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ट्रंप ने ईरान को भेजा 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव

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ट्रंप ने ईरान को भेजा 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव पेश किया है। यह जानकारी एक ऐसे व्यक्ति ने दी, जिसे इसकी जानकारी है, लेकिन उसे सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति नहीं है। यह युद्धविराम प्रस्ताव पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए ईरान को सौंपा गया है। पाकिस्तान द्वारा ही अमेरिका और तेहरान के बीच मध्यस्थता बातचीत की मेजबानी की पेशकश की गई है।

युद्धविराम प्रस्ताव के साथ ही सैनिकों की तैनाती भी बढ़ा रहा अमेरिका
अमेरिका द्वारा ईरान को यह प्रस्ताव ऐसे समय भेजा गया है जब अमेरिकी सेना क्षेत्र में पहले से तैनात लगभग 50,000 सैनिकों के अलावा अपनी 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से कम से कम 1,000 और सैनिकों को पश्चिम एशिया में तैनात करने की तैयारी कर रही है। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 15 सूत्रीय योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है। इस बीच, पेंटागन दो मरीन यूनिट्स की तैनाती की प्रक्रिया में भी है, जिससे क्षेत्र में करीब 5,000 मरीन और हजारों नाविकों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।

इस्राइल ने ईरान को युद्धविराम प्रस्ताव पर जताई हैरानी
वहीं इस्राइल की सरकार, जो ट्रंप से ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने की वकालत कर रही थी, वे अमेरिकी प्रशासन द्वारा युद्धविराम प्रस्ताव भेजे जाने से हैरान है। मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिक और मरीन भेजने की अमेरिकी तैयारियों के बीच इस कदम को ट्रंप की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि युद्धविराम के चलते अमेरिका को आगे की रणनीति बनाने और सैनिकों की तैनाती का समय मिल गया है। ताकि ईरान अगर युद्धविराम पर सहमत नहीं होता है तो आगे के फैसलों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। व्हाइट हाउस ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया।

शांति वार्ता में हैं कई चुनौतियां
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकती है। खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की सख्ती अभी भी बनी हुई है।
वहीं इस्राइल ने ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाना जारी रखने की बात कही है।

कूटनीतिक स्थिति पर विरोधाभास
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिका बातचीत कर रहा है और इसमें स्टीव विटकॉफ, जारेड कुश्नर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हैं। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची विभिन्न देशों के समकक्षों से चर्चा कर रहे हैं, लेकिन ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ने अमेरिका के साथ सीधी वार्ता से इनकार किया है। ईरानी सेना ने भी साफ कहा है कि पूरी जीत तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।

कूटनीतिक बातचीत की चर्चाओं के बीच भी हिंसा जारी
इस्राइल के ईरान पर हमले जारी हैं। वहीं ईरान ने भी इस्राइल पर हमले किए हैं। लेबनान, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब सहित पूरे क्षेत्र में हमले हुए हैं। इस्राइल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में भी हमले किए, जहां ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया। इस बीच, लेबनान ने ईरान के राजदूत को देश छोड़ने का आदेश दे दिया है और ईरानी उड़ानों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे ईरान और लेबनान के संबंधों में भी तनाव बढ़ गया है।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत समस्‍त दिग्‍गजो ने जन्म दिवस की शुभकामनाएं दीं

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मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत समस्‍त दिग्‍गजो ने जन्म दिवस की शुभकामनाएं दीं
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 25 मार्च को जन्म दिवस है। इस अवसर पर देश और प्रदेश से जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में लोगों और कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही कई तरह की गतिविधियां कर राज्य के मुखिया का जन्मदिन मनाना शुरू कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सहित कई हस्तियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी और कहा कि उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। शुभकामना संदेशों में उनके सरल स्वभाव, कर्मठ कार्यशैली और जनहित के प्रति समर्पण की विशेष सराहना की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं। वे मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने वाली कई महत्वपूर्ण पहलों में अग्रणी हैं। उनके दीर्घायु, स्वस्थ और सुखमय जीवन की कामना करते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं आपके नेतृत्व में प्रदेश विकास और जनकल्याण के नए आयाम छू रहा है। प्रभु महाकाल आपको उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करें। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं। ईश्वर से आपके स्वस्थ, सुदीर्घ और प्रफुल्लित जीवन की कामना करता हूं।

उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूं। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की आत्मीय बधाई। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं। आपके कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश निरंतर विकास और उन्नति के पथ पर अग्रसर रहे, सभी नागरिकों के जीवन में खुशहाली व आनंद उत्तरोत्तर बढ़े, यही कामना करता हूं।

केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, आपको जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वस्थ एवं दीर्घायु की कामना करता हूं। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश के ऊर्जावान एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक एवं अनंत शुभकामनाएं। प्रदेश के सर्वांगीण विकास हेतु आपका समर्पण और दृढ़ प्रतिबद्धता निरंतर जनमानुष को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। कामना है कि आप इसी संकल्प के साथ मध्य प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर अग्रसर करते रहें। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना करता हूं।

राष्ट्र की सेवा में समर्पित मुख्यमंत्री
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को हार्दिक जन्मदिन की शुभकामनाएं। कामना है कि आपका नेतृत्व राज्य को निरंतर प्रगति, समृद्धि और समावेशी विकास की ओर मार्गदर्शन करता रहे। आपको अच्छा स्वास्थ्य, असीम शक्ति तथा राष्ट्र की सेवा में समर्पित और भी कई वर्षों की शुभकामनाएं। केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रधान ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। महाकाल की कृपा से आप सदैव ऊर्जावान और जनसेवा के प्रति समर्पित रहें। आपके नेतृत्व में मध्य प्रदेश प्रगति, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करता रहे, इसी शुभेच्छा के साथ आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना है।

सभी संकल्पों के सिद्ध होने की कामना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा जनसेवा को समर्पित, ऊर्जावान नेतृत्व के धनी, मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ तथा सुयशपूर्ण जीवन की प्रार्थना है। उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, आपको जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ एवं दीर्घायु की कामना करता हूं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोशल मीडिया पर बधाई दी। उन्होंने लिखा, मध्यप्रदेश के ऊर्जावान एवं कर्मठ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, आपको जन्मदिन की आत्मीय बधाई एवं शुभकामनाएं। राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के आपके सभी संकल्प सिद्ध हों। बाबा महाकाल से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की कामना करता हूं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु बदरी विशाल से आपके सुखद, आरोग्यपूर्ण एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूं।

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ

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केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ
केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया 25 मार्च को छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।

केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शुभारंभ कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन के सभी मंत्रीगण, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

शाम साढ़े पांच बजे पहुंचेंगे केन्द्रीय मंत्री मांडविया
केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया 25 मार्च को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ करने नई दिल्ली से शाम साढ़े पांच बजे रायपुर पहुंचेंगे। वे शाम छह बजे साइंस कॉलेज परिसर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का शुभारंभ करने के बाद रात दस बजे नई दिल्ली के लिए वापस रवाना होंगे।

चैत्र नवरात्रि में पढ़ें माता के 18 मंत्र, दुर्गासप्तशती पाठ करने के समान मिलता है फल

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चैत्र नवरात्रि में पढ़ें माता के 18 मंत्र, दुर्गासप्तशती पाठ करने के समान मिलता है फल
महाशक्ति की आराधना का पर्व है नवरात्रि. दुर्गा सप्तशती के अन्तर्गत देव दानव युद्ध का विस्तृत वर्णन है. इसमें देवी भगवती और मां पार्वती ने किस प्रकार से देवताओं के साम्राज्य को स्थापित करने के लिए तीनों लोकों में उत्पात मचाने वाले महादानवों से लोहा लिया इसका वर्णन आता है.

यही कारण है कि आज सारे भारत में हर जगह दुर्गा यानि नवदुर्गाओं के मन्दिर स्थपित हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 20 मार्च की सुबह 4:52 मिनट पर होगा. इसलिए इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च को घटस्थापना के साथ होगी. उदया तिथि के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी और इसका समापन 27 मार्च को होगा. चैत्र नवरात्रि प्रतिपदा तिथि से ही नया हिंदू वर्ष प्रारंभ हो जाता है.

सर्वमंगलमंगलये शिवे सर्वार्थसाधिके. शरण्ये त्रयम्बके गौरि नारायणि नमोऽतु ते.. शरणांगतदीन आर्त परित्राण परायणे सर्वस्यार्तिहरे देवी नारायणि नमोऽस्तु ते.. सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते. भयेभ्यारत्नाहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते ..

वैसे तो दुर्गा के 108 नाम गिनाये जाते हैं लेकिन नवरात्रों में उनके स्थूल रूप को ध्यान में रखते हुए नौ दुर्गाओं की स्तुति और पूजा पाठ करने का गुप्त मंत्र ब्रहमा जी ने अपने पौत्र मार्कण्डेय ऋषि को दिया था. इसको देवीकवच भी कहते हैं. देवीकवच का पूरा पाठ दुर्गा सप्तशती के 56 श्लोकों के अन्दर मिलता है. नौ दुर्गाओं के स्वरूप का वर्णन संक्षेप में ब्रहमा जी ने इस प्रकार से किया है.

प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रहमचारिणी.तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्..

पंचमं स्क्न्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च.सप्तमं कालरात्रीति

महागौरीति चाष्टमम्.नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः

नौ दुर्गाओं ने देव दानव युद्ध में विशेष भूमिका निभाई है इनकी सम्पूर्ण कथा देवी भागवत पुराण और मार्कण्डेय पुराण में लिखित है. शिव पुराण में भी इन दुर्गाओं के उत्पन्न होने की कथा का वर्णन आता है कि कैसे हिमालय राज की पुत्री पार्वती ने अपने भक्तों को सुरक्षित रखने के लिए तथा धरती आकाश पाताल में सुख शान्ति स्थापित करने के लिए दानवों राक्षसों और आतंक फैलाने वाले तत्वों को नष्ट करने की प्रतीज्ञा की ओर समस्त नवदुर्गाओं को विस्तारित करके उनके 108 रूप धारण करने से तीनों लोकों में दानव और राक्षस साम्राज्य का अन्त किया.

इन नौदुर्गाओं में सबसे प्रथम देवी का नाम है शैल पुत्री जिसकी पूजा नवरात्र के पहले दिन होती है.
दूसरी देवी का नाम है ब्रहमचारिणी जिसकी पूजा नवरात्र के दूसरे दिन होती है.
तीसरी देवी का नाम है चन्द्रघण्टा जिसकी पूजा नवरात्र के तीसरे दिन होती है.
चौथी देवी का नाम है कूष्माण्डा जिसकी पूजा नवरात्र के चौथे दिन होती है.
पांचवी दुर्गा का नाम है स्कन्दमाता जिसकी पूजा नवरात्र के पांचवें दिन होती है.
छठी दुर्गा का नाम है कात्यायनी जिसकी पूजा नवरात्र के छठे दिन होती है.
सातवी दुर्गा का नाम है कालरात्रि जिसकी पूजा नवरात्र के सातवें दिन होती है.
आठवीं देवी का नाम है महागौरी जिसकी पूजा नवरात्र के आठवें दिन होती है.
नवीं दुर्गा का नाम है सिद्धिदात्री जिसकी पूजा नवरात्र के अन्तिम दिन होती है.
इन सभी दुर्गाओं के प्रकट होने और इनके कार्यक्षेत्र की बहुत लम्बी चौड़ी कथा और फेहरिस्त है. लेकिन यहां हम संक्षेप में ही उनकी पूजा अर्चना का वर्णन कर सकेंगे.

हर समस्या का समाधान हैं ये श्लोक

नवरात्र में शक्ति साधना व कृपा प्राप्ति का का सरल उपाय दुर्गा सप्तशती का पाठ है. नवरात्र के दिवस काल में सविधि मां के कलश स्थापना के साथ शतचंडी, नवचंडी, दुर्गा सप्तशती और देवी अथर्वशीर्ष का पाठ किया जाता है.

दुर्गा सप्तशती के पाठ के कई विधि विधान है. दुर्गा सप्तशती महर्षि वेदव्यास रचित मार्कण्डेय पुराण के सावर्णि मन्वतर के देवी महात्म्य के 700 श्लोक का एक भाग है. दुर्गा सप्तशती में अध्याय एक से तेरह तक तीन चरित्र विभाग हैं. इसमें 700 श्लोक हैं.

दुर्गा सप्तशती के छह अंग तेरह अध्याय को छोड़कर हैं. कवच, कीलक, अर्गला दुर्गा सप्तशती के प्रथम तीन अंग और प्रधानिक आदि तीन रहस्य हैं. इसके अलावा और कई मंत्र भाग है जिसे पूरा करने से दुर्गा सप्तशती पाठ की पूर्णता होती है. इस संदर्भ में विद्वानों में मतांतर है. दुर्गा-सप्तशती को दुर्गा-पाठ, चंडी-पाठ से भी संबोधित करते हैं. चंडी पाठ में छह संवाद है.

महर्षि मेधा ने सर्वप्रथम राजा सुरथ और समाधि वैश्य को दुर्गा का चरित्र सुनाया. तदनंतर यही कथा महर्षि मृकण्डु के पुत्र चिरंजीवी मार्कण्डेय ने मुनिवर भागुरि को सुनाई. यही कथा द्रोण पुत्र पक्षिगण ने महर्षि जैमिनी से कही. जैमिनी महर्षि वेदव्यास जी के शिष्य थे. यही कथा संवाद महर्षि वेदव्यास ने मार्कण्डेय पुराण में यथावत् क्रम वर्णन कर लोकोपकार के लिए संसार में प्रचारित की. इस प्रकार दुर्गा सप्तशती में दुर्गा के चरित्रों का वर्णन है.

दुर्गा सप्तशती पाठ क्यों है शक्तिशाली

मार्कण्डेय पुराण में ब्रह्माजी ने मनुष्यों के रक्षार्थ परम गोपनीय साधन, कल्याणकारी देवी कवच एवं परम पवित्र उपाय संपूर्ण प्राणियों को बताया, जो देवी के नौ मूर्ति-स्वरूप हैं, जिन्हें ‘नव दुर्गा’ कहा जाता है. उनकी आराधना आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से महानवमी तक की जाती है.

माता के 18 शक्तिशाली मंत्र

श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ मनोरथ सिद्धि के लिए किया जाता है; क्योंकि श्री दुर्गा सप्तशती दैत्यों के संहार की शौर्य गाथा से अधिक कर्म, भक्ति एवं ज्ञान की त्रिवेणी हैं. यह श्री मार्कण्डेय पुराण का अंश है. यह देवी महात्म्य धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्रदान करने में सक्षम है. सप्तशती में कुछ ऐसे भी स्तोत्र एवं मंत्र हैं, जिनके विधिवत पारायण से इच्छित मनोकामना की पूर्ति होती है.

देवी का ध्यान मंत्रः देवी प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद प्रसीद मातर्जगतोsखिलस्य. प्रसीद विश्वेतरि पाहि विश्वं त्वमीश्चरी देवी चराचरस्य.

इस प्रकार भगवती से प्रार्थना कर भगवती के शरणागत हो जाएं. देवी कई जन्मों के पापों का संहार कर भक्त को तार देती है. वही जननी सृष्टि की आदि, अंत और मध्य है.

देवी से प्रार्थना करें: शरणागत-दीनार्त-परित्राण-परायणे! सर्वस्यार्तिंहरे देवि! नारायणि! नमोऽस्तुते॥
सर्वकल्याण एवं शुभार्थ प्रभावशाली माना गया हैः सर्व मंगलं मांगल्ये शिवे सर्वाथ साधिके. शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥
बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिएः सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः. मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय॥
सर्वबाधा शांति के लिएः सर्वाबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि. एवमेव त्वया कार्यमस्मद्दैरिविनाशनम्..
आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्ति के लिए इस चमत्कारिक फल देने वाले मंत्र को स्वयं देवी दुर्गा ने देवताओं को दिया हैः देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्. रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि॥
अर्थातः शरण में आए हुए दीनों एवं पीडि़तों की रक्षा में संलग्न रहने वाली तथा सब की पीड़ा दूर करने वाली नारायणी देवी! तुम्हें नमस्कार है. देवी से प्रार्थना कर अपने रोग, अंदरूनी बीमारी को ठीक करने की प्रार्थना भी करें. ये भगवती आपके रोग को हरकर आपको स्वस्थ कर देंगी.

विपत्ति नाश के लिएः शरणागतर्दनार्त परित्राण पारायणे. सर्व स्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥

मोक्ष प्राप्ति के लिएः त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या. विश्वस्य बीजं परमासि माया.. सम्मोहितं देवि समस्तमेतत्. त्वं वैप्रसन्ना भुवि मुक्त हेतु:..

शक्ति प्राप्ति के लिएः सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि. गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोह्यस्तु ते..

अर्थातः तुम सृष्टि, पालन और संहार की शक्ति भूता, सनातनी देवी, गुणों का आधार तथा सर्वगुणमयी हो. नारायणि! तुम्हें नमस्कार है.

रक्षा का मंत्रः शूलेन पाहि नो देवि पाहि खड्गेन चाम्बिके. घण्टास्वनेन न: पाहि चापज्यानि: स्वनेन च..

अर्थातः देवी! आप शूल से हमारी रक्षा करें. अम्बिके! आप खड्ग से भी हमारी रक्षा करें तथा घण्टा की ध्वनि और धनुष की टंकार से भी हमलोगों की रक्षा करें.

रोग नाश का मंत्रः रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान सकलानभीष्टान्. त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता हाश्रयतां प्रयान्ति.

अर्थातः देवी! तुम प्रसन्न होने पर सब रोगों को नष्ट कर देती हो और कुपित होने पर मनोवांछित सभी कामनाओं का नाश कर देती हो. जो लोग तुम्हारी शरण में जा चुके है. उनको विपत्ति तो आती ही नहीं. तुम्हारी शरण में गए हुए मनुष्य दूसरों को शरण देने वाले हो जाते हैं.

दु:ख-दारिद्र नाश के लिएः दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:. स्वस्थै स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि.. द्रारिद्र दु:ख भयहारिणि का त्वदन्या. सर्वोपकारकारणाय सदाह्यद्र्रचिता..

ऐश्वर्य, सौभाग्य, आरोग्य, संपदा प्राप्ति एवं शत्रु भय मुक्ति-मोक्ष के लिएः ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः. शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥

भय नाशक दुर्गा मंत्रः सर्व स्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते, भयेभ्यास्त्रहिनो देवी दुर्गे देवी नमोस्तुते.

स्वप्न में कार्य सिद्घि-असिद्घि जानने के लिएः दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थ साधिके. मम सिद्घिमसिद्घिं वा स्वप्ने सर्व प्रदर्शय..

अर्थातः शरणागत की पीड़ा दूर करने वाली देवी हम पर प्रसन्न होओ. संपूर्ण जगत माता प्रसन्न होओ. विश्वेश्वरी! विश्व की रक्षा करो. देवी! तुम्ही चराचर जगत की अधिश्वरी हो.

मां के कल्याणकारी स्वरूप का वर्णनः सृष्टिस्थिति विनाशानां शक्तिभूते सनातनि. गुणाश्रये गुणमये नारायणि! नमोऽस्तुते॥

अर्थातः हे देवी नारायणी! तुम सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगलमयी हो. कल्याणदायिनी शिवा हो. सब पुरुषार्थों को सिद्ध करने वाली शरणागतवत्सला, तीन नेत्रों वाली एवं गौरी हो, तुम्हें नमस्कार है. तुम सृष्टि पालन और संहार की शक्तिभूता सनातनी देवी, गुणों का आधार तथा सर्वगुणमयी हो. नारायणी! तुम्हें नमस्कार है.

इस प्रकार देवी उनकी शरण में जाने वालों को इतनी शक्ति प्रदान कर देती है कि उस मनुष्य की शरण में दूसरे लोग आने लग जाते हैं. देवी धर्म के विरोधी दैत्यों का नाश करने वाली है. देवताओं की रक्षा के लिए देवी ने दैत्यों का वध किया. वह आपके आतंरिक एवं बाह्य शत्रुओं का नाश करके आपकी रक्षा करेगी. आप बारंबार उसकी शरणागत हो एवं स्वरमय प्रार्थना करें.

तुम तीनों लोकों की समस्त बाधाओं को शांत करो और हमारे शत्रुओं का नाश करती रहो. पुन: भगवती के शरणागत जाकर भगवती चरित्र को पढ़ने, उनका गुणगान करने मात्र से सर्वबाधाओं से मुक्त होकर धन, धान्य एवं पुत्र से संपन्न होंगे. इसमें तनिक भी संदेह नहीं. भगवती के प्रादुर्भाव की सुंदर गाथाएं सुनकर मनुष्य निर्भय हो जाता है. मुझे अनुभव है कि भगवती के माहात्म्य को सुनने वाले पुरुष के सभी शत्रु नष्ट हो जाते हैं.

उन्हें कल्याण की प्राप्ति होती है तथा उनका कुल आनंदित रहता है. स्वयं भगवती का वचन है कि मेरी शरण में आया हर व्यक्ति दु:ख से परे हो जाता है. यदि आप संगणित है तथा और आपके बीच दूरियां हो गई हैं तो आप पुन: संगठित हो जाएंगे. बालक अशांत है तो शांतिमय जीवन हो जाएगा.

श्लोकः शांतिकर्मणि सर्वत्र तथा दु:स्वप्रदर्शने. ग्रहपीड़ासु चोग्रासु महात्मयं शणुयात्मम.

अर्थातः सर्वत्र शांति कर्म में, बुरे स्वप्न दिखाई देने पर तथा ग्रहजनित भयंकर पीड़ा उपस्थित होने पर माहात्म्य श्रवण करना चाहिए. इससे सब पीड़ाएं शांत और दूर हो जाती है. मनुष्यों के दु:स्वप्न भी शुभ स्वप्न में परिवर्तित हो जाते है. ग्रहों से अक्रांत हुए बालकों के लिए देवी का माहात्म्य शांतिकारक है. देवी प्रसन्न होकर धार्मिक बुद्धि, धन सभी प्रदान करती है. स्तुता सम्पूजिता पुष्पैर्धूपगंधादिभिस्तथा ददाति वित्तं पुत्रांश्च मति धर्मे गति शुभाम्.

जाप विधिः नवरात्रि के प्रतिपदा के दिन घटस्थापना के बाद संकल्प लें.
प्रातः स्नान करके दुर्गा की मूर्ति या चित्र की पंचोपचार या दक्षोपचार या षोड्षोपचार से गंध, पुष्प, धूप, दीपक नैवेद्य निवेदित कर पूजा करें.
मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें. शुद्ध-पवित्र आसन ग्रहण कर रुद्राक्ष या तुलसी या चंदन की माला से मंत्र का जाप एक माला से पांच माला तक पूर्ण कर अपना मनोरथ कहें.
पूरे नवरात्र जाप करने से वांछित मनोकामना अवश्य पूरी होती है. समयाभाव में केवल 10 बार मंत्र का जाप निरंतर प्रतिदिन करने पर भी माँ दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं. दुर्गेदुर्गति नाशिनी जय जय॥
श्लोकः नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततंनम:. नम: प्रकृत्यै भद्राये नियता: प्रणता: स्मताम्.

देवी को नमस्कार है, महादेवी शिवा को सर्वदा नमस्कार है. प्रकृति एवं भद्रा को प्रणाम है. हम लोग नियमपूर्वक जगदंबा को नमस्कार करते हैं. शैद्रा को नमस्कार है. नित्या गौरी एवं धात्री को बारंबार नमस्कार है. ज्योत्सनामयी चंद्ररूपिणी एवं सुखस्वरूपा देवी को सतत प्रणाम है. इस प्रकार देवी दुर्गा का स्मरण कर प्रार्थना करने मात्र से देवी प्रसन्न होकर अपने भक्तों की इच्छा पूर्ण करती है. देवी मां दुर्गा अपनी शरण में आए हर शरणार्थी की रक्षा कर उसका उत्थान करती है. देवी की शरण में जाकर देवी से प्रार्थना करें, जिस देवी की स्वयं देवता प्रार्थना करते हैं. वह भगवती शरणागत को आशीर्वाद प्रदान करती है.

धुरंधर 2’ की सुनामी में भी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचा दिया भौकाल

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धुरंधर 2’ की सुनामी में भी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मचा दिया भौकाल
बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों ‘धुरंधर 2’ की सुनामी चल रही है. रणवीर सिंह और आदित्य धर की फिल्म जबरदस्त कमाई कर रही है. लेकिन इसी बीच एक ऐसी फिल्म भी है जिसने मेकर्स को मालामाल कर दिया है. साउथ की इस फिल्म ने बजट से करीब ढाई गुना कलेक्शन किया है. इतना ही नहीं, सिर्फ चार दिन की कमाई से ही ये फिल्म सुपरहिट हो चुकी है.

हम बात कर रहे हैं मलयालम में रिलीज आडू 3 (Aadu 3: One Last Ride- Part 1) की जिसने चार दिनों में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है. एक कॉमेडी फैंटेसी फिल्म है. इसे मिधुन मैनुअल थॉमस ने डायरेक्ट किया है. ये Aadu 2 का सीक्वल है जो 2017 में रिलीज किया गया था. 19 मार्च को थियेटर्स में रिलीज हुई इस फिल्म की ऑक्यूपेंसी 70% से ज्यादा दर्ज हो रही है.

इस फिल्म में जयसूर्या को शाजी पप्पन की भूमिका में देखा जा रहा है. वहीं, सैजू कुरुप, विनायकन, सनी वेन, धर्मजन बोलगट्टी, विजय बाबू, इंद्रान्स, भगाथ मैनुअल और बिजूकुट्टन जैसे कलाकारों को अहम भूमिका में देखा जा रहा है.

जानें 4 दिनों का कलेक्शन

‘आडू 3’ ने चार दिनों में वर्ल्डवाइड 78 करोड़ का कलेक्शन किया है. कोई मोई की रिपोर्ट के मुताबिक इस फिल्म का बजट करीब 20 करोड़ है.

चार दिनों की कमाई में ही ये फिल्म सुपरहिट हो गई है. बजट और कमाई की तुलना करें तो इस फिल्म ने बजट से 2.9 गुना ज्यादा कमाकर मेकर्स को 290% का प्रॉफिट दिया है.
ट्रेड आंकड़े देने वाली वेबसाइट सैकनिक के मुताबिक ‘आडू 3’ ने चार दिनों में इंडिया में नेट 26.50 करोड़ का कलेक्शन किया है. वहीं, वर्ल्डवाइड इसका कलेक्शन करीब 78 करोड़ से ज्यादा है.

डेवाइज कलेक्शन
पहला दिन- 5.95 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 67.0%
दूसरा दिन 6.30 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 74%
तीसरा दिन 7.15 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 74 %
चौथा दिन 7.10 करोड़ | ऑक्यूपेंसी 74%
टोटल कलेक्शन- 30.61 करोड़ ग्रॉस
इंडिया नेट कलेक्शन – ₹26.50

इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता नैनी की मौत

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इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता नैनी की मौत
इजरायली हमले में IRGC के प्रवक्ता नैनी की मौत, तेहरान में हड़कंपईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष को 2 हफ्ते से अधिक समय बीत चुका है। अब इस युद्ध के बीच बड़ी खबर आई है। IRGC(इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) ने पुष्टि की है कि उनके प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी इजरायली-अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गए हैं।

जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत इस सप्ताह ईरान की सरकार और सैन्य नेतृत्व के लिए चौथा बड़ा झटका है। इसके पहले हुए हमलों में तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो चुकी है। जिनमें अली लारीजानी, गुलामरेजा सुलेमानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब शामिल हैं। सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने टेलीग्राम और X पर बताया कि नैनी की मौत शुक्रवार तड़के हुई है। अली मोहम्मद नैनी की मौत स्थानीय मीडिया में उनके अमेरिका और इजरायल के खिलाफ दिए गए बयानों के कुछ ही घंटों बाद हुई है।

कौन थे अली मोहम्मद नैनी?
IRGC(इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) ने इजरायल-अमेरिका हमले में अपने प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत की पुष्टि की है। अली मोहम्मद नैनी का जन्म 1957 में ईरान के काशान में हुआ था। वह IRGC में द्वितीय ब्रिगेडियर जनरल के पद पर थे। साल 2024 में IRGC के कमांडर-इन-चीफ हुसैन सलामी ने उन्हें कोर के आधिकारिक प्रवक्ता और जनसंपर्क उप प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था। नैनी को मनोवैज्ञानिक अभियानों, सॉफ्ट पावर और संज्ञानात्मक युद्ध में IRGC के शीर्ष विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता था प्रवक्ता बनने से पहले उन्होंने IRGC और बासिज में सांस्कृतिक उप-प्रमुख जैसे कई प्रभावशाली पदों पर कार्य किया था।

पीएम मोदी ने बताया कैसे सुरक्षित है भारत की ऊर्जा सप्लाई, अफवाहों से बचने की अपील

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पीएम मोदी ने बताया कैसे सुरक्षित है भारत की ऊर्जा सप्लाई, अफवाहों से बचने की अपील
भारत तेजी से बदलते ग्लोबल एनर्जी परिदृश्य में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। बीते कुछ वर्षों में देश ने क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिफिकेशन और मैन्युफैक्चरिंग में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि भारत अब ग्लोबल एनर्जी लैंडस्केप में एक निर्णायक भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में बताया कि भारत की एनर्जी ट्रांजिशन व्यावहारिक नीतियों और आत्मनिर्भरता के स्पष्ट विजन पर आधारित है। यह बदलाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को एक ग्लोबल एनर्जी लीडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

भारत क्लीन एनर्जी क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत क्लीन एनर्जी क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है। सोलर और विंड एनर्जी जैसे सेक्टर में निवेश बढ़ने से देश की ऊर्जा निर्भरता कम हो रही है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिफिकेशन को बढ़ावा देकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। पीएम ने आगे कहा कि सरकार का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना भी है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यह रणनीति आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति दे रही है।

ग्लोबल एनर्जी कम्युनिटी को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भारत में निवेश, इनोवेशन और स्केलिंग के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि भारत का पावर सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें बड़े स्तर पर निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं। भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 जैसे मंचों के जरिए देश ग्लोबल एनर्जी कम्युनिटी को एक साथ लाने का प्रयास कर रहा है। यह पहल विभिन्न देशों और कंपनियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगी, जिससे नई तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।

सभी हितधारकों का एक साथ मिलकर काम करना जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनर्जी सेक्टर का समग्र विकास तभी संभव है जब सभी हितधारक एक साथ मिलकर काम करें। सरकार, निजी कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय संगठन मिलकर एक मजबूत एनर्जी इकोसिस्टम बना सकते हैं। इस दिशा में भारत एक साझा प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जहां विचारों का आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल ऊर्जा क्षेत्र में विकास होगा, बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत को राहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे भारतीय जहाज

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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत को राहत, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे भारतीय जहाज
US और ईरान-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष खतरनाक मोड पर पहुंच चुका है। इस संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से होने वाली गैस-तेल की बाधित हुई है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली सप्लाई बाधित होने की वजह से दुनिया के कई देश ऊर्जा संकट के मुंहाने पर खड़े हैं। इस गंभीर परिस्थिति से निपटने के लिए ईरान ने खास रणनीति बनाई है।

ईरान की इस नई रणनीति से भारत समेत कई देशों को बड़ा फायदा हो सकता है। लॉयड्स लिस्ट की रिपोर्ट के मुताबकि, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नई ‘जांच और पंजीकरण प्रणाली’ विकसित कर रहा है। इस नई तकनीकी के जरिए ईरान रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों की पहचान करके उनका सुरक्षित परिचालन करा सकेगा और दुश्मन के जहाजों पर नजर रख सकेगा।

ईरान तैयार कर रहा नई तकनीकी
लॉयड्स के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा कथित तौर पर एक नई जांच और पंजीकरण प्रणाली विकसित की जा रही है। लॉयड्स को ईरानी अधिकारियों ने बताया कि पूर्व-अनुमोदित मार्ग(Pre-approved routes) का उपयोग करने के इच्छुक जहाजों से अपेक्षा की जाती है कि वे होर्मुज स्ट्रेट क्रॉस करने से पहले जहाज के स्वामित्व और माल के गंतव्य दोनों के संबंध में विस्तृत जानकारी IRGC को दें।

ईरानी जलक्षेत्र से गुप्त रूप से गुजरते हैं जहाज
ईरान द्वारा तैयार की जा रही नई प्रणाली के बारे में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और समुद्री कानून के विशेषज्ञ एलेक्स मिल्स ने अल जजीरा से बात की। एलेक्स मिल्स ने अल जजीरा को बताया कि नई पंजीकरण प्रणाली कुछ देशों के लिए अल्पकालिक समाधान प्रदान करती है। हालांकि, लंबे समय में यह आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने और बंदरगाहों पर रुकने वाले जहाजों द्वारा अपने सभी कार्गो गंतव्यों की जानकारी देकर अनुमति लेना का प्रस्ताव काफी दिलचल्प है। कुछ जहाज गुप्त रूप से ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश करते हैं। यह नियमों के विपरीत है। हालांकि यह प्रक्रिया लंबे समय से चली आ रही है। गुप्त रूप से ईरानी जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा जोखिम पैदा करता है।

ईरान के इस नए फैसले से किसे मिलेगा फायदा?
ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों द्वारा अपने सभी कार्गो की जानकारी देने के बाद अनुमति लेकर प्रवेश करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती तो इससे भारत समेत कई देशों को फायदा होगा। दरअसल, इसी सप्ताह में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज स्ट्रेटे से गुजरने वाले माल वाहक भारतीय जहाजों के लिए सकारात्मक बयान दिया था। अराघची ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है, लेकिन यह हमारे दुश्मनों के लिए बंद है। अराघची के बयान से पहले IRGC ने कहा था कि जलमार्ग से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को आग लगा दी जाएगी। हालांकि, IRGC के बयान के बाद अराघची कई बार भारत को मित्र बता चुके हैं। भारत ने भी हाल ही में ईरान को मेडिकल सहायता भेजी है।

ईरान-भारत के बीच ऐतिहासिक संबंध
ईरान और भारत के बीच व्यापार (विशेषकर ऊर्जा) और रणनीतिक तौर पर ऐतिहासिक संबंध हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने के बारे में ईरान से सीधी बात की थी। एस जयशंकर ने कहा कि ईरान के साथ सीधे बातचीत से भारतीय जहाजो को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में मदद मिली है। ईरान से बातचीत के बाद बीते शनिवार को भारतीय झंडे वाले 2 गैस टैंकर फारस की खाड़ी में होर्मुज के स्ट्रेट से गुजरे हैं।

ग्रामीण जल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री साय

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ग्रामीण जल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केन्द्र और राज्य के बीच एमओयू कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि “हर घर जल” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुये एमओयू से इन कार्यों में गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण, जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों, यानी लगभग 82.66 प्रतिशत घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। साय ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही जल संवर्धन, पुनर्भरण तथा योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस एमओयू के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक आधारित जल सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण और अधिक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ होगा।

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपये की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। इस स्वीकृति से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ न केवल “हर घर जल” का लक्ष्य हासिल करेगा, बल्कि सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण जल शासन में भी नए मानक स्थापित करेगा।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि आज का दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इस एमओयू के बाद छत्तीसगढ़ में पाइप लाइन एवं संरचनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की पहुँच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार प्राप्त होंगे और इन संरचनाओं के रख रखाव के लिए वे जिम्मेदार होंगे। पाटिल ने कहा कि जिला प्रशासन के जरिये पंचायत के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी एवं आवश्यकता होने पर सहायता भी करेंगे। उन्होंने बताया कि आज का यह एमओयू जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन का साझा प्रयास का परिणाम है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर स्वच्छ एवं निर्बाध पानी की पहुँच का सपना साकार होगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विधानसभा बजट सत्र सफल समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों और अधिकारियों को दिया धन्यवाद

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विधानसभा बजट सत्र सफल समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों और अधिकारियों को दिया धन्यवाद
विधानसभा के बजट सत्र के सफल समापन पर मंत्रीगण एवं विधायकगण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में भेंट कर उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और सफल सत्र के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वय और सहयोग से ही यह सत्र सार्थक और सफल बन पाया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का पावन मंदिर है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाना ही इसका मूल दायित्व है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बजट सत्र के दौरान लगभग 585 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया जो एक अत्यंत प्रेरणादायक पहल है। इससे यह संदेश गया है कि राज्य सरकार भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका सीधा संबंध राज्य की आंतरिक सुरक्षा, शांति और समृद्धि से है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित हुईं और यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण एवं परिणामकारी रहा। सत्र के दौरान माननीय राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन द्वारा कृतज्ञता व्यक्त की गई तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी सम्पन्न हुए।

उन्होंने कहा कि इस सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026, छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक-2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक-2026 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने संबंधी विधेयक तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित हुए, जो युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सत्र के दौरान सदन के सदस्यों ने अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की, प्रश्न पूछे और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे भले ही अस्वस्थता के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने लगातार डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही पर नजर रखी।मुख्यमंत्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने सत्र के सफल संचालन के लिए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सभी विधायकगण, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, सुरक्षा कर्मियों एवं समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष धन्यवाद दिया।

उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अंत में मुख्यमंत्री साय ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।