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सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ 9वें दिन भी तोड़ेगी सारे रिकॉर्ड

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सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ 9वें दिन भी तोड़ेगी सारे रिकॉर्ड
सनी देओल स्टारर की ‘बॉर्डर 2’ की दहाड़ तेज होती जा रही है. सिनेमाघरों में दूसरे हफ्ते में एंट्री कर चुकी ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जरा भी थमने के मूड में नहीं दिख रही है. रिलीज के 8वें दिन डबल डिजिट में कमाई कर चुकी इस वॉर ड्रामा की कमाई में 9वें दिन यानी दूसरे शनिवार को तेजी आने की उम्मीद है.

‘बॉर्डर 2’ की 8 दिनों की कितनी रही कमाई?
‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के पहले दिन 30 करोड़ का कलेक्शन किया था. दूसरे दिन इस फिल्म ने 36.5 करोड़ जुटाए और फिर तीसरे दिन इसने 54.5 करोड़ रुपये का कारोबार किया.
चौथे दिन सनी देओल की फिल्म ने 59 करोड़ कमाए और पांचवें दिन का कलेक्सन 20 करोड़ रुपये रहा.
छठे दिन ‘बॉर्डर 2’ ने 13 करोड़ रुपये और सातवें दिन 11.25 करोड़ का कलेक्शन किया और इसी के साथ इसके पहले हफ्ते की कमाई 224.25 करोड़ रुपये रही.
8वें दिन फिल्म ने 10.75 करोड़ की कमाई की.

‘बॉर्डर 2’ का 9वें दिन का कलेक्शन (Border 2 Box Office Day 9)
ट्रेड आंकड़ें देने वाली वेबसाइट सैकनिक (Sacnilk) के मुताबिक दूसरे शनिवार को फिल्म ने शाम 8 बजे तक 13.21 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है. इसकी कमाई में रात तक जबरदस्त तेजी आने की पूरी उम्मीद है. ट्रेंड को देखते हुए ये फिल्म रात के शोज मे ज्यादा कमाई कर रही है ऐसे में रात 10.30 बजे तक इसके दूसरे शनिवार को बंपर कलेक्शन करने की उम्मीद की जा रही है

फर्जी मूल निवासी बनाकर मेडिकल सीट पर प्रवेश लेने वाले डॉक्‍टर को हुई सजा

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फर्जी मूल निवासी बनाकर मेडिकल सीट पर प्रवेश लेने वाले डॉक्‍टर को हुई सजा
आकिल खान एडीपीओ, भोपाल ने बताया कि दिनांक 30/01/2026 माननीय न्‍यायालय अतुल सक्‍सेना 23वे अपर सत्र न्‍यायाधीश महोदय, द्वारा कूटरचित मूल निवासी प्रमाण पत्र का उपयोग कर मेडिकल सीट पर प्रवेश लेने वाले आरोपी डॉक्‍टर सीताराम शर्मा पिता नत्‍थीलाल शर्मा को दोषसिद्ध पाते हुये धारा 420 भादवि मे 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500रू अर्थदण्‍ड एवं धारा 467 भादवि मे 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500रू अर्थदण्‍ड धारा 468 भादवि मे 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500रू अर्थदण्‍ड एवं धारा 471 भादवि मे 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500रू अर्थदण्‍ड से दण्डित किये जाने का निर्णय पारित किया है । उक्‍त प्रकरण में शासन द्वारा की ओर से विशेष लोक अभियोजक एसटीएफ भोपाल आकिल खान एवं सुधाविजय सिंह भदौरिया द्वारा पैरवी की गई है।

घटना का संक्षिप्‍त विवरण :-
घटना का विवरण इस प्रकार है कि पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्‍विजय सिंह तत्‍कालीन राज्‍य सभा सासंद द्वारा एसटीएफ भोपाल को शिकायत की गई थी कि व्‍यापाम वर्ष 2006 के बाद जो परीक्षाएं आयोजित हुई है और जो घोटाला हो रहा है उसमे उत्‍तर प्रदेश के मूल निवासी मध्‍यप्रदेश मे मेडिकल सीट प्राप्‍त करने के लिये मध्‍यप्रदेश का कूटरचित मूल निवासी प्रमाण पत्र बनवाकर कर मध्‍यप्रदेश कोटे की मेडिकल सीट पर प्रवेश ले रहे है। पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल को वर्ष 2009 मे प्राप्‍त शिकायत व्‍यावसायिक परीक्षा मण्‍डल भोपाल द्वारा आयोजित पीएमटी परीक्षा मे आरोपी सीताराम शर्मा द्वारा वर्ष 2009 मे उत्‍तीर्ण होने पर म.प्र. राज्‍य कोटा का लाभ प्राप्‍त करने के लिये कूटरचित मूल निवासी प्रमाण पत्र का उपयोग कर सदोष लाभ प्राप्‍त करने से उक्‍त कृत्‍य का अपराध पंजीबद्ध किया गया। उक्‍त सूचना के आधार पर पुलिस थाना एसटीएफ के अपराध 35/2019 धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया दौराने विवेचना मे पाया गया है कि आरोपी सीताराम शर्मा द्वारा मध्‍यप्रदेश की अम्‍बाह तहसील से निर्मित कथित मूल निवासी बना होना दर्शाकर मेडिकल सीट पर प्रवेश लिया जबकि आरोपी मूल रूप से उत्‍तरप्रदेश को रहने वाला है और उसने माध्यिमक शिक्षा परिषद उत्‍तरप्रदेश से 1984 हाईस्‍कूल की परीक्षा एवं 2001 मे इंटरमीडियेट की परीक्षा उत्‍तीर्ण की थी। अभियुक्‍त वर्तमान मे जिला भिण्‍ड मे शासकीय चिकित्‍यालय मे चिकित्‍सा अधिकारी के शासकीय पद पर पदस्‍थ है। जब उसके कथित मूल निवासी प्रमाण पत्र की जॉच की गई तो उक्‍त प्रमाण पत्र तहसील अम्‍बाह जिला मुरैना से जारी होना नही पाया गया। उपरान्‍त अभियोग पत्र माननीय न्‍यायालय के समक्ष प्रस्‍तुत किया गया माननीय न्‍यायालय के समक्ष अभियोजन द्वारा प्रस्‍तुत तर्क, साक्ष्‍य, दस्‍तावेजों एवं न्‍यायाद़ष्‍टात से सहमत होते हुए आरोपी सीताराम शर्मा को उक्‍त धाराओं मे दोषसिद्ध का निर्णय पारित किया गया है।

नोट :- न्‍यायालय के निर्णय के पैरा 143 मे लेख किया गया है विद्वान विशेष लोक अभियोजक ने मामले की पृष्‍ठ भूमि पर प्रकाश डालकर यह प्रकट किया कि अभियुक्‍त द्वारा किया गया अपराध इसलिए गंभीर प्रकृति का है क्‍योकि मध्‍यप्रदेश का मूल निवासी ना होकर एक प्रतियोगी परीक्षा मे अवास्‍तविक कूटरचित दस्‍तावेज का उपयोग कर बेईमानीपूर्वक आशय से स्‍थान सुनिश्चित किया गया जिसके आधार पर वास्‍तविक प्रतियोगी परीक्षार्थी का अधिकार प्रभावित हुआ है और वर्तमान मे अभियुक्‍त एक शासकीय चिकित्‍सालय मे एक चिकित्‍सीय अधिकारी है। इसलिए अभियुक्‍त का अपराध गंभीर प्रकृति को होकर अभियुक्‍त को कठोर दण्‍ड से दण्डित किये जाने की प्रार्थना की गई ।

एमपी के 2 लाख संविदाकर्मियों के लिए सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणा

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एमपी के 2 लाख संविदाकर्मियों के लिए सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणा
मध्यप्रदेश के संविदा अधिकारी, कर्मचारी एक बार फिर लामबंद हुए हैं। अपनी मांगों के समर्थन में प्रदेशभर के संविदाकर्मी शुक्रवार को भोपाल में आ जुटे। टीटी नगर के न्यू दशहरा मैदान में राज्यस्तरीय महासम्मेलन आयोजित किया गया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने संविदा अधिकारी कर्मचारी सम्मेलन में बड़ी घोषणा की। उन्होंने सन 2023 की संविदा नीति के पूर्ण क्रियान्वयन का ऐलान किया। सीएम डॉ मोहन यादव ने संविदा कर्मचारियों को ‘हनुमान’ बताते हुए कहा कि जिस तरह श्री राम को हनुमानजी की जरूरत है, वैसे ही हमें आप लोगों की जरूरत है। उन्होंने संविदाकर्मियों को दिल से काम करने वालों का समूह भी बताया।

संविदा संयुक्त संघर्ष मंच और संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के बैनर तले यह महासम्मेलन आयोजित किया गया है। यहां मुख्य रूप से संविदा नीति 2023 पर पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग की गई।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में संविदाकर्मियों को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार की प्रत्येक योजना में आपका योगदान है। सरकार गंभीरतापूर्वक आपके साथ है। जितना हो सकेगा, उससे ज्यादा देने की कोशिश करेंगे।

संविदा नीति 2023 के पूर्ण क्रियान्वयन का ऐलान
सीएम डॉ. मोहन यादव ने संविदाकर्मियों के समक्ष संविदा नीति 2023 के पूर्ण क्रियान्वयन करने का ऐलान किया। नीति लागू करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग और मोर्चा पदाधिकारियों की समिति बनेगी। उन्होंने कहा कि नियमितीकरण 50 प्रतिशत लागू हो चुकी है, इसे और लागू करेंगे। विसंगतियों को दूर करेंगे। सीएम मोहन यादव ने सभी विभागों के PS को संविदाकर्मियों की मांगें बताने का भी भरोसा दिलाया।

फरवरी के महीने में कुंभ राशि में बनेगा चतुर्ग्रही राजयोग

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फरवरी के महीने में कुंभ राशि में बनेगा चतुर्ग्रही राजयोग
ज्योतिष शास्त्र में चतुर्ग्रही राजयोग को बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब इस योग का निर्माण होता है तो बहुत सारे जातकों को लाभ की प्राप्ति होती है। फरवरी के महीने में दुर्लभ चतुग्रही राजयोग का निर्माण कुंभ राशि में होने जा रहा है। इस महीने में कई ग्रह एक साथ कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे। 3 फरवरी को बुध कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं 13 फरवरी को सूर्य और 23 फरवरी को मंगल का प्रवेश कुंभ राशि में होगा। इस राशि में राहु पहले से ही विराजमान हैं। इन चारों ग्रहों के एक साथ आने से कुछ राशियों को भरपूर लाभ मिल सकता है।

इन राशियों की पलटेगी किस्मत
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों को चतुग्रही योग से भरपूर लाभ मिल सकता है। आपके काम के नये मौके मिल सकते हैं। वहीं अगर आप कारोबार से जुड़े हुए हैं तो आपको मनचाहा मुनाफा मिल सकता है। इसके साथ ही आपकी आर्थिक स्थिति भी पहले से बेहतर हो सकती है। निवेश करने के लिए समय आपके लिए अनुकूल साबित हो सकता है।

वृश्चिक राशि
चतुग्रही योग वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम लाने वाला होगा। इस समय में आपका कोई अटका हुआ काम पूरा हो सकता है। इसके साथ ही व्यापार में भी आपको बहुत लाभ मिल सकता है। किसी नये काम की तलाश में हैं तो वो पूरी हो सकती है।

कुंभ राशि
कुंभ राशिवालों को इस योग से बहुत लाभ मिलने वाला है। आपकी राशि में ये चारों ग्रह आने से आपको हर काम में सफलता प्राप्त हो सकती है। इस समय आपका भाग्य आपका पूरा साथ देगा। इसके साथ ही पढ़ाई करने वाले लोगों को भी सफलता मिल सकती है। धन संबंधी समस्या का समाधान होगा।

स्कूलों में सभी बड़ी लड़कियों को देना होगा सैनिटरी पैड – सुप्रीम कोर्ट

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स्कूलों में सभी बड़ी लड़कियों को देना होगा सैनिटरी पैड – सुप्रीम कोर्ट
देश की सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में मासिक धर्म स्वच्छता को जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि लड़कियों और महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता की सुविधाएं मिलना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त और सुलभ रूप से सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी छात्रा की पढ़ाई और स्वास्थ्य मासिक धर्म के कारण प्रभावित न हो।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में एक दाखिल याचिका में मांग की गई थी कि सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड दिए जाएं और उनके सुरक्षित व सम्मानजनक निपटान की व्यवस्था हो। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई है। इस दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि स्कूली छात्राओं की मासिक धर्म स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक नीति तैयार कर ली गई है।

Supreme Court ने की टिप्पणी
सरकारी स्कूलों में सैनेटरी पैड मुहैया कराने को लेकर हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुआ कहा कि वह यह संदेश हर उस बच्ची तक पहुंचाना चाहता है जो सिर्फ मासिक धर्म की वजह से स्कूल नहीं जा पाती। अदालत ने साफ कहा कि इसमें बच्चियों की कोई गलती नहीं है और उन्हें अपने शरीर को बोझ समझने पर मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने जोर दिया कि उसके शब्द सिर्फ अदालत या कानून की किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज की सोच बदलें और बच्चियों को अपमान, अलग-थलग किए जाने और बेवजह की तकलीफ से बचाया जाए।

2026 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेशी की एंट्री

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2026 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेशी की एंट्री
बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो चुका है. पड़ोसी देश ने भारत में सुरक्षा की चिंता जातते हुए टूर्नामेंट खेलने से इनकार किया था. हालांकि बांग्लादेश ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) से टूर्नामेंट के लिए अपने वेन्यू चेंज करवाने की भी रिक्वेस्ट की थी, लेकिन उनकी इस बात को नहीं माना गया था. अब आईसीसी ने चौंकाने वाला फैसला करते हुए बांग्लादेशी को टूर्नामेंट में एंट्री दे दी है.

दरअसल आईसीसी ने शुक्रवार (30 जनवरी) को मैच अधिकारियों की लिस्ट का एलान किया, जिसमें 24 अंपायर और 6 रेफरी हैं. लेकिन गौर करने वाली बात यह रही कि अंपायर की लिस्ट में बांग्लादेशी अंपायर भी मौजूद रहे. आईसीसी की लिस्ट में शामिल शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और गाजी सोहेल बांग्लादेश से आने वाले अंपायर हैं.

इसके अलावा पाकिस्तान के अंपायरों को भी लिस्ट का हिस्सा बनाया गया है. बता दें कि आईसीसी ने अभी सिर्फ लीग स्टेज मैचों के लिए मैच अधिकारियों (अंपायर और रेफरी) का एलान किया है. सुपर-8 और नॉकआउट चरण के लिए मैच अधिकारियों की पुष्टि बाद में की जाएगी.

वनडे सीरीज के लिए भारत आए थे बांग्लादेशी अंपायर
इन दिनों भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही है. इससे पहले दोनों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली गई थी. भारतीय सरजमीं पर खेले गए तीनों ही मैचों में बांग्लादेश के शारफुद्दौला थर्ड अंपायर के रूप में नजर आए थे. अब टी20 विश्व कप में भारत की सरजमीं पर बांग्लादेशी अंपायर दिखाई देंगे.

‘बॉर्डर 2’ का 8वें दिन भी जारी है धमाल

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‘बॉर्डर 2’ का 8वें दिन भी जारी है धमाल
सनी देओल स्टारर और अनुराग सिंह निर्देशित ‘बॉर्डर 2’ ने सिनेमाघरों में रिलीज का एक हफ्ता पूरा कर लिया है. इस वॉर ड्रामा की शुरुआत काफी शानदार रही थी और इस ने रिलीज के फर्स्ट वीक में ही 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था. वहीं अब ये दूसरे हफ्ते में एंट्री कर चुकी है.

‘बॉर्डर 2’ की 7 दिनों की कितनी रही कमाई?
‘बॉर्डर 2’ ने 30 करोड़ से ओपनिंग की थी और फिर इसने दूसरे दिन 36.5 करोड़ कमाए. तीसरे दिन का कलेक्शन 54.5 करोड़ रुपये रहा.
इसके बाद चौथा दिन फिल्म के लिए धमाकेदार रहा और इसने 59 करोड़ कमाए. फिर पांचवें दिन फिल्म की कमाई 20 करोड़ रुपये रही.
छठे दिन ‘बॉर्डर 2’ ने 13 करोड़ रुपये कमाए और इसके सातवें दिन का कलेक्शन 11.25 करोड़ रुपये रहा
इसी के साथ फिल्म की पहले हफ्ते की यानी 7 दिनों की कुल कमाई भारत में 224.25 करोड़ रुपये रही है.

‘बॉर्डर 2’ फिल्म की छठे दिन की ऑक्यूपेंसी
फिल्म की दूसरे शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को मॉर्निंग शोज में हिंदी ऑक्यूपेंसी 6.58% दर्ज की गई ये इसके पहले हफ्ते के मुकाबले अब तक की सबसे कम ऑक्यूपेंसी है.

मर्दानी 3 की रिलीज का पड़ेगा बॉर्डर 2 पर असर?
दिलचस्प बात यह है कि बॉर्डर 2 को अब रानी मुखर्जी की मर्दानी 3 से टक्कर मिलेगी, जो एक नई रिलीज है. हालांकि, हाल के ट्रेंड्स को देखते हुए, बॉर्डर 2 पर मर्दानी 3 की रिलीज़ का ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा और यह एक्शन थ्रिलर से आगे रहेगी. फिल्मीबीट की रिपोर्ट के मुताबित यह फिल्म 8वें दिन (दूसरे शुक्रवार) को 8-10 करोड़ रुपये कमाएगी और 8 दिनों में 230 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है.

‘बॉर्डर 2’ स्टार कास्ट
आपको बता दें कि ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी ने दमदार रोल प्ले किया है. फिल्म में फीमेल लीड में मोना सिंह, मेधा राधा सोनम बाजवा है. ये फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसका निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है.

सुनेत्रा पवार कल शाम को लेंगी डिप्टी CM पद की शपथ

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सुनेत्रा पवार कल शाम को लेंगी डिप्टी CM पद की शपथ
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद पर अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार काबिज हो सकती हैं। एनसीपी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। बताया गया है कि यह फैसला अजित पवार की अचानक मृत्यु के बाद लिया गया है। इस बीच एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की खबरें भी तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे अजित पवार की आखिरी इच्छा बता रहे हैं।

सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम का पद स्वीकारा
एनसीपी सूत्रों की मानें तो अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने उप मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करने का अनुरोध स्वीकार कर लिया है। ऐसे में अब शनिवार को एनसीपी विधायक दल की बैठक होगी। इसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद सुनेत्रा पवार शनिवार शाम पांच बजे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पात्र किसानों को दिए भावांतर राशि के चेक

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पात्र किसानों को दिए भावांतर राशि के चेक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मौसम कोई भी हो, किसानों को हमेशा अपने खेत-खलिहान की ही चिंता रहती है। फसल अच्छी हो, तो पूरे साल की हरियाली… पर किसी वजह से कम पैदावार हो जाए, कीड़ा लग जाए, ओला-पाला से फसल खराब हो जाए, तो फिर पूरे साल का सूखा। अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। किसान हमारे अन्नदाता हैं, इन्हें कोई भी परेशानी हो, कठिनाई हो, तो हमारी सरकार किसानों का संबल और इनकी ढाल बनकर हमेशा साथ खड़ी है। किसान हमारी संस्कृति का आधार हैं, हमारी धरोहर हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के वास्तविक कर्णधार हैं। किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना, इनके खेत, खलिहानों और घरों में समृद्धि लाना ही हमारा एकमात्र ध्येय है। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की समृद्धि है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसानों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए सरकार का प्रयास है। यह योजना किसानों के कठिन तप, साधना और समर्पण का सम्मान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में ‘अन्नदाता सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रूपए की भावांतर राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि योजना के प्रारंभ से अब तक 7 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को हमारी सरकार लगभग 1500 करोड़ रूपए की भावांतर राशि सोयाबीन उत्पादक किसानों को दे चुकी है। आज जिन किसानों को भावांतर की राशि मिली है, उसमें मंदसौर‍जिले के किसान भी शामिल हैं। मंदसौर जिले के 27 हजार से अधिक किसानों को लगभग 43 करोड़ रूपए की भावांतर राशि मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावांतर योजना में मंदसौर जिले के 5 किसान रघुवीर सिंह को 95 हजार रूपए, मुकेश पाटीदार को 73 हजार रूपए, ओमकार सिंह को 64 हजार रूपए सहित रामदयाल और जगदीशचंद्र पाटीदार को भी भावांतर राशि के चेक भी सौंपे।

शौर्य को मिला सम्मान – स्व. मनोहर सिंह चौहान के पुत्र को दिया शासकीय सेवा का नियुक्ति पत्र
मल्हारगढ़ सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एक बेहद संवेदनशील पक्ष भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ में हुई एक दुर्घटना में जान की बाजी लगाकर 4 लोगों की जिन्दगी बचाने वाले स्व. मनोहर सिंह चौहान के पुत्र संजय सिंह को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शौर्य का सम्मान है। मल्हारगढ़ के पास हुई एक दुर्घटना में एक कार को पानी में डूबते देखकर अपनी जान की परवाह न करते हुए मनोहर सिंह तत्काल पानी में कूदे। कार में मौजूद 4 जिंदगियां तो बचा लीं, पर खुद की जान न बचा सके। ऐसी वीरता को सम्मानित करना हमारा फर्ज है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. मनोहर सिंह के 22 वर्षीय पुत्र संजय सिंह को विशेष प्रकरण के तहत पुलिस आरक्षक (जीडी) के पद पर सीधा नियुक्ति-पत्र (अनुकम्पा के रूप में) दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानवता प्रदर्शित करने वाला हर नागरिक सम्मान का अधिकारी है। हम सबमें दूसरों की जिंदगी बचाने का करूणा भाव होना ही चाहिए।

मंदसौर के निवासियों को भी दीं सौगातें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिलेवासियों को भी विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 51.91 करोड़ रूपए की लागत से मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर 4 लेन फ्लाई-ओवर निर्माण तथा पिपलिया मंडी में 5.53 करोड़ रूपए लागत से बनने वाले रेलवे अंडरब्रिज निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन से नारायणगढ़ मार्ग पर 2.06 करोड़ रूपए लागत से नवनिर्मित रेलवे अंडर-पास का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप मुख्यमंत्री देवड़ा की मांग पर मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पिपलियामंडी में नया फ्लाई-ओवर ब्रिज बनाने सहित भुवानी माता मंदिर का जीर्णोद्धार कराने और काका गाडगिल सागर डेम को एक आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदसौरवासियों को 25 करोड़ की लागत से बने भगवान पशुपतिनाथ लोक के रूप में आज एक और बड़ी सौगात भी मिली है।

मध्यप्रदेश पहला राज्य, जिसने देश में सबसे पहले लागू की भावांतर योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने किसानों के हित में सबसे पहले भावांतर की राशि को शासकीय व्यवस्था से भुगतान करने की योजना लागू की। इस योजना से प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिला है। । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान किसानों के पसीने, उनके धैर्य और अटूट परिश्रम से ही है। हम हर अन्नदाता को उसकी मेहनत का पूरा दाम दिलाएंगे।

सरसों और मूंगफली की फसल को भी लाएंगे भावांतर योजना के दायरे में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के धरतीपुत्र किसानों ने अपनी मेहनत से भारी मात्रा में अनाज उत्पादन कर प्रदेश का देश में मान बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों को कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण से उपज में वैल्यू एडीशन करने से जोड़ा है। अब हमारे प्रदेश का किसान खुद अपनी उपज की प्रोसेसिंग करेगा, जिससे उसे उसकी उपज का भरपूर दाम मिलेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाते हुए उनकी समृद्धि में कोई कमी नहीं रहने देगी। प्रदेश के सभी पात्र किसानों को भावांतर योजना से फसल का समुचित दाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार आने वाले सालों में सरसों और मूंगफली की फसल को भी भावांतर भुगतान योजना के दायरे में लेकर आएगी।

अगले 5 साल में देंगे ढाई लाख नई नौकरियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था। इसमें से अब तक 60 हजार पदों पर भर्ती की जा चुकी है। अगले 5 साल में प्रदेश के ढाई लाख पदों पर नई नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज पहले ही बन चुके हैं। बहनों को रोजगार से जोड़ने के लिए हमने मंदसौर को नर्सिंग कॉलेज की सौगात भी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपए की है। बहनों को हर माह यह राशि उनके खातों में ट्रांसफर की जा रही है। प्रदेश की धरती पर भगवान राम और कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को हम तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं।

कपास उत्पादक किसानों को मिलेगा देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भरपूर लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में भी विशेष स्थान रखता है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार में कपास उत्पादक किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलवाने के लिए देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। इससे 6 लाख किसानों को लाभ मिलेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों ने प्रदेश के गांव-गांव को पक्की सड़क से जोड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुगम होने से किसानों को भी लाभ मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदसौर की भूमि उपजाऊ है, यहां की लहसुन विश्व प्रसिद्ध है।

मंदसौर बना रहा है विशिष्ट पहचान
मंदसौर अपनी एक विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंदसौर की पहचान आज श्वेत क्रांति, हरित क्रांति और नील क्रांति में अव्वल है। मंदसौर की फसलें, फूल और मसालों की खुशबू अलग ही है। कूनो नेशनल पार्क के बाद अब चीते मंदसौर की धरती में भी पहुंच गए हैं।

हर गांव और खेत को मिल रहा है गांधी सागर बांध का पानी : उपमुख्यमंत्री देवड़ा
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, हर खेत को गांधीसागर बांध का पानी मिल रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने पिछले साल 4 लाख 21 हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश किया था। नए वित्त वर्ष में हम इससे भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मल्हारगढ़ विधानसभा को स्कूल, अस्पताल, उद्योगों की अनेक सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकसित राज्य बन रहा है। हमारी सरकार ने अगले 5 सालों में राज्य बजट की राशि दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मिला विशेष स्नेह : सांसद गुप्ता
मंदसौर के लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष स्नेह मंदसौर को मिला है। प्रदेश के किसानों को भावांतर राशि के साथ मंदसौरवासियों को भी कई सौगातों का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित कर किसान हित में एक बेहद प्रभावशाली कदम उठाया है। आज हमारे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत निरंतर समृद्ध हो रही है। सिंचित भूमि का रकबा भी लगातार बढ़ रहा है।

अन्नदाता सम्मान समारोह में राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर ने आभार माना। कार्यक्रम में सुवासरा विधायक एवं पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, विधायक अनिरूद्ध मारू, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु एवं लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री ने वीसी से 3 दिवसीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री ने वीसी से 3 दिवसीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सीतामऊ के महाराज कुमार रघुवीर सिंह ने 1974 में नट नागर संस्थान की स्थापना की। यह संस्थान आज शोधार्थियों का तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। संस्थान, 30 हजार दुर्लभ पांडुलिपियों होने से यह एशिया की लाइब्रेरी के रूप में विख्यात है। यहाँ से न सिर्फ भारतवर्ष के बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोधार्थी विभिन्न विषयों से संबंधित पीएचडी का शोध भी करते है। संस्थान से इतिहासकार और हिंदी साहित्य जगत से रामधारी सिंह दिनकर, मती महादेवी वर्मा, सुमित्रानंदन पंत, हजारी प्रसाद द्विवेदी आदि प्रसिद्ध नाम भी संबंधित है। संस्थान में महत्वपूर्ण पांडुलिपियों में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित कई दस्तावेजों के अतिरिक्त 1857 की क्रांति के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी संग्रहित है। यह संस्थान भारतीय इतिहास साहित्य और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र स्थल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 दिवसीय द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वर्चुअल शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महोत्सव में शामिल महानुभावों से कहा कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान के इस पर्व में आपका स्वागत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को आयोजित कर हजारों वर्षों से राष्ट्र और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सोमनाथ का उन्नत शिखर और आकाश में लहराता ध्वज हमें गर्व से भर देता है। इसी प्रकार नट नागर शोध संस्थान विश्व और राष्ट्र की अनमोल धरोहर है ‌और तीर्थस्थल के समान है। सीतामऊ में स्थित यह अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान हमारे गौरवशाली अतीत की विरासत से विकास तक की जानकारी रखता है।

द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का आयोजन सीतामऊ स्थित नट नागर शोध संस्थान में किया जा रहा है। देशभर से साहित्य क्षेत्रों के विद्वान, वक्ता, कलाकार, इतिहासकार महोत्सव में शामिल हो रहे है। साहित्य महोत्सव को “नॉलेज कुंभ” के रूप में विकसित किया गया है। इसमें स्कूल के बच्चों से तारामंडल संबंधी गतिविधियाँ आयोजित की जा रही है। महोत्सव में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए है जिनमें पुस्तकें, पेंटिंग, दुपट्टे, रुमाल, स्थानीय उत्पाद एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध रहेगी। साहित्य महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, निदेशक अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन विभाग राजेश कुमार, विवेक चतुर्वेदी एवं बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।

प्रथम दिवस के वक्ता एवं विषय
सीतामऊ साहित्य महोत्सव के प्रथम दिन 29 जनवरी को सर्वप्रथम राजेश कुमार, निदेशक अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन, नई दिल्ली ने “इतिहास के पन्नो से” पर व्याख्यान दिया।

कवि और लेखक विवेक चतुर्वेदी ने “शब्दों का जादू”, मीर रंजन नेगी, भारतीय महिला राष्ट्रीय फील्ड हॉकी टीम के पूर्व कोच ने “खेल और जीवन”, रघुबीर यादव भारतीय अभिनेता, कवि, संगीतकार ने “कथा और रंगमंच” पर व्याख्यान और जासु मंगानियार समूह ने स्वरांजलि पर प्रस्तुति दी।

दूसरे दिवस के वक्ता एवं विषय
महोत्सव के दूसरे दिन 30 जनवरी को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल “इतिहास का भूगोल” पर व्याख्यान देंगे। आलोक वास्तव द्वारा “शब्दों का आलोक” पर व्याख्यान होगा। प्रो. रविन्द्र कुमार शर्मा द्वारा “भारतीय संस्कृति और इतिहास” पर व्याख्यान होगा। चंबल सफारी, मगरमच्छ और ऊदबिलाव देखने का जश्न मनाया जाएगा। कबीर स्टूडियो द्वारा “वेव्स में स्वरागिनी” पर प्रस्तुति दी जायेगी। विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में तारों का अवलोकन किया जाएगा।

तीसरे दिवस के वक्ता एवं विषय
महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन 31 जनवरी को पद्म ज्ञान चतुर्वेदी द्वारा “किस्से कहानियां”, जेरी पिंटो, साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता द्वारा “किताबों की दुनिया” पर और रज़ा काज़मी पर्यावरणविद्” पर्यावरण संरक्षण” पर व्याख्यान देंगे। प्रशांत पांडे, फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता द्वारा “सुवासरा से फिल्मफेयर तक का सफर” के बारे में बताएंगे।

साहित्य महोत्सव में मगरमच्छ और ऊदबिलाव देखना, चंबल नदी सफारी, अफीम और क्विनोआ के खेत का दौरा इत्यादि गतिविधियां भी आयोजित की जायेगी।