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NEET पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

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NEET पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
देश की सर्वोच्च अदालत ने नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और संबंधित अधिकारियों से कड़ी जवाबदेही की मांग की है। अदालत ने इस गंभीर विफलता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूछा कि आखिर इतनी सिफारिशों के बावजूद पेपर लीक कैसे हुआ और इसकी सच्चाई क्या है? जस्टिस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ ने विशेष रूप से समिति के अध्यक्ष से यह जानना चाहा कि वे मूल रूप से विशेषज्ञ समिति के सदस्य थे, तो फिर कार्यान्वयन की निगरानी किस हद तक हुई और यह बड़ी विफलता आखिर क्यों हुई? सर्वोच्च अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि यदि उच्च स्तरीय समिति (HPC) की सिफारिशों के आधार पर की गई निगरानी के बावजूद यह घटना घटित हुई है, तो इसका मतलब है कि या तो सिफारिशों में ही कोई मूलभूत समस्या थी, या फिर उन सिफारिशों पर ठीक से निगरानी की ही नहीं गई।

अदालत ने सॉलिसिटर जनरल (एसजी) मेहता से कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसमें पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर कोई भी ढिलाई स्वीकार्य नहीं है। सुनवाई के दौरान, डॉ. राधाकृष्णन ने अदालत को बताया कि उनकी समिति ने कुल 60 सुझाव दिए थे, जिनमें से अधिकांश को पहले ही लागू किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सुझाव अभी भी प्रक्रियाधीन हैं। डॉ. राधाकृष्णन ने दावा किया कि 2025 में होने वाली नीट यूजी परीक्षा संतोषजनक ढंग से आयोजित की गई थी, केवल कुछ केंद्रों में बिजली गुल होने जैसी छोटी-मोटी घटनाएं ही सामने आईं। उनके अनुसार, अन्यथा सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया और परीक्षा सफल रही। उन्होंने एनटीए को और अधिक मजबूत करने की सिफारिश भी की थी।

जवाबदेही तय हुए बिना समाधान संभव नहीं: जस्टिस नरसिम्हा
डॉ. राधाकृष्णन ने आगे कहा कि इस बार का मुख्य सवाल प्रश्न पत्रों में हेराफेरी का था, जिसके लिए कई उपाय लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि अगले महीने होने वाली री-नीट परीक्षा के लिए इन सभी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इस पर जस्टिस नरसिम्हा ने उनसे पूछा कि क्या समिति नियमित रूप से बैठकें करती है, जिसका जवाब उन्होंने ‘जी हां’ में दिया। जस्टिस नरसिम्हा ने जोर देकर कहा कि जब तक वास्तविक जवाबदेही तय नहीं हो जाती, तब तक असली समस्या का समाधान नहीं होगा।

सर्वोच्च अदालत ने इस दौरान संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कार्यप्रणाली का उदाहरण दिया और कहा कि यूपीएससी की परीक्षाओं में कभी कोई समस्या नहीं रही है। अदालत ने एनटीए को यह बात समझने की सलाह दी। एसजी ने सरकार की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा कि वे युवाओं से जुड़े मामलों को देख रहे हैं और सरकार इस बारे में बेहद गंभीर है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। इस पर सर्वोच्च अदालत ने टिप्पणी की कि यदि ऐसा हो रहा है तो यह अत्यंत दुखद है। अदालत ने यह भी कहा कि हमारी अधिकांश संस्थाओं की समस्या ‘तदर्थवाद’ (ad hocism) है, जहां ज्ञान का प्रसार नहीं होता। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्षमता व्यक्ति में नहीं, बल्कि संस्था में होनी चाहिए।

शिक्षा मंत्रालय से मांगा विस्तृत हलफनामा
जस्टिस नरसिम्हा ने अपने आदेश में दर्ज किया कि शिक्षा मंत्रालय (पूर्व में एचआरडी मंत्रालय) को एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करना होगा। इस हलफनामे में यह स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया और उसका समापन कैसे और किस प्रकार किया जाएगा। इसमें विशेषज्ञ कर्मियों की नियुक्ति और संस्थागत विविधता के माध्यम से निरंतरता की संस्थागत स्मृति को कैसे स्थापित किया जाए, इसकी भी जानकारी देनी होगी। अदालत का मुख्य प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के पास 2024 या 2026 की परीक्षाओं को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए पर्याप्त भौतिक और बौद्धिक संसाधन उपलब्ध हों। यह हलफनामा 2 जुलाई से पहले दाखिल किया जाना अनिवार्य है।

भारतीय पहलवानों का दमदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ

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भारतीय पहलवानों का दमदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ
वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। इस शानदार उपलब्धि पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय पहलवानों की जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पुरुष और महिला पहलवानों को इस ऐतिहासिक जीत के लिए हार्दिक बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने भारतीय दल के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि वियतनाम के दा नांग में आयोजित अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में हमारे पहलवानों ने असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पुरुषों की फ्रीस्टाइल और महिलाओं की कुश्ती टीमों ने इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में टीम खिताब जीते, जिससे देश का मान बढ़ा है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में विस्तार से बताया कि पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती टीम ने कुल नौ पदक हासिल किए, जिनमें चार स्वर्ण पदक शामिल थे। यह उपलब्धि अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप के इतिहास में भारत द्वारा जीते गए अब तक के सबसे अधिक कुल पदकों का एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह, महिला कुश्ती टीम ने भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दस पदक अपने नाम किए, जिनमें छह स्वर्ण पदक शामिल थे। ग्रीको-रोमन टीम ने भी पीछे नहीं रहते हुए आठ पदकों के साथ अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का रिकॉर्ड बनाया। प्रधानमंत्री ने सभी पदक विजेता पहलवानों को बधाई दी और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

पीएम मोदी ने WFI अध्यक्ष को भी दी बधाई
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष संजय सिंह ने भी भारतीय पहलवानों की इस शानदार सफलता पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप की ट्रॉफी जीतना भारतीय कुश्ती के लिए एक बड़ी कामयाबी है और यह पूरे देश के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। संजय सिंह ने फ्रीस्टाइल पहलवानों की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे शीर्ष कुश्ती देशों से आगे रहने के लिए जबरदस्त इरादा और तकनीकी बेहतरी का प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तीनों स्टाइल में, हमारे एथलीटों ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय कुश्ती का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने इस ऐतिहासिक जीत को संभव बनाने के लिए सभी पदक विजेताओं, कोचों और सपोर्ट स्टाफ को दिल से बधाई दी।

अंडर-23 चैंपियनशिप में भारत ने जीते कुल 27 पदक
अंडर-23 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रदर्शन वास्तव में यादगार रहा। टीम ने फ्रीस्टाइल कुश्ती के क्षेत्र में किर्गिस्तान और कजाकिस्तान जैसे मजबूत कुश्ती राष्ट्रों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में किर्गिस्तान दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कजाकिस्तान ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। भारतीय टीम ने फ्रीस्टाइल में इस ऐतिहासिक जीत के साथ अपने कॉन्टिनेंटल कैंपेन का शानदार अंत किया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान, भारतीय दल ने फ्रीस्टाइल, महिला कुश्ती (रेसलिंग) और ग्रीको-रोमन कैटेगरी में कुल 27 पदक जीते, जिनमें 11 स्वर्ण, सात रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के बढ़ते कद और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है।

मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र को फोरलेन की सौगात, सिवनी-छिंदवाड़ा-सावनेर कॉरिडोर से बढ़ेगा विकास

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मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र को फोरलेन की सौगात, सिवनी-छिंदवाड़ा-सावनेर कॉरिडोर से बढ़ेगा विकास
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सड़क संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ी सौगात दी है। सिवनी-छिंदवाड़ा-सावनेर फोरलेन परियोजना मध्य भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन आधुनिक, सुरक्षित और उच्च क्षमता वाला हो सकेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-547 और राष्ट्रीय राजमार्ग-347 के तहत प्रस्तावित इस परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है।

लगभग 158 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का मुख्य लक्ष्य महाराष्ट्र के सावनेर और नागपुर के औद्योगिक क्षेत्रों को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, सिवनी और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से सीधे जोड़ना है। यह मार्ग अभी भी दोनों राज्यों के बीच यातायात, औद्योगिक परिवहन, कृषि व्यापार और पर्यटन के लिए एक अहम कड़ी है, लेकिन लगातार बढ़ते यातायात, औद्योगिक विकास, भारी वाहनों की संख्या और सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए इसका चार लेन में उन्नयन बेहद जरूरी हो गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह कॉरिडोर मध्य भारत के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और लॉजिस्टिक मार्गों में से एक बन जाएगा।

परियोजना से मिलेगी आर्थिक, औद्योगिक और व्यापारिक संबंधों को नई दिशा
यह सिवनी–छिंदवाड़ा–सावनेर कॉरिडोर सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच आर्थिक, औद्योगिक और व्यापारिक संबंधों को एक नई दिशा देने वाला मार्ग है। यह कॉरिडोर महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक केंद्र नागपुर और सावनेर को छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर और मध्य भारत के अन्य क्षेत्रों से जोड़ेगा। सावनेर क्षेत्र कोयला उत्पादन और ऊर्जा परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, वहीं छिंदवाड़ा क्षेत्र WCL की कोयला खदानों, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के कारण रणनीतिक रूप से अहम है। बोरगांव औद्योगिक क्षेत्र में टेक्सटाइल, केमिकल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग से जुड़े कई उद्योग चल रहे हैं, और यहां टेक्सटाइल पार्क व मल्टी प्रोडक्ट औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। फोरलेन बनने के बाद महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश की ओर माल का परिवहन बहुत तेज और सुगम हो जाएगा। इससे उद्योगों, कृषि उत्पादों, खनिज संसाधनों और व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी, जिससे दोनों राज्यों की आर्थिक गतिविधियों को एक नई गति मिल सकेगी। माल परिवहन की लागत और समय में कमी आएगी, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और नए निवेश व औद्योगिक विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। यह परियोजना दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

छिंदवाड़ा और नागपुर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी
इस फोरलेन परियोजना से छिंदवाड़ा और नागपुर के बीच कनेक्टिविटी को भी काफी बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में इन दोनों शहरों के बीच यात्रा में भारी वाहनों का दबाव, सीमित सड़क क्षमता और धीमी गति की समस्या यात्रियों और व्यापारियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। फोरलेन के निर्माण के बाद नागपुर से छिंदवाड़ा की यात्रा अधिक तेज और सुगम हो जाएगी। इससे नागपुर के औद्योगिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क को मध्य प्रदेश के अंदरूनी क्षेत्रों से बेहतर जुड़ाव मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार से जुड़े लोगों को आवागमन में बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। नागपुर एयरपोर्ट और क्षेत्रीय लॉजिस्टिक नेटवर्क तक आसान पहुंच से आर्थिक गतिविधियों को भी नई मजबूती मिलने की पूरी संभावना है।

परियोजना से मिलेगी यात्रियों को बड़ी राहत, सुगम और सुरक्षित होगी यात्रा
यात्रियों को भी इस परियोजना से बड़ी राहत मिलेगी, उनकी यात्रा सुगम, तेज और सुरक्षित हो जाएगी। फिलहाल, छिंदवाड़ा से सिवनी, नागपुर और आसपास के इलाकों की यात्रा करने वाले लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह मार्ग ज्यादातर दो लेन या सीमित क्षमता वाला है, जबकि भारी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोयला परिवहन, औद्योगिक ट्रैफिक और लंबी दूरी के मालवाहक वाहनों के कारण कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। ओवरटेकिंग की सीमित सुविधा और सड़क की कम चौड़ाई दुर्घटनाओं की आशंका को भी बढ़ाती है। शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में ज्यादा यातायात दबाव से स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में भी मुश्किल होती है। बारिश के समय सड़क की हालत और बिगड़ जाती है, जिससे यात्रा का समय बढ़ जाता है और परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ता है। फोरलेन बनने के बाद नागपुर, छिंदवाड़ा और सिवनी के बीच यातायात का प्रवाह अधिक व्यवस्थित हो जाएगा, जाम की स्थिति कम होगी और लंबी दूरी के यात्रियों व व्यापारिक वाहनों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। इससे यात्रा के समय में काफी कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और परिवहन दक्षता में सुधार होगा।

पर्यटन और इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन और इको-टूरिज्म को भी इस फोरलेन से बड़ा लाभ मिलेगा। यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है, जिनमें पेंच नेशनल पार्क, तामिया, पचमढ़ी, देवगढ़ किला, जाम सांवली हनुमान मंदिर और छिंदवाड़ा-सिवनी के प्राकृतिक वन क्षेत्र शामिल हैं। फिलहाल, सड़क की सीमित क्षमता और खराब यातायात की वजह से पर्यटकों को लंबा यात्रा समय, जाम और असुविधा झेलनी पड़ती है। फोरलेन बनने के बाद इन पर्यटन स्थलों तक पहुंच अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी। इससे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच पर्यटन का संपर्क और मजबूत होगा। घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, ट्रैवल, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय व्यापार को लाभ मिलेगा, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इको-टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन को भी एक नई गति मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।

सड़क सुरक्षा को भी इस परियोजना की डीपीआर में प्रमुखता से शामिल किया गया है, क्योंकि वर्तमान में यह कॉरिडोर कई सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। यातायात घनत्व, दुर्घटना संभावित स्थानों, शहरी क्षेत्रों में बढ़ते दबाव और भविष्य की यातायात जरूरतों का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। इस परियोजना में जरूरत के हिसाब से फ्लाईओवर, अंडरपास, सर्विस रोड, जंक्शन सुधार, ज्योमेट्रिक करेक्शन, पैदल यात्री सुरक्षा सुविधाएं, आधुनिक साइनेज और रोड मार्किंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, ब्लैकस्पॉट सुधार, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, ड्रेनेज व्यवस्था और रोड सेफ्टी बैरियर जैसे जरूरी सुरक्षा उपायों को भी डीपीआर में शामिल किया जाएगा, ताकि भविष्य की यातायात जरूरतों के हिसाब से यह कॉरिडोर अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बन सके। इन प्रावधानों से दुर्घटनाओं में कमी आएगी, यातायात संचालन सुचारु होगा और यात्रियों को सुरक्षित व बेहतर यात्रा का अनुभव मिल सकेगा।

NH-44 और NH-47 से जुड़कर कई प्रमुख शहरों के बीच बढ़ेगा तेज संपर्क
सिवनी-छिंदवाड़ा-सावनेर कॉरिडोर मध्य भारत के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है। यह मार्ग NH-44, NH-47 और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़कर नागपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, जबलपुर, बैतूल और सागर जैसे शहरों के बीच तेज संपर्क सुनिश्चित करेगा। यह कॉरिडोर महाराष्ट्र के औद्योगिक क्षेत्र नागपुर को मध्य प्रदेश के वन, खनन, कृषि और पर्यटन क्षेत्रों से जोड़ता है। भविष्य में यह मार्ग NH-44 पर यातायात दबाव कम करने में मदद करते हुए एक वैकल्पिक उत्तर-दक्षिण संपर्क कॉरिडोर के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह परियोजना मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आर्थिक और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) देशभर में आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। सिवनी–छिंदवाड़ा–सावनेर फोरलेन परियोजना भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच मजबूत कनेक्टिविटी स्थापित करना, क्षेत्रीय विकास को गति देना और उद्योग, व्यापार, पर्यटन व आम नागरिकों के लिए बेहतर परिवहन सुविधा सुनिश्चित करना है। डीपीआर का काम पूरा होने के बाद यह परियोजना मध्य भारत की कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देगी। आने वाले समय में यह कॉरिडोर सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक जुड़ाव की एक नई विकास धुरी के रूप में उभरेगा।

“रणवीर सिंह पर नहीं लगा बैन” FWICE के अधिकारियों का कहना- हम कोई कोर्ट नहीं

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“रणवीर सिंह पर नहीं लगा बैन” FWICE के अधिकारियों का कहना- हम कोई कोर्ट नहीं
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह इस समय सोशल मीडिया पर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। दरअसल, फरहान अख्तर के साथ फिल्म डॉन 3 को लेकर जो मामला सामने आया है। उसके बाद FWICE ने यह ऐलान कर दिया था कि संगठन का कोई भी व्यक्ति रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेगा। इसके बाद यह कहा जाने लगा था कि अब 3 साल तक रणवीर काम नहीं कर पाएंगे।

जब सोशल मीडिया पर यह बात सामने आई की फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलाइज की तरफ से रणवीर सिंह को बैन किया गया है। उसके बाद यूजर्स तरह-तरह के सवाल करने लगे। लोगों का कहना था कि धुरंधर और धुरंधर 2 से रणवीर सिंह को जो फेम मिला है उसे तबाह करने के लिए साजिश की जा रही है। इस बीच अब FWICE को इस मामले में सफाई देते हुए देखा गया।

FWICE का क्या कहना
इस मामले में फेडरेशन के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने की ईटाइम्स से हुई बातचीत में बताया कि हमने रणवीर सिंह पर किसी तरह का बैन नहीं लगाया है। हम कोई कोर्ट नहीं है जो किसी को कम करने से रोक सकेंगे। हमें केवल एक नॉन को-ऑपरेशन नोटिस जारी किया है। जिसमें यह कहा गया है कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता तब तक कोई भी एक्टर के साथ काम ना करें। भविष्य में अगर कोई सदस्य अपनी मर्जी से उनके साथ काम करना चाहता है तो कर सकता है। उन्होंने कहा कि रणवीर सिंह के Don 3 छोड़ने की वजह से फरहान अख्तर को बहुत नुकसान हुआ है। इतना बड़ा नुकसान होगा तो कोई भी फिल्म मेकर अपनी जान दे देगा।

रणवीर ने छोड़ी डॉन
FWICE के पंडित ने कहा कि इतना बड़ा नुकसान खेलना बहुत बड़ी बात है। हमने तीन बार उन्हें अप्रोच करने की कोशिश की थी लेकिन उनकी तरफ से कोई रिस्पांस नहीं आया। फरहान और रणवीर के बीच 45 करोड रुपए को लेकर बात होनी है। इस समय रणवीर ने डॉन 3 छोड़ी थी उसे समय फरहान विदेश में फिल्म की शूटिंग पर करोड़ों रुपए खर्च कर चुके थे। शूटिंग शुरू होने के तीन हफ्ते में उन्होंने फिल्म छोड़ी है।

क्या है मामला
बता दें कि रणवीर सिंह ने डॉन 3 की शूटिंग शुरू होने के बाद अचानक इस प्रोजेक्ट को छोड़ दिया जिसकी वजह से निर्माता परेशानी में आ गए हैं। इस बारे में अशोक पंडित का कहना है कि कलाकारों का प्रोजेक्ट छोड़ देना निर्माता के लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर सकता है। वह यह कहते नजर आए कि हर प्रोडक्शन हाउस एक्सेल इंटरटेनमेंट जितना आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होता और करोड़ों का नुकसान उठाने की स्थिति में नहीं रहता। इस मामले में भ प्रोडक्शन पर हुए सभी खर्च का ब्यौरा पेश किया गया है। इसमें होटल बुकिंग से लेकर लोकेशन बुकिंग और 200 कर्मचारियों की विदेश यात्रा की बुकिंग शामिल है। इस मामले में फरहान अख्तर ने पहले IFTDA से से संपर्क किया। इसके बाद 11 मई को FWICE को इसकी शिकायत की गई। मामला कैसे सुलझता है यह तो आने वाले दिनों में पता चलेगा लेकिन यह साफ हो गया है कि रणवीर के काम पर इसका कोई असर नहीं होने वाला है।

ग्रहों के गोचर से रिश्तों में आएगा नया मोड़, जानें प्यार बढ़ेगा या तकरार

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ग्रहों के गोचर से रिश्तों में आएगा नया मोड़, जानें प्यार बढ़ेगा या तकरार
प्रेम और आपसी संबंधों के लिहाज से 29 मई 2026 का दिन बेहद खास रहने वाला है। ग्रहों का गोचर आज आपके व्यक्तिगत जीवन पर गहरा प्रभाव डालेगा। कुछ राशियों के लिए जहां आज पार्टनर के साथ नजदीकियां बढ़ाने का बेहतरीन मौका है, वहीं कुछ जातकों को अपनी वाणी और गुस्से पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी।

आज चंद्रमा और अन्य प्रमुख ग्रहों की स्थिति सभी राशियों के प्रेम जीवन को प्रभावित कर रही है। मिथुन और कुंभ राशि के जातकों को जहां भरपूर रोमांस और आनंद मिलेगा, वहीं तुला और मेष राशि वालों को आपसी अहंकार से बचना होगा। बातचीत में स्पष्टता और संयम आज आपके रिश्तों को और मजबूत बना सकता है।

मेष लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Aries Love Horoscope Today)
चंद्रदेव आज आपके सातवें भाव में गोचर कर रहे हैं। देखा जाए तो आज आपके रिश्ते ही आपके ध्यान का मुख्य केंद्र बने रहेंगे। आप अपने पार्टनर से मानसिक जुड़ाव और सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं। शादीशुदा जातक आज परिवार से जुड़े किसी जरूरी मामले पर चर्चा कर सकते हैं। सिंगल लोगों की मुलाकात सोशल मीडिया या किसी छोटी यात्रा के दौरान किसी खास से हो सकती है। ध्यान रहे, मंगलदेव आपके पहले भाव में विराजमान हैं। यह स्थिति कभी-कभी आपके बात करने के अंदाज को थोड़ा आक्रामक या डोमिनेटिंग बना सकती है। भावुक होकर प्रतिक्रिया देने से पहले सामने वाले की बात को ध्यान से सुनना आपके लिए बेहतर रहेगा।

वृषभ लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Taurus Love Horoscope Today)
आज के दिन आपके आपसी रिश्तों को थोड़े धैर्य और समझदारी की जरूरत पड़ सकती है। चंद्रदेव आज तुला राशि में होकर आपके छठे भाव (तनाव और बाधाओं का क्षेत्र) में रहेंगे। इस वजह से आज आपकी भावनात्मक गर्माहट में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है। मुमकिन है कि आप काम के बोझ या निजी तनाव में ज्यादा व्यस्त रहें। विशेष रूप से ध्यान रखें कि वर्कप्लेस की झुंझलाहट को अपने पर्सनल लाइफ में बिल्कुल न लाएं। शादीशुदा जातकों को घर के मामलों पर बहुत शांति से बातचीत करनी चाहिए। सिंगल जातक आज खुद को भावनात्मक रूप से थोड़ा भटका हुआ महसूस कर सकते हैं।

मिथुन लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Gemini Love Horoscope Today)
चंद्रदेव का पांचवें भाव (प्रेम और संतान का क्षेत्र) में होना आज आपकी रोमांटिक भावनाओं और अट्रैक्शन को बढ़ा रहा है। जो लोग पहले से रिलेशनशिप में हैं, वे आज गहरी और अर्थपूर्ण बातचीत का आनंद लेंगे। सिंगल जातकों का झुकाव किसी बुद्धिमान या क्रिएटिव स्वभाव के व्यक्ति की तरफ हो सकता है। आपका आकर्षण आज स्वाभाविक रूप से लोगों को आपकी ओर खींचेगा। हालांकि, रिश्तों में आपकी भावनात्मक उम्मीदें भी आज काफी बढ़ सकती हैं। खुद को संतुलित रखने का प्रयास करें और किसी भी तरह के बेवजह के इमोशनल ड्रामे से दूर रहें।

कर्क लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Cancer Love Horoscope Today)
आज आप अपने करीबी लोगों से भावनात्मक सुकून और अपनेपन की उम्मीद रख सकते हैं। चंद्रदेव आपके चौथे भाव (सुख और माता का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं। यह स्थिति करीबी रिश्तों में आपकी संवेदनशीलता को काफी बढ़ा सकती है। पार्टनर्स आज मिलकर पारिवारिक जिम्मेदारियों पर बात कर सकते हैं। भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए यह समय अच्छा है। सिंगल जातक आज अपने पुराने भावनात्मक संबंधों को याद करके थोड़े भावुक हो सकते हैं। छोटी-मोटी गलतफहमियों को दिल से लगाने से बचें। शांत रहकर बात करने से रिश्ते में मधुरता बनी रहेगी।

सिंह लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Leo Love Horoscope Today)
आज आपके रिश्तों में बातचीत की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होने वाली है। चंद्रदेव तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं, जो आपको खुलकर और ईमानदारी से अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए प्रेरित करेगा। कपल्स आज अपने भविष्य के प्लान्स या व्यावहारिक मामलों पर खुलकर चर्चा कर सकते हैं। सिंगल लोगों की बातचीत आज सोशल मीडिया, यात्रा या किसी कॉमन फ्रेंड के जरिए किसी नए व्यक्ति से शुरू हो सकती है। ध्यान रहे, राहु आपके सातवें भाव में बैठे हैं। यह संकेत देता है कि आपको दूसरों से बहुत ज्यादा अवास्तविक उम्मीदें लगाने से बचना चाहिए।

कन्या लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Virgo Love Horoscope Today)
आपके रिश्तों को आज थोड़े भावनात्मक तालमेल और समझदारी की जरूरत है। चंद्रदेव का गोचर आज आपके दूसरे भाव (परिवार और वाणी का क्षेत्र) में हो रहा है। यह स्थिति आपको परिवार और भविष्य की प्लानिंग से जुड़ी बातचीत करने के लिए प्रेरित करेगी। विवाहित जातक आज व्यावहारिक जिम्मेदारियों या आर्थिक मामलों पर चर्चा कर सकते हैं। सिंगल लोग आज किसी अस्थाई अट्रैक्शन के बजाय एक सुरक्षित और स्थाई रिश्ते की तलाश में रहेंगे। शनिदेव आपके सातवें भाव में विराजमान हैं, जो प्रेम के मामलों में धैर्य रखने का संकेत दे रहे हैं।

तुला लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Libra Love Horoscope Today)
आज आपके रिश्ते भावनात्मक रूप से काफी गहरे और संवेदनशील महसूस हो सकते हैं। चंद्रदेव आज आपकी ही राशि यानी पहले भाव में गोचर कर रहे हैं। इससे आपके भीतर प्यार और अटेंशन पाने की इच्छा थोड़ी बढ़ सकती है। कपल्स को आज किसी भी तरह के तनाव से बचने के लिए बातचीत में बहुत शांति रखनी होगी। मंगलदेव आपके सातवें भाव में बैठे हैं। यदि आज धैर्य की कमी रही, तो आपसी अहंकार का टकराव हो सकता है। सिंगल जातक आज आसानी से लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचेंगे। कोई भी नया कमिटमेंट करने से पहले मन में स्पष्टता होना बहुत जरूरी है।

वृश्चिक लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Scorpio Love Horoscope Today)
आज आप स्वभाव से थोड़े अंतर्मुखी या शांत रह सकते हैं। चंद्रदेव आज आपके बारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं, जिससे अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है। कपल्स को आज एक-दूसरे के प्रति धैर्य और आपसी समझ दिखाने की जरूरत होगी। बिना बातचीत किए खुद से कोई भी अंदाजा लगाने से बचें। सूर्यदेव आपके सातवें भाव में विराजमान हैं, जो यह संकेत देते हैं कि अगर बातचीत व्यावहारिक और शांत रहे, तो रिश्ते में मजबूती बनी रहेगी। सिंगल जातक आज अपने अतीत की यादों में खोए रह सकते हैं।

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धनु लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Sagittarius Love Horoscope Today)
बुधदेव, शुक्रदेव और बृहस्पतिदेव आज आपके सातवें भाव में एक साथ मौजूद हैं। ग्रहों का यह अद्भुत संयोग आपके रिश्तों में बेहतरीन आपसी संवाद और भावनात्मक तालमेल को सपोर्ट कर रहा है। कपल्स आज एक-दूसरे के साथ बेहद खुशनुमा और करीबी वक्त बिताएंगे। सिंगल लोगों की मुलाकात अपने फ्रेंड सर्कल या किसी बातचीत के माध्यम से किसी दिलचस्प व्यक्ति से हो सकती है। हालांकि, मंगलदेव आपके पांचवें भाव में बैठे हैं। यह स्थिति कभी-कभी आपको थोड़ा जल्दबाज बना सकती है। प्रेम के मामलों में कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें और बेवजह की बहस से दूर रहें।

मकर लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Capricorn Love Horoscope Today)
आज कामकाज की व्यस्तता आपका ज्यादा समय ले सकती है। इस कारण पार्टनर के लिए आपके पास वक्त की थोड़ी कमी हो सकती है। चंद्रदेव आपके दसवें भाव (कर्म का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं। यह स्थिति आपको थोड़ा गंभीर या भावनात्मक रूप से व्यस्त दिखा सकती है। कपल्स के लिए बेहतर होगा कि वे एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और शांति से बात करें। मंगलदेव आपके चौथे भाव में विराजमान हैं, जो सलाह देते हैं कि घर-परिवार में बेवजह के विवादों को तूल न दें। सिंगल जातकों का ध्यान आज रोमांस से ज्यादा अपने करियर गोल्स पर रहेगा।

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कुंभ लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Aquarius Love Horoscope Today)
बुधदेव, शुक्रदेव और बृहस्पतिदेव के आपके पांचवें भाव में होने से आपकी रोमांटिक लाइफ में आज बेहतरीन सकारात्मक ऊर्जा दिख रही है। कपल्स आज दिल को छू लेने वाली बातचीत और खूबसूरत बॉन्डिंग का आनंद उठाएंगे। सिंगल जातकों का झुकाव किसी ऐसे व्यक्ति की तरफ हो सकता है जो बुद्धिमान, रचनात्मक या आध्यात्मिक विचारों का हो। केतु आपके सातवें भाव से गोचर कर रहे हैं, जो यह संकेत देते हैं कि आपको अपने रिश्ते में पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए। प्रेम संबंधों में किसी भी तरह की गलतफहमी या धारणा बनाने से बचें।

मीन लव एंड रिलेशनशिप राशिफल (Pisces Love Horoscope Today)
आज आपका रिश्ता भावनात्मक रूप से काफी गहरा महसूस हो सकता है। चंद्रदेव आज आपके आठवें भाव में गोचर कर रहे हैं, जिससे आपकी भावनाएं और आपसी जुड़ाव और अधिक इंटेंस हो जाएगा। कपल्स आज कुछ संवेदनशील विषयों या मन में छिपी बातों पर खुलकर चर्चा कर सकते हैं। यह ईमानदारी आपके आपसी भरोसे को और मजबूत करेगी। सिंगल जातक आज किसी सतही अट्रैक्शन के बजाय गहरे और अर्थपूर्ण संबंधों की तरफ आकर्षित हो सकते हैं। ध्यान रखें, मन में किसी भी तरह का शक या बेवजह की ओवरथिंकिंग लाने से आपको बचना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बस में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ पहुंचे उज्जैन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव बस में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ पहुंचे उज्जैन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सादगी, मितव्ययिता और सुशासन के मंत्र को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में एक नई कार्य संस्कृति स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रशासनिक खर्चों में संयम और संसाधनों के संतुलित उपयोग को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित रखते हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक ही बस में सवार होकर इंदौर से उज्जैन तक की यात्रा की। इस दौरान सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्था के लिये केवल तीन अन्य वाहन ही साथ रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह पहल सादगीपूर्ण प्रशासन, ईंधन बचत और अनावश्यक खर्चों में कमी की दिशा में एक सकारात्मक संदेश है। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से जल गंगा संवर्धन अभियान सहित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनहित योजनाओं पर चर्चा भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्राचीन अहिल्या कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्राचीन अहिल्या कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्राचीन अहिल्या कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सभी से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल बचा कर भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत कबीरदास एवं संत रहीम के दोहों का उल्लेख करते हुए जल की महत्ता को सरल एवं प्रेरणादायी ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल को जीवन, संवेदना और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संरक्षण, तालाबों और कुंडों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन जल संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और जल गंगा संवर्धन अभियान से पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसहभागिता से ही जल संरक्षण के प्रयास सफल होंगे और आने वाले समय में प्रदेश जल समृद्धि की दिशा में नई पहचान बनाएगा।

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, गौरव रणदिवे, श्रवण सिंह चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। साथ ही पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, आईजी अनुराग, कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, डीआईजी मनोज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजेंद्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया के सामने लाना हमारा उद्देश्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया के सामने लाना हमारा उद्देश्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।

बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन

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मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

इस अवसर पर वित्तमंत्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।

मंगल ग्रह भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, 5 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

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मंगल ग्रह भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, 5 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क
वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, आक्रामकता, महत्वाकांक्षा और कार्रवाई का प्रतीक माना गया है। 29 मई 2026 को मंगल अपनी ही राशि मेष में रहते हुए ‘भरणी नक्षत्र’ में प्रवेश करने जा रहे हैं।

भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। जब मंगल जैसे उग्र ग्रह का प्रवेश शुक्र के स्वामित्व वाले नक्षत्र में होता है, तो यह अत्यधिक जुनून, तीव्र भावनात्मक दबाव और जल्दबाजी में निर्णय लेने की प्रवृत्ति को जन्म देता है। भरणी नक्षत्र ‘परिवर्तन’ और ‘छिपे हुए दबाव’ का प्रतीक है।

सावधानी बरतने वाली राशियां और प्रभाव
1. मेष राशि: ऊर्जा का अतिरेक और धैर्य की परीक्षा
मंगल का गोचर आपके प्रथम भाव (लग्न) में हो रहा है, जिससे आप अत्यधिक ऊर्जावान और आक्रामक महसूस करेंगे। आपके भीतर स्थिति को नियंत्रित करने और तुरंत परिणाम पाने की तीव्र इच्छा होगी।
प्रभाव: गुस्से और जल्दबाजी के कारण रिश्तों में और करियर में टकराव हो सकता है। शारीरिक चोट या सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या न करें: आक्रामक भाषा का प्रयोग और जोखिम भरा व्यवहार।
उपाय: “ओम मंगलाय नमः” का जाप करें और भगवान हनुमान की पूजा करें।

2. कर्क राशि: कार्यस्थल पर दबाव और मानसिक थकावट
मंगल आपके दशम भाव (करियर और ख्याति) को सक्रिय कर रहा है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियों का बोझ और ऑफिस पॉलिटिक्स के कारण आप मानसिक रूप से थका हुआ महसूस कर सकते हैं।
प्रभाव: अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ अनबन हो सकती है। क्रोध में आकर करियर से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला न लें।
क्या न करें: तनाव को व्यक्तिगत रूप से लेना और कार्यस्थल पर भावुक प्रतिक्रिया देना।
उपाय: ध्यान (Meditation) का अभ्यास करें और बातचीत में शांति बनाए रखें।

3. कन्या राशि: अष्टम भाव और गुप्त तनाव
मंगल आपके अष्टम भाव में प्रवेश कर रहे हैं, जो अचानक आने वाली बाधाओं और मानसिक दबाव का संकेत है। छिपी हुई चिंताएं और लंबित कार्यों को लेकर बढ़ती निराशा आपको परेशान कर सकती है।
प्रभाव: वित्तीय चिंताएं और स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। भावनाओं का अति-विश्लेषण (over-analysis) करना आपके लिए हानिकारक होगा।
क्या न करें: जोखिम भरे निवेश और अनावश्यक तनाव।
उपाय: नियमित ध्यान करें और मंगल के मंत्रों का प्रतिदिन जाप करें।

4. तुला राशि: संबंधों में तनाव और अहम का टकराव
मंगल आपके सप्तम भाव (साझेदारी और विवाह) को प्रभावित कर रहे हैं। व्यक्तिगत और व्यावसायिक रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। संचार में धैर्य न रखने से गलतफहमियां जल्दी पैदा होंगी।
प्रभाव: जीवनसाथी या व्यापारिक पार्टनर के साथ ईगो क्लैश (अहम का टकराव) हो सकता है।
क्या न करें: अहंकार दिखाना और भावनात्मक निर्णय लेना।
उपाय: मंगलवार के दिन मिठाई का दान करें और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।

5. वृश्चिक राशि: प्रतिस्पर्धा और कार्यभार
मंगल आपकी राशि के स्वामी हैं और अब छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। यह स्थिति प्रतिस्पर्धा और कार्यभार बढ़ाएगी। चुनौतियों को संभालते समय आप अधिक आक्रामक हो सकते हैं।
प्रभाव: कार्यस्थल पर टकराव और स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी परेशानियां। यह समय अनुशासन और धैर्य का है।
क्या न करें: आक्रामक संचार और खुद को ओवरवर्क करना।
उपाय: अपनी दिनचर्या में अनुशासन रखें और भगवान हनुमान की आराधना करें।