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मुख्यमंत्री ने ‘विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री ने ‘विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया। उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी। साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी।

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी।

कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए।

प्रमोशन में आरक्षण विवाद पर MP हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

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प्रमोशन में आरक्षण विवाद पर MP हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित
मध्यप्रदेश प्रमोशन में आरक्षण मामले को लेकर पर बड़ी अपडेट सामने आई है। मंगलवार को सरकार की नई प्रमोशन नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जबलपुर हाईकोर्ट (MP Highcourt Decision) ने सुनवाई की। इस दौरान राज्य सरकार ने स्पष्टीकरण दिया। कोर्ट ने भी जवाब को रिकॉर्ड किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ़ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

यह मामला राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई प्रमोशन नीति 2025 पर उठ रहे विवादों से संबंधित है। जिसे सपाक्स (सामान्य, पिछड़ा और अल्पसंख्यक कर्मचारी संगठन) ने चुनौती दी हैं। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि इस पॉलिसी में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन नहीं गया। जबकि सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए नियमों के अनुपालन का दावा किया।

प्रत्येक विभाग में बनेगी कमेटी
राज्य सरकार हाई कोर्ट में स्पष्टीकरण दिया है कि हर विभाग में पदोन्नति के लिए कमेटी बनाई जाए जो। आरक्षण नियमों और कोर्ट ने दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगी। शासन ने यह भी कहा कि जिन्हें पहले से आरक्षित वर्ग में प्रमोशन किए गए हैं, उनकी गणना उनके वर्ग में ही की जाएगी। एसटी को 20% और एससी की 16% आरक्षण मिलेगा।

कर्मचारियों को आदेश का इंतजार
यह मामला हाई कोर्ट में पिछले 7 महीना से विचाराधीन। 7 जुलाई 2025 को पहली सुनवाई की गई थी। इस दौरान राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था कि मामले के लंबित रहने तक कोई भी डीपीसी आयोजित नहीं की जाएगी। जिसके बाद प्रदेश में प्रमोशन प्रक्रिया रोक दी गई थी। जिसका सीधा हजारों कर्मचारियों के करियर और प्रशासनिक व्यवस्था पर देखने को मिला। लाखों कर्मचारियों और सरकार को अदालत के आदेश का इंतजार है।

13 छक्के, 11 चौके, 220 के स्ट्राइक रेट से शिवम दुबे ने ठोका तूफानी अर्धशतक

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13 छक्के, 11 चौके, 220 के स्ट्राइक रेट से शिवम दुबे ने ठोका तूफानी अर्धशतक
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 193 रन बनाए हैं. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी थी. उम्मीद से उलट नीदरलैंड्स के गेंदबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया और खासतौर पर आर्यन दत्त ने प्रभावित किया. भारत के लिए शिवम दुबे ने तूफानी अर्धशतक लगाया.

पहले बल्लेबाजी करने आई टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा 0 पर आउट हो गए. यह इसी वर्ल्ड कप में तीसरी बार है, जब अभिषेक बिना खाता खोले आउट हो गए. ईशान किशन को शुरुआत तो मिली, लेकिन वो 7 गेंद में 18 रन बनाकर आउट हुए. तिलक वर्मा ने एक बार धीमी पारी खेली, जिन्होंने 31 रनों का योगदान दिया. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी मिडिल ओवरों में भारतीय पारी को संभाले रखा और 34 रन बनाए.

शिवम दुबे का तूफान
शिवम दुबे पारी के 9वें ओवर में बल्लेबाजी करने आए. उन्होंने अपनी पारी की पहली 11 गेंद में सिर्फ 6 रन बनाए थे.

वेंटिलेटर पर हैं सलमान खान के पिता सलीम खान

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वेंटिलेटर पर हैं सलमान खान के पिता सलीम खान
सलमान खान के पिता सलीम खान को मंगलवार सुबह अस्पताल में एडमिट कराया गया था. वहीं दिग्गज स्क्रीन राइटर के हॉस्पिटल में एडमिट होन की खबर मिलते ही तमाम सेलेब्स उन्हें देखने के लिए अस्पताल पहुंचे. आज भी कई सितारे सलीम खान का हाल-चाल लेने हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं. वहीं इस बीच लीलावती अस्पताल ने सलीम खान का मेडिकल बुलेटिन जारी कर उनका हेल्थ अपडेट भी दे दिया है.

सलीम खान का इलाज कर रहे डॉक्टर जलील पारकर ने दिग्गज स्क्रीन राइटर का हेल्थ अपडेट जारी करते हुए बताया कि उनको मिनिमियल ब्रेन हैमरेज हुआ था और जिसमें सर्जरी की जरूरत नहीं होती है. वे दवाई से रिकवर कर रहे हैं लेकिन एज की वजह से उनकी रिकवरी स्लो है.

मेडिकल बुलेटिन में ये भी बताया गया है कि सलमान खान के पिता सलीम खान को फिलहाल आईसीयू में ही वेंटिलेटर पर रखा गया हैं और उन्हें कल वेंटिलेटर से हटाया जाएगा. वहीं उनकी रिकवरी को देखते हुए ही डिस्चार्ज करने का फैसला लिया जाएगा.

भारत में दिखा रमजान का चांद, गुरुवार को पहला रोजा

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भारत में दिखा रमजान का चांद, गुरुवार को पहला रोजा
भारत में रमजान का चांद दिख गया है. देश में सबसे पहले बिहार और असम में चांद देखे जाने की खबर है. लिहाजा पहला रोजा गुरुवार (19 फरवरी) को रखा जाएगा. इमारत-ए-शरिया फुलवारी शरीफ पटना के काज़ी रिजवान नदवी ने एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा कि कई इलाकों से चांद देखे जाने की खबर आई है. हम इसकी जांच कर रहे हैं.

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद की तस्दीक की है. रमजान का चांद आसमान में नजर आया है. कल रमजान में पहली तारीख होगी. राजस्थान की राजधानी जयपुर में रमजान के चांद का दीदार हुआ है. कल से रोजे रखे जाएंगे. हालांकि जयपुर समेत राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए हुए हैं. लोगों की गवाही के आधार पर चांद देखे जाने की तस्दीक हुई है. आज से ही मस्जिदों में तरावीह यानी रमजान की विशेष नमाज की होगी शुरुआत. राजस्थान के साथ ही यूपी समेत कई दूसरे राज्यों में भी लोगों ने चांद का दीदार किया है. चांद देखकर एक दूसरे को रमजान महीने की मुबारकबाद दी जा रही है.

इस्लाम में महीनों की गणना चांद के आधार पर होती है. इसमें चांद के घटने बढ़ने को आधार बनाया जाता है. इसलिए हर साल रमजान की तारीख ग्रेगोरियन कैलेंडर के तहत बदल जाती है. ऐसे में जिस दिन चांद नजर आता है, उसी के अगले दिन से रोजा रखा जाता है.

रमजान में कैसे की जाती है खुदा की इबादत
रमजान के महीने में रोजेदार पांच वक्त की नमाज के अलावा तरावीह की नमाज भी अदा करते है. इस पाक महीने के दौरान रोजेदारी शहरी और इफ्तारी अपने परिवार और साथ के लोगों के साथ करते हैं. 30 दिन के रोजों के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर यानी ईद मनाई जाती है. इस दौरान जो पूरे महीने रोजे के बाद ईद होती है, उसे ईद-उल-फितर कहते हैं. इसे मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है. लोग एक दूसरे को बधाई देते हैं. संदेश भेजते हैं.

क्या हैं सहरी और इफ्तार
रमजान के दिनों में आपको कई बार सहरी और इफ्तार जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं. ऐसे में इनका मतलब समझते हैं. सूर्योदय फज्र की नाम की अजान से पहले कुछ खान-पान किया जाता है. इसे सहरी कहा जाता है. वहीं इफ्तार सूर्य अस्त के बाद किया जाने वाला खानपान है. यानी रोजा तोड़ा जाता है.

कब से हुई रोजा रखने की परंपरा
रमजान की शुरुआत इस्लामिक कैलेंडर के 9वें महीने में 622 ईस्वी में मदीना में हुई थी. उस समय वहां भीषण गर्मी पड़ रही थी. इस वजह से इस महीने को रमजान कहा जाने लगा. रमजान का अर्थ अरबी में भीषण गर्मी होता है. इस दौरान चांद के घटने बढ़ने के आधार पर कैलेंडर भी तैयार किया गया था.

खामेनेई को मिटाने की तैयारी में ट्रंप

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खामेनेई को मिटाने की तैयारी में ट्रंप
ईरान पर अमरिकी सैन्य हमले की संभावनाओं को लेकर मीडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है. एक तरफ मंगलवार (17 फरवरी 2026) को जिनेवा में दोनों देशों के प्रतिनिधमंडल के बीच परमाणु वार्ता को लेकर बातचीत हुई तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने एयरफोर्स और नेवी ताकत की मौजूदगी बढ़ा रहा है. बीते 24 घंटों के भीतर अमेरिका ने 50 से ज्यादा फाइटर जेट ईरान के क्षेत्र के पास भेजा है, जिससे एक और जंग की आहट सुनाई देने लगी है.

मिडिल ईस्ट में बड़ी जंग की तैयारी में हैं ट्रंप
दूसरे दौर की परमाणु वार्ता शुरू होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खामियाजा भुगतने की चेतावनी दी थी. इसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी अमेरिका को करारा जवाब देने की बात कही. अमेरिकी न्यूज वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन मिडिल ईस्ट में एक बड़े जंग की तैयारी में है. ये जंग इतना बड़ा होगा जितना अधिकांश अमेरिकी सोच भी नहीं सकते.

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि ईरान में चलने वाला अमेरिकी सैन्य अभियान कई हफ्तों का हो सकता है. अमेरिका और इजरायल मिलकर इस अभियान को अंजाम देगा, जो ईरान की सरकार के लिए कहीं अधिक खतरनाक स्थिति पैदा करेगा. पिछले साल अमेरिका ने ईरान की भूमिगत परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के लिए हमला किया था, लेकिन इस बार के हमले से पूरे क्षेत्र पर गहरा प्रभाव पड़ेगा. अमेरिकी संसद और वहां की जनता के बीच मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप पर सार्वजनिक रूप से कोई खास चर्चा नहीं हो रही है.

ट्रंप समझौता चाहते हैं: जेडी वेंस
मिडिल ईस्ट में इतनी अधिक सैन्य शक्ति का प्रयोग करके ट्रंप ने यह आशंका बढ़ा दी है कि अगर परमाणु डील पर बात नहीं बनी तो इस क्षेत्र में अमेरिका बड़ा ऑपरेशन करेगा. फिलहाल दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना कम ही दिख रही है. ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने मंगलवार को जिनेवा में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से तीन घंटे तक मुलाकात की. हालांकि दोनों पक्षों ने कहा कि वार्ता में प्रगति हुई, लेकिन मतभेद अभी भी बहुत गहरे हैं.

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि कुछ मायनों में दोनों देशों के बीच अच्छी वार्ता रही, लेकिन कई मुद्दों को लेकर यह स्पष्ट था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ सीमाएं तय की है, जिस पर बात करने के लिए ईरान कभी तैयार नहीं होगा. हालांकि जेडी वेंस ने ये भी कहा कि ट्रंप समझौता चाहते हैं.

अगले कुछ हफ्तों शुरू होगी जंग
सूत्रों के मुताबिक ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जल्द ही शुरू हो सकता है. 150 से अधिक यूएस मिलिट्री कार्गो प्लेन ने मध्य पूर्व में हथियार और गोला-बारूद पहुंचाया है. करीब 50 फाइटर जेट को भी मिडिल ईस्ट भेजा गया है, जिसमें F-35, F-22 और F-16 शामिल है. सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि हमले में अभी भी कई हफ्ते लग सकते हैं, लेकिन अन्य जानकार का कहना है कि पहले भी हमला हो सकता है. ट्रंप के एक सलाहकार ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अगले कुछ हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई होने की 90 फीसदी संभावना है.

बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध अनुचित – सीएम मोहन यादव

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बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध अनुचित – सीएम मोहन यादव
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत होते ही प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है. सत्र के पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के बीच सियासी बहस देखने को मिली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताया और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का आईना होता है. यह लोकातांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है, जिस पर सदन में विस्तार से चर्चा होती है. मोहन यादव ने कांग्रेस पार्टी को सलाह देते हुए कहा, अगर कोई बात अच्छी लगे तो उसकी तारीफ करना चाहिए और अगर कोई कमी लगे तो सबूतों के आधार पर उसे उजागर करना चाहिए. लेकिन मर्यादा की सीमाएं लांघकर अभिभाषण का विरोध करना ये कतई सही नहीं है.

सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेसी बड़े नादान हैं; वे समझने में गलती करते हैं. इसी वजह से कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है.” उन्होंने निशाने साधते हुए कहा, “नाच न जाने आंगन टेढ़ा,” और आरोप लगाया कि जनता अब कांग्रेस की बातों पर भरोसा नहीं कर रही है.

सदन में सकारात्मक चर्चा का भरोसा
मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि बजट सत्र के दौरान सरकार सभी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि कल सदन में सकारात्मक रूप से चर्चा और सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देगी.

‘वंदे मातरम’ पर बोले सीएम
सत्र के शुरूआत में मुख्यमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि हमारे लिए यह सौभाग्य और तकब्बुर की बात है. ‘वंदे मातरम’ देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है, और इसे सम्मान देना हर नागरिक का फर्ज बनता है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी को साथ मिलकर राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखना चाहिए.

मध्यप्रदेश विधानसभा में 19,287 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश

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मध्यप्रदेश विधानसभा में 19,287 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश
मध्यप्रदेश विधानसभा में आज सरकार ने 19,287 करोड़ रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें राजस्व मद में 8,934 करोड़ रुपए और पूंजीगत मद में 10,353 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार ने इसे चालू वित्तीय वर्ष की आवश्यकताओं और प्राथमिक परियोजनाओं को गति देने के लिए जरूरी बताया। ये अनुपूरक बजट सरकार ने मध्यप्रदेश विधानसभा में 16 फरवरी से शुरू हुए बजट सत्र 2026 के दूसरे दिन पेश किया है।

नर्मदा घाटी विकास विभाग को सबसे बड़ा आवंटन
सबसे बड़ा आवंटन 4,700 करोड़ रुपए का नर्मदा घाटी विकास विभाग को दिया गया है। यह राशि मुख्य रूप से सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया और लंबित कार्यों को पूरा करने पर खर्च की जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे कृषि क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा और सिंचाई क्षमता में भी वृद्धि होगी।

ऊर्जा विभाग की कंपनियों को ऋण के लिए 2,630 करोड़
ऊर्जा विभाग की कंपनियों को अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने के लिए 2,630 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह राशइ विद्युत वितरण और उत्पादन से जुड़ी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगी। वहीं स्थानीय निकायों को अनुदान के लिए 1,569 करोड़ रुपए रखे गए हैं, जिससे नगरीय और ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी।

कर्ज के ब्याज के लइए 1,650 करोड़ का प्रावधान
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व में लिए गए कर्ज के ब्याज भुगतान के लिए भी 1,650 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे स्पष्ट है कि बजट का एक बड़ा हिस्सा वित्तीय दायित्वों के निर्वहन पर भी केंद्रित है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेईई मुख्य परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को दीं बधाई और शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेईई मुख्य परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को दीं बधाई और शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जेईई मुख्य परीक्षा में सफल होने वाले प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के रिद्धेश बेंडाले को प्रदेश में प्रथम स्थान और अनुष्का अग्रवाल को ‘स्टेट गर्ल्स टॉपर’ बनने पर विशेष रूप से बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनजातीय समाज का सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

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सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनजातीय समाज का सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है।

बैठक में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।