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फरवरी के महीने में कुंभ राशि में बनेगा चतुर्ग्रही राजयोग

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फरवरी के महीने में कुंभ राशि में बनेगा चतुर्ग्रही राजयोग
ज्योतिष शास्त्र में चतुर्ग्रही राजयोग को बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब इस योग का निर्माण होता है तो बहुत सारे जातकों को लाभ की प्राप्ति होती है। फरवरी के महीने में दुर्लभ चतुग्रही राजयोग का निर्माण कुंभ राशि में होने जा रहा है। इस महीने में कई ग्रह एक साथ कुंभ राशि में गोचर कर जाएंगे। 3 फरवरी को बुध कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं 13 फरवरी को सूर्य और 23 फरवरी को मंगल का प्रवेश कुंभ राशि में होगा। इस राशि में राहु पहले से ही विराजमान हैं। इन चारों ग्रहों के एक साथ आने से कुछ राशियों को भरपूर लाभ मिल सकता है।

इन राशियों की पलटेगी किस्मत
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों को चतुग्रही योग से भरपूर लाभ मिल सकता है। आपके काम के नये मौके मिल सकते हैं। वहीं अगर आप कारोबार से जुड़े हुए हैं तो आपको मनचाहा मुनाफा मिल सकता है। इसके साथ ही आपकी आर्थिक स्थिति भी पहले से बेहतर हो सकती है। निवेश करने के लिए समय आपके लिए अनुकूल साबित हो सकता है।

वृश्चिक राशि
चतुग्रही योग वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम लाने वाला होगा। इस समय में आपका कोई अटका हुआ काम पूरा हो सकता है। इसके साथ ही व्यापार में भी आपको बहुत लाभ मिल सकता है। किसी नये काम की तलाश में हैं तो वो पूरी हो सकती है।

कुंभ राशि
कुंभ राशिवालों को इस योग से बहुत लाभ मिलने वाला है। आपकी राशि में ये चारों ग्रह आने से आपको हर काम में सफलता प्राप्त हो सकती है। इस समय आपका भाग्य आपका पूरा साथ देगा। इसके साथ ही पढ़ाई करने वाले लोगों को भी सफलता मिल सकती है। धन संबंधी समस्या का समाधान होगा।

स्कूलों में सभी बड़ी लड़कियों को देना होगा सैनिटरी पैड – सुप्रीम कोर्ट

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स्कूलों में सभी बड़ी लड़कियों को देना होगा सैनिटरी पैड – सुप्रीम कोर्ट
देश की सर्वोच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में मासिक धर्म स्वच्छता को जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि लड़कियों और महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता की सुविधाएं मिलना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त और सुलभ रूप से सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी छात्रा की पढ़ाई और स्वास्थ्य मासिक धर्म के कारण प्रभावित न हो।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में एक दाखिल याचिका में मांग की गई थी कि सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड दिए जाएं और उनके सुरक्षित व सम्मानजनक निपटान की व्यवस्था हो। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई है। इस दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि स्कूली छात्राओं की मासिक धर्म स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक नीति तैयार कर ली गई है।

Supreme Court ने की टिप्पणी
सरकारी स्कूलों में सैनेटरी पैड मुहैया कराने को लेकर हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुआ कहा कि वह यह संदेश हर उस बच्ची तक पहुंचाना चाहता है जो सिर्फ मासिक धर्म की वजह से स्कूल नहीं जा पाती। अदालत ने साफ कहा कि इसमें बच्चियों की कोई गलती नहीं है और उन्हें अपने शरीर को बोझ समझने पर मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने जोर दिया कि उसके शब्द सिर्फ अदालत या कानून की किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज की सोच बदलें और बच्चियों को अपमान, अलग-थलग किए जाने और बेवजह की तकलीफ से बचाया जाए।

2026 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेशी की एंट्री

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2026 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेशी की एंट्री
बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो चुका है. पड़ोसी देश ने भारत में सुरक्षा की चिंता जातते हुए टूर्नामेंट खेलने से इनकार किया था. हालांकि बांग्लादेश ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) से टूर्नामेंट के लिए अपने वेन्यू चेंज करवाने की भी रिक्वेस्ट की थी, लेकिन उनकी इस बात को नहीं माना गया था. अब आईसीसी ने चौंकाने वाला फैसला करते हुए बांग्लादेशी को टूर्नामेंट में एंट्री दे दी है.

दरअसल आईसीसी ने शुक्रवार (30 जनवरी) को मैच अधिकारियों की लिस्ट का एलान किया, जिसमें 24 अंपायर और 6 रेफरी हैं. लेकिन गौर करने वाली बात यह रही कि अंपायर की लिस्ट में बांग्लादेशी अंपायर भी मौजूद रहे. आईसीसी की लिस्ट में शामिल शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और गाजी सोहेल बांग्लादेश से आने वाले अंपायर हैं.

इसके अलावा पाकिस्तान के अंपायरों को भी लिस्ट का हिस्सा बनाया गया है. बता दें कि आईसीसी ने अभी सिर्फ लीग स्टेज मैचों के लिए मैच अधिकारियों (अंपायर और रेफरी) का एलान किया है. सुपर-8 और नॉकआउट चरण के लिए मैच अधिकारियों की पुष्टि बाद में की जाएगी.

वनडे सीरीज के लिए भारत आए थे बांग्लादेशी अंपायर
इन दिनों भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही है. इससे पहले दोनों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली गई थी. भारतीय सरजमीं पर खेले गए तीनों ही मैचों में बांग्लादेश के शारफुद्दौला थर्ड अंपायर के रूप में नजर आए थे. अब टी20 विश्व कप में भारत की सरजमीं पर बांग्लादेशी अंपायर दिखाई देंगे.

‘बॉर्डर 2’ का 8वें दिन भी जारी है धमाल

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‘बॉर्डर 2’ का 8वें दिन भी जारी है धमाल
सनी देओल स्टारर और अनुराग सिंह निर्देशित ‘बॉर्डर 2’ ने सिनेमाघरों में रिलीज का एक हफ्ता पूरा कर लिया है. इस वॉर ड्रामा की शुरुआत काफी शानदार रही थी और इस ने रिलीज के फर्स्ट वीक में ही 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था. वहीं अब ये दूसरे हफ्ते में एंट्री कर चुकी है.

‘बॉर्डर 2’ की 7 दिनों की कितनी रही कमाई?
‘बॉर्डर 2’ ने 30 करोड़ से ओपनिंग की थी और फिर इसने दूसरे दिन 36.5 करोड़ कमाए. तीसरे दिन का कलेक्शन 54.5 करोड़ रुपये रहा.
इसके बाद चौथा दिन फिल्म के लिए धमाकेदार रहा और इसने 59 करोड़ कमाए. फिर पांचवें दिन फिल्म की कमाई 20 करोड़ रुपये रही.
छठे दिन ‘बॉर्डर 2’ ने 13 करोड़ रुपये कमाए और इसके सातवें दिन का कलेक्शन 11.25 करोड़ रुपये रहा
इसी के साथ फिल्म की पहले हफ्ते की यानी 7 दिनों की कुल कमाई भारत में 224.25 करोड़ रुपये रही है.

‘बॉर्डर 2’ फिल्म की छठे दिन की ऑक्यूपेंसी
फिल्म की दूसरे शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को मॉर्निंग शोज में हिंदी ऑक्यूपेंसी 6.58% दर्ज की गई ये इसके पहले हफ्ते के मुकाबले अब तक की सबसे कम ऑक्यूपेंसी है.

मर्दानी 3 की रिलीज का पड़ेगा बॉर्डर 2 पर असर?
दिलचस्प बात यह है कि बॉर्डर 2 को अब रानी मुखर्जी की मर्दानी 3 से टक्कर मिलेगी, जो एक नई रिलीज है. हालांकि, हाल के ट्रेंड्स को देखते हुए, बॉर्डर 2 पर मर्दानी 3 की रिलीज़ का ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा और यह एक्शन थ्रिलर से आगे रहेगी. फिल्मीबीट की रिपोर्ट के मुताबित यह फिल्म 8वें दिन (दूसरे शुक्रवार) को 8-10 करोड़ रुपये कमाएगी और 8 दिनों में 230 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है.

‘बॉर्डर 2’ स्टार कास्ट
आपको बता दें कि ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी ने दमदार रोल प्ले किया है. फिल्म में फीमेल लीड में मोना सिंह, मेधा राधा सोनम बाजवा है. ये फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसका निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है.

सुनेत्रा पवार कल शाम को लेंगी डिप्टी CM पद की शपथ

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सुनेत्रा पवार कल शाम को लेंगी डिप्टी CM पद की शपथ
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद पर अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार काबिज हो सकती हैं। एनसीपी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। बताया गया है कि यह फैसला अजित पवार की अचानक मृत्यु के बाद लिया गया है। इस बीच एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की खबरें भी तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे अजित पवार की आखिरी इच्छा बता रहे हैं।

सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम का पद स्वीकारा
एनसीपी सूत्रों की मानें तो अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने उप मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करने का अनुरोध स्वीकार कर लिया है। ऐसे में अब शनिवार को एनसीपी विधायक दल की बैठक होगी। इसमें सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद सुनेत्रा पवार शनिवार शाम पांच बजे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पात्र किसानों को दिए भावांतर राशि के चेक

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पात्र किसानों को दिए भावांतर राशि के चेक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मौसम कोई भी हो, किसानों को हमेशा अपने खेत-खलिहान की ही चिंता रहती है। फसल अच्छी हो, तो पूरे साल की हरियाली… पर किसी वजह से कम पैदावार हो जाए, कीड़ा लग जाए, ओला-पाला से फसल खराब हो जाए, तो फिर पूरे साल का सूखा। अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। किसान हमारे अन्नदाता हैं, इन्हें कोई भी परेशानी हो, कठिनाई हो, तो हमारी सरकार किसानों का संबल और इनकी ढाल बनकर हमेशा साथ खड़ी है। किसान हमारी संस्कृति का आधार हैं, हमारी धरोहर हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के वास्तविक कर्णधार हैं। किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना, इनके खेत, खलिहानों और घरों में समृद्धि लाना ही हमारा एकमात्र ध्येय है। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की समृद्धि है। सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना किसानों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए सरकार का प्रयास है। यह योजना किसानों के कठिन तप, साधना और समर्पण का सम्मान है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में ‘अन्नदाता सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रूपए की भावांतर राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि योजना के प्रारंभ से अब तक 7 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को हमारी सरकार लगभग 1500 करोड़ रूपए की भावांतर राशि सोयाबीन उत्पादक किसानों को दे चुकी है। आज जिन किसानों को भावांतर की राशि मिली है, उसमें मंदसौर‍जिले के किसान भी शामिल हैं। मंदसौर जिले के 27 हजार से अधिक किसानों को लगभग 43 करोड़ रूपए की भावांतर राशि मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावांतर योजना में मंदसौर जिले के 5 किसान रघुवीर सिंह को 95 हजार रूपए, मुकेश पाटीदार को 73 हजार रूपए, ओमकार सिंह को 64 हजार रूपए सहित रामदयाल और जगदीशचंद्र पाटीदार को भी भावांतर राशि के चेक भी सौंपे।

शौर्य को मिला सम्मान – स्व. मनोहर सिंह चौहान के पुत्र को दिया शासकीय सेवा का नियुक्ति पत्र
मल्हारगढ़ सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एक बेहद संवेदनशील पक्ष भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ में हुई एक दुर्घटना में जान की बाजी लगाकर 4 लोगों की जिन्दगी बचाने वाले स्व. मनोहर सिंह चौहान के पुत्र संजय सिंह को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शौर्य का सम्मान है। मल्हारगढ़ के पास हुई एक दुर्घटना में एक कार को पानी में डूबते देखकर अपनी जान की परवाह न करते हुए मनोहर सिंह तत्काल पानी में कूदे। कार में मौजूद 4 जिंदगियां तो बचा लीं, पर खुद की जान न बचा सके। ऐसी वीरता को सम्मानित करना हमारा फर्ज है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. मनोहर सिंह के 22 वर्षीय पुत्र संजय सिंह को विशेष प्रकरण के तहत पुलिस आरक्षक (जीडी) के पद पर सीधा नियुक्ति-पत्र (अनुकम्पा के रूप में) दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मानवता प्रदर्शित करने वाला हर नागरिक सम्मान का अधिकारी है। हम सबमें दूसरों की जिंदगी बचाने का करूणा भाव होना ही चाहिए।

मंदसौर के निवासियों को भी दीं सौगातें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदसौर जिलेवासियों को भी विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 51.91 करोड़ रूपए की लागत से मंदसौर-नीमच स्टेट हाईवे पर 4 लेन फ्लाई-ओवर निर्माण तथा पिपलिया मंडी में 5.53 करोड़ रूपए लागत से बनने वाले रेलवे अंडरब्रिज निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन से नारायणगढ़ मार्ग पर 2.06 करोड़ रूपए लागत से नवनिर्मित रेलवे अंडर-पास का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उप मुख्यमंत्री देवड़ा की मांग पर मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पिपलियामंडी में नया फ्लाई-ओवर ब्रिज बनाने सहित भुवानी माता मंदिर का जीर्णोद्धार कराने और काका गाडगिल सागर डेम को एक आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदसौरवासियों को 25 करोड़ की लागत से बने भगवान पशुपतिनाथ लोक के रूप में आज एक और बड़ी सौगात भी मिली है।

मध्यप्रदेश पहला राज्य, जिसने देश में सबसे पहले लागू की भावांतर योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने किसानों के हित में सबसे पहले भावांतर की राशि को शासकीय व्यवस्था से भुगतान करने की योजना लागू की। इस योजना से प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिला है। । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान किसानों के पसीने, उनके धैर्य और अटूट परिश्रम से ही है। हम हर अन्नदाता को उसकी मेहनत का पूरा दाम दिलाएंगे।

सरसों और मूंगफली की फसल को भी लाएंगे भावांतर योजना के दायरे में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के धरतीपुत्र किसानों ने अपनी मेहनत से भारी मात्रा में अनाज उत्पादन कर प्रदेश का देश में मान बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने अनेक किसान हितैषी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों को कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण से उपज में वैल्यू एडीशन करने से जोड़ा है। अब हमारे प्रदेश का किसान खुद अपनी उपज की प्रोसेसिंग करेगा, जिससे उसे उसकी उपज का भरपूर दाम मिलेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाते हुए उनकी समृद्धि में कोई कमी नहीं रहने देगी। प्रदेश के सभी पात्र किसानों को भावांतर योजना से फसल का समुचित दाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार आने वाले सालों में सरसों और मूंगफली की फसल को भी भावांतर भुगतान योजना के दायरे में लेकर आएगी।

अगले 5 साल में देंगे ढाई लाख नई नौकरियां
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था। इसमें से अब तक 60 हजार पदों पर भर्ती की जा चुकी है। अगले 5 साल में प्रदेश के ढाई लाख पदों पर नई नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज पहले ही बन चुके हैं। बहनों को रोजगार से जोड़ने के लिए हमने मंदसौर को नर्सिंग कॉलेज की सौगात भी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपए की है। बहनों को हर माह यह राशि उनके खातों में ट्रांसफर की जा रही है। प्रदेश की धरती पर भगवान राम और कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को हम तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं।

कपास उत्पादक किसानों को मिलेगा देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भरपूर लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में भी विशेष स्थान रखता है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार में कपास उत्पादक किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलवाने के लिए देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमि-पूजन किया है। इससे 6 लाख किसानों को लाभ मिलेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारों ने प्रदेश के गांव-गांव को पक्की सड़क से जोड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुगम होने से किसानों को भी लाभ मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंदसौर की भूमि उपजाऊ है, यहां की लहसुन विश्व प्रसिद्ध है।

मंदसौर बना रहा है विशिष्ट पहचान
मंदसौर अपनी एक विशिष्ट पहचान बना रहा है। मंदसौर की पहचान आज श्वेत क्रांति, हरित क्रांति और नील क्रांति में अव्वल है। मंदसौर की फसलें, फूल और मसालों की खुशबू अलग ही है। कूनो नेशनल पार्क के बाद अब चीते मंदसौर की धरती में भी पहुंच गए हैं।

हर गांव और खेत को मिल रहा है गांधी सागर बांध का पानी : उपमुख्यमंत्री देवड़ा
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, हर खेत को गांधीसागर बांध का पानी मिल रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने पिछले साल 4 लाख 21 हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश किया था। नए वित्त वर्ष में हम इससे भी आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मल्हारगढ़ विधानसभा को स्कूल, अस्पताल, उद्योगों की अनेक सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकसित राज्य बन रहा है। हमारी सरकार ने अगले 5 सालों में राज्य बजट की राशि दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मिला विशेष स्नेह : सांसद गुप्ता
मंदसौर के लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशेष स्नेह मंदसौर को मिला है। प्रदेश के किसानों को भावांतर राशि के साथ मंदसौरवासियों को भी कई सौगातों का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने वर्ष-2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित कर किसान हित में एक बेहद प्रभावशाली कदम उठाया है। आज हमारे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत निरंतर समृद्ध हो रही है। सिंचित भूमि का रकबा भी लगातार बढ़ रहा है।

अन्नदाता सम्मान समारोह में राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर ने आभार माना। कार्यक्रम में सुवासरा विधायक एवं पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार, विधायक अनिरूद्ध मारू, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु एवं लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री ने वीसी से 3 दिवसीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री ने वीसी से 3 दिवसीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सीतामऊ के महाराज कुमार रघुवीर सिंह ने 1974 में नट नागर संस्थान की स्थापना की। यह संस्थान आज शोधार्थियों का तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। संस्थान, 30 हजार दुर्लभ पांडुलिपियों होने से यह एशिया की लाइब्रेरी के रूप में विख्यात है। यहाँ से न सिर्फ भारतवर्ष के बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोधार्थी विभिन्न विषयों से संबंधित पीएचडी का शोध भी करते है। संस्थान से इतिहासकार और हिंदी साहित्य जगत से रामधारी सिंह दिनकर, मती महादेवी वर्मा, सुमित्रानंदन पंत, हजारी प्रसाद द्विवेदी आदि प्रसिद्ध नाम भी संबंधित है। संस्थान में महत्वपूर्ण पांडुलिपियों में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित कई दस्तावेजों के अतिरिक्त 1857 की क्रांति के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी संग्रहित है। यह संस्थान भारतीय इतिहास साहित्य और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र स्थल है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 दिवसीय द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वर्चुअल शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महोत्सव में शामिल महानुभावों से कहा कि सांस्कृतिक पुनरुत्थान के इस पर्व में आपका स्वागत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को आयोजित कर हजारों वर्षों से राष्ट्र और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सोमनाथ का उन्नत शिखर और आकाश में लहराता ध्वज हमें गर्व से भर देता है। इसी प्रकार नट नागर शोध संस्थान विश्व और राष्ट्र की अनमोल धरोहर है ‌और तीर्थस्थल के समान है। सीतामऊ में स्थित यह अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान हमारे गौरवशाली अतीत की विरासत से विकास तक की जानकारी रखता है।

द्वितीय सीतामऊ साहित्य महोत्सव का आयोजन सीतामऊ स्थित नट नागर शोध संस्थान में किया जा रहा है। देशभर से साहित्य क्षेत्रों के विद्वान, वक्ता, कलाकार, इतिहासकार महोत्सव में शामिल हो रहे है। साहित्य महोत्सव को “नॉलेज कुंभ” के रूप में विकसित किया गया है। इसमें स्कूल के बच्चों से तारामंडल संबंधी गतिविधियाँ आयोजित की जा रही है। महोत्सव में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए है जिनमें पुस्तकें, पेंटिंग, दुपट्टे, रुमाल, स्थानीय उत्पाद एवं खाद्य सामग्री उपलब्ध रहेगी। साहित्य महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विधायक एवं पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, निदेशक अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन विभाग राजेश कुमार, विवेक चतुर्वेदी एवं बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।

प्रथम दिवस के वक्ता एवं विषय
सीतामऊ साहित्य महोत्सव के प्रथम दिन 29 जनवरी को सर्वप्रथम राजेश कुमार, निदेशक अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन, नई दिल्ली ने “इतिहास के पन्नो से” पर व्याख्यान दिया।

कवि और लेखक विवेक चतुर्वेदी ने “शब्दों का जादू”, मीर रंजन नेगी, भारतीय महिला राष्ट्रीय फील्ड हॉकी टीम के पूर्व कोच ने “खेल और जीवन”, रघुबीर यादव भारतीय अभिनेता, कवि, संगीतकार ने “कथा और रंगमंच” पर व्याख्यान और जासु मंगानियार समूह ने स्वरांजलि पर प्रस्तुति दी।

दूसरे दिवस के वक्ता एवं विषय
महोत्सव के दूसरे दिन 30 जनवरी को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल “इतिहास का भूगोल” पर व्याख्यान देंगे। आलोक वास्तव द्वारा “शब्दों का आलोक” पर व्याख्यान होगा। प्रो. रविन्द्र कुमार शर्मा द्वारा “भारतीय संस्कृति और इतिहास” पर व्याख्यान होगा। चंबल सफारी, मगरमच्छ और ऊदबिलाव देखने का जश्न मनाया जाएगा। कबीर स्टूडियो द्वारा “वेव्स में स्वरागिनी” पर प्रस्तुति दी जायेगी। विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में तारों का अवलोकन किया जाएगा।

तीसरे दिवस के वक्ता एवं विषय
महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन 31 जनवरी को पद्म ज्ञान चतुर्वेदी द्वारा “किस्से कहानियां”, जेरी पिंटो, साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता द्वारा “किताबों की दुनिया” पर और रज़ा काज़मी पर्यावरणविद्” पर्यावरण संरक्षण” पर व्याख्यान देंगे। प्रशांत पांडे, फिल्मफेयर पुरस्कार विजेता द्वारा “सुवासरा से फिल्मफेयर तक का सफर” के बारे में बताएंगे।

साहित्य महोत्सव में मगरमच्छ और ऊदबिलाव देखना, चंबल नदी सफारी, अफीम और क्विनोआ के खेत का दौरा इत्यादि गतिविधियां भी आयोजित की जायेगी।

भविष्य की जरूरत के अनुरूप हो विद्युत सुविधाओं का विस्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है और भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने तथा विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना एवं रखरखाव की प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टालेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और सुविधा देने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है तथा 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार एवं ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की।

ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की।

बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मंत्रालय महानदी भवन में आंध्र प्रदेश सरकार के बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन के अध्यक्ष दिनकर लंका ने सौजन्य भेंट की। यह भेंट आंध्र प्रदेश सरकार के अध्ययन दौरे के अंतर्गत हुई।

दिनकर लंका ने बताया कि भेंट अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं, फ्लैगशिप परियोजनाओं, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) तथा छत्तीसगढ़ राज्य की सफल कार्यप्रणालियों का अवलोकन करना रहा।

भेंट के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, लखपति दीदी योजना, आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं पर चर्चा की गई।
राज्य नीति आयोग की अधिकारी डॉ. नीतू गार्डिया ने छत्तीसगढ़ विज़न 2047 की जानकारी दी। वहीं दिनकर लंका ने स्वर्ण आंध्र विज़न 2047 के तहत 2.40 ट्रिलियन डॉलर की जीएसडीपी अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की जानकारी दी।

अध्ययन दौरे को ज्ञानवर्धक बताते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सर्वोत्तम प्रथाएँ आंध्र प्रदेश में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होंगी।

फरवरी 2026 से लागू होंगे ये 6 नए नियम

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फरवरी 2026 से लागू होंगे ये 6 नए नियम
फरवरी का महीना वित्तीय मामलों के लिए जरूरी होंने वाला है। आरबीआई एमपीसी बैठक का आयोजन होगा, कई महत्वपूर्ण फैसले हो सकते हैं। बजट 2026 की पेशपेश भी होगी। इसी के साथ कई नए नियम (February New Rules) भी लागू होंगे। जिसका असर आम आदमी के जेब भी पड़ सकता है। इस बदलावों की सूची में बैंकिंग, फास्टैग, पेट्रोल-डीजल की कीमत इत्यादि शामिल हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कुछ सेवाओं के शुल्क में बदलाव करने वाला है। जिसकी जानकारी आम नागरिक को होनी चाहिए।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करती हैं। 1 फरवरी को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के भाव में संशोधन हो सकता है। जनवरी 2026 में 19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सस्ता हुआ था। इंटरनेशनल क्रूड ऑयल के दाम के आधार पर सिलेंडर की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

महंगी हो जाएंगी ये चीजें

1 फरवरी 2026 से तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों पर की जीएसटी की गणना अब रिटेल सेल प्राइस (RSP) के आधार पर निर्भर करेगी। 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना के मुताबिक पान मसाला, सिगरेट, सिगार, बिना उत्पादन वाला तंबाकू इत्यादि को वस्तुओं को आरएसपी मॉडल में शामिल किया गया है। इन चीजों पर नए शुल्क नए जीएसटी दरों के अलावा भी शुल्क लगेगा, जिससे इनकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
टोल ने जुड़े नए नियम

1 फरवरी से लाखों वाहन चालकों को राहत मिलने वाली है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने FASTag के लिए केवाईवी प्रक्रिया को खत्म कर दिया है। इससे टोल प्लाज़ा पर होने वाली बाधाएं खत्म होंगी। टोल पेमेंट भी आसान होगा। इससे संबंधित आधिकारिक बयान भी जारी किया गया है। कुछ विशेष परिस्थितियों में केआईवी लागू होगी। फास्टैग किसी गलत वाहन से लिंक्ड पाया जाता है/टैग सही से न चिपका हो/धोखाधड़ी की आशंका/टोल प्लाज़ा पर विवाद जैसी परिस्थितियां शामिल हैं।
कई दिन बंद रहेंगे बैंक

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने राज्यवार बैंक हॉलिडे लिस्ट जारी कर दी है। नियमों के मुताबिक रविवार के अलावा हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहेगी। इसके अलावा लोसर, छत्रपती शिवाजी महाराज जयंती और स्टेट डे को मिलाकर तीन छुट्टियाँ भी शामिल हैं। हालांकि ऑनलाइन और डिजिटल सेवाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
एसबीआई का नया नियम

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया IMPS से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रहा है। अब इंटरनेट बैंकिंग थोड़ी महंगी होने वाली हैं, नए नियम 15 फरवरी 2026 से लागू होंगे। पहले ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए कोई चार्ज नहीं लगता था, लेकिन अब 25 हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगेगा। ऑनलाइन चैनल के जरिए 25 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये के तक आईएमपीएस ट्रांजेक्शन पर 2 रुपये शुल्क लगेगा। 1 लाख से लेकर 3 लाख रुपये के लेनदेन पर 6 रुपये और 2 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक के लेनदेन पर 10 रुपये शुल्क लगेगा।
केनरा बैंक नए नियम

केनरा बैंक ने फॉरेक्स से जुड़े शुल्क में बदलाव किए हैं। तीन नए चार्ज लागू किए गए हैं। निर्यात लेनदेन के लिए एक लाख रुपये तक के ट्रांजेक्शन पर 100 रुपये एसबी शुल्क लगेगा। एक लाख से अधिक और 4 लाख रुपये तक के लेनदेन पर 250 रुपये चार्ज लगेगा। 4 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये से अधिक तक के लेनदेन पर 500 रुपये और 10 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन पर 1,000 रुपये प्रति शिपिंग बिल फीस लगेगा। यह बदलाव 2 फरवरी से लागू होगा।