सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया । उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक
इस्लामाबाद वार्ता फेल: ट्रंप का बड़ा एक्शन प्लान, हॉर्मुज की होगी पूर्ण नाकेबंदी
इस्लामाबाद वार्ता फेल: ट्रंप का बड़ा एक्शन प्लान, हॉर्मुज की होगी पूर्ण नाकेबंदी
इस्लामाबाद में शांति समझौते पर बात न बनने के बाद अब ट्रंप क्या करने वाले हैं. इसको लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. उन्होंने हॉर्मुज को लेकर बड़ा एक्शन प्लान बताया है. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने का वादा किया था. जानबूझकर ऐसा करने में नाकाम रहे. इससे दुनियाभर के कई लोगों और देशों में चिंता, उथलपुथल और तकलीफ पैदा हुई.
ट्रंप ने कहा कि वे कहते हैं कि उन्होंने पानी में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, जबकि उनकी पूरी नौसेना और उनके ज्यादातरबारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाज पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं. हो सकता है उन्होंने ऐसा किया हो, लेकिन कौन जहाज मालिक ऐसा जोखिम उठाना चाहेगा?
ईरान की प्रतिष्ठा की बड़ी बदनामी हुई
उन्होंने कहा कि इससे ईरान की प्रतिष्ठा को बहुत बड़ी बदनामी और हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा है. उनके जो नेता बचे हैं, उनकी भी बदनामी हुई है. लेकिन अब हम इन सब बातों से आगे निकल चुके हैं. जैसा कि उन्होंने वादा किया था, बेहतर होगा कि वे इस अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग को खोलने की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू करें.
ट्रंप बोले- वे हर कानून का उल्लंघन कर रहे
ट्रंप ने कहा कि वे हर कानून का उल्लंघन कर रहे हैं. मुझे उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने उस बैठक के बारे में पूरी जानकारी दी है, जो इस्लामाबाद में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कुशल और बहुत ही सक्षम नेतृत्व में हुई थी.
ट्रंप ने कहा कि वे बहुत ही असाधारण लोग हैं. भारत के साथ होने वाले एक युद्ध में 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बचाने के लिए वे लगातार मेरा शुक्रिया अदा करते हैं. मुझे यह सुनकर हमेशा अच्छा लगता है. जिस मानवता की बात वे करते हैं, वह अकल्पनीय है.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लाड़ली बहनों के खातों में राशि करेंगे अंतरित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लाड़ली बहनों के खातों में राशि करेंगे अंतरित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 अप्रैल को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 1836 करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये की लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।
सभी वर्गों को साथ लेकर विकास के सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सभी वर्गों को साथ लेकर विकास के सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर विकास के सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ- सबका विकास के सिद्धांत पर जनकल्याणकारी कार्यों की गति बढ़ाई है। मध्यप्रदेश में भी आम जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को तात्या टोपे नगर स्थित दशहरा मैदान में महानगर मेला उत्सव समिति के भारतीय नव वर्ष के अवसर आयोजित मेले को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेलों से जहां मेल- मिलाप बढ़ता है वहीं लघु व्यवसायियों और उपभोक्ताओं को बाजार भी उपलब्ध होता है। नागरिकों को उनकी आवश्यकता की वस्तुएं एक स्थान पर उपलब्ध हो जाती हैं और बच्चों सहित सभी को झूलों और मनोरंजन के साधनों का आनंद भी मिलता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल में जहां शीतकाल में इस तरह के मेले आयोजित होते हैं। वहीं ग्रीष्मकाल में भी ऐसे आयोजन का विशेष महत्व है इसके लिए आयोजन समिति अभिनंदन की पात्र है। भारतीय नव वर्ष अपने साथ अनेक त्योहार लेकर आता है। यह सिर्फ ऋतु परिवर्तन का अवसर नहीं है बल्कि नए अनाज के आने और जीवन में उमंग तथा उल्लास के आगमन का भी अवसर होता है।
अन्न और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन आवश्यक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेलों में स्वदेशी उत्पादों की बिक्री व्यवस्था भी की जानी चाहिए। इससे स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने अन्न (मोटा अनाज) के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने का आग्रह किया है। मध्यप्रदेश सरकार ने अन्न के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिये रानी दुर्गावती अन्न प्रोत्साहन योजना भी लागू की है।
मध्यप्रदेश में भगवान राम और कृष्ण के चरण पड़े
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या और मथुरा के साथ ही मध्यप्रदेश के चित्रकूट, ओरछा, उज्जैन और अन्य कई स्थान भगवान राम और कृष्ण के जीवन से जुड़े हैं। मध्यप्रदेश में भगवान राम और कृष्ण ने एक लम्बा समय व्यतीत किया। ऐसे पवित्र स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी और अन्य त्योहारों पर नागरिकों की भागीदारी के साथ आयोजन हो रहे हैं। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर गीता जयंती पर जन-उत्साह देखने को मिला था।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता और आयोजन समिति के सदस्यों ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मेले में विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल नगर निगम के सभापति किशन सूर्यवंशी, आयोजन समिति के कैलाश मिश्रा, सुशील वासवानी आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकाश में उल्लास और उमंग के प्रतीक गुब्बारे छोड़े। मेले में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
किसानों के श्रम से देश का खाद्यान्न निर्यात हुआ दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
किसानों के श्रम से देश का खाद्यान्न निर्यात हुआ दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का समान महत्व है। दोनों ही अपनी मिट्टी के प्राण-प्रण से सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हमारी ताकत हैं। इनके बिना हमारे भोजन की थाली अधूरी है। किसानों की मुस्कान ही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी बड़े जोखिम का काम है, फिर भी हमारे किसान पूरी मेहनत और लगन से देशवासियों का उदर-पोषण करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान पुत्र हैं। किसानों की वेदना और उनकी जरूरतों से वाकिफ हैं। किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इनकी बेहतरी के लिए हम संकल्पबद्ध होकर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देश के किसानों के कल्याण की दिशा में हमारा मजबूत प्रयास है। किसान सम्मान निधि के रूप में हर पात्र किसान के बैंक खाते में 6000 रुपए सीधे ट्रांसफर किये जा रहे हैं, जिससे वे खाद, बीज और खेती-किसानी के अन्य जरूरी समान खरीद सकें। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। अब तक हमारी सरकार हजारों करोड़ रुपए की सहायता किसान भाइयों को दे चुकी है। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव, गरीब, नारी, युवा और खेती-किसानी की लगातार बेहतरी के लिए हमारे प्रयास आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह शनिवार को रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित “उन्नत कृषि महोत्सव-2026” को संबोधित कर रहे थे।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा त्रि-दिवसीय कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत् शुभारंभ किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं राज्य शासन के कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण में मदद के लिए स्वॉइल मोबाइल ऐप ई-फॉर्म लान्च किया गया। इस ऐप की मदद से किसान बंधु खुद अपने खेत की मिट्टी की सेहत जांच सकेंगे। कार्यक्रम में नरवाई प्रबंधन, कस्टम हायरिंग एवं अन्य शासकीय योजनाओं के 10 क्षेत्रीय हितग्राही किसानों को मंच से हितलाभ वितरित किए गए। इस दौरान देश में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर केंद्रित आकर्षक लघु फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। उन्नत कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ह्दय प्रदेश को दी एक अलग पहचान
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं कर्मठ नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रायसेन की उर्वर भूमि पर हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव प्रदेश के किसानों की तकदीर और उनकी माली हालत की तस्वीर बदलने में बेहद सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस कृषि महोत्सव में किसानों को सरकारी योजनाओं के साथ बिचौलियों से मुक्त बाजार सहित वेयर हॉउसिंग और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत और लगन प्रेरणादायी है। प्रदेश की जनता का अतिथि सत्कार दिल जीत लेता है, यह मध्यप्रदेश की खासियत है।
उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
उद्योग और श्रम विभाग के आपसी समन्वय से संवर रहा है छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिस स्पष्ट नीति के साथ श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दी है, वह आज ठोस परिणामों के रूप में सामने आ रही है। श्रम विभाग की योजनाओं में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की आधारशिला हैं। उनके जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा लाना ही सच्चे विकास का संकेत है। 12 अप्रैल का यह विशेष अवसर उद्योग तथा श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के समर्पण, कार्यक्षमता और जनसेवा की भावना को याद करने का दिन है। आपके कुशल नेतृत्व से ही छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और समान अवसरों का आदर्श राज्य बनकर उभरा है।
2026 रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ के विकास की वर्तमान यात्रा केवल योजनाओं और घोषणाओं की कहानी भर नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेतृत्व की कथा है जिसने श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। इस परिवर्तनकारी दौर में उद्योग व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उनका कार्य केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का जीवंत उदाहरण है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 वर्ष की अल्प आयु में उद्योग के क्षेत्र में जो एक नया इतिहास रचने का संकल्प लिया है वह किसी से छिपा नहीं है। उद्योग के क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ की अपनी एक अलग पहचान है। नई उद्योग नीति (2024-2030) में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।
श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों में सबसे प्रेरणादायक पहल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि परिवर्तन का वह मार्ग है जिससे कि आने वाली नई पीढ़ी ज्ञान और अवसरों के माध्यम से अपना सुनहरा और सुरक्षित भविष्य स्वयं गढ़ सके। आज के संदर्भ में श्रमिक परिवारों के बच्चों का राज्य के प्रतिष्ठित स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करना, एक नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करना सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें प्रतिभा का सम्मान सर्वाेपरि है। यह न केवल उन बच्चों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि पूरे श्रमिक समाज के लिए आत्मविश्वास का स्त्रोत भी है।
उद्योग और श्रम विभाग से आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ भी सुनिश्चित हुआ है। प्रतिदिन हजारों श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलना इस बात का प्रमाण है कि शासन की नीतियां धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं। श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए आवास सहायता, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, दुर्घटना में त्वरित आर्थिक सहयोग जैसी पहलें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन। ’श्रम अन्न योजना’ के अंतर्गत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना, एक मानवीय और संवेदनशील शासन का परिचायक है।
औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नई ऊंचाईयों को छुआ है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के माध्यम से राज्य में निवेशको को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव, सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलना इस नीति की सफलता को प्रमाणित करता है।
नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में बढ़ता कदम, सेमीकंडक्टर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश, तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन ये सभी पहलें छत्तीसगढ़ को पारंपरिक अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी युग में स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संरचना को भी नई दिशा देने वाला है। प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदमों ने पारदर्शिता को बढ़ाया है जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया सरल बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ आज निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।
सामाजिक समावेशन को छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की योजनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। सामाजिक समावेश नही किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति का आधार होता है।
उद्योग तथा श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने गंभीर व दूर-दृष्टि सोच एवं विभागीय दायित्वों के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि यदि नेतृत्व में संवेदनशीलता और स्पष्ट दृष्टि हो, तो विकास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाता है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन और अधिक सशक्त और व्यापक रूप ले रहा है।
पांडुलिपियाँ: हमारी पहचान, हमारा गर्व – संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
पांडुलिपियाँ: हमारी पहचान, हमारा गर्व – संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा “ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान” एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है।
छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार होर्मुज से गुजरे अमेरिका के दो युद्धपोत
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार होर्मुज से गुजरे अमेरिका के दो युद्धपोत
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार दो अमेरिकी युद्धपोत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजर गए हैं। इस घटनाक्रम को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये दोनों गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाज बिना किसी परेशानी के इस रणनीतिक मार्ग से निकल गए। यह भी बताया गया कि इस ऑपरेशन के लिए ईरान से कोई समन्वय नहीं किया गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब होर्मुज को ‘साफ’ करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। उन्होंने इसे चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों के लिए मदद बताया।
क्या है होर्मुज की अहमियत?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद यह रास्ता लगभग बंद हो गया था, जिससे वैश्विक बाजार में ऊर्जा संकट गहरा गया।
अक्षय तृतीया पर करें कुबेर चालीसा का पाठ, होंगे राजा की तरह धनवान
अक्षय तृतीया पर करें कुबेर चालीसा का पाठ, होंगे राजा की तरह धनवान
अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में ‘स्वयंसिद्ध मुहूर्त’ माना जाता है, जिसका मतलब है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ काम, दान या पूजा का फल कभी खत्म नहीं होता है। इस पावन तिथि पर धन की देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान कुबेर की उपासना का भी विधान है। अगर आप भी आर्थिक तंगी से परेशान हैं या जीवन में सुख-समृद्धि की कामना रखते हैं, तो अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2026) पर कुबेर चालीसा का पाठ आपको राजा के समान धनवान बना सकता है।
कुबेर चालीसा पाठ का लाभ
कुबेर चालीसा का पाठ सिर्फ धन प्राप्ति का मार्ग नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के अंदर की नकारात्मकता को भी दूर करता है। साथ ही, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर जो व्यक्ति सच्चे भाव से कुबेर देव की पूजा-पाठ करता है, उसके घर के अन्न-धन के भंडार कभी खाली नहीं होते और परिवार में सुख-सौभाग्य बना रहता है।
कैसे करें कुबेर चालीसा का पाठ?
सुबह स्नान के बाद घर के मंदिर की सफाई करें और पीले वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थल पर कुबेर देव की मूर्ति स्थापित करें।
उन्हें हल्दी, अक्षत और पीले फूल अर्पित करें।
गाय के घी का दीपक जलाएं और उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
पूरी श्रद्धा के साथ कुबेर चालीसा का पाठ करें।
पाठ के बाद कुबेर मंत्र ‘ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः’ का 108 बार जप करें।
अंत में आरती करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कृषि लोकरंग आयोजन की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कृषि लोकरंग आयोजन की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि हमारी जीवन संस्कृति का मूल आधार है। किसान अन्नदाता होने के साथ हमारी संस्कृति, परम्पराओं और सुरक्षित भविष्य का आधार स्तम्भ हैं। किसान अपने परिवार के लिए ही नहीं, पूरे समाज के लिए अन्न का उत्पादन करता है। किसान मनुष्यों के साथ पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों का भी उदर-पोषण करता है। ऐसे अन्नदाता के जीवन में आनंद और उत्सव का संचार करना हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार यह वर्ष किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। कृषि लोकरंग-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) में प्रदेश में कृषि लोकरंग – 2026 आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह आयोजन किसानों के जीवन, उनकी पुरा परम्पराओं और कृषि संस्कृति का जीवंत उत्सव बने। उन्होंने कहा कि जो दिन-रात अथक श्रम-साधना कर सबके उदर पोषण की चिंता करता है, उसके परिश्रम से भरे जीवन में खुशियों के सुनहरे रंग भरना हम सबका कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि लोकरंग में किसानों और आमजन की सहभागिता बढ़ाने के लिए कृषि क्विज प्रतियोगिता जैसे नवाचार किए जाएं। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएं। प्रत्येक जिले के प्रथम विजेता (टापर) को पुरस्कार के रूप में किसानों के लिए हर मौसम में उपयोगी कृषि संसाधन (जैसे ट्रेक्टर आदि) एवं अन्य तरह के पुरस्कार भी दिए जा सकते हैं।
लोकरंग के दौरान राज्य, संभाग एवं जिलास्तर पर किए जाएं सांस्कृतिक कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह वर्ष हम किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उनके जीवन स्तर में सुधार लाना और कृषि को लाभकारी बनाने के साथ ही किसानों के जीवन में आनंद लाना भी है। इसीलिए हम सब मिलकर इस वर्ष को किसानों के आनंद के वर्ष के रूप में मनाएंगे, जिससे किसान सिर्फ आर्थिक रूप से नहीं, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी खुद को सम्मानित महसूस करें। इसके लिए लोकरंग के दौरान राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अलावा संभाग एवं जिलास्तर पर सर्व लोकप्रिय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी सहित कवि सम्मेलन जैसे आयोजन भी किए जाएं। इन कार्यक्रमों में किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक कृषि लोकरंग आयोजन की जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचायी जाए। कृषि लोकरंग में स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और कृषि आधारित उद्योगों सहित उनके उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जाए, जिससे किसानों को बाजार से जोड़ने का अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन किसानों के योगदान को सार्वजनिक मान्यता देने और समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना को और भी मजबूत करने का प्रयास है। इसके लिए कृषि लोकरंग में युवाओं की भागीदारी बढ़ायी जाए। नई पीढ़ी को कृषि और किसान का महत्व समझाने के प्रयास किए जाएं।
किसान कल्याण वर्ष से जोड़ा जाए जल गंगा संवर्धन अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के साथ वर्तमान में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न प्रकार की जल संरचनाओं का निर्माण, सूखे जलस्रोतों का पुनर्भरण कर इन्हें पुनर्जीवित करने के लिए तेजी से काम किए जा रहे हैं। अभियान के दौरान प्रदेश भर में हो रहे जल संरक्षण कार्यों एवं अन्य गतिविधियों के लाभार्थी किसी न किसी रूप में हमारे किसान ही हैं। किसान कल्याण वर्ष के उद्देश्य पूर्ति में यह अभियान नि:संदेह बेहद सहायक है। इसीलिए जल गंगा संवर्धन अभियान को किसान कल्याण वर्ष से जोड़कर सबके हित में साझा प्रयास और साझा गतिविधियां आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि लोकरंग के दौरान प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाए। साथ ही किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और फसल विविधिकरण जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी देने के साथ पराली न जलाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाए।
स्थानीय निकायों के मेलों के साथ क्लब कर मनाया जाए कृषि लोकरंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्राय: सभी अंचलों में स्थानीय निकायों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेले लगाए जाते हैं। कृषि लोकरंग के आयोजन में स्थानीय निकायों के मेलों का भरपूर सहयोग लिया जाए। इन मेलों के साथ क्लब कर किसानों के साथ आमजन को भी सरकार द्वारा किसानों के कल्याण और कृषि के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी रोचक तरीके से दी जाए। उन्होंने कहा कि कृषि लोकरंग के दौरान विभिन्न प्रकार के नवाचार और प्रयोग भी किए जा सकते हैं, जिससे किसानों को कुछ नया करने की प्रेरणा और दिशा मिले।
प्राकृतिक खेती के उत्पाद बेचने वाले होंगे सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती आज के दौर की बड़ी जरूरत है। प्रदेश में ऐसे नवाचारी किसान, जिन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाकर नई राह चुनी है और फिलहाल बड़ी मात्रा में प्राकृतिक उत्पाद बेचकर अपनी पहचान बनाई है, ऐसे सभी किसानों को गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस समारोह में सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए। इसके अलावा ऐसे किसानों के लिए राज्य एवं संभाग स्तर पर भी सम्मान समारोह आयोजित किए जाएं।
सचिव, किसान कल्याण एवं कृषि विकास ने बताया कि स्वराज्य संस्थान संलाचनालय के अंतर्गत वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव कृषि लोकरंग के संपूर्ण आयोजन के लिए नोडल अधिकारी रहेंगे। कृषि लोकरंग आयोजन में संस्कृति विभाग के मार्गदर्शन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास, गृह, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, जल संसाधन, पशुपालन एवं डेयरी विकास, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास सहित जनसम्पर्क विभाग की भी सहभागिता रहेगी।
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा एवं जनसम्पर्क अनुपम राजन, प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी. आहूजा, सचिव, किसान कल्याण एवं कृषि विकास निशांत बरवड़े, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव इलैया राजा टी., मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।