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रामायण काल से जुड़ा है कानपुर के ‘तपेश्‍वरी देवी मंदिर’ का नाम

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रामायण काल से जुड़ा है कानपुर के ‘तपेश्‍वरी देवी मंदिर’ का नाम
रामायण काल से जुड़े कुछ स्‍थल आज भी हमें उस काल के पौराणिक महत्‍व की गाथा सुनाते हैं और उनमें से एक है कानपुर का तपेश्‍वरी मंदिर। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण के उत्तर कांड में इस स्‍थान का उल्‍लेख मिलता है, जिसमें इस स्‍थान का माता सीता के वनवास काल और बिठूर प्रवास से गहरा संबंध बताया जाता है। चलिए हम आपको इस मंदिर से जुड़ी कुछ पौराणिक कथाओं और महत्‍व के बारे में बताते हैं।

यहां की थी माता सीता ने तपस्‍या?
श्री राम के त्याग और अयोध्या से निकलने के बाद देवी सीता, जब वनवास में समय बिता रही थीं, तब इस स्थान पर उन्होंने भगवान श्री राम का विश्वास पुनः वापस पाने के उद्देश्य से तपस्या की थी। यहां देवी सीता के साथ-साथ कमला, विमला और सरस्वती नाम की चार देवियों ने भी इस स्थान पर तपस्या की थी। मान्यता है कि देवी सीता माता लक्ष्मी का ही स्वरूप थीं। उनका दुख देखकर तीनों देवियों ने भी इस अधर्म को रोकने के लिए तपस्या की थी। तब से ही इस स्थान का नाम तपेश्वरी पड़ गया।

यहां पर आज भी चार पिंडियां हैं और नवरात्रि के समय यहां श्रृद्धालुओं की भीड़ रहती है।और नवरात्रि के समय यहां श्रृद्धालुओं की भीड़ रहती है। आज भी यहां लोग हवन-पूजन कराते हैं और मन्‍नत पूरी होने पर घंटियां चढ़ाते हैं।

यहीं हुआ था लव-कुश का मुंडन
इसी स्थान पर देवी सीता ने अपने दोनों बेटों लव-कुश का मुंडन और कनछेदन कराया था। तब से यह जगह इन दोनों संस्कारों के लिए बहुत प्रचलित हो गई। इस स्थान को एक तीर्थ कहा जा सकता है, क्योंकि यहां के पौराणिक महत्व को जानकर लोग दूर-दूर से यहां पर अपने बच्चों का मुंडन और कनछेदन कराने आते हैं। इतना ही नहीं, यहां पर नवविवाहित जोड़ों को देवी के दर्शन के लिए लाया जाता है। माना जाता है कि यहां पर नए जोड़ों को आशीर्वाद दिलाने से उनका दांपत्य जीवन बहुत ही सुखद और प्रभावशाली रहता है।

अतः रामायण काल से जुड़े इस स्थल को बहुत ही पवित्र माना जाता है। यहां जो आता है, मान्यता है कि उसकी मनोकामना पूर्ण हो जाती है।

PM नरेंद्र मोदी ने जालंधर से 75 रीडेवलप रेलवे स्टेशन राष्ट्र को किए समर्पित

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PM नरेंद्र मोदी ने जालंधर से 75 रीडेवलप रेलवे स्टेशन राष्ट्र को किए समर्पित
रेल और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बड़ा बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जालंधर में 5,470 करोड़ रुपये से ज़्यादा के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। 75 रीडेवलप रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करने और दो ट्रेनों को लॉन्च करने से पहले, PM मोदी ने डेरा सचखंड के डेरे के प्रमुख, संत निरंजन दास से मुलाकात की। उन्होंने ट्रेन में यात्रियों से भी बातचीत की।

पंजाब से काशी जाना अब आसान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, आज जालंधर से कई नई रेल सर्विस शुरू की गई हैं। आज अमृतसर और काशी के बीच रेल सर्विस भी शुरू हुई है, इससे पंजाब से काशी जाना और भी आसान हो जाएगा। आज दौलतपुर चौक और करतोली के बीच नई लाइन का भी उद्घाटन हुआ है।

करतोली और अंबाला के बीच नई रेल सर्विस को भी हरी झंडी दिखाई गई है। आज ही लुधियाना बाईपास का शिलान्यास हुआ है, और दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के एक हिस्से का उद्घाटन हुआ है। मैं देश के सभी नागरिकों और खासकर पंजाब के भाइयों और बहनों को ऐसे हर प्रोजेक्ट के लिए दिल से बधाई देता हूं।

कई प्रोजेक्ट पर चल रहा काम
पीएम मोदी ने ​कहा, केंद्र सरकार पंजाब में कनेक्टिविटी से जुड़े कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। भले ही पंजाब में BJP की सरकार नहीं है, लेकिन केंद्र में BJP की NDA सरकार राज्य के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

मैं जालंधर के लोगों की तारीफ करता हूं कि उन्होंने ‘स्वच्छता से स्वागत’ पहल के ज़रिए इस प्रोग्राम को और भी सार्थक बनाया है। आप सभी ने अपनी कोशिशों से श्री गुरु रविदास जी के मेलजोल और मिलकर काम करने के संदेश को अपनाया है। यह अभियान कर्तव्य की भावना का भी एक बेहतरीन उदाहरण है।

अजय देवगन की ‘धमाल 4’ ने अपने पहले हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार परफॉर्म

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अजय देवगन की ‘धमाल 4’ ने अपने पहले हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार परफॉर्म
अजय देवगन स्टारर और इंद्र कुमार निर्देशित ‘धमाल 4’ को सिनेमाघरों में रिलीज हुए एक हफ्ता पूरा हो चुका है. इस दौरान इस फिल्म ने शानदार परफॉर्म किया है. हालांकि वीकडेज में इसकी कमाई भी उतार-चढ़ाव से गुजरी फिर भी इसकी बॉक्स ऑफिस पर पकड़ मजूबत बनी रही. वहीं अब ये दूसरे हफ्ते में एंट्री कर चुकी है और रिलीज के 8वें दिन यानी दूसरे फ्राइडे को इसे क्रिस्टोफर नोलन की नई रिलीज ‘द ओडिसी’ से मुकाबला करना पड़ रहा है. ऐसे में चलिए यहां जानते हैं कि ये फिल्म 8वें दिन यानी दूसरे फ्राइडे को कितना कलेक्शन कर रही है. यहां इसकी ऑक्यूपेंसी भी जान सकते हैं.

‘धमाल 4’ की एक हफ्ते की कमाई कितनी रही?
बता दें कि ‘धमाल 4’ ने अपने पहले हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर अपना दबदबा बनाकर रखा और ये अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल और भूल बंगला के पहले हफ्ते की कमाई को पछाडकर साल की तीसरी सबसे बड़ी फर्स्ट वीक कलेक्शन करने वाली फिल्म भी बन गई है. इसके सात दिनों की कमाई की बात करें तो

पहले दिन इसने 14 करोड़ कमाए और दूसरे दिन का कलेक्शन 22.50 करोड़ रहा.
वहीं तीसरे दिन फिल्म ने 28.50 करोड़ कमाए. चौथे दिन की कमाई 8.75 करोड़ रुपये रही.
इसके बाद 5वें दिन फिल्म ने 9.50 करोड़ और छठे दिन 6.65 करोड़ जबकि 7वें दिन 6 करोड़ की कमाई की.
इसी के साथ फिल्म की भारत में पहले हफ्ते की नेट कमाई 96 करोड़ रुपये रही.

‘धमाल 4’ दूसरे हफ्ते में एंट्री कर गई है और इससे रिलीज के 8वें दिन यानी शुक्रवार को 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने की उम्मीद की जा रही है. वहीं फिल्म की कमाई की बात करें तो

सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘धमाल 4’ ने रिलीज के 8वें दिन शाम 6 बजे तक 2.24 करोड़ कमा डाले हैं.
इसकी ऑक्यूपेंसी 12.0% दर्ज की जा रही है.
फिलहाल इसका 8 दिनों का कुल कलेक्शन अब 98.24 करोड़ रुपये हो गया है

काशी में आयोजित हुआ देश का पहला पंच सम्मेलन

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काशी में आयोजित हुआ देश का पहला पंच सम्मेलन,
विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के तहत देश के पहले “पंच सम्मेलन” के आयोजन में यूपी, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के ग्राम प्रधानों ने ग्राम्य विकास के माध्यम से अगले 25 वर्षों में विकसित भारत बनाने की योजना का रोडमैप तैयार करने पर चर्चा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान करेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, ग्रामीण विकास विशेषज्ञ तथा विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन में भाग लेंगे।

को मिलेगा विकास का नया रोडमैप
सम्मेलन का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाते हुए ग्रामीण विकास को नई दिशा देना है। कार्यक्रम में ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (जी राम जी) अधिनियम, 2025’ के तहत पंचायतों की भूमिका, स्थानीय विकास योजनाओं और जनभागीदारी पर विस्तृत चर्चा होगी।

योजना के तहत ग्राम पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की अधिक स्वतंत्रता देने का प्रस्ताव है। जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा, आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा।
मनरेगा श्रमिकों पर भी रहेगा फोकस

सम्मेलन में मनरेगा से जुड़े श्रमिकों और कर्मचारियों के समायोजन तथा मजदूरी बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार उत्तर प्रदेश में मनरेगा मजदूरी 252 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन किए जाने का उल्लेख किया गया है।

देशभर से आएंगे 300 ग्राम प्रधान
इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 300 ग्राम प्रधान भाग लेंगे। उनके साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय, उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

गोरखपुर नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्य निर्विरोध निर्वाचित

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गोरखपुर नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्य निर्विरोध निर्वाचित
नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्यों का चुनाव गुरुवार को निर्विरोध संपन्न हो गया। भारतीय जनता पार्टी के राजेंद्र कुमार तिवारी, आनंद कुमार साहनी, रितेश सिंह, राजेश कुमार और आरती सिंह के साथ समाजवादी पार्टी के चंद्रभान प्रजापति कार्यकारिणी के सदस्य निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। निर्विरोध निर्वाचन के बाद सभी छह सदस्यों को निर्वाचन अधिकारी की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

कार्यकारिणी के चुनाव के लिए कुल आठ पार्षदों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। भाजपा और सपा के घोषित प्रत्याशियों के अलावा बेतियाहाता वार्ड के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी तथा संत झूलेलाल नगर वार्ड के पार्षद नूर मोहम्मद ने भी नामांकन पत्र लिया था। हालांकि नामांकन वापसी की निर्धारित अवधि के दौरान दोनों पार्षदों ने अपने-अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए।

इसके बाद मैदान में केवल छह प्रत्याशी ही शेष रह गए। सभी सीटों के बराबर प्रत्याशी होने के कारण निर्वाचन अधिकारी ने सभी छह उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। कार्यकारिणी में भाजपा के पांच और समाजवादी पार्टी के एक सदस्य के चुने जाने से नगर निगम की कार्यकारिणी का गठन पूरा हो गया।

परमहंस आचार्य ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नमाज़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की

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परमहंस आचार्य ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर नमाज़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भारत में नमाज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है.

तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, “महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को हमने पत्र भेजकर मांग की है कि भारत में नमाज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए. क्यों? क्योंकि इस्लाम एक ऐसी उपासना है, जो दूसरी उपासनाओं को निगल जाती है, और इसका उदाहरण है 16 अगस्त 1946 डायरेक्ट एक्शन डे, 1990 हिंदू नरसंहार कश्मीर. अभी मौलाना जर्जिस अंसारी इन्होंने जो भगवान श्रीकृष्ण को नमाजी बताया, जबकि पैगंबर मुहम्मद के पहले कोई मुसलमान ही नहीं था धरती पर.”

मौलाना जर्जिस पर प्रतिक्रिया
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान पर कहा, “आज हमने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को पत्र भेजकर, और मौलाना जर्जिस अंसारी ने जिस तरह से स्टेटमेंट दिया है कि भगवान श्रीकृष्ण मुसलमान थे और पांच वक्त की नमाज पढ़ते थे. अगर इसी तरह कोई सनातनी उनके अल्लाह के बारे में कह दिया होता, तो आज भारत ही नहीं, बल्कि 57 इस्लामिक देशों में हाय-तौबा मच गई होती, मारकाट मची होती, तमाम पत्थरबाज आज रोड पर होते.”

उन्होंने आगे कहा कि लगातार हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अभद्र टिप्पणी करना और हिंदुओं को बार-बार कहीं लव जिहाद, कभी लैंड जिहाद, कभी व्यापार जिहाद, कभी फिल्म जिहाद, कहीं चिकित्सा जिहाद, माने हिंदू अस्तित्व को समाप्त करने का गजवा-ए-हिंद इनके अंदर-अंदर चल रहा है. इसलिए ही राष्ट्रपति को पत्र भेजकर नमाज पर प्रतिबंध की मांग की है.

बयानों से चर्चा में रहते हैं
जगद्गुरु परमहंस आचार्य लगातार अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहते हैं. अभी हाल ही में उन्होंने फिल्म अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी पर ऐतराज जताते हुए उन्हें मारने वाले को पांच करोड़ देने का ऐलान किया था. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ था. इसके अलावा भी वे कई संवेदनशील मामलों पर अपनी टिप्पणियों से चर्चा में आ जाते हैं.

मध्यप्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, इतिहास और संस्कृति का सजीव चित्रण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मध्यप्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, इतिहास और संस्कृति का सजीव चित्रण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रेरणा वाक्य “एमपी अजब है, सबसे गजब है” मध्यप्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, इतिहास और संस्कृति का सजीव चित्रण है। यह हमें पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में देश के पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक आयोजन FAITH कॉन्क्लेव-2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की “जो कहते हैं, वो करते हैं” की कार्यशैली के कारण आज भारत वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित है। उनका मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ हमारी नीतियों का आधार स्तंभ है, जिससे विकास समाज के हर वर्ग तक पहुँच रहा है।

FAITH कॉन्क्लेव में “मध्यप्रदेश: द हार्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इंडिया” विषय पर आयोजित विशेष सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य को देश का अग्रणी पर्यटन एवं निवेश गंतव्य बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों, टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों को मध्यप्रदेश में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया।

पिछले एक साल में 13 करोड़ से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश पहुँचे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतुलनीय भारत का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश बाबा महाकाल की पवित्र धरा है। हमारा राज्य केवल एक नक्शा नहीं, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शानदार किलों और जीवंत जंगलों का एक अनूठा कैनवास है। धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय लिखते हुए हमारी सरकार भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी पावन स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। पिछले एक साल में 13 करोड़ से अधिक पर्यटक मध्य प्रदेश पहुँचे हैं, जिसने हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।

दुनिया देखेगी सिंहस्थ-2028 का भव्य और दिव्य रूप
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को भव्य और दिव्य के बनाने के लिए लगभग ₹30,000 करोड़ की लागत से व्यापक आधारभूत संरचना के विकास पर कार्य कर रही है। दुनिया के सबसे बड़े आयोजन की तैयारियां करना हम सभी का दायित्व है। सिंहस्थ-2028 को सुव्यवस्थित बनाने के लिए सुनयोजित विकास के साथ व्यापक कार्ययोजना पर कार्य तेज गति से चल रहा है। 30 किलोमीटर तक लंबे घाटों का निर्माण हो रहा है। सिंहस्थ में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मां शिप्रा के पावन जल से स्नान का सौभाग्य प्राप्त होगा।

उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद बड़ी पर्यटकों की संख्या
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से 2 ज्योतिर्लिंग हैं। भारत का एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग उज्जैन में महाकालेश्वर अपनी दिव्यता और अद्वितीय आध्यात्मिक महिमा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। प्रतिदिन प्रातःकाल होने वाली विश्वप्रसिद्ध भस्म आरती श्रद्धालुओं के लिए अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव है। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद एक साल में लगभग 8 करोड़ लोग दर्शन कर चुके हैं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा के कारण भारत का वास्तविक हृदय है। राज्य सरकार विश्वस्तरीय पर्यटन अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी तथा निवेश-अनुकूल नीतियों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, विरासत और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ निजी निवेश को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देते हुए बैतूल जिले के कॉफी वैली के नाम से प्रसिद्ध हिल स्टेशन ‘कुकरू’ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

निवेश और वैश्विक साझेदारी पर रणनीतिक चर्चा
कॉन्क्लेव में पर्यटन विभाग के सचिव एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. और मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स तथा उद्योग प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन चर्चाओं में राज्य में निजी निवेश, हवाई संपर्क के विस्तार, पर्यटन अवसंरचना के विकास तथा मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

मध्यप्रदेश के पर्यटन मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
कॉन्क्लेव में आंध्र प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों ने अपने पर्यटन मॉडल और निवेश संभावनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। इस बहु-राज्यीय मंच पर मध्यप्रदेश के वाइल्डलाइफ टूरिज्म, हेरिटेज होमस्टे, आध्यात्मिक सर्किट और ग्रामीण पर्यटन जैसे नवाचार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उनकी सराहना की।

दो दिवसीय FAITH कॉन्क्लेव-2026 ने राज्यों के बीच सहयोग, पर्यटन निवेश के नए अवसरों और भारत के पर्यटन इको सिस्टम को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया। मध्यप्रदेश की प्रभावशाली सहभागिता ने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और निवेश की असीम संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन उद्योग के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

कॉन्क्लेव में अरुणाचल प्रदेश सरकार के पर्यटन, शिक्षा, ग्रामीण कार्य, संसदीय कार्य एवं पुस्तकालय मंत्री पासांग दोर्जी सोना, आंध्र प्रदेश सरकार के पर्यटन, संस्कृति एवं सिनेमेटोग्राफी मंत्री कंदुला दुर्गेश, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव हरि किशोर, फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (FAITH) के चेयरपर्सन पुनीत छतवाल, एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के प्रेसिडेंट अजीत बजाज, , FAITH के संरक्षक (Patron) नकुल आनंद, एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (ADTOI) के चेयरमैन वेद खन्ना, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के प्रेसिडेंट रवि गोसाईं तथा FAITH के सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहरा सहित FAITH से संबद्ध सभी 11 सदस्य संस्थाओं के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

भारत मंडपम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा

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भारत मंडपम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है किमध्यप्रदेश में गारमेंट सेक्टर में धार जिले का पीएम मित्रा पार्क देश का सबसे बड़ा मित्र पार्क है। इसमें 90 प्रतिशत भूखंड आवंटित हो चुके हैं। यह एक उपलब्धि है। पारंपरिक वस्त्र निर्माण और कपास उद्योग कई दशकों से भारत की पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स 2026 में टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर इंडस्ट्री में आगे बढ़ने की संभावनाओं और क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 17 सितंबर 2025 को मध्यप्रदेश के धार को देश के पहले पीएम मित्र पार्क की सौगात दी। गारमेंट सेक्टर के इस पार्क के भूमि-पूजन के साथ ही यहां 90 प्रतिशत भू-खंडों का आवंटन भी पूरा कर लिया गया। यह एक रिकॉर्ड है और काम के प्रति राज्य सरकार की दक्षता प्रकट करती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में कहा कि धार जिले में पीएम मित्र पार्क के आसपास भी निवेशक अब उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन की मांग कर रहे है। प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूलता, कच्चे धागे के लिए माल की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर मध्यप्रदेश निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। प्रदेश की बढ़ती निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन की शक्ति से दुनिया परिचित हो रही है। गारमेंट सेक्टर में निवेशकों की पहल और उद्यमियों का हौसला सराहनीय है।

1592 करोड़ रुपए के मिले प्रस्ताव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टैक्सटाइल क्षेत्र में आए निवेश प्रस्तावों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत टेक्स 2026 में विभिन्न औद्योगिक संस्थानों से 1592 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से 15 हजार 700 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के साथ देश के उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां टेक्ससाइल एंड अपेरल सेक्टर की वैल्यू चेन उपलब्ध है। कपास से धागा तैयार करने, गारमेंट निर्माण और मशीनरी की उपलब्धता मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाती है। जैविक कपास के उत्पादन में भी मध्यप्रदेश नंबर वन है। राज्य में केवल कपास का उत्पादन ही नहीं, बल्कि फॉर्म टू फैशन तक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश से 11 हजार 750 करोड़ का टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निर्यात हुआ है। हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री अमेरिका, बांग्लादेश, जापान, जर्मनी, विएतनाम, इटली, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में विशेष पहचान बना रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल एवं गारमेंट के सैकड़ों उद्योग संचालित हो रहे हैं। एमएसएमई यूनिट्स की संख्या भी 43 हजार से अधिक हो चुकी है। इस क्षेत्र में 2400 करोड़ रुपए के निवेश के फलस्वरूप 3 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। धार के पीएम मित्र पार्क से 20 हजार करोड़ से अधिक निवेश का आना और 30 बड़ी कंपनियों का आगमन महत्वपूर्ण है। पीएम मित्र पार्क से अंचल के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा।

मध्यप्रदेश निवेश का रिकार्ड तोड़ेगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर सेक्टर में आकर्षक नीतियों से विशेष पहचान बना रहा है। राज्य में उद्योगों को आर्थिक सब्सिडी, बिजली आपूर्ति, भूमि आवंटन, स्टांप ड्यूटी में छूट से निवेशक आकर्षित हो रहे हैं। राज्य में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कौशल विकास प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम हो रहा है। मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने और अपनी विशेषताओं के कारण दुनियाभर के निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में मध्यप्रदेश को प्राप्त निवेश प्रस्ताव में से लगभग 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। वर्ष 2027 में फिर जीआईएस का आयोजन होगा, उम्मीद है कि इसमें निवेश का रिकॉर्ड टूटेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उद्यमियों को साढ़े पांच हजार करोड़ की सब्सिडी राशि डीबीटी के माध्य से दी जा चुकी है।

छोटे शहरों में औद्योगिक विकास की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गईं, जिससे छोटे शहरों में भी औद्योगिक विकास हुआ है। नर्मदापुरम में 11 हजार 500 करोड़ से निवेश से नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो रहा है। रीवा में आईटी पार्क शुरू हो रहा है। ग्वालियर, जबलपुर, सिंगरौली, सतना, कटनी और सागर में इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। शिवपुरी को डिफेंस पार्क और गुना को बड़े सीमेंट प्लांट की सौगात मिली है। वर्तमान में प्रदेश में 37 से अधिक इंडस्ट्रियल पार्क संचालित हैं। मध्यप्रदेश टेक्सटाइल और गारमेंट के साथ उद्योग के अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहा है। राज्य में पर्याप्त मात्रा में कपास और रेशम उत्पादन हो रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मॉडल की सराहना की है।

किसान, बिजली उत्पादन में बने सहयोगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गैर-जरूरी खर्चों को कम करते हुए वैश्विक चुनौतियों के बीच भी अपने वार्षिक बजट में बढ़ोतरी की है। पहले सरकार किसानों को 20 हजार करोड़ की पहले सब्सिडी देती थी, इसके स्थान पर सोलर एनर्जी को प्रोत्साहन प्रदान करते हुए किसानों को सोलर पंप दिए जा रहे हैं। किसान अपनी जरूरत की बिजली का स्वयं उत्पादन कर रहे हैं। जरूरत से अधिक बिजली को राज्य सरकार खरीद भी रही है। नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से जल बंटवारे को नई दिशा दी गई है। मध्यप्रदेश सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ परस्पर संबंधों को बेहतर करते हुए पर्यटन को बढ़ावा दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत मंडपम में भारत टैक्स-2026 कार्यक्रम को किया संबोधित

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत मंडपम में भारत टैक्स-2026 कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क से खेत से लेकर गारमेंट इंडस्ट्री और इंडस्ट्री से वैश्विक बाजार तक प्रदेश के उत्पादों की पहुंच आसान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है वहीं का होकर रह जाता है। हृदय प्रदेश सभी उद्योगपतियों का स्वागत कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम् में भारत टैक्स-2026 के अंतर्गत आयोजित राउंड टेबल संवाद कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर केंद्रीय टैक्टाइल मंत्री गिरिराज किशोर, प्रमुख टैक्टाइल उद्योग प्रतिनिधि, केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अधिकारी तथा राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।

महेश्वरी और चंदेरी साड़ियां वस्त्र उद्योग में विशेष स्थान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत मंडपम् में वस्त्र उद्योग का कुंभ आयोजित हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार, सभी वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति, पॉलिसी मेकर और फैशन डिजाइनर भारत सरकार के संकल्प के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। वर्तमान समय ब्रांडिंग और पैकेजिंग का है। प्राचीन समय में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने स्थानीय बुनकरों को रोजगार से जोड़ने के लिए महेश्वरी साड़ियां तैयार करने की शुरुआत करवाई थी। महेश्वरी साड़ियां वर्तमान में भी देश-विदेश मे लोकप्रिय है। चंदेरी की साड़ियां भी वस्त्र उद्योग में विशेष स्थान रखती हैं। आज भी स्वावलंबन और रोजगार परक उद्योग हमारी पहचान हैं।

राज्य सरकार ने उद्योगपतियों और निवेशकों से किए पूरे किए सभी वादे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब जरी स्टेट, रेशम स्टेट, मैनमेड फाइबर स्टेट, कॉटन कैपिटल बन चुका है। राज्य में टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, कुशल कामगारों की पर्याप्त उपलब्धता और श्रमिकों के साथ आत्मीय संबंध बेहतर औद्योगिक वातावरण प्रदान करते है। राज्य सरकार ने उद्योगपति और निवेशकों से किए अपने सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने मई 2026 तक की सभी देनदारियां चूकता कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में उपलब्ध करायी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं। राज्य में सोलर और पंप स्टोरेज से निर्मित बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।

राउंड टेबल चर्चा का शुभारंभ उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के प्रतिनिधियों के स्वागत से हुआ। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल एवं गारमेंट इको सिस्टम, निवेश अवसरों, औद्योगिक नीतियों तथा उपलब्ध सुविधाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सु आरती कंवर ने भी विशेष संबोधन में वस्त्र क्षेत्र में राज्यों और उद्योगों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा सिंटेक्स के प्रबंध निदेशक श्रेयस्कर चौधरी ने किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेक्सटाइल उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर निवेश, उत्पादन, निर्यात और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC), मैनमेड एंड टेक्निकल टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (MATEXIL) तथा द कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (TEXPROCIL) के साथ सहयोग संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए।

मुख्यमंत्री ने भारत टैक्स-2026 में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और देश के प्रमुख टेक्सटाइल उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शम्मी राव और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह सहित केंद्र और राज्य के अधिकारी मौजूद थे।

कोहली ने इंग्‍लैंड की सरजमीं पर बना डाला ‘विराट’ रिकॉर्ड

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कोहली ने इंग्‍लैंड की सरजमीं पर बना डाला ‘विराट’ रिकॉर्ड
विराट कोहली ने अपनी रिकॉर्ड्स बुक में एक और उपलब्धि दर्ज करा ली है। किंग कोहली इंग्‍लैंड में सबसे ज्‍यादा अंतरराष्‍ट्रीय रन बनाने वाले भारतीय बल्‍लेबाज बन गए हैं। उन्‍होंने राहुल द्रविड़ का 15 साल पुराना कीर्तिमान ध्‍वस्‍त किया।

कोहली को दूसरे वनडे में द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए केवल 4 रन की जरुरत थी। कोहली ने पारी के 9वें ओवर में जोफ्रा आर्चर की गेंद पर बाउंड्री जमाकर कीर्तिमान अपने नाम किया।

कैसे आगे हुए कोहली
37 साल के बल्‍लेबाज ने इंग्‍लैंड की सरजमीं पर 59 मैचों की 75 पारियों में 2646 रन का आंकड़ा पार किया। कोहली ने इंग्‍लैंड में अपना पहला अंतरराष्‍ट्रीय मैच 2011 में खेला था। वहीं, द्रविड़ ने 46 मैचों की 56 पारियों में 2645 रन बनाए थे।

इंग्‍लैंड में सबसे ज्‍यादा अंतरराष्‍ट्रीय रन बनाने वाले भारतीय बल्‍लेबाजों में मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर तीसरे स्‍थान पर काबिज हैं। तेंदुलकर ने 43 मैचों की 56 पारियों में 2626 रन बनाए।

विव रिचर्ड्स के नाम दर्ज है रिकॉर्ड
हालांकि, इंग्‍लैंड में सबसे ज्‍यादा अंतरराष्‍ट्रीय रन बनाने वाले विदेशी बल्‍लेबाजों का रिकॉर्ड वेस्‍टइंडीज के महान बल्‍लेबाज विव रिचर्ड्स के नाम दर्ज है। विव ने इंग्‍लैंड की धरती पर 55 मैचों की 63 पारियों में 3402 रन बनाए हैं।