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ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार होर्मुज से गुजरे अमेरिका के दो युद्धपोत

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ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार होर्मुज से गुजरे अमेरिका के दो युद्धपोत
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार दो अमेरिकी युद्धपोत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजर गए हैं। इस घटनाक्रम को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये दोनों गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाज बिना किसी परेशानी के इस रणनीतिक मार्ग से निकल गए। यह भी बताया गया कि इस ऑपरेशन के लिए ईरान से कोई समन्वय नहीं किया गया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब होर्मुज को ‘साफ’ करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। उन्होंने इसे चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों के लिए मदद बताया।

क्या है होर्मुज की अहमियत?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद यह रास्ता लगभग बंद हो गया था, जिससे वैश्विक बाजार में ऊर्जा संकट गहरा गया।

अक्षय तृतीया पर करें कुबेर चालीसा का पाठ, होंगे राजा की तरह धनवान

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अक्षय तृतीया पर करें कुबेर चालीसा का पाठ, होंगे राजा की तरह धनवान
अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में ‘स्वयंसिद्ध मुहूर्त’ माना जाता है, जिसका मतलब है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ काम, दान या पूजा का फल कभी खत्म नहीं होता है। इस पावन तिथि पर धन की देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान कुबेर की उपासना का भी विधान है। अगर आप भी आर्थिक तंगी से परेशान हैं या जीवन में सुख-समृद्धि की कामना रखते हैं, तो अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2026) पर कुबेर चालीसा का पाठ आपको राजा के समान धनवान बना सकता है।

कुबेर चालीसा पाठ का लाभ
कुबेर चालीसा का पाठ सिर्फ धन प्राप्ति का मार्ग नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के अंदर की नकारात्मकता को भी दूर करता है। साथ ही, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर जो व्यक्ति सच्चे भाव से कुबेर देव की पूजा-पाठ करता है, उसके घर के अन्न-धन के भंडार कभी खाली नहीं होते और परिवार में सुख-सौभाग्य बना रहता है।

कैसे करें कुबेर चालीसा का पाठ?
सुबह स्नान के बाद घर के मंदिर की सफाई करें और पीले वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थल पर कुबेर देव की मूर्ति स्थापित करें।
उन्हें हल्दी, अक्षत और पीले फूल अर्पित करें।
गाय के घी का दीपक जलाएं और उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
पूरी श्रद्धा के साथ कुबेर चालीसा का पाठ करें।
पाठ के बाद कुबेर मंत्र ‘ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः’ का 108 बार जप करें।
अंत में आरती करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कृषि लोकरंग आयोजन की तैयारियों की समीक्षा

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कृषि लोकरंग आयोजन की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि हमारी जीवन संस्कृति का मूल आधार है। किसान अन्नदाता होने के साथ हमारी संस्कृति, परम्पराओं और सुरक्षित भविष्य का आधार स्तम्भ हैं। किसान अपने परिवार के लिए ही नहीं, पूरे समाज के लिए अन्न का उत्पादन करता है। किसान मनुष्यों के साथ पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों का भी उदर-पोषण करता है। ऐसे अन्नदाता के जीवन में आनंद और उत्सव का संचार करना हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार यह वर्ष किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। कृषि लोकरंग-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) में प्रदेश में कृषि लोकरंग – 2026 आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह आयोजन किसानों के जीवन, उनकी पुरा परम्पराओं और कृषि संस्कृति का जीवंत उत्सव बने। उन्होंने कहा कि जो दिन-रात अथक श्रम-साधना कर सबके उदर पोषण की चिंता करता है, उसके परिश्रम से भरे जीवन में खुशियों के सुनहरे रंग भरना हम सबका कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि लोकरंग में किसानों और आमजन की सहभागिता बढ़ाने के लिए कृषि क्विज प्रतियोगिता जैसे नवाचार किए जाएं। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएं। प्रत्येक जिले के प्रथम विजेता (टापर) को पुरस्कार के रूप में किसानों के लिए हर मौसम में उपयोगी कृषि संसाधन (जैसे ट्रेक्टर आदि) एवं अन्य तरह के पुरस्कार भी दिए जा सकते हैं।

लोकरंग के दौरान राज्य, संभाग एवं जिलास्तर पर किए जाएं सांस्कृतिक कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह वर्ष हम किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, उनके जीवन स्तर में सुधार लाना और कृषि को लाभकारी बनाने के साथ ही किसानों के जीवन में आनंद लाना भी है। इसीलिए हम सब मिलकर इस वर्ष को किसानों के आनंद के वर्ष के रूप में मनाएंगे, जिससे किसान सिर्फ आर्थिक रूप से नहीं, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी खुद को सम्मानित महसूस करें। इसके लिए लोकरंग के दौरान राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अलावा संभाग एवं जिलास्तर पर सर्व लोकप्रिय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी सहित कवि सम्मेलन जैसे आयोजन भी किए जाएं। इन कार्यक्रमों में किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक कृषि लोकरंग आयोजन की जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचायी जाए। कृषि लोकरंग में स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और कृषि आधारित उद्योगों सहित उनके उत्पादों को भी प्रदर्शित किया जाए, जिससे किसानों को बाजार से जोड़ने का अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन किसानों के योगदान को सार्वजनिक मान्यता देने और समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना को और भी मजबूत करने का प्रयास है। इसके लिए कृषि लोकरंग में युवाओं की भागीदारी बढ़ायी जाए। नई पीढ़ी को कृषि और किसान का महत्व समझाने के प्रयास किए जाएं।

किसान कल्याण वर्ष से जोड़ा जाए जल गंगा संवर्धन अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के साथ वर्तमान में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न प्रकार की जल संरचनाओं का निर्माण, सूखे जलस्रोतों का पुनर्भरण कर इन्हें पुनर्जीवित करने के लिए तेजी से काम किए जा रहे हैं। अभियान के दौरान प्रदेश भर में हो रहे जल संरक्षण कार्यों एवं अन्य गतिविधियों के लाभार्थी किसी न किसी रूप में हमारे किसान ही हैं। किसान कल्याण वर्ष के उद्देश्य पूर्ति में यह अभियान नि:संदेह बेहद सहायक है। इसीलिए जल गंगा संवर्धन अभियान को किसान कल्याण वर्ष से जोड़कर सबके हित में साझा प्रयास और साझा गतिविधियां आयोजित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि लोकरंग के दौरान प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाए। साथ ही किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और फसल विविधिकरण जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी देने के साथ पराली न जलाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाए।

स्थानीय निकायों के मेलों के साथ क्लब कर मनाया जाए कृषि लोकरंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्राय: सभी अंचलों में स्थानीय निकायों द्वारा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेले लगाए जाते हैं। कृषि लोकरंग के आयोजन में स्थानीय निकायों के मेलों का भरपूर सहयोग लिया जाए। इन मेलों के साथ क्लब कर किसानों के साथ आमजन को भी सरकार द्वारा किसानों के कल्याण और कृषि के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी रोचक तरीके से दी जाए। उन्होंने कहा कि कृषि लोकरंग के दौरान विभिन्न प्रकार के नवाचार और प्रयोग भी किए जा सकते हैं, जिससे किसानों को कुछ नया करने की प्रेरणा और दिशा मिले।

प्राकृतिक खेती के उत्पाद बेचने वाले होंगे सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती आज के दौर की बड़ी जरूरत है। प्रदेश में ऐसे नवाचारी किसान, जिन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाकर नई राह चुनी है और फिलहाल बड़ी मात्रा में प्राकृतिक उत्पाद बेचकर अपनी पहचान बनाई है, ऐसे सभी किसानों को गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस समारोह में सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए। इसके अलावा ऐसे किसानों के लिए राज्य एवं संभाग स्तर पर भी सम्मान समारोह आयोजित किए जाएं।

सचिव, किसान कल्याण एवं कृषि विकास ने बताया कि स्वराज्य संस्थान संलाचनालय के अंतर्गत वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव कृषि लोकरंग के संपूर्ण आयोजन के लिए नोडल अधिकारी रहेंगे। कृषि लोकरंग आयोजन में संस्कृति विभाग के मार्गदर्शन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास, गृह, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, जल संसाधन, पशुपालन एवं डेयरी विकास, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास सहित जनसम्पर्क विभाग की भी सहभागिता रहेगी।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा एवं जनसम्पर्क अनुपम राजन, प्रमुख सचिव सहकारिता डी.पी. आहूजा, सचिव, किसान कल्याण एवं कृषि विकास निशांत बरवड़े, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव इलैया राजा टी., मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

वृंदावन में यमुना में पलटा स्टीमर, हादसे में 10 की मौत और कई लापता

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वृंदावन में यमुना में पलटा स्टीमर, हादसे में 10 की मौत और कई लापता
मथुरा से बड़ी खबर सामने आ रही है, वृंदावन में यमुना नदी में एक स्टीमर पलट जाने से हड़कंप मच गया. यह हादसा केशी घाट के पास हुआ, जहां स्टीमर में सवार करीब 25 लोग अचानक दुर्घटना का शिकार हो गए. इस हादसे में 10 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में करीब एक दर्जन लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि कई लोगों की डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है.

इस हादसे को लेकर डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि यमुना नदी में 2:45 बजे एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी. लुधियाना से लगभग 30 लोग आए थे, जो नावों में यमुना नदी भ्रमण रहे थे. यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना केसी घाट के पास हुई, जिसमें एक नाव डूब गई. बिहारी जी की कृपा से सभी लोग बचा लिए जाएँगे, हमने यहां के आर्मी स्टेशन से मदद के लिए संपर्क किया है, हमने उनकी मदद मांगी है उनके लोग भी आ रहे हैं.

डीएम ने कहा कि हमारा काम लोगों की जान बचाना है, अस्पतालों को भी अलर्ट कर दिया गया है. रामकृष्ण मिशन अस्पताल हमारा सबसे बड़ा अस्पताल है, हमने इसे हाई अलर्ट पर रखा है.

पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची

इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई. गोताखोरों की मदद से तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. अब तक 13 लोगों को यमुना नदी से बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 8 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि 5 लोग सुरक्षित हैं. यमुना नदी में लगातार रेस्क्यू अभियान जारी है और मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. प्रशासन लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है.

वहीं इस घटना को लेकर एसपी मथुरा (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि यमुना नदी में एक नाव पलटने की घटना सामने आई है. 22 लोगों को निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है, सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है.

SP ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने कहा कि बचाए गए लोगों को तुरंत एम्बुलेंस और आठ PRV (पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल) यूनिट्स के जरिए अस्पताल पहुँचाया गया. हम अभी स्थिति का जायजा ले रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि कितने लोग सुरक्षित हैं और कितने लोगों की दुखद रूप से जान चली गई है. यहां एक पीपा पुल बना हुआ है, चूंकि यह खराब हालत में था, इसलिए एक एजेंसी पोंटूनों पर मरम्मत का काम कर रही थी. ऐसा शक है कि यह हादसा शायद इसी चल रहे मरम्मत के काम की वजह से हुआ है.

निष्पक्षता, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता ही पुलिस अधिकारी की पहचान – पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा

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निष्पक्षता, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता ही पुलिस अधिकारी की पहचान – पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा
प्रशिक्षु डीएसपी अधिकारियों को व्यावसायिक दक्षता, अनुशासन एवं जनविश्वास अर्जित करने की दी गई प्रेरणा
भोपाल, 10 अप्रैल 2026। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में प्रशिक्षणरत 44वें एवं 45वें बैच के प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों का संबोधन सत्र पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मुख्य आतिथ्य में नवीन पुलिस मुख्‍यालय क्रॉफ्रेंस हॉल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 49 प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।

डीजीपी कैलाश मकवाणा ने चयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्हें ईमानदारी, निष्पक्षता एवं पूर्ण समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रहा है, अतः अधिकारियों को अपनी व्यावसायिक दक्षताओं एवं तकनीकी कौशल को निरंतर अद्यतन करते रहना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को iGOT Karmayogi platform India पर उपलब्ध एआई, साइबर एवं अन्य व्यावसायिक कोर्सों का अधिकतम लाभ लेकर अपनी दक्षता निरंतर बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने पुलिस सेवा को समाज सेवा का सशक्त माध्यम बताते हुए विशेष रूप से गरीब एवं जरूरतमंद वर्ग के प्रति संवेदनशीलता एवं सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने पर बल दिया, वहीं अपराधियों के विरुद्ध दृढ़ता एवं कठोरता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कानून एवं प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने, नए आपराधिक कानूनों की समुचित जानकारी रखने तथा भ्रष्टाचार एवं किसी भी प्रकार के दुराचार से दूर रहने की सलाह दी।

डीजीपी ने कहा कि वर्तमान में मीडिया, सोशल मीडिया, न्यायालय एवं विभिन्न आयोगों द्वारा सतत निगरानी की जाती है, ऐसे में प्रत्येक कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता एवं नियमसम्मत होना आवश्यक है, क्योंकि एक छोटी सी त्रुटि भी संपूर्ण करियर को प्रभावित कर सकती है।
डीजीपी मकवाणा ने अपने अनुभव साझा करते हुए निष्पक्ष विवेचना, धैर्यपूर्वक सुनवाई एवं तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने के महत्व को रेखांकित किया तथा निर्देशित किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से प्रकरण में न फंसाया जाए। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले कर्मियों को उचित प्रोत्साहन एवं पुरस्कार मिलना चाहिए, जबकि त्रुटि करने वालों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फील्ड में पदस्थापना के दौरान विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं का समुचित सत्यापन करते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे आमजन का विश्वास सुदृढ़ किया जा सके।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस की सकारात्मक छवि उसके निरंतर व्यवहार एवं कार्यशैली से निर्मित होती है, जिसे स्थापित करने में लंबा समय लगता है, जबकि एक छोटी सी चूक से वह प्रभावित हो सकती है।

अंत में उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि वे पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, बल्कि आमजन के साथ विश्वासपूर्ण संबंध भी विकसित होंगे तथा समाज में पुलिस के प्रति सकारात्मक छवि और अधिक सुदृढ़ होगी।

इस अवसर पर अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक एवं निदेशक पुलिस अकादमी भौंरी मोहम्‍मद शाहिद अबसार ने बताया कि 44वें एवं 45वें बैच के प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों का प्रशिक्षण चरणबद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है, जिसमें प्रथम सेमेस्टर पूर्ण हो चुका है एवं द्वितीय सेमेस्टर प्रगति पर है। प्रशिक्षण के अंतर्गत कानून एवं व्यवस्था, अपराध अनुसंधान, नवीन आपराधिक कानून, पुलिस प्रक्रियाएं, आईटी एवं साइबर अपराध सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में ओरिएंटेशन, फील्ड एक्सपोजर एवं नवरात्रि जैसे आयोजनों के दौरान लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी का व्यावहारिक अनुभव भी दिया गया है।
उन्‍होंने कहा कि प्रशिक्षण में शारीरिक दक्षता एवं कौशल विकास हेतु पीटी, ड्रिल, योग, वेपन हैंडलिंग, फायरिंग एवं खेल गतिविधियों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षु अधिकारी उच्च शिक्षित, अनुशासित एवं उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं तथा आगामी चरणों में उनका मूल्यांकन एवं फील्ड प्रशिक्षण निर्धारित है।

इन प्रशिक्षु अधिकारियों की एक सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि इनमें से कई अधिकारियों ने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से तकनीकी और उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं, जिनमें बी.टेक, एम.टेक, एम.एससी, एलएलबी तथा ‘ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन’ जैसे विषय में पीएचडी जैसी डिग्रियां प्रमुख हैं। कुछ अधिकारी Indian Institutes of Technology (IIT) , National Institutes of Technology (NIT) तथा BHU जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षित है। इस प्रकार के उच्च शिक्षित और बहुमुखी प्रतिभा के धनी युवा अधिकारियों का पुलिस बल में शामिल होना, मध्यप्रदेश पुलिस की आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में एक मील का पत्थर साबित होगा
इस अवसर पर उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ. विनीत कपूर, उप निदेशक पुलिस अकादमी भौंरी संजय कुमार अग्रवाल, एसओ टू डीजीपी मलय जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

भारतीय जनता पार्टी इंदौर द्वारा कांग्रेस की दोनों पार्षद नेत्रियां के राष्ट्रगीत वंदे मातरम के अपमान के विरोध में शुक्रवार को नगर के सभी 85 वार्डों में कांग्रेस का पुतला दहन कर राष्ट्रगीत का किया सामुहिक गान

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भारतीय जनता पार्टी इंदौर द्वारा कांग्रेस की दोनों पार्षद नेत्रियां के राष्ट्रगीत वंदे मातरम के अपमान के विरोध में शुक्रवार को नगर के सभी 85 वार्डों में कांग्रेस का पुतला दहन कर राष्ट्रगीत का किया सामुहिक गान
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-कांग्रेस यदि वंदे मातरम के समर्थन में है, तो दोनों कांग्रेस पार्षद नेत्रियां को करें निष्कासित
भोपाल/इंदौर, 10/04/2026। भारतीय जनता पार्टी इंदौर द्वारा कांग्रेस की दो पार्षद नेत्रियों ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के अपमान के विरोध में शुक्रवार को नगर के सभी 85 वार्डों में कांग्रेस का पुतला दहन कर सामुहिक रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गायन किया। इंदौर के विभिन्न वार्डों में प्रमुख स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ता एवं आमजन तिरंगा ध्वज लेकर पहुंचे, जहां कांग्रेस के पुतले को जूते-चप्पलों से पीटकर दहन किया। तत्पश्चात् जनसमुदाय ने वंदे मातरम का नारा बुलंद किया। इस दौरान पार्टी के जिला पदाधिकारियों ने कहा कि देश भर में कांग्रेस नेताओं द्वारा बार-बार राष्ट्रभावनाओं को आहत करने वाले कृत्य किए जा रहे हैं, जिन्हें किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कांग्रेस वास्तव में राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सम्मान करती है, तो संबंधित दोनों पार्षद नेत्रियों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित करना चाहिए।

कांग्रेस केवल बयानबाजी कर राष्ट्रविरोधी परंपरा को दे रही बढ़ावा
भाजपा के इंदौर जिला पदाधिकारियों ने कहा कि इंदौर नगर निगम के सत्र में कांग्रेस की दो पार्षदों ने वंदे मातरम का विरोध किया। वंदे मातरम भारत की आत्मा का गीत है, जिसे गाते हुए असंख्य क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। वंदे मातरम का विरोध फौजिया शेख ने किया, जिसका समर्थन रुबीना इकबाल खान ने किया। फौजिया शेख कांग्रेस के चुनाव चिन्ह पर निर्वाचित पार्षद हैं, जबकि रुबीना खान निर्दलीय जीतकर बाद में कांग्रेस में शामिल हुईं। इसलिए कांग्रेस को तुष्टीकरण की नीति छोड़कर दोनों को पार्टी से निष्कासित करना चाहिए। कांग्रेस केवल बयानबाजी कर रही है। यदि वह वास्तव में वंदे मातरम के समर्थन में है तो अपने आचरण से सिद्ध करे, अन्यथा यह माना जाएगा कि वह राष्ट्रविरोधी तत्वों को बढ़ावा दे रही है।

नगर अध्यक्ष ने कांग्रेस के अपमान पर कार्रवाई की, वंदे मातरम् के अपमान पर नहीं
भाजपा के पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के इशारों पर नगर अध्यक्ष चिंटू चौकसे केवल रुबीना खान को बाहर करने की बात कर रहे हैं, जबकि वंदे मातरम का विरोध करने वाली फौजिया शेख पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। रुबीना खान पर कार्रवाई “कांग्रेस जाए भाड़ में” बयान के कारण हुई, न कि वंदे मातरम विरोध पर हुई है और यदि इसी आधार पर कार्रवाई हुई है, तो “पार्टी गई तेल लेने” जैसे शब्दों के उपयोग पर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के विरुद्ध भी प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए।
इस अवसर पर इंदौर के वार्ड क्र. 81 में चाणक्यपुरी चौराहे पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक मधु वर्मा, अभिषेक बबलू शर्मा, प्रदेश मीडिया पेनलिस्ट प्रेम व्यास, मंडल अध्यक्ष मनीष केसवानी, मती वीना शर्मा, वार्ड क्र. 7 बड़ा गणपति मंदिर के सामने सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा के समक्ष महापौर पुष्यमित्र भार्गव, अमरदीप मौर्य, पार्षद मनोज मिश्रा, दिनेश शुक्ला, भूपेंद्र पोद्दार, वार्ड क्र. 32 में स्कीम नंबर 78, पानी की टंकी पर विधायक रमेश मेंदोला, राजेंद्र राठौर, पार्षद संजय चौधरी, भरत देशमुख, मंडल अध्यक्ष कांत दुबे, कृष्णा बेदी औऱ मती प्रभा राठौर, वार्ड क्र. 59 में हरसिद्धि मंदिर प्रांगण में विधायक गोलू शुक्ला, पार्षद मती रूपाली पेंढ़ारकर, भरत खस, निखिल खानविलकर, वार्ड क्र. 69, मालगंज चौराहे पर विधायक मती मालिनी गौड, पार्षद रामबाबू राठौर, वार्ड क्र. 54 शीतला माता चौराहा पर विधायक महेंद्र हार्डिया, पार्षद महेश बसवाल, दुर्गेश बिंजवा, गोपाल सिंगार, दिनेश रोकडे एवं वार्ड क्र. 5 में पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, निरंजन सिंह चौहान, अशोक उपाध्याय सहित सभी 85 वार्डों में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजन उपस्थित रहे।

प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक मनाया जायेगा ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव

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प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक मनाया जायेगा ‘नारी शक्ति वंदन’ उत्सव
मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक प्रदेशव्यापी “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया है। पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के प्रावधानों से आम जनता को अवगत कराना और महिला नेतृत्व का उत्सव मनाना है।

प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों और छिंदवाड़ा, खरगोन एवं मंदसौर जिला मुख्यालयों पर भव्य “नारी शक्ति वंदन” सम्मेलन आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में महिला सांसदों, विधायकों, महापौर और पंचायत प्रतिनिधियों सहित सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित कर उनके अनुभवों को साझा किया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र में “नारी शक्ति पदयात्रा” निकाली जाएगी, जिसमें समाज की प्रबुद्ध महिलाएँ सहभागिता करेंगी। युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विशेष ‘नारी शक्ति वंदन दीवार’ तैयार की जाएगी।

दीवार पर युवा पीढ़ी पेंटिंग और संदेशों के माध्यम से नारी शक्ति के प्रति अपने विचार व्यक्त करेगी।

पखवाड़े का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती होगा।

इस दिन प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में “विशेष ग्राम सभाएं” आयोजित की जाएंगी।

बाबा साहेब अम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

त्रि-स्तरीय पंचायतों, नगरीय निकायों और शैक्षणिक संस्थानों में गोष्ठियाँ व सेमिनार आयोजित होंगे।

महिला स्व-सहायता समूहों, ‘लखपति दीदी’ और ‘लाड़ली बहना’ को इस अभियान का मुख्य चेहरा बनाया जाएगा।

औद्योगिक, व्यापारिक और सहकारी संगठनों में भी व्याख्यान आयोजित कर महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।

उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में व्याख्यान और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

’20 साल वहां रहे, अब यहीं रहेंगे’ – नीतीश कुमार

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’20 साल वहां रहे, अब यहीं रहेंगे’ – नीतीश कुमार
बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के लिए शपथ लेने के लिए दिल्ली गुरुवार को आ गए हैं. शपथ लेने से पहले नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमने तय कर लिया है. यहां रहेंगे, वहां वाला छोड़ेंगे फिर उसके बाद यही रहेगा. हम उसी (शपथ) के लिए आए हैं, कल सबेरे जा रहे हैं. वहां सब छोड़ देंगे. 20 साल वहां रहे हैं, अब हम यहीं रहेंगे.

RCB के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने 15 गेंद में ठोकी फिफ्टी

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RCB के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने 15 गेंद में ठोकी फिफ्टी
वैभव सूर्यवंशी क्या गजब खिलाड़ी है, जिसने विश्व भर के गेंदबाजों में अपने नाम का खौफ बना दिया है. अब उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में अपनी सबसे तेज फिफ्टी लगा दी है. शुक्रवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ मैच में उन्होंने 15 गेंदों में पचासा ठोका. अर्धशतक पूरा करने तक उन्होंने अपनी तूफानी पारी में 7 चौके और 4 छक्के लगाए.

वैभव ने लगाई सबसे तेज फिफ्टी
वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपनी व्यक्तिगत सबसे तेज फिफ्टी लगाई है. वैसे आईपीएल का सबसे तेज अर्धशतक यशस्वी जायसवाल के नाम है, जिन्होंने 2023 सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 13 गेंद में फिफ्टी पूरी की थी. वैभव ने अब 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया है, जो व्यक्तिगत रूप से उनकी सबसे तेज फिफ्टी है और आईपीएल इतिहास की तीसरी सबसे तेज फिफ्टी है. वैभव ने इसी सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ भी 15 गेंद में अर्धशतक पूरा कर लिया था.

IPL में सबसे तेज फिफ्टी (भारतीय बल्लेबाज)
13 गेंद – यशस्वी जायसवाल
14 गेंद – केएल राहुल
15 गेंद – यूसुफ पठान
15 गेंद – वैभव सूर्यवंशी
राजस्थान का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर
वैभव सूर्यवंशी की तूफानी अर्धशतकीय पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने अपना सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर बनाया. राजस्थान ने पहले 6 ओवरों में एक विकेट खोकार 97 रन बनाए, जो पावरप्ले में राजस्थान टीम का सबसे बड़ा स्कोर है. पावरप्ले में सबसे बड़ा स्कोर सनराइजर्स हैदराबाद के नाम है, जिसने 6 ओवरों में ही 125 रन बनाए हुए हैं. दूसरा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर भी हैदराबाद के ही नाम है, जिसने 107 रन बनाए थे. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स भी पावरप्ले में 100 से बड़ा स्कोर बना चुके हैं.

125 रन – सनराइजर्स हैदराबाद
107 रन – सनराइजर्स हैदराबाद
105 रन – कोलकाता नाइट राइडर्स
100 रन – चेन्नई सुपर किंग्स
97 रन – राजस्थान रॉयल्स

कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है श्रीमद्भागवत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है मद्भागवत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर परिसर में आयोजित मद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ पर विराजमान हिमांशु कृष्ण भारद्वाज जी द्वारा कही जा रही मद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मद्भागवत का मूल संदेश यही है कि कर्म ही सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहकर मानव जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने राम मंदिर में भगवान के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने मद्भागवत कथा में भगवान कृष्ण की बाललीला के अंतर्गत माखनचोरी के प्रसंग का भक्तिभाव के साथ श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि मद्भागवत कथा का आयोजन राम मंदिर परिसर में 6 अप्रैल से 12 अप्रैल तक किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कथा के समापन अवसर पर भगवान बांके बिहारीलाल की आरती-पूजन में भी शामिल हुए।

मानव जीवन दुर्लभ, सेवा से ही सार्थकता : मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरों के लिए जीते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्होंने कहा कि लगभग पांच हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ का जंगल ही दंडकारण्य क्षेत्र है और शिवरीनारायण माता शबरी की पावन भूमि है। गुरु घासीदास जैसे महान संतों की जन्मभूमि होने के कारण छत्तीसगढ़ एक धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध प्रदेश है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो रहा है और निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

रामलला दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालुओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रभु रामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। अब तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं तथा 5 हजार से अधिक बुजुर्गजन देश के विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

धार्मिक संरक्षण और गौसेवा के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है। इस कानून के अंतर्गत देश के अन्य राज्यों की तुलना में कठोर प्रावधान किए गए हैं, जिससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुरभि गौधाम योजना लागू की गई है, जिसके तहत गौधामों में गौमाता के लिए चारा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक पुरंदर मिश्रा, हिमांशु द्विवेदी, सुनील रामदास अग्रवाल सहित मद्भागवत कथा के आयोजक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।