Home Blog Page 57

30 मार्च से दिल्ली-कोलकाता के लिए भरें सीधी उड़ान

0

30 मार्च से दिल्ली-कोलकाता के लिए भरें सीधी उड़ान
सरगुजा संभाग के निवासियों के लिए सोमवार का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनने जा रहा है। क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई प्रदान करते हुए मां महामाया एयरपोर्ट, दरिमा अंबिकापुर से देश के दो प्रमुख महानगरों दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी विमान सेवा का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअल माध्यम से उड़ानों का शुभारंभ करेंगे। यह पहल न केवल उत्तर छत्तीसगढ़ की हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

सांसद चिंतामणि महाराज होंगे पहले यात्री
पहले ही दिन यहां से सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज यात्रियों के साथ बतौर यात्री दिल्ली रवाना होंगे। इस दौरान वे सरगुजा से जाने वाले यात्रियों के अनुभव भी जानेंगे और उनसे बातचीत भी करेंगे। उन्होंने रविवार को दरिमा एयरपोर्ट पहुंचकर अधिकारियों से जानकारी ली और पूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विमान सेवा के इस शुभारंभ हेतु स्थानीय स्तर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। 30 मार्च सोमवार प्रातः 10 बजे, पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ करेंगे।

प्रगति की नई उड़ान और आर्थिक लाभ
मां महामाया एयरपोर्ट से दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी उड़ान शुरू होना सरगुजा के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदल देगा। यह केवल हवाई सेवा नहीं, बल्कि संभाग की प्रगति की नई उड़ान है। जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और आम जनता को इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने हेतु आमंत्रित किया गया है। सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि सोमवार का दिन सरगुजा के लिए ऐतिहासिक पल है और वर्षों का सपना साकार होने जा रहा है। दिल्ली जहां देश की राजधानी है, वहीं कोलकाता व्यापार का बड़ा केंद्र है; ऐसे में सरगुजा संभाग के व्यापारी जो सीधे कोलकाता के व्यवसाय से जुड़े हैं, उनके लिए यह बड़ी सुविधा होने जा रही है।

दिल्ली के लिए हवाई सेवा का शेड्यूल
एलायंस एयर द्वारा संचालित हवाई सेवा के तहत सोमवार 30 मार्च को सुबह 7:50 बजे विमान दिल्ली से रवाना होकर 10:25 बजे बिलासपुर आगमन होगा। 10:50 बजे बिलासपुर से उड़कर 11:35 बजे अंबिकापुर एयरपोर्ट पहुंचेगा। दोपहर 12 बजे यह अंबिकापुर से रवाना होकर ढाई बजे दिल्ली पहुंचेगा। बुधवार को दिल्ली से 7:50 बजे रवाना होकर 10:25 बजे अंबिकापुर आगमन होगा। फिर 10:50 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 11:35 बजे बिलासपुर आगमन और 12 बजे बिलासपुर से रवाना होकर दोपहर 2:40 बजे दिल्ली आगमन होगा।

गुरुवार व शनिवार को कोलकाता के लिए सेवा
गुरुवार को सुबह सात बजकर पांच मिनट पर कोलकाता से रवाना होकर विमान आठ बजकर 50 मिनट पर अंबिकापुर पहुंचेगा। 9:15 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 9:55 बजे बिलासपुर आगमन होगा, फिर 10:20 बजे बिलासपुर से उड़कर 12:05 बजे कोलकाता आगमन होगा। शनिवार को कोलकाता से 7:05 बजे रवाना होकर 8:55 बजे बिलासपुर आगमन होगा। इसके बाद 9:20 बजे बिलासपुर से रवाना होकर 10 बजे अंबिकापुर आगमन और 10:25 बजे अंबिकापुर से उड़कर विमान 12:15 बजे कोलकाता पहुंचेगा।

टीकमगढ़ में गल्ला व्यापारी के घर 15 लाख की चोरी

0

टीकमगढ़ में गल्ला व्यापारी के घर 15 लाख की चोरी
पलेरा में जतारा मार्ग स्थित वार्ड क्रमांक 15 में अज्ञात चोरों ने गल्ला व्यापारी के सूने मकान का ताला तोड़कर करीब 15 लाख रुपये के जेवरात और नगदी चोरी कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी विक्रम सिंह कुशवाह और एसडीओपी जतारा अभिषेक गौतम पुलिस बल और डाग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

परिवार गांव गया था, चोरों ने साधा निशाना
जानकारी के अनुसार जतारा-पलेरा मार्ग निवासी गल्ला व्यापारी सुरेश कुमार गुप्ता शनिवार को अपने परिवार के साथ पैतृक गांव पहाड़ी बुजुर्ग में वेदी हवन कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। घर सूना पाकर शनिवार रात चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और अंदर घुस गए।

अलमारी खंगालकर ले गए लाखों का सामान
चोरों ने कमरों के ताले तोड़कर गोदरेज की अलमारियों को खंगाला। व्यापारी के अनुसार चोर सोने की चार चूड़ियां, दो कंगन, एक हार, एक बाजूबंद, चार अंगूठियां, एक जंजीर और करीब 250 ग्राम चांदी के जेवरात के साथ बैग में रखे 7.70 लाख रुपये नकद ले गए। रविवार सुबह जब परिवार वापस लौटा तो घर के ताले टूटे देख उनके होश उड़ गए।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए डाग स्क्वायड की टीम ने आसपास और नजदीकी खेतों में सर्चिंग की। थाना प्रभारी एसआइ एनडी कौंदर ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके। एडिशनल एसपी विक्रम सिंह कुशवाह ने जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं।

जिले में बढ़ीं चोरी की वारदातें
पलेरा और टीकमगढ़ जिले में हाल के दिनों में चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। सिविल लाइन क्षेत्र में बजाज एजेंसी से 1.50 लाख रुपये की चोरी और लिधौरा के ग्राम खरों में भी चोरी की वारदात सामने आ चुकी है। पलेरा में 24 फरवरी को नौगांव मार्ग पर हुई चोरी का मामला भी अब तक अनसुलझा है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और पुलिस गश्त पर सवाल उठ रहे हैं।

LPG और PNG, केंद्र सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

0

LPG और PNG, केंद्र सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
देश में गैस की बढ़ती मांग और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बीच एक सकारात्मक पहल देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 6,000 ऐसे उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं, जो पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) का इस्तेमाल कर रहे थे। सरकार ने इस कदम की सराहना करते हुए अन्य PNG उपभोक्ताओं से भी स्वेच्छा से LPG कनेक्शन छोड़ने की अपील की है।

सरकार की विशेष अपील
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 28 मार्च तक 6,000 नागरिकों ने अपने LPG कनेक्शन छोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा, “यह कदम उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जिनके पास अभी PNG की सुविधा नहीं है। हम उन नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इस साहसी समूह का हिस्सा बनें और आज ही अपना अतिरिक्त LPG कनेक्शन सरेंडर करें।”

गैस सप्लाई और प्राथमिकता
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को अपनी सप्लाई प्राथमिकता में रखा है। सरकार के अनुसार…

PNG और CNG: घरों और वाहनों के लिए निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
इंडस्ट्रियल सेक्टर: औद्योगिक और कमर्शियल ग्राहकों को उनकी औसत खपत का लगभग 80% हिस्सा प्रदान किया जा रहा है।
फर्टिलाइजर प्लांट्स: इन्हें 70-75% क्षमता पर गैस सप्लाई दी जा रही है और अतिरिक्त LNG कार्गो का भी प्रबंध किया जा रहा है।

तेजी से बढ़ रहा PNG नेटवर्क
सरकार ने देश में गैस नेटवर्क के विस्तार को गति देने के लिए प्रक्रियाओं को काफी सरल बना दिया है। इसका असर यह है कि मार्च महीने में ही 2,90,000 से अधिक नए PNG कनेक्शन जोड़े गए हैं। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि ईंधन और गैस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आम जनता को किसी भी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।

ईरान के हमले से दो टुकड़ों में बंट गया अमेरिका का AWACS

0

ईरान के हमले से दो टुकड़ों में बंट गया अमेरिका का AWACS
ईरान ने शुक्रवार (29 मार्च, 2026) को दावा किया कि उसने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान एक अमेरिकी विमान को भारी नुकसान पहुंचाया है. खबरों के मुताबिक, ये हमले प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हुए, जहां अमेरिका का E-3 एयर वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) दूसरे डिफेंस सिस्टम के साथ तैनात था. ईरान के हमले में AWACS दो टुकड़ों में बंट गया और उसका पूरा ढांचा तबाह हो चुका है, सिर्फ अगला और पिछला हिस्सा बचा हुआ है.

ईरान की प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में स्थित अमेरिका के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान के कथित तौर पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 हमलावर ड्रोन्स के जरिए हमले को अंजाम दिया.

ईरानी हमले में 10 अमेरिकी कर्मचारी घायल, दो की हालत गंभीर
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए किए गए इस जोरदार हमले में कम से कम 10 अमेरिकी कर्मचारी घायल हुए है, जिसमें से दो की हालत काफी गंभीर है.

शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कई रिफ्यूलिंग विमानों को भी क्षति पहुंची है. हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड सेंट्रकॉम (CENTCOM) ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है.

ईरानी प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल के हितों से जुड़े सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले को अंजाम देने के लिए अटैक ड्रोन्स के साथ-साथ लॉन्ग रेंज और मीडियम रेंज के मिसाइल सिस्टम्स का इस्तेमाल किया है. इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका के MQ-9 ड्रोन को मार गिराने के साथ एक एफ-16 लड़ाकू विमान पर हमला करने का भी दावा किया है.

अमेरिकी एयर बेस पर हमले के बाद ईरान ने कसा तंज
सऊदी अरब स्थित अमेरिकी एयर बेस पर हमले को अंजाम देने के बाद ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने हमले में दो टुकड़ों में बंटे विमान की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में साझा की. इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकियों की ओर से किए जा रहे कथित दावों के उलट उनके एयर डिफेंस सिस्टम्स उनके सबसे महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों की सुरक्षा करने तक में सक्षम नहीं है.

बालेन शाह ने नेपाल का PM बनते ही शिक्षा व्यवस्था में किए ये बदलाव

0

बालेन शाह ने नेपाल का PM बनते ही शिक्षा व्यवस्था में किए ये बदलाव
नेपाल की नई बालेन सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को राजनीति के चंगुल से मुक्त करने के लिए शनिवार देर रात क्रांतिकारी ‘100 दिवसीय एक्शन प्लान’ जारी किया है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में इस योजना का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों को केवल ज्ञान के केंद्र बनाना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार शिक्षा प्रणाली को सुधारना है।

छात्र राजनीति पर पूर्ण प्रतिबंध
एक्शन प्लान के तहत नेपाल के सभी स्कूलों और विश्वविद्यालयों में राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगा दी गई है। अगले 60 दिनों के भीतर इन संगठनों को शैक्षणिक परिसरों से अपने कार्यालय और अन्य संरचनाएं हटानी होंगी। सरकार का कहना है कि अब शिक्षण संस्थान राजनीति का अखाड़ा नहीं होंगे बल्कि सिर्फ शिक्षा का केंद्र बनेंगे।

स्टूडेंट काउंसिल का गठन
राजनीति की जगह छात्रों की वास्तविक समस्याओं को सुनने के लिए अगले 90 दिनों के भीतर ‘स्टूडेंट काउंसिल’ या ‘वॉइस ऑफ स्टूडेंट’ जैसे गैर-राजनीतिक तंत्र विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य छात्रों की आवाज़ को संस्थानों में वास्तविक रूप से पहुँचाना है।

नागरिकता की शर्त खत्म
स्नातक (Graduation) तक की पढ़ाई के लिए अब नेपाली नागरिकता की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसका फायदा यह होगा कि दस्तावेजी बाधाओं के कारण किसी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी। साथ ही विश्वविद्यालयों के परीक्षा परिणाम अब मंत्रालय द्वारा निर्धारित कैलेंडर के अनुसार समय पर प्रकाशित होंगे।

विदेशी नामों पर बैन
देश में चल रहे ऑक्सफोर्ड, पेंटागन, सेंट जेवियर्स जैसे विदेशी नाम वाले शिक्षण संस्थानों को इस वर्ष अपना नाम बदलकर मौलिक नेपाली नाम रखना होगा। यह कदम शिक्षा के राष्ट्रीयकरण और स्थानीय पहचान को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

परीक्षा मुक्त बचपन
कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए पारंपरिक परीक्षाएं समाप्त कर दी गई हैं। अब बच्चों की प्रगति का आकलन ‘वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली’ के जरिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में परीक्षा का तनाव कम करना और उनके समग्र विकास पर ध्यान देना है।

सिंडिकेट और राजनीतिक हस्तक्षेप का अंत
बालेन सरकार का मानना है कि विश्वविद्यालयों में परीक्षा परिणामों में देरी और शैक्षणिक कैलेंडर बिगड़ना राजनीतिक हस्तक्षेप का नतीजा था। अब मंत्रालय द्वारा निर्धारित कैलेंडर के अनुसार सभी परिणाम समय पर प्रकाशित होंगे। यह कदम उन हजारों छात्रों के लिए राहत की खबर है, जो सत्र देरी के कारण विदेश पलायन करने को मजबूर हो जाते थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इचकेला की बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों को किया सम्मानित

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इचकेला की बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर स्थित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में ग्राम इचकेला की छत्तीसगढ़ बालिका क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान करते हुए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन प्रतिभाशाली बालिकाओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के बल पर वे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगी तथा देश का नाम रोशन करेंगी।

उल्लेखनीय है कि जशपुर के इचकेला स्थित शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की बालिकाएँ क्रिकेट के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। वर्तमान में इस समूह की 17 बालिकाएँ अंडर-17 एवं अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जबकि लगभग 40 खिलाड़ी नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास कर रही हैं। वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों के अंतराल के बाद अंडर-17 राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा, जिसमें विजेता टीम के 11 में से 9 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। इसी प्रकार अंडर-19 वर्ग में सरगुजा संभाग ने रजत पदक अर्जित किया, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से शामिल थीं।

इसके अतिरिक्त रायगढ़ में आयोजित इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 में भी इचकेला एमसीसी की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने इन उपलब्धियों के लिए खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों संतोष शंकर सोनी और मती पंडरी बाई के समर्पण और मार्गदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रही ऐसी प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके।

मन की बात में छत्तीसगढ़ के जल संवर्धन प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

0

मन की बात में छत्तीसगढ़ के जल संवर्धन प्रयासों को मिली राष्ट्रीय पहचान – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 132वीं कड़ी सुनी और इसे राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के कोने-कोने में हो रहे सकारात्मक नवाचारों और जनभागीदारी को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरिया जिले के किसानों के जल संरक्षण प्रयासों की सराहना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर हो रहे कार्य अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘आवा पानी झोंकी’ जैसे अभिनव मॉडल के माध्यम से किसानों ने अपने खेतों में रिचार्ज तालाब और सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर वर्षा जल को सहेजने का सराहनीय कार्य किया है। यह जनभागीदारी आधारित पहल आज भूजल स्तर में सुधार की एक सशक्त मिसाल बन चुकी है और अन्य क्षेत्रों के लिए भी मार्गदर्शक बन रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और छत्तीसगढ़ में भी इसे जनभागीदारी से जोड़ते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता, फिटनेस को बढ़ावा, शुगर इंटेक में कमी और खेलों के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण जैसे विषयों पर दिए गए संदेश अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, युवाओं को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने पश्चिमी एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि देश हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और केंद्र तथा राज्य सरकारें समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु और सामान्य है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनभागीदारी की शक्ति के साथ जल संरक्षण को और मजबूत कर छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, समृद्ध और जल-संपन्न भविष्य की ओर ले जाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश निरंतर नवाचार, सहभागिता और सुशासन के माध्यम से विकास की नई दिशा तय कर रहा है।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय वास्तव, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार कृष्णा दास सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

केंद्र सरकार ने दी ₹2.38 लाख करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी; 5 नए S-400 सिस्टम की होगी खरीद

0

केंद्र सरकार ने दी ₹2.38 लाख करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी; 5 नए S-400 सिस्टम की होगी खरीद
रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने शुक्रवार को विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसके तहत लगभग 2.38 लाख करोड़ रुपये की लागत के सैन्य हार्डवेयर खरीदे जाएंगे।

भारतीय सेना के लिए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन, उच्च क्षमता के रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम की खरीद की मंजूरी दी गई है। एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम रियल-टाइम में वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग क्षमता प्रदान करेगा। जबकि, उच्च क्षमता वाला रेडियो रिले भरोसेमंद और त्रुटि-रहित संचार सुनिश्चित करेगा।

‘धनुष गन सिस्टम’ से तोपखाने की क्षमता बढ़ेगी और सभी क्षेत्रों में लंबी दूरी के लक्ष्यों को अधिक प्रभावी और सटीक ढंग से निशाना बनाया जा सकेगा। ‘रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम’ सैन्य इकाइयों को निगरानी की क्षमता देगा और ‘आर्मर्ड पियर्सिंग टैंक एम्यूनिशन’ टैंक रोधी हथियारों की क्षमता को बढ़ाएगा।

भारतीय वायु सेना के लिए मध्यम परिवहन विमान, लंबी दूरी की सतह-से-वायु मिसाइल प्रणाली एस-400, दूर से नियंत्रित हमलावर विमान और सुखोई-30 एयरो इंजन के कलपुर्जों की मरम्मत और ओवरहाल (इंजन के सभी हिस्सों की पूरी तरह जांच करना, खराब या घिसे हुए हिस्सों को बदलना और उसे फिर से पूरी क्षमता के साथ चलाने के योग्य बनाना) के प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं।

मध्यम परिवहन विमान के शामिल होने से एएन-32 और आईएल-76 के पुराने परिवहन बेड़े को बदलने से वायु सेना की रणनीतिक, सामरिक हवाई परिवहन की सभी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। एस-400 प्रणाली दुश्मन के लंबी दूरी के हवाई हमलों को रोकने में मदद करेगी, जबकि दूर से नियंत्रित हमलावर विमान हमले और समन्वित हवाई संचालन करने के साथ-साथ गुप्त खुफिया, निगरानी और पहचान कार्यों में सक्षम होगा। सुखोई-30 के एयरो इंजन और उसके कलपुर्जों की पूरी मरम्मत और जांच (ओवरहाल) से विमान की सेवा अवधि बढ़ेगी और वायु सेना की संचालन की आवश्यकताएं पूरी होंगी।

इसके अलावा, भारतीय तटरक्षक बल के लिए भारी क्षमता वाले एयर कुशन वाहन खरीदने को मंजूरी दी गई है। इन वाहनों का उपयोग उच्च गति तटीय गश्त, टोही, खोज और बचाव अभियान, जहाजों को सहायता प्रदान करने तथा कर्मियों और लॉजिस्टिक सामान ले जाने सहित बहुउद्देश्यीय समुद्री तटीय संचालन के लिए किया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 55 प्रस्तावों के लिए आवश्यक स्वीकृति दी है, जिनकी कुल लागत 6.73 लाख करोड़ रुपये है। इसके अलावा, चालू वित्तीय वर्ष में 503 प्रस्तावों के लिए पूंजी खरीद अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनकी कुल लागत 2.28 लाख करोड़ रुपये है। आधिकारिक बयान के अनुसार, अब तक दी गई आवश्यक स्वीकृति और किए गए पूंजी अनुबंध की मात्रा किसी भी वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक रही है।

मुर्शिदाबाद में रामनवमी जुलूस के दौरान पथराव और आगजनी, हिंसा के बाद केंद्रीय बल तैनात

0

मुर्शिदाबाद में रामनवमी जुलूस के दौरान पथराव और आगजनी, हिंसा के बाद केंद्रीय बल तैनात
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी जूलुस के दौरान झड़प हो गई. सड़कों पर आगजनी, तोड़फोड़, पत्थरबाजी और भारी अफरा-तफरी की खबरें सामने आई है. बीजेपी के आरोपों के मुताबिक, शोभायात्रा मैकेंजी पार्क से शुरू हुई थी और जैसे ही यह फुलतला मोड़ के पास पहुंची, इस पर हमला कर दिया गया. आरोप है कि रामनवमी शोभायात्रा पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं, जिससे कई लोग घायल हो गए.

पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया
बीजेपी का दावा है कि शोभायात्रा के आगे बढ़ने के बाद, उस पर फिर से हमला किया गया. इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. रैपिड एक्शन फोर्स और कॉम्बैट फोर्स की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया. घटना के बाद, मुर्शिदाबाद रेंज के DIG अजीत सिंह यादव पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी के साथ इलाके में पहुंचे. उन्होंने बताया कि अब हालात काबू में हैं. कई लोगों को हिरासत में लिया गया है. इलाके में पुलिस गश्त जारी है.

बीजेपी ने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया
बीजेपी के सीनियर लीडर और बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें दो शख्स भगवा झंडे के गिराते नजर आ रहा है. उन्होंने पूछा कि क्या पश्चिम बंगाल में रामनवमी के पवित्र अवसर पर सनातनियों द्वारा पवित्र भगवा ध्वज फहराना कोई अपराध है? उन्होंने सीएम ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया.

अपने ही राज्य में अपमान का सामना करना पड़ रहा: BJP
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘मुर्शिदाबाद के जंगीपुर स्थित फुलातला मोड़ पर सनातनियों द्वारा फहराए गए भगवा ध्वज को जिस अपमानजनक तरीके से नीचे खींचकर फेंक दिया गया. यह पवित्र भगवा ध्वज का अपमान करने, सनातन धर्म का अपमान करने और सनातनियों की भावनाओं पर सीधा आघात करने का एक सुनियोजित प्रयास था. यह पूरी तरह से ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की नीतियों का नतीजा है कि अपने ही राज्य में सनातनियों को बार-बार अपमान का सामना करना पड़ रहा है.’

पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक, ईंधन और खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

0

पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक, ईंधन और खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। यह बैठक डिजिटल माध्यम से हुई। बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की गई। आदर्श आचार संहिता के कारण चुनावी राज्य इस बैठक में शामिल नहीं हुए। चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए एक अलग बैठक होगी, जो कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से की जाएगी।

डिजिटल माध्यम से यह बैठक ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल के ईरान पर हमले से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ इस तरह की बैठक की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इजराइल पर हमले किए।

बैठक में कौन-कौन मुख्यमंत्री शामिल हुए?
बैठक में आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी, पंजाब के भगवंत मान, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू और अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू सहित कई मुख्यमंत्री शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी इस बैठक में मौजूद थे।

एक सूत्र ने बताया, प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और राज्यों की तैयारियों व योजनाओं की समीक्षा की। बैठक का फोकस ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत तालमेल सुनिश्चित करना था। आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग बैठक करेगा।

संकट पर पहले हुई थी सर्वदलीय बैठक
सरकार ने 25 मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर राजनीतिक दलों के नेताओं को जानकारी देने के लिए सर्वदलीय बैठक भी की थी, जिसमें स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई। 23 मार्च को लोकसभा में बयान देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुई वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रह सकती हैं और उन्होंने देश से एकजुट और तैयार रहने का आह्वान किया था, जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान रहा था।

भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार
इससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।