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रमजान के पहले दिन पाकिस्तान में धमाका

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रमजान के पहले दिन पाकिस्तान में धमाका
पाकिस्तान में रमजान के पहले दिन बड़ा धमाका हुआ है। खाना बनाते वक्त कराची के सोल्जर बाजार में अचानक एक गैस ब्लास्ट हो गया। जिससे रिहायशी इमारत ढह गई।

इस हादसे में 16 लोगों की जान चली गई है, जिसमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। यह धमाका रमजान के पहले दिन सेहरी की तैयारी के दौरान सुबह 4:15 बजे हुआ।

कितने लोग घायल?
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लास्ट में 13-14 बच्चों के घायल होने की सूचना है। पुलिस और बचाव अधिकारियों के मुताबिक, बिल्डिंग का एक हिस्सा गिरने से इलाके को ज्यादा नुकसान हुआ है।

पुलिस ने बताया कि यह धमाका सुबह-सुबह हुआ, जब रिहायशी इलाके में लोग रमजान के पहले दिन सुबह का खाना बना रहे थे। रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे जिंदा लोगों को ढूंढने के लिए मलबा हटा रही हैं।

इस होली 100 साल बाद दुर्लभ संयोग

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इस होली 100 साल बाद दुर्लभ संयोग
भारत का सबसे बड़ा रंगों का त्योहार, होली, वर्ष 2026 में एक ऐसी खगोलीय पहेली लेकर आ रहा है जिसे समझना हर सनातनी और ज्योतिष प्रेमी के लिए जरूरी है. अगर आप कैलेंडर देख रहे हैं, तो आपको एक बड़ा अंतर नजर आएगा. इस बार होलिका दहन और धुलेंडी (रंगों की होली) के बीच 24 घंटे का ‘खाली’ समय है.

क्या यह किसी अशुभ संकेत की ओर इशारा है या ब्रह्मांड की कोई विशेष घटना? आइए विस्तार से जानते हैं कि 2 मार्च, 3 मार्च और 4 मार्च 2026 का पूरा ज्योतिषीय गणित क्या है.
होली 2026 की तारीखों का बड़ा कन्फ्यूजन (The Big Shift)

आमतौर पर परंपरा यह है कि पूर्णिमा की रात होलिका दहन होता है और अगली सुबह प्रतिपदा तिथि में रंग खेला जाता है. लेकिन 2026 में ग्रहों की चाल ने इस क्रम को बदल दिया है:

होलिका दहन: 2 मार्च 2026 (सोमवार की देर रात / 3 मार्च की सुबह)
बीच का दिन (विराम): 3 मार्च 2026 (मंगलवार – सूतक और ग्रहण काल)
रंगों की होली (धुलेंडी): 4 मार्च 2026 (बुधवार)

भद्रा का साया: क्यों रात 12:50 के बाद ही होगा होलिका दहन?

शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है ‘भद्रायां द्वे न कर्तव्ये श्रावणी फाल्गुनी तथा’. यानी भद्रा काल में रक्षाबंधन और होलिका दहन वर्जित है.

2 मार्च 2026 को शाम 05:55 बजे से पूर्णिमा तिथि शुरू होते ही ‘भद्रा’ का आगमन भी हो जाएगा. भद्रा को सूर्य देव की पुत्री और शनि देव की बहन माना गया है, जिनका स्वभाव अत्यंत उग्र है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, भद्रा का मुख काल बेहद अशुभ होता है. इसलिए, जब भद्रा का ‘पुच्छ’ (पूछ) भाग समाप्त होगा, तभी होलिका की अग्नि प्रज्वलित की जाएगी.

भद्रा समाप्ति का समय: रात 12:50 बजे (3 मार्च की सुबह)
होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: रात 12:50 AM से 02:02 AM के बीच.

3 मार्च का ‘ब्लड मून’: पूर्ण चंद्र ग्रहण का साया
2026 की होली को जो चीज़ सबसे ज्यादा ‘विशेष’ और ‘दुर्लभ’ बनाती है, वह है पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse). यह ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा.
भारत में दृश्यता और सूतक (The Sutak Factor)

2024 और 2025 की होली पर भी ग्रहण लगे थे, लेकिन वे भारत में दिखाई नहीं दिए थे, इसलिए उनका धार्मिक प्रभाव शून्य था. मगर 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा.

सूतक काल शुरू: 3 मार्च 2026 की सुबह से (ग्रहण से 9 घंटे पहले).
ग्रहण का समय: दोपहर 03:19 बजे से शाम 06:47 बजे तक.

क्यों नहीं खेलेंगे रंग? शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल और ग्रहण के दौरान उत्सव मनाना, शोर मचाना, भोजन करना और रंगों से खेलना वर्जित है. यह समय साधना और ईश्वर भक्ति का होता है. यही कारण है कि 3 मार्च को पूरा देश ‘सूतक’ में रहेगा और रंग नहीं खेले जाएंगे.
100 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग क्यों?

खगोलविदों का कहना है कि होली के दिन ‘पूर्ण चंद्र ग्रहण’ का भारत में दिखाई देना एक शताब्दी घटना (Once in a Century Event) जैसा है. जब चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया (Umbra) से गुजरता है, तो वह तांबे जैसा लाल दिखने लगता है, जिसे ‘ब्लड मून’ कहते हैं. 2026 में होली की अग्नि के अगले ही दिन इस ‘लाल चाँद’ का दिखना आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से एक बड़ी घटना है.
4 मार्च: जब बुधवार को बरसेगा ‘विजय का गुलाल’

ग्रहण की समाप्ति और शुद्धिकरण के बाद, 4 मार्च 2026, बुधवार को रंगों का त्योहार मनाया जाएगा.
बुध ग्रह का प्रभाव: बुधवार का स्वामी बुध है, जो बुद्धि, वाणी और हास्य-विनोद का कारक है. ज्योतिषियों का मानना है कि ग्रहण के भारीपन के बाद बुधवार की होली लोगों के तनाव को दूर करेगी और रिश्तों में मिठास घोलेगी.

JDU से 2 सीटों पर कौन जाएगा राज्यसभा

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JDU से 2 सीटों पर कौन जाएगा राज्यसभा
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है. इन पांच में से अभी तीन एनडीए के पास है. दूसरी ओर यह भी तय है कि विपक्ष की दो सीटों पर भी इस बार एनडीए का ही कब्जा रहेगा. पांच सीटों में दो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पास है और इस बार भी ये पार्टी के पास रहेगी. ऐसे में सियासी हलचल तेज हो गई है कि इन दो सीटों पर जेडीयू से इस बार राज्यसभा कौन जाएगा? इस पर जेडीयू की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है.

‘मुझे लगता है एनडीए के खाते में आएगी पांचों सीट’
गुरुवार (19 फरवरी, 2026) को पटना मीडिया से बातचीत में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने इस संबंध में बहुत कुछ साफ कर दिया. उन्होंने कहा, “राज्यसभा का चुनाव होने वाला है. पांच सीटें बिहार से होंगी… मुझे लगता है कि पांचों सीट एनडीए के खाते में आएगी. जेडीयू की दो सीटें हैं.” उन्होंने मुख्यमंत्री पर सारे फैसले को छोड़ते हुए कहा कि नीतीश कुमार तय करेंगे कि जेडीयू से कौन जाएगा. समय पर फैसला हो जाएगा.

पत्रकारों ने संजय झा से पूछा कि खबर आ रही है कि चिराग पासवान की मां रीना पासवान को राज्यसभा भेजा जा सकता है. नितिन नवीन का भी नाम है. इस पर उन्होंने कहा, “हम लोगों को ये आइडिया नहीं है… मैं तो जेडीयू का ही बता सकता हूं मुख्यमंत्री बैठकर तय करेंगे.” एक सवाल पर कहा कि जेडीयू के खाते में दो सीटें आएंगी ये बिल्कुल सही है.
अभी दो सीटों पर जेडीयू से कौन-कौन है?

जेडीयू की मौजूदा दोनों राज्यसभा सीटों की बात की जाए तो अभी इस पर ‘भारत रत्न’ कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह हैं. सबसे बड़ी बात है कि ये दोनों लगातार दूसरे कार्यकाल में हैं. सवाल है कि क्या नीतीश कुमार इन दोनों की तीसरी बार भी राज्यसभा भेजेंगे? बता दें कि कुछ वर्ष पहले जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह को लगातार तीसरा कार्यकाल देने से पार्टी ने इनकार कर दिया था. कहा था कि लगातार दो से अधिक कार्यकाल के लिए किसी को राज्यसभा नहीं भेजना उसकी नीति है.

हालांकि संजय झा के बयान के बाद सस्पेंस बढ़ गया है कि क्या रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह रिपीट नहीं किए जाएंगे? ऐसे में देखने वाली बात होगी कि इस बार क्या कुछ होता है.

सिर्फ मुफ्त भोजन, साइकिल, कैश ट्रांसफर पर ध्यान देंगे तो विकास कैसे होगा -सुप्रीम कोर्ट

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सिर्फ मुफ्त भोजन, साइकिल, कैश ट्रांसफर पर ध्यान देंगे तो विकास कैसे होगा -सुप्रीम कोर्ट
मुफ्त की सरकारी योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. तमिलनाडु में लोगों को मुफ्त बिजली देने की योजना पर सख्त रवैया अपनाते हुए कोर्ट ने तमिलनाडु समेत सभी राज्यों को कड़ी फटकार लगाई है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि ज्यादातर राज्य राजस्व घाटे में हैं, लेकिन विकास की बजाय मुफ्तखोरी में पैसे लगा रहे हैं.

केंद्र सरकार के नियम को दी चुनौती
तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन ने केंद्र सरकार के Electricity (Amendment) Rules, 2024 के नियम 23 को चुनौती दी है. यह नियम बिजली की कीमतों को नियंत्रित करता है. कॉर्पोरेशन ने इसे राज्य के कामकाज में दखल और लोगों के कल्याण के लिए शुरू की गई योजना के विरुद्ध बताया था. कॉर्पोरेशन की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रह्मण्यम की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया. लेकिन तमिलनाडु में बड़ी संख्या में लोगों को मुफ्त बिजली देने पर नाराजगी जताई.

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा हम कैसी संस्कृति विकसित कर रहे?
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा, ‘देश में हम कैसी संस्कृति विकसित कर रहे हैं? जो लोग बिजली का बिल चुकाने में असमर्थ हैं, उनके लिए कल्याणकारी योजना होनी चाहिए. सबको मुफ्त सुविधा क्यों दी जाए? समस्या यह है कि अब हर राज्य में ऐसी प्रवृत्ति बढ़ रही है. हम इस पर चिंतित हैं.’

कोर्ट ने राज्यों को नसीहत देते हुए कहा, ‘अगर आपके पास पैसे हैं, तो उसे बुनियादी ढांचे, अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों के विकास में क्यों नहीं लगाते? चुनाव के समय सामान बांटने के बजाय राज्यों को अपनी नीतियों की समीक्षा करनी चाहिए? ज्यादातर राज्य राजस्व घाटे में हैं, फिर भी इन नीतियों के कारण मजबूर होकर खर्च कर रहे हैं.’

कटघरे में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाएं
बेंच ने डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजनाओं पर भी सवाल उठाए. चीफ जस्टिस ने कहा, ‘राज्य का कर्तव्य रोजगार के अवसर पैदा करना है। आप सुबह से लेकर दिन भर मुफ्त भोजन देने, मुफ्त साइकिल, मुफ्त बिजली और अब सीधे लोगों के खातों में नकद ट्रांसफर करने में लगे हैं। ऐसे में विकास के लिए धन कहां बचेगा?”

दिग्गज फिल्ममेकर एम एम बेग का निधन

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दिग्गज फिल्ममेकर एम एम बेग का निधन
दिग्गज फिल्ममेकर एम एम बेग का निधन हो गया है. वो 70 साल के थे. इस हफ्ते की शुरुआत में वो अपने घर में मृत पाए गए थे. ये खबर उनके पब्लिसिस्ट हनी जवेरी ने दी.

हनी जवेरी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘वो काफी समय से अस्वस्थ थे. चार-पांच दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने पर पड़ोसियों ने घर से दुर्गंध आने की शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने दरवाजा खोला तो बेग साहब का शव मिला. पुलिस ने उनकी बेटी को ये सूचना दी. बाद में शव को देर रात पोस्टमार्टम के लिए कूपर अस्पताल ले जाया गया. वो बहुत अच्छे व्यक्ति थे. मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.’

बता दें कि एम एम बेग ने अपने करियर की शुरुआत जे ओम प्रकाश, विमल कुमार और राकेश रोशन के सहायक के रूप में की. वो गोविंदा की ‘आदमी खिलौना है’, ‘जैसी करनी वैसी भरनी’, ‘कर्ज चुकाना है’ और अनिल कपूर स्टारर ‘काला बाजार’ और ‘किशन कन्हैया’ जैसी फिल्मों से भी जुड़े रहे.

इन फिल्मों का किया डायरेक्ट
निर्देशक के तौर पर उन्होंने दो फिल्मों का निर्देशन किया, जिनमें नसीरुद्दीन शाह अभिनीत ‘मासूम गवाह’ (1990) और शिल्पा शिरोडकर अभिनीत ‘छोटी बहू’ (1994) शामिल हैं.

ऋतिक रोशन को कराई थी प्रैक्टिक्स
जवेरी ने कहा, ‘‘बेग साहब के राकेश रोशन साहब से बहुत अच्छे संबंध थे. उन्हें उच्चारण, स्वर नियंत्रण और डायलॉग की अच्छी समझ थी. इसलिए वे ऋतिक रोशन की मदद करते थे. वो ऋतिक को डायलॉग बोलने का अभ्यास कराते थे. ये उनकी पहली फिल्म “कहो ना प्यार है” आने से काफी पहले की बात है.

बेबी गुड्डू के नाम से मशहूर बेग की बेटी शाहिंदा बेग 1980 के दशक में हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय बाल कलाकारों में रहीं. उनकी चर्चित फिल्मों में राजेश खन्ना और स्मिता पाटिल की ‘आखिर क्यों?’, श्रीदेवी अभिनीत ‘नगीना’, अनिल कपूर की ‘प्यार किया है प्यार करेंगे’ तथा जीतेंद्र और श्रीदेवी की ‘औलाद’ शामिल हैं.

इंदौर में 12 से 15 मार्च तक सनातन प्रीमियर लीग का आयोजन

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इंदौर में 12 से 15 मार्च तक सनातन प्रीमियर लीग का आयोजन
इंदौर में 12 से 15 मार्च 2026 तक सनातन प्रीमियर लीग का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसका नेतृत्व देश के प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर करेंगे. आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं तक सनातन के संस्कार पहुंचाना और उनमें सेवा-भाव का आह्वान करना है. सनातन प्रीमियर लीग के आयोजन में देश के बड़े संत और कथावाचक शामिल होने जा रहे हैं. देश के प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर अब कथाओं के अलावा सनातन प्रीमियर लीग का भी आयोजन कर रहे हैं, जिसका आगाज इंदौर से होने जा रहा है. इस लीग में कई संत हिस्सा लेंगे, जिनका स्वागत देवकीनंदन ठाकुर करेंगे.

यह लोग होंगे सनातन प्रीमियर लीग में शामिल
इंदौर में 12 से 15 मार्च तक होने वाले इस आयोजन में देश के प्रख्यात कथावाचक प्रदीप मिश्रा महाराज, इंद्रेश उपाध्याय महाराज, चिन्मयानंद बापू, रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य, त्रिलोचन दर्शन दास और अनिरुद्धाचार्य महाराज भी शामिल होंगे. यह सभी संत कथा के अलावा अब मैदान में बल्ला थामे नजर आएंगे.

इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए खुद कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर इंदौर पहुंचे थे. उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि संसार में सबसे बड़ी संपत्ति संस्कार हैं, लेकिन आज समाज लेने में आगे और देने में पीछे होता जा रहा है, जिसके कारण सनातन जगत धीरे-धीरे पिछड़ रहा है.

लीग को लेकर क्या बोले देवकीनंदन ठाकुर?
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने इस लीग मैच के बारे में बताया कि देशभर से 125 बच्चों का चयन किया जाएगा. सभी प्रतिभागियों को निशुल्क व्यवस्था उपलब्ध होगी. इसे उन्होंने खेल और सेवा का महाकुंभ बताया.

क्रिकेट के प्रति बचपन से रुचि जताते हुए ठाकुर ने कहा कि 1996 में उन्होंने पहला ब्लैक-एंड-व्हाइट टीवी खरीदा था. साथ ही उम्मीद जताई कि जैसे इंदौर में बड़े मैचों में भारी भीड़ उमड़ती है, वैसे ही इस नि:शुल्क लीग को भी शहरवासियों का पूरा समर्थन मिलेगा. ठाकुर ने कहा कि हिंदू राष्ट्र की इच्छा सबके मन में है, बस बोलने का साहस कम है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्वालियर जिले के कुलैथ में विशाल किसान सम्मेलन आयोजित

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में ग्वालियर जिले के कुलैथ में विशाल किसान सम्मेलन आयोजित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए दृढ़संकल्पित होकर कार्य कर रहे है। मध्यप्रदेश विधानसभा में 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष में प्रदेश के किसानों के लिए एक लाख करोड़ से अधिक राशि का प्रावधान किसान हितैषी योजनाओं के लिये किया गया है। प्रदेश सरकार का किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का यह प्रमाण है। उन्होंने कहा गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी कल्याण के साथ हम प्रदेश को प्रगति पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में लंबे समय से अग्रणी है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना से प्रदेश में दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को किसान कल्याण वर्ष के उपलक्ष में ग्वालियर जिले में भगवान जगन्नाथ की पुण्य भूमि ग्राम कुलैथ में आयोजित हुए विशाल किसान सम्मेलन में किसान भाईयों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 87 करोड़ 21 लाख रुपए से अधिक लागत के 41 विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। साथ ही कुलैथ क्षेत्र के विकास के लिये बड़ी-बड़ी सौगातों की घोषणा भी की। उन्होंने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिये लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

किसानों की पट्टों वाली जमीन की अपने खर्चे पर सरकार कराएगी रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की जमीन के पट्टों की रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार उठाएगी, इसके लिए बजट में पर्याप्ट धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को बैंकों से योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा हर संभव कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश के किसानों को सोलर पंप वितरित कर उन्हें बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। बुंदेलखंड की केन-बेतवा लिंक परियोजना का लाभ चंबल क्षेत्र के किसानों को भी मिलने वाला है। सिंचाई की सुविधा मिलने से यहां खेतों में फसलें लहलहाएंगी।

सुपोषण के लिये सरकार स्कूली बच्चों को नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराएगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पहली से 8वीं कक्षा तक के बच्चों के सुपोषण के लिये सरकार नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराएगी। इस साल के बजट में यह योजना प्रस्तावित की गई है। साथ ही बजट में लाड़ली बहनों के लिए 23 हजार करोड़ से अधिक राशि आवंटित की गई है।

कन्हैया लोकगीतों का लिया आनंद और पुष्पवर्षा कर किया अभिनंदन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करने से जीवन की अनेक कठिनाइयां खत्म हो जाती हैं। बाबा महाकाल ने सभी के जीवन का समय निश्चित किया है, इसलिए समाज कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण पारंपरिक लोक गायकों द्वारा प्रस्तुत कन्हैया लोकगीतों का आनंद भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लिया। उन्होंने मनमोहक कन्हैया लोक गीत प्रस्तुत करने वाले लोक गायकों का पुष्प वर्षा कर अभिनंदन और उत्साहवर्धन किया। लोक गायन में भाग लेने वाली सभी 18 टीमों को 5 – 5 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की।

बैलगाड़ी दौड़ में शामिल लोगों का किया उत्साहवर्धन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन स्थल के समीप स्थानीय किसानों द्वारा आयोजित पारंपरिक बैलगाड़ी दौड़ भी देखी। उन्होंने बैलगाड़ी दौड़ में शामिल हुईं 28 बैलगाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप 5-5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही बैलगाड़ी दौड़ में प्रथम और द्वितीय पुरस्कार के लिए क्रमश: 21 व 11 हजार रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की।

रोड-शो में स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर किया अभिनंदन

ग्वालियर के कुलैथ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब हैलीपेड से रथ पर सवार होकर रोड-शो करते हुए आगे बढ़े तो मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में मौजूद जनसमुदाय द्वारा उनका पुष्प वर्षा कर भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी जनता का अभिवादन किया।

कुलैथ क्षेत्र के लिये की बड़ी-बड़ी सौगातों की घोषणा
भगवान जगन्नाथ की पुण्य भूमि कुलैथ में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में शामिल होने आए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुलैथ क्षेत्र को विकास कार्यों की बड़ी-बड़ी सौगातें देने की घोषणा की। इनमें डंडे वाले बाबा मंदिर तक एक किलोमीटर लम्बी सड़क व ट्रांसफार्मर, भगवान जगन्नाथ मंदिर के दर्शन के लिये आने वाले श्रृद्धालुओं को ठहरने के लिये सामुदायिक भवन, युवाओं के लिये खेल मैदान व कुलैथ क्षेत्र में उद्योग की स्थापना शामिल है। साथ ही ग्राम पंचायत सुसैरा, ब्रह्मपुरा, साईंपुरा व ग्राम पंचायत सोजना के बंजारे का पुरा को आबादी क्षेत्र बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस क्षेत्र की महेश्वरा पत्थर खदान को फिर से चालू कराने के लिये आशवस्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर क्षेत्र के लिये हमेशा सौगातें लेकर आते हैं – सांसद कुशवाह
सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर क्षेत्र के लिये हमेशा बड़ी-बड़ी सौगातें लेकर आते हैं। उन्होंने आज भी 87 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगातें दी हैं। साथ ही विधानसभा में प्रस्तुत हुए बजट में विकास के लिये लगभग 4 लाख करोड़ से अधिक धनराशि का प्रावधान किया है। सांसद कुशवाह ने कहा कि खुशी की बात है कि ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में पुल-पुलियाओं व सड़कों के निर्माण के लिये भी लगभग 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति क्षेत्रीय जनता की ओर से धन्यवाद व्यक्त किया।

हितलाभ वितरण एवं प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान सम्मेलन में सरकार की किसान हितैषी व अन्य योजनाओं के तहत मुख्य मंच से प्रतीक स्वरूप हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगी कृषि प्रदर्शनी में लगाए गए 16 स्टॉलों का भ्रमण कर विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा प्रदर्शित योजनाओं, नवाचारों एवं तकनीकी जानकारी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ फूलों की खेती एवं ड्रिप स्प्रिंकलर का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया।

किसान सम्मेलन में जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मोहन सिंह राठौर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव व उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, संत राजेश्वरानंद, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सीताराम मांझी, लोकमाता अहिल्याबाई बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह पाल, आशीष अग्रवाल, प्रेम सिंह राजपूत, बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव, शिवराज सिंह यादव व देवेन्द्र प्रताप सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि मंचासीन थे।

लाडली बहना योजना के लिए खोला खजाना

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लाडली बहना योजना के लिए खोला खजाना
मध्य प्रदेश की मोहन यादव की सरकार ने आज (18 फरवरी) विधानसभा में 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट पेश किया. इसमें किसानों, महिलाओं को खास सौगात देने के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की बात कही गई. मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के लिए बजट में लगभग 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने एमपी सरकार का तीसरा बजट पेश करते हुए राज्य के विकास का संकल्प दोहराया.

एमपी बजट 2026 की बड़ी बातें
कुल बजट- 4,38,317 करोड़ रुपये का प्रावधान
वीबी-जी-राम-जी के लिए 28,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए बजट में लगभग 23,882 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 32,730 करोड़ रुपए आवंटित.
एमपी के सीएम ने बताया कि सरकार किसी भी योजना को बंद नहीं कर रही है, बल्कि उनमें पर्याप्त धन का निवेश कर रही.
2047 तक एक समृद्ध मध्य प्रदेश बनाने का संकल्प लिया.
भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग के लिए 175 करोड़ रुपये का प्रावधान.
जर्जर पुलों और पुलियाओं की मरम्मत के लिए 900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
सिंहस्थ महापर्व के लिए 3,060 करोड़ रुपये का प्रावधान.
स्कूलों में बच्चों को भोजन के साथ दूध उपलब्ध कराने की पहल शुरू. इसके लिए सरकार ने पांच वर्षों में 6,600 करोड़ रुपये आवंटित किए.
‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टेट्रा पैक में दुग्ध उपलब्ध कराया जाएगा.
पीएम नरेंद्र मोदी के ‘GYAN’ के संकल्प में प्रदेश सरकार ने ‘आई’ (I) भी जोड़ा है.
4,38,317 करोड़ का बजट 2026-27, ‘GYANII’ अर्थात ‘गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री’ के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर है.
सीएम ने बताया कि यह बजट विकसित भारत @ 2047 के विजन पर आधारित है. लगातार तीसरी बार हमने कोई भी टैक्स नहीं बढ़ाया.
किसान कल्याण वर्ष में विभिन्न योजनाओं एवं प्रावधानों के तहत 1,15,013 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक धनराशि का प्रबंधन.
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए 31, 758 करोड़ रुपये आवंटित
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए 1,863 करोड़ रुपये आवंटित किए गए.
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के लिए 2,365 करोड़ रुपये आवंटित.
सहकारिता विभाग के लिए 1,679 करोड़ रुपये का प्रावधान.
उद्यानिकी एवं खाद्य संस्करण विभाग के लिए 772 करोड़ रुपये.
मछुआरा कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के लिए 413 करोड़ रुपये.
सुशासन और प्रशासनिक सुदृढ़ता को समर्पित बजट. गृह विभाग के लिए 13,411 करोड़ रुपये का प्रावधान.
राजस्व विभाग के लिए 13,876 करोड़ रुपये आवंटित.
विधि एवं विधायी कार्य विभाग 3,829 करोड़ रुपये का प्रावधान.
सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 1,172 करोड़ रुपये.
जेल विभाग के लिए 895 करोड़ रुपये, संसदीय कार्यविभाग के लिए 153 करोड़ रुपये आवंटित.
वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बजट 2026-27 में विशेष प्रावधान किए गए हैं. पर्यावरण विभाग के लिए 31 करोड़ रुपये.
स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36,730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के लिए 4,247 करोड़ रुपये आवंटित.
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान

AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम

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AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित “AI इंपैक्ट समिट” में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के प्रतिभाशाली सिबलिंग अनुराग मानिक और आस्था मानिक को इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि 40,000 से अधिक प्रतिभागियों के बीच तीन कठिन चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी असाधारण प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार क्षमता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और उभरती तकनीकी शक्ति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रस्तुत उनका “कर्तव्य” AI ऐप विशेष रूप से सराहना का केंद्र रहा। यह एप्लिकेशन AI-जनित आवाज और वास्तविक आवाज में अंतर पहचानकर लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में सहायक होगा। तकनीक को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का यह प्रयास आज के डिजिटल युग में अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में शिक्षा, नवाचार और अवसरों के विस्तार की दिशा में हो रहे समग्र विकास का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के युवा इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

भोपाल नगर निगम आयुक्‍त संस्कृति जैन के विरुद्ध हाईकोर्ट ने निरस्‍त की अवमानना की कार्रवाई

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भोपाल नगर निगम आयुक्‍त संस्कृति जैन के विरुद्ध हाईकोर्ट ने निरस्‍त की अवमानना की कार्रवाई
हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने बुधवार को नगर निगम, भोपाल की आयुक्त संस्कृति जैन के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई निरस्त कर दी। जबकि एकलपीठ के समक्ष मूल याचिका पर सुनवाई जारी रहने की व्यवस्था दे दी।

दरअसल, इस मामले में एकलपीठ ने एकलपीठ ने निगमायुक्त को अवमानना का दोषी करार दिया था और उसकी सजा के लिए सुनवाई होनी थी। इसी बीच नगर निगम भोपाल व निगमायुक्त की ओर से युगलपीठ के समक्ष अपील दायर कर दी थी।

नगर निगम आयुक्त की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस रूपराह, सुयश मोहन गुरू ने पक्ष रखा। उन्हाेंने दलील दी कि हाई कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अधिकार है तभी है जब न्यायालय के आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन हुआ हो।

भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को सजा के मामले में एमपी हाईकोर्ट की युगलपीठ ने लगाई रोक

मर्लिन बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड की पूरी याचिका में ऐसा कोई आरोप नहीं है कि नगर निगम ने उच्च न्यायालय या उसके अधीनस्थ किसी न्यायालय द्वारा पारित किसी आदेश या निर्देश का उल्लंघन किया हो।

उल्लेखनीय है कि एकलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए नगर निगम, भोपाल की आयुक्त संस्कृति जैन को अवमानना का दोषी ठहराया था।

कोर्ट ने साफ किया था कि नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियत प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थी। यह मामला मर्लिन बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका से संबंधित है।

याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि नगर निगम ने 18 नवंबर, 2025 को उसकी संपत्ति के फ्रंट हिस्से को विहित प्रक्रिया अपनाए बिना तोड़ दिया।

नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि निर्माण अवैध था। सात नवंबर, 2024 को दी गई अनुमति निरस्त की जा चुकी थी। 14 मई, 2025 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।