Home Blog Page 48

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया “गीता भारती” का विमोचन

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया “गीता भारती” का विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन में पंडित मुस्तफा आरिफ उज्जैन की पुस्तक ‘गीता भारती’ का विमोचन किया। इस पुस्तक में भगवद गीता के श्लोक ‘हिन्दी मुक्तक’ के रूप में लिखकर संकलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेखक को इस काव्य सृजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंडित मुस्तफा आरिफ ने इस पुस्तक की रचना के बारे में बताया कि जहां धर्म है, वहां कर्म सर्वोपरि है। इसी कारण सभी धर्म- प्रधान हैं। कुरान शरीफ की 6666 आयतों पर 10 हजार हिंदी पद रचने के बाद परमात्मा-प्रदत्त सदबुद्धि ने उन्हें कर्म- आधारित धर्म ग्रंथों की ओर मोड़ा है। मद भगवद्गीता के कर्म-दर्शन ने उन्हें गहराई से प्रेरित किया। उनकी लेखनी परमात्मा की कृपा से गीतामय होकर शोध-यात्रा पर निकली, जिसकी परिणति मद भगवद्गीता के 700 संस्कृत श्लोकों पर 786 हिंदी मुक्तकों में हुई। पं. आरिफ ने बताया कि यह ग्रंथ सनातन हिंदू दर्शन को आत्मसात करने का अभिनव अनुभव रहा है, जो भारत की संस्कृति और अनेकता में एकता की परम्परा को जन-जन तक पहुंचाने की प्रेरणा देता है।

पुस्तक में गीता के गहन संदेश- कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और मोक्ष को 786 भावपूर्ण हिंदी मुक्तकों में बांधा गया है। यह हिंदी मुक्तक जीवन की जटिलताओं में स्पष्ट करते हैं। मुक्तकों के प्रत्येक छंद सरल भाषा में रचे गए हैं, जिससे साधारण व्यक्ति गीता का सार समझ सके। पं. आरिफ का विश्वास है कि हिंदू और इस्लामी ग्रंथों में कई समानताएं हैं, जैसे दोनों ईश्वरीय प्रेरणा पर जोर देते हैं। इन ग्रंथों का अध्ययन शोध की भी अनंत संभावनाएं खोलने में सहायक है। भारत के विश्व गुरू होने के जो आधार हैं, वे भी अध्ययन के फलस्वरूप स्पष्ट होते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने की सौजन्य मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ऑस्ट्रेलिया के महावाणिज्य दूत बर्नार्ड लिंच ने सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं, विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल एवं पोषण सुधार के प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बर्नार्ड लिंच को बेल मेटल निर्मित धातु की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, सीनियर इकोनॉमिक रिसर्च अफसर अनघा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

0

एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही सु अमिता वास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।

उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी।

मुख्यमंत्री ने अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बारामती में उपचुनाव को लेकर हलचल, सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार

0

बारामती में उपचुनाव को लेकर हलचल, सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार
बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल बढ़ी हुई है. इस बीच सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने पर एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पार्टियों को उम्मीदवार उतारने का अधिकार है. उन्होंने अपने भतीजे दिवंगत नेता अजित पवार के कार्यों की भी सराहना की और उनके निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया. कांग्रेस ने इस उपचुनाव के लिए अपने प्रदेश सचिव आकाश मोरे को सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार बनाया है.

इसके साथ ही उन्होंने एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर भी अपनी बात कही. उन्होंने कहा, ”विलय को लेकर बातचीत पहले जयंत पाटिल के जरिए की जा रही थी, लेकिन ये अभी भी अनिश्चित है.”

शरद पवार ने राज्यसभा सदस्य के तौर पर ली शपथ
शरद पवार ने आज (06 अप्रैल) राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली है. बीमारी के कारण उन्होंने व्हील चेयर पर बैठकर शपथ ली. महाविकास अघाड़ी ने उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया था. शरद पवार ने कहा, ”हमने अलग-अलग सदन में 14 कार्यकाल पूरे कर लिए हैं, जो सार्वजनिक जीवन में 65 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है.” उन्होंने इसे एक ‘सुनहरा अवसर’ बताया.

सुनेत्रा पवार ने नामांकन पत्र किया दाखिल
महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम और एनसीपी की नेता सुनेत्रा पवार ने बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार (06 अप्रैल) को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. उन्होंने अपने पार्टी सहयोगियों सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और हसन मुशरिफ के साथ-साथ शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई अन्य नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किए. नामांकन से पहले उन्होंने बारामती की जनता से समर्थन देने की भावुक अपील की.

विकास की विरासत को आगे बढ़ाएंगे- सुनेत्रा पवार
सुनेत्रा पवार ने कहा, ”वह विकास की उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा उपचुनाव होगा. बारामती का हर हिस्सा अजित दादा की छाप लिए हुए है. अपने दुख के बावजूद मैंने जनता के बीच आने का फैसला किया है.”

23 अप्रैल को बारामती में उपचुनाव
बता दें कि 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में तत्कालीन डिप्टी सीएम एनसीपी प्रमुख अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी. अजित पवार के निधन के बाद बारामती की सीट खाली हुई है और ये उपचुनाव कराया जा रहा है. 23 अप्रैल को उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी जबकि मतगणना 4 मई को होगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर उज्जैन के बाद अब बाबा विश्वनाथ के धाम में गूंजेगी भारतीय कालगणना

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर उज्जैन के बाद अब बाबा विश्वनाथ के धाम में गूंजेगी भारतीय कालगणना
कालगणना की पावन नगरी और ‘महाकाल’ के केंद्र उज्जैन से निकली भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भी जीवंत हो उठी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर, भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाबा काशी विश्वनाथ को अर्पित यह घड़ी भेंट की थी। इसके बाद विक्रम संवत् 2083, वैशाख कृष्ण पक्ष की द्वितीया (4 अप्रैल, 2026) को इसे मंदिर परिसर में पूर्ण श्रद्धा और विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। यह मध्यप्रदेश सरकार के उस संकल्प की ओर एक बड़ा कदम है, जिसके तहत देश के सभी ज्योतिर्लिंग और अयोध्या के राम मंदिर में भी वैदिक घड़ी की स्थापना की जानी है।

परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम
उज्जैन के ‘महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ’ द्वारा विकसित यह घड़ी केवल समय बताने वाला यंत्र नहीं, बल्कि भारत के प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान का डिजिटल पुनर्जागरण है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित होती है और एक पूर्ण दिवस को 30 मुहूर्तों में विभाजित करती है। इसकी विशेषता यह है कि यह स्थान-विशिष्ट सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर सटीक समय की गणना करती है। इस घड़ी के माध्यम से श्रद्धालु और युवा पीढ़ी न केवल भारतीय मानक समय (IST) जान सकेंगे, बल्कि पंचांग, तिथि, योग, नक्षत्र, भद्रा स्थिति और ग्रहों के गोचर जैसी सूक्ष्म जानकारियों से भी रूबरू हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अपनी सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिक तकनीक के साथ सहेजने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह वैदिक घड़ी हमारे गौरवशाली अतीत को वर्तमान से जोड़ते हुए युवाओं को अपनी जड़ों की ओर लौटने की प्रेरणा देगी।

मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन द्वारा भारतीय कालगणना पर आधारित विश्व की प्रथम विक्रमादित्य वैदिक घड़ी उज्जैन में स्थापित की गई है। यह घड़ी भारत की प्राचीन कालगणना परंपरा को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पुनर्स्थापित करने का एक अभिनव प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण 29 फरवरी 2024 को फाल्गुन 2080, कृष्ण पक्ष, पंचमी, वरुण मुहूर्त (13वाँ मुहूर्त) में किया गया था।

मिशन रेस्क्यू: CIA की वो एक चाल, जिससे फेल हो गया ईरान का पूरा डिफेंस

0

मिशन रेस्क्यू: CIA की वो एक चाल, जिससे फेल हो गया ईरान का पूरा डिफेंस
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के भीतर एक बेहद जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन अंजाम दिया, जिसमें F-15 लड़ाकू विमान के क्रैश होने के बाद फंसे अमेरिकी अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस मिशन की सबसे बड़ी खासियत रही दुश्मन के इलाके में छिपे अधिकारी का सटीक लोकेशन पता लगाना, जिसमें खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) की अहम भूमिका बताई जा रही है।

कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के क्रैश होने के बाद उसका एक क्रू सदस्य कुछ घंटों में सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन दूसरा सदस्य, जो वेपन्स सिस्टम ऑफिसर (WSO) था, ईरान के इलाके में फंस गया। घायल होने के बावजूद वह लगातार अपनी लोकेशन बदलते हुए गिरफ्तारी से बचता रहा।

CIA को कैसे मिला लोकेशन?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CIA ने इस मिशन में डिसेप्शन कैंपेन यानी भ्रम फैलाने की रणनीति अपनाई। एजेंसी ने ईरान के भीतर यह संदेश फैलाया कि अमेरिकी सेना पहले ही उस अधिकारी को खोज चुकी है और उसे जमीनी रास्ते से बाहर निकाल रही है।

इस रणनीति का असर यह हुआ कि ईरानी बलों का ध्यान दूसरी दिशा में चला गया। इसी बीच CIA ने अपने तकनीकी संसाधनों और निगरानी के जरिए अधिकारी की सटीक लोकेशन ट्रैक कर ली और यह जानकारी सीधे अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) तक पहुंचाई गई।

कमांडो एक्शन और हाई-रिस्क रेस्क्यू
लोकेशन मिलने के बाद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज की टीम को तुरंत एक्टिव किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में एक विशेष कमांडो यूनिट शामिल थी, जिसने भारी फायरिंग के बीच इलाके में प्रवेश किया। बताया जाता है कि रेस्क्यू के दौरान दुश्मन की गतिविधियों को रोकने के लिए सीमित हवाई हमले भी किए गए, ताकि टीम सुरक्षित तरीके से अधिकारी तक पहुंच सके। पूरा ऑपरेशन बेहद खतरनाक हालात में अंजाम दिया गया।

व्हाइट हाउस से नजर रखे थे ट्रंप
इस पूरे मिशन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम की नजर बनी हुई थी। व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम से इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग की गई। ट्रंप ने बाद में इस मिशन को ‘सबसे साहसी अभियानों में से एक’ बताते हुए कहा कि अमेरिका अपने किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ता।

BJP स्टार प्रचारक लिस्ट: मोदी, मिथुन और हेमा समेत 40 दिग्गजों के नाम तय

0

BJP स्टार प्रचारक लिस्ट: मोदी, मिथुन और हेमा समेत 40 दिग्गजों के नाम तय
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव प्रचार को धार देने के लिए अपने दिग्गज नेताओं और प्रमुख चेहरों की एक लिस्ट जारी की है. भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है. इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों और फिल्म जगत की हस्तियों तक के नाम शामिल हैं.

स्टार प्रचारक की लिस्ट में अमित शाह समेत ये नाम शामिल
भाजपा के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में नितिन नवीन, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान और अश्विनी वैष्णव शामिल हैं. साथ ही मिथुन चक्रवर्ती, स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी, कंगना रनौत और मनोज तिवारी भी पश्चिम बंगाल में प्रचार करेंगे. इसके अलावा, लियेंडर पेस भी बीजेपी के पक्ष में प्रचार प्रसार करते नजर आएंगे.

योगी अदित्यनाथ, देवेंद्र फडणवीस करेंगे चुनाव प्रचार
पार्टी ने हिमंता बिस्वा सरमा, योगी आदित्यनाथ, रेखा गुप्ता, देवेंद्र फडणवीस, मोहन चरण माझी, भूपेंद्र यादव, माणिक साहा, अनुराग ठाकुर, अन्नपूर्णा देवी, अर्जुन मुंडा और बाबूलाल मरांडी को भी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया. सम्राट चौधरी, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, मंगल पांडेय, अमित मालवीय, सामिक भट्टाचार्य, सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, डॉ. सुकांत मजूमदार, शांतनु ठाकुर, राजू बिस्ता, डॉ. जयंता कुमार रॉय, मनोज टिग्गा, और बिजन गोस्वामी जैसे प्रमुख नेता भी इस सूची में शामिल हैं.

राज्य की 292 सीटों पर बीजेपी ने उतारे उम्मीदवार
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 292 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. पार्टी ने पहली लिस्ट में 144, दूसरी लिस्ट में 111, तीसरी लिस्ट में 19, चौथी लिस्ट में 13 और पांचवीं लिस्ट में पांच उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. बता दें कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे. पहले चरण में 23 अप्रैल और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि चुनाव के नतीजे 4 मई को जारी किए जाएंगे. इसे लेकर राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

दुनिया देखेगी वायु सेना की ताकत, युवाओं के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर

0

दुनिया देखेगी वायु सेना की ताकत, युवाओं के लिए खुलेंगे सुनहरे अवसर
भारत अब तेजी से आसमान में अपनी ताकत और क्षमता दिखा रहा है, जिससे देश की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था लगातार नए मुकाम हासिल कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ते क्षेत्र में युवाओं के लिए कौशल विकास अब सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के शानदार काम के साथ-साथ अब कई नई कंपनियां भी आगे आ रही हैं। इस तेजी से बढ़ते बाजार में का ज्ञान रखने वाले कुशल युवाओं की काफी मांग है। इसलिए, को भी पढ़ाई और व्यावहारिक ट्रेनिंग के नए तरीके विकसित करने होंगे ताकि भारत दुनिया में सबसे आगे रहे।

नए जमाने की तकनीक पर जोर
आज के समय में भारत सिर्फ रॉकेट लॉन्च करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संचार, मौसम और रक्षा के लिए उन्नत उपग्रह बना रहा है। उद्योग जगत के दिग्गजों का स्पष्ट कहना है कि अब सिर्फ किताबी ज्ञान से काम नहीं चलेगा। अंतरिक्ष और सैटेलाइट के क्षेत्र में काम करने के लिए व्यावहारिक अनुभव और नई तकनीकों की समझ होना बहुत जरूरी है। कंपनियों को ऐसे युवाओं की तलाश है जो सीधे प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकें।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
स्पेस और सैटेलाइट के क्षेत्र में दुनिया भर में रोजगार की कोई कमी नहीं है, लेकिन कंपनियों के सामने सही टैलेंट का मिलना एक बड़ी चुनौती है। अगर हमारे शिक्षण संस्थान और प्राइवेट कंपनियां मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करें, तो छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही असली काम करने का अनुभव मिल जाएगा। इससे भारत का युवा सीधे नौकरी के लिए तैयार होगा और बेरोजगारी दर में भी कमी आएगी।

स्टार्टअप्स और निजी निवेश की अहम भूमिका
सरकार ने जब से अंतरिक्ष क्षेत्र को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोला है, देश में कई नए और इनोवेटिव स्टार्टअप्स सामने आए हैं। ये कंपनियां न सिर्फ देश में, बल्कि विदेशों से भी भारी निवेश ला रही हैं। इन कंपनियों को तेजी से आगे बढ़ने के लिए ऐसे होनहार लोगों की जरूरत है जो नई सोच रखते हों और अंतरिक्ष विज्ञान में कुछ नया करने का जज्बा रखते हों।

प्रदोष व्रत में एक छोटी-सी चूक कर सकती है पूजा को निष्फल

0

प्रदोष व्रत में एक छोटी-सी चूक कर सकती है पूजा को निष्फल
वैशाख माह का पहला प्रदोष व्रत 15 मार्च को किया जाएगा। जब प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ता है, तो इसे बुध प्रदोष कहा जाता है। बुधवार का दिन बुध ग्रह द्वारा शासित है। ऐसे में बुधवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत बुद्धि, वाणी तथा व्यवसाय के क्षेत्र में सफलता प्राप्ति के लिए लाभकारी माना गया है। चलिए जानते हैं कि इस दिन पर आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बुध प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 अप्रैल को देर रात 12 बजकर 12 मिनट पर शुरू हो रही है। यह तिथि 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट तक रहने वाला है। ऐसे में इस दिन पर पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है –

प्रदोष पूजा मुहूर्त – शाम 6 बजकर 47 मिनट से रात 9 बजे तक

इन बातों का रखें खास ख्याल
प्रदोष व्रत के दिन शाम के समय यानी प्रदोष काल में दुबारा पूजा करना अनिवार्य है, इसे न छोड़ें।
भगवान शिव की पूजा के दौरान मन और तन दोनों की पवित्रता का ध्यान रखें।
प्रदोष व्रत में नमक का सेवन न करें।
पूजा में जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें।

इन गलतियों से करें अपना बचाव
अगर प्रदोष व्रत के दिन आप ये गलतियां करते हैं, तो इससे आपको व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
प्रदोष व्रत के दिन व्यक्ति को झूठ बोलने, क्रोध करने, वाद-विवाद करने या किसी का अपमान करने से बचें।
इस दिन पर तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का सेवन नहीं करना चाहिए।
पूजा के दौरान मन में नकारात्मक विचार न लाएं।
प्रदोष व्रत की पूजा में काले रंग के कपड़े पहनने से बचें।
इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।

शिवलिंग पर न चढ़ाएं ये चीजें
प्रदोष व्रत की पूजा में शिवलिंग पर सिंदूर, हल्दी, तुलसी दल और केतकी के फूल अर्पित करने की गलती न करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव जी को सिंदूर, हल्दी, नारियल पानी व टूटे हुए चावल भी अर्पित नहीं करने चाहिए। ऐसा करना बिल्कुल भी शुभ नहीं माना गया, इससे आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

हैट्रिक हार से सहमी चेन्नई,आरसीबी की जीत की ‘दूसरी पारी’

0

हैट्रिक हार से सहमी चेन्नई,आरसीबी की जीत की ‘दूसरी पारी’
IPL 2026 के 11वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने चेन्नई सुपर किंग्स को 43 रनों से हराया. CSK ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था. हालांकि RCB के बल्लेबाजों ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया, उन्होंने पहले बल्लेबाजी करते हुए 250 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया. ये बेंगलुरु का आईपीएल इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा टोटल है. फिल साल्ट ने 46 रन बनाकर बेंगलुरु को अच्छी शुरुआत दिलाई थी, फिर देवदत्त पडिक्कल ने अर्धशतक जड़ा. रजत पाटीदार (48) और टिम डेविड (70) ने विस्फोटक पारी खेली. लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई के टॉप-आर्डर बल्लेबाजों ने निराश किया, टीम ने कप्तान समेत 3 विकेट 30 रन पर गंवा दिए थे. यही हार की एक बड़ी वजह भी बना. चेन्नई की पूरी टीम 207 पर सिमट गई.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस जीत के साथ अंक तालिका में टॉप पर आ गई है. टीम ने 2 में से 2 मैच जीते हैं. 4 अंकों के साथ टीम का नेट रन रेट +2.501 है. चेन्नई सुपर किंग्स की ये लगातार तीसरी हार है. -2.517 की नेट रन रेट के साथ सीएसके अंक तालिका में सबसे नीचे 10वें स्थान पर है.

CSK का टॉप आर्डर धराशाई, संजू फिर फ्लॉप
251 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स को ओपनर्स से तेज तर्रार शुरुआत चाहिए थी, लेकिन संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ दोनों ने निराश किया. संजू (9) एक बार फिर सस्ते में आउट हो गए, उन्हें जैकब डफी ने आउट किया. डफी ने ही ऋतुराज (7) को भी सस्ते में पवेलियन भेजा. तीसरे नंबर पर आए आयुष म्हात्रे सिर्फ 1 रन बनाकर भुवनेश्वर कुमार का शिकार हुए.

सरफराज खान ने कुछ हद तक लड़ाई लड़ी, उन्होंने 25 गेंदों में 2 छक्के और 8 चौकों की मदद से 50 रन बनाए. लेकिन अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद आउट हो गए, उन्हें क्रुणाल पांड्या ने अपना शिकार बनाया. क्रुणाल की लहराती गेंद पर सरफराज आगे बढ़कर बड़ा शॉट मारना चाहते थे, लेकिन पूरी तरह बीट हुए और जितेश शर्मा ने स्टंप किया. इम्पैक्ट प्लेयर बनकर आए कार्तिक शर्मा को भी क्रुणाल ने सस्ते में आउट किया. कार्तिक ने 3 गेंदें खेलकर 6 रन बनाए.