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इंदौर में विशाल पुस्तक मेला का आयोजन

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इंदौर में विशाल पुस्तक मेला का आयोजन
30 जनवरी से 1 फरवरी

विश्व संवाद केंद्र मालवा द्वारा आयोजित नर्मदा साहित्य मंथन के पंचम सोपान ‘भारत उदय’ के अंतर्गत इंदौर में तीन दिवसीय विशाल पुस्तक मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर स्थित विश्वविद्यालय सभागार में होगा। पुस्तक मेला प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 9 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा तथा इसमें प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
आयोजकों के अनुसार यह पुस्तक मेला राष्ट्रीय साहित्य का एक अद्भुत और समृद्ध संग्रह प्रस्तुत करेगा, जिसमें हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए विविध विषयों की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। साहित्य, संस्कृति, इतिहास, विचार और राष्ट्रबोध से जुड़ी पुस्तकों का यह आयोजन पाठकों के लिए एक विशिष्ट अवसर होगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को प्रातः 10 बजे होगा। उद्घाटन सत्र में महामहिम राज्यपाल केरल श्री राजेन्द्र आर्लेकर, आचार्य मिथिलेश नन्दिनी शरण जी (पीठाधीश्वर, हनुमत पीठ – अयोध्या), श्री पूर्णेन्दु सक्सेना (क्षेत्र संघचालक, मध्यप्रदेश – रा. स्व. संघ) एवं श्री राकेश सिंघई (कुलगुरु, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर) प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।
वहीं समापन सत्र 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सायं 4 बजे आयोजित होगा, जिसमें पद्मश्री श्री सुशील दोषी (लेखक एवं कमेंटेटर) तथा श्री प्रदीप जोशी (अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख, रा. स्व. संघ) विशेष रूप से शामिल होंगे।
कार्यक्रम के दौरान देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, विचारकों और वक्ताओं की सहभागिता भी रहेगी। आयोजकों ने इंदौर सहित आसपास के जिलों के साहित्यप्रेमी विद्द्यार्थी और शोधार्थि से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होंगे।

T20 विश्व कप 2026 से ठीक पहले अमेरिकी क्रिकेटर आरोन जोन्स को मैच फिक्सिंग हुआ सस्पेंड

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T20 विश्व कप 2026 से ठीक पहले अमेरिकी क्रिकेटर आरोन जोन्स को मैच फिक्सिंग हुआ सस्पेंड
टी20 विश्व कप 2026 से ठीक पहले अमेरिकी क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है. टीम के स्टार बल्लेबाज आरोन जोन्स को आईसीसी ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. उन पर मैच फिक्सिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है.

आईसीसी ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि आरोन जोन्स को सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियों से अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है. जोन्स पर कुल पांच आरोप लगाए गए हैं, जो आईसीसी और क्रिकेट वेस्टइंडीज के एंटी-करप्शन कोड के उल्लंघन से जुड़े हैं. उन्हें इन आरोपों का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है.

किन मामलों में लगे हैं आरोप
आरोन जोन्स पर लगे पांच आरोपों में से तीन आरोप 2023-24 में खेले गए बारबाडोस आधारित बीआईएम10 टी20 टूर्नामेंट से जुड़े हैं. वहीं, बाकी दो आरोप उनके अंतरराष्ट्रीय मैचों से संबंधित बताए जा रहे हैं. आईसीसी के मुताबिक, इनमें से एक गंभीर आरोप यह है कि जोन्स ने मैच के नतीजे, या किसी अन्य पहलू को गलत तरीके से प्रभावित करने या ऐसा करने की साजिश में शामिल होने की कोशिश की.

आईसीसी ने अपने बयान में यह भी साफ किया है कि यह जांच अभी जारी है और आने वाले समय में अन्य खिलाड़ियों या इससे जुड़े लोगों पर भी आरोप लग सकते हैं. हालांकि, जांच पूरी होने तक आईसीसी इस मामले पर और कोई टिप्पणी नहीं करेगा.

अमेरिका के लिए अहम खिलाड़ी रहे हैं जोन्स
31 वर्षीय आरोन जोन्स अमेरिका के लिए बेहद अहम खिलाड़ी माने जाते रहे हैं. उन्होंने 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. इसके बाद अब तक वह अमेरिका के लिए 52 वनडे और 48 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं. कुल मिलाकर उन्होंने 95 पारियों में 2434 रन बनाए हैं.

जोन्स अमेरिका की उस टीम का भी हिस्सा थे, जिसने 2024 टी20 विश्व कप में सुपर-8 तक का सफर तय किया था. पाकिस्तान के खिलाफ डलास में मिली ऐतिहासिक जीत में उन्होंने नाबाद 36 रन बनाकर अहम भूमिका निभाई थी.

विश्व कप से पहले बड़ा नुकसान
टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत अगले हफ्ते होने वाली है. जोन्स हाल ही में अमेरिका के 18 खिलाड़ियों के ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा थे और उन्हें टीम का उप-कप्तान बनाए जाने की भी चर्चा थी. हालांकि सस्पेंशन के बाद अब वह टूर्नामेंट के लिए चयन के योग्य नहीं रह गए हैं. विश्व कप से पहले इस तरह का विवाद और एक अहम खिलाड़ी का बाहर होना अमेरिका की तैयारियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

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UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट में UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए रोक लगा दी. 29 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई में CJI सूर्यकांत की बेंच ने फैसला सुनाया और सरकार को नोटिस जारी कर के जवाब मांगा है.

सु्प्रीम कोर्ट ने नए नियमों पर रोक लगाई
UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अभी 2012 वाले नियम ही लागू रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने 19 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार और UGC को नोटिस जारी कर के जवाब मांगा है. यानी अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी.

CJI सूर्यकांत ने नियमों पर रोक लगाते हुए पूछा कि क्या हम जाति विहीन समाज की तरफ बढ़ रहे हैं या पीछे जा रहे हैं? हमने देखा है कि हॉस्टल में छात्र एक साथ रहते हैं. नए नियमों से अलग हॉस्टल बन जाएंगे. ऐसा नहीं होना चाहिए. इस बीच जस्टिस बागची ने भी कहा कि समाज और देश में एकता के लिए काम करना चाहिए.

CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘हम सरकार से जवाब लेंगे. ऐसी परिस्थिति से कुछ लोग लाभ ले सकते हैं. एक विशेषज्ञ कमिटी भी बनाई जा सकती है.’

नया नियम समाज में भेदभाव पैदा करेगा
याचिकाकर्ताओं के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘संविधान ने सबको संरक्षण दिया है. सभी नागरिकों की रक्षा होनी चाहिए. लेकिन नया नियम भ्रमित करता है और समाज में भेदभाव पैदा करता है. इसमें सिर्फ OBC, SC और ST की बात की गई है.’

याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि नियम 3(e) में भेदभाव की परिभाषा पहले से है. इसके रहते 3(c) की क्या रूरत है. यह समाज मे विभेद पैदा करने वाला है. वकील ने कहा, ‘मैं इन तबकों के अलावा बाकी से भी भेदभाव के उदाहरण दे सकता हूं, लेकिन ऐसा नहीं कर रहा.’

इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘इसकी जरूरत नहीं है. हम सिर्फ यही देख रहे हैं कि नए नियम अनुच्छेद 14 (समानता के अधिकार) के हिसाब से सही हैं या नहीं हैं.’

कुछ जातियों के लिए अलग धारा की जरूरत नहीं: वकील

वकील ने CJI सूर्यकांत से कहा कि मैं सेक्शन 3(c) पर रोक की मांग कर रहा हूं. यहां यह मान लिया गया है कि भेदभाव सिर्फ कुछ ही तबके के साथ हो सकता है. CJI सूर्यकांत ने कहा, ‘मान लीजिए कि कोई दक्षिण भारतीय छात्र उत्तर भारत के कॉलेज में आता है. यहां उस पर अनुचित टिप्पणी होती है तो क्या 3(e) में उस पर बात की गई है? वकील ने जवाब देते हुए कहा, ‘जी हां. यही हमारा कहना है कि कुछ जातियों के लिए अलग से एक धारा बनाने की जरूरत नहीं थी.’

UGC के नए नियम क्या हैं?
हर कॉलेज में ईक्वल अपॉर्च्यूनिटी सेंटर यानी EOC बनेगा.
EOC पिछड़े और विंचित छात्रों को पढ़ाई, फीस और भेदभाव से जुड़ी मदद देगा.
हर कॉलेज में समता समिति बनानी होगी, जिसके अध्यक्ष कॉलेज के प्रमुख होंगे.
कमेट में SC, ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग शामिल होंगे. इस कमेटी का कार्यकाल 2 साल होगा.
कॉलेज में इक्वलिटी स्क्वाड भी बनेगा, जो भेदभाव पर नजर रखेगा.
भेदभाव की शिकायत पर 24 घंटे में मीटिंग जरूरी होगी. 15 दिन में रिपोर्ट कॉलेज प्रमुख को देनी होगी.
कॉलेज प्रमुख को 7 दिन में आगे की कार्रवाई शुरू करनी होगी.
EOC हर 6 महीने में कॉलेज को रिपोर्ट देगा.
कॉलेज को जातीय भेदभाव पर हर साल UGC को रिपोर्ट भेजनी होगी.
UGC राष्ट्रीय निगरानी कमेटी बनाएगा. नियम तोड़ने पर कॉलेज की ग्रांट रोकी जा सकती है.
कॉलेज के डिग्री, ऑनलाइन और डिस्टेंस कोर्स पर रोक लग सकती है.
गंभीर मामलों में UGC की मान्यता भी रद्द हो सकती है.

गोपालकों को सरकार की ओर से दिया जा रहा है पूर्ण प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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गोपालकों को सरकार की ओर से दिया जा रहा है पूर्ण प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में गौमाता पर केंद्रित फिल्म ‘गोदान’ का ट्रेलर लाँच किया और फिल्म के पोस्टर का विमोचन किया। यह फिल्म आगामी 6 फरवरी को रिलीज होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ फिल्म “गोदान” देखने जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाल्यकाल से गोपालन और गोसेवा से जुड़े हैं। गौमाता न सिर्फ दूध देती है बल्कि वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने का कार्य करती है। गो सेवा से जो संतोष प्राप्त होता है, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि गौ माता का महत्व हमारी संस्कृति में आज से नहीं भगवान राम और कृष्ण के युग से सर्वोपरि रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने गौशालाओं के प्रबंधन, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बड़ी गौशालाओं के संचालन, गौवंश संरक्षण, गोपालकों को दूध के विक्रय पर समुचित लाभ दिलवाने की व्यवस्था की है। उच्च शिक्षा में पशुपालन से संबंधित पाठ्यक्रमों को समावेश कर युवाओं को भी प्रेरित किया जा रहा है। गौशालाओं को प्रति गाय आहार के लिए 20 रुपए के स्थान पर 40 रुपए प्रदान की जा रही है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ अनुबंध, गोपालकों को प्रति लीटर 8 रुपए तक लाभ प्रदान करने और जबलपुर एवं ग्वालियर के दुग्ध संयंत्रों को नवीनीकृत करने के प्रयास शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामधेनू फिल्म प्रोडेक्शन और इसके निर्माता, निर्देशक विनोद चौधरी सहित अजीत प्रसाद महापात्र, शान्तनु शुक्ला, डॉ. इन्द्रेश प्रताप सिंह, डॉ. मधुसूदन शर्मा, वेदपाल झा को फिल्म निर्माण के लिए बधाई दी। इस अवसर पंचगव्य उत्पाद भी लांच किए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शिक्षक हित के निर्णयों के लिए किया अभिनंदन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव का शिक्षक हित के निर्णयों के लिए किया अभिनंदन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युग बदले, सदियां बदलीं पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुए हैं। बच्चों के प्रवेश, शाला नामांकन दर में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्राप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएम विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया।

सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त व्याख्याता मती कोकिला सिंह, बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास, किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया। मती कोकिला सिंह ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था।

कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का किया विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, ‘हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ’ नामक पुस्तिका, टेबल कैलेंडर एवं डायरी का भी विमोचन किया।

हर काल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में युवा बने महान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्मान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान राम, कृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं।

विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक अर्थ ‘सहकार’ भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है।

कुलपति को कुलगुरू का दिया नाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को हमने कुलगुरु का नया नाम दिया है। हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही।

विद्यार्थियों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : शिक्षा मंत्री सिंह
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार शिक्षकों को अनेक सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के गांवों के साथ शहरों के विकास को गति प्रदान की है। वे प्रदेश के गरीब और किसानों की चिंता करते हैं। स्कूल के भवनों के नव निर्माण के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में ड्राप-आउट दर शून्य हो गई है। नए विद्यार्थियों की नामांकन दर में भी वृद्धि हो रही है। प्रदेश में सरकार के कामों को मान्यता मिल रही है, तो उसमें सबसे बड़ा योगदान शिक्षकों का ही है।

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार सभी पात्र शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ देने के लिए 322 करोड़ रुपए की एकमुश्त राशि मंजूर की गई। यह एक इतिहास है। हमने स्कूल शिक्षा में वर्षों से आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए समय-सीमा तय की है। स्कूलों में सभी जरूरी सुविधाओं के लिए हमने एकमुश्त राशि आवंटित की है। पिछली कैबिनेट मीटिंग में ही प्रदेश को 200 नये सांदीपनि विद्यालयों की सौगात मिली है। देश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। राज्य सरकार इस नीति के पालन के लिए व्यवस्थाओं में कोई कसर नहीं रख रही है। शिक्षा नीति के समुचित क्रियान्वयन की जिम्मेदारी शिक्षकों की ही है।

अखिल भारतीय शिक्षक संघ के संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर ने कहा कि राष्ट्र के हित में शिक्षक बच्चों के रूप में भविष्य गढ़ते हैं। हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान अभियान से संगठन के 14 लाख से अधिक शिक्षक नई शिक्षा नीति के अनुसार अध्यापन कार्य कर रहे हैं। शिक्षक के लिए कोई अमीर, कोई गरीब नहीं होता है, वे सभी विद्यार्थियों को एक समान दृष्टि से देखते हैं। राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित शिक्षक वेतन-भत्तों के लिए काम नहीं करता है, बल्कि बच्चों को पढ़ाने के साथ समाज में मौजूद समस्याओं का समाधान भी देता है।

म.प्र. शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री के अभिनंदन पत्र (प्रशस्ति)का वाचन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगारोन्मुखी और नवाचारी शिक्षा प्रणाली के प्रसार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देकर मान-सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों केलिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कई पुरस्कार मिले हैं।

म.प्र. शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री हिम्मत सिंह जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। जहां बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। राज्य सरकार ने शासकीय शिक्षकों को समयमान वेतनमान की सौगात दी है। इसके लिए शिक्षक संघ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन करता है। भारतीय जीवन मूल्यों को विकसित करने के लिए हमारे संगठन ने प्रदेश स्तर पर स्कूलों में अभियान शुरू किया है।

कार्यक्रम में संघ के प्रदेश मंत्री राकेश गुप्ता, संजय रावल, विनोद पुनीत सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रदेश के सभी जिलों से आए शिक्षकवृंद उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में सु शुभाषिनी जोशी द्वारा सुमधुर स्वर में वंदे मातरम गायन किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन से हुआ।

महाशिवरात्रि और आमलकी एकादशी, फरवरी के व्रत और त्योहार

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महाशिवरात्रि और आमलकी एकादशी, फरवरी के व्रत और त्योहार
कुछ ही दिनों में फरवरी की शुरुआत होने वाली है। सनातन धर्म में फरवरी को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इस माह में कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। फरवरी में महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) मनाई जाएगी। इस खास अवसर पर महादेव और मां पार्वती की पूजा का विधान है। वहीं, होलाष्टक की शुरुआत होगी। इस दौरान शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं।

फरवरी के व्रत और त्योहार
01 फरवरी को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। इसी दिन गुरु रविदास जयन्ती, ललिता जयन्ती भी है।
02 फरवरी से फाल्गुन की शुरुआत होगी। सनातन धर्म में इस माह का विशेष महत्व है।
05 फरवरी को फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की द्विजप्रिय संकष्टी मनाई जाएगी। यह तिथि भगवान गणेश की साधना के लिए शुभ मानी जाती है।
07 फरवरी को यशोदा जयंती है
08 फरवरी को भानु सप्तमी और शबरी जयन्ती मनाई जाएगी।
09 फरवरी को जानकी जयंती, कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी।
13 फरवरी को कृष्ण भीष्म द्वादशी, कुम्भ संक्रान्ति और विजया एकादशी व्रत किया जाएगा।
14 फरवरी को शनि त्रयोदशी और शनि प्रदोष व्रत किया जाएगा। इसी दिन विजया एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा।
15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन महादेव और मां पार्वती की पूजा होगी।
17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या है। इसी दिन सूर्य ग्रहण भी लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
19 फरवरी को फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाएगा।
21 फरवरी को ढुण्ढिराज चतुर्थी मनाई जाएगी।
22 फरवरी को स्कन्द षष्ठी है।
23 फरवरी को मासिक कार्तिगाई है
24 फरवरी को होलाष्टक की शुरुआत होगी। इसी दिन मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी।
25 फरवरी को रोहिणी व्रत है।
27 फरवरी को आमलकी एकादशी व्रत किया जाएगा।

फाल्गुन अमवस्या 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Falgun Amavasya 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या मनाई जाएगी।
फाल्गुन माह अमावस्या तिथि की शुरुआत- 16 फरवरी 05 बजकर 34 मिनट पर
फाल्गुन माह अमावस्या तिथि का समापन- 17 फरवरी को शाम को 05 बजकर 30 मिनट पर
ब्रह्म मुहूर्त- 05 बजकर 16 मिनट से 06 बजकर 07 मिनट तक
अमृत काल – सुबह 10 बजाकर 39 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 28 मिनट से 03 बजकर 13 मिनट तक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के दो दिवसीय महाअधिवेशन का भव्य शुभारंभ

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के दो दिवसीय महाअधिवेशन का भव्य शुभारंभ
छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के दो दिवसीय राज्य स्तरीय महाअधिवेशन का शुभारंभ आज नवागांव, अभनपुर में भव्य रूप से हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर कुम्भकार समाज की परंपरागत कला, संस्कृति और सामाजिक एकता का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। साय ने समाज के विकास हेतु सर्व सुविधायुक्त भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री साय को प्रतीक चिन्ह के रूप में कुम्हार समाज की कला एवं संस्कृति को दर्शाता हुआ चाक गढ़ता कुम्हार भेंट किया गया, जो कुम्भकारी कला की पहचान और श्रम-साधना का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के महाअधिवेशन, युवक-युवती परिचय सम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन की शुरुआत महाराष्ट्र के दिवंगत उप राष्ट्रपति स्वर्गीय अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की और ईश्वर से उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने परिचय सम्मेलन में शामिल युवक-युवतियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मेलन समाज के बेटा-बेटियों को योग्य जीवन-साथी चुनने का सशक्त मंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने समाजजनों से अपील की कि वे अपने समाज के प्रत्येक बेटा-बेटी को शिक्षा से जोड़ें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि एक सफल, संस्कारित और जिम्मेदार मानव जीवन जीने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपने स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रहा है और इन 25 वर्षों में प्रदेश ने सड़क, बिजली, पानी, खाद्यान्न, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव को डामर सड़कों से जोड़ा गया है। प्रदेश में महाविद्यालयों की संख्या में वृद्धि हुई है तथा मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की उपलब्धता भी अब व्यापक स्तर पर हो गई है, जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मात्र दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर दिया है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ तेज़ी से किया जा रहा है और किसानों को बोनस राशि चार किश्तों में नहीं, बल्कि एकमुश्त उनके खातों में अंतरित की जा रही है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में सुरक्षाबलों ने साहस और दृढ़ता के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। अब नक्सलवाद अंतिम चरण में है और 31 मार्च 2026 तक देश से इसके पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब विकास की नई यात्रा शुरू हो चुकी है और सुरक्षा कैंपों की स्थापना से क्षेत्र में शांति और विश्वास का माहौल बना है।
मुख्यमंत्री साय ने नई उद्योग नीति की सराहना करते हुए कहा कि इस नीति को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और नया रायपुर में कई उद्योगों की शुरुआत भी हो चुकी है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सर्वांगीण विकास, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

महाअधिवेशन के अंतर्गत आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में समाज के लगभग 300 युवक-युवतियों का पंजीयन किया गया। इसके साथ ही समाज की आंतरिक गतिविधियों से संबंधित बैठकों का आयोजन भी किया गया, जिनमें सामाजिक संगठन, शिक्षा, रोजगार, कला संरक्षण और भविष्य की योजनाओं पर विमर्श हुआ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय को समाज के युवा, कुमारी अंकिता प्रजापति एवं दुर्गेश चक्रधारी ने, उनकी पेंटिंग भेंट की।कार्यक्रम में विधायक इंद्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चक्रधारी, उपाध्यक्ष आत्माराम प्रजापति, महामंत्री हेमलाल कौशिक, सूरज कुम्भकार सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

आधारभूत सुविधा मिलने से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की मिलेगी प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

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आधारभूत सुविधा मिलने से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की मिलेगी प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी एसआरपी कल्लूरी, एडीजी प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी दीपांशु काबरा, एडीजी अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक भईया लाल रजवाड़े, ललित चंद्राकर, विधायक मती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।

उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

राहुल का मप्र कांग्रेस नेताओं को साफ संदेश—प्लानिंग नहीं,रिजल्ट चाहिए

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राहुल का मप्र कांग्रेस नेताओं को साफ संदेश—प्लानिंग नहीं,रिजल्ट चाहिए
दिल्ली में मप्र कांग्रेस का मंथन

भोपाल। दिल्ली में बुधवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस की अहम बैठक हुई। इसमें पार्टी ने अब सिर्फ मुद्दे उठाने की नहीं,बल्कि जमीन पर असर दिखाने वाली राजनीति की दिशा तय की है। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कर दिया कि हर वर्ग के लिए अलग घोषणा नहीं,बल्कि जिम्मेदारी तय कर फॉलोअप और रिजल्ट दिखाना प्राथमिकता होगी।

दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल मौजूद रहे। राहुल गांधी ने मप्र कांग्रेस नेताओं से कहा कि एसटी, एससी, ओबीसी, महिलाएं और अल्पसंख्यक—हर वर्ग की समस्याएं अलग हैं। पहले उन्हें समझा जाए, फिर उनके समाधान के लिए समयबद्ध और मापने योग्य योजना बनाई जाए।

पद नहीं, परफॉर्मेंस दिखे
सूत्रों के मुताबिक,राहुल गांधी ने संगठन में जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों का मूल्यांकन काम के आधार पर होगा। किसे क्या जिम्मेदारी दी गई है और उसका नतीजा क्या निकला,इसकी नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने संकेत दिए कि निष्क्रिय पदाधिकारियों पर आगे सख्ती हो सकती है।

एसआईआर और इंदौर दूषित जलकांड पर सख्त रुख
बताया जाता है कि बैठक में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मामला भी उठा। पार्टी नेतृत्व ने इसे लोकतंत्र से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए जोरशोर से उठाने के निर्देश दिए। बैठक में इंदौर में प्रदूषित जल से हुई मौतों के मामले में भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही करार देते हुए राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बनाने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि कांग्रेस विधानसभा के बजट सत्र में इस मामले में सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।

संगठन विस्तार और मनरेगा भी एजेंडे में
बैठक में संगठन विस्तार, ब्लॉक और जिला स्तर पर रिक्त पदों की शीघ्र नियुक्ति तथा मनरेगा में कथित अनियमितताओं व योजना का नाम बदले जाने को लेकर भी चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कहा कि रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे अगले चुनाव में अहम भूमिका अदा कर सकते हैं,लिहाजा इन पर रणनीति बनाकर काम किया जाए।

पहले मप्र के नेताओं की सुनी बात
बैठक में मप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी,सांसद दिग्विजय सिंह,प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी,नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार,सीडब्लयूसी सदस्य कमलेश पटेल मौजूद रहे। शुरुआत में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने सभी नेताओं की बात बारी—बारी से ध्यान से सुनी। बाद में अपना फैसला सुनाया। बैठक के जरिए कांग्रेस ने संकेत दे दिया है कि मध्यप्रदेश में पार्टी अब सिर्फ विरोध की राजनीति नहीं, बल्कि ठोस एजेंडा पर काम करेगी।
मप्र में असंतोष को मुद्दा बनाएगी कांग्रेस
बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश में हर वर्ग परेशान हैं। कांग्रेस का फोकस अब आमजन के असंतोष को मुद्दों में बदलने और सड़क से सदन तक मजबूती से उठाने पर रहेगा। उन्होंने संकेत दिए कि आगामी महीनों में आंदोलन और जनता से संवाद तेज किया जाएगा।

याद है या नही भाईयों बहनों मेरी बिटिया हास्पिटल में अपनी सेवा प्रदान करेगी

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कोतमा- विधानसभा क्षेत्र की आमजनता को शायद यह चुनावी जुमला याद होगा अगर नहीं है तो हम बताते है बात उन दिनों कि है जब विधानसभा चुनाव का आगाज हुआ था तमाम स्वार्थी प्रवत्ति के नेता अपना अपना स्वार्थ सिंध करनें अपनें अपनें पक्ष में मतदान करानें कोतमा क्षेत्र की आमजनता से तरह तरह के सच्चे झूठे वादें कर रहें थें ! उसमें एक प्रत्याशी ने कोतमा क्षेत्र की आमजनता से कहा था कि मै चुनाव जीतू या हारू मगर कोतमा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में निश्चित सुधार कर दूंगा क्योंकि मेरी बेटियां हास्पिटल में अपनी सेवा देगी आप सभी का ईलाज करेगी ! विधानसभा चुनाव समाप्त हुए लगभग 2 वर्ष होने को आए जीत हार का फैसला भी हो गया चुनाव में जो खर्च किया गया था उसकी भी भरपाई वसूली लगभग हो चुकी है ! लेकिन अभी तक कोतमा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था जस की तस है ! मतलब साफ़ है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने वाला बयान सिर्फ एक चुनावी जुमला ही था ! अब जनता जुमले बाज नेताओं का क्या बिगाड़ सकती है ! जिसे चुनाव जीतना था वो जीत गया जिसे चुनाव हारना था वो हार गया अब बचें तीन सालों में सिर्फ जमकर वसूली करनी है ! जिससे आगामी चुनावों में टिकट खरीदने से लेकर आमजनता का वोट एवं कार्यकर्ताओं का ईमान खरीदने में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो !