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हरदीप पुरी का कतर दौरा सफल: सीक्रेट मीटिंग में तय हुआ भारत का ‘एनर्जी बैकअप’, संकट में भी सुरक्षित रहेगी रसोई

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हरदीप पुरी का कतर दौरा सफल: सीक्रेट मीटिंग में तय हुआ भारत का ‘एनर्जी बैकअप’, संकट में भी सुरक्षित रहेगी रसोई
मिडिल ईस्ट के तनाव की वजह से तेल और गैस को लेकर दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है। हालांकि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान हो गया है। ईरान दावा कर रहा है कि इजरायल लगातार शांति समझौता तोड़ रहा है। इसी बीच भारत के तेल और गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी दो दिन के लिए दोहा पहुंचे है। हरदीप सिंह ने कतर के ऊर्जा राज्य मंत्री और QatarEnergy के CEO साद शेरिदा अल-काबी से मुलाकात की। इस दौरान हरदीप सिंह पुरी ने द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत की है। माना जा रहा है दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है। हालांकि अभी तक इनकी डील के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

हरदीप सिंह ने सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट
केंद्रीय मंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर एक पोस्ट कर इसके बारे में बताया है। उन्होंने लिखा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसमें उच्च-स्तरीय बातचीत, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संस्कृति और लोगों से लोगों के बीच संबंध शामिल हैं। इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता लौटने की उम्मीद जताई गई। हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने के लिए तत्पर हैं।

कतर ने दिया ‘भरोसेमंद दोस्त’ का साथ
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि कतर के मंत्री ने यह भरोसा दिलाया कि दोहा एक भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बना रहेगा और भारत के साथ ऊर्जा संबंधों और सहयोग को जारी रखने तथा उन्हें और मज़बूत करने के लिए तत्पर है।

एकजुटता और समर्थन का दिया संदेश
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह ने लिखा, ‘कतर की अपनी दो-दिवसीय यात्रा के दौरान दोहा में कतर के ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और QatarEnergy के प्रेसिडेंट और CEO साद शेरिदा अल-काबी से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल थानी और साथ ही कतर के PM और विदेश मंत्री, महामहिम शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी को शुभकामनाएं और एकजुटता व समर्थन का संदेश दिया।’

हवाई यात्रियों को बड़ा झटका: युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में फ्लाइट टिकटों के दाम में भारी उछाल

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हवाई यात्रियों को बड़ा झटका: युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में फ्लाइट टिकटों के दाम में भारी उछाल
हवाई सफर करने वालों के लिए गर्मी की छुट्टियों से पहले बड़ा झटका लगा है। अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध (US-Israel-Iran War) के कारण एमपी में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स के दामों ने बड़ी उछाल ली है। ऐसा इसलिए क्योंकि युद्ध की वजह से फ्यूल का प्राइस बढ़ रहा है जिससे ऐरोप्लेन में डालने वाला ईंधन भी महंगा हो गया है। ऐसे में इंदौर एयरपोर्ट से डोमेस्टिक फ्लाइट के किराए में जहां 300 से लेकर करीब 1000 रुपए तक की वृद्धि हुई है, वहीं इंटरनेशनल उड़ानों के टिकट 2500 से लेकर 26 हजार तक महंगे हो गए हैं। ऐसे में छुट्टियों में घूमने का प्लान बना रहे यात्रियों का बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है।

फ्यूल प्राइस बढ़ने के कारण बढ़े दाम, यात्री परेशान
ट्रैवल एजेंट के मुताबिक एयरलाइंस कंपनियों ने अलग-अलग रूट्स और दूरी के हिसाब से किराए में बदलाव किया है। 400 रुपए तो बेसिक फेयर में जुड़े हैं, इसके साथ ही किलोमीटर के हिसाब से भी किराया बड़ा है। डोमेस्टिक उड़ानों में बढ़ोतरी सीमित है, लेकिन इंटरनेशनल सेक्टर में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। खासतौर पर लंबी दूरी की फ्लाइट में किराए में भारी उछाल आया है।

फ्यूल प्राइज बढ़ने के चलते एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत बढ़ी है, जिसका सीधा असर यात्रियों पर डाला गया है। यही वजह है कि अब पहले की तुलना में टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को ज्यादा रकम चुकानी पड़ रही है। ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर फ्यूल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं तो आने वाले समय में किराए और बढ़ सकते हैं।

लोकल डेस्टिनेशन पर जोर
ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए बुकिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन इंटरनेशनल ट्रैवल को लेकर लोग अभी सतर्क नजर आ रहे हैं। पूछताछ तो हो रही है, लेकिन बुकिंग अपेक्षाकृत कम है। वहीं डोमेस्टिक टूरिज्म में अच्छी खासी रफ्तार देखने को मिल रही है। उत्तराखंड, कश्मीर और नॉर्थ-ईस्ट जैसे ठंडे इलाकों के लिए सबसे ज्यादा बुकिंग हो रही है। इसके अलावा साउथ इंडिया के हिल स्टेशन भी यात्रियों की पसंद बने हुए हैं। इंटरनेशनल ट्रैवल की बात करें तो फिलहाल एशियाई देशों की डिमांड ज्यादा है, जहां अपेक्षाकृत कम खर्च में यात्रा संभव है। कुल मिलाकर महंगे होते किराए के बीच लोग अब बजट के हिसाब से डेस्टिनेशन चुनते नजर आ रहे हैं।

इन देशों के लिए फिलहाल ये है हवाई किराया
सार्क देश- 2,405 रुपए
सिंगापुर- 5,550 रुपए
अफ्रीका- 12,026 रुपए
यूरोप- 18,964 रुपए
ऑस्ट्रेलिया- 25,902 रुपए
(किराया ट्रैवल एजेंट के अनुसार)

जॉर्ज लिंडे बने हसरंगा का रिप्लेसमेंट: लखनऊ सुपर जायंट्स ने ₹1 करोड़ में टीम के साथ जोड़ा

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जॉर्ज लिंडे बने हसरंगा का रिप्लेसमेंट: लखनऊ सुपर जायंट्स ने ₹1 करोड़ में टीम के साथ जोड़ा
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने दक्षिण अफ्रीका के ऑलराउंडर जॉर्ज लिंडे को वानिंदु हसरंगा की जगह टीम में शामिल किया है। हसरंगा इंजरी की वजह से इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से बाहर हो गए हैं। एलएसजी ने नीलामी में हसरंगा को 2 करोड़ रुपए में खरीदा था, लेकिन आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका के पहले मैच के दौरान लगी हैमस्ट्रिंग चोट के कारण वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।

हसरंगा अभी तक अपनी इंजरी से उबर नहीं सके हैं, जिसके चलते वह एलएसजी के लिए इस सीजन उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। जॉर्ज लिंडे पहली बार आईपीएल में खेलते हुए नज़र आएंगे। एलएसजी ने लिंडे को उनके बेस प्राइस 1 करोड़ में टीम से जोड़ा है।

जॉर्ज लिंडे साउथ अफ्रीका के लिए अब तक 3 टेस्ट, 4 वनडे और 37 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में 403 रन बनाने के साथ-साथ 35 विकेट भी निकाले हैं। लिंडे के पास टी20 क्रिकेट का काफी अनुभव मौजूद है और 250 टी20 मैच खेल चुके हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम इस सीजन के बचे हुए मुकाबलों में जॉर्ज लिंडे से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद करेगी।

आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स ने अब तक 3 मुकाबले खेले हैं, जिसमें से टीम को 2 मुकाबलों में जीत मिली है। वहीं, एक मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा है। एलएसजी ने आखिरी मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट से जीत दर्ज की। आखिरी गेंद तक चले रोमांचक मुकाबले में एलएसजी की जीत के नायक 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल चौधरी रहे, जिन्होंने 27 गेंदों में 54 रनों की दमदार पारी खेली।

पहले बल्लेबाजी करते हुए केकेआर ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 181 रन लगाए थे। एलएसजी ने आयुष बदोनी और मुकुल की अर्धशतकीय पारियों के दम पर 182 रनों के लक्ष्य को आखिरी गेंद पर हासिल किया। आयुष ने 34 गेंदों पर 54 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं, मुकुल ने 54 रनों की नाबाद पारी में 2 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के लगाए।

तुलसी चालीसा का पाठ: वैशाख अमावस्या पर श्रीहरि की कृपा पाने का अचूक उपाय

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वैशाख अमावस्या पर करें तुलसी चालीसा का पाठ
वैशाख महीने की अमावस्या तिथि का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। यह दिन पितरों के तर्पण, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के लिए समर्पित है। लेकिन इस पावन तिथि पर तुलसी पूजन और तुलसी चालीसा का पाठ करने का भी बड़ा महत्व है।

तुलसी पूजा से न केवल घर की दरिद्रता दूर होती है, बल्कि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा भी मिलती है। शास्त्रों में तुलसी को हरिप्रिया कहा गया है। वहीं, वैशाख अमावस्या (Vaishakh Amavasya 2026) के दिन तुलसी चालीसा का पाठ परम फलदायी माना गया है।

तुलसी चालीसा पाठ के 3 चमत्कारी लाभ
इस दिन तुलसी चालीसा का पाठ कर उसकी मंजरी भगवान विष्णु को अर्पित करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और परिवार पर लगा पितृ दोष समाप्त होता है।
अगर आपके घर में छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होते हैं, तो अमावस्या की शाम तुलसी के पास घी का दीपक जलाकर चालीसा का पाठ करें।
इस पावन तिथि पर तुलसी चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक विचारों का संचार होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

कैसे करें वैशाख अमावस्या पर तुलसी पूजन?
सुबह स्नान के बाद सबसे पहले सूर्य देव को जल दें, फिर तुलसी के पौधे में शुद्ध जल अर्पित करें।
साफ आसन पर बैठकर शांत मन से ‘तुलसी चालीसा’ का पाठ करें। पाठ के दौरान अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
पाठ पूरा होने के बाद तुलसी के पौधे की तीन बार परिक्रमा करें और अपनी मनोकामना दोहराएं।
शाम के समय तुलसी की जड़ के पास एक मुखी घी का दीपक जलाएं।
अंत में आरती करें।

AI आधारित शिक्षा से छत्तीसगढ़ को ज्ञान, कौशल और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाना हमारा ध्येय है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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AI आधारित शिक्षा से छत्तीसगढ़ को ज्ञान, कौशल और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाना हमारा ध्येय है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ में शिक्षा को भविष्य की तकनीकों से जोड़ते हुए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख संजय जैन एवं गूगल इंडिया के पब्लिक पॉलिसी प्रमुख राजेश रंजन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने अतिथियों का पारंपरिक सम्मान करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर कला की प्रतिकृति भेंट की। ।

गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख संजय जैन ने रायपुर जिला प्रशासन और गूगल के मध्य हुए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रायपुर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में “AI सक्षम शिक्षा अभियान” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के माध्यम से स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि “सक्षम शिक्षक अभियान” के तहत राज्य में शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स और AI आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल के प्रथम चरण की शुरुआत रायपुर से की जाएगी, जिसके बाद इसे राज्य के सभी जिलों में विस्तार दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI प्रमाणन प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए गूगल फॉर एजुकेशन अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को निःशुल्क उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है, जिससे शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त किया जा सके।

कार्यक्रम के तहत प्रारंभिक चरण में 200 शिक्षकों की सहभागिता से विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें गूगल फॉर एजुकेशन टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कक्षा शिक्षण में AI के प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक-सक्षम और नवाचार आधारित बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को शिक्षा से जोड़ना केवल एक पहल नहीं, बल्कि प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इससे न केवल शिक्षण पद्धतियों में गुणवत्ता आएगी, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर नए युग के कौशल विकसित होंगे, जो उन्हें आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “AI सक्षम शिक्षा अभियान” जैसे कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों से सशक्त कर कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है – छत्तीसगढ़ को एक ऐसे ज्ञान-आधारित और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करना, जहाँ हर विद्यार्थी को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अवसरों से भरपूर शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर एक सशक्त, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद की प्रतिमा का किया अनावरण

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद की प्रतिमा का किया अनावरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा प्रवास के दौरान अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर माँ भारती के वीर सपूत, अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और अदम्य वीरता की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा का अमूल्य संदेश दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज़ाद जी के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए ही हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नई पीढ़ी महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।

इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने सौजन्य भेंट की

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने सौजन्य भेंट की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य क्रांति गौड़ ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर खेल संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रिकेटर क्रांति गौड़ को आगे भी इसी तरह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कु. गौड़ ने क्रिकेट बाल भेंट की।

भोपाल, रीवा और सागर समेत कई जिलों के कलेक्टर बदले, 26 IAS अधिकारियों के तबादले

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भोपाल, रीवा और सागर समेत कई जिलों के कलेक्टर बदले, 26 IAS अधिकारियों के तबादले
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कमान बदलते हुए 26 IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना सूची जारी की है। इस सूची में राजधानी भोपाल समेत धार, रीवा, सागर, सिवनी और बैतूल जैसे महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टरों को बदला गया है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया। साथ ही आयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश भी होंगे।

भोपाल के नए कलेक्टर बने प्रियंक मिश्रा
प्रशासनिक फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव राजधानी भोपाल में हुआ है। 2013 बैच के अधिकारी प्रियंक मिश्रा, जो अब तक धार कलेक्टर थे, उन्हें अब कलेक्टर भोपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, भोपाल के वर्तमान कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है, साथ ही उनके पास नगर तथा ग्राम निवेश के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।

14 अप्रैल को समाप्त होगा मलमास, इसके बाद होगी मांगलिक कार्यों की शुरुआत

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14 अप्रैल को समाप्त होगा मलमास, इसके बाद होगी मांगलिक कार्यों की शुरुआत
पंचांग की गणना के अनुसार 14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही एक माह से चल रहे मलमास का समापन हो जाएगा। मलमास समाप्त होते ही शुभ मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। इस बार 20 अप्रैल को आखातीज से विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत आदि शुभ मांगलिक कार्यों के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शुरू होंगे।

ज्योतिषाचार्य ने बताया नवग्रह के राजा सूर्य 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 52 मिनट पर मीन राशि को छोड़कर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मेष राशि में सूर्य अपने उच्च अंश पर अवस्थित होते हैं। मेष राशि के स्वामी मंगल है, यह सूर्य की मित्र राशि मानी जाती है। इस राशि में सूर्य का प्रवेश होने पर मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाता है। एक माह विभिन्न व्रत त्यौहार भी मनाए जाते हैं।

विवाह के मुहूर्त
अप्रैल : 20, 21, 26
मई: 5, 6, 7, 8, 14
जून : 19, 20, 22, 23, 26, 27, 28, 29
जुलाई : 1, 6, 7
गृह प्रवेश
अप्रैल : 20, 24, 29
जून : 24, 27
जुलाई : 1, 8, 11
यज्ञोपवित

अप्रैल : 20
मई : 3,6,7
जून : 17, 19, 24
चौल कर्म (मुंडन संस्कार)

अप्रैल : 20, 21, 23, 24
मई : 4, 9, 10, 14
जून : 17
मेष के सूर्य में यह त्यौहार खास
पंचांग की गणना के अनुसार 14 अप्रैल से 14 मई तक सूर्य मेष राशि में परिभ्रमण करेंगे। इस एक माह में यह पर्व त्यौहार खास रहेंगे।

अप्रैल माह

15 को प्रदोष,17 वैशाखी अमावस्या, 19 को परशुराम जयंती, 20 को अक्षय तृतीया, 21 को शंकराचार्य जयंती, 22 को रामानुजन आचार्य जयंती, 23 को गंगा उत्पत्ति गंगा सप्तमी, 24 को बगलामुखी जयंती, 25 को सीता नवमी जानकी जयंती, 27 को मोहिनी एकादशी, 29 को प्रदोष व्रत, 30 को नरसिंह जयंती।

मई माह

1 में को वैशाखी पूर्णिमा, 3 को नारद जयंती, 5 को अंगारक संकष्टी चतुर्थी, 13 को अपरा एकादशी का व्रत रहेगा।

इंग्लैंड के खिलाफ पहली जीत दिलाने वाले खिलाड़ी गोपीनाथ का 96 साल की उम्र में निधन

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इंग्लैंड के खिलाफ पहली जीत दिलाने वाले खिलाड़ी गोपीनाथ का 96 साल की उम्र में निधन
भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ पहली जीत दिलाने वाले खिलाड़ी गोपीनाथ का 96 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह भारत की पहली टेस्ट जीत के आखिरी जीवित सदस्य थे। गोपीनाथ ने चेन्नई में अंतिम सांस ली।

बड़े शॉट्स के लिए जाने जाते थे गोपीनाथ
1 मार्च 1930 को चेन्नई (तब मद्रास) में जन्मे गोपीनाथ को कोयंबटूर राव गोपीनाथ के नाम से भी जाना जाता था। उनका पूरा नाम चिंगलपुत दोराइकन्नु गोपीनाथ था। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के मीडियम पेस गेंदबाज थे। भारतीय क्रिकेट में उन्हें बड़े शॉट खेलने के लिए जाना जाता था।

गोपीनाथ ने अपना टेस्ट डेब्यू 1951-52 की सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ किया था। उन्होंने 14 दिसंबर को मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में अपना पहला मुकाबला खेला। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और करीब 9 साल बाद उनका करियर समाप्त हो गया। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 28-30 जनवरी के बीच खेला।

गोपीनाथ के लिए इंटरनेशनल करियर का सबसे यादगार लम्हा उनका डेब्यू मैच और डेब्यू सीरीज रही। डेब्यू मैच में उन्होंने आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 50 रनों की शानदार पारी खेली, जो उनके टेस्ट करियर का सबसे बड़ा स्कोर भी रहा। अगली पारी में उन्होंने 42 रन बनाए और टीम इंडिया ने मैच ड्रॉ करवा लिया। इसी सीरीज का पांचवां मैच चेन्नई में खेला गया, जहां भारतीय टीम ने एक पारी और 8 रन से जीत दर्ज की, जो टीम इंडिया की पहली टेस्ट जीत थी। इस मुकाबले में गोपीनाथ ने 35 रन बनाए।

शानदार रहा फर्स्ट क्लास करियर
अपने टेस्ट करियर में गोपीनाथ ने 8 मैचों की 12 पारियों में 242 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 1 शतक लगाया और उनका औसत 22 रहा। गेंदबाजी में भी उन्होंने 1 विकेट हासिल किया। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार था। उन्होंने 4000 से ज्यादा रन बनाए और उनका औसत 40 से ऊपर रहा। उनका सर्वोच्च स्कोर 234 रन रहा। इस दौरान उन्होंने 9 शतक और 30 अर्धशतक लगाए। गेंदबाजी में भी उन्होंने योगदान दिया और फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 83 मैचों में 14 विकेट अपने नाम किए।