Home Blog

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ सुनी मन की बात की 134वीं कड़ी

0

मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वाेच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाडि़यों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि ष्एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढि़यों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत – सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित थे।

दिल्ली में बड़ा हादसा, महरौली में पांच मंजिला इमारत गिरी

0

दिल्ली में बड़ा हादसा, महरौली में पांच मंजिला इमारत गिरी
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। कई इलाकों में तेज बारिश हुई, धूल भरी आंधी चली और इसी बीच राजधानी के महरौली इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई। महरौली के सैदुलाजब इलाके में एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेज आवाज के साथ बिल्डिंग नीचे आ गिरी। आसपास मौजूद लोग पहले तो कुछ समझ ही नहीं पाए। धूल का बड़ा गुबार उठ गया और लोग मदद के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर विभाग को इस घटना की सूचना दी।

कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका
सूचना मिलते ही राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। पुलिस, दमकल कर्मी और बचावकर्मी लगातार मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत के अंदर कई लोग मौजूद थे और कुछ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक कम से कम चार लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। बचावकर्मी बेहद सावधानी के साथ काम कर रहे हैं क्योंकि मलबा काफी ज्यादा फैला हुआ है और किसी भी तरह की जल्दबाजी खतरा बढ़ा सकती है।

कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका
सूचना मिलते ही राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। पुलिस, दमकल कर्मी और बचावकर्मी लगातार मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत के अंदर कई लोग मौजूद थे और कुछ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक कम से कम चार लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। बचावकर्मी बेहद सावधानी के साथ काम कर रहे हैं क्योंकि मलबा काफी ज्यादा फैला हुआ है और किसी भी तरह की जल्दबाजी खतरा बढ़ा सकती है।

सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट

0

सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ शनिवार को दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर इलाके में धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना सामने आई। अभिषेक वहां चुनावी हिंसा में प्रभावित पार्टी कार्यकर्ताओं और मृतक कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंचे थे। घटना के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। कुछ लोगों ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच उनके ऊपर अंडे भी फेंके गए। साथ ही अभिषेक बनर्जी के साथ मारपीट भी की गई। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि उनकी शर्ट तक फट गई। आसपास मौजूद टीएमसी समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला।

अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा?
घटना के तुरंत बाद अभिषेक बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना सुनियोजित थी और उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की गई। अभिषेक ने दावा किया कि मौके पर पुलिस मौजूद नहीं थी और अगर उन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता तो उन्हें गंभीर चोट लग सकती थी। उन्होंने कहा कि पूरा मामला कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है और पार्टी इस मुद्दे को अदालत तथा राज्यपाल तक लेकर जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उपद्रवी लोग आसपास के घरों में तोड़फोड़ की कोशिश कर रहे थे और पूरे इलाके में डर का माहौल बनाने की कोशिश की गई।

कार्यकर्ता के परिवार से गए थे मिलने
सोनारपुर विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान काफी चर्चा में रही थी। यहां चुनाव प्रचार के समय लगातार हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आई थीं। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे पर हमले कराने के आरोप लगाए थे। उसी हिंसा में टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्माकर की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल भी हुए थे। इन्हीं प्रभावित परिवारों से मिलने और घायल कार्यकर्ताओं का हाल जानने के लिए अभिषेक बनर्जी शनिवार को यहां पहुंचे थे। लेकिन उनके दौरे के दौरान ही माहौल बिगड़ गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

टीएमसी ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। खुद ममता बनर्जी ने कहा कि शाशक ही अब हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को इस घंटना पर शाम आनी चाहिए। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि विपक्ष के बड़े नेता की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने यह भी पूछा कि चुनाव नतीजों के बाद अभिषेक की सुरक्षा व्यवस्था क्यों कमजोर की गई।

धार्मिक और पूजा स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के मामले में मॉडल स्टेट बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

0

धार्मिक और पूजा स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के मामले में मॉडल स्टेट बनेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाओं के विकास तथा सभी जरूरी नागरिक सेवाओं के विस्तार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से देश के प्रमुख धार्मिक स्थानों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं का अवलोकन और अध्ययन किया जा रहा है। जिससे मध्यप्रदेश आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक मॉडल स्टेट के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को माता वैष्णो देवी धाम के लिए प्रस्थान करने से पहले जम्मू में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सभी व्यवस्थाओं का मुआयना करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल यहां आया हुआ है। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पूजा स्थलों में उज्जैन का महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान और भोजशाला शामिल हैं, जिसे हाल ही में माननीय हाईकोर्ट द्वारा मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में मान्यता दी गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैष्णो देवी धाम में माता का आशीर्वाद लेकर प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करने जा रहे है। उन्होंने कहा कि माता वैष्णो देवी मंदिर प्रबंधन द्वारा यहां एक विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और कई सेवा संस्थान भी चलाए जा रहे हैं। जिनसे श्रद्धालुओं और यात्रियों को दर्शन के लिए सुव्यवस्थित और संगठित व्यवस्था प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें सुगम और सुविधाजनक अनुभव मिल सके। हमारा प्रतिनिधिमंडल इन सभी व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगा इससे श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छा सेवा प्रकल्प तैयार किया जा सके।

धार्मिक स्थलों पर बढ़ायेंगे सुविधाएं, करायेंगे आधुनिक विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हम प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं, यात्रियों और नागरिकों की सुविधाओं को बेहतर से बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे है। व्यवस्थाओं में और अधिक सुधार के उद्देश्य से हमारे प्रतिनिधिमंडल द्वारा देश के प्रमुख धार्मिक/पूजा स्थलों का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं का गहन अध्ययन किया जा रहा है। अध्ययन के उपरांत प्राप्त अनुभवों और प्रतिनिधिमंडल के सुझावों पर अमल कर मध्यप्रदेश सरकार सभी धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए सभी कदम उठाएगी। धार्मिक स्थलों पर सभी प्रकार के जरूरी एवं अत्याधुनिक विकास कार्य कराए जायेंगे तथा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जायेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और नागरिकों की सुविधा एवं सेवा कार्यों को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उज्जैन में भव्य महाकाल लोक के निर्माण के बाद अब ओंकारेश्वर धाम में लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से एकात्म धाम आकार ले रहा है। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए भव्य और दिव्य आयोजन के लिए भी लगभग 30 हजार करोड़ रुपये लागत के निर्माण कार्य जारी हैं। साथ ही ओरछा में रामराजा लोक का काम भी तेजी से हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माता वैष्णो देवी धाम अद्भुत है। यहां देशभर से आने वाले श्रद्धालु 24 घंटे दर्शन करते हैं। श्राइन बोर्ड के पास वैष्णो देवी दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक और पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाओं और सेवा के लिए सुविधाओं के साथ शैक्षणिक एवं समाज कल्याण की गतिविधियों का विशेष महत्व है। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन ने सालों पहले माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की स्थापना कर यहां श्रद्धालुओं के लिए अनेक सुविधाओं का विकास किया। आज माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद जम्मू-कश्मीर के पर्यटन विभागाधिकारियों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की है। हमारी सरकार अपना एक दल माता वैष्णो देवी भेजकर यहां संचालित व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन कराएगी।

बढ़ती गर्मी को देखते हुए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, पर्याप्त पानी पीते रहें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

0

बढ़ती गर्मी को देखते हुए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, पर्याप्त पानी पीते रहें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से किया आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्रीष्मकाल के दौरान प्रदेश में बढ़ते हुए तापमान और अधिक गर्मी से होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशवासियों से अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने और बचाव के आवश्यक उपाय अपनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ग्रीष्मकाल के दौरान प्रदेश में बढ़े हुए तापमान और अधिक गर्मी देखते हुए सभी प्रदेशवासी अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं, बच्चों को हाइड्रेटेड रखें और बाहर निकलते समय पानी की बोतल अवश्य साथ रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवाभावी नागरिकों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था करना मानवता की सच्ची सेवा है। हम सभी को इस दिशा में आगे आना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश का हो रहा है अधोसंरचात्मक विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

0

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश का हो रहा है अधोसंरचात्मक विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित हो रहे आधुनिक अधोसंरचना नेटवर्क ने भारत की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे, आर्थिक कॉरिडोर और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी परियोजनाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और निवेश को नई ऊर्जा मिल रही है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा मध्यप्रदेश में विकसित की जा रही जबलपुर आउटर रिंग रोड परियोजना महाकौशल क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखने जा रही है। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 3,540 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही 114 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी परियोजना जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन एवं औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि जबलपुर क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने वाली यह परियोजना शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगी। फोर लेन वाले इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण विशेष रूप से शहर के बाहर से आने-जाने वाले भारी एवं लंबी दूरी के यातायात को सुगम मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

फोर लेन वाले इस अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण विशेष रूप से शहर के बाहर से आने-जाने वाले भारी एवं लंबी दूरी के यातायात को सुगम मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने के बाद जबलपुर शहर में यातायात का दबाव कम होगा तथा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की ओर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

शहर को मिलेगी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत
विगत वर्षों में जबलपुर में तेजी से हुए शहरी विस्तार, औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि तथा यात्री एवं मालवाहक वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात दबाव लगातार बढ़ा है। शहर की प्रमुख सड़कों पर जाम, लंबा यात्रा समय और ईंधन की अतिरिक्त खपत आम समस्या बन गई थी।

आउटर रिंग रोड परियोजना इन चुनौतियों का दीर्घकालिक समाधान प्रस्तुत करती है। इसके संचालन से लंबी दूरी के वाहनों का आवागमन शहर के बाहर से होगा, जिससे शहरी सड़कों पर दबाव कम होगा और आम नागरिकों को अधिक सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध होगी।

पांच पैकेजों में हो रहा निर्माण
परियोजना को प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 अलग-अलग पैकेजों में विभाजित किया गया है। इनमें बरेला से मानेगांव, मानेगांव से एनएच-45, एनएच-45 से कुशनेर, कुशनेर से अमझर तथा अमझर से बरेला तक के खंड शामिल हैं। सभी पैकेज मिलकर जबलपुर के चारों ओर एक मजबूत बाहरी परिवहन नेटवर्क तैयार करेंगे। इन मार्गों के विकसित होने से जबलपुर हवाई अड्डे सहित क्षेत्र के प्रमुख कस्बों और ग्रामीण इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क प्राप्त होगा। परियोजना के विभिन्न हिस्से इस वर्ष तथा अगले वर्ष चरणबद्ध रूप से यातायात के लिए खोले जाएंगे।

किसानों की उपज समय पर पहुंचेगी बाजार
परियोजना का सीधा लाभ किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा। वर्तमान में बरेला, शाहपुरा, पाटन, सिहोरा और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में ट्रैफिक जाम और परिवहन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

आउटर रिंग रोड बनने के बाद कृषि उत्पादों का परिवहन तेज होगा, जिससे समय की बचत होगी और किसानों को बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध होंगे। परिवहन लागत कम होने से उनकी आय पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

स्थानीय किसानों का मानना है कि परियोजना के कुछ प्रारंभिक हिस्सों के संचालन से ही यात्रा में होने वाली देरी में कमी महसूस होने लगी है और पूर्ण परियोजना शुरू होने के बाद यह लाभ और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

’बस्तर और जनजातीय समाज के लिए चार दशक का समर्पण मानवता की असाधारण मिसाल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’

0

’बस्तर और जनजातीय समाज के लिए चार दशक का समर्पण मानवता की असाधारण मिसाल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में पद्म से सम्मानित समाजसेवी दंपति डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले से आत्मीय मुलाकात कर उनके द्वारा बस्तर और जनजातीय समाज के बीच चार दशकों से अधिक समय से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की। मुलाकात के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री को बताया कि “बस्तर और बस्तरवासियों से हमें गहरा प्रेम है। हम गोंडी और हल्बी में उनसे संवाद करते हैं, यही हमारी संस्कृति है और अब हम बस्तर नहीं छोड़ना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री साय ने इस आत्मीय भावना को बस्तर, उसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल सेवा का विषय नहीं, बल्कि मानवीय आत्मीयता, संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता की दुर्लभ मिसाल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका पद्म सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश, विशेष रूप से बस्तर, जनजातीय समाज और बस्तरवासियों के सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बने गोडबोले दंपति का सम्मानित होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि सेवा का वास्तविक अर्थ समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक अपनत्व, विश्वास और मानवीय संवेदना पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति ने जनजातीय समाज तक पहुंचकर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया, कुपोषण, टीबी, मलेरिया, पीलिया और अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलायी तथा शिक्षा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद जनजातीय समाज के बीच बने रहना और सेवा करते रहना असाधारण समर्पण का उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति केवल चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के आत्मीय सहयोगी के रूप में कार्य करते रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कठिन दौर में भी गोडबोले दंपति ने सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और मानवता को सर्वाेपरि रखते हुए जनजातीय समाज के बीच लगातार कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि जब भय और असुरक्षा का वातावरण था, तब भी इनका बस्तर और उसके लोगों के प्रति विश्वास और प्रतिबद्धता कमजोर नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दर्शाता है कि इस प्रदेश, इसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा और आत्मीय है। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ कठिन परिस्थितियों में समाज के साथ खड़े रहने से सिद्ध होता है और गोडबोले दंपति ने इसे अपने जीवन से प्रमाणित किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें यह देखकर विशेष प्रसन्नता हुई कि गोडबोले दंपति को बस्तर और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि वे केवल यहां कार्य नहीं कर रहे, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में पूरी तरह रच-बस गए हैं तथा उसे आत्मसात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में संवाद स्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने लोगों के बीच विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का मजबूत रिश्ता बनाया है। यही कारण है कि आज वे स्वयं कहते हैं कि अब बस्तर छोड़ने का उनका मन नहीं है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम से उनका स्वयं का जुड़ाव रहा है और वे जानते हैं कि आश्रम के संस्कार सेवा, समर्पण और समाज के प्रति आत्मीयता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम की यात्रा और उसके मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और आत्मीय सहयोग पहुंचाने के विचार से जुड़े हैं तथा यह कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार करता है।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति से संवाद करते हुए बस्तर के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सूक्ष्म स्तर के प्रयासों और कार्ययोजना की जानकारी भी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में विकास और विश्वास की नीति पर गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि सुरक्षा के साथ-साथ लोगों तक शासन, सेवाएं और अवसर भी पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जनसेवा से जोड़ते हुए व्यापक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बना रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार सुरक्षा कैंपों को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वहां सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, जनसेवा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित कर रही है और वहां विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, सुरक्षा और विश्वास का जो नया वातावरण बना है, वह संवेदनशील शासन और सतत प्रयासों का परिणाम है।

चर्चा के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से संत गहिरा गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेरणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कैलाश गुफा, वहां संचालित संस्कृत विद्यालय, आश्रम तथा सरगुजा अंचल की यात्राओं का अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपने जुड़ाव की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि गोडबोले दंपति ने केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, जनजातीय जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को भी आत्मसात किया है।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि गोडबोले दंपति की समर्पण और सेवा की भावना पूरे छत्तीसगढ़ में जनसेवा और सामाजिक जागरूकता की नई चेतना को मजबूत करेगा।

गुजरात ने ऐतिहासिक रन चेज करके फाइनल में बनाई जगह, राजस्थान टूर्नामेंट से बाहर

0

गुजरात ने ऐतिहासिक रन चेज करके फाइनल में बनाई जगह, राजस्थान टूर्नामेंट से बाहर
गुजरात टाइटंस ने शुक्रवार को आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराया। इस जीत के साथ गुजरात ने फाइनल में जगह बना ली है, जहां उसका सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा। राजस्थान रॉयल्स ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए वैभव सूर्यवंशी के 96, जडेजा 45 और फरेरा के ताबड़तोड़ 38 रन की बदौलत 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 214 रन बनाए। इसके जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम ने शुभमन गिल के शतक और साई सुदर्शन और उनके बीच पहले विकेट के लिए हुए शतकीय साझेदारी की बदौलत 8 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम किया। गुजरात ने 18.4 ओवर में 3 विकेट खोकर 219 रन बनाए।

गुजरात टाइटंस को 215 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दमदार शुरुआत मिली। शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 69 रन बनाए। गिल और सुदर्शन के बीच पहले विकेट के लिए 167 रन की साझेदारी हुई। साई सुदर्शन 32 गेंद में 58 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान शुभमन गिल ने 53 गेंद में 104 रन की दमदार पारी खेली। वॉशिंगटन सुंदर ने 9 गेंद में 16 रन बनाए। राजस्थान रॉयल्स ने दूसरे क्वालीफायर में गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 214 रन बनाए। राजस्थान की ओर से फरेरा ने आखिरी ओवर में तूफानी पारी खेली। उन्होंने राशिद खान के ओवर में चार छक्के लगाए, जिससे राजस्थान 200 के पार पहुंचने में सफल रहा। वैभव सूर्यवंशी ने सबसे ज्यादा 96 रन बनाए। रविंद्र जडेजा ने 35 गेंद में 45 रन बनाए। फरेरा ने 11 गेंद में 38 रन की तूफानी पारी खेली। गुजरात के लिए रबाडा और होल्डर ने 2-2 विकेट लिए।

राजस्थान रॉयल्स को गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में दो झटके लगे हैं। सलामी बल्लेबाज यशसवी जायसवाल एक रन और ध्रुव जुरेल 6 गेंद में सात रन बनाकर पवेलियन लौटे। सिराज ने यशस्वी को तो वहीं जुरेल को रबाडा ने आउट किया। रविंद्र जडेजा 8वें ओवर के बाद रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर गए थे। कप्तान रियान पराग 6 गेंद में 11 रन बनाकर आउट हुए। दसुन शनाका तीन रन ही बना पाए। जोफ्रा आर्चर ने 4 गेंद में 7 रन का योगदान दिया। सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार दूसरी बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए। उन्होंने 47 गेंद में 96 रन बनाए।

18वें ओवर में शतक की ओर बढ़ रहे वैभव सूर्यवंशी को कगिसो रबाड़ा ने आखिरीकार अपना शिकार बना लिया। वैभव सूर्यवंशी ने 47 गेंदों में आठ चौके और सात छक्के उड़ाते हुए (96) रनों की पारी खेली। राजस्थान रॉयल्स ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट पर 214 रन बनाये। आरआर के लिए डॉनोवन फ़रेरा ने पारी के आखिरी ओवर में चार छक्के लगाये और उन्होंने 11 गेंदों में (नाबाद 38) रन बनाये जिसमें दो चौके भी शामिल है। रवींद्र जडेजा ने 35 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का लगाते हुए (नाबाद 45) रनों की पारी खेली। गुजरात टाइटंस के लिए कगिसो रबाडा और जेसन होल्डर ने दो-दो विकेट लिये। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।

आईपीएल 2026 का दूसरा क्वालीफायर शुक्रवार को गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच हो रहा है। राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। इस मैच के लिए दो बार सिक्का उछाला गया, क्योंकि पहली बार रियान पराग की कॉल कोई सुन नहीं पाया था। गुजरात ने टीम में एक बदलाव करके आर साइ किशोर को जगह दी है । रॉयल्स ने टीम में कोई बदलाव नहीं किया है।

एनएचएम कर्मचारियों को मिलेगा 6 लाख रुपये का निःशुल्क लाइफ इंश्योरेंस कवर

0

एनएचएम कर्मचारियों को मिलेगा 6 लाख रुपये का निःशुल्क लाइफ इंश्योरेंस कवर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हित में स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

शासन द्वारा बैंक ऑफ इंडिया के साथ एम.ओ.यू. (MOU) निष्पादित किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है, जिसके तहत एनएचएम के उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को, जिनका वेतन खाता बैंक ऑफ इंडिया में संचालित है, ₹6 लाख का निःशुल्क लाइफ टर्म इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराया जाएगा।

यह बीमा कवर सामान्य मृत्यु की स्थिति में प्रदान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के लिए राज्य सरकार या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। साथ ही, बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तावित समस्त सुविधाएं कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि इस पहल से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हजारों अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का अतिरिक्त लाभ मिलेगा तथा उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्राप्त होगा।

होर्मुज की नाकेबंदी हटाने को तैयार अमेरिका

0

होर्मुज की नाकेबंदी हटाने को तैयार अमेरिका
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट से नौसैनिक नाकेबंदा हटाने के लिए तैयार है, लेकिन ईरान को इस बात पर सहमत होना होगा कि वह आगे कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएगा. उन्होंने ईरान से जल्द से जल्द अंतिम फैसला लेने को कहा है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर शेयर किया पोस्ट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (29 मई, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में ट्रंप ने कहा, ‘ईरान को इस बात पर सहमत होना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएगा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोला जाना चाहिए, वो भी बिना किसी शुल्क के, ताकि दोनों तरफ से जहाजों की आवाजाही निर्बाध रूप से हो सके.’

उन्होंने कहा, ‘होर्मुज स्ट्रेट में सभी समुद्री बारूदी सुरंगें, अगर कोई बची हों, तो खत्म कर दी जाएंगी. हमने अपने अत्याधुनिक अंडरवॉटर माइन स्वीपर्स के जरिए ऐसी कई सुरंगों को विस्फोट करके हटाया है. ईरान तुरंत बाकी बची सुरंगों को हटाएगा और/या विस्फोट करके नष्ट करेगा, जो बहुत कम संख्या में होंगी.’

स्ट्रेट में फंसे जहाज घर लौटने की तैयारी कर सकते हैं- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हमारी अभूतपूर्व नौसैनिक नाकेबंदी, जिसे अब हटाया जा रहा है, के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाज अब घर लौटने की तैयारी शुरू कर सकते हैं. मेरी ओर से अपनी पत्नियों, पतियों, माता-पिता और परिवारों को हैलो कहिएगा. आपके पसंदीदा राष्ट्रपति की तरफ से!’

उन्होंने कहा, ‘होर्मुज स्ट्रेट में सभी समुद्री बारूदी सुरंगें, अगर कोई बची हों, तो खत्म कर दी जाएंगी. हमने अपने अत्याधुनिक अंडरवॉटर माइन स्वीपर्स के जरिए ऐसी कई सुरंगों को विस्फोट करके हटाया है. ईरान तुरंत बाकी बची सुरंगों को हटाएगा और/या विस्फोट करके नष्ट करेगा, जो बहुत कम संख्या में होंगी.’

स्ट्रेट में फंसे जहाज घर लौटने की तैयारी कर सकते हैं- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हमारी अभूतपूर्व नौसैनिक नाकेबंदी, जिसे अब हटाया जा रहा है, के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाज अब घर लौटने की तैयारी शुरू कर सकते हैं. मेरी ओर से अपनी पत्नियों, पतियों, माता-पिता और परिवारों को हैलो कहिएगा. आपके पसंदीदा राष्ट्रपति की तरफ से!’