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IRCTC की नई बीटा वेबसाइट लॉन्च, बदला टिकट बुकिंग का अंदाज

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IRCTC की नई बीटा वेबसाइट लॉन्च, बदला टिकट बुकिंग का अंदाज
रेल मंत्री ने छात्रों से किया अपना वादा तय समय पर पूरा कर दिया है। यात्रियों को बेहतर टिकट बुकिंग अनुभव देने के लिए आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन बुधवार को लॉन्च कर दिया गया। नई वेबसाइट को यूजर्स के लिए ट्रायल के तौर पर उपलब्ध कराया गया है, ताकि यात्री इसके नए डिजाइन और सुविधाओं का अनुभव लेकर अपने सुझाव दे सकें।

आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट को यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें आसान नेविगेशन, साफ-सुथरा इंटरफेस और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। वेबसाइट में किए गए सुधारों के सुझाव मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों ने रेल मंत्री के साथ बातचीत के दौरान दिए थे।

आईआरसीटीसी वेबसाइट की शुरुआत साल 2002 में हुई थी और फिलहाल इस पर रोजाना औसतन करीब 14.5 लाख टिकट बुक होते हैं। नई वेबसाइट में चार बड़े बदलाव किए गए हैं।

ICC ने वेस्टइंडीज के लिए पास किया लोन

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ICC ने वेस्टइंडीज के लिए पास किया लोन
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने वेस्टइंडीज क्रिकेट में सुधार के लिए बड़ा लोन पास किया है. स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबरा में जय शाह की अध्यक्षता में हुई आईसीसी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस लोन को मंजूरी दी गई. लोन की रकम 12.82 मिलियन अमेरिकी डॉलर है. अगर इस रकम को भारतीय पैसों में तब्दील किया जाए तो करीब 123 करोड़ रुपये बनते हैं.

यह लोन बोर्ड को जरूरी आर्थिक मदद देगा. वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड घटती कमाई, खत्म होते कैश रिजर्व और 2026 में होने वाले एक और बड़े नुकसान की आशंका से जूझ रहा है. आईसीसी ने लोन देते वक्त कहा कि ‘यह सदस्य बोर्ड के समर्थन करने के लिए है.’
लोन चुकाने पर कोई खुलासा नहीं

हालांकि गौर करने वाली बात यह है कि लोन चुकाने की अवधि, ब्याज दर, सिक्योरिटी से जुड़े इंतजाम या फंडिंग से जुड़ी शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड आईसीसी के जरिए दिए गए लोन को किस तरह से अपने क्रिकेट में सुधार के लिए इस्तेमाल करता है. यह पहला मौका नहीं है कि जब वेस्टइंडीज क्रिकेट की आर्थिक मदद की गई हो, इससे पहले भी कई बार बोर्ड को इस तरह की मदद मिल चुकी है.
मुश्किल में वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड

वेस्टइंडीज क्रिकेट इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. 30 सितंबर 2025 को खत्म हुए साल के लिए क्रिकेट वस्टइंजडीज के ऑडिट किए गए खातों में 28.14 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 270 करोड़ रुपये) का ऑपरेटिंग लॉस दिखाया गया. पिछले फाइनेंशियल ईयर में बोर्ड ने 23.12 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 222 करोड़ रुपये) का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया था.

बोर्ड का रेवेन्यू 2024 में 88.35 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 850 करोड़ रुपये) से घटकर 2025 में 40.89 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 393 करोड़ रुपये) हो गया. यह 53 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही. इसके अलावा टूर और टूर्नामेंट से जुड़े खर्च 36.85 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 354 करोड़ रुपये) से बढ़कर USD 41.59 मिलियन (करीब 400 करोड़ रुपये) हो गए.

वृंदावन में श्रद्धालु बाबा के घर 2.90 करोड़ की चोरी का खुलासा

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वृंदावन में श्रद्धालु बाबा के घर 2.90 करोड़ की चोरी का खुलासा
वृंदावन में प्रभु भक्ति के लिए गुजरात से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु की उम्रभर की जमा-पूंजी चुराने वाले चार शातिर चोरों को मथुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। थाना जैंत पुलिस और सर्विलांस टीम ने करीब 2.90 करोड़ की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों के कब्जे से 2.60 करोड़ से अधिक की नकदी, चोरी के पैसों से खरीदी गई फॉक्सवैगन लग्जरी कार, सोने-चांदी के आभूषण, महंगे मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है।

गुजरात से वृंदावन आए थे भक्ति करने
पीड़ित राकेश प्रजापति मूल रूप से गुजरात के गांधीनगर के रहने वाले हैं। करीब 18 वर्ष पहले पत्नी के निधन के बाद वे अकेले रह रहे थे। उनका बेटा मानव प्रजापति पिछले चार महीने से वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दीक्षा लेकर भक्ति कर रहा है।

बेटे के वृंदावन आने के बाद राकेश प्रजापति ने गुजरात में अपनी संपत्तियां, जिनमें मकान, दुकान और वाहन शामिल थे, बेच दीं और वृंदावन के सुनरख क्षेत्र में फ्लैट खरीदकर स्थायी रूप से रहने लगे। उन्होंने अपनी पूरी जमा-पूंजी नकद रूप में घर में रखी हुई थी।

रची करोड़ों की चोरी की साजिश
पुलिस के अनुसार, बाबा के पड़ोस में गेस्ट हाउस चलाने वाले आलोक और राजन ने पहले उनसे नजदीकियां बढ़ाईं। जब उन्हें बाबा के पास रखी भारी नकदी की जानकारी मिली तो उन्होंने अपने साथी हिरेन और प्रेम सागर के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई।

यूपी में 32 हजार से अधिक पदों पर होगी अध्यापकों की भर्ती

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यूपी में 32 हजार से अधिक पदों पर होगी अध्यापकों की भर्ती
प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में 81,821 शिक्षक पद रिक्त हैं। इन रिक्तियों को भरने के लिए शिक्षा विभाग ने 32,700 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।

बेसिक शिक्षा विभाग नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में 11,508 सहायक अध्यापक पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेज चुका है। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग 2,643 प्रधानाध्यापक पदों का अधियाचन पहले ही आयोग को भेज चुका है।

इसके अलावा विभाग करीब 16 हजार सहायक अध्यापक और लगभग 2,600 प्रवक्ता पदों का अधियाचन भी जल्द भेजने की तैयारी में है। ऐसे में दोनों विभागों में कुल मिलाकर 32,700 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की संभावना है।

हाल ही में शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई परियोजना अनुमोदन बोर्ड (पीएबी) की बैठक में शिक्षक पदों की रिक्तियों का मुद्दा प्रमुखता से उठा।

रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश में प्राथमिक (एलिमेंट्री) स्तर पर स्वीकृत 2,50,488 पदों में से 77,400 पद रिक्त हैं, जबकि माध्यमिक स्तर पर स्वीकृत 11,083 पदों में से 4,421 पद खाली हैं।

इस प्रकार कुल 81,821 शिक्षक पद रिक्त हैं। इन रिक्तियों पर चिंता जताते हुए जल्द से जल्द नियुक्तियां पूरी कर विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध कराने की सलाह दी गई।

बेसिक शिक्षा विभाग का कहना है कि प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात क्रमशः 19:1 और 21:1 है, जो शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के निर्धारित मानकों से बेहतर है। फिलहाल अब प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारियां भी आगे बढ़ रही हैं।

आजीविका मिशन से लेकर महिला एवं बाल विकास विकास विभाग को मिली टेक होम राशन की जिम्मेदारी – एमपी कैबिनेट

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आजीविका मिशन से लेकर महिला एवं बाल विकास विकास विभाग को मिली टेक होम राशन की जिम्मेदारी – एमपी कैबिनेट
सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग हुई है। कैबिनेट में प्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले हुए हैं। एमपी कैबिनेट ने जन-कल्याण के लिए कुल 10 हजार 800 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी है। साथ ही सहरों के कायाकल्प के लिए 8445 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। मूंग उपार्जन के लिए भी सरकार ने राशि की मंजूरी दी है।

कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना
कैबिनेट ने राजगढ़ में जल संसाधन विभाग की कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 245 करोड़ 45 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। राजगढ़ जिले में निर्मित यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है।

मूंग उपार्जन के लिए राशि मंजूरी
कैबिनेट ने रबी वर्ष 2023-24 विपणन वर्ष 2024-25 में भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम अन्तर्गत लक्ष्य से अधिक उपार्जित मूंग के लिए 1,587 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया है। निर्णय अनुसार पंजाब नेशनल बैंक से ली गई साख सीमा में 19 जुलाई 2026 से 18 जनवरी 2027 तक 6 माह की अवधि के लिए शेष राशि 396 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति और भारतीय स्टेट बैंक से ली गई साख सीमा में 3 जुलाई 2026 से 2 जुलाई 2027 तक 1 वर्ष की अवधि के लिए शेष राशि 1,191 करोड़ रुपये की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मे टेक होम राशन
वहीं, कैबिनेट ने टेक होम राशन की जिम्मेदारी आजीविका मिशन से वापस ले ली है। इसे महिला एवं बाल विभाग को दे दिया है। तात्कालिक रूप से अंतरिम व्यवस्था के रूप में स्व सहायता समूह से पूरक पोषण आहार प्रदाय के लिए विभाग को अधिकृत किया गया है। भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने के बाद विभाग स्थायी व्यवस्था स्थापित करेगा।

शहरों का होगा कायाकल्प

कैबिनेट ने वाणिज्य कर विभाग के तहत पालिका अधिनियम अंतर्गत पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के अधिभार से प्राप्त राशि का निधि में अंतरण से संबंधित योजना के आगामी 5 वर्षों तक संचालन के लिए 8 हजार 445 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। पालिका अधिनियम अंतर्गत मुदांक शुल्क के साथ मप्र नगर पलिका-नगर निगम अतिरिक्त शुल्क के रूप में उद्ग्रहीत की गई राशि को नगरीय विकास विभाग को अंतरित किया जाता है। इस राशि का उपयोग नगर निगम, नगर पलिका और नगर परिषद द्वारा नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उपयोग किया जाएगा।

वाणिज्यिक कर विभाग के लिए राशि स्वीकृत
कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित तीन स्थापना योजनाओं को आगामी 5 वर्षों की अवधि यानि वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए कुल राशि 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार मुख्यालय संचालन के लिए 60 करोड़ 81 लाख रुपये जिला कार्यालय संचालन के लिए 434 करोड़ 81 लाख रुपये और परिक्षेत्रीय कार्यालय के संचालन के लिए 25 करोड़ 42 लाख रुपये स्वीकृत किए गए है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जल संसाधन मंत्री सिलावट ने अभियान की उपलब्धियां पर आधारित पुस्तिका की भेंट

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जल संसाधन मंत्री सिलावट ने अभियान की उपलब्धियां पर आधारित पुस्तिका की भेंट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जल संरक्षण एवं जल संवर्धन की परिकल्पना के अनुरूप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया। अभियान के तृतीय चरण अंतर्गत प्रदेश के गांव-गांव, नगर-नगर में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य जन सहयोग से व्यापक रूप से कराए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मंगलवार को मंत्रालय में अभियान अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यों से संबंधित पुस्तिका भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की सफलता के लिए मंत्री सिलावट और विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा भी उपस्थित थे।

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश में गत 3 वर्षों से यह अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत वर्षा काल के पूर्व जल स्त्रोतों की साफ सफाई, जीर्णोद्धार एवं आवश्यक मरम्मत के कार्य कराए गए, जिससे वर्षा काल में इनमें पर्याप्त मात्रा में जल संग्रहण हो सके। अभियान में समाज के हर वर्ग का सहयोग लिया गया तथा इसे जनआंदोलन का रूप दिया गया। इस वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरूआत 19 मार्च को इंदौर से कर निरन्तर 30 जून तक चलाया गया।

जल संसाधन मंत्री सिलावट ने बताया कि अभियान अंतर्गत प्रमुख रूप से जल संसाधन विभाग द्वारा विभागीय जल स्रोतों के समीप की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना, नहरों की साफ-सफाई, सुदृढ़ीकरण एवं सोंदर्यीकरण, जल संरचनाओं के किनारे फैंसिंग एवं पौध-रोपण, तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो, घाट मरम्मत, लघु सिंचाई परियाजनाओं के फ्लशबार एवं स्लूस मरम्मत, स्टॉप डैम, बैराज, वियर, गेट मरम्मत, जलाशयों में रिसाव रोकने के लिए आवश्यक मरम्मत आदि कार्य कराए गए। विभाग द्वारा अभियान के अंतर्गत कुल 5970 कार्य कराए गए, जिनमें सभी 9 कछारों में लघु सिंचाई परियोजनाओं के 531 कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. जोशी जी की जयंती पर किया नमन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. जोशी जी की जयंती पर किया नमन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी की जयंती पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कैलाश जोशी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि जोशी कुशल संगठनकर्ता और समाजसेवी थे, स्व. जोशी उन्होंने 1962 में बागली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक यात्रा प्रारंभ की। ने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सहित अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलता से निर्वाहन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. कैलाश जोशी का जीवन सादगी, शुचिता, जनसेवा और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। प्रदेश के विकास और जनकल्याण के प्रति उनका अमूल्य योगदान सदैव प्रेरणादायी और स्मरणीय रहेगा। राज्य सरकार उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्षों की जयंती एवं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम की पहल सराहनीय है। पुष्पांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष तोमर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री स्व. जोशी के पुत्र एवं पूर्व मंत्री दीपक जोशी सहित परिजन उपस्थित थे।

लोकतंत्र की पाठशाला बना विधानसभा परिसर: शकुंतला विद्यालय के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही का किया अवलोकन

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लोकतंत्र की पाठशाला बना विधानसभा परिसर: शकुंतला विद्यालय के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही का किया अवलोकन
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान आज विधानसभा परिसर लोकतंत्र की पाठशाला बन गया, जब भिलाई स्थित शकुंतला विद्यालय के ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं का दल शैक्षणिक भ्रमण पर विधानसभा पहुंचा। विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय परंपराओं को निकट से समझने का अवसर प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की आकांक्षाओं को सदन में अभिव्यक्त करने की सतत प्रक्रिया है। विधानसभा में जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा होती है और जनता के कल्याण के लिए नीतियां एवं कानून बनाए जाते हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने विद्यार्थियों से अध्ययन के साथ-साथ संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने, संविधान के प्रति सम्मान विकसित करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव तथा विधायक रिकेश सेन भी उपस्थित थे।

शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही को दर्शक दीर्घा से देखा और प्रश्नकाल, विभिन्न विषयों पर चर्चा तथा संसदीय प्रक्रियाओं को निकट से समझा। उन्होंने विधानसभा भवन की संरचना, कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त कीं।

विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि पुस्तकों में पढ़ी गई संसदीय व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर उनके लिए विशेष रहा। उन्होंने कहा कि इससे लोकतंत्र, संविधान और जनप्रतिनिधियों की भूमिका के प्रति उनकी समझ और अधिक विकसित हुई है।

लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी पहुंचे, जहां उन्होंने विश्वविख्यात पंडवानी गायिका, पद्मश्री, पद्मभूषण एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पैतृक गृह ग्राम गनियारी में आयोजित इस शोकसभा में मुख्यमंत्री ने स्व. डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया तथा शोकसंतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर स्व. डॉ. तीजन बाई के पुत्र दिलहरण पारधी तथा परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और उन्हें ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा, अद्भुत साधना और पंडवानी की कापालिक शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई का योगदान आने वाली पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित करता रहेगा। स्व. डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोककला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित रहा। उन्होंने पंडवानी को विश्व मंच तक पहुंचाकर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी कला, साधना और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण स्व. डॉ. तीजन बाई के नाम पर किया जाएगा, ताकि इस क्षेत्र के विद्यार्थी उनके जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने यह कहा कि लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को राज्य सरकार द्वारा चिरस्थायी रखते हुए उनकी जीवनभर की कला-साधना के प्रतीक रहे तंबूरे को रायपुर के संग्रहालय में पूरे सम्मान के साथ संरक्षित रखा जाएगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियां उनकी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

श्रद्धांजलि सभा को सांसद विजय बघेल, प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल तथा विधायक पद्म अनुज शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने स्व. डॉ. तीजन बाई के व्यक्तित्व, कृतित्व और लोककला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उन्हें सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर पद्म आर.एस. बारले, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित अन्य गणमान्यजन, छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे कलाकार, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

विधानसभा परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0‘ अभियान के तहत हुआ वृहद पौधरोपण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा

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विधानसभा परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0‘ अभियान के तहत हुआ वृहद पौधरोपण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान आज विधानसभा परिसर हरियाली, जनभागीदारी और मातृ सम्मान के भाव से सराबोर नजर आया। श्एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान के अंतर्गत आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप सहित विधानसभा के सभी सदस्यों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। यह संकल्प केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रकृति के संरक्षण, मातृत्व के सम्मान और आने वाली पीढि़यों के लिए सुरक्षित एवं हरित भविष्य के निर्माण का सामूहिक संकल्प बनकर उभरा। कार्यक्रम के दौरान सभी जनप्रतिनिधियों ने अभियान के लिए तैयार विशेष सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें भी खिंचवाईं तथा प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रारंभ हुआ श्एक पेड़ मां के नामश् अभियान आज पूरे देश में जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी मां के प्रति कृतज्ञता, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और आने वाली पीढि़यों के प्रति उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी मां के नाम पर पौधा लगाता है तो उस पौधे के साथ उसका भावनात्मक रिश्ता भी जुड़ जाता है और वह उसके संरक्षण के लिए स्वयं प्रेरित होता है। यही भाव इस अभियान को स्थायी, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायकों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधारोपण किया जाना अत्यंत प्रेरणादायी पहल है। विधानसभा परिसर से दिया गया यह संदेश निश्चित रूप से पूरे प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता उत्पन्न करेगा। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल समाज में वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, अनियमित वर्षा, बढ़ते तापमान और जैव विविधता के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन परिस्थितियों में वृक्षारोपण केवल पर्यावरणीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और भावी पीढि़यों के भविष्य को सुरक्षित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के संतुलन के आधार हैं। वे हमें शुद्ध वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता का संरक्षण और स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी उसी आत्मीयता से करनी चाहिए, जिस भाव से वह अपने परिवार के किसी सदस्य की देखभाल करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में वन संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि, जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय अभियानों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्एक पेड़ मां के नाम 3.0श् अभियान प्रदेश के गांव-गांव, शहर-शहर और प्रत्येक परिवार तक पहुंचेगा तथा प्रकृति संरक्षण को सामाजिक दायित्व और जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में उत्कृष्ट मॉडल बन सकता है।

कार्यक्रम में विधानसभा के सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी माताओं के नाम पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पाण्डेय सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।