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IPL में 100 विकेट लेने वाले पांचवें गेंदबाज बने अर्शदीप सिंह

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IPL में 100 विकेट लेने वाले पांचवें गेंदबाज बने अर्शदीप सिंह
अर्शदीप सिंह ने इंडियन प्रीमियर लीग के दिग्गज गेंदबाजों में जगह बना ली है. अर्शदीप ने अपने IPL करियर में 100 विकेट पूरे कर लिए हैं. उन्होंने गुरुवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में रायन रिकल्टन का विकेट लेकर यह मुकाम हासिल किया. वो आईपीएल के इतिहास में ऐसे पांचवें बाएं हाथ के गेंदबाज हैं, जिन्होंने विकेटों का शतक पूरा किया है.

अर्शदीप ने अपने आईपीएल करियर के 87वें मैच में विकेटों का शतक पूरा किया है. इंडियन प्रीमियर लीग में 100 या उससे अधिक विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाजों की बात करें तो इस लिस्ट में ट्रेंट बोल्ट सबसे ऊपर हैं, जिन्होंने 144 विकेट लिए हैं. इस सूची में उनके बाद जयदेव उनादकट, आशीष नेहरा और जहीर खान भी ऐसा कर चुके हैं. यह पिछली 11 आईपीएल पारियों में पहली बार है, जब अर्शदीप ने पावरप्ले में कोई विकेट लिया है.

IPL में 100 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज(बाएं हाथ)
144 विकेट – ट्रेंट बोल्ट
114 विकेट – जयदेव उनादकट
106 विकेट – आशीष नेहरा
102 विकेट – जहीर खान
101 विकेट+ – अर्शदीप सिंह
किसके खिलाफ कितने विकेट
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्शदीप सिंह के आंकड़े सबसे बेहतर रहे हैं, जिसके खिलाफ उन्होंने 18 विकेट लिए हैं. वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ उनका गेंदबाजी औसत 18.80 का है, इस टीम के विरुद्ध उन्होंने 10 विकेट चटकाए हैं. दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस ही ऐसी 2 टीम हैं, जिनके खिलाफ अब तक अर्शदीप ने 10 विकेट का आंकड़ा नहीं छुआ है.

अर्शदीप के कुल करियर पर नजर डालें तो अब तक 87 मैचों में उनके नाम 101 विकेट हैं. तीन बार किसी एक पारी में 4 विकेट ले चुके हैं, लेकिन कभी फाइफर लेने का मुकाम हासिल नहीं किया है. यहां देखिए अर्शदीप ने किस टीम के खिलाफ कितने विकेट लिए हैं.

18 विकेट – बनाम राजस्थान रॉयल्स
17 विकेट – बनाम सनराइजर्स हैदराबाद
12 विकेट+ – बनाम मुंबई इंडियंस
11 विकेट – बनाम चेन्नई सुपर किंग्स
11 विकेट – बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स
11 विकेट – बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू
10 विकेट – लखनऊ सुपर जायंट्स
6 विकेट – बनाम दिल्ली कैपिटल्स
5 विकेट – बनाम गुजरात टाइटंस

अब हम पूरी तरह तैयार, ईरान ने डील नहीं की तो उड़ा देंगे पावर प्लांट – अमेरिकी रक्षा मंत्री

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अब हम पूरी तरह तैयार, ईरान ने डील नहीं की तो उड़ा देंगे पावर प्लांट – अमेरिकी रक्षा मंत्री
मिडिल ईस्ट संकट के बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार (16 अप्रैल 2026) को ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को उड़ाने की धमकी दी है. उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमरिका के बीच सीजफायर है और स्थाई शांति के लिए दूसरे दौर की वार्ता होनी है. उन्होंने धमकी देते हुए कहा, ‘हमारी नजर आप पर है और यदि आपके नेता शांति समझौते पर राजी नहीं होते हैं तो फिर से ईरान पर हमला करेंगे.’

अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी कब तक रहेगी?
ट्रंप प्रशासन कभी शांति समझौते के करीब होने का आश्वासन देता है तो कभी ईरान के नेतृत्व को समझौते का पालन न करने पर धमकी देता है. ऐसा इसलिए क्योंकि युद्ध के आर्थिक नुकसान के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर घरेलू दबाव लगातार बढ़ रहा है. पीट हेगसेथ ने उम्मीद जताई है कि ईरान के नेता समझदारी से निर्णय लेंगे. उन्होंने कहा, ‘ईरान के पोर्ट अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी जब जारी रहेगी जब तक हमें लगेगा की ऐसा करना जरूरी है.’

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरान को बताया समुद्री लुटेरा

पीट हेगसेथ ने कहा, ‘इस समय अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है. अगर ईरान के साथ कोई डील नहीं हुई तो हम दोबारा लड़ाई शुरू कर देंगे. ईरान ये कहता है कि वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल करता है. वे इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को धमकी देते हैं. यह कंट्रोल नहीं, समुद्री डकैती है. अमेरिकी खुफिया एजेंसियां ईरान की हर हरकत पर नजर रखे हुए है.’

चीन ने की होर्मुज खोलने की अपील
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा है. तेहरान के अमेरिका के साथ युद्ध के दौरान इस अहम समुद्री मार्ग पर दबाव बढ़ाने के बीच बीजिंग की ओर यह पहली ऐसी अपील है. वांग यी ने बुधवार को अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत के दौरान अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता और सुरक्षा की गारंटी मांगी.

ईरान-अमेरका के बीच फिर से होगी वार्ता
पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान का एक मध्यस्थता प्रतिनिधिमंडल बुधवार को तेहरान पहुंचा, जहां उसने इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता के लिए नए शांति प्रस्तावों पर चर्चा की. ईरान का करीबी सहयोगी और उसके तेल का सबसे बड़ा आयातक चीन भी अमेरिकी नाकेबंदी से बढ़ते ऊर्जा संकट को लेकर चिंतित है. अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान के बंदरगाहों से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है.

इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम, राष्ट्रपति ट्रंप ने किया एलान

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इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम, राष्ट्रपति ट्रंप ने किया एलान
पश्चिम एशिया में जारी शांति प्रयासों को थोड़ा और बल मिला है, क्योंकि इजरायली मीडिया ने सेना के हवाले से जानकारी दी कि गुरुवार से दक्षिणी लेबनान में संघर्ष विराम लागू हो गया है।यह युद्ध विराम 10 दिनों के लिए लागू है। हालांकि, हिजबुल्ला की तरफ से ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया गया है।

इससे पहले संघर्ष विराम के मुद्दे पर लेबनान के राष्ट्रपति जोसफ औन ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से सीधी बात करने के इनकार कर दिया था। दोनों देशों के बीच 34 साल बात सीधी वार्ता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी अपने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट जारी की थी।

इजरायल-लेबनान के बीच युद्धविराम
एपी के अनुसार, इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद शीर्ष स्तर की शांति वार्ता शुरू होने से पहले ही खत्म हो गई। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू गुरुवार को लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन से बातचीत करनेवाले थे। हालांकि राष्ट्रपति औन ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर बातचीत में साफ किया कि जब तक हिजबुल्ला से संघर्ष विराम नहीं होता, तब तक किसी तरह की बातचीत नहीं होगी।

लेबनान के एक अधिकारी ने बताया कि रूबियो ने भी औन से कहा कि वह स्थिति को समझ रहे हैं। गौरतलब है कि अमेरिकी ने सार्वजनिक रूप से लेबनान में युद्धविराम को एक पूर्व शर्त के रूप में अपना समर्थन नहीं दिया है, और इजरायली सरकार ने संभावित बैठक को हिजबुल्ला को निरस्त्र करने पर केंद्रित शांति वार्ता के रूप में प्रस्तुत किया है।इससे पहले, इस हफ्ते वॉशिशगटन में दोनों पक्षों के बीच राजदूत स्तर की बातचीत हुई थी। हालांकि, हिजबुल्ला ने इसका विरोध किया था।

इजरायल ने साफ किया है कि वह फिलहाल ईरान समर्थित हिजबुल्ला के खिलाफ चल रहे युद्ध को खत्म करने के पक्ष में नहीं है। इस संघर्ष में अब तक 2,196 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। उधर, इजरायली सेना ने लेबनान की लिटानी नदी पर स्थित उस आखिरी पुल को भी ध्वस्त कर दिया, जो दक्षिणी लेबनान को देश से जोड़ता था। दावा किया कि हिजबुल्ला के 70 आतंकी ठिकानों को एक मिनट के अंदर ध्वस्त कर दिया गया।हिजबुल्ला ने 24 घंटे में 39 सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया।

चीन ने भी ईरान से की अपील
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से होर्मुज जलमार्ग में आवागमन फिर से शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस अहम समुद्री रास्ते का खुला रखना सभी देशों के हित में है। हालांकि, वांग यी ने कहा कि एक तरफ होर्मुज में ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन दूसरी तरफ इस रास्ते से जहाजों के सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन की भी गारंटी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन संघर्ष विराम बनाए रखने और बातचीत फिर से शुरू करने का समर्थन करता है।

अक्षय तृतीया ही नहीं, साल के इन ‘अबूझ मुहूर्तों’ पर बिना पंचांग देखे कर सकते हैं शुभ कार्य

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अक्षय तृतीया ही नहीं, साल के इन ‘अबूझ मुहूर्तों’ पर बिना पंचांग देखे कर सकते हैं शुभ कार्य
अक्षय तृतीया या आखा तीज को साल का सबसे बड़ा अबूझ मुहूर्त माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों, दान और स्नान का फल ‘अक्षय’ (यानी कभी खत्म नहीं होता) रहता है। विवाह, आभूषणों की खरीदारी और गृह प्रवेश के लिए यह दिन सर्वोत्तम है।

इसके अलावा भी ज्योतिष और धर्म शास्त्रों में कुछ विशेष तिथियों को ‘अबूझ मुहूर्त’ या ‘सिद्ध मुहूर्त’ कहा गया है। इन दिनों पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति अपने आप में इतनी पवित्र होती है कि आप पूरे दिन में किसी भी समय बेझिझक कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं।

1. वसंत पंचमी
माघ महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली पंचमी तिथि पर वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह दिन पूर्ण रूप से ज्ञान और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है। किसी भी नए काम की शुरुआत, विद्यारंभ और विवाह के लिए इस दिन को अत्यंत शुभ और दोषमुक्त अबूझ मुहूर्त माना जाता है।

2. फुलेरा दूज
फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर फुलेरा दूज मनाई जाती है। इसी दिन से मथुरा-वृंदावन में होली के उत्सव की शुरुआत होती है। ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, यह दिन हर तरह के दोषों से मुक्त होता है। इसलिए जिन लोगों की शादी के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं निकल पाता, वह इस दिन बिना सोचे विवाह कर सकते हैं।

3. विजयादशमी या दशहरा
आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर दशहरा मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीराम की रावण पर और माता दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है। इसे ‘सिद्ध मुहूर्त’ कहा जाता है। इस दिन पर आप वाहन की खरीदारी, नया व्यापार या अन्य मांगलिक कार्य कर सकते हैं, जिसके परिणाम हमेशा शुभ होते हैं। वहीं कुछ लोग राम नवमी को भी एक अबूझ मुहूर्त मानते हैं।

4. देवउठनी एकादशी
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव प्रबोधिनी या देवउठनी एकादशी भी कहते हैं। चातुर्मास के दौरान 4 महीने तक मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है और इसी दिन पर इन कार्यों पर लगी रोक हटती है। माना जाता है कि इसी तिथि पर भगवान विष्णु योग निद्रा से जागते हैं, जिसके बाद विवाह आदि कार्य फिर से शुरू होते हैं। शादियों के लिए यह साल का सबसे पवित्र और बड़ा अबूझ मुहूर्त होता है।

धुरंधर 2 ने 29वें दिन मचाया गदर

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धुरंधर 2 ने 29वें दिन मचाया गदर
रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म धुरंधर 2 (Dhurandhar 2) को बॉक्स ऑफिस पर चार हफ्ते पूरे हो गए हैं। फिल्म लगातार कमाई के मामले में नए आंकड़े स्थापित कर रही है। इसकी कमाई ने नई रिलीज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है जिसकी वजह से कई फिल्मों ने अपनी रिलीज आगे बढ़ा दी।

रणवीर सिंह स्टारर स्पाई थ्रिलर (Dhurandhar 2 Spy Thriller) साल 2025 की हिट ‘धुरंधर’ का दूसरा पार्ट है और इसने कमाई के मामले में पहले ही कई फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है।

कितना था धुरंधर 2 का कलेक्शन?
धुरंधर 2 ने पेड प्रिव्यू में 43 करोड़ का कलेक्शन किया था। इसके बाद ओपनिंग डे पर इसने शानदार 102.55 करोड़ रुपये की कमाई की। धुरंधर ने अपने पहले हफ्ते में 674.17 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। वहीं दूसरे हफ्ते इसके कलेक्शन में थोड़ी गिरावट जरूर आई लेकिन फिर भी इसने 263.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। तीसरे हफ्ते ये आंकड़ा 110.60 करोड़ रुपये रहा।

धुरंधर 2 की क्या है कहानी?
धुरंधर 2 की कहानी की बात करें तो फिल्म में रणवीर सिंह ने हमजा अली का किरदार निभाया है जो एक अंडरकवर एजेंट है। पाकिस्तान के लियारी जाकक वो रहमान डकैत के गैंग में शामिल हो जाता है और सारा गेम बदल देता है। वहां के अंडरवर्ल्ड गैंग के लोगों को एक-एक करके खत्म करके किंग ऑफ लियारी बन जाता है। फिल्म का पहला पार्ट 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुआ था और दूसरा पार्ट 19 मार्च को आया था।

नेपाल के ‘₹100 नियम’ ने सीमावर्ती इलाकों में पैदा की भारी नाराजगी

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नेपाल के ‘₹100 नियम’ ने सीमावर्ती इलाकों में पैदा की भारी नाराजगी
भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल सरकार द्वारा भंसार (कस्टम) नियमों में की गई सख्ती का असर अब आम जनजीवन के साथ सामाजिक परंपराओं तक पहुंच गया है। स्थिति यह है कि अब शादी-ब्याह में मिलने वाले उपहार भी जांच और कर के दायरे में आ रहे हैं। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों में चिंता और असंतोष बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में नेपाल प्रशासन ने सीमा पार से आने वाले सामान पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, लगभग 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भी भंसार अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में कपड़े, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक और अन्य घरेलू वस्तुएं भी जांच के बाद ही नेपाल में प्रवेश कर पा रही हैं। इस सख्ती का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो रोजमर्रा की जरूरतों या छोटे व्यवसाय के लिए सीमा पार करते हैं।

बढ़नी कस्बे से कृष्णानगर जाकर चाट और फुल्की बेचने वाले स्थानीय युवक ईलू और बम्मड़ को नेपाल पुलिस ने लिंक गेट से वापस कर दिया। इसी तरह फुटकर में पेय पदार्थ, अंडा और सरसों का तेल लेकर जाने वाले कई लोगों को भी लौटा दिया जा रहा है, क्योंकि इन वस्तुओं का भंसार नहीं हो पा रहा है।

सामाजिक स्तर पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रिश्तेदारी और पारिवारिक आयोजनों में उपहारों का आदान-प्रदान सामान्य परंपरा रही है। अब लोग शादी में मिले सामान को सीमा पार ले जाने से पहले उसकी कीमत और संभावित भंसार को लेकर असमंजस में हैं।

चंद्रौटा शिवपुरी निवासी सुंदर चौधरी और खरेंद्रपुर निवासी रामबरन ने बताया कि इटवा में आयोजित शादी से लौटते समय उनके साथ लाए गए उपहारों को भंसार कर्मियों ने रोक लिया और कर अदा करने के बाद ही उन्हें आगे जाने दिया गया। नेपाल के स्थानीय व्यापारी और नागरिक भी इस सख्ती को लेकर चिंतित हैं।

कृष्णानगर निवासी अनिल अग्रवाल, बिपिन गुप्ता और कौशलेश चतुर्वेदी का कहना है कि इससे न केवल छोटे व्यापार प्रभावित होंगे, बल्कि वर्षों से चले आ रहे सामाजिक संबंधों पर भी असर पड़ेगा। लोगों में इस नियम को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।

क्यों लिया गया ये फैसला?
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राजस्व बढ़ाने और अवैध वस्तुओं की आवाजाही पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

कृष्णानगर भंसार कार्यालय के सूचना अधिकारी मयंक कुमार कर्ण के अनुसार, यह नियम पहले से लागू था, लेकिन अब सख्ती से इसका पालन कराया जा रहा है। फिलहाल, इस सख्ती ने सीमा क्षेत्र के लोगों की दिनचर्या और सामाजिक जीवन दोनों को प्रभावित कर दिया है, जिससे समाधान की उम्मीद में लोग प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा सिहं को वीडियो कॉल पर दी बधाई

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा सिहं को वीडियो कॉल पर दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान पर आई पन्ना जिले की छात्रा कु. प्रतिभा सिंह को वीडियो कॉल के माध्यम से बधाई और शाबासी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा के परिजन से भी बातचीत की। पन्ना जिले में रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ कु. प्रतिभा के पिता भारतेंदु सिंह सोलंकी को भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बधाई दी। कु. प्रतिभा की माता शिक्षिका हैं। प्रतिभा ने यह उपलब्धि प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बातचीत में कु. प्रतिभा ने बताया कि वो प्रतिदिन सात आठ घटे अध्ययन किया करती थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कु. प्रतिभा ने यह भी बताया कि उसकी इच्छा प्रशासनिक सेवाओं में जाने की है। वो अपने लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कु. प्रतिभा को स्कूली और उच्च शिक्षा स्तर पर निरंतर सफलताएं प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को किया संबोधित

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण कार्यों को पूरा करते हुए मध्यप्रदेश सहित देश को सशक्त बनाया है। उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया है। हम देश को मातृसत्ता से जोड़ रहे हैं। गुरुवार 16 अप्रैल 2026 महिला सशक्तिकरण की मंगलमय तारीख होगी। देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा तो वह समय देश में होली-दीवाली एक साथ मनाने जैसा होगा। शासन के सूत्र जब बहनों के हाथ में आते हैं तो संवेदनशीलता से परिपूर्ण कितने नवाचार किए जा सकते हैं, इसके कई उत्कृष्ट उदाहरण हमारे सामने हैं। मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती की धरती है। राज्य सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई। उनकी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बलबूते पर काशी में बाबा विश्वनाथ का धाम बनाया। सभी तीर्थ स्थलों पर अन्न क्षेत्र और यात्रियों के रुकने की व्यवस्था कराई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण का नया युग आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव “नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम-प्रबुद्ध जन सम्मेलन” को संबोधित कर रहे थे। रविंद्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में कार्यक्रम वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नारी शक्ति वंदन पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, नगरीय निकायों तथा पंचायत राज संस्थाओं की प्रतिनिधियों, महिला पत्रकार, छात्राएं शामिल हुईं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोर्ड परीक्षा में टॉपर बालिकाओं को सराहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंड्री और हाई स्कूल परीक्षा की टॉपर छात्राओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करने वाली छात्राओं का अंगवस्त्रम के साथ नारियल और पौधा भेंट कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उईके, महिला एवं बाल विकास मंत्री सु निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, नागरिक विकास एवं आवास राज्य मंत्री मती प्रतिमा बागरी, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री मती राधा सिंह, शिक्षाविद सु शोभा पैठनकर, विधायक एवं पूर्व मंत्री मती अर्चना चिटनिस और सांसद मती लता वानखेड़े विशेष रूप से उपस्थित थीं। कार्यक्रम में जवाहर बाल भवन की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया।

मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण किए प्रस्तुत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रदेश के नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के आधे से अधिक स्थानीय निकायों की कमान बहनें संभाल रही हैं। लोकसभा में हमारी 6 बहनें सांसद और विधानसभा में 27 बहनें विधायक हैं। प्रदेश में 5 महिला मंत्री अपने विभागों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं ने अदम्य साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। ग्वालियर अंचल से राजमाता विजया राजे सिंधिया ने तत्कालीन सरकार को छोड़ा और प्रदेश में पहली संविद सरकार बनाई । विनम्रता की प्रतिमूर्ति राजमाता ने कभी कोई पद नहीं लिया और जनता के लिए कार्य करती रहीं। इंदौर की बहन मती सुमित्रा महाजन लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रहीं। पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। आज देश का राष्ट्रपति का पद मती द्रोपदी मुर्मु संभाल रही हैं।

महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास हमारी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में देश सशक्त हो रहा है। महिला कल्याण और महिलाओं के नेतृत्व में विकास उनकी प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने का उल्लेखनीय कार्य भी हुआ है। देश में महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जन चेतना के लिए नारी शक्ति वंदन अभियान को घर-घर पहुंचाना आवश्यक है। इससे हमारा लोकतंत्र अधिक समावेशी, सशक्त और संवेदनशील बनेगा।

सभी वर्गों और पार्टियों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग अपेक्षित : भूरिया
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लागू होने जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम से देश में नारी शक्ति को सशक्त नेतृत्व के और अधिक अवसर मिलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की है। इससे देश की विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी होगी। देश के नीतिगत निर्णयों में मातृ शक्ति की हिस्सेदारी बढ़ेगी। राज्य सरकार भी नारी सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, जिसका लाभ प्रदेश की महिलाओं को मिल रहा है। पहली बार महेश्वर में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित कैबिनेट हुई और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पूरा वर्ष नारी कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। अब समय आ गया है कि देश के सभी वर्गों और दलों के प्रतिनिधियों को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने में सहयोग करना चाहिए। हमारा हर कदम देश-प्रदेश को आगे ले जाने के लिए होगा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम : राज्य मंत्री मती कृष्णा गौर
नारी शक्ति सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री मती कृष्णा गौर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाए गए 106वें संविधान संशोधन के माध्यम से देश की करोड़ों महिलाओं को वह सम्मान और संवैधानिक शक्ति मिली है, जिसका 1996 से 2010 तक लंबा इंतजार किया गया था। मती गौर ने वर्तमान में लोकसभा में महिलाओं के 14% और मध्यप्रदेश विधानसभा में 11% के सीमित प्रतिनिधित्व का उल्लेख करते हुए जोर दिया कि 33% आरक्षण का यह कानून इस खाई को पाटकर महिलाओं को नेतृत्व और निर्णय लेने वाली निर्णायक भूमिका में लाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि नारी शक्ति को ‘लाभार्थी’ से ‘राष्ट्र निर्माण की सारथी’ बनाने की एक विचार यात्रा है, जहाँ महिलाएँ अंतरिक्ष से लेकर सुरक्षा तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की बेटियों के आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी जीवन की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि जब नारी सशक्त और निर्णायक भूमिका में होगी, तभी राष्ट्र पूर्णतः सशक्त होगा।

नारी अब प्रतिभागी नहीं, नेतृत्व की भूमिका में है : पैठणकर
मातृशक्ति वंदन कार्यक्रम में शिक्षाविद शोभा पैठणकर ने नारी के गौरवशाली स्वरूप की व्याख्या करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को केवल संघर्ष की ‘चिंगारी’ ही नहीं, बल्कि स्नेह और सुगंध बिखेरने वाला ‘फूल’ भी माना गया है। उन्होंने भगवद गीता के संदर्भ से स्त्री के सात दिव्य गुणों— वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा—को उनकी स्वाभाविक शक्ति बताया, जो परिवार को संस्कारों से जोड़े रखती है। अपने संबोधन में उन्होंने सावित्रीबाई फुले के शिक्षा के प्रति संघर्ष, जीजाबाई के संस्कारों, रानी लक्ष्मीबाई व दुर्गावती के शौर्य और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के आदर्श प्रशासन का उल्लेख करते हुए बताया कि इतिहास से वर्तमान तक नारी ने हर कठिन परिस्थिति में समाज के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही आज महिलाएँ सेना, विज्ञान, खेल और प्रशासन जैसे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सु पैठणकर ने आह्वान किया कि नारी अब केवल प्रतिभागी नहीं बल्कि नेतृत्व की भूमिका में है और अपनी सृजनशीलता व सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में निर्णायक योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की योजनाओं की समीक्षा

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की योजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को निर्बाध रूप से सस्ती बिजली सुलभ कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इस काम केलिए सरकार किसानों को हर जरूरी मदद देने को तैयार है। किसानों को सस्ती बिजली मिलेगी, तो वे अपना उत्पादन भी बढ़ा सकेंगे और प्रदेश की प्रगति में भी योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप ऊर्जा प्राप्ति के लिए उन्हें स्वयं ऊर्जा उत्पादक बनाया जाए। इसके लिए किसानों को हरित ऊर्जा उत्पादन से जोड़ा जाए। ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाकर ही हम किसानों का जीवन स्तर बेहतर बना सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सोलर पम्प का उपयोग करने के लिए हर तरीके से प्रोत्साहित किया जाए। किसानों को जो इससे जुड़ना चाहते हैं, विभाग उनका हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन भी करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की प्रचलित योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि राज्य के हित में किसानों और नागरिकों सभी को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य के लिए समर्पित और फोकस्ड होकर आगे बढ़ें। किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने के साथ-साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति में भी तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 2 लाख से अधिक किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। विभाग अपनी योजनाओं के वार्षिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और नई जरूरतों के मुताबिक इन लक्ष्यों में वृद्धि करें, ताकि कम समय में अधिकतम लोगों को लाभ मिले। इसके लिए विभाग अपनी योजनाओं को टाइम फ्रेम में लेकर आएं और तय समय सीमा में ही लक्ष्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करे। इससे तेज और अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।

निकाय पदाधिकारियों के साथ भोपाल में होगा एक दिन का उन्मुखीकरण कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीयनिकाय कचरा बेचकर और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (रूफ टॉप स्कीम) में तेजी से प्रगति लाकर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को इस विषय में प्रशिक्षण देने के लिए भोपाल में एक दिन का उन्मुखीकरण कार्यक्रम किया जाए। यह कार्यक्रम जल्दी ही किया जाए, ताकि निकायों को काम करने के लिए अधिकतम समय मिल सके।

राज्य के ऊर्जा हितों का रखें विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तरप्रदेश सरकार के साथ मिलकर मुरैना में 2 हजार मेगावॉट (2 गीगावॉट) की अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पावर पार्क की स्थापना की प्रगति की जानकारी लेकर कहा कि इस मेगा परियोजना में राज्य के ऊर्जा हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु वास्तव ने बताया कि उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा मात्र पीक पीरियड में ही ग्रीन एनर्जी सप्लाय की मंशा व्यक्त की गई है। इस संबंध में उत्तरप्रदेश सरकार के वरिष्ठतम विभागीय अधिकारियों के साथ समुचित समन्वय किया जा रहा है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री साय

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का पारित होना देश की महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में नारी का स्थान सर्वोच्च है। हम भगवान से पहले भगवती की पूजा करते हैं और ऐश्वर्य के लिए माता लक्ष्मी, बुद्धि के लिए सरस्वती और बल के लिए दुर्गा की आराधना की जाती हैं। साय ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के प्रयास पहले भी हुए, लेकिन इसे प्रभावी रूप से लागू करने का साहसिक निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हो पाया। उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना और महतारी वंदन योजना जैसी पहलों ने महिलाओं के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हम इस वर्ष को प्रदेश में ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मना रहे हैं और महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हुआ है और प्रदेश विकास के नए मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को नया संबल मिलेगा। कार्यक्रम में “पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में नारी—नए भारत की तैयारी” के संकल्प को दोहराया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में पहले से ही 14 लाख से अधिक महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास का प्रमाण है। उन्होंने इस दौरान पुष्प के साथ महिलाओं का अभिनंदन कर बधाई और शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं की इच्छाशक्ति और संकल्प उन्हें बड़े निर्णय लेने में सक्षम बना रहे हैं। महिलाओं को जिम्मेदारी मिले तो वे देश की तस्वीर बदल सकती हैं। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने बताया कि यह अधिनियम वर्ष 2029 तक लागू होगा, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पद्म ऊषा बारले, विधायक पुरंदर मिश्रा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, पद्म ऊषा बारले, प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी नीता डोंगरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।