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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR

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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, उनके खिलाफ कोलकाता में एक मामला दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण दिए। उनके खिलाफ यह एफआईआर कोलकाता के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। शिकायत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों का भी उल्लेख किया गया है।

चुनाव नतीजों के बाद शिकायत
मिली जानकारी के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार राजीव सरकार ने 5 मई को चुनाव नतीजे आने के एक दिन बाद बागुईहाटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच हुई कई चुनावी सभाओं में ऐसे बयान दिए, जिनसे लोगों के बीच वैमनस्य फैल सकता था। शिकायत में कहा गया कि इन भाषणों से सार्वजनिक शांति प्रभावित हुई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर धमकी भरी बातें भी कही गईं।

शिकायत के साथ राजीव सरकार ने कई चुनावी भाषणों के वीडियो लिंक भी पुलिस को सौंपे। इसके बाद पुलिस ने 15 मई को दोपहर 2:45 बजे बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 196, 351(2) और 353(1)(c) के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) और 125 के तहत दर्ज किया गया है।

FIR में क्या है?
एफआईआर में कहा गया है कि भाषणों में कथित तौर पर भड़काऊ, धमकी भरे और उकसाने वाले बयान शामिल थे, जिनसे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी और सांप्रदायिक सौहार्द पर असर पड़ सकता था। पुलिस का यह भी आरोप है कि सार्वजनिक सभाओं में विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया गया। मामले की जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ सिन्हा राय को सौंपी गई है।

TMC ने 15 साल सत्ता में रहने के बाद गंवाई सरकार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 294 में से 207 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाई। बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत थी, जिसे भाजपा ने आसानी से पार कर लिया। शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा ने कई बड़े क्षेत्रों में बढ़त बनाई। वहीं ममता बनर्जी को भी हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है।

मध्य प्रदेश के 34 गांवों में बाढ़ का अलर्ट, प्रशासन ने बनाई स्थानीय टीमें

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मध्य प्रदेश के 34 गांवों में बाढ़ का अलर्ट, प्रशासन ने बनाई स्थानीय टीमें
आगामी मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में खंड स्तरीय बैठक में बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

एसडीएम सत्येंद्र बैरवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में नदी और तालाब किनारे बसे संवेदनशील गांवों के लिए स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन टीम गठित करने के निर्देश दिए गए।

34 गांव नर्मदा, वेदा, कुंदा और बोराड नदी से प्रभावित श्रेणी में
बैठक में बताया गया कि तहसील क्षेत्र के 34 गांव नर्मदा, वेदा, कुंदा और बोराड नदी से प्रभावित श्रेणी में आते हैं। इनमें निचले इलाकों और तालाबों के आसपास बसे गांवों को ज्यादा संवेदनशील माना गया है। प्रशासन ने जनपद पंचायत और नगर परिषद को नदी-नालों के आसपास सतत निगरानी रखने तथा लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए हैं।

यही टीम तत्काल राहत और बचाव कार्य संभालेगी
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थानीय शिक्षक को टीम प्रभारी बनाया जाएगा। इनके साथ पटवारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और चौकीदार को शामिल किया गया है। प्रशासन का कहना है कि आपदा की स्थिति बनने पर यही टीम तत्काल राहत और बचाव कार्य संभालेगी।

अन्य विभागों को भी अलर्ट रहने के निर्देश
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए स्कूल भवन चिन्हित किए गए हैं। संबंधित शिक्षकों और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। तहसीलदार, जनपद पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। 24 घंटे चलेगा बाढ़ कंट्रोल रूम खुला रहेगा।

1 जून से 15 सितंबर तक 24 घंटे इमरजेंसी व्यवस्था
एसडीएम कार्यालय स्थित बाढ़ कक्ष में 1 जून से 15 सितंबर तक 24 घंटे इमरजेंसी व्यवस्था संचालित की जाएगी। इसके लिए खंड स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही गोताखोर, नाविकों, ट्रैक्टर मालिकों और अन्य वाहनों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने वर्क फ्रॉम होम और कार पुलिंग पर लिया फैसला

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सुप्रीम कोर्ट ने वर्क फ्रॉम होम और कार पुलिंग पर लिया फैसला
भारत के सर्वोच्च अदालत ने पश्चिम एशिया में जारी लंबे भू-राजनीतिक संकट और बढ़ती ऊर्जा चिंताओं के बीच बड़ा फैसला लिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टी के दौरान बैठने वाली अवकाशकालीन बेंचों का भी पूरा काम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगा. इसके अलावा, नए मामलों की सुनवाई के लिए तय दिनों- सोमवार और शुक्रवार या इनके लिए घोषित दूसरे किसी भी दिन पूरी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी.

यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता में शुक्रवार (15 मई, 2026) की सुबह हुई फुल कोर्ट मीटिंग में लिया गया. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है.

सुप्रीम कोर्ट के महासचिव ने जारी किया सर्कुलर
इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के महासचिव भरत पराशर की तरफ से एक सर्क्युलर जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के मंगलवार (12 मई, 2026) के ऑफिस मेमोरेंडम के मद्देनजर तत्काल रूप से यह कदम उठाए जा रहे हैं. जिसके तहत, ईंधन की बचत के लिए सभी जजों ने तय किया है कि वह आपस में कार पुलिंग को प्रोत्साहित करेंगे.

इसके साथ ही, रजिस्ट्री के तमाम विभागों के 50 प्रतिशत तक कर्मचारी सप्ताह में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम कर सकेंगे. इसके लिए संबंधित रजिस्ट्रारों को वीकली रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अदालत का कामकाज प्रभावित न हो. इसमें कोर्ट की रजिस्ट्री विभाग को निर्देश दिया गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा बनाई जाए और समय पर तकनीकी मदद भी मुहैया कराई जाए, जिससे कि कोर्ट के किसी भी काम में किसी तरह की असुविधा न हो.

WFH वाले कर्मचारियों को फोन पर उपलब्ध रहना जरूरीः SC
सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया कि घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन पर उपलब्ध रहना होगा और अगर जरूरत पड़ती है तो उन्हें तुरंत ऑफिस भी आना पड़ सकता है. इसके साथ संबंधित रजिस्ट्रारों को यह अधिकार दिया गया है कि अगर वर्क फ्रॉम होर्म की वजह कोई जरूरी काम प्रभावित होता है तो वे इस व्यवस्था में बदलाव कर सकते हैं.

भोजशाला में कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज, बाहर मनाई होली

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भोजशाला में कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज, बाहर मनाई होली
धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ द्वारा फैसला दिए जाने की जानकारी के बाद गुरुवार को पूरे शहर में उत्साह का वातावरण रहा। दरअसल शुक्रवार को फैसला आने की संभावना के चलते प्रशासन पहले से ही सतर्क हो गया था, क्योंकि शुक्रवार को मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने आने वाला था।

इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। लगभग 1500 से अधिक पुलिस जवानों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भी तैनात किया गया था। इंदौर सहित अन्य स्थानों से अतिरिक्त पुलिस बल और अधिकारी धार पहुंच चुके थे। इधर जिले भर में हिंदू समाज में लोगों में उत्साह रहा। सुरक्षा को लेकर जिले में अलर्ट पर रहा।

कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज
शुक्रवार दोपहर नमाज के समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज अदा करवाई गई। नमाज के बाद सभी लोग शांतिपूर्वक लौट गए। इसी बीच दोपहर करीब ढाई बजे हाईकोर्ट का फैसला सामने आया। फैसले की जानकारी मिलते ही हिंदू समाज में उत्साह का वातावरण बन गया।
दोपहर करीब तीन बजे के बाद हिंदू समाज के लोग भोजशाला के बाहरी परिसर स्थित ज्योति मंदिर पर एकत्रित होने लगे। यहां महिलाओं, पुरुषों, बच्चों तथा आंदोलन से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही। भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी भी यहां पहुंचे।

पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे
जैसे-जैसे लोगों की संख्या बढ़ती गई, उत्साह का माहौल और अधिक गहराता गया।इस दौरान पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। नमाज से पहले पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई, ताकि कहीं भी किसी प्रकार की स्थिति निर्मित न हो।

दिन में मनाई गई होली
वहीं भोजशाला के बाहरी परिसर में उत्साह का वातावरण बना रहा। यहां ढोल-ढमाकों के साथ लोगों ने खुशी मनाई तथा रंग-गुलाल उड़ाकर फैसले का स्वागत किया। हिंदू समाज ने निर्णय लिया कि मंगलवार को विशेष रूप से भोजशाला में सत्याग्रह एवं उत्सव आयोजित किया जाएगा।

हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस में लगी आग, स्टेशन परिसर में मच गई अफरातफरी

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हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस में लगी आग, स्टेशन परिसर में मच गई अफरातफरी
हैदराबाद से बड़ी खबर सामने आई है। हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस में आग लगने की जानकारी सामने आई है। यह आग तब लगी जब ट्रेन खुलने के लिए तैयार हो रही थी। घटना के बाद स्टेशन परिसर अफरातफरी मच गई। जानकारी के अनुसार किसी भी पैसेंजर के हताहत होने की खबर नहीं है। जिस दो कोच में आग लगी, वहां कोई भी पैसेंजर या और कोई मौजूद नहीं था। यह घटना हैदराबाद के नामपल्ली रेलवे स्टेशन की है। ट्रेन के थ्री-टियर एसी कोच के B1 और B2 डिब्बों में आग लग गई थी। आग लगने के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल एक्टिव हो गए थे।

आग लगने के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में डर का माहौल बन गया। लोग जल्दबाजी में प्लेटफॉर्म से दूर हटने लगे। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति संभाली और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। मौके पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF), स्टेशन प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें तेजी से पहुंचीं। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की तीन गाड़ियों को लगाया गया। काफी देर तक फायर कर्मियों ने मशक्कत की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि आग दूसरे डिब्बों तक नहीं फैल पाई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

जांच के आदेश जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेलवे अधिकारियों ने बताया कि, जिस समय आग लगी उस वक्त प्रभावित कोचों में यात्री मौजूद नहीं थे। इसी वजह से किसी के घायल होने की खबर नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की सतर्कता और तुरंत कार्रवाई से स्थिति ज्यादा बिगड़ने नहीं दी गई। फिलहाल आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट जैसी आशंकाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। रेलवे ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रभावित कोचों का निरीक्षण किया जाएगा और यह भी देखा जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

इस घटना के बाद स्टेशन पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि बाद में हालात सामान्य कर दिए गए। रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की सही वजह सामने आ पाएगी।

ईरान की दादागिरी हुई खत्म, UAE ने भारत के लिए खोले तेल के नए रास्ते

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ईरान की दादागिरी हुई खत्म, UAE ने भारत के लिए खोले तेल के नए रास्ते
ईरान की दादागिरी को खत्म करने के लिए UAE ने बड़ा दांव चल दिया है। होर्मुज स्ट्रेट की घेराबंदी को धता बताते हुए यूएई (UAE) अब ‘वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन’ के जरिए सीधे अरब सागर से तेल एक्सपोर्ट करेगा। क्राउन प्रिंस ने ADNOC को साल 2027 तक क्षमता दोगुनी करने का सख्त आदेश दिया है। इस मास्टरस्ट्रोक से भारत को सबसे ज्यादा फायदा होगा। शिपिंग खर्च और इंश्योरेंस कम होने से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी गिरावट आने की उम्मीद है।

होर्मुज को घुटने पर लाएगा UAE
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग ने दुनिया की 20% तेल सप्लाई करने वाले होर्मुज स्ट्रेट पर ताला जड़ दिया है। कुवैत और कतर जैसे देश बूंद-बूंद तेल के लिए तरस रहे हैं, लेकिन इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। यूएई ने अपनी ‘वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन’ प्रोजेक्ट की रफ्तार को 10 गुना बढ़ा दिया है। इसका मकसद साफ है 2027 तक होर्मुज को पूरी तरह बायपास करके फुजैराह के रास्ते दोगुना तेल एक्सपोर्ट करना। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने एक ऐसा आदेश दिया जिसने खाड़ी की जियोपॉलिटिक्स बदल दी है।

प्रिंस का सख्त आदेश: ‘इसे जल्द पूरा करो’
अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद ने साफ कर दिया है कि अब इंतजार का वक्त खत्म हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) को वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है। प्रिंस ने कहा कि पाइपलाइन का निर्माण जारी है और इसके सला 2027 में चालू होने की उम्मीद है।

भारत में सस्ता होगा पेट्रोल
यूएई का यह कदम भारत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अभी तक भारत को आने वाला तेल होर्मुज के रास्ते आता था, जहां युद्ध के कारण जहाजों का इंश्योरेंस और रिस्क प्रीमियम आसमान छू रहा था। लेकिन अब नजारा बदलने वाला है।

सस्ता तेल: शिपिंग का खर्चा कम होने से भारत के इम्पोर्ट बिल में भारी गिरावट आएगी।
डायरेक्ट सप्लाई: फुजैराह पोर्ट सीधे ओमान की खाड़ी में खुलता है, यानी तेल सीधा भारत पहुंचेगा।
टेंशन फ्री बिजनेस: अब युद्ध हो या ब्लॉककेड, भारत को यूएई से मिलने वाले 6 लाख बैरल प्रतिदिन तेल पर कोई खतरा नहीं मंडराएगा।
हबशन से फुजैराह तक पाइपलाइन
हबशन से फुजैराह तक फैली 406 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन फिलहाल यूएई की लाइफलाइन बनी हुई है। ईरान ने समुद्री रास्ते बंद किए, वहीं यूएई और सऊदी अरब ही ऐसे दो खिलाड़ी बचे हैं जो बिना किसी डर के तेल निकाल पा रहे हैं। हालांकि, ईरान ने ड्रोन हमलों से डराने की कोशिश जरूर की है।

शनि जयंती और वट सावित्री का महासंयोग

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शनि जयंती और वट सावित्री का महासंयोग
हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 की पहली शनि अमावस्या 16 मई, शनिवार को पड़ रही है। जब अमावस्या शनिवार के दिन आती है तो उसे शनिश्चरी अमावस्या (Shani Amavasya 2026) कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इस दिन का विशेष महत्व माना जाता है। खासतौर पर शनि देव की पूजा, पितृ तर्पण और दान-पुण्य के लिए यह दिन बेहद शुभ माना गया है।

इस बार की शनि अमावस्या कई मायनों में खास रहने वाली है, क्योंकि इसी दिन शनि जयंती और वट सावित्री व्रत का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा दुर्लभ योग बहुत कम देखने को मिलता है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से पूजा करने पर शनि दोष, साढ़ेसाती और जीवन की परेशानियों से राहत मिल सकती है।

शनि जयंती के शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 16 मई को ग्रहों की स्थिति भक्तों के लिए वरदान साबित होगी।

अमावस्या तिथि: 16 मई को सुबह 5:11 बजे प्रारंभ होगी और देर रात 1:30 बजे समाप्त होगी।
विशेष योग: इस दिन सुबह 10:26 बजे तक ‘सौभाग्य योग’ रहेगा, जिसके बाद ‘शोभन योग’ शुरू होगा। ये दोनों ही योग कार्यों में सफलता और सुख-समृद्धि देने वाले माने जाते हैं।

शनि जयंती पर दान का महत्व
धार्मिक परंपरा के अनुसार शनि देव की पूजा में काला तिल, सरसों का तेल और काला वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा काली उड़द, लोहे की वस्तुएं, छाता, जूते-चप्पल, अनाज और भोजन का दान करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जरूरतमंदों को दान देने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और आर्थिक परेशानियां कम होती हैं।

शनिदेव के गुप्त मंत्र
शनिवार की शाम को शनि पूजा का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार गोधूलि बेला यानी दिन और रात के मिलन का समय शनि देव की पूजा के लिए सबसे शुभ होता है। इस दौरान “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जप करना लाभकारी माना जाता है।

शनि जयंती के दिन भक्त शनिदेव की आरती और पूजा करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है और दुखों को दूर करने में मदद करती है।

दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे और घायलों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे और घायलों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अन्य कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती घायलों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमलतास अस्पताल में इलाज करवा रहे घायल नागरिकों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज पूर्वान्ह में इस हादसे की जानकारी प्राप्त होते ही देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे। इंदौर में उपचार करवा रहे घायलों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिल्ली से ही दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने एवं घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में एयरपोर्ट, सिंहस्थ 2028, कृषि, सिंचाई और यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठकें की

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में एयरपोर्ट, सिंहस्थ 2028, कृषि, सिंचाई और यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठकें की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात कर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों, आधारभूत संरचना, धार्मिक पर्यटन, कृषि, सिंचाई, शहरी विकास और कानून व्यवस्था जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इन बैठकों को मध्यप्रदेश के विकास एजेंडे और आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केन्द्रीय मंत्री शाह से मुलाकात में नक्सल उन्मूलन और कानून व्यवस्था पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से डिंडोरी और बालाघाट क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और प्रशासन द्वारा किए जा रहे विकास एवं शांति प्रयासों का उल्लेख किया। बैठक में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह को बालाघाट दौरे का निमंत्रण भी दिया। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में राज्य की पहल को सकारात्मक बताया।

उज्जैन एयरपोर्ट और धार्मिक पर्यटन पर केंद्रित रही उड्डयन मंत्री से चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री एन राजू राम मोहन नायडू से मुलाकात कर उज्जैन एयरपोर्ट परियोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल लोक और उज्जैन में धार्मिक पर्यटन के तेजी से बढ़ते दायरे को देखते हुए एयर कनेक्टिविटी का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने एयरपोर्ट परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री को औपचारिक निमंत्रण भी दिया।

उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटिन प्लानिंग अथॉरिटी पर की चर्चा
बैठक में उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग अथॉरिटी के स्वरूप, क्षेत्रीय विकास और इंदौर-उज्जैन कॉरिडोर में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एयर इंफ्रास्ट्रक्चर, नए एयर रूट्स और पर्यटन आधारित विकास मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से कार्य कर रही है।

सिंहस्थ: 2028 और स्मार्ट सिटी विजन पर केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल से की चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर सिंहस्थ: 2028 की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार अभी से अधोसंरचना विकास, शहरी विस्तार और यातायात प्रबंधन पर काम कर रही है।

केन्द्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, नगरीय अधोसंरचना, स्वच्छता मिशन और आधुनिक शहरी नियोजन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी के गठन और उनकी कार्य योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में मेट्रोपॉलिटन आधारित विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ने गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया गया है। साथ ही स्वच्छता और नगरीय विकास में केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

कृषि, सिंचाई और ऊर्जा परियोजनाओं पर जल शक्ति मंत्री पाटील के साथ हुई अहम बैठक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील से मुलाकात कर प्रदेश में गेहूं खरीदी, सिंचाई परियोजनाओं और जल संरक्षण को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार से गेहूं खरीदी लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है और 75 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी की जा चुकी है।

केन्द्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक में प्रधानमंत्री कुसुम योजना, सौर ऊर्जा विस्तार और किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दावा किया कि मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है जहां किसानों को सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई परियोजनाओं पर भी मंथन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री पाटील के बीच बेतवा-पार्वती-कालीसिंध लिंक परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार और नदी पुनर्जीवन अभियान को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई।

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडारण: अफवाहों से दूर रहें, आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडारण: अफवाहों से दूर रहें, आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता न करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति की जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार द्वारा प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं और ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी एवं संग्रहण से बचने तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे संयम, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दें। केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें तथा किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें। उन्होंने कहा कि आपकी सजगता, संयम और सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की ईंधन व्यवस्था निरंतर सुचारू बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी मिलकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें और संयम, सहयोग तथा सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें।