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सीएम डॉ. यादव ने किसानों के सपने किए साकार, अब उनकी जमीन लेने पर देंगे 4 गुना दाम

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सीएम डॉ. यादव ने किसानों के सपने किए साकार, अब उनकी जमीन लेने पर देंगे 4 गुना दाम

– मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ऐतिहासिक फैसला
– सरकार पहले किसानों को देती थी गाइडलाइन का दो गुना मुआवजा
– मध्यप्रदेश के विकास को मिलेगी तेज रफ्तार
– किसानों के साथ खड़ी है मध्यप्रदेश सरकार

भोपाल। अन्नदाता के कल्याण के लिए संकल्पित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 अप्रैल को अद्भुत-अकल्पनीय और ऐतिहासिक फैसला किया। उन्होंने फैसला किया है कि अब प्रदेश सरकार किसी भी किसान की जमीन लेने पर उसे गाइडलाइन वैल्यू का चार गुना भुगतान करेगी। यानी, किसान को भू-अर्जन की जाने वाली भूमि का 4 गुना मुआवजा मिलेगा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भू-अर्जन मुआवजे का फैक्टर 1 से बढ़ाकर 2 कर दिया। इस निर्णय से अब किसानों को उनकी भूमि का वाजिब मूल्य और उन्हें सम्मानजनक जीवन मिलेगा। प्रदेश में परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी, विकास को तेज रफ्तार मिलेगी और किसान भी समृद्ध होंगे।

पहले नहीं मिलता था वाजिब दाम
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया को बताया कि वर्ष 2014 में प्रदेश में फैक्टर-1 निर्धारित किया गया था। इसके तहत किसानों को गाइडलाइन दर का दोगुना मुआवजा दिया जाने लगा। अधिनियम में तय दर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समान रूप से लागू होती थी। चूंकि, व्यवहारिक दृष्टि से जमीन की गाइडलाइन दर कम होने के कारण किसानों को वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा था, जबकि विकास परियोजनाओं की गति तेज हो रही थी। इस वजह से सरकार ने इस दोगुना मुआवजे को बढ़ाकर 4 गुना कर दिया। यह निर्णय भू-अर्जन परियोजनाओं पर लागू होगा। इस निर्णय का सीधा सकारात्मक प्रभाव सिंचाई परियोजनाओं, नई सड़कों, पुलों, रेलवे लाइनों और बांधों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण अधोसंरचना कार्यों पर पड़ेगा। विशेष रूप से, यह लाभ उन सभी लंबित प्रकरणों में भी दिया जाएगा जहाँ आज तक अंतिम अवॉर्ड पारित नहीं किया गया है।
राज्य सरकार ने इस बदलाव के लिए जिस अधिनियम का उपयोग किया उसे मध्य प्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 कहते हैं। संक्षेप में इसे भू-अर्जन अधिनियम-2013 भी कहा जाता है। इसमें धारा 26 के अंतर्गत भूमि के मूल्य निर्धारण के सिद्धांत निर्धारित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य किसानों को उचित प्रतिकर सुनिश्चित करना है। इसके अलावा इसके जरिये पारदर्शिता एवं पुनर्वास की व्यवस्था भी की जाती है।

इसलिए जरूरी था संशोधन
किसानों का कल्याण मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की पहली प्राथमिकता है। ऐसे में किसानों को उनकी भूमि का सही दाम मिल सके, इसलिए राज्य सरकार ने अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय लिया। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 नवंबर 2025 को संशोधन के निर्देश भी दिए थे। चूंकि हर साल प्रदेश में अनुमानित रूप से 70,000–75,000 करोड़ रुपयों का पूंजी निवेश सड़क, पुल, रेलवे लाइन, राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे, सिंचाई परियोजनाओं, अधोसंरचना विकास के लिए किया जाता है। इस बदलाव के बाद अब प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से होंगे।

समिति बनाकर किया वास्तविकता का अध्ययन
किसानों के जीवन में यह बदलाव करने के लिए मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया गया। लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जबकि, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चैतन्य कश्यप और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट इसके सदस्य बनाए गए। इस समिति की पहली बैठक 21 जनवरी को हुई। इस बैठक में मंत्रियों-विधायकों के अलावा फिक्की, क्रेडाई, सीआईआई, किसान संघ और कृषक प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में सभी ने इस बात की अनुशंसा की, कि फैक्टर 1 से बढ़ाकर 2 किया जाए।

अब इतना होगा मुआवजा
गौरतलब है कि, लोक निर्माण विभाग पिछले 3 वर्षों में करीब 10 हजार करोड़ रुपये मुआवजा दे चुका है। नई व्यवस्था में यह करीब 20 हजार करोड़ रुपये होगा, जो सीधे किसानों के खातों में जमा होगा। पिछले तीन वर्षों में जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास द्वारा 4500 हेक्टेयर जमीन का भू-अर्जन किया गया। इसके लिए 1 हजार करोड़ रुपये की मुआवजा राशि निर्धारित की गई है। नई व्यवस्था में यह राशि दोगुनी होगी।

विकास परियोजनाओं-किसान हित के बीच का संतुलन
सीएम डॉ. मोहन यादव का मानना है कि किसानों को 4 गुना मुआवजा देना केवल निर्णय नहीं है, यह किसान सम्मान का संकल्प है। किसान हित सरकार की पहली प्राथमिकता है। सरकार चाहती है कि विकास और किसान हित साथ-साथ आगे बढ़ें। सीएम डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार किसानों के सम्मान, अधिकार और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। यह निर्णय विकास परियोजनाओं और किसान हित, दोनों के बीच संतुलन स्थापित करेगा।

किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि विकास को लेकर आगे बढ़ना है तो भूमि अधिग्रहण पर बड़े फैसले लेने होंगे। हम विकास में किसानों को सहभागी बना रहे हैं। कई पुराने प्रोजेक्ट हैं जो वर्षों पहले पूरे हो जाने चाहिए थे, लेकिन भूमि की वजह से पूरे नहीं हो पाए। अब हमने इसका हल निकाला है। उन्होंने कहा कि हमने सरल नियम इसीलिए बनाए हैं ताकि मामले लंबित न रहें। हमारी गाइडलाइन कम होती है, बाजार की अधिक तो यह काफी लोगों को असंगत लगता है। हमारी सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। सरकार ने किसानों को बोनस भी बढ़ाकर दिया है। पिछले साल का गेहूं अभी भी गोदामों में भरा है। इसके बावजूद हम इसे खरीद रहे हैं। भूमि अधिग्रहण में बड़ा विवाद मुआवजे का होता है, यह निर्णय लेकर हमने विकास के रास्ते खोले हैं।

पर्दे पर ‘परशुराम’ की तरह एक्शन करेंगे सनी देओल

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पर्दे पर ‘परशुराम’ की तरह एक्शन करेंगे सनी देओल
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सनी देओल इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। एक्टर की मोस्ट अवेटेड फिल्मों की लिस्ट काफी लंबी है। इनमें से एक ऐसी है जो पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।

सनी देओल की इस फिल्म की कमान उस डायरेक्टर के हाथों में दी गई है, जिन्होंने निर्माता करण जौहर की बहुचर्चित एक्शन थ्रिलर फिल्म किल्ड को डायरेक्ट किया है। अब ये बताया गया है कि उनकी इस फिल्म का नाम बदलकर परशुराम कर दिया गया है। चलिए पूरा मामला जान लेते हैं।

बदला सनी देओल की फिल्म का नाम
‘गदर 2’ की सफलता के बाद अब सनी एक्शन फिल्मों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दर्शन सनी को उनके पुराने अंदाज में देखना पसंद कर रहे हैं। अब खबर सामने आ रही है कि वह अपनी अगली फिल्म निर्देशक निखिल नागेश भट्ट के साथ कर रहे हैं।

इस फिल्म को पहले लखन के नाम से बनाया जा रहा था लेकिन अब इसका नाम बदल दिया गया है। फिल्म का नाम परशुराम कर दिया गया है। डायरेक्टर और निर्माता को लगता है कि यह नाम मूवी की कहानी और एक्शन को देखते हुए ज्यादा सही रहेगा। फिल्म की शूटिंग अक्टूबर से शुरू की जा सकती है।

इन फिल्मों में आएंगे नजर
इस फिल्म के अलावा सनी देओल को रामायण पार्ट 1 और लाहौर 1947 में देखा जाने वाला है। ये फिल्म 13 अगस्त को सिनेमाघर में रिलीज की जाएगी और इसका मुकाबला इमरान हाशमी की आवारापन 2 से होगा। इसके अलावा एक्टर को जाट 2, इक्का, रामायण पार्ट 2 और गदर 3 में देखा जाने वाला है।

केदारनाथ धाम के कपाट खुले, हेलिकॉप्टर से बरसाए गए फूल

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केदारनाथ धाम के कपाट खुले, हेलिकॉप्टर से बरसाए गए फूल
उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह करीब 8 बजे विधि-विधान के साथ खोल दिए गए हैं। वहीं कपाट खुलते ही धाम में भक्ति का माहौल बन गया। दरअसल सेना के हेलिकॉप्टर से मंदिर परिसर में फूल बरसाए गए जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का सबसे अहम पड़ाव भी शुरू हो गया। वहीं कपाट खुलने की प्रक्रिया परंपरा के अनुसार पूरी की गई। सबसे पहले मंदिर के पूर्व द्वार को खोला गया, जिसके बाद मुख्य पुजारी और रावल मंदिर के अंदर गए और पूजा-अर्चना की शुरुआत की।

दरअसल पिछले साल कपाट बंद करते समय ज्योतिर्लिंग पर जो भस्म लगाई गई थी, उसे हटाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में बांटा गया। वहीं इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी पत्नी के साथ मंदिर पहुंचे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा कराई। पूजा के बाद मंदिर के मुख्य द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए और दर्शन शुरू हो गए है।

केदारनाथ यात्रा में नए नियम
इस साल केदारनाथ की यात्रा के दौरान कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। बता दें कि मंदिर समिति ने साफ किया है कि मुख्य मंदिर परिसर में मोबाइल फोन लेकर जाने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर से करीब 50 से 60 मीटर के दायरे में मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रखा गया है। मंदिर समिति का कहना है कि पिछले कुछ सालों में मंदिर परिसर में फोटो और वीडियो बनाने की वजह से भीड़ और अव्यवस्था बढ़ने लगी थी। कई लोग दर्शन के बजाय रील और वीडियो बनाने में ज्यादा समय बिताने लगे थे। इसी वजह से इस बार प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।

हालांकि फोटोग्राफी के लिए मंदिर परिसर से थोड़ा दूर खास जगह तय की गई है जहां श्रद्धालु फोटो ले सकते हैं। लेकिन मुख्य मंदिर के अंदर या आसपास वीडियो बनाना, रील शूट करना और फोटो खींचना पूरी तरह बैन रहेगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि श्रद्धालुओं को शांत और आसान तरीके से दर्शन मिल सकें।

भैरवनाथ मंदिर खुलने के बाद ही शुरू होगा बाबा का भोग
दरअसल केदारनाथ धाम की परंपराओं में कई खास मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। कपाट खुलने के पहले दिन बाबा केदारनाथ को भोग नहीं लगाया जाता। यह परंपरा तब पूरी होती है जब पास में स्थित भैरवनाथ मंदिर केदारनाथ के कपाट भी खुल जाते हैं। मान्यता है कि भैरवनाथ को केदारनाथ धाम का रक्षक माना जाता है। उनका मंदिर केदारनाथ मंदिर से करीब 500 मीटर दक्षिण दिशा में स्थित है। कहा जाता है कि जब सर्दियों में केदारनाथ मंदिर बंद रहता है, तब भैरवनाथ ही पूरे क्षेत्र की रक्षा करते हैं।

वहीं इस साल भैरवनाथ मंदिर के कपाट 25 अप्रैल को खुलेंगे। उसके बाद बाबा केदारनाथ को पीले चावलों का भोग लगाया जाएगा और नियमित पूजा के साथ भोग की परंपरा शुरू हो जाएगी।

रातोंरात किस्मत चमका देगा नीलम, धारण करने वाले पर बरसती है शनिदेव की कृपा

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रातोंरात किस्मत चमका देगा नीलम, धारण करने वाले पर बरसती है शनिदेव की कृपा
ज्योतिष में नीलम रत्न को बहुत ही खास और महत्वपूर्ण माना गया है। यह एक ऐसा रत्न है जिसका संबंध कर्म फल के दाता और न्याय के भगवान शनिदेव से बताया गया है। ऐसा कहते हैं कि नीलम में शनि देव की ऊर्जा का वास है। जो व्यक्ति इसे पहनता है उसे भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

कई बार ऐसा होता है कि कुंडली में मौजूद शनि की ढैया और साढ़ेसाती जीवन में परेशानी उत्पन्न करती है। इससे बचने के लिए नीलम को बहुत फायदेमंद माना गया है क्योंकि यह कुंडली में शनि की स्थिति को मजबूत बनाने का काम करता है। ज्योतिष के मुताबिक यह बहुत फलदायक है और शुभ परिणाम देता है।

किसे पहनना चाहिए नीलम रत्न
मकर और कुंभ
हर रत्न का राशि और ग्रहों से संबंध होता है। कोई भी रत्न पहनने से पहले ज्योतिष की सलाह जरूर लेनी चाहिए क्योंकि हर रत्न हर व्यक्ति को फायदा नहीं देता। मकर और कुंभ दोनों ही राशियों के स्वामी शनि देव हैं इसलिए इन लोगों के लिए नीलम बहुत लाभकारी माना गया है। इसे धारण करने से इन लोगों के जीवन में आर्थिक मजबूती आती है। करियर में सफलता की प्राप्ति होती है और आत्मविश्वास में वृद्धि भी होती है। कारोबार करने वालों को मुनाफे की प्राप्ति।

मिथुन और कन्या
इन दोनों राशियों के लिए नीलम शुभ माना गया है। इनके स्वामी बुध देव हैं जिनकी शनिदेव के साथ मित्रता मानी जाती है। अगर यह लोग नीलम पहनते हैं तो इन्हें शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है। जीवन की बाधाएं शनिदेव की कृपा से दूर होने लगती है।

वृषभ और तुला
इन दोनों राशियों का स्वामी ग्रह शुक्र देव को बताया गया है। अगर यह नीलम पहनते हैं तो इन्हें करियर से लेकर कारोबार तक हर क्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होती है। अगर काम में बाधा आ रही है तो इसे धारण किया जा सकता है। यह सफलता के मार्ग खोलने का काम करता है और जीवन में खुशहाली लाता है।

कैसे करें धारण
नीलम धारण करने के लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ माना गया है। ये दिन शनि देव को समर्पित है इसलिए इस दिन नीलम जरूर धारण करें।
धारण करने से पहले इसे स्नान करने के बाद गंगाजल, गाय के कच्चे दूध और शहद से शुद्ध करें।
अब आपको कुछ देर के लिए इसे शनिदेव के चरणों में रखना होगा और थोड़ी देर बाद इसे धारण कर लें। इस दौरान शनि मंत्र का जाप जरुर करें।

जल्द घोषित होंगे CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा रिजल्ट

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जल्द घोषित होंगे CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा रिजल्ट
सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा (CBSE Board Exam 2026) का आयोजन 17 फरवरी से लेकर 10 अप्रैल 2026 तक किया गया है। 18 लाख से अधिक छात्रों को परिणाम का इंतजार है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड जल्द ही इससे संबंधित आधिकारिक घोषणा कर सकता है। पिछले वर्षों के रुझानों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि रिजल्ट 30 अप्रैल तक जारी होंगे। इसलिए अपडेट के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।

सबसे पहले प्रोविजनल स्कोरकार्ड जारी किया जाएगा। प्रिंटआउट निकालकर छात्र अपने पास रख सकते हैं। एडमिशन में इसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है। वहीं स्कूलों द्वारा ऑरिजिनल मार्कशीट और सर्टिफिकेट का वितरण किया जाएगा। इस साल कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का ऑन स्क्रीन मूल्यांकन किया गया है। रिजल्ट में टिस थ्योरी और प्रैक्टिकल अंक ग्रेड के साथ उपलब्ध होंगे। स्कोरकार्ड में प्रत्येक विषय में छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन को दर्शाया जाएगा।

इन 5 तरीकों से चेक कर पाएंगे रिजल्ट
रिजल्ट अलग-अलग प्लेटफार्म पर उपलब्ध होंगे। स्टूडेंट्स अपनी सहूलियत के हिसाब किसी भी माध्यम का चुनाव कर सकते हैं। परिणाम सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट, डिजिलॉकर ऐप/वेबसाइट और उमंग ऐप या वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। इसके अलावा IVRS और SMS के जरिए भी विषयवार अंक जाना जा सकता है। रिजल्ट घोषित होने से पहले छात्रों को डिजिलॉकर और उमंग प्रोफाइल क्रिएट बनाने या एक्टिव करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा रोल नंबर, स्कूल नंबर और अन्य जानकारी तैयार रखने की सलाह दी जाती है। ताकि जल्द से जल्द बिना किसी बाधा परिणाम चेक किया जा सके।

ऑनलाइन ऐसे चेक करें रिजल्ट
सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ पर जाएं।
होमपेज पर Result टैब के ऑप्शन पर क्लिक करें।
स्क्रीन पर सीबीएसई बोर्ड सीनियर सेकन्डेरी एग्जाम 2026 रिजल्ट का लिंक दिखेगा। इसपर क्लिक करें।
रोल नंबर, स्कूल नंबर, जन्मतिथि इत्यादि जानकारी दर्ज करके लॉग इन करें।
रिजल्ट का पेज खुलेगा। विषयवार स्कोर चेक करें। इसे डाउनलोड कर लें।
भविष्य के संदर्भ में स्टूडेंट्स इसका प्रिंट आउट निकाल कर रख सकते हैं।
यहाँ देखें आधिकारिक वेबसाइट
https://www.cbse.gov.in/
https://cbseresults.nic.in/
https://www.digilocker.gov.in/
http://web.umang.gov.in
जुलाई में होगी सप्लीमेट्री परीक्षा
सीबीएसई ने केवल दसवीं के लिए टू-एग्जाम सिस्टम को लागू किया है। कक्षा बारहवीं के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। परीक्षा पास करने के लिए प्रत्येक विषय में 33% अंक अनिवार्य होगा। जो भी छात्र क्राइटेरिया को पूरा करने में असफल होता, तो उसे कंपार्टमेंट या सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा।

पिछले वर्षों के रुझानों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि कंपार्टमेंट परीक्षा जुलाई 2026 में पेन और पेपर मोड में आयोजित की जाएगी। जिसके परिणाम अगस्त में घोषित हो सकते हैं। रिजल्ट घोषणा के बाद पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू होगी। अपडेट के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक वेबसाइट विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।

27 अप्रैल को MP विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर गरमाई राजनीति

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27 अप्रैल को MP विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर गरमाई राजनीति
मध्यप्रदेश में 27 अप्रैल को प्रस्तावित विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम सहित महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। लेकिन इससे पहले ही कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि महिला आरक्षण के नाम पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है और इसके लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा
कमलनाथ ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का कभी विरोधी नहीं रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 में केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण बिल का कांग्रेस ने पूरी तरह समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस दिशा में हर सकारात्मक कदम का समर्थन करती रही है और आगे भी करती रहेगी। इसी के साथ उन्होंने कहा है कि यदि सरकार का उद्देश्य वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना ही उद्देश्य है तो इसे परिसीमन की शर्त के बिना तुरंत लागू किया जाना चाहिए।

विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर जताई आपत्ति
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में लंबित संविधान संशोधन विधेयक सिर्फ महिला आरक्षण तक सीमित नहीं था बल्कि उसमें परिसीमन से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे जिस पर व्यापक राजनीतिक सहमति नहीं बन सकी। कमलनाथ ने कहा है कि अपने झूठ के प्रसार के लिए 27 अप्रैल को मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना जनता के पैसे की बर्बादी और सदन का दुरुपयोग करना है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर विशेष सत्र बुलाना ही है तो प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गैस की किल्लत पर बुलाना चाहिए।

बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर 27 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाने की घोषणा की है। इस सत्र को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दे चुके हैं। सरकार की ओर से बताया गया है कि इस विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ सहित महिला सशक्तिकरण, सामाजिक मुद्दों और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। भाजपा का कहना है कि यह सत्र महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मोहन कैबिनेट बैठक: किसानों और छात्रों को भी बड़ी सौगात

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मोहन कैबिनेट बैठक: किसानों और छात्रों को भी बड़ी सौगात
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज बुधवार (22 अप्रैल 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट सम्पन्न हुई । इसमें प्रदेश के विकास और आमजन के हित के लिए कई अहम फैसले लिए गए। किसान कल्याण वर्ष में किसानों को भी सौगात देते हुए भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा चार गुना तक देने का प्रावधान किया गया है, वहीं सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट बैठक में नारी शक्ति वंदन स्पेशल सेशन 27 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा. अमरकंटक में नर्मदा समग्र की बैठक में विकास और अतिक्रमण हटाने पर चर्चा हुई। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल द्वारा कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी गई।

मोहन कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले
राज्य के जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों के लिए शेल्टर होम बनाने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी । मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए शेल्टर होम के साथ-साथ खाने की व्यवस्था भी रहेगी। सभी सामान मरीजों के परिजनों को सस्ती दरों पर मिलेगा। यह व्यवस्था निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के लिए भी रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग के एक अन्य प्रस्ताव के लिए 2000 करोड़ रुपए की स्वीकृति। मेडिकल कॉलेजों में ऑर्गन ट्रांसप्लांट, कैथ लैब जैसी सुविधाओं पर राशि खर्च की जाएगी।
सीएम केयर योजना 2026 की निरंतरता को मंजूरी दी गई। इसके तहत अगले 5 सालों में 3628 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 25,164 करोड़ रुपए के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इसमें ग्रामीण सड़कों के लिए 6,150 करोड़, भवन निर्माण के लिए 765 करोड़ और पुल निर्माण के लिए 9,950 करोड़ रुपए शामिल हैं।

किसानों को सौगात
कैबिनेट ने फैसले किया है कि किसानों को जमीन अधिगृहण के लिए 4 गुना मुआवजा मिलेगा। इसके तहत अगर सरकारी प्रोजेक्ट के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की जमीन का अधिगृहण किया जाता है तो उन्हें चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। मप्र भूमि अर्जन पुनर्वासन अधिनियम 2015 का पुर्ननिर्धारण किया गया है।

छात्रों को मिलेगी साइकिल, बजट मंजूर
कैबिनेट बैठक में छात्रों को साइकिल बांटने के लिए 990 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है. जिसमें अगले 5 सालों में 6वीं और 9वीं के सभी छात्रों को 990 रुपए खर्च करके साइकिल बांटी जाएगी।
शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के लिए 1200 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। सभी जिलों में अलग-अलग निर्माण किए जाएंगे।

उज्जैन-छिंदवाड़ा को सौगात
कैबिनेट ने प्रदेश में 33 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने 100 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र का लक्ष्य तय किया गया । उज्जैन क्षेत्र में 157 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजना से 10,800 हेक्टेयर क्षेत्र और 35 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा। छिंदवाड़ा में सिंचाई परियोजना के लिए 128 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे करीब 1.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आईओसीएल के मुख्य महाप्रबंधक ने की सौजन्य मुलाकात

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आईओसीएल के मुख्य महाप्रबंधक ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अजय कुमार श्रीवास्तव ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान राज्य में पेट्रोलियम क्षेत्र के विस्तार, ईंधन आपूर्ति की सुदृढ़ व्यवस्था तथा जनसुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर आईओसीएल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

एमपी विधानसभा का27 अप्रैल को विशेष सत्र:नारी शक्ति वंदन पर होगी चर्चा, अधिसूचना जारी

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एमपी विधानसभा का27 अप्रैल को विशेष सत्र:नारी शक्ति वंदन पर होगी चर्चा, अधिसूचना जारी
मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र 27 अप्रैल को बुलाया गया है। विधानसभा सचिवालय की ओर से इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

इससे पहले रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष सत्र बुलाने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा की जाएगी।

इससे पहले सोमवार को भोपाल में भाजपा द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन’ के समर्थन में आक्रोश रैली भी निकाली गई थी। इस रैली के माध्यम से पार्टी ने महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में अपनी बात रखी।

‘8 चौके-7 छक्के’, तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, तूफानी शतक ठोक तोड़ दिया अभिषेक शर्मा और यशस्वी का ‘मेगा रिकॉर्ड’

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तिलक का तूफानी शतक
मुंबई इंडियंस (एमआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में हार के सिलसिले को आखिरकार तोड़ दिया है. इस टीम ने सीजन के 30वें मैच में गुजरात टाइटंस (जीटी) के खिलाफ 99 रन से शानदार जीत दर्ज की.

इस सीजन शुरुआती दो मैच गंवाने के बाद गुजरात टाइटंस ने लगातार 3 मुकाबले अपने नाम किए थे, जिसके बाद उसे फिर से हार का सामना करना पड़ा है. यह टीम प्वाइंट्स टेबल में छठे पायदान पर है. दूसरी ओर, आईपीएल 2026 के अपने पहले मैच में जीत दर्ज करने के बाद मुंबई इंडियंस को लगातार चार मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद एमआई ने आखिरकार इस हार के सिलसिले को तोड़ दिया है. इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस प्वाइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर पहुंच गई है.

टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी मुंबई इंडियंस ने 5 विकेट खोकर 199 रन बनाए. इस टीम को महज 10 के स्कोर पर डेब्यूटेंट दानिश मालेवर (2) के रूप में शुरुआती झटका लगा. इसके बाद टीम निरंतर अंतराल पर विकेट गंवाती रही. आलम ये रहा कि महज 44 के स्कोर तक एमआई अपने 3 विकेट खो चुकी थी.

इसके बाद तिलक वर्मा ने नमन धीर के साथ 40 गेंदों में 52 रन की साझेदारी करते हुए मुंबई इंडियंस को संभाला. टीम ने 96 रन बना लिए थे इस स्कोर पर एमआई को नमन धीर के रूप में चौथा झटका लगा. नमन 32 गेंदों में 45 रन बनाकर पवेलियन लौटे.

यहां से तिलक वर्मा ने कप्तान हार्दिक पांड्या के साथ 38 गेंदों में 81 रन की साझेदारी की. पांड्या के बल्ले से 15 रन आए, जबकि तिलक ने 45 गेंदों में 7 छक्कों और 8 चौकों के साथ 101 रन की नाबाद पारी खेली. विपक्षी खेमे से कगिसो रबाडा ने सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए. मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने 1-1 विकेट अपने नाम किया.

इसके जवाब में जीटी 15.5 ओवरों में महज 100 रन पर सिमट गई. पारी की पहली ही गेंद पर यह टीम साई सुदर्शन (0) का विकेट गंवा चुकी थी. अगले ओवर में उसे जोस बटलर (5) के रूप में दूसरा झटका लगा.