Home Blog Page 79

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में की सहभागिता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट’ जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24×7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है।

अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि वे नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उनकी जरूरतों और सुझावों के बारे में बताएं, सरकार इस क्षेत्र के विकस के लिए किए जाने वाले सभी नवाचारों में इन सुझावों को समाहित करेगी। एसीएस श्रीवास्तव ने कहा कि मप्र में 24×7 घंटे विद्युत आपूति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डावोस में वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में विश्व समुदाय के समक्ष कमिटमेंट किया था, जिसे हम अब पूरा करने जा रहे हैं।

विश्व बैंक समूह से संबद्ध इंटरनेशनल फाइनेंस कार्पोरेशन (आईएफसी) के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक इमाद एन. फ़खौरी ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार की तेजी सराहनीय है। इस क्षेत्र के विकास में सरकार की सोच और दिशा स्पष्ट है। 24X7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा पर मध्यप्रदेश सरकार की इन्वेस्टर्स फ्रेंडली डिजाइन से हम प्रभावित हैं। हम मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र की सभी विशेषताओं और विशेषज्ञताओं का वैश्विक स्तर पर लाभ लेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एफडीआरई सेंटर्स की स्थापना के लिए हम सरकार को हर जरूरी सहयोग देंगे।

सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन की भारत में निदेशक सु सीमा पॉल ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश नेतृत्वकर्ता है। मप्र में फिलहाल लगभग 500 गीगावॉट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा के विकास एवं विस्तार में हम मध्यप्रदेश के साझेदार भी हैं और भागीदार भी। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में हम आज मध्यप्रदेश के साथ पार्टनरशिप के लिए एक एमओयू भी कर रहे हैं।

कार्यक्रम को डॉ. अश्विनी कुमार एवं अमित सिंह ने भी संबोधित किया। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हुए विकास एवं नवाचारों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर देश-विदेश के पर्यावरण विशेषज्ञों, नीति-नियंताओं और बड़ी संख्या में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। म.प्र. ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमनवीर सिंह बैंस भी उपस्थित थे।

खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ के विकास में निभाएं अहम भूमिका : मुख्यमंत्री साय

0

खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ के विकास में निभाएं अहम भूमिका : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित नव नियुक्त खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है और खनिज प्रशासन के प्रभावी संचालन में मैदानी अमले की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

मुख्यमंत्री साय ने नव चयनित खनि निरीक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं पर ही देश और प्रदेश का भविष्य निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि खनिज विभाग में नई नियुक्तियों से विभागीय कार्यबल मजबूत होगा तथा खनिज अन्वेषण और खनन गतिविधियों को और गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन करते हुए खनिज प्रशासन से जुड़े कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, लाइमस्टोन, टिन, डायमंड, गोल्ड और लिथियम सहित विभिन्न खनिज संपदाओं से परिपूर्ण है। खनिज राज्य के राजस्व का प्रमुख स्रोत भी हैं और सरकार खनिज राजस्व में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने नवनियुक्त अधिकारियों को खनिज राजस्व वृद्धि में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खनि निरीक्षक के रूप में आप सभी के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए राज्य के संसाधनों के संरक्षण और सुव्यवस्थित उपयोग में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को 33 खनि निरीक्षकों की चयन सूची जारी की गई थी। खनिज साधन विभाग द्वारा 19 फरवरी 2026 को कुल 32 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति आदेश जारी किए गए, जिनमें से 30 नव चयनित खनि निरीक्षकों को आज मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, सचिव खनिज साधन विभाग पी. दयानंद, संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म रजत बंसल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने रचा इतिहास, श्रीलंका को हराकर बना दिया महारिकॉर्ड

0

टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने रचा इतिहास, श्रीलंका को हराकर बना दिया महारिकॉर्ड
टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 38वां लीग मैच श्रीलंका और जिम्बाब्वे के बीच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया. मुकाबले में जिम्बाब्वे ने 6 विकेट से जीत दर्ज करते हुए टी20 वर्ल्ड कप में बड़ा रिकॉर्ड बना दिया. यह टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे की लगातार तीसरी जीत रही. तो आइए जानते हैं कि इस जीत के साथ जिम्बाब्वे ने कौन सा महारिकॉर्ड कायम किया.

मुकाबले में श्रीलंका ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 178/7 रन बोर्ड पर लगाए. रन चेज के लिए उतरी जिम्बाब्वे ने 19.3 ओवर में 182/4 रन बनाकर जीत अपने खाते में डाल ली.

यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में श्रीलंका के खिलाफ दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा. लिस्ट में पहला सबसे बड़ा सफल रन चेज 190 रनों का है, जो इंग्लैंड ने 2014 के टूर्नामेंट में किया था. इस तरह जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को हराकर महारिकॉर्ड कायम किया.
स्टेडियम का दूसरा सबसे बड़ा चेज

इसके साथ यह आर प्रेमदासा स्टेडियम में टी20 इंटरनेशनल का भी दूसरा सबसे बड़ा सफल चेज रहा. मैदान का सबसे बड़ा सफल चेज 215 रनों का है, जो बांग्लादेश ने 2018 की निदहास ट्रॉफी में किया था. इस तरह जिम्बाब्वे ने एक तीर से दो निशाने करते हुए एक और बड़े रिकॉर्ड पर अपना नाम लिखवा लिया.

टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की फुल मेंबर के खिलाफ पांचवीं जीत
बनाम ऑस्ट्रेलिया, केप टाउन, 2007
बनाम आयरलैंड, होबार्ट, 2022
बनाम पाकिस्तान, पर्थ, 2022
बनाम ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो आरपीएस, 2026
बनाम श्रीलंका, कोलंबो आरपीएस, 2026
सुपर-8 में जिम्बाब्वे की भारत से भिड़ंत

गौरतलब है कि ग्रुप चरण में जिम्बाब्वे ने कोई भी मुकाबला नहीं गंवाया. टीम ने ओमान के खिलाफ, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज की. वहीं टीम का तीसरा मुकाबला (आयरलैंड के खिलाफ) बारिश कारण बगैर टॉस के ही रद्द हो गया था.

जिम्बाब्वे ने ग्रुप चरण के मैच श्रीलंका में खेले. अब टीम सुपर-8 के मुकाबले भारत की सरजमीं पर खेलेगी. सुपर-8 में जिम्बाब्वे की भिड़ंत भारत से भी होगी. अगले चरण यानी सुपर-8 में जिम्बाब्वे को पहला मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ 23 फरवरी को, दूसरा भारत के खिलाफ 26 फरवरी को और तीसरा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 01 मई को खेलना है.

रमजान के पहले दिन पाकिस्तान में धमाका

0

रमजान के पहले दिन पाकिस्तान में धमाका
पाकिस्तान में रमजान के पहले दिन बड़ा धमाका हुआ है। खाना बनाते वक्त कराची के सोल्जर बाजार में अचानक एक गैस ब्लास्ट हो गया। जिससे रिहायशी इमारत ढह गई।

इस हादसे में 16 लोगों की जान चली गई है, जिसमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। यह धमाका रमजान के पहले दिन सेहरी की तैयारी के दौरान सुबह 4:15 बजे हुआ।

कितने लोग घायल?
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लास्ट में 13-14 बच्चों के घायल होने की सूचना है। पुलिस और बचाव अधिकारियों के मुताबिक, बिल्डिंग का एक हिस्सा गिरने से इलाके को ज्यादा नुकसान हुआ है।

पुलिस ने बताया कि यह धमाका सुबह-सुबह हुआ, जब रिहायशी इलाके में लोग रमजान के पहले दिन सुबह का खाना बना रहे थे। रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे जिंदा लोगों को ढूंढने के लिए मलबा हटा रही हैं।

इस होली 100 साल बाद दुर्लभ संयोग

0

इस होली 100 साल बाद दुर्लभ संयोग
भारत का सबसे बड़ा रंगों का त्योहार, होली, वर्ष 2026 में एक ऐसी खगोलीय पहेली लेकर आ रहा है जिसे समझना हर सनातनी और ज्योतिष प्रेमी के लिए जरूरी है. अगर आप कैलेंडर देख रहे हैं, तो आपको एक बड़ा अंतर नजर आएगा. इस बार होलिका दहन और धुलेंडी (रंगों की होली) के बीच 24 घंटे का ‘खाली’ समय है.

क्या यह किसी अशुभ संकेत की ओर इशारा है या ब्रह्मांड की कोई विशेष घटना? आइए विस्तार से जानते हैं कि 2 मार्च, 3 मार्च और 4 मार्च 2026 का पूरा ज्योतिषीय गणित क्या है.
होली 2026 की तारीखों का बड़ा कन्फ्यूजन (The Big Shift)

आमतौर पर परंपरा यह है कि पूर्णिमा की रात होलिका दहन होता है और अगली सुबह प्रतिपदा तिथि में रंग खेला जाता है. लेकिन 2026 में ग्रहों की चाल ने इस क्रम को बदल दिया है:

होलिका दहन: 2 मार्च 2026 (सोमवार की देर रात / 3 मार्च की सुबह)
बीच का दिन (विराम): 3 मार्च 2026 (मंगलवार – सूतक और ग्रहण काल)
रंगों की होली (धुलेंडी): 4 मार्च 2026 (बुधवार)

भद्रा का साया: क्यों रात 12:50 के बाद ही होगा होलिका दहन?

शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है ‘भद्रायां द्वे न कर्तव्ये श्रावणी फाल्गुनी तथा’. यानी भद्रा काल में रक्षाबंधन और होलिका दहन वर्जित है.

2 मार्च 2026 को शाम 05:55 बजे से पूर्णिमा तिथि शुरू होते ही ‘भद्रा’ का आगमन भी हो जाएगा. भद्रा को सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन माना गया है, जिनका स्वभाव अत्यंत उग्र है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, भद्रा का मुख काल बेहद अशुभ होता है. इसलिए, जब भद्रा का ‘पुच्छ’ (पूछ) भाग समाप्त होगा, तभी होलिका की अग्नि प्रज्वलित की जाएगी.

भद्रा समाप्ति का समय: रात 12:50 बजे (3 मार्च की सुबह)
होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: रात 12:50 AM से 02:02 AM के बीच.

3 मार्च का ‘ब्लड मून’: पूर्ण चंद्र ग्रहण का साया
2026 की होली को जो चीज़ सबसे ज्यादा ‘विशेष’ और ‘दुर्लभ’ बनाती है, वह है पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse). यह ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा.
भारत में दृश्यता और सूतक (The Sutak Factor)

2024 और 2025 की होली पर भी ग्रहण लगे थे, लेकिन वे भारत में दिखाई नहीं दिए थे, इसलिए उनका धार्मिक प्रभाव शून्य था. मगर 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा.

सूतक काल शुरू: 3 मार्च 2026 की सुबह से (ग्रहण से 9 घंटे पहले).
ग्रहण का समय: दोपहर 03:19 बजे से शाम 06:47 बजे तक.

क्यों नहीं खेलेंगे रंग? शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल और ग्रहण के दौरान उत्सव मनाना, शोर मचाना, भोजन करना और रंगों से खेलना वर्जित है. यह समय साधना और ईश्वर भक्ति का होता है. यही कारण है कि 3 मार्च को पूरा देश ‘सूतक’ में रहेगा और रंग नहीं खेले जाएंगे.
100 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग क्यों?

खगोलविदों का कहना है कि होली के दिन ‘पूर्ण चंद्र ग्रहण’ का भारत में दिखाई देना एक शताब्दी घटना (Once in a Century Event) जैसा है. जब चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया (Umbra) से गुजरता है, तो वह तांबे जैसा लाल दिखने लगता है, जिसे ‘ब्लड मून’ कहते हैं. 2026 में होली की अग्नि के अगले ही दिन इस ‘लाल चाँद’ का दिखना आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से एक बड़ी घटना है.
4 मार्च: जब बुधवार को बरसेगा ‘विजय का गुलाल’

ग्रहण की समाप्ति और शुद्धिकरण के बाद, 4 मार्च 2026, बुधवार को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा.
बुध ग्रह का प्रभाव: बुधवार का स्वामी बुध है, जो बुद्धि, वाणी और हास्य-विनोद का कारक है. ज्योतिषियों का मानना है कि ग्रहण के भारीपन के बाद बुधवार की होली लोगों के तनाव को दूर करेगी और रिश्तों में मिठास घोलेगी.

JDU से 2 सीटों पर कौन जाएगा राज्यसभा

0

JDU से 2 सीटों पर कौन जाएगा राज्यसभा
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है. इन पांच में से अभी तीन एनडीए के पास है. दूसरी ओर यह भी तय है कि विपक्ष की दो सीटों पर भी इस बार एनडीए का ही कब्जा रहेगा. पांच सीटों में दो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पास है और इस बार भी ये पार्टी के पास रहेगी. ऐसे में सियासी हलचल तेज हो गई है कि इन दो सीटों पर जेडीयू से इस बार राज्यसभा कौन जाएगा? इस पर जेडीयू की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है.

‘मुझे लगता है एनडीए के खाते में आएगी पांचों सीट’
गुरुवार (19 फरवरी, 2026) को पटना मीडिया से बातचीत में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने इस संबंध में बहुत कुछ साफ कर दिया. उन्होंने कहा, “राज्यसभा का चुनाव होने वाला है. पांच सीटें बिहार से होंगी… मुझे लगता है कि पांचों सीट एनडीए के खाते में आएगी. जेडीयू की दो सीटें हैं.” उन्होंने मुख्यमंत्री पर सारे फैसले को छोड़ते हुए कहा कि नीतीश कुमार तय करेंगे कि जेडीयू से कौन जाएगा. समय पर फैसला हो जाएगा.

पत्रकारों ने संजय झा से पूछा कि खबर आ रही है कि चिराग पासवान की मां रीना पासवान को राज्यसभा भेजा जा सकता है. नितिन नवीन का भी नाम है. इस पर उन्होंने कहा, “हम लोगों को ये आइडिया नहीं है… मैं तो जेडीयू का ही बता सकता हूं मुख्यमंत्री बैठकर तय करेंगे.” एक सवाल पर कहा कि जेडीयू के खाते में दो सीटें आएंगी ये बिल्कुल सही है.
अभी दो सीटों पर जेडीयू से कौन-कौन है?

जेडीयू की मौजूदा दोनों राज्यसभा सीटों की बात की जाए तो अभी इस पर ‘भारत रत्न’ कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह हैं. सबसे बड़ी बात है कि ये दोनों लगातार दूसरे कार्यकाल में हैं. सवाल है कि क्या नीतीश कुमार इन दोनों की तीसरी बार भी राज्यसभा भेजेंगे? बता दें कि कुछ वर्ष पहले जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह को लगातार तीसरा कार्यकाल देने से पार्टी ने इनकार कर दिया था. कहा था कि लगातार दो से अधिक कार्यकाल के लिए किसी को राज्यसभा नहीं भेजना उसकी नीति है.

हालांकि संजय झा के बयान के बाद सस्पेंस बढ़ गया है कि क्या रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह रिपीट नहीं किए जाएंगे? ऐसे में देखने वाली बात होगी कि इस बार क्या कुछ होता है.

सिर्फ मुफ्त भोजन, साइकिल, कैश ट्रांसफर पर ध्यान देंगे तो विकास कैसे होगा -सुप्रीम कोर्ट

0

सिर्फ मुफ्त भोजन, साइकिल, कैश ट्रांसफर पर ध्यान देंगे तो विकास कैसे होगा -सुप्रीम कोर्ट
मुफ्त की सरकारी योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. तमिलनाडु में लोगों को मुफ्त बिजली देने की योजना पर सख्त रवैया अपनाते हुए कोर्ट ने तमिलनाडु समेत सभी राज्यों को कड़ी फटकार लगाई है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि ज्यादातर राज्य राजस्व घाटे में हैं, लेकिन विकास की बजाय मुफ्तखोरी में पैसे लगा रहे हैं.

केंद्र सरकार के नियम को दी चुनौती
तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन ने केंद्र सरकार के Electricity (Amendment) Rules, 2024 के नियम 23 को चुनौती दी है. यह नियम बिजली की कीमतों को नियंत्रित करता है. कॉर्पोरेशन ने इसे राज्य के कामकाज में दखल और लोगों के कल्याण के लिए शुरू की गई योजना के विरुद्ध बताया था. कॉर्पोरेशन की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रह्मण्यम की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया. लेकिन तमिलनाडु में बड़ी संख्या में लोगों को मुफ्त बिजली देने पर नाराजगी जताई.

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा हम कैसी संस्कृति विकसित कर रहे?
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा, ‘देश में हम कैसी संस्कृति विकसित कर रहे हैं? जो लोग बिजली का बिल चुकाने में असमर्थ हैं, उनके लिए कल्याणकारी योजना होनी चाहिए. सबको मुफ्त सुविधा क्यों दी जाए? समस्या यह है कि अब हर राज्य में ऐसी प्रवृत्ति बढ़ रही है. हम इस पर चिंतित हैं.’

कोर्ट ने राज्यों को नसीहत देते हुए कहा, ‘अगर आपके पास पैसे हैं, तो उसे बुनियादी ढांचे, अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों के विकास में क्यों नहीं लगाते? चुनाव के समय सामान बांटने के बजाय राज्यों को अपनी नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए? ज्यादातर राज्य राजस्व घाटे में हैं, फिर भी इन नीतियों के कारण मजबूर होकर खर्च कर रहे हैं.’

कटघरे में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाएं
बेंच ने डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाओं पर भी सवाल उठाए. चीफ जस्टिस ने कहा, ‘राज्य का कर्तव्य रोजगार के अवसर पैदा करना है। आप सुबह से लेकर दिन भर मुफ्त भोजन देने, मुफ्त साइकिल, मुफ्त बिजली और अब सीधे लोगों के खातों में नकद ट्रांसफर करने में लगे हैं। ऐसे में विकास के लिए धन कहां बचेगा?”

दिग्गज फिल्ममेकर एम एम बेग का निधन

0

दिग्गज फिल्ममेकर एम एम बेग का निधन
दिग्गज फिल्ममेकर एम एम बेग का निधन हो गया है. वो 70 साल के थे. इस हफ्ते की शुरुआत में वो अपने घर में मृत पाए गए थे. ये खबर उनके पब्लिसिस्ट हनी जवेरी ने दी.

हनी जवेरी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘वो काफी समय से अस्वस्थ थे. चार-पांच दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने पर पड़ोसियों ने घर से दुर्गंध आने की शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने दरवाजा खोला तो बेग साहब का शव मिला. पुलिस ने उनकी बेटी को ये सूचना दी. बाद में शव को देर रात पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल ले जाया गया. वो बहुत अच्छे व्यक्ति थे. मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.’

बता दें कि एम एम बेग ने अपने करियर की शुरुआत जे ओम प्रकाश, विमल कुमार और राकेश रोशन के सहायक के रूप में की. वो गोविंदा की ‘आदमी खिलौना है’, ‘जैसी करनी वैसी भरनी’, ‘कर्ज चुकाना है’ और अनिल कपूर स्टारर ‘काला बाजार’ और ‘किशन कन्हैया’ जैसी फिल्मों से भी जुड़े रहे.

इन फिल्मों का किया डायरेक्ट
निर्देशक के तौर पर उन्होंने दो फिल्मों का निर्देशन किया, जिनमें नसीरुद्दीन शाह अभिनीत ‘मासूम गवाह’ (1990) और शिल्पा शिरोडकर अभिनीत ‘छोटी बहू’ (1994) शामिल हैं.

ऋतिक रोशन को कराई थी प्रैक्टिक्स
जवेरी ने कहा, ‘‘बेग साहब के राकेश रोशन साहब से बहुत अच्छे संबंध थे. उन्हें उच्चारण, स्वर नियंत्रण और डायलॉग की अच्छी समझ थी. इसलिए वे ऋतिक रोशन की मदद करते थे. वो ऋतिक को डायलॉग बोलने का अभ्यास कराते थे. ये उनकी पहली फिल्म “कहो ना प्यार है” आने से काफी पहले की बात है.

बेबी गुड्डू के नाम से मशहूर बेग की बेटी शाहिंदा बेग 1980 के दशक में हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय बाल कलाकारों में रहीं. उनकी चर्चित फिल्मों में राजेश खन्ना और स्मिता पाटिल की ‘आखिर क्यों?’, श्रीदेवी अभिनीत ‘नगीना’, अनिल कपूर की ‘प्यार किया है प्यार करेंगे’ तथा जीतेंद्र और श्रीदेवी की ‘औलाद’ शामिल हैं.

इंदौर में 12 से 15 मार्च तक सनातन प्रीमियर लीग का आयोजन

0

इंदौर में 12 से 15 मार्च तक सनातन प्रीमियर लीग का आयोजन
इंदौर में 12 से 15 मार्च 2026 तक सनातन प्रीमियर लीग का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसका नेतृत्व देश के प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर करेंगे. आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं तक सनातन के संस्कार पहुंचाना और उनमें सेवा-भाव का आह्वान करना है. सनातन प्रीमियर लीग के आयोजन में देश के बड़े संत और कथावाचक शामिल होने जा रहे हैं. देश के प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर अब कथाओं के अलावा सनातन प्रीमियर लीग का भी आयोजन कर रहे हैं, जिसका आगाज इंदौर से होने जा रहा है. इस लीग में कई संत हिस्सा लेंगे, जिनका स्वागत देवकीनंदन ठाकुर करेंगे.

यह लोग होंगे सनातन प्रीमियर लीग में शामिल
इंदौर में 12 से 15 मार्च तक होने वाले इस आयोजन में देश के प्रख्यात कथावाचक प्रदीप मिश्रा महाराज, इंद्रेश उपाध्याय महाराज, चिन्मयानंद बापू, रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य, त्रिलोचन दर्शन दास और अनिरुद्धाचार्य महाराज भी शामिल होंगे. यह सभी संत कथा के अलावा अब मैदान में बल्ला थामे नजर आएंगे.

इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए खुद कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर इंदौर पहुंचे थे. उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि संसार में सबसे बड़ी संपत्ति संस्कार हैं, लेकिन आज समाज लेने में आगे और देने में पीछे होता जा रहा है, जिसके कारण सनातन जगत धीरे-धीरे पिछड़ रहा है.

लीग को लेकर क्या बोले देवकीनंदन ठाकुर?
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने इस लीग मैच के बारे में बताया कि देशभर से 125 बच्चों का चयन किया जाएगा. सभी प्रतिभागियों को निशुल्क व्यवस्था उपलब्ध होगी. इसे उन्होंने खेल और सेवा का महाकुंभ बताया.

क्रिकेट के प्रति बचपन से रुचि जताते हुए ठाकुर ने कहा कि 1996 में उन्होंने पहला ब्लैक-एंड-व्हाइट टीवी खरीदा था. साथ ही उम्मीद जताई कि जैसे इंदौर में बड़े मैचों में भारी भीड़ उमड़ती है, वैसे ही इस नि:शुल्क लीग को भी शहरवासियों का पूरा समर्थन मिलेगा. ठाकुर ने कहा कि हिंदू राष्ट्र की इच्छा सबके मन में है, बस बोलने का साहस कम है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्वालियर जिले के कुलैथ में विशाल किसान सम्मेलन आयोजित

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्वालियर जिले के कुलैथ में विशाल किसान सम्मेलन आयोजित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए दृढ़संकल्पित होकर कार्य कर रहे है। मध्यप्रदेश विधानसभा में 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष में प्रदेश के किसानों के लिए एक लाख करोड़ से अधिक राशि का प्रावधान किसान हितैषी योजनाओं के लिये किया गया है। प्रदेश सरकार का किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का यह प्रमाण है। उन्होंने कहा गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के साथ हम प्रदेश को प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में लंबे समय से अग्रणी है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना से प्रदेश में दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को किसान कल्याण वर्ष के उपलक्ष में ग्वालियर जिले में भगवान जगन्नाथ की पुण्य भूमि ग्राम कुलैथ में आयोजित हुए विशाल किसान सम्मेलन में किसान भाईयों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 87 करोड़ 21 लाख रुपए से अधिक लागत के 41 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। साथ ही कुलैथ क्षेत्र के विकास के लिये बड़ी-बड़ी सौगातों की घोषणा भी की। उन्होंने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिये लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

किसानों की पट्टों वाली जमीन की अपने खर्चे पर सरकार कराएगी रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की जमीन के पट्टों की रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार उठाएगी, इसके लिए बजट में पर्याप्ट धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को बैंकों से योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा हर संभव कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश के किसानों को सोलर पंप वितरित कर उन्हें बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। बुंदेलखंड की केन-बेतवा लिंक परियोजना का लाभ चंबल क्षेत्र के किसानों को भी मिलने वाला है। सिंचाई की सुविधा मिलने से यहां खेतों में फसलें लहलहाएंगी।

सुपोषण के लिये सरकार स्कूली बच्चों को नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराएगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पहली से 8वीं कक्षा तक के बच्चों के सुपोषण के लिये सरकार नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराएगी। इस साल के बजट में यह योजना प्रस्तावित की गई है। साथ ही बजट में लाड़ली बहनों के लिए 23 हजार करोड़ से अधिक राशि आवंटित की गई है।

कन्हैया लोकगीतों का लिया आनंद और पुष्पवर्षा कर किया अभिनंदन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करने से जीवन की अनेक कठिनाइयां खत्म हो जाती हैं। बाबा महाकाल ने सभी के जीवन का समय निश्चित किया है, इसलिए समाज कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण पारंपरिक लोक गायकों द्वारा प्रस्तुत कन्हैया लोकगीतों का आनंद भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया। उन्होंने मनमोहक कन्हैया लोक गीत प्रस्तुत करने वाले लोक गायकों का पुष्प वर्षा कर अभिनंदन और उत्साहवर्धन किया। लोक गायन में भाग लेने वाली सभी 18 टीमों को 5 – 5 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की।

बैलगाड़ी दौड़ में शामिल लोगों का किया उत्साहवर्धन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन स्थल के समीप स्थानीय किसानों द्वारा आयोजित पारंपरिक बैलगाड़ी दौड़ भी देखी। उन्होंने बैलगाड़ी दौड़ में शामिल हुईं 28 बैलगाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 5-5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही बैलगाड़ी दौड़ में प्रथम और द्वितीय पुरस्कार के लिए क्रमश: 21 व 11 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की।

रोड-शो में स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर किया अभिनंदन

ग्वालियर के कुलैथ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब हैलीपेड से रथ पर सवार होकर रोड-शो करते हुए आगे बढ़े तो मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में मौजूद जनसमुदाय द्वारा उनका पुष्प वर्षा कर भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी जनता का अभिवादन किया।

कुलैथ क्षेत्र के लिये की बड़ी-बड़ी सौगातों की घोषणा
भगवान जगन्नाथ की पुण्य भूमि कुलैथ में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में शामिल होने आए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुलैथ क्षेत्र को विकास कार्यों की बड़ी-बड़ी सौगातें देने की घोषणा की। इनमें डंडे वाले बाबा मंदिर तक एक किलोमीटर लम्बी सड़क व ट्रांसफार्मर, भगवान जगन्नाथ मंदिर के दर्शन के लिये आने वाले श्रृद्धालुओं को ठहरने के लिये सामुदायिक भवन, युवाओं के लिये खेल मैदान व कुलैथ क्षेत्र में उद्योग की स्थापना शामिल है। साथ ही ग्राम पंचायत सुसैरा, ब्रह्मपुरा, साईंपुरा व ग्राम पंचायत सोजना के बंजारे का पुरा को आबादी क्षेत्र बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस क्षेत्र की महेश्वरा पत्थर खदान को फिर से चालू कराने के लिये आशवस्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर क्षेत्र के लिये हमेशा सौगातें लेकर आते हैं – सांसद कुशवाह
सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर क्षेत्र के लिये हमेशा बड़ी-बड़ी सौगातें लेकर आते हैं। उन्होंने आज भी 87 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगातें दी हैं। साथ ही विधानसभा में प्रस्तुत हुए बजट में विकास के लिये लगभग 4 लाख करोड़ से अधिक धनराशि का प्रावधान किया है। सांसद कुशवाह ने कहा कि खुशी की बात है कि ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में पुल-पुलियाओं व सड़कों के निर्माण के लिये भी लगभग 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति क्षेत्रीय जनता की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया।

हितलाभ वितरण एवं प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान सम्मेलन में सरकार की किसान हितैषी व अन्य योजनाओं के तहत मुख्य मंच से प्रतीक स्वरूप हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी कृषि प्रदर्शनी में लगाए गए 16 स्टॉलों का भ्रमण कर विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा प्रदर्शित योजनाओं, नवाचारों एवं तकनीकी जानकारी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ फूलों की खेती एवं ड्रिप स्प्रिंकलर का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया।

किसान सम्मेलन में जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मोहन सिंह राठौर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव व उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, संत राजेश्वरानंद, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सीताराम मांझी, लोकमाता अहिल्याबाई बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह पाल, आशीष अग्रवाल, प्रेम सिंह राजपूत, बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव, शिवराज सिंह यादव व देवेन्द्र प्रताप सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि मंचासीन थे।