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मुख्यमंत्री महेश्वर में “गोदा से नर्मदा” जलयात्रा के समापन समारोह में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री महेश्वर में “गोदा से नर्मदा” जलयात्रा के समापन समारोह में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर ने आदर्श योद्धा, शक्तिशाली शासिका और पुण्यश्लोका के रूप में सनातन संस्कृति को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि 300वीं जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र शासन द्वारा आयोजित की गई ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा के समापन पर उनकी कर्मभूमि महेश्वर में आज उत्साह का वातावरण है, जो अहिल्यादेवी के विरासत के महत्व को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की विरासत ऐसी है कि उन्हें समर्पित जलयात्रा जिसका शुभारंभ एक प्रदेश के मुख्यमंत्री और समापन दूसरे प्रदेश के मुख्यमंत्री करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश राज्य अपनी सांझा विरासत की कारण जुड़वां भाई की तरह है। उन्होंने ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा के सफल आयोजन की लिए महाराष्ट्र शासन का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्यादेवी के आदर्श मध्यप्रदेश सरकार की प्रेरणा हैं। उन्होंने बताया कि 300वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन ने गतवर्ष लोकमाता को समर्पित कैबिनेट बैठकों का आयोजन महेश्वर और इंदौर में किया था। लोकमाता की प्रेरणा से ही महेश्वर में दशहरा में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महेश्वर के अहिल्याघाट पर प्रतिदिन लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाता है जिसमें लोकमाता के गौरवशाली इतिहास प्रदर्शित होता है। मध्यप्रदेश सरकार महेश्वर में देवी अहिल्यालोक का निर्माण कर रही है जिसका भूमि-पूजन शीघ्र ही किया जाएगा। सरकार महेश्वर आवागमन की सुविधा के लिए फोरलेन हाइवे तैयार कर रही है। लोकमाता ने जिस प्रकार से देवस्थान, घाट और जनसुविधाओं का निर्माण किया, वैसे ही प्रदेश सरकार देवस्थलों के अंदर सुप्रबन्धन करने, धार्मिक नगरियों को हेली सेवा से जोड़ने जैसे सांस्कृतिक महत्त्व के कार्य कर रही है।

जल संसाधन मंत्री, महाराष्ट्र शासन डॉ. राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के जलप्रबंधन, लोक कल्याण और सुशासन के आदर्श आज भी प्रेरणास्त्रोत हैं। ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा लोकमाता की इसी जलप्रबंधन विरासत को साथ लेकर जनजागरुकता के उद्देश्य से निकाली गई थी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान गोदावरी सहित महाराष्ट्र की 130 अन्य नदियों का जल और लोकमाता की जन्मस्थली चोंडी की पवित्र मिट्टी लेकर लोकमाता की कर्मस्थली महेश्वर पहुंची है। इस जलकलश और मिट्टीकलश का उपयोग कर रजवाड़ा परिसर में बेलपत्र का पौध रोपण किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जलयात्रा के समापन समारोह में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया।

चंद्रशेखर बावनकुले, राजस्व मंत्री, महाराष्ट्र शासन ने कहा कि गोदा से नर्मदा जलयात्रा का लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजन किया गया था जिसमें आध्यात्म, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक का अद्भुत संगम था। उन्होंने बताया कि युवा, किसान, स्वसहायता समूह, सभी ने साथ आकर जलयात्रा के दौरान जनभागीदारी से जनजागरुकता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस जलयात्रा के माध्यम से जलसंरक्षण को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में जलक्रांति आ रही है, जो लोकमाता के आदर्शों का उत्सव है। कार्यक्रम के अंत में विपणन और राजशिष्टाचार मंत्री, महाराष्ट्र शासन जयकुमार रावल ने आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ महेश्वर के ऐतिहासिक अहिल्याघाट पर विधि-विधान से मां भगवती नर्मदाष्टक महाआरती की। इस अवसर पर नमामि देवी नर्मदे की पवित्र गूंज और आकर्षक आतिशबाजी के बीच मुख्यमंत्री ने माँ नर्मदा से प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज और लोकमाता अहिल्यादेवी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा के दौरान एकत्रित किए गए जलकलश और मिट्टीकलश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए।

कार्यक्रम में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के वंशज मंत यशवंतराव होलकर, केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री मती सावित्री ठाकुर, सांसदद्वय ज्ञानेश्वर पाटिल और शंकर लालवानी, विधायक महेश्वर राजकुमार मेव, विधायक बड़वाह सचिन बिरला, विधायक खरगोन बालकृष्ण पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष मती अनुबाई तंवर, सहित मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र शासन के अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण का व्यापक संदेश देने के उद्देश्य से गोदावरी और कृष्णा घाटी सिंचाई विकास निगम, जल संसाधन विभाग, महाराष्ट्र शासन द्वारा ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा का आयोजन किया गया था। इस यात्रा का शुभारंभ गोदावरी तट पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्रब्यंकेशर और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकमाता की जन्मस्थली चोंडी से दिनांक 25 अप्रैल, 2026 को किया था। यात्रा महाराष्ट्र के 5 जिलों एवं मध्यप्रदेश के 3 जिलों से भ्रमण करते हुए 130 नदियों का जल और चोंडी की पवित्र मिट्टी लेकर नर्मदा तट पर स्थित अहिल्याघाट पर समाप्त हुई। यात्रा में लगभग 1000 जल यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं वारकरी समुदाय ने भाग लिया और जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता और लोकमाता देवी अहिल्या बाई के जलप्रबंधन से जुड़े कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया।

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को बताया आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम

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विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को बताया आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विश्व की अनूठी ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का सूक्ष्म अवलोकन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने घड़ी के डिजिटल फलक पर प्रदर्शित हो रहे भारतीय पंचांग, मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की गणना की सराहना करते हुए इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम बताया।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्ष 2024 में कालगणना के केन्द्र महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गौरवशाली अतीत को सहेजते हुए उसे वर्तमान में जीवंत बनाए रखने की मंशानुरूप वैदिक घड़ी को देश के सभी ज्योतिर्लिंगों में स्थापित किया जा रहा है। सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अर्पित की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैशाख कृष्ण पक्ष प्रतिपदा (3 अप्रैल 2026) को यह घड़ी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की थी, जिसे 4 अप्रैल को मंदिर प्रांगण में स्थापित किया गया था।

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को समवेत कर बनाया गया है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित है, जिस स्थान पर जो सूर्योदय का समय होता है उस स्थान की काल गणना तदनुसार दिखाई देती है। स्टेंडर्ड टाइम भी उसी से जुड़ा रहता है। इस घड़ी में वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टेंडर्ड टाइम, भारतीय पंचांग, विक्रम सम्वत् मास, ग्रह स्थिति, भद्रा स्थिति, चंद्र स्थिति आदि की जानकारी समाहित है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक सम्पन्न

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक सम्पन्न
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।

शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वनमंत्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव मरपच्ची, विधायक रायमुनी भगत, विधायक चैतराम अटामी, विधायक विक्रम उसेंडी, विधायक उद्देश्वरी पैकरा, विधायक नीलकंठ टेकाम, विधायक आशाराम नेताम, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘सेवा सेतु’ राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।

‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।

‘सेवा सेतु’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे।

वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है।

‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।

नागरिक ‘सेवा सेतु’ में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यसचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

रायन रिकल्टन ने MI के लिए जड़ा IPL इतिहास का सबसे तेज शतक

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रायन रिकल्टन ने MI के लिए जड़ा IPL इतिहास का सबसे तेज शतक
रायन रिकल्टन ने 44 गेंद में शतक पूरा करके इतिहास रच दिया है. रिकल्टन अब IPL के इतिहास में मुंबई इंडियंस के लिए सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने यह मुकाम सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में हासिल किया. शतक पूरा करने तक उन्होंने अपनी ऐतिहासिक पारी में 8 चौके और 7 छक्के लगाए.

मुंबई इंडियंस के लिए सबसे तेज शतक
रायन रिकल्टन अब MI के लिए सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने सनथ जयसूर्या और तिलक वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा, उन दोनों ने मुंबई इंडियंस के लिए 45 गेंदों में सेंचुरी पूरी की थी. IPL 2026 में रिकल्टन, मुंबई इंडियंस के ऐसे तीसरे बल्लेबाज हैं जिन्होंने इस सीजन शतकीय पारी खेली है. इसी सीजन तिलक वर्मा और क्विंटन डिकॉक भी मुंबई के लिए शतक लगा चुके हैं.

MP के धार में बड़ा हादसा, पिकअप और स्कॉर्पियो में टक्कर में 5 की मौत

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MP के धार में बड़ा हादसा, पिकअप और स्कॉर्पियो में टक्कर में 5 की मौत
जिले के तिरला थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सनसनी फैला दी। इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटे के पास मजदूरों से भरी पिकअप वाहन और स्कॉर्पियो के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

कैसे हुआ यह हादसा
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में करीब 30–35 मजदूर सवार थे, जो अमझेरा की ओर जा रहे थे। रात करीब 8:15 से 8:20 बजे के बीच अचानक पिकअप वाहन असंतुलित हुआ और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया। टक्कर के बाद पिकअप पलट गई, जिससे उसमें सवार मजदूर नीचे दब गए।

बंगाल में 5 एग्जिट पोल सामने आए, 4 में बीजेपी सरकार के आसार

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बंगाल में 5 एग्जिट पोल सामने आए, 4 में बीजेपी सरकार के आसार
पश्चिम बंगाल में बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को दूसरे चरण के मतदान के साथ देश के चार राज्यों – असम, पश्चिम बंगाल, केरलम, तमिलनाडु और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए. मतदान के खत्म होते ही सभी राज्यों के एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ चुके हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में स्पष्ट बहुमत के साथ दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में सरकार बनाती नजर आ रही है.

वहीं, एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, केरलम में कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन UDF पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाता नजर आ रहा है. जबकि तमिलनाडु में सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन एक बार फिर से सत्ता में लौट सकती है.

MP में गर्मी ने तोड़ा 7 साल का रिकॉर्ड, 45 डिग्री तक पहुंचा पारा

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MP में गर्मी ने तोड़ा 7 साल का रिकॉर्ड, 45 डिग्री तक पहुंचा पारा
शबे मालवा की शाम नहीं रही सुहानी, दिन के साथ अब रातें भी हुई गर्म हो रही है। रविवार को दोपहर 2.30 बजे तक सूरज की किरणों का प्रचंडता इस कदर थी कि सात साल बाद शहर में पारा 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था। इसके पहले वर्ष 2019 में इंदौर में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था।

इंदौर शहर में शनिवार को प्रदेश में सबसे गर्म रात रही। मई व जून माह के न्यूनतम तापमान के मुकाबले अप्रैल में ही रात का पारा सबसे उच्च स्तर पर रहा। शनिवार को रात को छाए बादलों के कारण के कारण इंदौर व उज्जैन में ग्रीन हाउस इफैक्ट सिस्टम बना। इस वजह से प्रदेश में इंदौर के बाद उज्जैन में शनिवार की रात सबसे गर्म रही। इंदौर में न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5.3 डिग्री सेल्सियस अधिक था।

रात के तापमान में पिछले 24 घंटे में 6.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली। वहीं उज्जैन में न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस अधिक था। उज्जैन में पिछले 24 घंटे में 4.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

सोमवार को दिन व रात के तापमान का दिखेगा उच्च स्तर
सोमवार को इंदौर में दिन का पारा 43 डिग्री के आसपास रहेगा। दोपहर तक धूप की तपिश बरकरार रहेगी। दोपहर बाद बादल छाएंगे। रविवार दोपहर से रात तक बादल छाए रहने के कारण रविवार की रात भी सबसे गर्म रात रहने की संभावना है। इस वजह सोमवार को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास ही रहेगा।

अरब सागर से आई नमी ने बदला मौसम का मिजाज
वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश पर एक चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है। वही मप्र के मध्य क्षेत्र के ऊपर 1.5 किलोमीटर पर चारों दिशाओं से हवाएं आकर एक चक्रवाती हवाओं का घेरा बना रही है। ऐसे में अरब सागर से आ रही नमी के कारण इंदौर में दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदला और बादल व वर्षा की स्थितियां दिखाई दी।

आज प्रदेश का 50 फीसद हिस्सा होगा लू की चपेट में
रविवार को प्रदेश में सिर्फ खजुराहों में लू चली। सोमवार को प्रदेश के 25 जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है। इनमें भोपाल,विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, दतिया, भिंड, सतना, उमरिया, छिदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी शामिल है।

छत्तीसगढ़ में शराब से रिकॉर्ड तोड़ कमाई, 24 घंटे में बिक गई 41.75 करोड़ की दारू

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छत्तीसगढ़ में शराब से रिकॉर्ड तोड़ कमाई, 24 घंटे में बिक गई 41.75 करोड़ की दारू
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आबकारी विभाग के खजाने में धनवर्षा हो रही है। बढ़ती गर्मी और उमस के बीच प्रदेश में शराब की खपत ने पिछले सभी रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। हाल ही में जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार बीते 22 अप्रैल को प्रदेशवासियों ने महज 24 घंटे के भीतर 41 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की शराब खाली कर दी। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 23.3 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्शाता है।

बिक्री के आंकड़ों में राजधानी रायपुर एक बार फिर शीर्ष पर रहा है। अकेले रायपुर जिले में एक दिन में 7.39 करोड़ रुपए की शराब बिकी। औद्योगिक नगरी दुर्ग 5.09 करोड़ रुपए के साथ दूसरे और न्यायधानी बिलासपुर 3.71 करोड़ रुपए की खपत के साथ तीसरे स्थान पर रही। बड़े शहरों में शराब की यह मांग लंबे समय से बरकरार है, लेकिन इस साल के आंकड़ों ने विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है।

कोरिया और सुकमा में रिकार्ड बढ़ोत्तरी
रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू छोटे और दूरस्थ जिलों से सामने आया है। विकास की दौड़ में पीछे माने जाने वाले इन जिलों में शराब की खपत की रफ्तार मेट्रो शहरों से भी तेज है। कोरिया जिले में पिछले वर्ष की तुलना में 78.4 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि हुई है।

वहीं, माओवाद प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद सुकमा में 74 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी और सूरजपुर में बिक्री में 65.9 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। हालांकि, नारायणपुर और बीजापुर जैसे अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच सीमित होने के कारण बिक्री में गिरावट देखी गई है।

अप्रैल में आठ अरब के पार पहुंचा कारोबार
नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 22 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में आठ अरब 66 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बेची जा चुकी है।