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एमपी बोर्ड परीक्षा 2025: छात्रों की जेब पर बोझ, ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ का साथ भी छूटा

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एमपी बोर्ड परीक्षा 2025: छात्रों की जेब पर बोझ, ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ का साथ भी छूटा
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नौवीं से 12वीं तक की नई प्रवेश नीति जारी कर दी है। इसके तहत 10वीं और 12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से भरे जाएंगे। इस बार मंडल ने 10वीं व 12वीं के परीक्षा शुल्क, नामांकन सहित फीस और अन्य शुल्कों में 25 फीसद से लेकर 80 फीसद तक की बढ़ोतरी की है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

शुल्क बढ़ा
नई व्यवस्था के अनुसार नियमित विद्यार्थियों को अब 1200 रुपये की जगह 1500 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा, जबकि स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए शुल्क 1600 रुपये निर्धारित किया गया है। नौवीं कक्षा में नामांकन शुल्क भी 350 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा, 10 वर्ष पुरानी अंकसूची की प्रति प्राप्त करने का शुल्क 600 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं डीएलएड परीक्षा शुल्क में भी वृद्धि की गई है। नियमित विद्यार्थियों को सभी विषयों के लिए सात हजार रुपये देने होंगे, जबकि दूसरे अवसर के लिए विषयों के अनुसार तीन हजार से सात हजार रुपये तक शुल्क तय किया गया है।

वहीं, स्कूलों की संबद्धता फीस में भी इजाफा किया गया है। 10वीं के लिए सरकारी स्कूलों को 20 हजार और निजी स्कूलों को 22 हजार रुपये देने होंगे, जबकि 12वीं के लिए यह राशि क्रमशः 27 हजार और 30 हजार रुपये होगी।

नई नीति में नियमों को भी सख्त किया गया है। यदि किसी छात्र को गलत तरीके से प्रवेश दिया जाता है, तो संबंधित संस्था के प्राचार्य पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह राशि छात्र से नहीं वसूली जाएगी।

साथ ही गंभीर मामलों में संस्था की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा, मंडल ने 10वीं कक्षा में वर्षों से लागू “बेस्ट ऑफ फाइव” प्रणाली को समाप्त कर दिया है। अब सभी विषयों के अंक अनिवार्य रूप से जोड़े जाएंगे। वहीं नौवीं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष तय की गई है।

ऑनलाइन प्रक्रिया और डमी प्रवेश पत्र अनिवार्य
प्रवेश नीति के अनुसार, कक्षा नौवीं का ऑनलाइन नामांकन 15 मई से 30 सितंबर तक किया जा सकेगा। वहीं 10वीं-12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से 15 सितंबर तक भरे जाएंगे। आवेदन पत्र में अपार आईडी नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

परीक्षा फार्म भरने के सात दिन बाद छात्रों को डमी प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। स्कूल प्राचार्यों को इसे डाउनलोड कर विद्यार्थियों और अभिभावकों से जानकारी का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

समय सीमा में ही सुधारा
यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसे निर्धारित समय सीमा में ही सुधारा जा सकेगा। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संस्था द्वारा समय पर घोषणा-पत्र अपलोड नहीं किया गया, तो विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। साथ ही परीक्षा के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन मान्य नहीं होगा।

राघव चड्ढा को झटका: AAP ने डिप्टी लीडर पद से हटाया

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राघव चड्ढा को झटका: AAP ने डिप्टी लीडर पद से हटाया
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया है। अब उनकी जगह सांसद अशोक मित्तल इस जिम्मेदारी को संभालेंगे। इसके साथ ही पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को भी सूचित किया है कि चड्ढा को पार्टी की ओर से बोलने का अवसर न दिया जाए।

जानकारी के अनुसार, इस फैसले का असर राघव चड्ढा के संसद में बोलने के समय पर भी पड़ेगा। बताया जा रहा है कि अब उन्हें मिलने वाले समय में कटौती की जा सकती है। पिछले कुछ समय से चड्ढा संसद में जनहित से जुड़े मुद्दे उठा रहे थे, जिनमें महंगाई और आम लोगों से संबंधित विषय शामिल थे।

पार्टी लाइन से अलग रुख बना कारण?
जानकारों का कहना है कि राघव चड्ढा कई बार पार्टी से चर्चा किए बिना ही सदन में मुद्दे उठा रहे थे। वे किन विषयों पर बोलने वाले हैं, इसकी जानकारी भी पार्टी नेतृत्व को पहले से नहीं दी जाती थी। इसको लेकर पार्टी की ओर से उन्हें पहले चेतावनी भी दी गई थी।

हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस निर्णय का कारण स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि अनुशासनहीनता और पार्टी की तय रणनीति से अलग रुख अपनाना इस फैसले के पीछे की वजह हो सकती है।

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा लंबे समय से चल रही थी कि राघव चड्ढा पार्टी लाइन से अलग विचार रखते हैं। हाल ही में कुछ बड़े मामलों पर उनकी चुप्पी ने भी इन अटकलों को और बल दिया है।

बॉक्स ऑफिस पर बरकरार धुरंधर 2 का ‘खौफ’

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बॉक्स ऑफिस पर बरकरार धुरंधर 2 का ‘खौफ’
धुरंधर 2 रिलीज के पहले दिन से बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है और 14वें दिन रणवीर सिंह ने अपनी इस फिल्म से वो कर दिखाया है जो बॉलीवुड के इतिहास में कोई और एक्टर नहीं कर पाया. आदित्य धर की यह फ़िल्म अब रुकने वाली नहीं है, और अभी बॉक्स ऑफिस पर और बड़े कमाल करने वाली है. फिलहाल दूसरे हफ़्ते में भी इसका शानदार सफ़र जारी है. जानते हैं इस फिल्म ने 14वें दिन कौन सा बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है.

धुरंधर 2 महज 14 दिनों में बनी 900 करोड़ी
बता दें कि रणवीर सिंह की हालिया रिलीज स्पाई-एक्शन थ्रिलर, ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज के 14वें दिन फाइनली 900 करोड़ के क्लब में एंट्री कर ली इसी के साथ ये फिल्म इस बड़ी उपलब्धि को हासिल करने वाली पहली हिंदी फ़िल्म बन गई है. इस फिल्म ने 13वें दिन 27.75 करोड़ के कलेक्शन किया था. जिसके इसका घरेलू नेट कलेक्शन 899.92 करोड़ तक पहुंच गया था. 14वें दिन सुबह-सुबह ही फिल्म 900 करोड़ी बन गई. इसी के साथ इसने अपने पहले पार्ट के 895 करोड़ के लाइफ़टाइम टोटल को पीछे छोड़ दिया है.

भारत में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फ़िल्म बनी
900 करोड़ से ज्यादा की कमाई के साथ, धुरंधर 2 ने धुरंधर (894.49 करोड़) की लाइफ़टाइम कमाई को पीछे छोड़ते हुए, भारत में अब तक की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फ़िल्म का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. कुल मिलाकर, यह 900 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली तीसरी भारतीय फ़िल्म बन गई है और फ़िलहाल भारतीय बॉक्स ऑफ़िस पर तीसरी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म भी बन गई है. आने वाले दिनों में, यह बाहुबली 2 (1031 करोड़) को पीछे छोड़कर दूसरे नंबर पर आ जाएगी.

भारत में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली टॉप 10 फ़िल्में (नेट कोईमोई के आंकड़े के मुताबिक)
पुष्पा 2– 1265.97 करोड़
बाहुबली 2 – 1031 करोड़
धुरंधर 2– 906.13 करोड़ (14 दिन के दोपहर 3 बजे तक के आंकड़े)
धुरंधर– 894.49 करोड़
केजीफएफ 2 – 859.7 करोड़
आरआरआर – 772 करोड़
कल्कि 2898एडी – 653.21 करोड़
जवान– 640.42 करोड़
स्त्री 2 – 627.5 करोड़
कांतारा चैप्टर 1 – 622.41 करोड़

करियर में सफलता और तरक्की के लिए ‘विकट संकष्टी चतुर्थी’ है खास

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नौकरी में बार-बार आ रही है बाधा? तो विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन ऐसे करें विघ्नहर्ता को प्रसन्न
जीवन में जब भी कोई काम अचानक अटकने लगे या कठिन मेहनत के बाद भी मनचाहा फल न मिले, तो हम अक्सर इसे अपनी फूटी किस्मत का दोष मान लेते हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ये केवल किस्मत नहीं बल्कि हमारे ग्रहों की चाल में आने वाली रुकावटें भी हो सकती हैं।

5 अप्रैल 2026, रविवार को पड़ने वाली विकट संकष्टी चतुर्थी (Vikat Sankashti Chaturthi 2026 Date) का पावन दिन इन्हीं बाधाओं को दूर करने और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद पाने का सबसे बड़ा अवसर है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कैसे गणपति की विशेष कृपा से कुंडली के बाधक योग शांत हो सकते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। यह दिन आत्म-चिंतन और अपनी ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।दिव्या गौतम, एस्ट्रोपत्री।

विघ्नहर्ता और ग्रहों का गहरा संबंध
ज्योतिष में भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और रिद्धि-सिद्धि का स्वामी माना गया है। विशेष रूप से बुध ग्रह पर इनका बहुत गहरा प्रभाव होता है। यदि आपकी कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में है, तो इससे निर्णय लेने में भारी परेशानी, व्यापार में हानि और वाणी में दोष जैसी गंभीर समस्याएं आ सकती हैं।

संकष्टी चतुर्थी के पावन दिन पर गणेश जी की सच्ची आराधना करने से बुध ग्रह मजबूत होता है, जिससे हमारे विचारों और कार्यों में स्पष्टता आती है। इसके अलावा, केतु के नकारात्मक प्रभाव को शांत करने के लिए भी गणेश जी की पूजा सबसे अचूक और सरल उपाय मानी जाती है। जब हम सहजता से गणपति का ध्यान करते हैं, तो ग्रहों के कारण आने वाली मानसिक दुविधाएं दूर होती हैं और हमें अपने व्यवसाय के बेहतर संचालन की नई प्रेरणा मिलती है।

बाधक योगों से मुक्ति की राह
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कई बार हमारी कुंडली में कुछ ऐसे बाधक योग बन जाते हैं, जो अचानक हमारे बनते हुए कामों में बड़ी अड़चनें पैदा करने लगते हैं। असल में शनि देव भी ऐसे कठिन समय में हमें अनुशासन, संयम और असीम धैर्य का पाठ पढ़ाते हैं। उनकी दी गई यह सीख हमारी अपनी ही कमियों को पहचानने और उन्हें समय पर सुधारने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण संकेत होती है।

संकष्टी चतुर्थी का पावन व्रत और विधि-विधान से किया गया पूजन इन चुनौतीपूर्ण समय के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में बहुत मददगार साबित होता है। जब हम पूरी श्रद्धा के साथ विघ्नहर्ता भगवान गणेश का ध्यान करते हैं, तो मन की सारी पुरानी उलझनें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। इससे राहु जैसे छाया ग्रहों के कारण पैदा होने वाली बाधाएं और भ्रम भी शांत हो जाते हैं।

तनाव दूर करने का सरल मार्ग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा को हमारे ‘मन’ का स्वामी माना गया है। हमारी भावनाओं का उतार-चढ़ाव और मानसिक स्थिति काफी हद तक चंद्रमा की स्थिति पर ही निर्भर करती है। संकष्टी चतुर्थी की रात को चंद्रमा को अर्घ्य देना केवल एक पुरानी धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह मन को शांत और एकाग्र करने का एक बहुत ही तार्किक तरीका भी है।

जब हम व्रत के अनुशासन के साथ चंद्रमा की शीतलता का ध्यान करते हैं, तो मन की चंचलता दूर होती है। यह मानसिक शांति हमें राहु जैसे ग्रहों के कारण पैदा होने वाले भ्रम और डर से लड़ने की अद्भुत शक्ति देती है। जब हमारा मन पूरी तरह शांत होता है, तब हम अपने व्यवसाय और जीवन के अन्य क्षेत्रों में सही निर्णय ले पाते हैं, जिससे हमारी बड़ी इच्छाएं पूरी होने का मार्ग प्रशस्त होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छोला क्षेत्र में खेड़ापति हनुमान जन्मोत्सव पर की पूजा-अर्चना

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छोला क्षेत्र में खेड़ापति हनुमान जन्मोत्सव पर की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के छोला क्षेत्र में जन आस्था के केंद्र प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचकर हनुमान जन्मोत्सव में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का खेल और सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने अंगवस्त्रम से स्वागत किया और गदा भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को भी हनुमान जयंती की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मंदिर परिसर में भंडारे और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम भी हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं हनुमान प्राकट्योत्सव की मंगलकामनाएं

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं हनुमान प्राकट्योत्सव की मंगलकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हनुमान प्राकट्योत्सव की मंगलकामनाएं और बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की है कि हनुमान जी की कृपा सब पर बनी रहे, उनके आशीर्वाद से सबको सद्बुद्धि-यश और कीर्ति प्राप्त हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रार्थना की है कि पवन पुत्र बजरंगबली सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें। सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, संपन्नता का आलोक प्रकाशित हो।

पूर्व CM के बेटे अमित जोगी को हाई कोर्ट ने ठहराया हत्या का दोषी

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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को NCP नेता की हत्या के मामले में दोषी ठहराया
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को NCP नेता रामावतार जग्गी की हत्या मामले में दोषी करार दे दिया। 2003 में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए तीन हफ्तों के अंदर कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पिछले महीने इस मामले में कार्यवाही फिर से शुरू की थी।

2003 में हुई थी NCP नेता की हत्या
CBI के वकील वैभव ए गोवर्धन ने PTI को बताया कि, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने अमित जोगी को बरी किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया। इसके साथ ही सरेंडर करने का निर्देश जारी किया है। मालूम हो कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून, 2003 को हुई थी। जब अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे।

ट्रायल कोर्ट ने किया था सभी आरोपों से बरी
इस मामले की शुरुआती जांच राज्य पुलिस ने की थी और बाद में इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया था। CBI ने अमित जोगी सहित कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। वहीं 31 मई, 2007 को रायपुर की ट्रायल कोर्ट ने फैसला सुनाया था। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने 28 आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने अमित जोगी को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया था।

हाई कोर्ट ने देरी के आधार पर खारिज की थी याचिका
CBI ने बाद में इस बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी, लेकिन हाई कोर्ट ने 2011 में देरी के आधार पर उसकी याचिका खारिज कर दी। छत्तीसगढ़ सरकार और रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी की अलग-अलग अपीलें भी खारिज कर दी गईं।

इसके बाद पिछले साल नवंबर में, SC ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से CBI की उस याचिका पर नए सिरे से विचार करने को कहा था, जिसमें अमित जोगी को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति मांगी गई थी।

बंगाल चुनाव: छत्तीसगढ़ के रणनीतिकारों की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 56 सीटों पर घेराबंदी शुरू

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बंगाल के 56 विधानसभा क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के नेताओं ने डाला डेरा
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के शंखनाद के साथ ही छत्तीसगढ़ भाजपा के धुरंधरों ने बंगाल में मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाने के लिए छत्तीसगढ़ भाजपा के रणनीतिकारों और जमीनी कार्यकर्ताओं की पूरी फौज तैनात की गई है।

इस चुनावी रण में सबसे अहम बनकर उभरे हैं प्रदेश भाजपा महामंत्री (संगठन) पवन साय, जिन्हें बंगाल की 56 विधानसभा सीटों के बूथ प्रबंधन की कमान सौंपी गई है।

पवन साय बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेंगे
पवन साय के कंधों पर जिम्मेदारी है कि वह बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के छह निगम-मंडल अध्यक्ष फरवरी से ही बंगाल के अलग-अलग जिलों में डेरा डाले हुए हैं। अब इस खेमेबंदी को मजबूती देने के लिए प्रदेश के कद्दावर विधायकों और पूर्व मंत्रियों को भी रणक्षेत्र में उतारा गया है।

मूणत-शर्मा के साथ युवा विधायकों की टोली सक्रिय
पूर्व मंत्री राजेश मूणत और शिवरतन शर्मा पहले से ही बंगाल की गलियों में कमल खिलाने के लिए सक्रिय हैं। अब उनके साथ महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, दुर्ग ग्रामीण के ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक रजनीश सिंह और मोतीराम चंद्रवंशी जैसे नेता बंगाल पहुंच चुके हैं।

मुख्य काम मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाना
इन नेताओं का मुख्य काम मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाना और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। बंगाल की चुनावी पिच अपनी राजनीतिक हिंसा के लिए बदनाम है, जिसे लेकर निर्वाचन आयोग बेहद सख्त है।

पदाधिकारी, विधायक और कार्यकर्ता सतर्कता बरत रहे
छत्तीसगढ़ से गए भाजपा पदाधिकारी, विधायक और कार्यकर्ता भी पूरी सतर्कता बरत रहे हैं और पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं। चर्चा है कि यदि बंगाल के नतीजे भाजपा के पक्ष में आते हैं, तो मिशन बंगाल में पसीना बहाने वाले छत्तीसगढ़ी नेताओं का कद दिल्ली के दरबार में बढ़ जाएगा।

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बावजूद भारत के पास 2 महीने का बैकअप, सरकार का बड़ा दावा

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मिडिल ईस्ट में युद्ध के बावजूद भारत के पास 2 महीने का बैकअप, सरकार का बड़ा दावा
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण दुनिया भर में एलपीजी गैस और तेल की कमी का संकट छाया हुआ है। इसका असर भारत में भी देखने को मिला है। हालाकि भारत ने इनको अफवाह करार देते हुए कहा कि कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को कहा कि भारत का कच्चा तेल भंडार पर्याप्त बना हुआ है और सरकार ने अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है।

देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं
ईंधन आपूर्ति में स्थिरता का आश्वासन देते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि हमारी रिफाइनरियां उच्चतम स्तर पर काम कर रही हैं। खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। वैश्विक मूल्य रुझानों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि लगभग दो महीने पहले ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बिक ​​रहा था, और आज यह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है। इस तीव्र वृद्धि के बावजूद उन्होंने जोर देकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।

अप्रैल 2022 के बाद नहीं बढ़ी पेट्रोल और डीजल की कीमतें
सुजाता शर्मा ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 6 अप्रैल, 2022 से कोई वृद्धि नहीं हुई है और मार्च 2024 में कीमतों में 2 रुपये की कमी की गई थी, जो अभी भी प्रभावी है। सरकारी उपायों पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मूल्य अस्थिरता से घरेलू उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए, भारत सरकार ने उत्पाद शुल्क कम कर दिया ताकि कीमतों में वृद्धि न हो। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया, कीमतें स्थिर रखी गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप पेट्रोल और डीजल दोनों पर हमारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को कम लाभ मिल रहा है।

युद्ध के बीच ब्रिटेन ने बदला पाला, नाटो से अलग होगा अमेरिका

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युद्ध के बीच ब्रिटेन ने बदला पाला, नाटो से अलग होगा अमेरिका
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष बढ़ता जा रहा है। संघर्ष की वजह से तेल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। कई देशों में तेल का संकट नजर आ रहा है। जंग के इसी बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने बड़ा झटका दिया है। पीएम कीर स्टारमर ने बुधवार को कहा है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष हमारे देश के भविष्य को प्रभावित करेगा। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिटेन आर्थिक नतीजों को झेलने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह तूफान कितना भी भयंकर क्यों न हो, हम इसका सामना करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।

होर्मुज स्टेट को फिर से खोला जाए
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि यह हमारा युद्ध नहीं है और ब्रिटेन इसमें शामिल नहीं होगा क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय हित में नहीं है। जीवनयापन की बढ़ती लागतों पर चिंताओं को दूर करते हुए स्टारमर ने कहा, ‘ब्रिटेन में जीवनयापन की लागत का समर्थन करने का सबसे प्रभावी तरीका मध्य पूर्व में तनाव कम करने और होर्मुज स्टेट को फिर से खोलने के लिए दबाव डालना है, जो ऊर्जा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण मार्ग है।

ब्रिटेन ने ट्रंप से किया किनारा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने चल रहे राजनयिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि इस उद्देश्य के लिए, हम अपने लिए उपलब्ध हर राजनयिक मार्ग का पता लगा रहे हैं। स्टारमर ने घोषणा की कि विदेश सचिव यवेट कूपर अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को एक बैठक में आमंत्रित करेंगी। उन्होंने कहा, आज मैं यह घोषणा कर सकता हूं कि इस सप्ताह के अंत में विदेश सचिव एक बैठक की मेजबानी करेगा। यह बैठक पहली बार उन देशों को एक साथ लाएगी, जहां हम नौवहन की स्वतंत्रता को बहाल करने, फंसे हुए जहाजों और नाविकों की सुरक्षा की गारंटी देने और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए सभी व्यवहार्य राजनयिक और राजनीतिक उपायों का आकलन करेंगे।

होर्मुज खोलने के लिए बुलाई 35 देशों की मीटिंग
उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन ने पहले ही व्यापक समन्वय स्थापित कर लिया है। विदेश सचिव और चांसलर जी7 में अपने समकक्षों से मिल चुके हैं। रक्षा सचिव मध्य पूर्व में हमारे साझेदारों से बात कर चुके हैं और ब्रिटेन ने अब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को एकजुट करने के अपने आशय पत्र के इर्द-गिर्द 35 देशों को एक साथ ला दिया है।

सहयोगियों पर भड़के ट्रंप, कहा- नाटो से अलग होगा अमेरिका?
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है। डेली टेलीग्राफ को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सहयोगी देशों का पूरा समर्थन नहीं मिलने से वह नाराज है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अब नाटो में बने रहने पर दोबारा सोचने की जरूरत नहीं है और अमेरिका इस गठबंधन से बाहर भी निकलने का विचार कर रहा है।