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नारी शक्ति बिल पर सरकार को लगा बड़ा झटका, बहुमत के अभाव में बिल पास कराने में नाकाम

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नारी शक्ति बिल पर सरकार को लगा बड़ा झटका, बहुमत के अभाव में बिल पास कराने में नाकाम
महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर माने जाने वाले महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लोकसभा में चर्चा और मतदान के बाद यह महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं हो सका। सदन में हुई वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया, जिसके चलते इसे असफलता का सामना करना पड़ा।

नहीं मिला दो तिहाई बहुमत
ओम बिरला ने कहा कि इस बिल पर विचार करने पर वोट विभाजन में हां के पक्ष में 298 और ना के पक्ष में 230 वोट पड़े। यह बिल दो तिहाई बहुमत से पास नहीं हो पाया। इसलिए इस बिल पर आगे की कार्यवाही पर निर्णय संभव नहीं है। यह बिल विचार करने के लिए पेश किए जाने के स्तर पर ही गिर गया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अन्य दो बिल आगे नहीं बढ़ाने का एलान किया।

पहले राउंड में बिल के पक्ष में पड़े 278 वोट
बिल के लिए पहले राउंड का मतदान पूरा हुआ। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग में कुल 489 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा लिया। बिल के पक्ष में 278 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 211 वोट हुए।

विपक्ष के कड़े रुख से थमी बिल की राह
सदन में चर्चा के दौरान बिल के विभिन्न प्रावधानों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। वोटिंग के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सदन का एक बड़ा हिस्सा वर्तमान स्वरूप में इस बिल को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं था। 230 सदस्यों द्वारा विरोध में मतदान किए जाने के बाद अब इस बिल का भविष्य अधर में लटक गया है।

मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों की जीत, TET विवाद सुलझाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची मोहन सरकार

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मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों की जीत, TET विवाद सुलझाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची मोहन सरकार
मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय में रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर कर दी है। इस निर्णय से प्रदेश के शिक्षकों में समाधान की उम्मीद और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।

मुख्यमंत्री निवास पर बैठक के बाद त्वरित कार्रवाई, याचिका दायर
इस संबंध में मुख्यमंत्री निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में हुई चर्चा एवं सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण क्रमांक 19599/2026 के तहत रिव्यू पिटीशन दायर कर दी।

शिक्षक संघ ने जताया मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार
मध्य प्रदेश शासन द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर किए जाने पर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के संभागीय अध्यक्ष अनिल कोठारी, जिलाध्यक्ष राजेंद्र पांचाल, मानसिंह बामनिया, प्रकाश माली, दशमसिंह चौहान, खुशालसिंह चौहान, संजय धानक, सुभाष डामोर, कोमलसिंह परमार, मंगलसिंह पनड़ा, हीरालाल चौहान, दीपसिंह सिंघाड़, सवसिंह ढाकिया, गुलसिंह भूरिया, रमेश खपेड़, दीपक टेलर, यतींद्र डोसी, हरिप्रिया निगम, गायत्री इमलियार, कलावती टाक, अनिता जाखड़, किरण बारिया, शशि त्रिवेदी सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

‘ईरान एनरिच्ड यूरेनियम देने को तैयार’, डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा दावा

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‘ईरान एनरिच्ड यूरेनियम देने को तैयार’, डोनाल्ड ट्रंप ने किया बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) का जखीरा सौंपने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने इस घटनाक्रम को वर्तमान में चल रही बातचीत में बड़ी सफलता बताया और दावा किया कि दोनों पक्षों में चल रहा टकराव खत्म हो सकता है।

वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, वे हमें न्यूक्लियर डस्ट वापस देने पर राजी हो गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि ‘इस बात की बहुत अच्छी संभावना है कि हम कोई समझौता कर लेंगे।’ ट्रंप ने दावा किया कि अगर यह डील हो जाती है तो तेल मुफ्त मिलेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा और ‘सब कुछ बहुत अच्छा होगा।’

ईरान के साथ बातचीत पर बोले ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का अगला दौर इसी वीकेंड हो सकता है, जो दिखाता है कि कूटनीतिक प्रयास आगे की दिशा में बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेहरान अब पहले से ज्यादा लचीला है लेकिन साथ ही सीजफायर को आगे बढ़ाने पर शक जाहिर किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर इस्लामाबाद में समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो वह पाकिस्तान जा सकते हैं।

ईरान के यूरेनियम पर नजर
वॉशिंगटन ने बातचीत में इस बात पर जोर दिया है कि ईरान से किसी भी तरह का संवर्धित यूरेनियम हटा दिया जाए।
ईरान के दो सूत्रों ने बताया कि संवर्धित यूरेनियम के भंडार पर एक समझौता हो सकता है।
तेहरान इस भंडार का कुछ हिस्सा (पूरा नहीं) देश से बाहर भेजने पर विचार कर कर रहा है।

दोबारा युद्ध की धमकी
शांति की उम्मीद के साथ ही ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत टूटती है तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा, अगर कोई समझौता नहीं होता तो लड़ाई फिर से शुरू हो जाएगी। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि ईरान अब ऐसी कई रियायतें देने को तैयार है, जो दो महीने पहले वह चर्चा भी करना नहीं चाहता था।

वैशाख अमावस्या को क्यों कहा जाता है ‘सतुवाई अमावस्या

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वैशाख अमावस्या को क्यों कहा जाता है ‘सतुवाई अमावस्या
वैशाख महीने की अमावस्या का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। इस दिन को कई क्षेत्रों में सतुवाई अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस तिथि पर स्नान, दान और पितृ तर्पण का विधान तो है ही, लेकिन इस दिन सत्तू का विशेष उपयोग इसे दूसरी अमावस्याओं से अलग बनाता है।

क्यों पड़ा सतुवाई अमावस्या नाम?
वैशाख अमावस्या को सतुवाई अमावस्या कहने के पीछे की मुख्य वजह इस दिन सत्तू का दान और सेवन है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख के महीने में गर्मी अपने चरम पर होती है। सत्तू की प्रकृति शीतल मानी गई है, जो शरीर को ठंडक देती है। ऐसे में इस दिन सत्तू खाने और दान करने की परंपरा बनाई गई, ताकि लोगों को इसके लाभ मिल सके।

महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, वैशाख अमावस्या के दिन ही त्रेता युग का आरंभ हुआ था। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए जल से भरा घड़ा, सत्तू, गुड़ और मौसमी फलों का दान करना अक्षय पुण्य प्रदान करता है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान सीधे पितरों तक पहुंचता है और उनकी आत्मा तृप्त होती है। वहीं, इस दिन भगवान विष्णु के अवतारों की पूजा के साथ-साथ सत्तू का भोग लगाया जाता है। सत्तू को दरिद्र का भोजन भी कहा जाता है, इसलिए इसे दान करने से अहंकार का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।

पौराणिक कथा
प्राचीन काल में धर्मवर्ण नाम के एक ब्राह्मण थे। उन्होंने अपना सारा जीवन वेदों के अध्ययन और परोपकार में लगा दिया था। एक बार वे एक ऐसे स्थान पर पहुंचे जहां उनके पितृ कष्ट में थे। पितरों ने धर्मवर्ण को बताया कि उनकी मुक्ति तभी संभव है, जब वह वैशाख अमावस्या के दिन विधि-विधान से दान और तर्पण करें। पितरों की आज्ञा पाकर धर्मवर्ण ने वैशाख अमावस्या के दिन व्रत रखा और भीषण गर्मी में प्यासे लोगों के लिए जल के घड़े भरवाए। साथ ही, उन्होंने सत्तू, गुड़ और फल का दान किया। इस दान के प्रभाव से उनके पितरों को मुक्ति मिल गई। तभी से इस दिन सत्तू के दान और सेवन की परंपरा शुरू हुई।

कैसे मनाएं सतुवाई अमावस्या?
सुबह पवित्र नदी में स्नान करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें।
जल से भरे मिट्टी के घड़े के ऊपर सत्तू रखकर किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करें।
पितरों के नाम से सत्तू और तिल का तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे का उन्नयन और पुनर्निर्माण किया

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे का उन्नयन और पुनर्निर्माण किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन भारत के लोकतंत्र के इतिहास का बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 21वीं शताब्दी के सबसे बड़े निर्णय नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत हुई है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम बहनों के राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। नारी केवल सृष्टि की जननी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की उन्नति की वास्तविक सूत्रधार है। जब हम विकसित भारत की कल्पना करते हैं, तो उसकी नींव में आधी आबादी के सामर्थ्य, संघर्ष और सफलता की कहानियां स्पष्ट दिखाई देती हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी सामर्थ्य को संवैधानिक मान्यता देने और लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं के लिए नेतृत्व के नए द्वार खोलने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के सामाजिक-आर्थिक उन्नयन के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 972 करोड़ से अधिक लागत के 72 किलोमीटर लंबे नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे-67 का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य के भूमि-पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री और नर्मदापुरम के प्रभारी राकेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही स्थानीय निकाय और नगरीय निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत पद बहनों के लिए आरक्षित हैं। राज्य सरकार बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, राज्य सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है। प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को अब तक 55 हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि दी जा चुकी है। लाड़ली बहना योजना की शुरुआत से लेकर अब तक प्रति बहन 40 हजार 500 रुपए से अधिक राशि बहनों के बैंक खातों में आई है। बहनें चिंता न करें, योजना की राशि बढ़कर 1500 रुपए करने के साथ आगे भी जो संभव होगा वह किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में पहली बार शासकीय स्कूलों के बच्चों को “माता यशोदा योजना” के अंतर्गत नि:शुल्क दूध के पैकेट बांटे जाएंगे। हमारे बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से तंदुरुस्त बनेंगे। प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने और गौपालन को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए “डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना” की शुरू की है। इससे हमारे भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने कठिन समय में सड़क पर घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना शुरू की है, जिसमें घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप देने की व्यवस्था है। मुश्किल वक्त में गरीब-जरूरतमंदों की मदद के लिए एयर एम्बुलेंस भी संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पर्यटन, उद्योग, वन्य जीव और जनजातीय क्षेत्रों को समेटे नर्मदापुरम जिला विविधता से परिपूर्ण है। पचमढ़ी में राजा भभूत सिंह के नाम पर कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। नर्मदापुरम में नर्मदा लोक भी बन रहा है। नर्मदापुरम में उद्योग और कृषि के विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सड़कें विकास का आधार हैं, इस तथ्य को दृष्टिगत रख नर्मदापुरम जिले में अनेक सड़क परियोजनाओं का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि सिवनी मालवा को लगभग 1000 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इसमें 972 करोड़ से अधिक लागत के 72 किलोमीटर लंबे नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे-67 का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य का भूमि-पूजन शामिल है। यह केवल सड़क नहीं है, इससे सीधे इंदौर-उज्जैन तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इस स्टेट हाईवे के माध्यम से सिवनी-मालवा नए दौर में प्रवेश करेगा और कनेक्टिविटी का लाभ पूरे क्षेत्र को मिलेगा। सिवनी-मालवा में इस सड़क के साथ विकास का सूर्योदय हुआ है। स्टेट हाईवे के साथ सिवनी-मालवा को 106 करोड़ 30 लाख लागत के 96 विकास कार्यों की सौगात मिली है। जिसमें 48 करोड़ 61 लाख की लागत के 45 विकास कार्यों का लोकार्पण और 57 करोड़ 69 लाख की लागत के 51 विकास कार्यों का भूमि-पूजन संपन्न हुआ है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा नदी आंवली घाट के हथनापुर गांव में सिंचाई परियोजना के विकसित करने की घोषणा की। इस परियोजना का लाभ क्षेत्र के 40 गांवों के 10 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नगर पालिका सिवनी-मालवा में सड़क, सीवेज, बिजली-पानी की मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए विशेष निधि से राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी-मालवा-शिवपुर बावरी मुख्य मार्ग की मंजूरी, पीपलपुरा पुल निर्माण और बनापुरा के शासकीय स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही शिवपुर और डोलपुर में सांदीपनि विद्यालय के लिए सर्वे कराने और एक विद्यालय की मंजूरी देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में विकास की अनेक सौगातें दी हैं। सिवनी-मालवा कृषि से समृद्ध क्षेत्र है। पिछले दो साल में ही 984 करोड़ की लागत की सड़कों की सौगात सिवनी-मालवा को मिली है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम जिले में ऐतिहासिक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की है, जिसमें अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ। लोक निर्माण विभाग गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण कर रहा है। उन्होंने विभाग के लोकपथ ऐप की जानकारी दी।

विधायक प्रेमशंकर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिवनी-मालवा को लगातार विकास कार्यों की सौगातें मिल रही हैं। इस क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने और सिंचाई सुविधाओं के विकास से किसानों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल के परिणामस्वरूप इंडियन ऑयल द्वारा डोलरिया में नया प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इससे नर्मदापुरम के युवाओं को रोजगार मिलेगा। विधायक वर्मा ने आंवली घाट पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधा के विकास कार्य और सिवनी-मालवा शहर का सीवेज नदी में मिलने से रोकने के लिए योजना तैयार करने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, विधायक विजयपाल सिंह, विधायक ठाकुर दास नागवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष मती राधा पटेल, जिलाध्यक्ष सु प्रीति शुक्ला तथा बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सिवनी मालवा में हुआ भव्य स्वागत – रोड-शो में उमड़ा जनसैलाब
नगर वासियों ने पुष्प वर्षा कर किया मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहर के प्रसिद्ध दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर पहुंचकर भगवान राम एवं भगवान बजरंगबली का विधि विधान से पूजन कर हनुमान मंदिर से ही रोड-शो का शुभारंभ किया। रोड-शो के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव क्षेत्र की जनता का अभिवादन किया। नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

रोड शो हरदा नाके स्थित दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से प्रारंभ हुआ एवं वन विभाग ऑफिस के सामने, गोवर्धन मंदिर चौक, कल्लू चौक, रेवा परिसर के सामने, नर्मदा मंदिर चौक, गांधी चौक, जय स्तंभ चौक, नगर पालिका कार्यालय के सामने, मस्जिद के सामने, कंदेली नदी पुल से होते हुए रोड शो का पुराना बस स्टैंड पर समापन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विभिन्न सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने नगर आगमन पर फल, मिठाई, काजू किशमिश, लड्डू से तुलादान किया। रोड-शो के दौरान भारी संख्या में नगरवासी अपने मुख्यमंत्री को देखने के लिए आतुर रहे। रोड-शो में पेंशनर संघ, महिला स्व सहायता समूह, राठौर समाज, पंचायत सचिव उप सचिव संघ, सफाई कामगार संघ तथा समस्त पार्षद और प्राइवेट स्कूल संघ, वंशकार समाज, निषाद समाज सहित समस्त व्यापारी संघ ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव, ज्ञान की पुण्यभूमि ओंकारेश्वर में सांस्कृतिक महाकुंभ एकात्म पर्व का शुक्रवार को करेंगे शुभारंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव, ज्ञान की पुण्यभूमि ओंकारेश्वर में सांस्कृतिक महाकुंभ एकात्म पर्व का शुक्रवार को करेंगे शुभारंभ
भारतीय संस्कृति के पुनरुद्धारक और अद्वैत वेदांत के प्रखर प्रणेता आदि गुरु शंकराचार्य की दीक्षा स्थली ओंकारेश्वर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल, 17 अप्रैल शुक्रवार से पाँच दिवसीय ‘एकात्म पर्व’ का मंगलमय शुभारंभ करेंगे। मांधाता पर्वत की कंदराओं में रचे-बसे ‘एकात्म धाम’ में आयोजित यह महोत्सव दार्शनिक चिंतन, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम होगा। वैशाख शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित इस अनुष्ठान में देश-विदेश के शीर्ष संत, मनीषी और विद्वान सम्मिलित होकर एकात्मता के वैश्विक संदेश को रेखांकित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अद्वैत लोक एवं अक्षर ब्रह्म प्रदर्शनी का लोकार्पण करेंगे साथ ही वैदिक अनुष्ठान में भी सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती के पावन सान्निध्य तथा विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्म निवेदिता भिड़े, स्वामी शारदानंद सरस्वती की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।

एकात्म पर्व के महत्वपूर्ण वैचारिक सत्र ‘अद्वैतामृतम् – विमर्श सभा’ के अंतर्गत अद्वैत दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता पर गहन संवाद होगा। विशेष रूप से प्रथम दिन ‘अद्वैत एवं Gen-Z’ जैसे आधुनिक विषय पर युवा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जाएगा। आगामी दिनों में अद्वैत दर्शन का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), पर्यावरण संरक्षण, वैश्विक शांति और सिख संप्रदाय के ‘एक ओंकार’ के साथ अंतर्संबंधों पर विद्वतापूर्ण चर्चा होगी। यह बौद्धिक मंथन आधुनिक समाज और नई पीढ़ी को अद्वैत की शाश्वत अवधारणा से जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है।

सांस्कृतिक संध्या ‘रसो वै सः’ के अंतर्गत प्रतिदिन देश के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। महोत्सव के प्रथम दिवस जयतीर्थ मेवुंडी का शास्त्रीय गायन और शुभदा वराडकर की ओड़िसी प्रस्तुति ‘एकम्’ आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसी क्रम में आगामी दिनों में भरतनाट्यम, कर्नाटक संगीत और निर्गुण वाणी के माध्यम से अद्वैत के भावों को अभिव्यक्त किया जाएगा। महोत्सव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष 21 अप्रैल को आयोजित होने वाला दीक्षा समारोह है, जिसमें देश-विदेश के 700 से अधिक युवा ‘शंकरदूत’ के रूप में संकल्प लेंगे।

मध्य प्रदेश शासन ‘ओंकारेश्वर’ में ‘एकात्म धाम’के माध्यम से आचार्य शंकर के दर्शन को वैश्विक फलक पर स्थापित कर रहा है। यहाँ स्थापित 108 फीट ऊँची ‘एकात्मता की मूर्ति’ (Statue of Oneness) और निर्माणाधीन ‘अद्वैत लोक’ संग्रहालय न केवल पर्यटन बल्कि आध्यात्मिक जिज्ञासा के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। कल से प्रारंभ हो रहा यह पर्व समस्त राष्ट्र को सांस्कृतिक और वैचारिक सूत्र में पिरोने की दिशा में एक महती कदम सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का ऑनलाईन आरंभ

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया का ऑनलाईन आरंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 16 अप्रैल से प्रदेश में जनगणना का शुभारंभ हो रहा है। यह सिर्फ आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि हमारे राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। जनगणना देश की रीढ़ है, यह विकास की नींव है। इस बार की जनगणना डिजिटल और आधुनिक तकनीक के साथ हो रही है। प्रदेशवासियों को इसमें पूर्ण निष्ठा और सत्यता के साथ भाग लेना चाहिये। यह जनगणना हमारे बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए है।

प्रदेश में 16 से 30 अप्रैल तक ऑनलाईन स्व-गणना का कार्य होगा। एक से 30 मई तक मकान सूचीकरण होगा। यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से होगी। मुख्यमंत्री डॉ . यादव ने प्रदेश में जनगणना 2027 की प्रक्रिया के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in पर प्रारंभिक पंजीकरण कर प्रदेश में स्व-गणना प्रक्रिया का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्र के भविष्य को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कदम है। इससे हम जान सकेंगे कि विकास की धारा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रही है या नहीं। यह जनगणना हमारी अगली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि जनगणना में वह सही, सटीक और पूर्ण जानकारी दे। जनगणना में लगे कर्मचारी-अधिकारी राष्ट्र निर्माण का पवित्र कार्य कर रहे हैं। उनका परिश्रम और सटीकता से किया गया कार्य देश के भविष्य को मजबूत बनाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा, आयुक्त भोपाल नगर निगम मती संस्कृति जैन, जनगणना संचालनालय के डिप्टी रजिस्टार जनरल डॉ. विजय कुमार सहित जिला प्रशासन और जनगणना संचालनालय के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कचहरी चौक स्थित एसबीआई के नये भवन का किया शुभारंभ, आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं से मिलेगा लाभ

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कचहरी चौक स्थित एसबीआई के नये भवन का किया शुभारंभ, आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं से मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कचहरी शाखा के नवीन एवं अत्याधुनिक परिसर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभाष कुमार सुबुद्धि, उप महाप्रबंधक रमेश सिन्हा, प्रबंधक अनिल यादव सहित बैंक के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि पिछले 50 वर्षों से संचालित एसबीआई की कचहरी शाखा अब नए आधुनिक भवन में स्थानांतरित होकर ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस नए परिसर में उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनके कार्य और अधिक सहज और त्वरित होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने बैंकिंग व्यवस्था को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन कर रहा है और आगे भी ग्राहकों की सेवा में इसी तरह अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शाखा के अधिकारियों और ग्राहकों को शुभारंभ की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उल्लेखनीय है कि एसबीआई की कचहरी शाखा ने हाल ही में अपनी सेवाओं के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। ग्राहकों को बेहतर, सुविधाजनक और उन्नत बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाखा को पंडरी रोड स्थित आक्सीजोन क्षेत्र में नए परिसर में स्थानांतरित किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा।

युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं सक्रिय भागीदारी – मुख्यमंत्री

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युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं सक्रिय भागीदारी – मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है तथा मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भ्रष्टाचार के रास्तों को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।

उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन तथा एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी जा रही है, ताकि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी युवाओं के लिए सशक्त विकल्प बन सके।

मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने इस भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है। मंत्री वर्मा ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई। यह व्यवस्था सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हाल ही में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियाँ इस दिशा में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण हैं।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री साय

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देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान संचालित हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी आज से ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, उनकी स्थिति, उपयोग तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार व्यवस्था से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी प्रगणक घर आएं, तो उन्हें सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने में जनगणना की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आंकड़े ही बेहतर योजना और प्रभावी विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

इस दौरान अपर मुख्य सचिव तथा जनगणना के नोडल मनोज कुमार पिंगुआ, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक जनगणना कार्तिकेय गोयल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।