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बॉक्स ऑफिस पर टकराव तय! ‘आवारापन 2’ बनाम ‘लाहौर 1947’ की चर्चा तेज

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बॉक्स ऑफिस पर टकराव तय! ‘आवारापन 2’ बनाम ‘लाहौर 1947’ की चर्चा तेज
इस साल बॉलीवुड में बड़ी फिल्मों का मेला लगा हुआ है। एक के बाद एक फिल्में रिलीज हो रही हैं और दर्शकों को एंटरटेनमेंट का पूरा डोज मिल रहा है। लेकिन अब जो होने वाला है, वो सिर्फ रिलीज नहीं बल्कि सीधी टक्कर है।

एक तरफ सनी देओल की बड़ी फिल्म लाहौर 1947 है, जिसका लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अचानक से चर्चा में आई इमरान हाश्मी की आवारापन 2 ने पूरा गेम बदल दिया है। रिलीज से पहले ही ऐसा माहौल बन गया है कि अब दोनों फिल्मों के बीच मुकाबला पक्का लग रहा है।

आवारापन 2 को लेकर क्यों बना इतना बड़ा माहौल
आवारापन 2 का नाम सामने आते ही लोगों के बीच पुरानी फिल्म की यादें ताजा हो गईं। पहली फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था और उसका म्यूजिक आज भी लोगों के दिल में बसा हुआ है।

अब जब इसके दूसरे पार्ट की खबर आई, तो शुरू में लगा कि रिलीज डेट थोड़ा रिस्की है। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। फिल्म को लेकर इतना जबरदस्त माहौल बन गया है कि बड़े-बड़े डिस्ट्रीब्यूटर इसके राइट्स लेने के लिए आगे आ रहे हैं।

ये वही सिचुएशन है जो पहले के जमाने में देखने को मिलती थी, जब अच्छी फिल्म के लिए डिस्ट्रीब्यूटर लाइन लगाते थे। इससे साफ है कि आवारापन 2 को लेकर इंडस्ट्री में काफी पॉजिटिव वाइब्स हैं।

लाहौर 1947 के लिए क्यों बढ़ा खतरा
लाहौर 1947 पहले से ही इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जा रही है। इसमें सनी देओल जैसे बड़े स्टार हैं और इसकी कहानी भी काफी दमदार मानी जा रही है। लेकिन अब आवारापन 2 की एंट्री ने इस फिल्म के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। वजह साफ है दोनों फिल्मों की रिलीज डेट लगभग साथ है। लाहौर 1947 जहां 13 अगस्त को रिलीज होगी, वहीं आवारापन 2, 14 अगस्त को सिनेमाघरों में आ रही है। मतलब दोनों फिल्मों के बीच सिर्फ 1 दिन का फर्क है। ऐसे में दर्शकों का ध्यान बंट सकता है। अगर आवारापन 2 को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो यह लाहौर 1947 के कलेक्शन पर असर डाल सकती है।

डिस्ट्रीब्यूटर की लाइन ने बदला पूरा गेम
सबसे दिलचस्प बात यह है कि आवारापन 2 के लिए कई बड़ी कंपनियां आगे आई हैं। जी स्टूडियोज, एए फिल्म्स, पेन मरुधर, जियो स्टूडियोज और कई अन्य बड़े नाम इस फिल्म से जुड़ना चाहते हैं।

ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर इस मुहूर्त में करें पूजा, जानें विधि और जरूरी नियम

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ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर इस मुहूर्त में करें पूजा, जानें विधि और जरूरी नियम
सनातन धर्म में पूर्णिमा की तिथि का काफी महत्व माना गया है। ये दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष अहमियत रखता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक अगर इस दिन कुछ शुभ काम किए जाते हैं तो व्यक्ति कुछ परिणाम की प्राप्ति होती है।

अगर आप अपने पापों से मुक्ति पाना चाहते हैं और जीवन से सारे संकटों को दूर करना चाहते हैं तो ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर कुछ खास बातों का ख्याल रख सकते हैं।

कब है ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा
वैदिक पंचांग के मुताबिक पूर्णिमा तिथि 30 तारीख को सुबह 11:57 पर शुरू हो जाएगी। इसका समापन 31 तारीख को दोपहर 2:14 पर होगा। ऐसे में इसे 31 मई को मनाया जाएगा। इस दिन चंद्रोदय का समय रात 7:36 पर रहने वाला है।

पूजा का मुहूर्त
अगर मुहूर्त के मुताबिक पूजा करना चाहते हैं तो सुबह 4:02 से 4:43 तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा।
दोपहर 2:27 से 3:37 तक विजय मुहूर्त रहने वाला है।
शाम 6:38 से 7:01 तक गोधूली मुहूर्त रहेगा।
शाम 7:13 7:33 निशिता मुहूर्त रहने वाला है।

कैसे करें पूजा
सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
मंदिर की सफाई कर गंगाजल से पूरा घर शुद्ध करें।
अब आपको एक चौकी पर लाल कपड़ा बेचकर उसे पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति है चित्र स्थापित करना है।
अब धूप, दीप, नैवेद्य और फूल माला अर्पित करें।
अब आपको घी का दीपक जलाकर आरती करनी होगी।
विष्णु चालीसा और कथा का पाठ कर मंत्रों का जाप करें।
भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाएं।
जरूरतमंद को अन्न और धन का दान करें।

इन बातों का रखें ख्याल
पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी और सरोवर में स्नान करना शुभ माना गया है।
इस दिन व्यक्ति को किसी भी तरह का वाद विवाद नहीं करना चाहिए।
तामसिक भोजन से दूर रहें और जितना हो सके सात्विक भोजन करें।
घर और मंदिर की साफ सफाई का आपको खास ख्याल रखना है।

बंगाल CM चयन की कमान अमित शाह को, असम में जेपी नड्डा पर्यवेक्षक

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बंगाल CM चयन की कमान अमित शाह को, असम में जेपी नड्डा पर्यवेक्षक
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में विधायक दल का नेता यानि मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है, केंद्रीय नेतृत्व ने इसके लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक और सह पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है, पार्टी ने इनके आदेश की जानकारी X पर शेयर की है।

भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव परिणाम के दूसरे दिन आज मंगलवार 5 मई को तीनों जीते हुए राज्यों में विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है, जो विधायक दल का नेता होगा वही राज्य का मुख्यमंत्री होगा यानि अब बहुत जल्दी पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में कौन मुख्यमंत्री होगा स्पष्ट हो जायेगा, हालाँकि असम और पुडुचेरी की स्थिति स्पष्ट है ऐसे में निगाहें पश्चिम बंगाल पर है कौन भाजपा का मुख्यमंत्री बंगाल की कुर्सी संभालेगा।

अमित शाह की मौजूदगी में चुना जायेगा पश्चिम बंगाल का CM
बंगाल में 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होना है इसकी घोषणा भी आज ही पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने की, अब भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक बनाकर मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी दी है उनके सहयोगी की भूमिका में उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी होंगे उन्हें सह पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जेपी नड्डा असम, पुडुचेरी की जिम्मेदारी इस केंद्रीय मंत्री को
भाजपा ने इसी तरह असम में विधायक दल का नेता यानि मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को दी है यहाँ सह पर्यवेक्षक हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को बनाया गया है , संगठन के पुडुचेरी के लिए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है उनके साथ पुडुचेरी के भाजपा प्रभारी निर्मल कुमार सुराना को सह पर्यवेक्षक बनाया है।

आपको बता दें अभी पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण समारोह की तारीख घोषित की गई है जल्दी ही असम और पुडुचेरी की तारीख भी घोषित होगी, जल्दी ही केंद्रीय पर्यवेक्षक अपने अपने राज्यों में पहुंचेंगे और विधायकों से मिलकर उनकी राय जानकर बैठक के दौरान विधायक दल का नेता चुनेंगे और फिर तीनों राज्यों को मुख्यमंत्री मिल जायेंगे।

मोदी कैबिनेट बैठक में अहम फैसले, किसानों को राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा

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मोदी कैबिनेट बैठक में अहम फैसले, किसानों को राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और प्रमुख औद्योगिक व कृषि क्षेत्रों को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक आर्थिक फैसलों पर मुहर लगाई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद इन महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। इन फैसलों का मुख्य केंद्र विमानन क्षेत्र, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), कृषि नीतियां और समुद्री बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) हैं, जो देश के समग्र विकास और व्यापक रोजगार सृजन को नई रफ्तार देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

हालिया कैबिनेट बैठक में कुल लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी मिली है। यह विशाल राशि विभिन्न विकास परियोजनाओं और योजनाओं पर खर्च की जाएगी, जिससे अर्थव्यवस्था के हर कोने को संबल मिलेगा। किसानों के हित में ‘कपास क्रांति मिशन’ के तहत कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए 5,659 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2026-27 सीजन के लिए गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला भी लिया गया है, जो गन्ना किसानों के लिए राहत लेकर आएगा। आर्थिक गतिविधियों को गति देने और उद्योगों को सहारा देने के लिए ECLGS-5 योजना के तहत 18,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम वैश्विक उथल-पुथल के बीच घरेलू उद्योगों को स्थिरता प्रदान करेगा।

कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी
बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर भी बड़े कदम उठाए गए हैं। गुजरात के वडीनार में शिप रिपेयर सुविधा के लिए 1,570 करोड़ रुपये और कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें नागदा-मथुरा, गुंटकल-वाडी और बुरहवाल-सीतापुर रेल लाइनों का विस्तार शामिल है, जिन पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये परियोजनाएं परिवहन क्षमता में वृद्धि कर आर्थिक विकास को तेज करेंगी। तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में सेमीकंडक्टर सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड और सुची सेमिकॉन प्राइवेट लिमिटेड की इकाइयों में निवेश की स्वीकृति भी मिली है। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट को मजबूत करने से जुड़ा एक नीतिगत निर्णय भी लिया गया है। इन फैसलों से कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।

सरकार ने दिखाई ‘कपास क्रांति’ पहली को दिखाई हरी झंडी
देश के 32 लाख कपास किसानों के भाग्य को बदलने के लिए कैबिनेट ने ‘कपास क्रांति’ नामक एक ऐतिहासिक पहल को हरी झंडी दिखाई है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत वर्तमान में 297 लाख गांठ उत्पादन के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है। हालांकि, वर्ष 2030-31 तक कपास की घरेलू मांग बढ़कर 450 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है, जिसे पूरा करना अब सरकार की प्राथमिकता में है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने और कपास क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए, सरकार ने 5,669 करोड़ रुपये की एक विस्तृत परियोजना को मंजूरी दी है। यह विशाल फंड मुख्य रूप से अनुसंधान, उत्पादन तकनीकों को उन्नत करने और किसानों को नए जमाने के फाइबर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर खर्च किया जाएगा, जिससे गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में वृद्धि होगी।

सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा बढ़ावा, 3,936 करोड़ की परियोजना मंजूर
तकनीकी और समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े रणनीतिक कदम उठाए हैं। कैबिनेट ने 3,936 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत के साथ ‘क्रिस्टल’ और ‘सूचि’ नामक दो नई सेमीकंडक्टर इकाइयों की स्थापना को मंजूरी दी है। ये इकाइयां भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। इसके साथ ही, समुद्री बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए गुजरात के वडीनार में एक अत्याधुनिक जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित करने का भी फैसला लिया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए 1,570 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है, जो भारत की समुद्री मरम्मत क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करेगा और विदेशी डॉकयार्ड पर हमारी निर्भरता को कम करेगा।

भू-राजनीतिक उथल-पुथल के मौजूदा परिदृश्य का संज्ञान लेते हुए, सरकार ने घरेलू उद्योगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्णय लिया है। अश्विनी वैष्णव ने विशेष रूप से बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा संघर्ष के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण ‘आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना’ (ECLGS) को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। यह योजना वैश्विक संकट के समय में उद्योगों को नकदी की कमी का सामना करने से रोकेगी और उनके संचालन को सुचारू रूप से जारी रखने में मदद करेगी, जिससे अर्थव्यवस्था की लचीलापन बढ़ेगी।

इन रणनीतिक फैसलों का विभिन्न क्षेत्रों पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कृषि क्षेत्र में, ‘कपास क्रांति’ के तहत 5,669 करोड़ रुपये के निवेश से उत्पादन तकनीक और अनुसंधान में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, जिससे भारत 2030-31 तक 450 लाख गांठ कपास की अनुमानित मांग को सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम होगा। तकनीकी क्षेत्र में, 3,936 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘क्रिस्टल’ और ‘सूचि’ प्रोजेक्ट्स से भारत सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेगा, जिससे उच्च-तकनीकी विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर के संदर्भ में, वडीनार में जहाज मरम्मत सुविधा से भारत के बंदरगाहों की क्षमता बढ़ेगी और विदेशी डॉकयार्ड पर हमारी निर्भरता उल्लेखनीय रूप से कम होगी, जिससे देश की समुद्री अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। सरकार के ये दूरदर्शी और रणनीतिक फैसले कृषि, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करने की एक स्पष्ट दिशा तय करते हैं। ‘कपास क्रांति’ के जरिए किसानों की आय बढ़ाने से लेकर सेमीकंडक्टर मिशन और वडीनार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तक, ये कदम न केवल भविष्य की घरेलू मांग को पूरा करेंगे, बल्कि वैश्विक पटल पर भारत को एक मजबूत, स्थिर और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के रूप में भी स्थापित करेंगे, जिससे देश की प्रगति सुनिश्चित होगी।

मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले, व्यापारी कल्याण बोर्ड को हरी झंडी

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मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले, व्यापारी कल्याण बोर्ड को हरी झंडी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार (5 मई 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में किसानों और प्रदेश के विकास को लेकर बड़े फैसले लिए गए। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तर्ज पर राज्य स्तरीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने दी।

कैबिनेट बैठक में बताया गया कि कृषि कल्याण वर्ष में 9 से 13 जून तक इंदौर में ब्रिक्स का सम्मेलन होगा, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कृषि के क्षेत्र में उन्नयन, अच्छे बीजों और टेक्नोलॉजी उपयोग पर चर्चा की जाएगी। श्रमिकों के लिए श्रम स्टार रैटिंग की व्यवस्था लागू की गई। इस रैटिंग को उद्योगपति अपने-अपने ब्रॉन्ड पर अंकित करेंगे। इससे पता चलेगा के संबंधित ब्रॉन्ड के सामान की फैक्टरी या उद्योग में श्रमिकों के कल्याण की क्या-क्या व्यवस्थाएं हैं। इसमें अब तक 514 उद्योग जुड़ चुके हैं। इसके लिए उद्योगपतियों ने एक फॉर्मेट बनाया है।

कैबिनेट बैठक में जानकारी दी गई कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया लगातार जारी हैं। 40 प्रतिशत किसानों का गेहूं खरीदा जा चुका हैं। अबतक 41 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदा और 6520 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। मध्यम और बडे किसानों को जोड़कर अबतक कुल 14 लाख 76 हजार किसानों ने स्लॉट बुक किए हैं। सरकार ने इस साल 100 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदी का टारगेट तय किया है।

मोहन कैबिनेट बैठक के प्रमुख फैसले
दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” के लिए 2442.04 करोड़ की स्वीकृति
सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32 हजार 405 करोड़
प्रदेश में होगा ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ का गठन
पांच साल के कार्यों की निरंतरता के लिए 38555 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। इसमें चार लोक निर्माण विभाग, चार महिला बाल विकास विभाग के शामिल हैं।
महिला एवं बाल विकास अंतर्गत नवीन, निर्माणाधीन अपूर्ण एवं अप्रारंभ आँगनवाड़ी भवनों के निर्माण और समेकित बाल संरक्षण योजना के लिए लगभग 2 हजार 412 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए।
विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग के अंतर्गत इलेक्ट्रॅानिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी संबंधी कार्य से संबंधित योजनाओं की निरंतरता और संचालन के लिए 1295 करोड़ 52 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
सेमी कंडेक्टर से संबंधित कार्य होंगे।

सांसद रवि किशन को भोपाल में मिला खास सम्मान, LNCT University ने दी डॉक्टरेट

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सांसद रवि किशन को भोपाल में मिला खास सम्मान, LNCT University ने दी डॉक्टरेट
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित LNCT यूनिवर्सिटी में 5 वें दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में गोरखपुर से सांसद रवि किशन खास तौर पर शामिल हुए. समारोह के दौरान उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि देकर सम्मानित किया गया.

इस खास मौके पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने हाथों से रवि किशन को यह सम्मान दिया. जैसे ही उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि दी गई, पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा. कार्यक्रम में शिक्षा जगत, समाजसेवा और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कई बड़े लोग मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम और भी भव्य बन गया.

‘ये सम्मान मेरे लिए जिम्मेदारी भी है’- रवि किशन
सम्मान मिलने के बाद रवि किशन ने मंच से अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा “मैं इस सम्मान को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक निष्ठा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा के रूप में स्वीकार करता हूँ.”

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में वे समाज, प्रदेश और देश की सेवा के लिए और ज्यादा ऊर्जा के साथ काम करेंगे. उनका कहना था कि जनसेवा ही उनका असली मकसद है और वे उसी दिशा में लगातार आगे बढ़ते रहेंगे.

यूनिवर्सिटी का जताया आभार, बताई नई प्रेरणा
कार्यक्रम के अंत में रवि किशन ने LNCT यूनिवर्सिटी के पूरे परिवार का दिल से धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि इस सम्मान ने उन्हें नई ऊर्जा दी है और अब वे और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित महसूस कर रहे हैं.

दीक्षांत समारोह में छात्रों के साथ उनके परिवार के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे, जिससे पूरा माहौल उत्साह और खुशी से भरा नजर आया. हर तरफ जश्न जैसा माहौल था और छात्रों की उपलब्धियों पर सभी गर्व महसूस कर रहे थे.

मंच से लेकर पूरे परिसर तक अच्छी व्यवस्था देखने को मिली. यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आयोजन को यादगार बनाने के लिए हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखा, जिससे कार्यक्रम और भी खास बन गया.

ग्वालियर की अनुष्का शर्मा संभालेंगी टीम इंडिया-ए की कमान

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ग्वालियर की अनुष्का शर्मा संभालेंगी टीम इंडिया-ए की कमान
ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा को भारतीय महिला क्रिकेट में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारत-ए महिला टीम की टी-20 कप्तानी अनुष्का शर्मा को सौंपी है।

उनके नेतृत्व में भारतीय टीम इंग्लैंड-ए के खिलाफ तीन टी-20 मुकाबले खेलेगी। ग्वालियर की क्रिकेट प्रतिभा के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। हरनमौला क्रिकेटर अनुष्का पिछले कुछ समय से घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। उनकी कप्तानी और आक्रामक खेल शैली को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है।

वृंदा बनी उपकप्तान
टीम में वृंदा दिनेश को उपकप्तान बनाया गया है। भारत-ए महिला टीम का इंग्लैंड दौरा 20 जून से शुरू होगा। तीन टी-20 मुकाबले नॉर्थम्पटन और चेल्म्सफोर्ड में खेले जाएंगे। वहीं वनडे टीम की कमान हरलीन देओल को दी गई है, जबकि प्रतिका रावल उपकप्तान होंगी। तीन वनडे मैच होवे और टॉनटन में आयोजित होंगे।

अनुष्का ने द. अफ्रीका के खिलाफ किया था डेब्यू
मैदान पर गेंद और बल्ले को संभालने वाली अनुष्का शर्मा ने अप्रैल महीने में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर भारतीय सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था और उनका प्रदर्शन मिलाजुला रहा था। उन्होंने दूसरे मैच में 31 गेंदों में 28 रन बनाए। चौथे और पांचवें मैच में क्रमश: 27 और 17 रन का योगदान दिया था।

बुंदेलखंड बुल्स ने बनाया है कप्तान
मध्य प्रदेश महिला लीग के दूसरे सीजन में अनुष्का शर्मा को बुंदेलखंड बुल्स ने रिटेन कर कप्तानी सौंपी है। पहले सीजन में उपकप्तान की थी और बुंदलेखंड ने ट्राफी जीतने का इतिहास रचा था। मप्र महिला लीग का पहला सीजन ग्वालियर में खेला गया था लेकिन इस बार
दूसरा सीजन जून में इंदौर में होगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए निरंतर खेलने का मौका मिलना बहुत खुशी और गर्व की बात है। असल में हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपने देश के लिए खेले। मेरी पूरी कोशिश होगी कि मैं अपनी टीम के लिए बेस्ट कर सकूं। इस बार मुझे कप्तान के रूप में टीम के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है और मेरी कोशिश उसे बेहतर बनाने की होगी। मेरे परिवार का सपोर्ट, कोच का मार्गदर्शन और ईश्वर की कृपा ही मेरी ताकत है।

चुनाव नतीजे को लेकर खरगे आवास पर कांग्रेस की बड़ी बैठक

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चुनाव नतीजे को लेकर खरगे आवास पर कांग्रेस की बड़ी बैठक
विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बड़ी बैठक चल रही है. इसमें कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल पहुंचे. इसके अलावे, राहुल गांधी और खरगे मौजूद है. इस बैठक में तमिलनाडु में टीवीके के समर्थन ओर केरल के नतीजों पर चर्चा की जा रही है.

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार के बाद पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हम हारे नहीं हैं, बल्कि वोट लूट कर हमें हराया गया है. उन्होंने कहा, ‘मैं फिर कह रहा हूं EVM में वोटों के साथ शायद हेरफेर नहीं हो सकती लेकिन EVM मशीनों को बदला जा सकता है… जिस EVM पर वोट हुआ है, जब उसे काउंटिंग टेबल पर मैच किया जा रहा है तो सिरीयल नंबर मेल ही नहीं खा रहा है.’

बंगाल में पहली बार बीजेपी की जीत, अमेरिका से आया बड़ा बयान

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बंगाल में पहली बार बीजेपी की जीत, अमेरिका से आया बड़ा बयान
बंगाल में बीजेपी की बंपर जीत पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी. न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने बंगाल के हालिया चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर पीएम मोदी को बधाई दी.’ पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की 294 सीटों में से 207 पर जीत दर्ज की.

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया. इस जीत के साथ बीजेपी राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी. पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत पर तुर्की, ब्रिटेन समेत दुनियाभर की मीडिया ने प्रतिक्रिया दी है. वर्ल्ड मीडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक विस्तार और विपक्ष के लिए बड़ा झटका बताया.

लंदन स्थित रॉयटर्स ने इसे कई मयनों में बीजेपी की बड़ी जीत बताया. न्यूज एजेंसी ने लिखा, नरेंद्र मोदी की पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की. इससे मान नागरिक संहिता और बुनियादी ढांचा निर्माण जैसी उसकी प्रमुख नीतियों को और गति मिल सकती है. ये 2029 के लोकसभा चुनाव के लिहाज से बीजेपी के लिए अच्छी खबर है.’ जर्मन ब्रॉडकास्टर डीडब्ल्यू ने लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिंदू राष्ट्रवादी बीजेपी पार्टी पहली बार राज्य में सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है.’

पहले बड़े मंगल पर शिवलिंग पर चढ़ा दें ये खास चीजें, महादेव और हनुमान जी दोनों की बरसेगी कृपा

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पहले बड़े मंगल पर शिवलिंग पर चढ़ा दें ये खास चीजें, महादेव और हनुमान जी दोनों की बरसेगी कृपा
ज्येष्ठ महीने के मंगलवार का हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा महत्व हैं, जिन्हें ‘बड़े मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से जाना जाता है। यह दिन संकटमोचन हनुमान जी की विशेष उपासना के लिए समर्पित है। हनुमान जी भगवान शिव के ही 11वें रुद्रावतार माने जाते हैं, इसलिए बड़े मंगल के शुभ अवसर पर शिवलिंग की पूजा करना न केवल महादेव को प्रसन्न करता है, बल्कि बजरंगबली की भी कृपा दिलाता है

शिवलिंग पर अर्पित करें ये सामग्री
लाल चंदन और लाल पुष्प – भगवान शिव को वैसे तो सफेद चीजें प्रिय हैं, लेकिन हनुमान जी के दिन यानी बड़े मंगल पर शिवलिंग पर लाल चंदन का लेप लगाना और लाल गुलाब या गुड़हल के फूल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। यह मंगल ग्रह के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है।
तांबे के लोटे से जल और अक्षत – तांबे के पात्र में गंगाजल भरकर उसमें थोड़े से अक्षत मिलाएं और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए शिवलिंग पर चढ़ाएं।
बिल्व पत्र और बेसन के लड्डू – महादेव को बिल्व पत्र अर्पित करें और साथ ही हनुमान जी के प्रिय बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। इस भोग को बाद में प्रसाद के रूप में बांटने से घर में सुख-शांति आती है।

पूजन के नियम
स्नान के बाद लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
ध्यान रखें कि हनुमान जी को तुलसी प्रिय है, लेकिन शिवलिंग पर तुलसी दल कभी न चढ़ाएं, क्योंकि यह वर्जित माना गया है।
शिवलिंग के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करना और अंत में शिव जी व हनुमान जी की आरती करना बहुत फलदायी होता है।
पूजा के बाद सभी गलतियों के लिए माफी मांगे।

शिव पूजा मंत्र
ॐ नमः शिवाय॥
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात॥
वंदे देव उमापतिं सुरगुरुं वंदे जगत्कारणं, वंदे पन्नगभूषणं मृधरं वंदे पशूनां पतिम्॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥