर रहा, जब शुक्रवार को भोजशाला में नमाज नहीं हुई। पूरे दिन भोजशाला परिसर में धार्मिक आयोजन, श्रद्धांजलि कार्यक्रम और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही।

मां वाग्देवी को चढ़ाई चुनरी
सुबह तय समय पर हिंदू समाज के लोग भोजशाला परिसर पहुंचे और मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना शुरू की। श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी को चुनरी ओढ़ाकर पुष्प अर्पित किए और गर्भगृह को भव्य रूप से सजाया। दोपहर में यहां महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

आरती के दौरान पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। मंदिर परिसर में शंखनाद और वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई देती रही। मां वीणावादिनी की विधि-विधान से पूजा की गई।

सुरक्षा व्यवस्था रही अलर्ट मोड पर
संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जेल वाहन, वज्र वाहन, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा गया। गिरफ्तारी की स्थिति में विशेष पुलिस टीमें और अस्थायी जेल की भी व्यवस्था की गई थी। वहीं सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट को लेकर साइबर सेल लगातार मॉनिटरिंग करती रही। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहकर शांति बनाए रखने की अपील की।

स्वास्थ्य सेवाएं भी रहीं मुस्तैद
भोजशाला परिसर में पुलिस बल की तैनाती के साथ स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर रहा। जिला अस्पताल में 20 अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए। आईसीयू और सामान्य वार्ड को तैयार रखा गया। पांच में से चार एंबुलेंस भोजशाला परिसर के बाहर तैनात रहीं, जबकि 12 सदस्यीय मेडिकल टीम देर शाम तक मौके पर मौजूद रही।

कान्स फिल्म फेस्टिवल में गूंजी छत्तीसगढ़ की आवाज

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कान्स फिल्म फेस्टिवल में गूंजी छत्तीसगढ़ की आवाज
79वें कान्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘RJ बस्तर’ ने अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है। फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों ने जोरदार तालियों के साथ इसका स्वागत किया। भावनात्मक कहानी, सामाजिक संदेश और बस्तर की जमीनी सच्चाइयों को संवेदनशील तरीके से दिखाने के कारण फिल्म को अंतरराष्ट्रीय मंच पर खूब सराहना मिली।

फिल्म का निर्देशन मनीष माणिकपुरी ने किया है, जबकि इसे पीकेएस प्रोडक्शन के बैनर तले पवन कुमार सिंह ने प्रोड्यूस किया है। ‘पंचायत’ फेम अभिनेता चंदन रॉय फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

आदिवासी युवती के सपनों और संघर्ष की कहानी
फिल्म ‘RJ बस्तर’ बस्तर की एक आदिवासी युवती की प्रेरणादायक कहानी पर आधारित है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेडियो जॉकी बनने का सपना देखती है। फिल्म में संघर्ष, आत्मविश्वास और सपनों को पूरा करने की जिद को बेहद सहज और प्रभावशाली अंदाज में पेश किया गया है।

पीएम राहत योजना में उपचार नहीं करने पर अस्पतालों पर इंदौर में होगी कार्रवाई

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पीएम राहत योजना में उपचार नहीं करने पर अस्पतालों पर इंदौर में होगी कार्रवाई
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को निशुल्क उपचार नहीं देने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ नहीं देने वाले अस्पतालों का पंजीयन निरस्त किया जा सकता है।

यह योजना 20 फरवरी 2026 से इंदौर जिले में लागू की जा चुकी है। इसके तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर के दौरान दुर्घटना की तारीख से सात दिनों के भीतर डेढ़ लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

आयुष्मान से जुड़े सभी अस्पतालों में मिलेगी कैशलेस सुविधा
प्रशासन के अनुसार आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सभी अस्पताल पीएम राहत योजना के तहत नामित अस्पताल माने जाएंगे। साथ ही अन्य निजी अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है। गैर-नामित अस्पतालों को भी दुर्घटना पीड़ितों का प्राथमिक उपचार और स्टेबलाइजेशन करना अनिवार्य होगा।

जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की निगरानी में सामने आया है कि कई अस्पताल सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को योजना का लाभ नहीं दे रहे हैं। कुछ अस्पताल यह कहकर मरीजों का उपचार या पंजीयन नहीं कर रहे कि वहां योजना लागू नहीं है या उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। प्रशासन ने कहा कि इस संबंध में अस्पतालों को कई बैठकों के माध्यम से पहले ही प्रक्रिया समझाई जा चुकी है।