Home Blog Page 69

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री: जेडीयू में शामिल होते ही पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाद, खिलाई मिठाई

0

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री: जेडीयू में शामिल होते ही पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाद, खिलाई मिठाई
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब दिल्ली की ओर चल पड़े हैं तो वहीं उनके बेटे निशांत कुमार आखिरकार सक्रिय राजनीति का हिस्सा हो गए हैं. परिवारवाद से दूर रहने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) जॉइन कर ली है. पार्टी में आधिकारिक रूप से शामिल होने के बाद निशांत कुमार पिता नीतीश से मिलने पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया. इसकी पहली तस्वीर भी सामने आ रही है.

दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार रविवार (8 मार्च) को जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गए. उन्होंने कहा कि वह पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे.

इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट निशांत कुमार को पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में जद(यू) में शामिल किया गया.

राज्यसभा जाना पिता का व्यक्तिगत फैसला
JDU में शामिल होने के बाद निशांत ने कहा, “मेरे पिता ने राज्यसभा सदस्य बनने का फैसला लिया, यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था. हम सभी इसका सम्मान करते हैं. हम उनके मार्गदर्शन में काम करते रहेंगे. मैं संगठन को मजबूत करने के लिए काम करूंगा.”

निशांत कुमार होंगे डिप्टी सीएम?
जद(यू) कार्यालय में आगमन पर निशांत का जोरदार स्वागत हुआ. पार्टी कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर जमा हुए और पार्टी का झंडा लहराते हुए ढोल बजाते दिखे. इस बीच, अटकलें हैं कि निशांत को नई सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. नीतीश कुमार के एक करीबी सहयोगी ने शनिवार को दावा किया कि एक सर्वसम्मत निर्णय लिया गया था कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नई सरकार में निशांत को उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा.

विधान परिषद सदस्य चुने जाएंगे निशांत कुमार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. हरनौत से जद(यू) के विधायक हरि नारायण सिंह ने दावा किया कि निशांत को अगले महीने राज्य विधान परिषद का सदस्य चुना जाएगा.

नेपाल में Gen-Z सरकार! बालेन शाह ने प्रचंड-ओली को दी मात

0

नेपाल में Gen-Z सरकार! बालेन शाह ने प्रचंड-ओली को दी मात
नेपाल के चुनाव आयोग ने अभी तक 31 सीटों के नतीजे घोषित किए हैं. इनमें से 23 सीट पर बालेन शाह की राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी, 5 पर नेपाली कांग्रेस, 2 पर नेपाली कम्‍युनिस्‍ट पार्टी और 1 पर सीपीएन-यूएमएल ने जीत दर्ज की है. राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी इन चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करती हुई नजर आ रही हैं. पार्टी 93 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं.

नेपाल के चुनाव आयोग ने देश के आम चुनावों के शुरुआती रुझान जारी कर दिए हैं. बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) 98 सीटों पर, नेपाली कांग्रेस 11 सीटों पर और CPN-UML (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल- यूनिफाइड मार्क्सिस्ट लेनिनिस्ट) 11 सीटों पर आगे चल रही है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़नगरवासियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर किया आभार व्यक्त

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़नगरवासियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर किया आभार व्यक्त
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत विश्व पटल पर नई ऊंचाइयां को छू रहा है। देश में मध्यप्रदेश का विशेष महत्व है। विकास के इस कारवां को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार समाज के हर वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उज्जैन जिले का बड़नगर भी विकास में अग्रणी रहेगा। बड़नगर अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया का भाग बनेगा। बड़नगर पर बाबा महाकाल सहित चंबल, शिप्रा और गंभीर नदियों का भी आशीर्वाद है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। टेक्सटाइल सेक्टर के इस मेगा इंडस्ट्रियल पार्क का लाभ भी बड़नगरवासियों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़नगर क्षेत्र में संचालित गौशालाओं को नरवाई प्रबंधन के लिए मशीनें लेने में सहायता के उद्देश्य से स्वेच्छानुदान से अंश राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे नरवाई के निराकरण के साथ ही गौशालाओं को पर्याप्त भूसा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़नगर क्षेत्र के व्यायाम शालाओं को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रूपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग की स्वीकृति प्रदान करने के लिए उनका आभार प्रकट करने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे बड़नगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़नगरवासियों ने साफा और गजमाला पहनाकर अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उज्जैन और बड़नगर अब 3 प्रमुख मार्गों के माध्यम से रतलाम से जुड़ गया है। तीसरा नया 2 लेन रास्ता गंभीर डैम के पास से नागदा होकर निकलने वाला है। लगभग 150 करोड़ रूपए का नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सौगात है। इससे रतलाम की दूरी 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। नई सड़क से सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में भी सुविधा होगी। उज्जैन में विमानतल भी बनाया जा रहा है, इसका लाभ भी बड़नगर को मिलेगा। आगामी वर्षों में रतलाम सहित राजस्थान और गुजरात से भी बड़नगर का संपर्क सुगम और सशक्त होगा। सड़कें विकास का आधार हैं, इन सड़कों से बड़नगर सहित सम्पूर्ण क्षेत्र के विकास के द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ : 2028 को दृष्टिगत रखते हुए यह प्रस्तावित मार्ग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्तमान में रतलाम से उज्जैन आने वाले श्रद्धालु मुख्यत: बदनावर-बड़नगर मार्ग से आवागमन करते हैं, जिसकी कुल लंबाई लगभग 115 कि.मी. है। प्रस्तावित वैकल्पिक मार्ग की कुल लंबाई लगभग 74 कि.मी. है, जो वर्तमान प्रचलित मार्ग की तुलना में लगभग 40 कि.मी. कम है। इस मार्ग के विकसित होने से यात्रा की दूरी एवं समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें मित्र की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी हमारे लिए भगवान हनुमान की तरह हैं, जिन्हें केवल जनभागीदारी की शक्ति का भान कराना होता है। सरकार के कार्य अपने आप होते चले जाते हैं। अभिनंदन समारोह में बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या, अंतर सिंह देवड़ा, उमराव सिंह, विजय चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे लखपति दीदियों से संवाद

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे लखपति दीदियों से संवाद
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ द्वारा 7 मार्च 2026 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर प्रदेश भर से हजारों लखपति दीदियां कार्यक्रम में भाग लेंगी।
मुख्यमंत्री साय इन महिलाओं से संवाद करते हुए उनकी सफलता की कहानियां सुनेंगे और शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम महिलाओं के आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के करकमलों से लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया जाएगा। इसके साथ ही ‘लखपति दीदी ग्राम पोर्टल’ का शुभारंभ भी किया जाएगा। इन प्रकाशनों के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता की प्रेरक यात्राओं को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रदेश भर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित करेगा और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

0

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री साय ने वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, डायमंड सिंह ध्रुव, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया को उनकी उल्लेखनीय सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन होनहार बेटे-बेटियों की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह दिखाती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन युवाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

वो 5 कप्तान जो टीम इंडिया को वर्ल्ड कप के फाइनल में ले गए

0

वो 5 कप्तान जो टीम इंडिया को वर्ल्ड कप के फाइनल में ले गए
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम का सामना करने के लिए टीम इंडिया तैयार है. यहां तक भारतीय टीम को ले जाने का एक बड़ा क्रेडिट कप्तान सूर्यकुमार यादव को जाता है. इस टूर्नामेंट में बतौर टी20 कप्तान सूर्या ने कमाल का प्रदर्शन किया है. हालांकि, सूर्या का नाम उन चंद भारतीय कप्तानों में अब शामिल हो चुका है, जिनकी कप्तानी में टीम इंडिया वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले तक पहुंचने में सफल रही है. यहां हम उन्हीं 5 भारतीय कप्तानों की बात करने वाले हैं.

टीम इंडिया को वर्ल्ड कप फाइनल में ले जाने वाले 5 कप्तान
1. कपिल देव – 1983 वनडे वर्ल्ड कप
कपिल देव ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को पहली बार किसी वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाया था. साल 1983 के वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर भारत को पहला विश्व खिताब दिलाया था. इस वर्ल्ड कप में कपिल देव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ नाबाद 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर टीम इंडिया को टूर्नामेंट से बाहर होने से बचाया था.

2. सौरव गांगुली – 2003 वनडे वर्ल्ड कप
सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 20 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल का सफर तय किया था. दक्षिण अफ्रीका में आयोजित 2003 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत पहुंचा था, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. गांगुली ने उस टूर्नामेंट में 3 शतक जड़े थे.

3. एम.एस. धोनी – 2007 टी20, 2011 वनडे, 2014 टी20
महेंद्र सिंह धोनी को भारत के सबसे सफल कप्तान माना जाता है. धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने टीम इंडिया को तीन बार वर्ल्ड कप के फाइनल (दो बार टी20 और एक बार वनडे) में पहुंचाया. उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 का पहला टी20 वर्ल्ड कप और 2011 का वनडे वर्ल्ड कप जीता. 2014 टी20 वर्ल्ड कप में भी टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन उसे श्रीलंका से हार का सामना करना पड़ा था.

4. रोहित शर्मा – 2023 वनडे, 2024 टी20
रोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को बेहद आक्रामक और निडरता से खेलने वाली टीम बनाया है. उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार दो वर्ल्ड कप के फाइनल खेले. साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत अजेय रहते हुए फाइनल तक पहुंचा. फिर साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ्रीका को हराकर भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाया था.

5. सूर्यकुमार यादव – 2026 टी20 वर्ल्ड कप
सूर्यकुमार यादव का नाम इस लिस्ट में सबसे नया है. रोहित शर्मा के टी20 इंटरनेशनल से संन्यास लेने के बाद टीम इंडिया की कप्तानी संभालने वाले सूर्या ने अपने पहले ही बड़े टूर्नामेंट में भारत को फाइनल तक पहुंचा दिया है. 2026 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर भारत को लगातार दूसरे टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंच चुकी है.

ईरान के 3000 ठिकानों को तबाह करने का अमेरिका ने किया दावा

0

ईरान के 3000 ठिकानों को तबाह करने का अमेरिका ने किया दावा
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चल रही जंग को लेकर बड़ा दावा किया है. उसने कहा है कि पिछले 7 दिनों में ईरान के 3000 ठिकानों को तबाह कर दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि वे डोवर एयरफोर्स बेस जाएंगे. उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘मैं कल फर्स्ट लेडी और अपने कैबिनेट के सदस्यों के साथ डोवर एयर फोर्स बेस जाऊंगा, जिससे अपने महान वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दे सकूं.’

ईरान की दोटूक चेतावनी: ‘इजरायल ने कर दी है बड़ी गलती, अब भुगतना होगा अंजाम’

0

ईरान की दोटूक चेतावनी: ‘इजरायल ने कर दी है बड़ी गलती, अब भुगतना होगा अंजाम’
पश्चिमी ईरान में इजरायली एयर फोर्स का हमला जारी है. जिन टारगेट पर हमला हुआ, उनमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और सरकार के अनमैन्ड एरियल व्हीकल के लिए स्टोरेज शामिल है. दिनभर पश्चिमी ईरान के कई इलाकों में ईरान के 400 से अधिक ठिकानों पर भारी गोलाबारी की गई. हमलों में शामिल ठिकानों में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और मानवरहित हवाई वाहनों के भंडारण केंद्र भी थे.

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच अमेरिका वहां फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है. यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हम मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं. यह काम चुपचाप बिना किसी शोर-शराबे के विदेश सचिव मार्को रुबियो के नेतृत्व में किए जा रहे हैं.

अखिलेश यादव बोले- नीतीश कुमार के पास था प्रधानमंत्री बनने का मौका, पर उन्होंने रास्ता बदल लिया

0

अखिलेश यादव बोले- नीतीश कुमार के पास था प्रधानमंत्री बनने का मौका, पर उन्होंने रास्ता बदल लिया
सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि हम सब लोग मिलकर नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे. लेकिन अब वो ऐसे मुख्यमंत्री रहे जो राज्यसभा सदस्य के रूप में रिटायर होंगे. सपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग राजनीति को समझते हैं उन्हें पहले दिन ही पता था कि भारतीय जनता पार्टी क्या कदम उठाएगी. हम तो चाहते थे कि वो (नीतीश कुमार) प्रधानमंत्री के रूप में रिटायर हों लेकिन अब वो राज्यसभा के मेंबर होकर ही रिटायर हो जाएंगे.

ईरान-इजरायल युद्ध पर क्या बोले?
अखिलेश यादव ने कहा, “हम युद्ध के पक्ष में नहीं हैं. समाजवादी पार्टी कभी युद्ध के पक्ष में नहीं रही है. युद्ध नुकसान करता है, युद्ध जानें लेता है. युद्ध के परिमाण हमेशा दुखदायी होते हैं, दुख पहुंचाते हैं. युद्ध के पक्ष में हम लोग नहीं हैं.”

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और शोक जताने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “जहां भारत सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिए वहां मजबूरी में विपक्ष को अपना पक्ष रखना पड़ रहा है. इतनी कमजोर सरकार शायद किसी ने नहीं देखी होगी.”

सरकार की विदेश नीति पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
सरकार की विदेश नीति पर उन्होंने कहा, “विदेश नीति पर हमसे चर्चा मत कराओ. विदेश नीति जो दिख रही है, वो नहीं है. अंदर ही अंदर कहां हाथ किससे मिले हुए हैं, किसी को नहीं पता. कारोबार से हमलोग जुड़ रहे हैं. चीन से हम कितना कारोबार कर रहे हैं, फ्रांस से हम कितना कारोबार कर रहे हैं, रूस और अमेरिका से हम कितना बड़ा कारोबार कर रहे हैं, यूरोप में कई देशों से फ्री-ट्रे़ड एग्रीमेंट कर चुके हैं. पड़ोसी देशों से हमारे दूसरे तरह के संबंध हैं. आज जो सरकार है उसने भारत को विदेश नीति में उलझा दिया है.”

गंगा-जमुनी तहजीब हिंदुस्तान की पहचान- अखिलेश यादव
लखनऊ में इफ्तार पार्टी में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ये हिंदुस्तानीयत की पहचान है कि हम सब लोग एक दूसरे के त्योहार में शामिल होते हैं. हमारी संस्कृति एक दूसरे से मिली जुली है. यही गंगा-जमुनी तहजीब है. अलग जाति-धर्म के इतने लोग एक साथ कहीं नहीं रहते होंगे जितने हमारे देश में रहते हैं. अभी हम लोगों ने होली मनाई जिसमें हम लोग गले मिले. कुछ दिनों में ईद मनाएंगे और फिर गले मिलेंगे.

अहमदाबाद में महामुकाबला: क्या बारिश बनेगी विलेन? जानें फाइनल के लिए क्या है ‘रिजर्व डे’ और ‘जॉइंट विनर’ का गणित

0

अहमदाबाद में महामुकाबला: क्या बारिश बनेगी विलेन? जानें फाइनल के लिए क्या है ‘रिजर्व डे’ और ‘जॉइंट विनर’ का गणित
2026 टी20 वर्ल्ड कप का आगाज ठीक एक महीने पहले शुरू हुआ था. 54 मैचों के रोमांच के बाद अब फाइनल की बारी आ गई है, जिसमें भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ Final) आमने-सामने होंगे. फाइनल मैच 8 मार्च को अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत 2 बार चैंपियन बन चुका है और न्यूजीलैंड अपने पहले खिताब की तलाश में है.

ये टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार होगा जब भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मैच खेला जाएगा. मगर फाइनल मुकाबला बारिश या किसी अन्य कारण से रद्द हो जाता है तो किसे विजेता घोषित किया जाएगा. यहां समझ लीजिए पूरा नियम.

बारिश आई, तो क्या होगा?
भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल मैच 8 मार्च को खेला जाना है. अगर 8 मार्च को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कोई खेल नहीं हो पाता है तो ऐसे में रिजर्व डे का नियम लागू हो जाएगा. इस परिस्थिति में फाइनल मैच 9 मार्च को खेला जाएगा. आपको बताते चलें कि पहले 8 तारीख को ही कम से कम 10 ओवर का मैच करवाने का प्रयास किया जाएगा.

रिजर्व डे पर भी बारिश आई, तो क्या?
अगर 9 मार्च को भी नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले फाइनल मैच में बारिश खलल देती है तो कम से कम 10 ओवर का मैच करवाने का प्रयास किया जाएगा. आईसीसी इवेंट्स के नॉकआउट मैचों में परिणाम आने के लिए प्रत्येक पारी में कम से कम 10 ओवर का खेल होना जरूरी होता है. अगर पहले दिन कुछ ओवरों का खेल हो जाता है तो रिजर्व डे के दिन खेल वहीं से शुरू होगा जहां पिछले दिन रुका था.

अगर रिजर्व डे का दिन भी पूरी तरह बारिश में धुल जाता है, तो भारत और न्यूजीलैंड दोनों को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया जाएगा. ऐसे बहुत कम मौके रहे हैं जब किसी आईसीसी इवेंट के फाइनल मैच में बारिश के कारण कोई खेल ना हो पाया हो. 2002 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में ऐसा हुआ था, जब भारत और श्रीलंका को संयुक्त विजेता घोषित कर दिया गया था.