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PM मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक

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PM मोदी कल करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाइन बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत करेंगे। इस बैठक में पश्चिम एशिया में बदलते हालात की समीक्षा की जाएगी और इसके भारत पर पड़ने वाले असर का आकलन किया जाएगा, खासकर तरल प्राकृतिक गैस (एलपीजी) और तेल आपूर्ति से मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

बैठक में तैयारियों पर फोकस किया जाएगा, जिसमें आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रधानमंत्री बैठक में ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत सामूहिक प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाल सकते हैं, ताकि केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बना रहे।

बैठक में वैश्विक अनिश्चितता के बीच देश में स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा हो सकती है। जिन राज्यों में फिलहाल चुनाव चल रहे हैं, वे आचार संहिता के कारण इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह कैबिनेट सचिवालय के जरिये उनके मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक की जाएगी, ताकि योजनाओं और प्रतिक्रिया की प्रक्रिया जारी रहे।

यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि भारत इस समय एलपीजी की कमी का सामना कर रहा है। इससे घरों में इस्तेमाल होने वाले इस जरूरी ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ईरान की ओर से अधिकांश देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किया गया है। हालांकि, भारत को इससे अलग रखा गया है। इसके बावजूद यह चिंता बनी हुई है कि आने वाले समय में हालात और कठिन हो सकते हैं।

भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार
इससे पहले सरकार ने आज नागरिकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

अधिकारियों ने बताया कि देश की रिफाइनरी अपनी पूरी क्षमता से भी अधिक पर काम कर रही हैं, जिससे पूरे देश में ईंधन की लगातार आपूर्ति बनी हुई है। भारत की कुल भंडारण क्षमता करीब 74 दिनों की खपत को पूरा कर सकती है। जबकि, वर्तमान भंडार करीब 60 दिनों के लिए पर्याप्त है, जिसमें रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार भी शामिल हैं। अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि संकट के कई हफ्तों बाद भी कोई कमी नहीं है और भविष्य में आपूर्ति स्थिर बनाए रखने के लिए आगे की खरीद की योजनाएं भी पहले से तैयार हैं।

बीसीसीआई ने जारी किया आईपीएल के दूसरे चरण का कार्यक्रम

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बीसीसीआई ने जारी किया आईपीएल के दूसरे चरण का कार्यक्रम
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईपीएल 2026 के दूसरे चरण का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। हालांकि, बोर्ड ने फिलहाल प्लेऑफ और फाइनल मैच की तारीख और स्थल का एलान नहीं किया है। लेकिन समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, खिताबी मुकाबला 31 मई को बंगलूरू में खेला जाएगा। बीसीसीआई ने 70 लीग मैचों का कार्यक्रम घोषित किया है जो 24 मई तक चलेगा। आईपीएल के 19वें सीजन की शुरुआत 28 मार्च से होगी। बोर्ड ने पहले 20 मैचों का कार्यक्रम घोषित किया था और अब दूसरे चरण में बीसीसीआई ने लीग चरण के शेष 50 मैचों का शेड्यूल जारी कर दिया है।

क्यों दो भाग में आया कार्यक्रम?
आईपीएल 2026 का कार्यक्रम दो भागों में जारी किया गया है। पहले 20 मैचों का शेड्यूल जारी हुआ था और अब लीग चरण के शेष 50 मैचों का कार्यक्रम घोषित किया गया है। इसका कारण पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं। असम, पुडुचेरी, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव के नतीजे चार मई को जारी होंगे। बीसीसीआई ने इन राज्यों में चुनाव घोषित होने के बाद लीग चरण का पूरा कार्यक्रम घोषित किया है।

खिताब बचाने उतरेगी आरसीबी
आरसीबी की टीम इस बार अपने खिताब का बचाव करने उतरेगी। आरसीबी ने 2025 में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल का खिताब जीता था। आरसीबी के लिए राहत की बात यह है कि उसके होम ग्राउंड चिन्नास्वामी स्टेडियम को मुकाबले की मेजबानी करने की मंजूरी मिल गई है। आईपीएल 2026 का उद्घाटन मैच बंगलूरू में ही खेला जाएगा।

13 शहरों में होंगे मैच
बीसीसीआई ने पहले 12 अप्रैल तक के मैचों का कार्यक्रम जारी किया था और अब 13 अप्रैल से 24 मई तक का शेड्यूल बता दिया है। दूसरे चरण में 12 वेन्यू पर आईपीएल के मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि आईपीएल 2026 में कुल 13 स्थानों पर मैच होंगे। दूसरे चरण में बंगलूरू, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, जयपुर, धर्मशाला, रायपुर और न्यू चंडीगढ़ में मुकाबले होंगे। पहले चरण में गुवाहाटी भी आईपीएल मैचों की मेजबानी कर रहा है, लेकिन दूसरे चरण में वहां मैच नहीं होंगे। दूसरे चरण की शुरुआत 13 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हैदराबाद में होने वाले मैच से होगी। वहीं, लीग चरण का अंतिम मैच 24 मई को केकेआर और दिल्ली कैपिटल्स के बीच कोलकाता में खेला जाएगा।

धर्मशाला में होंगे तीन मुकाबले
दूसरे चरण में आठ डबल हेडर मुकाबले होंगे जिसमें दोपहर के मैच भारतीय समयानुसार 3:30 बजे से होंगे, जबकि शाम के मैच 7:30 बजे से खेले जाएंगे। पहले चरण में चार डबल हेडर होने हैं। यानी इस बार कुल 12 डबल हेडर मुकाबले खेले जाएंगे। पंजाब किंग्स की टीम अपने होम मुकाबले न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला में खेलेगी। इस दौरान धर्मशाला में तीन मैच खेले जाएंगे। दूसरी तरफ, राजस्थान की टीम चार मैच जयपुर में खेलेगी, जबकि गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) अपने तीन होम मैच बंगलूरू और दो रायपुर में खेलेगी। बीसीसीआई ने बताया कि प्लेऑफ के वेन्यू की घोषणा बाद में की जाएगी।

छिंदवाड़ा में पिकअप से टक्कर के बाद बस पलटी, 10 लोगों की दर्दनाक मौत

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छिंदवाड़ा में पिकअप से टक्कर के बाद बस पलटी, 10 लोगों की दर्दनाक मौत
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां पिकअप से टक्कर के बाद एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में दस लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे में कुछ यात्रियों के हाथ कटने और कई के सिर फूटने जैसी गंभीर चोटें सामने आई हैं।कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने मौतों की पुष्टि की है। हादसे पर सीएम मोहन यादव ने भी दुख जताया है। उन्होंने सहायता राशि की घोषणा भी की है।

पुलिस के अनुसार, घटना शाम करीब साढ़े 6 बजे उमरानाला क्षेत्र में हुई। बस में 40 से अधिक यात्री सवार थे और यह छिंदवाड़ा से उमरानाला की ओर जा रही थी। जानकारी मिली है कि बस में सवार अधिकांश लोग चौरई तहसील में आयोजित हितग्राही सम्मेलन से लौट रहे थे, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे।

फिलहाल हादसे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। घटना के तुरंत बाद पुलिस और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

क्या बोले कलेक्टर?
कलेक्टर ने कहा कि बस में 47 यात्री सवार थे। ये बस छिंदवाड़ा की तरफ से आ रही थी। सिमरिया के पास बस एक वाहन को ओवरटेक कर रही थी, तभी लहसुन से लदी एक पिकअप वाहन की आमने-सामने से भीषण भिंड़त हो गई। इस हादसे में पांच की हालत गंभीर बनी हुई है और 10 मौतों की जानकारी है।

सीएम ने सहायता राशि की घोषणा की
आज शाम को छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुई सड़क दुर्घटना हृदय विदारक है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि सभी दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए कामना करता हूँ। मैंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए हैं। छिंदवाड़ा के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह जी को भी अपने कार्यक्रम परिवर्तित कर छिंदवाड़ा पहुँचने के लिए निर्देशित किया है। मृतकों के निकटम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहाँ से सभी घायलों के उपचार की सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी, ‘जल्द सीरियस हो जाएं वरना देर हो जाएगी’

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डोनाल्ड ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी, ‘जल्द सीरियस हो जाएं वरना देर हो जाएगी’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीते कुछ दिनों से लगातार दावा कर रहे हैं कि उनकी ईरान से बातचीत हो रही है. लेकिन दूसरी ओर ईरान अमेरिका के प्रस्ताव को कभी ख़ारिज करता है तो कभी कहता है कि हमसे अमेरिका की कोई बातचीत नहीं है.

साथ ही ईरान यह भी कह रहा है कि उसकी वजह से ट्रंप को ‘बातचीत’ के रास्ते पर आना पड़ा है.

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि उन्हें (ईरान) जल्दी गंभीर होना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी, फिर वापसी का रास्ता नहीं बचेगा.

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हाल ही में एक 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव दिया था.

लेकिन ईरान ने इसे स्वीकार नहीं किया. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री ने यह ज़रूर कहा था कि ईरान के टॉप लीडर ‘अलग-अलग प्रस्तावों’ पर विचार कर रहे हैं. जबकि बाद में ईरान की ओर से पांच शर्तें सामने आईं.

डोनाल्ड ट्रंप ने अब क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “जो लोग ईरान की ओर से बातचीत कर रहे हैं, वो बहुत अजीब हैं. वे हमसे समझौता करने की ‘मिन्नतें’ कर रहे हैं, जो उन्हें करना भी चाहिए क्योंकि उनकी सैन्य ताक़त पूरी तरह ख़त्म हो चुकी है और वापसी का कोई मौक़ा नहीं है.”

उन्होंने लिखा, “फिर भी वे सार्वजनिक तौर पर कहते हैं कि वे (ईरान) सिर्फ़ हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं. यह ग़लत है, उन्हें जल्दी गंभीर होना होगा, वरना बहुत देर हो जाएगी. जब ऐसा होगा तो वापसी का कोई रास्ता नहीं होगा और हालात अच्छे नहीं होंगे.”

डोनाल्ड ट्ट्रंप ने बुधवार को दावा किया, “ईरान बातचीत के लिए मानने से डरता है, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके अपने लोग उन्हें मार देंगे.”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा को दी 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा को दी 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। गरीब, किसान, महिला और युवा सहित सभी वर्गों का कल्याण राज्य सरकार का संकल्प है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। प्रदेश के किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि और लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की खुशहाली है। इसी ध्येय से किसानों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण से आय दोगुनी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह प्रदेश का स्वर्णिम काल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगीकरण और युवाओं को रोजगार से जोड़ने में सबसे आगे है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिले को 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 133 करोड़ की लागत के तामिया-जुन्नारदेव मार्ग, नल जल योजना के कार्य, पुलिस आवास गृह, माध्यमिक विद्यालय भवन और छात्रावास सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए नया भवन बनाए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के 7008 श्रमिकों के खातों में संबल योजना की 157 करोड़ की राशि का अंतरण किया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 55 लाख से अधिक हितग्राहियों को 463 करोड़ की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र एवं हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चैत्र नवरात्रि की महा अष्टमी के दिन छिंदवाड़ा में दीप प्रज्ज्वलित कर एवं कन्या पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

प्रदेशवासियों को दी महाअष्टमी और श्रीराम नवमी की मंगलकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा को लगभग 500 करोड़ और पांढुर्णा को 350 करोड़ से अधिक की अनुपम सौगात मिली है। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के पास जामसांवली में हनुमान लोक के लोकार्पण का सौभाग्य मिला। भगवान हनुमान के बिना तो रामराज्य भी अधूरा सा लगता है। हमारा शासनकाल भगवान श्रीराम के राज्य जैसा होना चाहिए। राज्य सरकार अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद अब मध्यप्रदेश के पवित्र चित्रकूट धाम को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। विरासत को विकास से जोड़ते हुए प्रदेश में श्रीराम गमन पथ का कार्य जारी है। उज्जैन में बाबा महाकाल, जामसांवली हनुमान धाम, सतना की शारदा मैया जैसे अनेक प्रसिद्ध धर्म स्थलों में महत्वपूर्ण तीर्थ होने के नाते सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक कर्मयोगी की तरह प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। पांढुर्णा में आज हनुमान लोक का लोकार्पण होने के साथ ही दूसरे चरण के कार्यों की भी घोषणा की गई है। छिंदवाड़ा के जनजातीय अंचलों के लिए 84 उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए विद्यालय और छात्रावास की भी सौगात मिली है। तामिया-जुन्नारदेव सड़क 2 जिलों को जोड़ रही है। छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट के विकास से क्षेत्र की एक अलग पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है। छिंदवाड़ा कॉर्न (मक्का) सिटी है। छिंदवाड़ा जिले में आज 350 करोड़ से अधिक लागत के सिर्फ लोकार्पण हुए हैं। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध कराने में नहीं रखी जाएगी कोई कमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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श्रद्धालुओं को सुविधाएँ उपलब्ध कराने में नहीं रखी जाएगी कोई कमी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उज्जैन में क्षिप्रा नदी पर निर्माणधीन घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रखी जायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंगारेश्वर और सिद्धवट के मध्य क्षिप्रा नदी पर बन रहे नए घाटों का अवलोकन भी किया। ये घाट आगामी सिंहस्थ महापर्व-2028 को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के स्नान और अन्य सुविधाओं के लिए तैयार किए जा रहे हैं। घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनिर्मित घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने की व्यवस्था तथा सुविधाजनक स्थानों पर टॉयलेट बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख घाटों पर लगभग 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर विकसित करने के निर्देश भी दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाटों के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढ़ियाँ या अन्य पहुँच मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, जिससे मुख्य घाटों तक पहुंचना आसान हो सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिद्धवट और अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि पुल के निर्माण से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन सुगम होगा और श्रद्धालुओं को एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा। घाटों पर स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़ा घाट तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं के आने-जाने के साथ बैठने की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाटों पर श्रद्धालुओं के बैठने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गोवा के खेल एवं जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर की सौजन्य भेंट

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गोवा के खेल एवं जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर की सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए।

मुख्यमंत्री साय ने तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

उल्लेखनीय है कि रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।

खेल प्रतिभाओं को नया आसमान देने सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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खेल प्रतिभाओं को नया आसमान देने सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ की धरती आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता सु साइखोम मीराबाई चानू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख तथा सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली भी ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर इन आयोजनों में सहभागी बने—जो परिवर्तन और विश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में खेलों को लेकर उत्साह और प्रयास दोनों दोगुने हैं। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना निर्माण और प्रतिभाओं के चिन्हांकन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर किया गया है, जो राज्य के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं।
जनजातीय संस्कृति, इतिहास और गौरव से जुड़ा आयोजन
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, बल्कि यह जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि भी है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवा रायपुर में उनके सम्मान में म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस म्यूजियम का अवलोकन करने का आग्रह भी किया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक है और आने वाले वर्षों में भी यह श्रृंखला जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन शैली है।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों ने खेलों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत से अधिक युवा आबादी में अपार क्षमता है और अब खेल प्रतिभाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों से भी उभर रही हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान राम के ननिहाल में इस आयोजन का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ संयोग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज ने सदैव देश को वीरता और परिश्रम की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई दिशा मिल रही है और ‘ट्राइबल गेम्स’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आयोजन ऐतिहासिक है और देशभर से आए खिलाड़ियों के स्वागत के लिए पूरा छत्तीसगढ़ उत्साहित है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जनजातीय प्रतिभाओं को विश्व मंच तक ले जाने का सशक्त माध्यम बनेगा और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, इंद्र कुमार साव, महापौर मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकासशील सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

हाई कोर्ट में सोम डिस्टिलरीज की याचिका खारिज

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हाई कोर्ट में सोम डिस्टिलरीज की याचिका खारिज
मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए एक्साइज कमिश्नर द्वारा 8 लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई को सही ठहराया। जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने 32 पन्नों के फैसले में कहा कि शराब का व्यापार मौलिक अधिकार नहीं है और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई वैध है।
एक्साइज विभाग ने 4 फरवरी 2026 के आदेश से Som Distilleries Pvt. Ltd. और Som Distilleries and Breweries Pvt. Ltd. के कुल 8 लाइसेंस सस्पेंड किए थे। यह कार्रवाई 26 फरवरी 2024 के शो-कॉज नोटिस के आधार पर हुई थी, जिसमें फर्जी परमिट से शराब परिवहन के आरोप थे।
कंपनियों ने पुराने नोटिस को आधारहीन बताया
कंपनियों ने दलील दी कि नोटिस 2023-24 की अवधि से जुड़ा था और 31 मार्च 2024 को लाइसेंस समाप्त हो चुके थे। नए लाइसेंस जारी होने के बाद पुराने नोटिस के आधार पर कार्रवाई को अवैध बताया गया।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और शासकीय अधिवक्ता मानस मणि वर्मा ने कहा कि एक्साइज एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार स्पष्ट है और नियमों का पालन अनिवार्य है।
‘नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड करना वैध’
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि शराब का कारोबार पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में है। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करना कानूनन वैध है।
कोर्ट ने कहा कि शो-कॉज नोटिस किसी अवधि तक सीमित नहीं होता। गंभीर आरोप होने पर बाद में भी कार्रवाई संभव है और पुराने उल्लंघन नए लाइसेंस को प्रभावित कर सकते हैं।
धोखाधड़ी साबित होने पर दलीलें कमजोर
फैसले में कहा गया कि धोखाधड़ी किसी भी कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करती है। एक बार आरोप साबित होने पर अन्य दलीलें कमजोर हो जाती हैं।
कोर्ट ने कहा कि डिस्टिलिंग, ब्रूइंग और बॉटलिंग जैसी गतिविधियों में गंभीर उल्लंघन होने पर व्यापक कार्रवाई उचित है। यह निर्णय “प्रोपोर्शनैलिटी टेस्ट” पर खरा उतरता है।

भूमि अधिग्रहण के मुआवजे और उस पर ब्याज वित्तीय बोझ पर निर्भर नहीं -सुप्रीम कोर्ट

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भूमि अधिग्रहण के मुआवजे और उस पर ब्याज वित्तीय बोझ पर निर्भर नहीं -सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में उचित मुआवजे की सांविधानिक गारंटी को कम नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि क्षतिपूर्ति और ब्याज वित्तीय बोझ की मात्रा पर निर्भर नहीं हो सकते। शीर्ष अदालत ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की समीक्षा याचिका खारिज कर दी।

क्या है मामला?
एनएचएआई ने 4 फरवरी, 2025 के फैसले की समीक्षा मांगी थी। इस फैसले में कहा गया था कि 2019 का निर्णय पूर्वव्यापी रूप से लागू होगा। 2019 के फैसले में एनएचएआई अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के किसानों को मुआवजा और ब्याज देने की बात थी। पीठ ने कहा कि भूस्वामियों को देय ब्याज भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार नौ फीसदी होगा। यह एनएचएआई अधिनियम के पांच फीसदी की सीमा के अनुसार नहीं होगा। एनएचएआई ने दावा किया था कि वित्तीय देनदारी 29,000 करोड़ रुपये होगी। पहले यह राशि 100 करोड़ रुपये बताई गई थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वित्तीय देनदारी का अनुमान समीक्षा का वैध आधार नहीं है।

दावों का स्पष्टीकरण
हालांकि, पीठ ने कहा कि उसके पिछले निर्णयों को सीमित स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। यह निर्णय के दायरे और प्रभाव की सुसंगत समझ सुनिश्चित करने के लिए है। यह निर्विवाद है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अधिग्रहित भूमि के भूस्वामी क्षतिपूर्ति और ब्याज के हकदार हैं। ये उचित मुआवजे का हिस्सा हैं।

अंतिम दावों को दोबारा नहीं खोला जाएगा
कोर्ट ने कहा कि सभी भूस्वामियों के दावे एक समान नहीं हैं। कई मामलों में भूस्वामियों ने मुआवजे या लाभ बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं। अदालत का मानना है कि अंतिम रूप से तय किए गए दावों को दोबारा खोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। भूस्वामियों के अधिकारों और मुकदमेबाजी में निश्चितता के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। 23 फरवरी को कोर्ट ने कहा था कि मार्च 2018 से पहले के मामलों को दोबारा नहीं खोला जा सकता।