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किसानों के हित में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था’

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किसानों के हित में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे – ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।

किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला: मुख्यमंत्री साय

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अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला: मुख्यमंत्री साय
अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।

गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है।

वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।

कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।

“संघ के सौ वर्ष” का भव्य विमोचन, राष्ट्रचेतना, तपस्या और संघर्ष की शताब्दी गाथा

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“संघ के सौ वर्ष” का भव्य विमोचन, राष्ट्रचेतना, तपस्या और संघर्ष की शताब्दी गाथा
इंदौर।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्षों की राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक तपस्या को शब्दों में संजोती पुस्तक “संघ के सौ वर्ष” का भव्य विमोचन 30 जनवरी को नर्मदा साहित्य मंथन के गरिमामय मंच पर संपन्न हुआ। पुस्तक का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघ चालक पूर्णेन्दु सक्सेना के कर-कमलों से किया गया।
यह आयोजन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के खंडवा रोड स्थित तक्षशिला परिसर के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय नर्मदा साहित्य मंथन के दूसरे दिन संपन्न हुआ। देशभर से पधारे साहित्यकारों, विचारकों एवं प्रबुद्धजनों की गरिमामय उपस्थिति ने इस अवसर को ऐतिहासिक बना दिया।

लेखिका एवं वरिष्ठ पत्रकार शीतल रॉय द्वारा लिखित पुस्तक “संघ के सौ वर्ष” केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और ‘राष्ट्र हित सर्वोपरि’ की विचारधारा को स्थापित करने हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विगत सौ वर्षों में किए गए संघर्ष, साधना और सेवा का सशक्त एवं जीवंत दस्तावेज़ है। पुस्तक में संघ की वैचारिक यात्रा, सामाजिक समरसता, सेवा कार्यों और राष्ट्रनिर्माण में उसके योगदान को तथ्यात्मक, शोधपरक एवं ओजस्वी शैली में प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक विमोचन अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “संघ के सौ वर्ष” आने वाली पीढ़ियों के लिए केवल इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्रबोध, वैचारिक प्रेरणा और संगठनात्मक चेतना का महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।

नर्मदा साहित्य मंथन के मंच से हुआ यह विमोचन राष्ट्रवादी साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो समकालीन समाज को विचार, मूल्य और राष्ट्रधर्म से जोड़ने का कार्य करेगा।

RBI का नया आदेश, 31 मार्च को छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे बैंक

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RBI का नया आदेश, 31 मार्च को छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे बैंक
वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होने वाली है। वर्तमान वित्तवर्ष का समापन 31 मार्च 2026 को होगा। जिसे देखते हुए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 31 मार्च को सभी एजेंसी बैंक खुले रहेंगे। जबकि इस दिन महावीर जयंती के अवसर पर बैंक बंद रहने वाले थे। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने सभी एजेंसी बैंकों को इससे संबंधित नोटिफिकेशन आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर जारी किया है।

सरकारी प्राप्तियां और भुगतान से संबंधित सभी बैंकों की शाखाएं 31 मार्च 2026 को लेनदेन के लिए खुला रखा जाएगा। ताकि वित्त वर्ष 2025- 26 की प्राप्तियाँ और भुगतानों से संबंधित सभी सरकारी लेनदेन का हिसाब इस वित्त वर्ष में किया जा सके।

इस सूची में बैंक ऑफ़ इंडिया, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, पीएनबी, पीएसबी, आईओबी, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईडीबीआई बैंक समेत कई प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक शामिल हैं। इसके अलावा डसीबी बैंक इंडिया लिमिटेड समेत 30 से अधिक बैंकों पर लागू होगा।
मार्च में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक?

आरबीआई ने मार्च 2026 के लिए बैंक हॉलिडे लिस्ट जारी कर दी है। होलिका दहन, रमजान और रामनवमी को लेकर को मिलाकर 10 दिनों तक बैंकों की छुट्टी रहने वाली है। इसके अलावा हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार के साथ-साथ रविवार को बैंक बंद रहते हैं।

बैंक हॉलिडे लिस्ट देखें
2 मार्च- होलिका दहन
3 मार्च- होली
4 मार्च- दूल्हेती
13 मार्च- चपचुर कूट
17 मार्च- सब-ए- कदर
19 मार्च- गुड़ी पड़वा/ तेलुगु नया साल/उगादि फेस्टिवल/चैत्र नवरात्रि का पहला दिन
20 मार्च- रमजान
21 मार्च- खुतुब-ए-रमजान/ सरहुल
26 मार्च और 27 मार्च- श्री रामनवमी
18,15, 22 और 29 मार्च- रविवार
14 और 28 मार्च- महीने का दूसरा और चौथा शनिवार

पद्म श्री से सम्मानित हुए रोहित शर्मा

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पद्म श्री से सम्मानित हुए रोहित शर्मा
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान को पाकर रोहित काफी भावुक नजर आए। उन्होंने इस खास पल के लिए भारत सरकार और अपने करियर में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया है।

रोहित ने यह भी कहा कि देश के लिए मैच और ट्रॉफियां जीतने का उनका प्रयास हमेशा जारी रहेगा। उनका यह बयान उस वक्त आया है, जब वह टेस्ट और T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वनडे फॉर्मेट में खेलना जारी रखे हुए हैं।

अगला लक्ष्य 2027 वनडे विश्व कप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दूरदर्शन स्पोर्ट्स द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में रोहित ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। T20 विश्व कप 2024 में भारत को चैंपियन बनाने के बाद रोहित ने T20 और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। अब उनका पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है और उनका सपना 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप की ट्रॉफी जीतना है।
‘हिटमैन’ का शानदार अंतरराष्ट्रीय सफर

महाराष्ट्र के नागपुर में 30 अप्रैल, 1987 को जन्मे रोहित शर्मा ने 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उन्होंने 23 जून, 2007 को आयरलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था। लगभग 18 साल के लंबे करियर में वह भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रहे हैं।

T20 करियर: रोहित ने 159 T20 मैचों में 5 शतक और 32 अर्धशतकों की मदद से 4231 रन बनाए। उन्होंने 29 जून, 2024 को विश्व कप जीत के साथ इस फॉर्मेट से संन्यास लिया।

टेस्ट करियर: टेस्ट क्रिकेट में रोहित ने 12 शतकों और 18 अर्धशतकों के साथ 4301 रन बनाए। उन्होंने T20 के साथ ही टेस्ट से भी संन्यास की घोषणा की थी।

वनडे करियर: रोहित शर्मा वनडे फॉर्मेट में अब भी सक्रिय हैं। उन्होंने 279 मैचों में 33 शतक और 61 अर्धशतकों की मदद से 11,516 रन बनाए हैं।
ICC ट्रॉफी में रोहित का योगदान

रोहित शर्मा अपने करियर में तीन ICC ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 2007 में T20 विश्व कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी बतौर खिलाड़ी जीती। वहीं, 2024 में उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को T20 विश्व कप का खिताब दिलाया।

विधायक से मणिपुर के सीएम बनेंगे युमनाम खेमचंद

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विधायक से मणिपुर के सीएम बनेंगे युमनाम खेमचंद
मणिपुर लंबे समय से हिंसा और राजनीतिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा था. लेकिन आखिरकार अब उसे नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है. भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की एक अहम बैठक के बाद युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर का विधायक दल का नेता चुना गया है. आइए जानते हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी.

कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह
युमनाम खेमचंद सिंह एक अनुभवी राजनेता हैं जिनकी मणिपुर की विधायी राजनीति में गहरी जड़े हैं. वह सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं और पहले मणिपुर विधानसभा के स्पीकर के रूप में भी काम कर चुके हैं. भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में उनका सर्वसम्मत चुनाव संगठनात्मक विश्वास और राज्य के लिए एक जरूरी समय में स्थिरता की जरूरत दोनों को दर्शा रहा है.

कितनी होती है विधायक की सैलरी
विधायक के तौर पर काफी अच्छी मासिक आय मिलती है. 2020 में मणिपुर ने अपने विधायकों की सैलरी और भत्तों में संशोधन किया था. एक विधायक के तौर पर कुल मासिक सैलरी और भत्ते लगभग ढाई लाख हो जाते हैं. इसमें ₹50,000 की बेसिक सैलरी, और साथ ही निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और सचिवालय भत्ता के लिए समान राशि शामिल थी. इसके अलावा टेलीफोन, मनोरंजन और दूसरे भत्ते मिलाकर लगभग ₹1,00,000 प्रति महीने होते थे. इस तरह यह पूरी सैलरी ढाई लाख रुपये की बन जाती है.

मुख्यमंत्री की सैलरी
मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद मासिक सैलरी वास्तव में कम हो जाती है. आधिकारिक नियमों और हालिया रिपोर्ट के मुताबिक मणिपुर के मुख्यमंत्री को भत्तों सहित हर महीने लगभग 1.2 लाख रुपये से 1.5 लाख रुपये मिलते हैं.

भले ही मुख्यमंत्री के नकद सैलरी कम हों लेकिन इस पद से जुड़े भत्ते और सुविधाएं काफी ज्यादा हैं. मुख्यमंत्री को एक सरकारी बंगला मिलेगा जो उनके आधिकारिक निवास और कार्यालय के रूप में काम करेगा. उन्हें जेड प्लस लेवल की सुरक्षा, सरकारी गाड़ियां और डेडिकेटेड स्टाफ मिलेगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री को अनलिमिटेड मेडिकल सुविधा, सरकारी यात्रा भत्ता और लॉजिस्टिकल सपोर्ट मिलता है.

असली अपग्रेड सैलरी नहीं पावर है
भूमिका में सबसे बड़ा बदलाव फाइनेंशियल नहीं बल्कि पॉलिटिकल है. मुख्यमंत्री के तौर पर अब राज्य की एग्जीक्यूटिव मशीनरी को कंट्रोल करते हैं, पॉलिसी फैसलों की देखरेख करते हैं और मणिपुर में शांति और शासन को बहाल करने में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं.

मार्च में साल का पहला चंद्र ग्रहण, भारत में भी दिखेगा

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मार्च में साल का पहला चंद्र ग्रहण, भारत में भी दिखेगा
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च 2026 को फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर लगेगा। इस दौरान मन के कारक चंद्रमा सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में रहेंगे। यह ग्रहण भारत के साथ साथ एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका जैसे कई देशों में भी दिखाई देगा। चूंकि भारत (जैसे अरुणाचल प्रदेश, मप्र, दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम नागालैंड, असम, आइजोल, गुवाहाटी समेत कई देश के जिलों में दिखाई देगा) में यह ग्रहण दिखेगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा।

चंद्रग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2 बजकर 16 मिनट से होगी। मुख्य प्रभाव दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से दिखाई देगा। शाम 6 बजकर 46 मिनट पर चंद्रमा ग्रहण से बाहर आने लगेगा। चंद्र ग्रहण पूरी तरह शाम 7 बजकर 52 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।
सूतक सुबह 9 बजकर 39 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। चंद्रग्रहण लगने के 9 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है।
यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) होगा, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जा सकता है। बता दें कि हिंदू पंचाग के अनुसार, 3 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को होली (रंग पर्व) खेली जाएगी, ऐसे में इस ग्रहण का महत्व और बढ़ जाता है।

महत्वपूर्ण जानकारी
चंद्रग्रहण की ​तारीख: 3 मार्च 2026, मंगलवार
चंद्रग्रहण का आरंभ समय: दोपहर 2:16 PM (लगभग)
चंद्रग्रहण का समापन: शाम 7:52 PM (लगभग)
​​सूतक का समय: 3 मार्च को सुबह लगभग 6:20 AM से
भारत में दिखने का समय (चंद्रोदय) : शाम 06:26 बजे, अधिकतम ग्रहण : शाम 06:33 बजे से शाम 06:40 बजे तक, ग्रहण समाप्त : शाम 06:46 बजे

जानिए कब लगता है चंद्रग्रहण
चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी, चांद और सूर्य के बीच आ जाती है, इस दौरान चांद धरती की छाया से पूरी तरह से छुप जाता है।
पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक दूसरे के बिल्कुल सीध में होते हैं। इस दौरान जब हम धरती से चांद देखते हैं तो वह हमें काला नजर आता है और इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है।
आंशिक चंद्रग्रहण के दौरान सिर्फ चांद का एक भाग पृथ्वी की छाया में प्रवेश करता है। चंद्रमा के धरती की तरफ वाले हिस्से पर धरती की छाया काली दिखाई देती है, कटा हिस्सा दिखाई देता है, तो वह इस पर निर्भर करता है कि किस प्रकार सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में हैं।

राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव
धनु, मेष, सिंह और मकर राशि वालों के लिए चंद्रग्रहण लाभप्रद सिद्ध हो सकता है। इस अवधि में कोई वाहन या प्रापर्टी खरीदने के योग बन सकते हैं। आय, साहस और पराक्रम में वृद्धि के प्रबल संकेत हैं। नौकरीपेशा को वेतनवृद्धि के साथ पदोन्नति का लाभ मिल सकता है।। देश- विदेश की यात्रा कर सकते हैं। समाज में मान- सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। व्यापारियों को अच्छा धनलाभ हो सकता है। परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं?
ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ बंद कर देना चाहिए।
ग्रहण के अवधि के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढक दें।
ग्रहण में भूलकर भी देवी-देवताओं की पूजा नहीं करना चाहिए।
ग्रहण के दौरान खाना-पीना नही चाहिए।
खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखना चाहिए
ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, उन्हें घर से
बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए।
ग्रहण के सूतक काल में भोजन बनाना, खाना, सोना, बाल काटना, तेल लगाना,
सिलाई-कढ़ाई करना और चाकू चलाना नहीं चाहिए।

सनी देओल से डटकर मुकाबला कर रही हैं रानी मुखर्जी

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सनी देओल से डटकर मुकाबला कर रही हैं रानी मुखर्जी
‘मर्दानी 3’ और ‘बॉर्डर 2’ हाल ही में रिलीज हुईं ये दोनों ही फिल्में काफी चर्चा में बनी हुईहैं. इन दोनों की फिल्मों की कहानी और जोनर एकदम अलग- अलग है, लेकिन फिर ये दोनों ही फिल्में एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं. बॉक्स ऑफिस पर ‘बॉर्डर 2’ की रिलीज को 12 दिन हो चुके हैं, तो वहीं ‘मर्दानी 3’ की रिलीज को पांच दिन हो गए हैं. ऐसे में दोनों ही फिल्मों का कलेक्शन बढ़िया चल रहा है. आइये बताते हैं कि मंगलवार को इन दोनों फिल्मों ने कितना कलेक्शन कर लिया है.

‘मर्दानी 3’ का पांचवे दिन का कलेक्शन
रानी मुखर्जी का क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘मर्दानी 3’ 30 जनवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. हालांकि फिल्म को शुरुआत से ही थोड़ कम थिएटर मिले थे, लेकिन फिर भी इस फिल्म ने पांच ही दिनों में अच्छा खासा कलेक्शन कर लिया है. फिल्म की रफ्तार हर दिन के साथ बढ़ती जा रही है. फिल्म ने रिलीज के पहले ही दिन 4 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया था. जिसके बाद लगातार फिल्म का कलेक्शन बढ़ता गया, खासतौर से वीकेंड्स पर. हालांकि वीक डेज के हिसाब से थोड़ी रफ्तार कम हुई है लेकिन इतनी भी कम नहीं रही. जैसे सैकनिक के मुताबिक पहले सोमवार को फिल्म ने 2.25 करोड़ रुपये की कमाई की है. तो वहीं मंगलवार को फिल्म ने 1.82 करोड़ (रात 8 बजे तक) की कमाई कर ली है.

‘बॉर्डर 2’ का बारहवें दिन का कलेक्शन
बात करें ‘बॉर्डर 2’ की तो, सनी देओल स्टारर इस फिल्म ने 200 करोड़ क्लब में तो चुटकियों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा ली थी. हालांकि 300 करोड़ में पहुंचने में फिल्म को काफी समय लग रहा है. जिस तरह ये मंगलवार ‘मर्दानी 3’ का पहला मंगलवार है. वैसे ही ये ‘बॉर्डर 2’ का दूसरा मंगलवार है. फिल्म ने अपने दूसरे मंगलवार पर सैकनिक के मुताबिक अब तक 4.22 करोड़ (रात 8 बजे तक) रुपये का कारोबार किया है. तो वहीं बात करें पहले मंगलवार की तो फिल्म ने इसमें 20 करोड़ का कारोबार किया था, जो दूसरे के मुकाबले लगभग 25% काफी कम है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव वडोदरा में महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव वडोदरा में महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात की धरती भारत सहित अनेक राष्ट्रों में धर्म, आध्यात्म, सनातनी परम्परा, मानव कल्याण और सेवा मूल्यों को चेतना से जोड़ने का कार्य कर रही है। इस धरा से कभी महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसी विभूतियों ने राष्ट्र को योगदान दिया, वहीं अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह इस परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं। आज सऊदी अरब सहित अबूधाबी और अमेरिका में स्वामी नारायण अक्षर धाम के पारम्परिक हिन्दू मंदिर और विश्व के अनेक देशों में 600 से अधिक मंदिरों का निर्माण उल्लेखनीय है। सत्संगदीक्षा जैसे शास्त्रसम्मत ग्रंथ की रचना और हजारों सेवाभावी नवयुवान संतों का निर्माण सनातन की परम्परा को ऊंचाइयां दे रहा है। यह गर्व की बात है कि महंत स्वामी महाराज की जीवन यात्रा की जड़ें मध्यप्रदेश से भी जुड़ी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को गुजरात के वडोदरा में पूज्य महंत स्वामी महाराज की 92वीं जन्म वर्षगांठ पर उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके शतायु होने की कामना की और आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में स्वामी जी का जन्म शताब्दी समारोह अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वडोदरा एक नगर नहीं बल्कि उस सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है जहां भक्ति के साथ सेवा की सुदीर्घ परम्परा है। इस धरती से गुरू के उस संदेश का प्रसार हो रहा है, जो भगवान स्वामी नारायण से लेकर पूज्य महंत स्वामीजी के जीवन में अभिव्यक्त होता है। अमृत बरसाने वाली यह धारा निरंतर प्रवाहित रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत वृंद ईश्वर के रूप में विराजमान रहते हैं। उनकी सामूहिक उपस्थिति बगिया में अनेक पुष्पों के एक साथ खिलने की तरह होती है। अपनी शिक्षाओं से वे बच्चों को आलोकित करते हैं। निश्चित ही यह बच्चे भारतीय संस्कृति को जीवंत करने का कार्य करेंगे। दीक्षित हो रहे बच्चे भी वंदन अभिनंदन के पात्र हैं।

संस्कृत श्लोकों के सामूहिक पाठ का बना नया रिकार्ड
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में 15 हजार 666 बच्चों को एक साथ स्वामी जी द्वारा रचित ‘सत्संग दीक्षा’ ग्रंथ के 315 श्लोकों का पाठ किए जाने को एक उपलब्धि बताया। इस गतिविधि का नया गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड भी बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने महंत स्वामी महाराज से जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी ने दोनों मुख्यमंत्रियों का पुष्पमाला से अभिनंदन किया। कार्यक्रम में श्री गुणातितानंद स्वामी की अद्भुत महिमा एवं जीवन पर केंद्रित नाटक का मंचन किया गया। इसमें गौंड साम्राज्य के राजा श्री भगवत सिंह के चरित्र के माध्यम से गुणातितानंद स्वामी के सामाजिक और धार्मिक कार्यों की जानकारी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वडोदरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने आत्मीय स्वागत किया।

डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी से फोन पर की बात

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डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी से फोन पर की बात
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर पोस्ट कर ये जानकारी दी. हालांकि, उन्होंने बातचीत के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि आगे की जानकारी के लिए जुड़े रहें. दोनों नेताओं के बीच बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया. हालांकि ट्रंप ने कई बार कहा है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही ट्रेड डील पर मुहर लगने वाली है.

अभी तक ट्रेड डील पर नहीं बनी बात
भारत और अमेरिका मार्च 2025 से ट्रेड डील पर बात कर रहे हैं. पिछले साल अगस्त से अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50 फीसदी का भारी टैरिफ लगाया है, जो किसी भी देश पर लगाए गए उच्चतम टैरिफ में से एक है. इसमें 25 फीसदी टैरिफ टैरिफ रूस तेल खरीदने को लेकर लगाया गया है.

भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा: ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (1 फरवरी 2026) को दावा किया कि भारत अब ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि यह कदम वेनेजुएला में हुए कानूनी सुधारों के बाद उठाया गया है. हाल के वर्षों में भारत ने रियायती दरों पर रूसी कच्चे तेल की खरीद में बढ़ोतरी की है, जिससे रूस भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है.

अमेरिका दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर रेयर मिनरल्स सप्लाई चेन पर वाशिंगटन के नेतृत्व में आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर सोमवार को रवाना हुए. जयशंकर की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इसे दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच संबंधों में आई गिरावट के बाद स्थिति को सुधारने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है.

इसके अलावा मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव समाप्त कराने संबंधी ट्रंप के दावे और अमेरिका की नई इमिग्रेशन नीति सहित कई अन्य मुद्दे के कारण भी संबंधों पर असर पड़ा है.