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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 6 दिवसीय ओडिशा-छत्तीसगढ़ दौरा

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 6 दिवसीय ओडिशा-छत्तीसगढ़ दौरा
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के छह दिवसीय दौरे पर रहेंगी। यह यात्रा 7 फरवरी तक चलेगी, जिसका मुख्य फोकस शिक्षा, आदिवासी कल्याण और सांस्कृतिक संरक्षण पर केंद्रित है। राष्ट्रपति आज शाम ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगी, जहां से उनके विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।

इस दौरे का उद्देश्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना और वहां के लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना है। राष्ट्रपति अपने गृह राज्य ओडिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगी।

शिक्षा और युवाओं पर विशेष ध्यान
राष्ट्रपति मुर्मू 3 फरवरी को बालासोर स्थित फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। इस अवसर पर वे विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित ऑडिटोरियम का उद्घाटन भी करेंगी। इस पहल को पूर्वी भारत में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

इसके बाद 4 फरवरी को राष्ट्रपति मयूरभंज जिले के राइरांगपुर का दौरा करेंगी। यह क्षेत्र आदिवासी संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र है। यहां वे महुलदीहा स्थित सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं से बातचीत करेंगी, जो युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आदिवासी गौरव और विकास परियोजनाएं

राइरांगपुर में ही राष्ट्रपति प्रतिष्ठित आदिवासी नेता भान्जबीर सुनाराम सोरेन की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। यह कार्यक्रम आदिवासी समाज के नायकों को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और शहरी विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगी और उद्घाटन करेंगी। इनमें प्रमुख हैं:
सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
ओडिशा कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में विकास कार्य
एक आधुनिक आर्चरी सेंटर
शहर सौंदर्यीकरण और ड्रेनेज सुधार कार्य
MSCB विश्वविद्यालय का नया IT कैंपस
विभिन्न कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजनाएं

इन सभी परियोजनाओं का लक्ष्य आदिवासी क्षेत्रों में समग्र विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय निवासियों के लिए बेहतर अवसर पैदा करना है।

7 फरवरी को छत्तीसगढ़ दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के दौरे पर रहेंगी। राष्ट्रपति यहां बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होकर इसका शुभारंभ करेंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित प्रवास को लेकर राज्य प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

फरवरी में लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण

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फरवरी में लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, फाल्गुन मास की अमावस्या को लगने वाला है। भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण दोपहर 3:26 बजे से शुरू होकर शाम 7:57 बजे तक रहेगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (annular solar eclipse) होगा। भारत को छोड़कर अफ्रीका के दक्षिणी भाग, साउथ अमेरिका के दक्षिणी भाग, अंटार्कटिका आदि में आंशिक ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। भारत में न दिखने के कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा। बता दें कि सूर्य ग्रहण में सूतक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है।

जानिए कब लगता है सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन ही लगता है। ज्योतिष के मुताबिक, जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है तो सूरज की रोशनी धरती तक पहुंच नहीं पाती है, तब पूर्ण सूर्य ग्रहण लगता है।
आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढक पाता है। सूर्य का केवल एक हिस्सा ही ढका होता है। यहां चंद्रमा सूर्य के एक हिस्से को ढंकता हुआ नजर आता है।
वलयाकार सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा पृथ्वी से दूर हो। तब यह पूरी तरह सूर्य को ढक नहीं पाता, जिस कारण हमें सूर्य ग्रहण के दौरान आसमान में एक ‘आग का छल्ला (Ring of fire)’ दिखता है।

​महत्वपूर्ण समय (भारतीय समयानुसार – IST)

​ग्रहण का प्रारंभ: दोपहर 3:26 बजे
​रिंग ऑफ फायर (चरम सीमा): शाम 5:42 बजे
​ग्रहण की समाप्ति: शाम 7:57 बजे

इन राशियों को रहना होगा सतर्क

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के दौरान ग्रहों के राजा सूर्य, मन के कारक चंद्रमा, दैत्यों के गुरु शुक्र, मायावी ग्रह राहु और ग्रहों के राजकुमार बुध कुंभ राशि (शनि की राशि) में विराजमान रहेंगे। इस दौरान कुंभ राशि में बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग, सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य, सूर्य-शुक्र युति से शुक्रादित्य योग बनेगा और सूर्य-राहु की भी युति बनेगी। भारत में दृश्य न होने के बावजूद ग्रहों की दशा और स्थिति के चलते सूर्य ग्रहण का कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान ग्रहों की स्थिति के चलते कुंभ, मीन, कर्क और सिंह राशि के जातकों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। किसी भी काम में जल्दबाजी ना करें। मानसिक और पारिवारिक तनाव का सामना कर सकते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है। वैवाहिक जीवन से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। व्यापार में जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है। किसी भी प्रकार का निवेश, नई डील या साझेदारी शुरू करने से पहले सोच-विचार अवश्य करें।

ग्रहण में क्या करें और क्या नहीं?
ग्रहण के सूतक काल में पूजा पाठ बंद कर देना चाहिए।
ग्रहण के अवधि के दौरान घर के पूजा वाले स्थान को पर्दे से ढक दें।
ग्रहण में भूलकर भी देवी-देवताओं की पूजा नहीं करना चाहिए।
ग्रहण के दौरान खाना-पीना नही चाहिए।
खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखना चाहिए
ग्रहण की समाप्ति के बाद घर और पूजा स्थल को गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही ग्रहण देखना चाहिए।
ग्रहण के सूतक काल में भोजन बनाना, खाना, सोना, बाल काटना, तेल लगाना,
सिलाई-कढ़ाई करना और चाकू चलाना नहीं चाहिए।

तड़प के सात साल बाद करेंगे अहान शेट्टी करेंगे रोमांटिक फिल्म

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तड़प के सात साल बाद करेंगे अहान शेट्टी करेंगे रोमांटिक फिल्म
बॉलीवुड के स्टार अहान शेट्टी इन दिनों अपनी हालिया फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की सफलता का मजा ले रहे हैं. पांच साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी करते हुए अहान ने नेवी ऑफिसर महेंद्र एस. रावत का किरदार निभाया था. और लोगों को उनका अंदाज खूब पसंद आया. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कर रही है और अहान को भी काफी पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है. लेकिन उनका काम सिर्फ यहीं नहीं रुका अब वो अपनी अगली फिल्म की तैयारी में जुट चुके हैं.

इंटरव्यू में खुला अगली फिल्म का प्लान
Mid-Day से बातचीत के दौरान अहान ने अपनी अगली फिल्म के बारे में बताया कि वो शाद अली के साथ एक इंटेंस रोमांटिक ड्रामा करने वाले हैं. उन्होंने कहा, ‘यह एक इंटेंस एक्शन-लव स्टोरी होगी कुछ ऐसा जिसे मैं तड़प (2021) के बाद कर रहा हूं. मुझे ऐसे किरदार पसंद हैं जिनमें गहराई और इमोशन हो.’ अहान ने ये भी बताया कि शाद अली को अपने विजन की पूरी समझ है और उनके साथ काम करना आसान है. अहान मानते हैं कि जब डायरेक्टर पर पूरा भरोसा किया जाए तो परफॉर्मेंस और भी बेहतरीन निकलती है.

बॉर्डर 2 के सेट से वापसी और फैंस का प्यार
अहान की वापसी ‘बॉर्डर 2’ के जरिए हुई जो जेपी दत्ता की 1997 की लेजेंड्री फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है. फिल्म में अहान के अलावा सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और कई और कलाकार हैं. देशभक्ति और सच्चाई से भरी इस कहानी ने लोगों को काफी प्रभावित किया है. फिल्म भारतीय सैनिकों की बहादुरी और त्याग को सेलिब्रेट करती है और इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बन चुकी है.

फैमिली की प्रतिक्रियाएं भी खास रही
अहान ने इंटरव्यू में बताया कि उनके पिता सुनील शेट्टी ने बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के एक खास आंकड़े तक पहुंचने के बाद ही इसे देखने का वादा किया था. हालांकि वो प्रीमियर में बेटे का हौसला बढ़ाने जरूर पहुंचे थे लेकिन बाकी शो के दौरान नहीं रहे. वहीं उनकी मां माना शेट्टी और जीजा केएल राहुल ने अहान की एक्टिंग देखकर भावुक हो गए थे. और बहन अथिया शेट्टी ने तो खुद टिकट लेकर फिल्म अकेले देखी थी.

एमएम नरवणे की किताब पर मचा बवाल तो राहुल गांधी के बचाव में उतरीं बहन प्रियंका

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एमएम नरवणे की किताब पर मचा बवाल तो राहुल गांधी के बचाव में उतरीं बहन प्रियंका
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद में दिए बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि आर्मी को भैया कभी बदनाम नहीं करेंगे. कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘वह आर्मी चीफ की किताब का एक हिस्सा पढ़ रहे थे इसमें बदनाम करने वाली क्या बात है. नियम है कि पब्लिक सोर्स होना चाहिए. चाहे वो किताब हो या मैगजीन. यह किताब का एक अंश है, जो मैगजीन में पब्लिश हो चुका है. इसमें कोई अप्रमाणित सोर्स नहीं है तो फिर समस्या क्या है? ऐसे में मोदी सरकार क्यों डर रही है?’

‘चीन के सामने 56 इंच की छाती का क्या हुआ’
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस बात से डरी हुई है कि पूर्व आर्मी चीफ एम एम नरवणे के किताब की बातें सामने आईं तो देश को बीजेपी के दोनों प्रमुख नेताओं की असलियत पता चल जाएगी और यह भी मालूम पड़ जाएगा कि चीन के सामने ’56 इंच की छाती’ का क्या हुआ. लोकसभा में गतिरोध बने रहने पर सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद शाम चार बजकर 10 मिनट पर मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

मोदी सरकार डरी हुई है: राहुल गांधी
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में दावा किया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और पूरी सरकार सिर्फ एक लाइन से डरी हुई है. वो लाइन मैं संसद में बोलूंगा, मुझे कोई नहीं रोक पाएगा. बाद में उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘पूर्व सेना प्रमुख का बयान उजागर कर देगा कि पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना को कैसे निराश किया.’

सेना पर सवाल उठा रहे राहुल गांधी: किरेन रिजिजू
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि वह काल्पनिक बातें करके सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं और सेना पर सवाल उठा रहे हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘आप (राहुल गांधी) देश को नीचा दिखाकर क्या कहना चाहते हैं…आप एक ऐसी बात कर रहे हैं जिसका कोई सोर्स नहीं है. आप ऐसी कोई बात मत बोलिए, जिससे सेना का मनोबल गिरे.’

अब पाकिस्तान की अकड़ निकालने की तैयारी में ICC

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अब पाकिस्तान की अकड़ निकालने की तैयारी में ICC
2026 टी20 वर्ल्ड कप का आगाज 7 फरवरी से होना है. इस वैश्विक टूर्नामेंट के शुरू होने में अब 5 दिन रह गए हैं, लेकिन इससे पहले एक अलग ही ड्रामा देखने को मिल रहा है. ये ड्रामा किया है पाकिस्तान ने. दरअसल, रविवार को पाकिस्तान की शाहबाज सरकार ने एलान किया कि उनकी टीम 2026 टी20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करेगी. हालांकि, अभी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इसकी सूचना इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को नहीं दी है. ऐसे में अगर पाकिस्तान अपना फैसला नहीं बदलता है और भारत के खिलाफ 15 फरवरी को मैच खेलने नहीं उतरता है तो फिर उसे इसका तगड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है.

क्या ICC पाकिस्तान पर लेगा एक्शन?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अभी तक पीसीबी ने आईसीसी को भारत से मैच नहीं खेलने को लेकर जानकारी नहीं दी है. जब पीसीबी आधिकारिक रूप से आईसीसी को इस बहिष्कार की सूचना देगा, तभी आईसीसी एक्शन ले सकती है. एक रिपोर्ट में ऐसा भी कहा जा रहा है कि अब पाकिस्तान के 2026 टी20 विश्व कप से बाहर भी किया जा सकता है. इसके अलावा अब आईसीसी पाकिस्तान की टी20 लीग (PSL) में विदेशी खिलाड़ियों को NOC देने से भी मना कर सकती है.

पाकिस्तान ने क्यों लिया ऐसा फैसला?
ये जगजाहिर है कि पाकिस्तान ने ऐसा फैसला बांग्लादेश को खुश करने के लिए लिया है. इससे पहले बांग्लादेश ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेने का एलान किया था, क्योंकि आईसीसी ने उनके मैच तय कार्यक्रम और शेड्यूल के एलान के बाद भारत के बाहर शिफ्ट करने से मना कर दिया था. पाकिस्तान के खिलाड़ियों और उनके बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी ने इसके बाद आईसीसी की आलोचना की थी और टूर्नामेंट का बहिष्कार करने के संकेत भी दिए थे. अब पाकिस्तान बांग्लादेश से अपने राजनीतिक संबधं अच्छे रखने के लिए उनके सपोर्ट में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार कर रहा है.

हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने अभी यह कंफर्म नहीं किया है कि अगर टी20 विश्व कप में उनका सेमीफाइनल या फाइनल मैच भारत से होता है तब क्या होगा? क्या तब वो खेलेंगे या नहीं? अभी शहबाज सरकार ने सिर्फ 15 फरवरी को खेले जाने वाले मैच का बहिष्कार करने की बात कही है.

पारंपरिक गीतों से गूंजा संग्रहालय

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पारंपरिक गीतों से गूंजा संग्रहालय
भोपाल. जनजातीय संग्रहालय में नृत्य, गायन एवं वादन पर केंद्रित गतिविधि संभावना का आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम में बेड़िया व गुदूमबाजा नृत्य के साथ ही लोकगीतों की प्रस्तुति दी दई। अर्चना खरे ने बुंदेली गायन में देवी भजन, बिजना एवं वर्षा गीत, दादरा के साथ अन्य पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए। अर्चना सिंह ने भी बघेली गायन में देवी भजन से शुरूआत कर विवाह गीत, सोहर एवं अन्य लोक गीतों की प्रस्तुति दी।

केंद्रीय बजट में एमपी को बड़ी सौगात, हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल

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केंद्रीय बजट में एमपी को बड़ी सौगात, हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 9वां केंद्रीय बजट पेश किया है। जिसमें रेल प्रोजेक्ट, एम्स आयुर्वेदिक और टैक्स फाइल की जैसे कई बड़े ऐलान किए गए हैं। इसी बीच मध्यप्रदेश को लेकर कई भी घोषणाएं की गई हैं। जिसमें गर्ल्स हॉस्टल से लेकर टीयर-2 और टीयर-3 शहरों और तीर्थ स्थल को डेवलप करने जैसी कई घोषणाएं की गई हैं।

एमपी में खुलेंगे गर्ल्स हॉस्टल
यूं तो मध्यप्रदेश के कई जिलों में मेडिकल, इंजीनियरिंग, साइंस कॉलेज और कई बड़े विश्वविद्यालय हैं, लेकिन छात्राओं के रहने के लिए सुरक्षित जगहों की काफी कमी है। खासकर राज्य के आदिवासी इलाके आलीराजपुर, धार, झाबुआ, बैतूल, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी समेत अन्य इलाकों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित वातारण न होने के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। अब नई घोषणा के बाद आदिवासी इलाकों की छात्राओं आगे आकर पढ़ाई कर सकेंगी। नई घोषणा के बाद एमपी के 55 जिलों में अब गर्ल्स हॉस्टल खोले जाएंगे।

5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर होंगे विकसित
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने कहा कि 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और 3 के शहरों के डेवलपमेंट के लिए 11.2 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ करेंगे। इनमें टियर-2 और टियर-3 शहरों में एमपी के भोपाल, इंदौर को फायदा मिलेगा। साथ ही ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर जैसे जिले भी विकसित होंगे।

इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने भारत के एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (ABGC) सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए देश के 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्‍स स्थापित किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर प्रवास के दौरान संत रविदास जयंती के अवसर पर नगर निगम के झोन कार्यालय क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को स्मरण किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान से जुड़ी ‘स्वच्छता दीदियों’ का पुष्पहार से स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना करते हुए अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पहचान पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है और इसमें स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से संत रविदास के विचारों को आत्मसात करते हुए स्वच्छ, समरस और जागरूक समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, सुमित मिश्रा आदि भी विशेष रूप से मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ के शांति प्रिय धरा में कबीरपंथ का है व्यापक प्रभाव -मुख्यमंत्री विष्णु साय

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छत्तीसगढ़ के शांति प्रिय धरा में कबीरपंथ का है व्यापक प्रभाव -मुख्यमंत्री विष्णु साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ उदित मुनि नाम साहेब,पंथ प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर फल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस दौरान संत समागम समारोह की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख रूपये करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।

कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है।
साय ने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है।

साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। ​मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है।31 मार्च 2026 तक प्रदेश से समूल नष्ट होग़ा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। डबल इंजन की सरकार का फायदा लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। आज के कार्यक्रम में पंथ का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते है। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया।

समारोह में पंथ प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया की इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतो के साथ ही विदेशो से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। उन्होंने मेला संत समागम समारोह की राशि 50 लाख रूपये से 75 लाख रूपये करने पर मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर पंथ उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक मती भावना बोहरा, ईश्वर साहु, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथी उपस्थित थे।

केंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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केंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी।

उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा
देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

कर सुधार और आम जनता को राहत
आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।