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त्योहारों के रंग में रंगेगा सितंबर, जन्माष्टमी समेत इन प्रमुख पर्वों की रहेगी धूम

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रक्षाबंधन के बाद अब देशभर में आने वाले व्रत और त्योहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। भाद्रपद माह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, कजरी तीज, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और पितृपक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पड़ेंगे। इन पर्वों को लेकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर तैयारियां तेज होने लगी हैं।

धार्मिक पंचांग के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। देशभर के कृष्ण मंदिरों में इस अवसर पर झांकियां, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इसके बाद हरतालिका तीज का पर्व आएगा। सुहागिन महिलाएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। वहीं गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। कई शहरों में गणेशोत्सव को लेकर सार्वजनिक आयोजनों की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं।

सितंबर में पितृपक्ष का भी विशेष धार्मिक महत्व रहेगा। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। गया, प्रयागराज, हरिद्वार और उज्जैन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पितृ कर्म के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

आने वाले पर्वों को देखते हुए बाजारों में भी धार्मिक सामग्री, पूजा-सामग्री, सजावटी वस्तुओं और व्रत से जुड़े सामान की मांग बढ़ने लगी है। वहीं मंदिर समितियां भी विशेष पूजा और धार्मिक आयोजनों की तैयारियों में जुट गई हैं।

बालाघाट में विकास का बड़ा प्लान, 100 गांवों के लिए ₹225 करोड़ मंजूर; बैगा समाज के लिए बनेगा प्राधिकरण

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बालाघाट जिले के लिए कई बड़ी विकास घोषणाएं कीं। उन्होंने पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे जिले के 100 बेहद पिछड़े गांवों के बुनियादी विकास के लिए करीब ₹225 करोड़ की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी। इस राशि से सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने लांजी में जनविश्वास अभियान के कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि बालाघाट को सुरक्षित जिले से समृद्ध जिले में बदलने के लिए व्यापक विकास योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

100 गांवों में मजबूत होगा बुनियादी ढांचा
₹225 करोड़ की स्वीकृत राशि से पिछड़े गांवों में सड़कों, बिजली और पानी की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने, स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने और सामुदायिक केंद्रों के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन अब उन इलाकों तक भी पहुंच रहा है, जहां वर्षों तक नक्सल गतिविधियों के कारण सरकारी योजनाओं का प्रभाव सीमित रहा। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

बैगा समाज के लिए बनेगा विकास प्राधिकरण
CM मोहन यादव ने बैगा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए बैगा विकास प्राधिकरण गठित करने की घोषणा भी की। इस प्राधिकरण के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कार्यों को गति देने का लक्ष्य है। बैगा समुदाय को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

रोजगार और पर्यटन पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए पशुपालन, डेयरी और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को आजीविका से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।

इसके अलावा बालाघाट में इको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास होम-स्टे सुविधाओं का विस्तार कर स्थानीय लोगों को पर्यटन से रोजगार दिलाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

‘सुरक्षित बालाघाट, समृद्ध बालाघाट’ का विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने ‘सुरक्षित बालाघाट, समृद्ध बालाघाट’ के विजन के साथ जिले में विकास को नई गति देने की बात कही।

इन घोषणाओं के जरिए सरकार का फोकस केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और जनजातीय विकास को एक साथ आगे बढ़ाने पर है।

प्रज्ञानंद ने बढ़ाया देश का मान, ग्रैंड चेस टूर जीतकर बने पहले भारतीय चैंपियन

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भारतीय शतरंज के युवा सितारे आर. प्रज्ञानंद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 2026 ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम कर लिया है। इसके साथ ही वह इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

अमेरिका के सेंट लुइस में खेले गए फाइनल में प्रज्ञानंद ने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल फैबियानो करूआना को रोमांचक मुकाबले में 15-13 से हराया। मुकाबले की शुरुआत प्रज्ञानंद के लिए चुनौतीपूर्ण रही और वह एक समय छह अंकों से पीछे थे, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दोनों रैपिड गेम जीत लिए। इसके बाद ब्लिट्ज मुकाबलों में बढ़त कायम रखते हुए खिताब पर कब्जा किया।

यह प्रज्ञानंद के लिए बेहद खास उपलब्धि है। उन्हें इस जीत के लिए 2 लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि भी मिली है। इस सफलता के साथ उन्होंने भारतीय शतरंज को वैश्विक मंच पर एक और बड़ी पहचान दिलाई है।

प्रज्ञानंद की यह जीत उनके शानदार 2026 अभियान का हिस्सा है। इससे पहले वह नॉर्वे चेस का खिताब भी जीत चुके हैं। लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन ने उन्हें विश्व शतरंज के शीर्ष खिलाड़ियों की कतार में और मजबूत किया है।

CM साय ने 666 खिलाड़ियों को किया सम्मानित, ₹1.74 करोड़ से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित

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राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में राज्य खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान कुल 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। सम्मान समारोह में ₹1.74 करोड़ से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित की गई।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराना है।

खेल प्रतिभाओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
CM साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें बड़े मंचों के लिए तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। सरकार ऐसे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार काम कर रही है।

156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति का रास्ता साफ
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर देने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची जारी की गई है, जिससे खेल प्रतिभाओं के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता खुला है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान और रोजगार के अवसर मिलने से प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और बढ़ेगी। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करें।

नवा रायपुर और पंडरापाट में बनेगी तीरंदाजी अकादमी
मुख्यमंत्री ने खेल अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि नवा रायपुर में करीब ₹67 करोड़ की लागत से तीरंदाजी अकादमी विकसित की जा रही है। इसके अलावा पंडरापाट में करीब ₹18 करोड़ की लागत से तीरंदाजी अकादमी बनाने की योजना है।

इन अकादमियों में खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में तीरंदाजी की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।

‘हमारे खिलाड़ी’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की उपलब्धियों और खेल क्षेत्र में उनके योगदान को दर्शाने वाली ‘हमारे खिलाड़ी’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर खेल प्रतिभाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। सरकार खेलों को केवल प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास और प्रदेश की पहचान से जोड़कर देख रही है।

CM योगी ने देवरिया-गोरखपुर को दी ₹435 करोड़ की विकास सौगात, कई परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

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उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को रफ्तार देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया और गोरखपुर को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों में ₹435 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से सड़क, शहरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

देवरिया में ₹305 करोड़ की 80 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में सलेमपुर और भाटपार रानी विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी करीब ₹305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और सहायता भी प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। विकास परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

गोरखपुर में ₹130.73 करोड़ की 170 परियोजनाएं
इसके बाद मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में ₹130.73 करोड़ की 170 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें नगर निगम की 140 परियोजनाएं और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की 30 परियोजनाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने बशारतपुर, राप्ती नगर में निर्मित कल्याण मंडपम को भी जनता को समर्पित किया। इससे स्थानीय नागरिकों को सामाजिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

विकास और सुशासन पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में विकास की योजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सड़क, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों।

देवरिया और गोरखपुर में एक ही दिन में बड़ी संख्या में परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास पूर्वांचल के विकास को गति देने की सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है। नई परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं में सुधार के साथ विकास गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी, 15 राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाओं का खतरा

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देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अगस्त 2026 को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत करीब 15 राज्यों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 87 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। ओडिशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश के आसार हैं। कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की चेतावनी दी गई है।

मध्य प्रदेश में भी अलर्ट: IMD के ताजा चेतावनी बुलेटिन के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में आज बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश और अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

मौसम विभाग ने लोगों से बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।

रक्षाबंधन पर नरम पड़े सोने के दाम, ज्वेलरी खरीदारों के लिए राहत

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रक्षाबंधन के मौके पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 27 अगस्त को सोने के भाव में तेज बढ़ोतरी के बाद बाजार में कीमतों में नरमी के संकेत मिले हैं। इससे त्योहार के दौरान सोने और आभूषणों की खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है।

देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम शुद्धता और स्थानीय बाजार के अनुसार अलग-अलग बने हुए हैं। 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव में भी अंतर देखने को मिलता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदते समय जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ने के कारण अंतिम कीमत बाजार भाव से अधिक हो सकती है।

रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान सोने और चांदी की मांग बढ़ने से कीमतों पर असर पड़ता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, डॉलर की चाल और घरेलू मांग जैसे कारक भी कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की कीमतों में रोजाना बदलाव संभव है, इसलिए आभूषण खरीदने से पहले अपने शहर के ताजा भाव की जानकारी लेना जरूरी है। त्योहारी सीजन में कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Khosla परिवार की कहानी का नया अध्याय, ‘Khosla Ka Ghosla 2’ आज से थिएटर्स में

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लंबे इंतजार के बाद चर्चित फिल्म ‘Khosla Ka Ghosla 2’ आज 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। साल 2006 में आई कल्ट कॉमेडी फिल्म ‘Khosla Ka Ghosla’ के करीब 20 साल बाद इसका सीक्वल दर्शकों के बीच पहुंचा है। फिल्म को रक्षाबंधन के मौके पर रिलीज किया गया है।

फिल्म में अनुपम खेर, बोमन ईरानी और रणवीर शौरी समेत मूल फिल्म के कई कलाकार फिर नजर आ रहे हैं। किरण जुनेजा, परवीन डाबास और तारा शर्मा भी अपनी भूमिकाओं के साथ वापसी कर रहे हैं। वहीं, रवि किशन और दिव्या खोसला जैसे नए चेहरे भी फिल्म का हिस्सा हैं।

‘Khosla Ka Ghosla 2’ का निर्देशन प्रशांत भगिया ने किया है। फिल्म की कहानी और कॉमेडी को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। निर्माताओं के अनुसार, सीक्वल में Khosla परिवार की कहानी को नए अंदाज और नए ट्विस्ट के साथ आगे बढ़ाया गया है।

पहली फिल्म की तरह इस बार भी अनुपम खेर और बोमन ईरानी की जोड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। फिल्म की रिलीज से पहले कलाकारों की सोशल मीडिया गतिविधियों और प्रमोशनल वीडियो ने भी दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ाई है।

अब देखना होगा कि करीब दो दशक बाद बड़े पर्दे पर लौटी यह कॉमेडी फ्रेंचाइजी दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और बॉक्स ऑफिस पर कैसी शुरुआत करती है।

सावन पूर्णिमा आज, शिव-पार्वती पूजन के साथ स्नान-दान से मिलता है पुण्य

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सावन पूर्णिमा हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने, व्रत रखने तथा स्नान-दान की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के पवित्र महीने में शिव आराधना करने से भक्तों को भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सावन पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके साथ ही माता पार्वती की भी विधि-विधान से आराधना की जाती है। कई भक्त इस दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन पूर्णिमा पर पूजा, जप, तप और दान का विशेष महत्व है। पवित्र नदियों में स्नान करने और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य सामग्री का दान करने की भी परंपरा रही है। माना जाता है कि श्रद्धापूर्वक किए गए इन धार्मिक कार्यों से सुख-समृद्धि और परिवार में शांति की कामना की जाती है।

इस वर्ष सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन को लेकर तिथियों के संबंध में अलग-अलग पंचांगों में गणना का अंतर देखने को मिला है। हालांकि रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है। पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त की सुबह तक रहने की जानकारी भी विभिन्न पंचांग-आधारित स्रोतों में दी गई है।

सावन पूर्णिमा के दिन देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। भक्त भगवान शिव और माता पार्वती से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष श्रृंगार, अभिषेक और भजन-कीर्तन जैसे धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं।

राखी के रंग में रंगा देश, भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व

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देशभर में आज शुक्रवार, 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सावन पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाने वाला यह त्योहार भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है।

रक्षाबंधन के अवसर पर सुबह से ही घरों में उत्सव का माहौल है। बहनें पूजा की थाली सजाकर भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही हैं और उनके सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य एवं लंबी उम्र की कामना कर रही हैं। वहीं भाई भी अपनी बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ देने का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार भेंट कर रहे हैं।

इस पर्व को लेकर बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिल रही है। रंग-बिरंगी राखियों, मिठाइयों और उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आ रही है। कई परिवार दूर-दराज से अपने भाई-बहनों के घर पहुंचकर इस विशेष दिन को साथ मिलकर मना रहे हैं।

रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय पारिवारिक परंपराओं और आपसी स्नेह को मजबूत करने वाला पर्व भी है। यह दिन रिश्तों में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को और गहरा करता है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में रक्षाबंधन को लेकर अलग-अलग परंपराएं और रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं, लेकिन पर्व का मूल भाव भाई-बहन के स्नेह और एक-दूसरे के प्रति समर्पण से जुड़ा हुआ है।

रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर देशभर में लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं और परिवार के साथ खुशियां साझा कर रहे हैं।