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आर्थिक तंगी से चाहिए मुक्ति, तो वैशाख के पूरे महीने करें 5 महा मंत्रों का जप

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आर्थिक तंगी से चाहिए मुक्ति, तो वैशाख के पूरे महीने करें 5 महा मंत्रों का जप
वैशाख माह को माधव मास भी कहा जाता है। इन नाम से ही ज्ञात होता है कि यह माह विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा के समर्पित है। यह महीना भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ दान-पुण्य और तर्पण आदि के लिए भी सर्वश्रेष्ठ माना गया है। आप इस माह में भगवान विष्णु के मंत्रों का जप कर उनकी असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

वैशाख माह का महत्व
“न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्।
न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्”।

स्कंद पुराण (वैष्णव खण्ड) के इस श्लोक में वैशाख मास की महिमा बताई गई है। इस श्लोक का अर्थ है कि वैशाख के समान कोई महीना नहीं है, जिस तरह सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है।

वैशाख माह हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना है, जो अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस माह में विष्णु जी की आराधना करने से साधक को अक्षय पुण्य, सुख-समृद्धि और पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही यह भी माना गया है कि इस माह में किए गए जप, तप, दान और स्नान का फल ‘अक्षय’ होता है, अर्थात जो कभी समाप्त नहीं होता।

भगवान विष्णु के मंत्र –
1. विष्णु मूल का मंत्र – ॐ नमोः नारायणाय॥

2. ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

3. विष्णु गायत्री मंत्र –
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

4. मङ्गलम् भगवान विष्णु मंत्र –
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥

5. विष्णु शान्ताकारम् मंत्र –
शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥

जरूर करें ये काम
वैशाख में भगवान विष्णु के पूजन के साथ-साथ तीर्थ में स्नान, पितरों को तर्पण करने का विशेष महत्व है।
सूर्योदय से पहले उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें या फिर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
वैशाख महीने में भगवान विष्णु को पंचामृत का भोग लगाएं और उसमें एक तुलसी का पत्ता जरूर डालें।
इस महीने में दान करने का बहुत महत्व है, ऐसे में आप जल, अन्न, सत्तू, छाता, पंखा और मौसमी फलों का दान कर सकते हैं।
वैशाख माह में रोजाना सुबह-शाम तुलसी की पूजा कर दीपक जलाएं और जल अर्पित (रविवार और एकादशी को छोड़कर) करें।

जडेजा की जगह धोनी के ‘स्पेशल’ खिलाड़ी का CSK में डेब्यू

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जडेजा की जगह धोनी के ‘स्पेशल’ खिलाड़ी का CSK में डेब्यू
एमएस धोनी अब भी चेन्नई सुपर किंग्स की प्लेइंग इलेवन से बाहर हैं. मगर पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में CSK ने 20 वर्षीय क्रिकेटर प्रशांत वीर को डेब्यू करने का मौका दिया है. प्रशांत वीर एक ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं, जिन्हें चेन्नई टीम में मैथ्यू शॉर्ट की जगह पर मौका मिला है. मगर प्रशांत हैं कौन, जिनपर मिनी ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने 14.2 करोड़ रुपये (Prashant Veer IPL Price CSK) लुटा दिए थे.

कौन हैं प्रशांत वीर?
प्रशांत वीर का जन्म 20 नवंबर, 2005 को उत्तर प्रदेश के अमेठी में हुआ था. प्रशांत बाएं हाथ से ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करते हैं और बढ़िया बैटिंग भी कर लेते हैं. उन्हें पहली पहचान यूपी टी20 लीग में मिली, जहां उन्होंने नोएडा सुपर किंग्स के लिए दमदार प्रदर्शन किया था. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी प्रशांत ने बढ़िया ऑलराउंड प्रदर्शन करके दिखाया था.

यूपी के लिए खेलते हुए इस 20 साल के युवा क्रिकेटर ने 7 मैचों में 9 विकेट चटकाए और 170 के तूफानी स्ट्राइक रेट से 112 रन भी बनाए थे. उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स का नया ‘रवींद्र जडेजा’ भी कहा जा रहा है, क्योंकि वो बल्लेबाजी के साथ-साथ बढ़िया लेफ्ट-आर्म ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं.

प्रशांत वीर का करियर
20 वर्षीय प्रशांत वीर ने पिछले साल अक्टूबर में उत्तर प्रदेश के लिए अपना डोमेस्टिक डेब्यू किया था. अब तक 9 टी20 मैचों में 9 विकेट लेने के साथ-साथ 112 रन भी बना चुके हैं. उन्होंने 8 लिस्ट-A मैचों का भी अनुभव प्राप्त कर लिया है जिनमें उनके नाम 10 विकेट और 133 रन हैं. उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में बढ़िया प्रदर्शन के दम पर आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था.

उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए फर्स्ट-क्लास डेब्यू भी कर लिया है, लेकिन रेड बॉल के आंकड़े ज्यादा अच्छे नहीं रहे हैं. 4 फर्स्ट-क्लास पारियों में उनके नाम 2 विकेट हैं और बल्लेबाजी में प्रभावी प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं.

दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप, अभी तक बड़े नुकसान की खबर नहीं

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दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप, अभी तक बड़े नुकसान की खबर नहीं
दिल्ली-NCR में शुक्रवार (3 अप्रैल) की रात भूकंप के तेज झटके महसूस हुए. जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में धरती हिल गई. फिलहाल किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदुकुश पर्वत था. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई

मिडिल ईस्ट में विनाशकारी मोड़: 39 साल पुराना तनाव अब महायुद्ध में तब्दील

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मिडिल ईस्ट में विनाशकारी मोड़: 39 साल पुराना तनाव अब महायुद्ध में तब्दील
अपने पायलटों की तलाश में ईरान के ऊपर सर्च ऑपरेशन चला रहे अमेरिका के एक लड़ाकू विमान को मार गिराने की खबर है. इसको लेकर ईरानी मीडिया ने बताया है कि अमेरिकी सेना मध्य ईरान में तलाशी और बचाव अभियान चलाने की कोशिश कर ही है. नाम न बताने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को जानकारी देते हुए इस खबर की पुष्टी भी की है. यह हमला एक प्रोजेक्टाइल से हुआ है. अमेरिकी सेना ने ईरान में अपने एक पायलट को बचा लिया है.

अमेरिका ने युद्धस्तर पर तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन को दिया अंजाम
इससे पहले खबर आई थी कि ईरान और अमेरिका में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं. अमेरिका ने लापता पायलटों की तलाश तेज कर दी थी. अमेरिकी एयरफोर्स ने ईरान के अंदर युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया. इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं. अमेरिकी एयरक्राफ्ट सर्च ऑपरेशन के दौरान बेहद ही निचले स्तर पर उड़ान भरते हुए पायलट की तलाश में जुटे हुए हैं. इससे यह ऑपरेशन संवेदनशील और जोखिम भरा माना जा रहा था.

रिपोर्ट्स में सामने आया है कि घटनास्थल पर पायलट की इजेक्शन सीट जमीन पर ही मिली थी. कुछ देर पहले न्यूयॉर्ट टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से बताया था कि अमेरिकी आर्मी के जवान ईरान पहुंचकर सर्च अभियान और बचाव में लग गई है.

इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिका के एफ-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया. इसके अलावा एफ-15E को भी ईरान ने निशाना बनाया. ईरान की सरकारी मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि एफ-35 विमान सेंट्रल ईरान में गिराया गया था. उसके पायलट के बचने की संभावना बेहद कम है,

हालांकि, अमेरिका ने अपने एक पायलट का रेस्क्यू सफलतापूर्वक कर लिया है. इसके अलावा अन्य रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि अमेरिका के पायलट को जिंदा पकड़ लिया, उसे बंधक बना लिया. हालांकि, इन दावों की किसी तरह से पुष्टी नहीं हो सकी थी.

अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और नागरिक सुविधाओं पर करेगा हमला, ट्रंप ने लिया संकल्प
इधर, ईरान के एक बड़े पुल को नष्ट करने के बाद ट्रंप ने नागरिक सुविधाओं और बिजली संयंत्रों पर हमले करने का संकल्प लिया है. ईरान ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए पलटवार किया है. वहीं, कुवैत ने कहा है कि ईरान ने एक वॉटर प्लांट को निशाना बनाया है. साथ ही एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया. वहीं, अन्य खाड़ी देशों को हमलों का सामना करना पड़ रहा है. इधर, ईरान ने कुवैत के दावों को नकार दिया है. ईरान ने शुक्रवार को इजरायल पर भी मिसाइल हमले किए हैं. ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने ईरान से जीत की घोषणा करने की अपील करते हुए इसको समाप्त करने को कहा है. अब तक इस युद्ध में कम से कम 2,076 लोग मारे गए हैं. इनमें 26,500 घायल हुए हैं.

पैसा नहीं भावना भारी: 4000 करोड़ की रामायण हारी, 1987 वाला जलवा आज भी जारी

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पैसा नहीं भावना भारी: 4000 करोड़ की रामायण हारी, 1987 वाला जलवा आज भी जारी
नई दिल्ली बॉलीवुड निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायणम’ का फर्स्ट लुक टीजर रिलीज होते ही चर्चा का विषय बन गया है। जहाँ एक ओर रणबीर कपूर के ‘राम’ अवतार को देखने के लिए फैंस उत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर इंटरनेट पर 39 साल पुराने रामानंद सागर के धारावाहिक को लेकर पुरानी यादें ताजा हो गई हैं।

4000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट वाली इस फिल्म की तुलना आज भी 1987 के उस टीवी शो से की जा रही है, जिसने भारतीय टेलीविजन का इतिहास बदल दिया था।

क्यों खास है पुरानी रामायण?
नमित मल्होत्रा द्वारा निर्मित इस फिल्म का बजट भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे बड़ा बताया जा रहा है। इसके बावजूद, दर्शकों का एक बड़ा वर्ग सोशल मीडिया पर यह दावा कर रहा है कि तकनीक और पैसा कभी भी उस ‘अनुभूति’ की जगह नहीं ले सकते, जो रामानंद सागर की रामायण में थी।

सागर की ‘रामायण’
रणबीर की ‘रामायणम’ – आधुनिक वीएफएक्स (VFX), नितेश तिवारी का निर्देशन और 4000 करोड़ का मेगा बजट।

सागर की ‘रामायण’ – 1987 में दूरदर्शन पर प्रसारित, सीमित संसाधन, लेकिन कालजयी प्रस्तुति।

लोकप्रियता – लोकप्रियता के कारण मूल रूप से 52 एपिसोड वाले इस शो को बढ़ाकर 78 एपिसोड किया गया था।

जब कलाकार ही बन गए ‘भगवान’
सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि रामानंद सागर की रामायण की सबसे बड़ी ताकत उसकी ‘परफेक्ट कास्टिंग’ थी। दर्शकों के अनुसार, उन कलाकारों का अभिनय इतना जीवंत था कि लोगों ने उन्हें असल जीवन में भी भगवान का दर्जा दे दिया था।

वो चेहरे जिन्हें दुनिया कभी नहीं भूल पाई
कलाकार – किरदार

अरुण गोविल – श्री राम

दीपिका चिखलिया – माता सीता

सुनील लहरी – लक्ष्मण

दारा सिंह – हनुमान

अरविंद त्रिवेदी – रावण

सोशल मीडिया पर रिएक्शन
फिल्म ‘रामायणम’ का टीजर आने के बाद ‘ओल्ड इज गोल्ड’ का ट्रेंड शुरू हो गया है। यूजर्स का तर्क है कि आप कितनी भी रामायण बना लें, लेकिन जो ‘फील’ और ‘स्क्रीन प्रेजेंस’ दूरदर्शन वाली रामायण में थी, उसे दोबारा पैदा करना नामुमकिन है।

हालांकि, रणबीर कपूर के प्रशंसक नई फिल्म को लेकर काफी आशान्वित हैं। अब देखना यह होगा कि आधुनिक सिनेमा की तकनीक और रणबीर कपूर का अभिनय, रामानंद सागर द्वारा रचे गए उस ‘जादू’ की बराबरी कर पाता है या नहीं।

पोस्ट ऑफिस RD: ₹100 का छोटा निवेश, 5 साल बाद लाखों का बड़ा रिटर्न

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पोस्ट ऑफिस RD: ₹100 का छोटा निवेश, 5 साल बाद लाखों का बड़ा रिटर्न
आज के दौर में जब शेयर बाजार की उठापटक और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट के जोखिम लोगों को डराते हैं, तब भारत का सबसे पुराना और विश्वसनीय संस्थान ‘भारतीय डाकघर’ (India Post) एक सुरक्षित ढाल बनकर सामने खड़ा है। एक जमाना था जब डाकघर का मतलब केवल चिट्ठियों और मनीऑर्डर तक सीमित था, लेकिन आज का डाकघर एक ‘अत्याधुनिक मिनी बैंक’ में तब्दील हो चुका है। यहां फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से लेकर पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाएं मध्यम वर्ग की पहली पसंद बनी हुई हैं।

मिडिल क्लास की पसंद
बचत की दुनिया में मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है- एकमुश्त मोटी रकम का अभाव। इसी समस्या का समाधान है पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम। इसे आप ‘किश्तों वाली बचत’ कह सकते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो अपनी मासिक आय में से एक छोटा हिस्सा बचाकर भविष्य के लिए बड़ा फंड खड़ा करना चाहते हैं।

योजना की खासियतें और निवेश की सीमा
डाकघर की RD स्कीम की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी सुगमता है। आप मात्र 100 रुपये प्रति माह से अपना खाता खोल सकते हैं। निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है, यानी आप अपनी क्षमता के अनुसार 500, 1000 या 5000 रुपये कितनी भी राशि हर महीने जमा कर सकते हैं। बस शर्त इतनी है कि आपका पोस्ट ऑफिस में एक बचत खाता (Saving Account) होना अनिवार्य है।

ब्याज दर और कंपाउंडिंग का जादू
वर्तमान में पोस्ट ऑफिस RD पर 6.7% की वार्षिक ब्याज दर मिल रही है। यह ब्याज साधारण नहीं है; इसमें ‘कंपाउंडिंग’ (चक्रवृद्धि ब्याज) का जादू काम करता है। हर तीन महीने (त्रैमासिक) में आपके द्वारा जमा की गई राशि पर ब्याज की गणना की जाती है और उसे मूलधन में जोड़ दिया जाता है। इससे समय बीतने के साथ आपकी राशि रॉकेट की रफ्तार से बढ़ने लगती है।

समझिए गणित: कैसे जुड़ेंगे लाखों रुपये?
आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए आप एक अनुशासित निवेशक हैं और हर महीने अपनी सैलरी से 3,500 रुपये बचाकर इस स्कीम में डालते हैं।

समय सीमा: 5 साल (60 महीने)
कुल निवेश: 2,10,000 रुपये
मिलने वाला ब्याज: 39,776 रुपये
मैच्योरिटी पर कुल राशि: 2,49,776 रुपये

सुरक्षा और गारंटी
चूंकि यह योजना केंद्र सरकार द्वारा संचालित है, इसलिए इसमें आपके पैसे के डूबने का शून्य जोखिम है। बैंक भले ही उतार-चढ़ाव देख सकते हैं, लेकिन डाकघर की गारंटी अडिग रहती है।

यदि आप भी अपने बच्चों की पढ़ाई, शादी या किसी बड़े लक्ष्य के लिए धीरे-धीरे पैसा जोड़ना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की RD एक शानदार विकल्प है। यह न केवल आपको बचत करना सिखाती है, बल्कि आपकी छोटी-छोटी बूंदों से भविष्य का समंदर तैयार करती है। आज ही अपने नजदीकी डाकघर जाएं और एक बेहतर कल की नींव रखें।

भारत की पहली डिजिटल जनगणना शुरू, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन भरा फॉर्म

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भारत की पहली डिजिटल जनगणना शुरू, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन भरा फॉर्म
देश में आज से जनगणना की पहली प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने खुद जनगणनी की पहली प्रक्रिया का फॉर्म ऑनलाइन भरा है। आज देश के तीन दिग्गजों ने अपने फॉर्म भरने के साथ इसकी शुरूआत की।

राष्ट्रपति ने जनगणना में भाग लेते हुए अपनी तस्वीर साझा की और लिखा कि राष्ट्रपति भवन में जनगणना 2027 के लिए भारत सरकार की ‘स्व-गणना’ (self-enumeration) पहल में राष्ट्रपति ने भाग लिया। यह जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है।

पीएम मोदी ने पोस्ट किया अपना फोटो
अपना फॉर्म खुद भरने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैंने अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है। आज जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत हो रही है, जो मकानों की सूची बनाने और आवास संबंधी कार्यों से जुड़ा है। यह पहली बार है जब जनगणना के लिए डेटा संग्रह डिजिटल माध्यमों से किया जा रहा है। यह भारत के लोगों को अपने घर-परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करने का अधिकार भी देता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि वह भारत के लोगों से अपील करते हैं कि वे अपने घर-परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करें और जनगणना की प्रक्रिया में भाग लें।

आपके घर भी आएगी जनगणना टीम
गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि आज से आरंभ हो रही जनगणना की पहली प्रक्रिया ‘आवास गणना’ के तहत अपने दिल्ली स्थित आवास पर स्व-गणना (Self-Enumeration) का फॉर्म भरा। भारत की विकास यात्रा को गति देने और प्रत्येक देशवासी तक सरकार की योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने में इस प्रक्रिया की महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी। जल्द ही जनगणना की टीम आपके घर भी आएगी। आप भी इस राष्ट्रीय दायित्व में पूर्ण सहयोग करते हुए मांगी गई आवश्यक जानकारियां प्रदान करें।

एमपी बोर्ड परीक्षा 2025: छात्रों की जेब पर बोझ, ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ का साथ भी छूटा

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एमपी बोर्ड परीक्षा 2025: छात्रों की जेब पर बोझ, ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ का साथ भी छूटा
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नौवीं से 12वीं तक की नई प्रवेश नीति जारी कर दी है। इसके तहत 10वीं और 12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से भरे जाएंगे। इस बार मंडल ने 10वीं व 12वीं के परीक्षा शुल्क, नामांकन सहित फीस और अन्य शुल्कों में 25 फीसद से लेकर 80 फीसद तक की बढ़ोतरी की है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

शुल्क बढ़ा
नई व्यवस्था के अनुसार नियमित विद्यार्थियों को अब 1200 रुपये की जगह 1500 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा, जबकि स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए शुल्क 1600 रुपये निर्धारित किया गया है। नौवीं कक्षा में नामांकन शुल्क भी 350 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा, 10 वर्ष पुरानी अंकसूची की प्रति प्राप्त करने का शुल्क 600 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं डीएलएड परीक्षा शुल्क में भी वृद्धि की गई है। नियमित विद्यार्थियों को सभी विषयों के लिए सात हजार रुपये देने होंगे, जबकि दूसरे अवसर के लिए विषयों के अनुसार तीन हजार से सात हजार रुपये तक शुल्क तय किया गया है।

वहीं, स्कूलों की संबद्धता फीस में भी इजाफा किया गया है। 10वीं के लिए सरकारी स्कूलों को 20 हजार और निजी स्कूलों को 22 हजार रुपये देने होंगे, जबकि 12वीं के लिए यह राशि क्रमशः 27 हजार और 30 हजार रुपये होगी।

नई नीति में नियमों को भी सख्त किया गया है। यदि किसी छात्र को गलत तरीके से प्रवेश दिया जाता है, तो संबंधित संस्था के प्राचार्य पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह राशि छात्र से नहीं वसूली जाएगी।

साथ ही गंभीर मामलों में संस्था की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा, मंडल ने 10वीं कक्षा में वर्षों से लागू “बेस्ट ऑफ फाइव” प्रणाली को समाप्त कर दिया है। अब सभी विषयों के अंक अनिवार्य रूप से जोड़े जाएंगे। वहीं नौवीं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष तय की गई है।

ऑनलाइन प्रक्रिया और डमी प्रवेश पत्र अनिवार्य
प्रवेश नीति के अनुसार, कक्षा नौवीं का ऑनलाइन नामांकन 15 मई से 30 सितंबर तक किया जा सकेगा। वहीं 10वीं-12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से 15 सितंबर तक भरे जाएंगे। आवेदन पत्र में अपार आईडी नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

परीक्षा फार्म भरने के सात दिन बाद छात्रों को डमी प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। स्कूल प्राचार्यों को इसे डाउनलोड कर विद्यार्थियों और अभिभावकों से जानकारी का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

समय सीमा में ही सुधारा
यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसे निर्धारित समय सीमा में ही सुधारा जा सकेगा। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संस्था द्वारा समय पर घोषणा-पत्र अपलोड नहीं किया गया, तो विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। साथ ही परीक्षा के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन मान्य नहीं होगा।

राघव चड्ढा को झटका: AAP ने डिप्टी लीडर पद से हटाया

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राघव चड्ढा को झटका: AAP ने डिप्टी लीडर पद से हटाया
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया है। अब उनकी जगह सांसद अशोक मित्तल इस जिम्मेदारी को संभालेंगे। इसके साथ ही पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को भी सूचित किया है कि चड्ढा को पार्टी की ओर से बोलने का अवसर न दिया जाए।

जानकारी के अनुसार, इस फैसले का असर राघव चड्ढा के संसद में बोलने के समय पर भी पड़ेगा। बताया जा रहा है कि अब उन्हें मिलने वाले समय में कटौती की जा सकती है। पिछले कुछ समय से चड्ढा संसद में जनहित से जुड़े मुद्दे उठा रहे थे, जिनमें महंगाई और आम लोगों से संबंधित विषय शामिल थे।

पार्टी लाइन से अलग रुख बना कारण?
जानकारों का कहना है कि राघव चड्ढा कई बार पार्टी से चर्चा किए बिना ही सदन में मुद्दे उठा रहे थे। वे किन विषयों पर बोलने वाले हैं, इसकी जानकारी भी पार्टी नेतृत्व को पहले से नहीं दी जाती थी। इसको लेकर पार्टी की ओर से उन्हें पहले चेतावनी भी दी गई थी।

हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस निर्णय का कारण स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि अनुशासनहीनता और पार्टी की तय रणनीति से अलग रुख अपनाना इस फैसले के पीछे की वजह हो सकती है।

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा लंबे समय से चल रही थी कि राघव चड्ढा पार्टी लाइन से अलग विचार रखते हैं। हाल ही में कुछ बड़े मामलों पर उनकी चुप्पी ने भी इन अटकलों को और बल दिया है।

बॉक्स ऑफिस पर बरकरार धुरंधर 2 का ‘खौफ’

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बॉक्स ऑफिस पर बरकरार धुरंधर 2 का ‘खौफ’
धुरंधर 2 रिलीज के पहले दिन से बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है और 14वें दिन रणवीर सिंह ने अपनी इस फिल्म से वो कर दिखाया है जो बॉलीवुड के इतिहास में कोई और एक्टर नहीं कर पाया. आदित्य धर की यह फ़िल्म अब रुकने वाली नहीं है, और अभी बॉक्स ऑफिस पर और बड़े कमाल करने वाली है. फिलहाल दूसरे हफ़्ते में भी इसका शानदार सफ़र जारी है. जानते हैं इस फिल्म ने 14वें दिन कौन सा बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है.

धुरंधर 2 महज 14 दिनों में बनी 900 करोड़ी
बता दें कि रणवीर सिंह की हालिया रिलीज स्पाई-एक्शन थ्रिलर, ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज के 14वें दिन फाइनली 900 करोड़ के क्लब में एंट्री कर ली इसी के साथ ये फिल्म इस बड़ी उपलब्धि को हासिल करने वाली पहली हिंदी फ़िल्म बन गई है. इस फिल्म ने 13वें दिन 27.75 करोड़ के कलेक्शन किया था. जिसके इसका घरेलू नेट कलेक्शन 899.92 करोड़ तक पहुंच गया था. 14वें दिन सुबह-सुबह ही फिल्म 900 करोड़ी बन गई. इसी के साथ इसने अपने पहले पार्ट के 895 करोड़ के लाइफ़टाइम टोटल को पीछे छोड़ दिया है.

भारत में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फ़िल्म बनी
900 करोड़ से ज्यादा की कमाई के साथ, धुरंधर 2 ने धुरंधर (894.49 करोड़) की लाइफ़टाइम कमाई को पीछे छोड़ते हुए, भारत में अब तक की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फ़िल्म का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. कुल मिलाकर, यह 900 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली तीसरी भारतीय फ़िल्म बन गई है और फ़िलहाल भारतीय बॉक्स ऑफ़िस पर तीसरी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म भी बन गई है. आने वाले दिनों में, यह बाहुबली 2 (1031 करोड़) को पीछे छोड़कर दूसरे नंबर पर आ जाएगी.

भारत में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली टॉप 10 फ़िल्में (नेट कोईमोई के आंकड़े के मुताबिक)
पुष्पा 2– 1265.97 करोड़
बाहुबली 2 – 1031 करोड़
धुरंधर 2– 906.13 करोड़ (14 दिन के दोपहर 3 बजे तक के आंकड़े)
धुरंधर– 894.49 करोड़
केजीफएफ 2 – 859.7 करोड़
आरआरआर – 772 करोड़
कल्कि 2898एडी – 653.21 करोड़
जवान– 640.42 करोड़
स्त्री 2 – 627.5 करोड़
कांतारा चैप्टर 1 – 622.41 करोड़