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मुर्शिदाबाद में रामनवमी जुलूस के दौरान पथराव और आगजनी, हिंसा के बाद केंद्रीय बल तैनात

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मुर्शिदाबाद में रामनवमी जुलूस के दौरान पथराव और आगजनी, हिंसा के बाद केंद्रीय बल तैनात
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी जूलुस के दौरान झड़प हो गई. सड़कों पर आगजनी, तोड़फोड़, पत्थरबाजी और भारी अफरा-तफरी की खबरें सामने आई है. बीजेपी के आरोपों के मुताबिक, शोभायात्रा मैकेंजी पार्क से शुरू हुई थी और जैसे ही यह फुलतला मोड़ के पास पहुंची, इस पर हमला कर दिया गया. आरोप है कि रामनवमी शोभायात्रा पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं, जिससे कई लोग घायल हो गए.

पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया
बीजेपी का दावा है कि शोभायात्रा के आगे बढ़ने के बाद, उस पर फिर से हमला किया गया. इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. रैपिड एक्शन फोर्स और कॉम्बैट फोर्स की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया. घटना के बाद, मुर्शिदाबाद रेंज के DIG अजीत सिंह यादव पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी के साथ इलाके में पहुंचे. उन्होंने बताया कि अब हालात काबू में हैं. कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. इलाके में पुलिस गश्त जारी है.

बीजेपी ने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया
बीजेपी के सीनियर लीडर और बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें दो शख्स भगवा झंडे के गिराते नजर आ रहा है. उन्होंने पूछा कि क्या पश्चिम बंगाल में रामनवमी के पवित्र अवसर पर सनातनियों द्वारा पवित्र भगवा ध्वज फहराना कोई अपराध है? उन्होंने सीएम ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया.

अपने ही राज्य में अपमान का सामना करना पड़ रहा: BJP
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘मुर्शिदाबाद के जंगीपुर स्थित फुलातला मोड़ पर सनातनियों द्वारा फहराए गए भगवा ध्वज को जिस अपमानजनक तरीके से नीचे खींचकर फेंक दिया गया. यह पवित्र भगवा ध्वज का अपमान करने, सनातन धर्म का अपमान करने और सनातनियों की भावनाओं पर सीधा आघात करने का एक सुनियोजित प्रयास था. यह पूरी तरह से ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की नीतियों का नतीजा है कि अपने ही राज्य में सनातनियों को बार-बार अपमान का सामना करना पड़ रहा है.’

पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक, ईंधन और खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

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पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक, ईंधन और खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। यह बैठक डिजिटल माध्यम से हुई। बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की गई। आदर्श आचार संहिता के कारण चुनावी राज्य इस बैठक में शामिल नहीं हुए। चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक होगी, जो कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से की जाएगी।

डिजिटल माध्यम से यह बैठक ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल के ईरान पर हमले से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ इस तरह की बैठक की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इजराइल पर हमले किए।

बैठक में कौन-कौन मुख्यमंत्री शामिल हुए?
बैठक में आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी, पंजाब के भगवंत मान, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू और अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू सहित कई मुख्यमंत्री शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी इस बैठक में मौजूद थे।

एक सूत्र ने बताया, प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और राज्यों की तैयारियों व योजनाओं की समीक्षा की। बैठक का फोकस ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत तालमेल सुनिश्चित करना था। आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठक करेगा।

संकट पर पहले हुई थी सर्वदलीय बैठक
सरकार ने 25 मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर राजनीतिक दलों के नेताओं को जानकारी देने के लिए सर्वदलीय बैठक भी की थी, जिसमें स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई। 23 मार्च को लोकसभा में बयान देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुई वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रह सकती हैं और उन्होंने देश से एकजुट और तैयार रहने का आह्वान किया था, जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान रहा था।

भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार
इससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

डीजल-पेट्रोल सस्ता होने पर सीएम साय ने जताया आभार, कहा- “विकास को मिलेगी नई गति

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डीजल-पेट्रोल सस्ता होने पर सीएम साय ने जताया आभार, कहा- “विकास को मिलेगी नई गति
केंद्र सरकार द्वारा डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी को मात्र ₹3 प्रति लीटर करने के निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाने वाला ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से देश के प्रत्येक परिवार, किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार द्वारा आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढ़ने देना एक बड़ी संवेदनशील पहल है, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संवेदनशीलता और देशवासियों के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।

PM मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक

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PM मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत करेंगे। इस बैठक में पश्चिम एशिया में बदलते हालात की समीक्षा की जाएगी और इसके भारत पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जाएगा, खासकर तरल प्राकृतिक गैस (एलपीजी) और तेल आपूर्ति से मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

बैठक में तैयारियों पर फोकस किया जाएगा, जिसमें आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रधानमंत्री बैठक में ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत सामूहिक प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाल सकते हैं, ताकि केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बना रहे।

बैठक में वैश्विक अनिश्चितता के बीच देश में स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है। जिन राज्यों में फिलहाल चुनाव चल रहे हैं, वे आचार संहिता के कारण इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह कैबिनेट सचिवालय के जरिये उनके मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक की जाएगी, ताकि योजनाओं और प्रतिक्रिया की प्रक्रिया जारी रहे।

यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि भारत इस समय एलपीजी की कमी का सामना कर रहा है। इससे घरों में इस्तेमाल होने वाले इस जरूरी ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ईरान की ओर से अधिकांश देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया गया है। हालांकि, भारत को इससे अलग रखा गया है। इसके बावजूद यह चिंता बनी हुई है कि आने वाले समय में हालात और कठिन हो सकते हैं।

भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार
इससे पहले सरकार ने आज नागरिकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

अधिकारियों ने बताया कि देश की रिफाइनरी अपनी पूरी क्षमता से भी अधिक पर काम कर रही हैं, जिससे पूरे देश में ईंधन की लगातार आपूर्ति बनी हुई है। भारत की कुल भंडारण क्षमता करीब 74 दिनों की खपत को पूरा कर सकती है। जबकि, वर्तमान भंडार करीब 60 दिनों के लिए पर्याप्त है, जिसमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार भी शामिल हैं। अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि संकट के कई हफ्तों बाद भी कोई कमी नहीं है और भविष्य में आपूर्ति स्थिर बनाए रखने के लिए आगे की खरीद की योजनाएं भी पहले से तैयार हैं।

बीसीसीआई ने जारी किया आईपीएल के दूसरे चरण का कार्यक्रम

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बीसीसीआई ने जारी किया आईपीएल के दूसरे चरण का कार्यक्रम
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल 2026 के दूसरे चरण का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। हालांकि, बोर्ड ने फिलहाल प्लेऑफ और फाइनल मैच की तारीख और स्थल का एलान नहीं किया है। लेकिन समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, खिताबी मुकाबला 31 मई को बंगलूरू में खेला जाएगा। बीसीसीआई ने 70 लीग मैचों का कार्यक्रम घोषित किया है जो 24 मई तक चलेगा। आईपीएल के 19वें सीजन की शुरुआत 28 मार्च से होगी। बोर्ड ने पहले 20 मैचों का कार्यक्रम घोषित किया था और अब दूसरे चरण में बीसीसीआई ने लीग चरण के शेष 50 मैचों का शेड्यूल जारी कर दिया है।

क्यों दो भाग में आया कार्यक्रम?
आईपीएल 2026 का कार्यक्रम दो भागों में जारी किया गया है। पहले 20 मैचों का शेड्यूल जारी हुआ था और अब लीग चरण के शेष 50 मैचों का कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसका कारण पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं। असम, पुडुचेरी, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव के नतीजे चार मई को जारी होंगे। बीसीसीआई ने इन राज्यों में चुनाव घोषित होने के बाद लीग चरण का पूरा कार्यक्रम घोषित किया है।

खिताब बचाने उतरेगी आरसीबी
आरसीबी की टीम इस बार अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी। आरसीबी ने 2025 में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल का खिताब जीता था। आरसीबी के लिए राहत की बात यह है कि उसके होम ग्राउंड चिन्नास्वामी स्टेडियम को मुकाबले की मेजबानी करने की मंजूरी मिल गई है। आईपीएल 2026 का उद्घाटन मैच बंगलूरू में ही खेला जाएगा।

13 शहरों में होंगे मैच
बीसीसीआई ने पहले 12 अप्रैल तक के मैचों का कार्यक्रम जारी किया था और अब 13 अप्रैल से 24 मई तक का शेड्यूल बता दिया है। दूसरे चरण में 12 वेन्यू पर आईपीएल के मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि आईपीएल 2026 में कुल 13 स्थानों पर मैच होंगे। दूसरे चरण में बंगलूरू, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, जयपुर, धर्मशाला, रायपुर और न्यू चंडीगढ़ में मुकाबले होंगे। पहले चरण में गुवाहाटी भी आईपीएल मैचों की मेजबानी कर रहा है, लेकिन दूसरे चरण में वहां मैच नहीं होंगे। दूसरे चरण की शुरुआत 13 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हैदराबाद में होने वाले मैच से होगी। वहीं, लीग चरण का अंतिम मैच 24 मई को केकेआर और दिल्ली कैपिटल्स के बीच कोलकाता में खेला जाएगा।

धर्मशाला में होंगे तीन मुकाबले
दूसरे चरण में आठ डबल हेडर मुकाबले होंगे जिसमें दोपहर के मैच भारतीय समयानुसार 3:30 बजे से होंगे, जबकि शाम के मैच 7:30 बजे से खेले जाएंगे। पहले चरण में चार डबल हेडर होने हैं। यानी इस बार कुल 12 डबल हेडर मुकाबले खेले जाएंगे। पंजाब किंग्स की टीम अपने होम मुकाबले न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला में खेलेगी। इस दौरान धर्मशाला में तीन मैच खेले जाएंगे। दूसरी तरफ, राजस्थान की टीम चार मैच जयपुर में खेलेगी, जबकि गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) अपने तीन होम मैच बंगलूरू और दो रायपुर में खेलेगी। बीसीसीआई ने बताया कि प्लेऑफ के वेन्यू की घोषणा बाद में की जाएगी।

छिंदवाड़ा में पिकअप से टक्कर के बाद बस पलटी, 10 लोगों की दर्दनाक मौत

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छिंदवाड़ा में पिकअप से टक्कर के बाद बस पलटी, 10 लोगों की दर्दनाक मौत
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां पिकअप से टक्कर के बाद एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में दस लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे में कुछ यात्रियों के हाथ कटने और कई के सिर फूटने जैसी गंभीर चोटें सामने आई हैं।कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने मौतों की पुष्टि की है। हादसे पर सीएम मोहन यादव ने भी दुख जताया है। उन्होंने सहायता राशि की घोषणा भी की है।

पुलिस के अनुसार, घटना शाम करीब साढ़े 6 बजे उमरानाला क्षेत्र में हुई। बस में 40 से अधिक यात्री सवार थे और यह छिंदवाड़ा से उमरानाला की ओर जा रही थी। जानकारी मिली है कि बस में सवार अधिकांश लोग चौरई तहसील में आयोजित हितग्राही सम्मेलन से लौट रहे थे, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे।

फिलहाल हादसे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। घटना के तुरंत बाद पुलिस और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

क्या बोले कलेक्टर?
कलेक्टर ने कहा कि बस में 47 यात्री सवार थे। ये बस छिंदवाड़ा की तरफ से आ रही थी। सिमरिया के पास बस एक वाहन को ओवरटेक कर रही थी, तभी लहसुन से लदी एक पिकअप वाहन की आमने-सामने से भीषण भिंड़त हो गई। इस हादसे में पांच की हालत गंभीर बनी हुई है और 10 मौतों की जानकारी है।

सीएम ने सहायता राशि की घोषणा की
आज शाम को छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुई सड़क दुर्घटना हृदय विदारक है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि सभी दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए कामना करता हूँ। मैंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए हैं। छिंदवाड़ा के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह जी को भी अपने कार्यक्रम परिवर्तित कर छिंदवाड़ा पहुँचने के लिए निर्देशित किया है। मृतकों के निकटम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहाँ से सभी घायलों के उपचार की सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी, ‘जल्द सीरियस हो जाएं वरना देर हो जाएगी’

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डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी, ‘जल्द सीरियस हो जाएं वरना देर हो जाएगी’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीते कुछ दिनों से लगातार दावा कर रहे हैं कि उनकी ईरान से बातचीत हो रही है. लेकिन दूसरी ओर ईरान अमेरिका के प्रस्ताव को कभी ख़ारिज करता है तो कभी कहता है कि हमसे अमेरिका की कोई बातचीत नहीं है.

साथ ही ईरान यह भी कह रहा है कि उसकी वजह से ट्रंप को ‘बातचीत’ के रास्ते पर आना पड़ा है.

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उन्हें (ईरान) जल्दी गंभीर होना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी, फिर वापसी का रास्ता नहीं बचेगा.

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हाल ही में एक 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव दिया था.

लेकिन ईरान ने इसे स्वीकार नहीं किया. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री ने यह ज़रूर कहा था कि ईरान के टॉप लीडर ‘अलग-अलग प्रस्तावों’ पर विचार कर रहे हैं. जबकि बाद में ईरान की ओर से पांच शर्तें सामने आईं.

डोनाल्ड ट्रंप ने अब क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “जो लोग ईरान की ओर से बातचीत कर रहे हैं, वो बहुत अजीब हैं. वे हमसे समझौता करने की ‘मिन्नतें’ कर रहे हैं, जो उन्हें करना भी चाहिए क्योंकि उनकी सैन्य ताक़त पूरी तरह ख़त्म हो चुकी है और वापसी का कोई मौक़ा नहीं है.”

उन्होंने लिखा, “फिर भी वे सार्वजनिक तौर पर कहते हैं कि वे (ईरान) सिर्फ़ हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं. यह ग़लत है, उन्हें जल्दी गंभीर होना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी. जब ऐसा होगा तो वापसी का कोई रास्ता नहीं होगा और हालात अच्छे नहीं होंगे.”

डोनाल्ड ट्ट्रंप ने बुधवार को दावा किया, “ईरान बातचीत के लिए मानने से डरता है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके अपने लोग उन्हें मार देंगे.”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा को दी 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा को दी 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। गरीब, किसान, महिला और युवा सहित सभी वर्गों का कल्याण राज्य सरकार का संकल्प है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। प्रदेश के किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि और लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की खुशहाली है। इसी ध्येय से किसानों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण से आय दोगुनी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह प्रदेश का स्वर्णिम काल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगीकरण और युवाओं को रोजगार से जोड़ने में सबसे आगे है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिले को 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 133 करोड़ की लागत के तामिया-जुन्नारदेव मार्ग, नल जल योजना के कार्य, पुलिस आवास गृह, माध्यमिक विद्यालय भवन और छात्रावास सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए नया भवन बनाए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के 7008 श्रमिकों के खातों में संबल योजना की 157 करोड़ की राशि का अंतरण किया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 55 लाख से अधिक हितग्राहियों को 463 करोड़ की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र एवं हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चैत्र नवरात्रि की महा अष्टमी के दिन छिंदवाड़ा में दीप प्रज्ज्वलित कर एवं कन्या पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

प्रदेशवासियों को दी महाअष्टमी और श्रीराम नवमी की मंगलकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा को लगभग 500 करोड़ और पांढुर्णा को 350 करोड़ से अधिक की अनुपम सौगात मिली है। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के पास जामसांवली में हनुमान लोक के लोकार्पण का सौभाग्य मिला। भगवान हनुमान के बिना तो रामराज्य भी अधूरा सा लगता है। हमारा शासनकाल भगवान श्रीराम के राज्य जैसा होना चाहिए। राज्य सरकार अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद अब मध्यप्रदेश के पवित्र चित्रकूट धाम को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। विरासत को विकास से जोड़ते हुए प्रदेश में श्रीराम गमन पथ का कार्य जारी है। उज्जैन में बाबा महाकाल, जामसांवली हनुमान धाम, सतना की शारदा मैया जैसे अनेक प्रसिद्ध धर्म स्थलों में महत्वपूर्ण तीर्थ होने के नाते सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक कर्मयोगी की तरह प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। पांढुर्णा में आज हनुमान लोक का लोकार्पण होने के साथ ही दूसरे चरण के कार्यों की भी घोषणा की गई है। छिंदवाड़ा के जनजातीय अंचलों के लिए 84 उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए विद्यालय और छात्रावास की भी सौगात मिली है। तामिया-जुन्नारदेव सड़क 2 जिलों को जोड़ रही है। छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट के विकास से क्षेत्र की एक अलग पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है। छिंदवाड़ा कॉर्न (मक्का) सिटी है। छिंदवाड़ा जिले में आज 350 करोड़ से अधिक लागत के सिर्फ लोकार्पण हुए हैं। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध कराने में नहीं रखी जाएगी कोई कमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध कराने में नहीं रखी जाएगी कोई कमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उज्जैन में क्षिप्रा नदी पर निर्माणधीन घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रखी जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंगारेश्वर और सिद्धवट के मध्य क्षिप्रा नदी पर बन रहे नए घाटों का अवलोकन भी किया। ये घाट आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के स्नान और अन्य सुविधाओं के लिए तैयार किए जा रहे हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने की व्यवस्था तथा सुविधाजनक स्थानों पर टॉयलेट बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख घाटों पर लगभग 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर विकसित करने के निर्देश भी दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाटों के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढ़ियाँ या अन्य पहुँच मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, जिससे मुख्य घाटों तक पहुंचना आसान हो सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिद्धवट और अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि पुल के निर्माण से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन सुगम होगा और श्रद्धालुओं को एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा। घाटों पर स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़ा घाट तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं के आने-जाने के साथ बैठने की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाटों पर श्रद्धालुओं के बैठने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गोवा के खेल एवं जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर की सौजन्य भेंट

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गोवा के खेल एवं जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर की सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए।

मुख्यमंत्री साय ने तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

उल्लेखनीय है कि रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।